स्तंभ

दूषित हवा, दूषित समाज और मोहन राकेश की चेतावनी

जयंती पर विशेष: पुनीत मिश्र “जिस हवा में फूल अपने पूरे सौन्दर्य के साथ नहीं खिल सकता, वह हवा अवश्य…

6 days ago

कपिल देव: एक कप्तान, जिसने असंभव को संभव बनाया

पुनीत मिश्र भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल रिकॉर्ड नहीं बनाते, बल्कि सोच की दिशा…

1 week ago

भारतेन्दु हरिश्चंद्र : हिंदी के पितामह-नवजागरण के शिल्पकार

नवनीत मिश्र ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’…यह पंक्ति मात्र एक काव्य-सूत्र नहीं, बल्कि उस वैचारिक क्रांति की…

1 week ago

“इतिहास के पन्नों में अमर 5 जनवरी: वे विभूतियाँ जिनका जाना एक युग का अंत था”

5 जनवरी भारतीय एवं विश्व इतिहास में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऐसी महान विभूतियों की स्मृति का दिन है,…

1 week ago

भावनाओं, नेतृत्व और प्रतिभा से भरा 5 जनवरी: इतिहास को दिशा देने वाले महान जन्मदिवस

5 जनवरी का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय और विश्व इतिहास में ऐसे असाधारण व्यक्तित्वों का…

1 week ago

इतिहास के पन्नों में 5 जनवरी: जब खेल, विज्ञान, राजनीति और युद्ध ने रचा समय का अमिट दस्तावेज़

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन निर्णयों, उपलब्धियों और घटनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है, जिन्होंने मानव सभ्यता की…

1 week ago

निंदा से डरे बिना काम करते रहना चाहिए: सावित्रीबाई फुले

मराठी कवयित्री, भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन की नायिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, शोषितों-वंचितों एवं पिछड़ गए लोगों की…

2 weeks ago

हिन्दी साहित्य के मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार: विचार, संघर्ष और रचना-दृष्टि

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम एक ऐसे रचनाकार के रूप में स्थापित है, जिन्होंने…

2 weeks ago

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर…

2 weeks ago