कविता

छेरछेरा परब

हमर मन के गली-खोर म हवय डेरा।माँगे बर आए हवन तुंहर घर छेरछेरा।। धान ह धरागे, पुस पुन्नी के दिन…

2 years ago

कौमी आवाज साकार हुई

——X—— छब्बीस जनवरी गणतंत्र दिवस है,भारत मना रहा खुब धूम धाम से,डंका बजा रहा भारत है दुनिया में,लहराता दिख रहा…

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अच्छाई–बुराई

हमारी व्यवहार कुशलता जीवनका वह दर्पण है, इसका जितनाअधिक सदुपयोग किया जाता है,जीवन का प्रकाश उतना ही बढ़ता है। किसी…

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व्यापक बृह्म सदा अविनाशी

दैहिक, दैविक, भौतिक तापा,कलिकाल सबहिं कहुँ व्यापा। सत्य प्रसंग असत्य कहि देहीं,औरन कहँ अति मतिभ्रम देहीं। सज्जन साधु सन्त मत…

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श्रीराम के व्यक्तित्व पे नाज़ रखो

आंखें खुलते ब्रह्ममुहूर्त में श्रीरामनिराकार ईश्वर के दर्शन हों जायें,दिन भर के लिये आभार अदा कर,सर्व मंगल की कामनायें की…

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भैया हमहूँ रहेन बैसवारे मां

नाम कर्नल आदि शंकर मिश्र औकाम, सर्वहितकारी,बस एतना तुमजानि लेव, हमहूँ रहेन बैसवारे मां।भैया हमहूँ रहेन बैसवारे मां। पैदा हुये,…

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दरस को तरस रहे नैना

दरस को तरस रहे नैना,प्रभु आकर दर्शन दो ना,दरस को तरस…प्रभु आकर दर्शन दो ना । राह निहारें नित नित…

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माघ मकरगति जब रवि होईं

भगवान भास्कर सूर्य उत्तरायण में,माघ मकरगति का प्रारम्भ हो रहा, तीर्थराज प्रयाग, सारे तीर्थ एकत्र,पर माँ गंगा का जल मैला…

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पैसा, वक्त और संस्कार

पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं,जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है,दोनों में फ़र्क़ बस इतना होता है किहमारे…

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जहाँ दया तहँ धर्म है

सुख दुःख का जिम्मेदार इंसान स्वयं होता है,सुर या असुर भाव मन में स्वतः छिपा होता है,बिचार ही हमे सज्जन…

2 years ago