Tuesday, July 14, 2026
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अमेरिका ने फेंटेनाइल प्रीकर्सर तस्करी मामले में भारतीय कारोबारी अधिकारियों के वीजा रद्द किए

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा) अमेरिका ने फेंटेनाइल प्रीकर्सर की तस्करी में संलिप्तता के आरोपों के चलते भारत के कुछ व्यावसायिक अधिकारियों और कॉर्पोरेट नेतृत्व के वीजा रद्द कर दिए हैं तथा उन्हें भविष्य में वीजा जारी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अमेरिकी दूतावास ने प्रभावित व्यक्तियों की पहचान उजागर करने से इनकार किया है।

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अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा कि यह कदम अमेरिकियों को खतरनाक सिंथेटिक नशीले पदार्थों से बचाने और अवैध ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है। बयान में स्पष्ट किया गया कि अमेरिका अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी में शामिल व्यक्तियों और संगठनों, उनके परिवारों तक, के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। इसमें अमेरिका में प्रवेश से वंचित करना भी शामिल है।

प्रभारी राजदूत जॉर्गन एंड्रयूज ने कहा, “नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।”

इस घटनाक्रम पर भारतीय अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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पुलिस लाइन में प्रोजेक्ट उम्मीद पुलिस कर्मियों के तनाव प्रबंधन की अनोखी पहल

शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रिजर्व पुलिस लाइन सभागार गुरुवार को खास बन गया जब पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को लेकर प्रोजेक्ट उम्मीद (समग्र मानसिक स्वास्थ्य) के तहत जिले स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न थानों व शाखाओं से आए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला आरक्षियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. हरीश रस्तोगी (एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज, मेरठ)। उन्होंने पुलिसकर्मियों को तनाव, अवसाद, आत्महत्या की प्रवृत्ति, नशा, पारिवारिक विवाद और कार्यस्थल की चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की नौकरी कठिन और दबावपूर्ण होती है, लेकिन नियमित अभ्यास, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत रखा जा सकता है।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस बल दिन-रात जनता की सेवा में जुटा रहता है, इसलिए मानसिक संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम न केवल पुलिसकर्मियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास को भी दोगुना कर देते हैं।

कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण, एएसपी नगर, क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक व आरटीसी प्रभारी समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि यह आयोजन पुलिस संगठन P में नई ऊर्जा का संचार करेगा। प्रोजेक्ट उम्मीद ने शाहजहाँपुर पुलिस बल को तनावमुक्त और स्वस्थ कार्य वातावरण की ओर प्रेरित करते हुए एक नई दिशा दिखाई है।

डीएम, मंत्री से बोले-ककरा पुल 80 सेंटीमीटर उपर उठाया जा सकता है

जल शक्ति मंत्री का शाहजहांपुर दौरा गर्रा नदी परियोजना का किया निरीक्षण

‎शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति विभाग (सिंचाई एवं जल संसाधन बाढ़ नियंत्रण परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे, एवं ग्राम जलापूर्ति विभाग) के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ‎सदर तहसील में गर्रा नदी के दायें तट पर स्थित अजीजगंज मोहल्ला की सुरक्षा हेतु बांध पर निर्मित 06 अदद स्टड नवीनीकरण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया एवं सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
‎निरीक्षण के समय उपस्थित स्थानीय लोगों द्वारा कराये गये परियोजना के कार्यों की सराहना की गयी एवं बताया गया कि परियोजना का कार्य कराये जाने से बाढ़ के समय सुरक्षा प्रदान हुई है। मंत्री को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने अवगत कराया कि ककरा पुल को लगभग 80 सेमी ऊपर उठाया जा सकता, जिसके लिए परियोजना तैयार कर ली गई है। मंत्री ने जल्द बाढ़ सुरक्षा हेतु आवश्यक कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही मंत्री ने बाईपास जिला अस्पताल से निकट स्थित नहर को भी देखा।निरीक्षण उपरान्त जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन पर समीक्षा बैठक की गयी।

कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप, एसडीएम की कार ने मारी मंत्री प्रतिनिधि की गाड़ी को टक्कर

