देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव मनोज कुमार तिवारी ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा व विधिक साक्षरता पर जोर देते हुए केंद्र प्रबंधक को निर्देश दिए कि जिन महिलाओं को कानूनी सहायता की जरूरत है, उनके प्रकरण अधिक से अधिक संख्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजे जाए।
भाटपार रानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय तहसील परिसर में आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल ने की। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की एक-एक शिकायत सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्रीमती मित्तल ने प्राप्त आवेदनों का विभागवार मूल्यांकन भी किया। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों में कमी आई है। वहीं, राजस्व विभाग के कार्यों पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने मौजूद लोगों से शेष समस्याओं को रखने का अवसर भी दिया। तहसील दिवस के उपरांत भाजपा भाटपार रानी मंडल अध्यक्ष विश्वंभर शरण पाण्डेय ने जिलाधिकारी का बुके भेंटकर स्वागत किया और स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में दो पात्रों को अन्त्योदय कार्ड और एक को पात्र गृहस्थी कार्ड प्रदान किए गए। कुल 61 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 8 का निस्तारण मौके पर ही किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपाl
शाहजहांपुर( राष्ट्र की परम्परा) जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पुवायां विधायक चेतराम की उपस्थिति में तहसील पुवायां में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में सुनीं गई समस्याएं। जिलाधिकारी ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लेखपालों के साथ बैठक कर प्राप्त शिकायतों को अगले तीन दिवस में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए अवगत कराएं। ग्राम मोहनपुर की आवासों के संबंध में शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की टीम बनाकर जांच कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि संबंधी शिकायतों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निस्तारण करे तथा शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट भी होना चाहिए। पुवायां तहसील में राजस्व 56, पुलिस, विकास विभाग 14-14, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य विभाग 1-1 एवं अन्य14 कुल 101 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये, जिसमें से 04 प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारित कर शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बंधित अधिकारियों को जिलाधिकारी ने ससमय से निस्तारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने पुलिस विभाग से संबंधी शिकायतों को थाना समाधान दिवस में निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए उसका निस्तारण करवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी होना चाहिए, शिकायत निस्तारण में किसी भी प्रकार लापरवाही पाये जाने अथवा सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा ससमय संज्ञान न लेने को गम्भीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि कार्याे में ढिलाई कदापि न बरती जाये। सभी लाभार्थीपरक योजनाएं जैसे-वृद्धावस्था पेंशन, निर्विवाद वरासत और कागजात दुरूस्ती आदि के मामल कोे तत्काल सुलझाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहने पाये। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, उप जिलाधिकारी जीत सिंह राय, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को अपराह्न सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले के उन युवाओं को मार्गदर्शन और समाधान उपलब्ध कराना था, जो मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में सीएम युवा समाधान टीम के हेड ट्रेनर श्री रवि गुप्ता, जो विशेष रूप से दिल्ली से पधारे थे, तथा रीजनल कोऑर्डिनेटर श्री अमन कुमार, जो लखनऊ से आए थे, ने युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इस संवाद के दौरान जिन युवाओं को लोन स्वीकृत हो चुका है, उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई, वहीं जिनका