ख़ुशी
बुढ़ापा ! आयेगा नहीं जनाब,बुढ़ापा आ गया है पूरी तरह,मानो या ना मानो पर चिंता,मत करो अब भी हँसते रहो। चिंता चिता से बढ़कर है,उसे प्रश्रय देना ही नहीं है,दुश्वारियाँ…
बुढ़ापा ! आयेगा नहीं जनाब,बुढ़ापा आ गया है पूरी तरह,मानो या ना मानो पर चिंता,मत करो अब भी हँसते रहो। चिंता चिता से बढ़कर है,उसे प्रश्रय देना ही नहीं है,दुश्वारियाँ…
अक्सर एक प्रश्न मन में उठता हैकि मै अति गरीब हूँ, अच्छा खाना,अच्छे घर में रहना और अच्छी नींदमुझे कहाँ और कैसे मिल पाएगी। वास्तविकता मानव के जीवन कीहोती है…
युवा नेता अभय सिंह ने मिठाई खिला कर दी एक-दुसरे को बधाई गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एवं प्रदेश विधानसभा के उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को…
वोकल फोर लोकल को देने बढ़ावा की अपील संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। कैलाश मानसरोवर की मुक्ति और तिब्बत की आजादी के लिए संकल्पित संस्था भारत तिब्बत समन्वय संघ…
मेरा दशहरा इस वर्ष का,जितना कष्टदायक रहा है,उससे अधिक सुखद रहा है,इंसानियत प्रेम जो मिला है। तेज़ ज्वर से कंपकँपाता तन,साँसो की तीव्र चढ़न उतरन,आसरा कमांड अस्पताल में,आपातकालीन चिकित्सा में।…
मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे थे। पूड़ी, सब्ज़ी, हलुआ पत्ते के दोनोमें श्रद्धा पूर्वक लेते…
सम्भव को सम्भव करनाअसम्भव तो होता नहीं है,किसी बात पर भी कवितालिखना मुश्किल नहीं है। कविता तो वास्तविकताके ऊपर आधारित होती है,वास्तविकता नहीं हो तो भीकल्पना पर आधारित होती है।…
इससे अच्छा क्या होगा कि कोईछोटी छोटी बात पर करे प्रशंसा,स्वीकार करे आपको मुसीबत में,ज़रूरत के समय करे जो सहायता। ख़ुश रहे ख़ुशी देखकर और की,जीवन में करे उसका समावेश…
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति अधीर । गीता ज्ञान यही देता है, क़र्म योगकर देता…
भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न चलता था,तीरों और कमानों से,विजय वहाँ होती थी नटवर की,उनकी…
हे मातु दया कर दे, वर दे, तनस्वस्थ सुखी रखिए रखिये।रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभवसुख से भूषित रखिए रखिये। जीवन साथी का प्रेम मिला,संतानों से आदर- सद्भाव मिला।एहसान नहीं…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात सनातन परम्परानुसार जन्म के छठे दिन लड्डू गोपाल की छठी लखनऊ के सैनिक नगर गली में स्थित श्री जन कल्याणेश्वर…
सच्चाई कड़वी होती है,सोच समझ कर लिखना होगा।बुरा न माने लोग कहीं,कदम फूंक कर रखना होगा। श्रीराम सरीखी मर्यादा में,रहकर भी, निंदा तो सहना होगा।राहें पथरीली हैं जग में,देख देख…
दो दोस्तों ने दो जगह दो बातें लिखीं,समय, साँसे दो ही वास्तविक धन हैं,दोनो ही निश्चित हैं दोनो ही सीमित हैं,दोनो की दोनो बातें दो बातें बताती हैं। समय व…
आजकल उंगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते,पर जुबाँ से निभाने का अवसर कहाँ है,टच में व्यस्त सब, टच में है कोई नहीं,नज़दीकियों की दूरियाँ हैं मिटती नहीं। तीन दिन, पाँच सौ…