लेखक - राजेंद्र शर्मा अब जबकि पूंजीवाद का सर्वोच्च दूत, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष तक भारत के जीडीपी के अनुमानों की…
शादी-ब्याह, जुलूस और सामाजिक आयोजनों में तेज डीजे अब “ट्रेंड” बन चुका है। देर रात तक गूंजती हाई बास और…
✍️ लेखक: संजय पराते सरकार आदिवासी हितों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन बजट और नीतियों की परतें जैसे-जैसे खुलती…
अंधेरी खदान से प्रशासनिक शिखर तक ♥️ कहानी – एपिसोड 1 ♥️ जीवन का असली रंग: वह कलेक्टर जो मेकअप…
भारत में तंबाकू पूर्ण निषेध की तात्कालिक आवश्यकता: जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और नैतिकता पर निर्णायक विधायी पहलराष्ट्रीय तंबाकू निषेध अधिनियम 2026…
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की 10 पायदान की छलांग, कूटनीतिक सफलता या चेतावनी? वीज़ा-फ्री सुविधा में बढ़ोतरी, दो देशों…
विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकटड्रेसकोड, पहचान पत्र और जवाबदेही की अनदेखी बनाम नागरिक-केन्द्रित शासन भारत आज वैश्विक स्तर…
चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की मजबूती केवल उसके संविधान, कानून या शासन-प्रणाली पर निर्भर नहीं करती,…
डिजिटल प्रदूषण और बचपन पर संकट: सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और जिम्मेदारी का वैश्विक विमर्श डिजिटल युग ने मानव जीवन…
लोकसभा के हालिया घटनाक्रम ने भारतीय लोकतंत्र की परंपराओं और संसदीय गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।…