लोन अब तक लंबित है, उनकी दिक्कतों को भी विस्तार से सुना गया और समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री ओजस्वी राज विशेष रूप से मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। योजनाओं का लाभ लेकर वह न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज और जिले के आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं को उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र बलिया, श्री रवि कुमार शर्मा ने किया। इस कार्यशाला में सहायक प्रबंधक श्री चंद्र प्रकाश पटेल, सीएम युवा फेलो श्री परमवीर यादव, प्रिया यादव तथा डीईओ आशुतोष समेत अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। करीब 100 युवा उद्यमियों ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। उपस्थित युवाओं ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया तथा उम्मीद जताई कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आगे भी होती रहें, ताकि योजनाओं से जुड़े युवाओं को समय पर जानकारी और समाधान मिल सके।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की महुली पुलिस ने ऑपरेशन “तमंचा” के तहत बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए तीन युवकों को अवैध असलहे, कारतूस, मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है। ये युवक सोशल मीडिया पर रील बनाकर अपने साथियों के बीच प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहे थे। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में की गई। थानाध्यक्ष महुली रजनीश राय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मैनसिर चौराहा से मोलनापुर रोड पर स्थित टावर के समीप तीनों युवकों को चेकिंग के दौरान दबोचा। गिरफ्तार युवकों की पहचान रजीत उर्फ धीरज पुत्र रामअवध निवासी परमेश्वरपुर, अंकित उर्फ सूरज पुत्र ओमप्रकाश निवासी सरैया तथा आकाश अग्रहरी पुत्र बालकिशुन अग्रहरी निवासी चेचुवापुर, थाना हरपुर बुदहट, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। इनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल .32 बोर, एक कट्टा 12 बोर, दो कारतूस, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक यामाहा आर15 मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट तथा एक बुलेट मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन नम्बर यूपी 53 डीक्यू 1225 बरामद की गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध थाना महुली पर क्रमशः मु0अ0सं0 300/2025, 301/2025 एवं 302/2025 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रील और वीडियो बनाकर अपने दोस्तों के बीच धौंस जमाने का काम करते थे और साथ ही अवैध असलहे की खरीद-फरोख्त में भी लिप्त थे। इस गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक राकेश कुमार गुप्ता तथा कांस्टेबल अरविन्द यादव, अभिषेक सिंह, विजय गौतम और अजीत गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर स्थित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ में सोमवार को विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी के भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला का निदेशक नियुक्त होने पर अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार तिवारी ने स्वागत उद्बोधन में प्रो. हिमांशु की शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कुलपति प्रो. टंडन ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रो. हिमांशु की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है। प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने भी उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रो. हिमांशु ने कहा कि उनकी अकादमिक यात्रा की शुरुआत गोरखपुर विश्वविद्यालय से हुई थी और आज भी वे स्वयं को विश्वविद्यालय के आचार्य के रूप में ही पहचानते हैं। इस अवसर पर प्रो. सूर्यकांत त्रिपाठी, प्रो. अमित उपाध्याय, प्रो. रजनीकांत, प्रो. संजय बैजल, प्रो. सुधीर श्रीवास्तव, सर्वेश शुक्ला, ज्ञान मिश्र, धर्मव्रत तिवारी, प्रो. द्वारिकानाथ एवं जावेद खान सहित कई आचार्यों ने अपने विचार रखे। नव नियुक्त निदेशिका प्रो. सुषमा पांडेय ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह में प्रो. निधि चतुर्वेदी, डॉ. श्वेता, डॉ. सुनीता, डॉ. आशीष कुमार सिंह सहित विभाग के शोधार्थी एवं विश्वविद्यालय के अनेक आचार्य उपस्थित रहे।
