Category: लेख

भारतेंदु हरिश्चंद्र : साहित्य और पत्रकारिता के पथप्रदर्शक

भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850–1885) आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक और हिंदी पत्रकारिता के अग्रदूत माने जाते हैं। अल्पायु में उन्होंने हिंदी को केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक…

“नेपाल का ऑनलाइन लॉकडाउन: आज़ादी पर सवाल”

(सोशल मीडिया पर नेपाल का बड़ा ताला: लोगों की आवाज़ पर रोक या नियमों की ज़रूरत?) नेपाल सरकार ने 26 बड़े सोशल मीडिया और संदेश भेजने वाले मंच—जिनमें फेसबुक, व्हाट्सएप,…

दुनियाँ में विज्ञान पर सबसे बड़ी चुनौती,लाइलाज कैंसर को मात मिलेगी,“इंटरोमिक्स” कैंसर वैक्सीन शीघ्र बाजार में- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

गोंदिया – विश्व स्वास्थ्य जगत में कैंसर एक ऐसा सार्वभौमिक संकट रहा है जिसने अनेक बार वैज्ञानिकों को अचम्भित किया है। बढ़ते कैंसर के मामलों और उसके आर्थिक व सामाजिक…

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भारतीय शिक्षा : मुक्ति या बंधन?

शिक्षक की भूमिका, तकनीकी दुविधा और संतुलन का भारतीय मार्ग कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारतीय शिक्षा के सामने दो राहें खोलती है। एक ओर यह शिक्षक को कागज़ी काम और दोहरावदार कार्यों…

विद्यालय में गूंजा स्वच्छता का संदेश, बच्चों ने लिया संकल्प

छोटे कदमों से बड़ा बदलाव–यही है स्वच्छ भारत का संकल्प संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद विकास खंड स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, ब्यारा में एकलव्य एजुकेशनल…

“बढ़ती आत्महत्याओं की घटनाएं: एक वैश्विक चुनौती, रोकथाम है समय की मांग”

“तनाव, अवसाद और अकेलापन बन रहे हैं बड़ी वजहें”। “भारत सहित पूरी दुनिया में आंकड़े कर रहे हैं चिंता पैदा”। “समाज, परिवार और सरकार—सभी की साझा ज़िम्मेदारी”। “जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य…

भारत की चिप क्रांति सपनों से साकार होती हकीकत

उम्मीदों की चिप ने दिए आत्मगौरव और नवाचार को पंख भारत आज उस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ तकनीकी आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व…

अबू धाबी जाने वाली इंडिगो फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण कोच्चि लौटी, दिल्ली-कोलकाता उड़ान में शराबी यात्री ने मचाया हंगामा ये क्या हो रहा?

कोच्चि/दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) इंडिगो एयरलाइन के दो विमानों में अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। शुक्रवार देर रात अबू धाबी के लिए रवाना हुआ इंडिगो का एक विमान तकनीकी…

पितृपक्ष 07 से 21 सितंबर 2025- भारतीय आस्था,संस्कृति और वैश्विक दृष्टिकोण का दार्शनिक पर्व

श्रद्धया इदं श्राद्धम्‌ – जो श्र्द्धा से किया जाय, वह श्राद्ध है मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान हमारे पूर्वज किसी न किसी रूप में धरती पर आते हैं और…

1984 से 2025 तक राजनीति के नारों और भाषणों में बदलती भाषा : मर्यादा से अमर्यादा तक

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारतीय लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ वोट पाने का माध्यम नहीं बल्कि विचारों और नीतियों की प्रतियोगिता भी होते हैं। नारे और भाषण इस लोकतांत्रिक यात्रा के…

भारत का जीएसटी सुधार 2025 -टैक्स ढांचे का पुनर्निर्माण और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले एक दशक में अनेकों उतार-चढ़ाव देखे हैं। वैश्वीकरण, अमेरिकी टैरिफ,तेल कीमतों की अनिश्चितता, महामारी के झटके और डिजिटल क्रांति के बीच…

शिक्षक दिवस और ईद-ए-मिलाद का अनूठा संगम 5 सितंबर 2025- भारतीय संस्कृति और वैश्विक सद्भाव का प्रतीक

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत विविधताओं का देश है जहाँ भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ,परंपराएँ और विचारधाराएँ एक साथ मिलकर सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण पेश करती हैं।5सितंबर 2025 का दिन इस सांस्कृतिक…

ज्ञान के बल पर चला यह संसार है, इस मिट्टी पर सबसे पहले शिक्षक का अधिकार है- हरिवंश डांगे

डॉक्टर राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर 1888 को मद्रास से 64 किलोमीटर दूर तिरूतन्नी ग्राम में हुआ था। डॉ राधाकृष्णन प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। देश दुनिया में…

“डिजिटल ऑक्सीजन से सजी भारत की छलांग – विक्रम चिप सेमीकंडक्टर युग की शुरुआत”

गोंदिया-वैश्विक स्तरपर भारत ने 2 सितंबर 2025 को सेमीकंडक्टर इंडिया कॉन्फ्रेंस का ऐतिहासिक उद्घाटन करके न केवल एक तकनीकी युग का शुभारंभ किया बल्कि वैश्विक राजनीति,अर्थव्यवस्था और तकनीक की दिशा…