लेख

इतिहास की आड़ में वर्तमान की विफलताओं पर पर्दा

🔴 इतिहास के प्रतिशोध के बहाने इतिहास से ही प्रतिशोध ✍️ बादल सरोज तर्क, विवेक और वैज्ञानिक चेतना पर आधारित…

3 months ago

बाबू गुलाबराय: विचार, विवेक और व्यंग्य की सशक्त परम्परा

✍️ नवनीत मिश्र हिंदी साहित्य में बाबू गुलाबराय का स्थान एक ऐसे लेखक के रूप में सुरक्षित है, जिन्होंने निबन्ध…

3 months ago

हिन्दी के शेक्सपियर ‘रांगेय राघव’: यथार्थ, संघर्ष और सृजन की अमिट विरासत

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में जिन रचनाकारों ने अपने समय की सामाजिक विडम्बनाओं, मानवीय संघर्षों और ऐतिहासिक चेतना को गहन…

3 months ago

भारतीय न्याय की अनूठी पहचान: परंपरा, संविधान और विधवा बहू का अधिकार

भारतीय न्याय,सांस्कृतिक नैतिकता और विधवा बहू का अधिकार-मनुस्मृति से संविधान तक एक समावेशी न्यायिक यात्रा क़ा समग्र विश्लेषण गोंदिया -…

3 months ago

मतदाता सूची से लोकतंत्र की कटाई: क्या भारत फासीवाद की दहलीज पर है?

राजेन्द्र शर्मा नये साल, 2026 में फासीवाद के आगमन की रफ्तार और तेज होती लगती है। कम से कम नये…

3 months ago

महादेव गोविंद रानाडे: राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना के अग्रदूत

पुनीत मिश्र महादेव गोविंद रानाडे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान चिंतकों और समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिन्होंने राष्ट्रहित…

3 months ago

शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय: करुणा, विद्रोह और यथार्थ के साहित्यकार

नवनीत मिश्र बंकिमचंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ ठाकुर जैसे महान साहित्यकारों की परंपरा से प्रेरणा लेने के बावजूद शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय ने…

3 months ago

भारत–नेपाल सांस्कृतिक सेतु के निर्माण में अवधी की भूमिका

नेपाल में अवधी संस्कृति के सशक्त संवाहक: आनन्द गिरि मायालु की प्रेरक यात्रा प्रस्तुति-चरना गौर नेपाल की बहुभाषिक पहचान में…

3 months ago

किसान से संविधान तक: भारत के राष्ट्र-निर्माण पर सांप्रदायिक हिंसा की छाया

भारत का राष्ट्र-निर्माण विमर्श बनाम सामाजिक यथार्थ:- किसान,सांप्रदायिक हिंसा और लोकतांत्रिक परीक्षा भूमिका:- एक समग्र विश्लेषण गोंदिया - 14 जनवरी…

3 months ago

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र भारतीय सभ्यता प्रकृति, खगोल और जीवन के आपसी संतुलन पर आधारित रही है। इसी संतुलन की सजीव अभिव्यक्ति…

3 months ago