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर जनपद कुशीनगर में डोल जुलूस की थानावार संख्या व निकलने वाले जुलूसों का दिनांकः 17.08. 2025 से शुरू होकर 30.09.2025 तक का विवरण पुलिस अधीक्षक, फुशीनगर से प्राप्त सूची के अनुसार निर्देशित किया है अपने-अपने तहसील के अन्तर्गत होने वाले डोल जुलूस मेला के दिन उप जिला मजिस्ट्रेट / तहसीलदार तथा नायब तहसील द्वारा 08-08 घण्टे की ड्यूटी उप जिलाधिकारी स्तर से तैनाती कर ली जाय तथा कानूनगो व लेखपाल की ड्यढी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत डोल जूलूस के समय अपने क्षेत्र में मौजूद रहेगें। तथा प्रत्येक तहसील के अन्दर पड़ने वाली डोल गेला को समस्त मजिस्ट्रेट / क्षेत्राधिकारी (पुलिस) पहले से भ्रमण कर वस्तुस्थिति का ऑकलन भी कर लें तथा असमाजिक तत्व तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असमाजिक तत्वों को समय से चिन्हित कर कार्यवाही भी करें। प्रत्येक तहसील एवं सम्बन्धित थानाक्षेत्र की मिश्रित आवादी पर सर्तक दृष्टि रखी जाय। जिलाधिकारी ने तैनात मजिस्ट्रेटगण को आदेशित किया है कि वे अपने तैनाती क्षेत्र से सम्बन्धित थाने के प्रभारी से सम्पर्क कर उपरोक्त के दृष्टिगत जानकारी प्राप्त कर अपने दायित्वों का निर्वहन करें, किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति संज्ञान में आने पर तत्काल अधोहस्ताक्षरी व पुलिस अधीक्षक, कुशीनगर को सूचित करें। उपरोक्त के दृष्टिगत अपने क्षेत्रान्तर्गत तैनात मजिस्ट्रेटगण से समन्वय स्थापित करते हुए अग्रेत्तर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को “दीक्षोत्सव 2025” कार्यक्रम का आगाज हुआ। विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ तरंग की ओर से आयोजित इस प्रथम सांस्कृतिक आयोजन में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तरंग की निदेशिका प्रो. उषा सिंह ने अतिथियों और निर्णायक मंडल का स्वागत करते हुए की। इसके बाद कविता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता हुई, जिसका विषय था। “पर्यावरण चेतना : उपाय एवं चुनौतियाँ”। संयोजक डॉ. आमोद राय एवं डॉ. कुलदीपक शुक्ला के निर्देशन में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 96 प्रतिभागियों ने अपने विचारों को लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इसके पश्चात देशभक्ति एवं लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डॉ. अनुपमा कौशिक एवं डॉ. तूलिका मिश्रा के संयोजन में आयोजित इस प्रतियोगिता में 36 प्रतिभागियों ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर देशभक्ति और लोकसंस्कृति की झलक दिखाई। लोकनृत्य प्रतियोगिता भी कार्यक्रम का आकर्षण बनी। इसमें 12 प्रतिभागियों ने पूर्वांचल की सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय भावना का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का संचालन डॉ. प्रदीप राजौरिया, डॉ. प्रदीप साहनी एवं डॉ. प्रियंका गौतम ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में डॉ. प्रतिमा जायसवाल, डॉ. कुसुम रावत सहित कई शिक्षक व छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे। प्रो. उषा सिंह ने बताया कि शेष प्रतियोगिताएँ 19 अगस्त को होंगी। इनमें भाषण प्रतियोगिता (विषय : स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका, समय : दोपहर 12 बजे) और चित्रकला प्रतियोगिता (समय : दोपहर 1 बजे, संयोजक : डॉ. प्रदीप राजौरिया एवं डॉ. प्रियंका गौतम) सम्मिलित हैं। विजयी प्रतिभागियों को 44वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल से जुड़े मुख्यमंत्री, आयुक्त, जिलाधिकारी व तहसील दिवस संदर्भों सहित लंबित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिकारीगण पोर्टल पर प्राप्त सभी संदर्भों का निस्तारण समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न जाए। उन्होंने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि फीडबैक पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन विभागों का संतुष्टि फीडबैक 80 प्रतिशत से कम पाया जाएगा, उनकी समीक्षा आगामी 21 अगस्त को पुनः की