Saturday, February 21, 2026
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श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से नष्ट होते हैं जन्म जन्मांतर के पाप- आचार्य विनय पाण्डेय

श्रोताओं को कथा का रसपान कराते कथावाचक आचार्य विनय पांडेय

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
सेवरही चीनी मिल के समीप स्थित राधाकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार की रात्रि श्रोताओं को कथा का रसपान कराते कथावाचक आचार्य विनय पांडेय ने कहा कि, कलयुग में भागवत की कथा सुनने से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही जन्म जन्मांतर के पापों का अंत भी होता है।
कथाक्रम में कथावाचक ने मनु शतरूपा से सृष्टि क्रम आगे बढ़ने, देवहुति का कर्दम मुनि से विवाह प्रसंग व भगवान कपिल अवतरण की कथा सुनाई । इसके पूर्व प्रथम दिन भक्ति नारद संवाद प्रसंग व गोकर्ण उपाख्यान की चर्चा करते हुए कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा श्रेष्ठ जीवन ज़ीने की शैली है, इसके माध्यम से जीव अपनी आसक्तियों का समूल नष्ट कर सकता है। प्रेतयोनि में धुंधकारी ने कथा श्रवण किया व आसक्ति का शमन कर बैकुंठ का अधिकारी बना। इस दौरान मुख्य यजमान कुसुमलता देवी, अश्विनी तिवारी, श्वेता तिवारी, पुष्पा पाण्डेय, डा. अरूण तिवारी, सुनील तिवारी, अरविंद तिवारी, संतोष श्रीवास्तव,पंकज त्रिपाठी आदि श्रोता मौजूद रहे।

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