Category: लेख

लव मैरिज और संविधान: व्यक्तिगत स्वतंत्रता की संवैधानिक परीक्षा

लव मैरिज पर माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने की मांग- संविधान,समाज और राज्य के टकराव का समकालीन विमर्श- एक समग्र विश्लेषण लव मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य…

बुढ़ापा: डर नहीं, समझ और सम्मान की जरूरत

जीवन का अंतिम पड़ाव: बुढ़ापा — अनुभव, सम्मान और संवेदना की कसौटी लेखिका – सीमा त्रिपाठी,शिक्षिका, साहित्यकार, बलिया (राष्ट्र की परम्परा) जीवन एक निरंतर प्रवाह है। बचपन की मासूमियत, युवावस्था…

अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस: विभाजनों से ऊपर उठती मानवता की पुकार

अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस मानव सभ्यता को यह स्मरण कराने का अवसर है कि पृथ्वी पर रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसकी पहचान किसी भी देश, धर्म, भाषा या संस्कृति…

ग्रामीण भारत में रोजगार अधिकार बनाम सरकारी कृपा

महात्मा गांधी — जै राम जी संजय पराते संघी गिरोह को महात्मा गांधी के काम से ही नहीं, उनके नाम से भी कितनी नफरत है, यह मनरेगा को खत्म करने…

बांग्लादेश में बदलती राजनीतिक परिदृश्य: भारत के लिए नई रणनीतिक चुनौती

संपादकीय हाल ही में विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि बांग्लादेश में बदलती राजनीतिक स्थिति भारत के लिए 1971 के युद्ध के…

स्वाभिमान की तलवार से इतिहास रचने वाले योद्धा: महाराज छत्रसाल

बलिदान दिवस 20 दिसंबर पर विशेषनवनीत मिश्र भारत की धरती पर जब-जब अन्याय, दमन और पराधीनता का अंधकार छाया, तब-तब किसी न किसी वीर ने स्वाभिमान की मशाल जलाकर इतिहास…

तीन क्रांतिकारी, एक संकल्प: आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान

पुनीत मिश्र भारत की स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि असंख्य त्यागों की जीवंत गाथा है। इस गाथा के उज्ज्वल अध्याय हैं पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ…

महंगाई, फिटमेंट फैक्टर और एरियर: आठवें वेतन आयोग से क्या बदलेगा सरकारी कर्मचारियों के लिए

महंगाई दर,स्वास्थ्य और शिक्षा खर्च आवास लागत, शहरीकरण और तकनीकी परिवर्तन बढ़ने से नया वेतन आयोगलागू करना आर्थिक अनिवार्यता बन चुका है- एडवोकेट किशन गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत में…

हांसी : इतिहास के केंद्र से हाशिये तक और फिर जिले की दहलीज़ पर

(हांसी : इतिहास ने छीना, वक्त ने लौटाया जिला) हांसी कभी हरियाणा क्षेत्र की राजधानी रही है। जॉर्ज थॉमस के शासनकाल में यह प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र था। मुगल काल…

गुरु घासीदास: सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना की अलख, सद्भावना का संदेश

जयंती विशेष | नवनीत मिश्र भारतीय समाज में समता, सत्य और मानव गरिमा की चेतना को जन-जन तक पहुंचाने वाले सतनाम पंथ के संस्थापक गुरु घासीदास केवल एक संत नहीं,…

भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’ स्व. भिखारी ठाकुर : लोकसंस्कृति, सामाजिक चेतना और सामाजिक सुधार के महान स्वर

जयंती विशेष पुनीत मिश्र भोजपुरी लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाले, भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’ कहे जाने वाले स्व. भिखारी ठाकुर केवल साहित्यकार ही नहीं, बल्कि कुशल निर्देशक, समाज सुधारक, संस्कृति…

संविधान से व्यवस्था, परमात्मा से नैतिकता

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान वह मजबूत आधार है, जिस पर शासन, अधिकार और कर्तव्यों की पूरी संरचना टिकी होती है। संविधान मानव द्वारा बनाए गए…

संविधान नियमों का संग्रह, परमात्मा नैतिकता का स्रोत

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान वह आधार है, जिस पर शासन, अधिकार और कर्तव्यों की पूरी इमारत खड़ी होती है। संविधान मानव द्वारा रचित नियमों…

मानदेय अटका, घरों में चूल्हा ठंडा: ग्राम रोजगार सेवकों पर रोज़ी-रोटी का संकट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम रोजगार सेवक आज खुद जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। जुलाई माह…

संविधान मानव की रचना, परमात्मा सृष्टि का आधार

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानव सभ्यता के इतिहास में जब भी समाज ने संगठित रूप लेना शुरू किया, तब नियम, आचार और नैतिकता की आवश्यकता महसूस हुई। इसी…