जाएगी। संतुष्टि का शत-प्रतिशत फीडबैक प्राप्त करने वाले विभागीय अधिकारियों की उन्होंने सराहना भी की। बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखने हेतु विभागीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। राजस्व वसूली पर विशेष चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने आबकारी, व्यापार कर, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देयों की वसूली, नगर निकायों में राजस्व संग्रह, खनन, मंडी समिति, बांट माप तथा खाद्य एवं सुरक्षा सहित अन्य विभागों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप वसूली करते हुए निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मेहदावल रविकांत चौबे, उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) अभय मिश्रा, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, नायब तहसीलदार धनघटा हरे राम यादव, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विमल कुमार, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, जिला बांट माप अधिकारी वी.पी. वर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की वरिष्ठ आचार्य प्रो. सुषमा पांडेय को दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध अनुभव और संस्थागत योगदान को देखते हुए सौंपी गई है। प्रो. पांडेय शिक्षाशास्त्र के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखती हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शोध-पत्र व पुस्तकें प्रकाशित कर चुकी हैं। उन्होंने शिक्षा में मानवीय, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर विशेष कार्य किया है, जो पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद से मेल खाता है। शोधपीठ के पूर्व निदेशक प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला का निदेशक बनाया गया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रो. पांडेय के नेतृत्व में शोधपीठ विचारों के प्रसार के साथ ही नए शोध की दिशा में भी प्रगति करेगा। प्रो. पांडेय ने भरोसा दिलाया कि वे इसे राष्ट्रीय स्तर का सशक्त बौद्धिक मंच बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगी। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार के सभी संकायों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान विकास खंड के ग्राम पंचायतों में गठित युवक/महिला मंगल दलों में खेल प्रोत्साहन सामग्री का वितरण ब्लाक प्रमुख संघ के जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल द्वारा विकास खंड सभागार में किया गया। कार्यक्रम में विकास खण्ड घुघली समेत पनियरा और सिसवा विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के युवक/ महिला मंगल दल के सदस्यों को भी प्रोत्साहन सामग्री वितरित की गयी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी राकेश पटेल ने बच्चों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे खेल प्रोत्साहन सामग्री का उपयोग समस्त ग्राम पंचायत के खिलाड़ी अनिवार्य रूप से करें।सरकार की मंशा अनुरूप खेल के विकास के साथ स्वयं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की बात कही। प्रमुख प्रतिनिधि ओम प्रकाश जायसवाल ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि खेल के क्षेत्र मे अपना सर्वश्रेष्ठ दें और खेल के क्षेत्र में अपने नाम के साथ ही देश का नाम भी गौरवांवित करने के लिए प्रेरित किया। सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) कमलेश कुमार शाही और सहायक विकास अधिकारी सांख्यिकी सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने भी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की। इस दौरान कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी पंचायत नजीर अहमद, अखिलेश चौधरी, विजय साहनी, धर्मेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र मिश्रा उपस्थित रहें।
दीक्षांत समारोह को सामाजिक दृष्टि से सार्थक बनाने की पहल
