लेख

अर्धनग्न मुजरे के दौर में गुम होती साहित्यिक स्त्रियाँ

“सोशल मीडिया की चमक-दमक के शोर में किताबों का स्वर कहीं खो गया है।” इंस्टाग्राम और डिजिटल मीडिया का दौर…

8 months ago

भारत की शक्ति और हर वैश्विक साझेदारी का भविष्य-लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स का संगम

भारत की शक्ति और वैश्विक परिदृश्य-लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स की ताक़त हैँ गोंदिया-वैश्विक स्तरपर भारत आज केवल एक भौगोलिक…

8 months ago

सड़कें तेज़ी से बन रही हैं, लेकिन सुरक्षा पीछे छूट गई – हर साल लाखों ज़िंदगियाँ दांव पर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत आज गर्व से दुनिया को बता रहा है कि वह सबसे तेज़ी से सड़कें…

8 months ago

दुनियाँ में आर्थिक स्वार्थ वाली राजनीति का प्रचलन तेजी से बढ़ा- वैश्विक सहयोग की जगह प्रतिस्पर्धा व एकजुट की जगह गुटबाज़ी का माहौल बढ़ा

(राष्ट्र की परम्परा के लिए रिपोर्ट) दुनियाँ में राजनीति व अर्थव्यवस्था का रिश्ता स्वार्थ प्रधान के चरम पर पहुंचा-हर देश…

8 months ago

छात्र किस दिशा में जा रहे हैं?

“शिक्षा, संस्कार और समाज की जिम्मेदारी : बदलते छात्र-शिक्षक संबंध और सही दिशा की तलाश” आज शिक्षा केवल अंक और…

8 months ago

लघुकथा

अधूरी चिट्ठी गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे एक टूटी-फूटी लकड़ी की चारपाई पड़ी रहती थी। उसी पर…

8 months ago

आज का युवा तकनीकी रूप से आधुनिक है, लेकिन मानसिक स्तरपर अक्सर पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित है

(राष्ट्र की परम्परा के लिए एडवोकेट किशन सनमुख दास भावनानी गोंदिया ) जब तक हम युवाओं को अपनी हज़ारों साल…

8 months ago

गोंदिया में साईं झूलेलाल व बाबा खाटू श्याम का अद्भुत मिलन, सामाजिक समरसता की मिसाल

गोंदिया।(राष्ट्र की परम्परा)झूलेलाल मंदिर, गोंदिया में साईं झूलेलाल चालीसा महोत्सव (16 जुलाई–25 अगस्त) के अंतर्गत बाबा श्याम खाटूजी भजन समिति…

8 months ago

प्लास्टिक – अमर ज़हर

मनुष्य ने जब आग और पहिए की खोज की, वह सभ्यता की शुरुआत थी। जब उसने विज्ञान से दोस्ती की,…

8 months ago

न्याय की देरी व्यवस्था पर सवाल

“सीबीआई जांच भी इंसाफ़ की गारंटी नहीं, सालों से पेंडिंग हैं मामले" भिवानी की शिक्षिका मनीषा हत्याकांड को सीबीआई जांच…

8 months ago