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर गुरुवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एसडीएम सदर न्यायिक प्रियंका चौधरी की कार अचानक बेकाबू होकर सड़क पर दौड़ पड़ी। तेज रफ्तार कार ने पहले केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के कार्यालय प्रभारी अनिल तिवारी की गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और फिर सीधे सड़क पार खड़ी वकीलों की गाड़ियों में जा घुसी। गनीमत रही कि मौके पर कोई राहगीर या अधिवक्ता चपेट में नहीं आया, वरना कलेक्ट्रेट गेट पर बड़ा हादसा होना तय था।
सूत्रों के मुताबिक हादसे के वक्त एसडीएम कार में सवार थीं, लेकिन गाड़ी कोई प्रशिक्षित चालक नहीं बल्कि एक होमगार्ड चला रहा था। टक्कर के बाद हड़कंप मचते ही होमगार्ड घबराकर भाग खड़ा हुआ। यह खुलासा होते ही सवालों का तूफान उठ खड़ा हुआ कि आखिर इतनी जिम्मेदारी वाला वाहन किसी होमगार्ड को क्यों सौंपा गया था।
मामले को और संगीन बनाता है यह तथ्य कि एसडीएम की सवारी वाली यह कार आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगाई गई थी, लेकिन उसके पास टैक्सी परमिट तक नहीं था। नियम साफ कहते हैं कि किसी भी विभाग में आउटसोर्सिंग से लगाए गए वाहन का टैक्सी परमिट होना अनिवार्य है। ऐसे वाहनों पर हर साल टैक्स वसूलना जरूरी होता है, जबकि यह गाड़ी सीधे तौर पर राजस्व की हानि कर रही थी।
जानकार बताते हैं कि शाहजहांपुर में कलेक्ट्रेट समेत तमाम विभागों में यही खेल चल रहा है। आउटसोर्सिंग के नाम पर बिना परमिट वाले वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इसमें एआरटीओ दफ्तर से लेकर कलेक्ट्रेट तक के अफसरों की मिलीभगत की चर्चा है। सवाल ये है कि क्या अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं या फिर इस पूरे खेल में हिस्सेदार हैं।
फिलहाल हादसे ने जिले के प्रशासनिक तंत्र की पोल खोल दी है। जनता और वकील खुलकर सवाल पूछ रहे हैं कि जब एक एसडीएम की गाड़ी ही नियम तोड़कर चल रही है तो आम जनता के वाहनों से कैसा न्याय होगा? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला हमेशा की तरह फाइलों के बोझ तले दबकर रह जाएगा।

40 वर्षों से सड़क व नाली से वंचित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, बोले- “सड़क नहीं तो वोट नहीं”

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम विराजभार के ठोका बंसी स्थित दलित बस्ती के ग्रामीणों ने मंगलवार को सड़क और नाली की समस्या को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 40 वर्षों से वे इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए “सड़क नहीं तो वोट नहीं” का नारा लगाया और आगामी पंचायती चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल रहे।

गांव निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि आजादी से अब तक उनके दरवाजे तक सड़क नहीं बन पाई है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते मरीजों को गोद या कंधे पर उठाकर दो सौ मीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं, अशोक प्रसाद ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। नेता केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं करते।

आक्रोशित ग्रामीणों में अमित कुमार, मुकेश कुमार, सरवन कुमार, अशोक प्रसाद, राज कुमार, रामकृपाल, समुंदर कुमार, राधिका देवी, बिगनी, सुकीला, चंद्रावती और तारा देवी समेत पचास से अधिक लोग शामिल रहे।

मृतक छात्र के परिजनों ने डीएम से सुरक्षा व आर्थिक मदद की लगाई गुहार, डीएम ने दिया आश्वाशन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार की रात्रि में चरगांवा विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले पिपराइच थाने के ग्राम पंचायत जंगल घुसढ के महुआ चापी में नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र दीपक की पशु तस्करों द्वारा निर्मम हत्या कर दिया गया था, जिसको लेकर पीड़ित परिवार सुरक्षा व आर्थिक मदद की गुहार जिलाधिकारी से बुधवार को लगाई। बताते चलें कि मृतक छात्र के दुर्गेश गुप्ता ने अपनी पत्नी सीमा देवी भाई वीरेंद्र गुप्ता व मृतक छात्र के मामा विजय गुप्ता सहित परिवार के चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात कर परिवार की सुरक्षा के बाबत सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस,शासन से आर्थिक मदद,परिवार के एक सदस्य को नौकरी छोटे बेटे की पढ़ाई फ्री व घटना में लिप्त दोषी पशु तस्करों के एनकाउंटर कि मांग लिखित प्रार्थना पत्र सौंप कर किया। परिजन की ओर से जिलाधिकारी से मुलाकात कर आए मृतक छात्र के पिता दुर्गेश गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा के लिए प्रकिया पूर्ण करने पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की बात जिलाधिकारी द्वारा कहा गया, शेष मांग को शासन स्तर से पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया है। वहीं सदर तहसील प्रशासन दुर्गेश गुप्ता के घर लेखपाल द्वारा राशन भेजा जाएगा।