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में गोद लिए गए पाँच गाँवों के आंगनवाड़ी केंद्रों पर सोमवार से विशेष प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई। यह पहल विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास है। पिपराइच और पिपरौली ब्लॉक के भौआपार, ब्ववहारिया, खराईच खुर्द, रक्ष्वापार और मुरेरी खुर्द गाँव के कुल 13 आंगनवाड़ी केंद्रों में यह प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसमें बच्चों की स्वच्छता, केंद्र की साफ-सफाई और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण को परखा जाएगा। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पाँच केंद्रों को राज्यपाल दीक्षांत समारोह में सम्मानित करेंगी। कार्यक्रम का पहला चरण पिपरौली ब्लॉक के भौआपार गाँव में हुआ। सुबह 8:30 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में बच्चों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्राओं के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और माताओं में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि स्वच्छता और पोषण से जुड़ी गतिविधियाँ लगातार जारी रहेंगी।
भारतीय संस्कृति के आकाश में अनेक साधु-संतों ने अपने तप, त्याग और त्यागमयी जीवन से अमिट प्रकाश फैलाया है। इन्हीं में एक महान विभूति थे, धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज। उनका जीवन त्याग, तपस्या, विद्या और धर्मरक्षा का अद्वितीय उदाहरण है। विक्रम संवत् 1964 (सन् 1907) की सावन शुक्ल द्वितीया को प्रतापगढ़ जिले के भटनी ग्राम में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में उनका अवतरण हुआ। माता-पिता ने उनका नाम रखा हरि नारायण। किंतु यह बालक सामान्य नहीं था। बाल्यावस्था से ही उसमें अध्यात्म की ज्योति प्रज्वलित थी। नौ वर्ष की आयु में विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ, परंतु हृदय तो वैराग्य की राह पर अग्रसर था। सत्रह वर्ष की आयु में उन्होंने गृहस्थ जीवन को त्याग दिया और शंकराचार्य स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से ब्रह्मचर्य दीक्षा लेकर हरिहर चैतन्य बने। हिमालय की गोद में जाकर उन्होंने कठिन तप और साधना की। भूमि पर शयन, भिक्षा पर जीवन, गंगातट पर कठोर तपस्या, यही उनका जीवन बन गया। उनके हाथ सदैव भिक्षापात्र से जुड़े रहते, इसलिए वे “करपात्री” नाम से प्रसिद्ध हुए। उनकी साधना इतनी कठोर थी कि सूर्य की परिक्रमा की भांति वे एक पैर पर खड़े होकर दिन-रात तपस्या करते। अध्ययन की गति इतनी तीव्र थी कि वे दिनों में ही पूरे पाठ्यक्रम को आत्मसात कर लेते। उनका जीवन साधना, विद्या और भक्ति का संगम था। काशी में उन्होंने धर्मसंघ की स्थापना की। वे अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रचारक बने। धर्म, समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित कर दिया। उनका मत था कि धर्म ही राष्ट्र की आत्मा है। सन 1948 में उन्होंने अखिल भारतीय राम राज्य परिषद का गठन किया। यह राजनीतिक दल मात्र सत्ता की चाह से नहीं, बल्कि धर्मप्रधान शासन की स्थापना के उद्देश्य से बना था। इसने लोकसभा और विधानसभा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि सनातन विचारधारा जन-जन के हृदय में जीवित है। स्वामी करपात्री जी का नाम आते ही स्मरण होता है 7 नवंबर 1966 का, जब संसद भवन के सामने हजारों संतों ने गाय की रक्षा हेतु धरना दिया। यह दिन भारतीय इतिहास का एक अमर अध्याय बन गया। चारों शंकराचार्य, जैन मुनि, सनातन संत और हजारों तपस्वी एक स्वर में गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग कर रहे थे। किन्तु शांत संतों पर पुलिस की गोलियाँ चलीं। हजारों साधु शहीद हो गए। यह घटना धर्म की रक्षा हेतु दिए गए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक बन गई। इस निर्मम घटना से आहत होकर तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारीलाल नंदा ने त्यागपत्र दे दिया। 7 फरवरी 1982 (माघ शुक्ल चतुर्दशी) को वाराणसी के केदारघाट पर स्वामी करपात्री जी ने स्वेच्छा से समाधि ली। गंगा मैया की गोद में उन्हें जल समाधि दी गई। स्वामी करपात्री जी केवल तपस्वी ही नहीं, बल्कि अद्भुत लेखक भी थे। वेदार्थ पारिजात, रामायण मीमांसा, विचार पीयूष, मार्क्सवाद और रामराज्य जैसे उनके ग्रंथ आज भी सनातन संस्कृति के दीपस्तंभ हैं। इनमें भारतीय परंपरा की गहनता और वेदांत का प्रखर प्रकाश झलकता है। स्वामी करपात्री जी का जीवन एक दीपक है, जो सनातन धर्म की राह को आलोकित करता रहेगा। उन्होंने दिखाया कि धर्म केवल मंदिरों की पूजा में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी निहित है। उनकी स्मृति मात्र से ही श्रद्धा और संकल्प की ऊर्जा मिलती है। वे आज भी सनातन संस्कृति के प्रहरी और गोरक्षा आंदोलन के अमर नायक के रूप में सदैव याद किए जाते रहेंगे।
