लेख

आत्ममंथन का समय: क्या सरकारी योजनाएं हकदारों तक पहुँच रही हैं या अपात्रों की ढाल बन चुकी हैं?

राहत या राजनीति?- क्या सरकारी राहत वास्तव में पात्रों तक पहुँच रही है?या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यवस्था खोखली हो रही…

4 months ago

पद्मविभूषण सत्येन्द्रनाथ बोस: जब भारतीय मेधा ने विश्व भौतिकी की दिशा बदली

✍️ नवनीत मिश्र भारतीय विज्ञान के इतिहास में सत्येन्द्रनाथ बोस का स्थान एक ऐसे वैज्ञानिक का है, जिसने सीमित साधनों…

4 months ago

गायत्री मानव चेतना के जागरण का सनातन सूत्र

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय सनातन परंपरा की आत्मा यदि किसी एक शब्द में समाहित दिखाई देती है, तो…

4 months ago

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर…

4 months ago

2026 का संकल्प: व्यक्तिगत सफलता नहीं, सामूहिक राष्ट्रीय उत्थान का वर्ष

नववर्ष 2026-व्यक्तिगत आकांक्षाओं से राष्ट्रीय संकल्प तक-वैश्विक जिम्मेदारी की ओर बढ़ता भारत- करना है ऐसा धमाल- दुनियाँ कहे वाह रे…

4 months ago

AI और शिक्षा: शिक्षक का विकल्प या सीखने का सशक्त सहायक?

सोमनाथ मिश्र की कलम से(राष्ट्र की परम्परा)।डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा व्यवस्था में तेजी से प्रवेश कर रही…

4 months ago

दुष्यंत कुमार: असहमति, संवेदना और समय की आवाज

नवनीत मिश्र दुष्यंत कुमार हिन्दी कविता और ग़ज़ल की परंपरा में वह सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने शब्दों को सौंदर्य की…

4 months ago

शिक्षा में असमानता: सपनों पर भारी होती अमीरी-गरीबी की खाई

(शिक्षा डेस्क - राष्ट्र की परम्परा)शिक्षा को किसी भी समाज की प्रगति और समानता की सबसे सशक्त आधारशिला माना जाता…

4 months ago

रामानंद सागर: टेलीविजन पर संस्कृति और संस्कारों के अमिट हस्ताक्षर

पुनीत मिश्र भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर का नाम उस सृजनात्मक क्रांति का प्रतीक है, जिसने छोटे परदे…

4 months ago

“संविधान, समाज और आध्यात्मिक बाज़ार: भारत से विश्व तक एक वैचारिक पड़ताल”

आधुनिक युग में आध्यात्मिकता का पुनराविष्कार: संभवतः आस्था,पहचान और करियर के बीच बदलता भारतीय समाज- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण लेखक…

4 months ago