फसल नुकसान व सिंचाई बाधित होने का किसानों का आरोप, कार्रवाई की मांग
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत वरवां राजा में चक मार्ग निर्माण को लेकर उपजा विवाद प्रशासनिक पैमाइश के बाद भी सुलझ नहीं सका। चक मार्ग की पैमाइश कराए जाने के बावजूद ग्रामीणों की आपत्तियां और आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान ऋतु शाल द्वारा आराजी संख्या 146, रकबा 0.0999 हेक्टेयर चक मार्ग की पैमाइश कराए जाने हेतु जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसी क्रम में राजस्व निरीक्षक सुनील चौधरी के नेतृत्व में लेखपालों की टीम मौके पर पहुंची। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बागापार चौकी पुलिस भी मौके पर तैनात रही। प्रशासनिक टीम ने मौके पर चक मार्ग की पैमाइश कराई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले ही बिना विधिवत पैमाइश कराए चक मार्ग पर मिट्टी कार्य करा दिया गया था। किसानों का कहना है कि इस दौरान गेहूं की खड़ी फसल में फावड़ा चलाकर भारी नुकसान पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित चक मार्ग 10 कड़ी का है तथा उसके बगल में 4 कड़ी का कुलावा स्थित था, लेकिन चक मार्ग निर्माण के नाम पर कुलावा को भी मिट्टी से भर दिया गया, जिससे खेतों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
इस मामले में ग्राम सभा के तार बाबू सिंह पुत्र बंगाली ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि उनके खेत में जबरन चकमार्ग भरवा दिया गया, जबकि वर्ष 1985 से खेत में सिंचाई हेतु बोरिंग मौजूद थी। आरोप है कि उक्त बोरिंग को भी चकमार्ग में मिला दिया गया, जिससे खेतों की सिंचाई ठप हो गई और गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची।
चकमार्ग पर कराए गए मिट्टी कार्य से जहां कुछ ग्रामीण संतुष्ट नजर आए, वहीं बड़ी संख्या में किसानों ने इसका विरोध किया। किसानों का कहना है कि यदि पहले विधिवत पैमाइश कराई जाती, तो यह विवाद उत्पन्न ही नहीं होता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल नुकसान के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर क्षतिपूर्ति कराई जाए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव मे शांति बनी हुई है और ग्रामीण प्रशासनिक निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