डीएम की पहल पर तविन फाउंडेशन ने स्थापित कराए आरओ प्लांट
शुद्ध जल संकल्प के तहत चयनित विद्यालयों और बीआरसी में लगाए गए आरओ प्लांट
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की विशेष पहल पर बीआरसी समेत जिले के 10 विद्यालयों में आरओ प्लांट स्थापित किया गया।आरओ प्लांट की स्थापना करना तविन फाउंडेशन द्वारा किया गया। ग्राम पंचायत छीतही बुजुर्ग के कंपोजिट विद्यालय में आरओ प्लांट का उद्घाटन जिलाधिकारी ने फीता काटकर और आरओ का पानी पीकर किया। उन्होंने शिक्षकों को भी प्लांट के नियमित मरम्मत हेतु निर्देशित किया, ताकि उनको नियमित रूप से शुद्ध जल प्राप्त होता रहे। उन्होंने संस्था के लोगों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में तविन फाउंडेशन को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के अन्य लोगों को भी समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा देते हैं। आज फरेंदा के बीआरसी और 09 विद्यालयों में आरओ सिस्टम संस्था द्वारा लगाया गया है। आगे भी संस्था द्वारा अन्य स्कूलों में आरओ प्लांट लगाने की घोषणा की गई है। इन आरओ प्लांट से परिषदीय विद्यालयों को स्वच्छ जल प्राप्त होगा। इससे उनका स्वास्थ्य भी बेहतर होगा, जिससे उनकी क्षमता में वृद्धि भी देखने को मिलेगा। तविन फाउंडेशन के अध्यक्ष तत्सत मणि ने जिलाधिकारी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं इस कार्य के लिए अवसर देने और प्रेरित करने हेतु जिलाधिकारी का आभारी हूं। हमारी संस्था का प्रयास है कि देश के भविष्य को वर्तमान में शुद्ध जल प्रदान करने के उद्देश्य से शुद्ध जल संकल्प मुहिम को चला रही है। आगे भी हम जनपद में जिलाधिकारी के नेतृत्व में इस अभियान को चलाते रहेंगे। इससे पूर्व जिलाधिकारी का स्वागत संस्था के अध्यक्ष और ग्राम प्रधान सुंदरी सिंह ने पुष्प गुच्छ भेंटकर किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी आगंतुकों का कार्यक्रम में आने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद में पहली बार परिषदीय विद्यालयों को आरओ प्लांट मिला है। इसके लिए हम सब जिलाधिकारी और तविन फाउंडेशन के आभारी हैं। तविन फाउंडेशन द्वारा कंपोजिट विद्यालय छितही बुजुर्ग, कंपोज़िट विद्यालय पोखरभिंडा, कंपोज़िट विद्यालय निरनाम पश्चिमी, कंपोज़िट विद्यालय फरेंदा बुजुर्ग, कंपोज़िट विद्यालय जंगल जोगियाबारी, कंपोज़िट विद्यालय हरपुर, कंपोज़िट विद्यालय बरातगाड़ा, कंपोज़िट विद्यालय कवलदह, कंपोज़िट विद्यालय करमहवां बुजुर्ग और बीआरसी फरेंदा आरओ प्लांट की स्थापना की गई। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत भवन को भी देखा और पंचायत भवन के निर्माण और व्यवस्था की तारीफ की। यहां पर उनका स्वागत जिला पंचायतराज अधिकारी और ग्राम प्रधान ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, बीडीओ फरेंदा अतुल कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएं उपस्थित रहें।
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर नगर पंचायत क्षेत्र में की जा रही कथित अवैध स्टैंड वसूली के विरोध में सोमवार को ई-रिक्शा चालकों ने गांधी चौक से नारेबाजी करते हुए तहसील समाधान दिवस पर तहसीलदार अलका सिंह को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने चालकों से दो दिन का समय मांगते हुए जांच कराकर अवैध वसूली रोकने का आश्वासन दिया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कामरेड सतीश कुमार ने कहा कि पूरे जनपद में कहीं भी ई-रिक्शा से वसूली नहीं हो रही, केवल सलेमपुर नगर पंचायत में ही यह अवैध रूप से की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इसे तत्काल बंद कराने की मांग की। ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष संतोष कुमार कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन को दिए गए समय के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन में अजय कुमार, अर्जुन कुमार, धर्मेंद्र कुशवाहा, पप्पू, श्रीराम, अवधेश, योगेंद्र गुप्ता, योगेश यादव समेत सैकड़ों चालक शामिल रहे।