अघोषित बिजली कटौती जर्जर तारों व गल चुके खम्बो से जनता को निजात कब

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अघोषित बिजली कटौती, जर्जर तारों के मकड़जाल एवं झड़ चुके खम्बो के खतरों से जनता को निजात कब मिलेगी यह प्रश्न वर्षो से जनमानस के मानस पटल पर घूम रही है। नगर में बिजली के खंभों पर फैले तारों के मकड़जाल, हादसों को न्यौता दे रहें हैं। नगर के कई स्थानों पर बिजली के तारों के झुरमुट लोगों के लिए हर समय खतरा बना हुआ हैं। इन तारों के जाल मे शार्ट सर्किट होने से अक्सर आग लगती रहती है। नगर की गलियों,चौराहों व मार्गों पर बिजली के जर्जर खम्बो व तारों का मकड़जाल लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वही अघोषित बिजली कटौती से जनता को अँधेरे मे सोने के लिए मजबूर होना पढ़ रहा है। नगर के वार्डो मे बिजली के तारे घरों, दीवारों व छतों के पास से गुजर रही हैं,जिसमें कई जगह कट लगे होते हैं जिससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। बारिश के दिनों में छतो के आस पास से गुजरे बिजली के कटे तारों से घरो मे करंट उतरने का खतरा बना रहता है।खंभों पर फैले तारों के मकड़जाल में गर्मी के दिनों में लोड व हीटिंग बढ़ने के कारण तारों में शार्ट सर्किट से अक्सर आग लग जाती है जिससे तार टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं। और खंभों के नीचे बेचने वाले फल व सब्जी विक्रेताओं के जान का खतरा बना रहता है। इस बिजली समस्याओं को लेकर नगर निवासी श्रीप्रकाश पाल ने कहा कि अघोषित बिजली कटौती से आम जनमानस को दिक्क़तो का सामना करना पड़ता है, इसलिए संबन्धित विभाग को इस समस्या का जल्द से जल्द निदान करना चाहिए। वही अमरजीत यादव ने कहा कि वर्षो से पुराने जर्जर खम्बो पर लटके तारों के मकड़जाल के बार बार फाल्ट होने से हम सभी लोगो को अँधेरे मे रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वही अरविन्द कुशवाहा ने कहा कि बार बार मेंन लाइन मे फाल्ट होना यह दर्शाता है कि तारे जर्जर हो चुकी है और इसका निदान जल्द होना चाहिए उन्हीने कहा कि तारों के मकड़जाल एवं जर्जर खम्बो को बदल कर नए तारों व खम्बो को संबन्धित विभाग को लगाना चाहिए, ताकि आम जनमानस को बिजली से होने खतरों से व समस्याओं से निजात मिले।

डेंगू का कहर, एक ही परिवार के चार लोग पीड़ित

गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में चल रहा इलाज

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सदर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलापुर खुर्द में डेंगू बुखार ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। गांव के एक ही परिवार के चार लोग डेंगू की चपेट में आ गए हैं। पीड़ितों की हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में सभी मरीज गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार सदर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा केवलापुर खुर्द निवासी पन्ना लाल मद्धेशिया, तेतरा देवी,कमलेश व सीमा एक ही परिवार के चार लोगों को डेंगू होने से दहशत फैल गई है। उन चारों लोगों को अचानक बुखार हुआ प्राइवेट डाक्टर के यहां इलाज कराने के बाद सुधार न होने पर 16 सितम्बर को गोरखपुर चले गए। जहां उपचार चल रहा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से गांव में मच्छरों की भरमार हो गई है। जगह-जगह जलजमाव और गंदगी के कारण मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय-समय पर न तो फॉगिंग कराई जाती है और न ही दवा का छिड़काव। यही वजह है कि अब डेंगू जैसे खतरनाक रोग ने गांव में दस्तक दे दी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि तत्काल गांव में फॉगिंग कराई जाए, दवा का छिड़काव हो और डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की जांच और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उधर, डेंगू के चार मरीज सामने आने के बाद आस-पास के लोग भी दहशत में हैं और स्वयं को बचाने के लिए मच्छरदानी व अन्य उपाय अपना रहे हैं। अगर समय रहते स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नहीं हुआ तो गांव ही नहीं, आस-पास के क्षेत्रों में भी बीमारी फैलने का खतरा है। इस सम्बन्ध में जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ श्रीकांत शुक्ला से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में है। मौके पर स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं मुहैया कराया जा रहा है।

सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में दैनिक श्रमिकों की नियुक्ति पर उठे सवाल, मांगी जानकारी

आरटीआई के जरिए विभाग से मांगे चयन प्रक्रिया, समिति और नियुक्त कर्मियों का ब्योरा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग, में वर्ष 2025-26 के दौरान दैनिक श्रमिक के रूप में हुई नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ग्रामीण ने सूचना का अधिकार के तहत विभाग से विस्तृत जानकारी मांगी है। प्राप्त समाचार के अनुसार ग्राम रम्हौली निवासी सुभाष चंद्र यादव ने वन प्रभाग के जनसूचना अधिकारी को आवेदन देकर कहा है कि सार्वजनिक हित में निम्न बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिसमें वर्ष 2025-26 में दैनिक श्रमिक के रूप में नियुक्त सभी कर्मचारियों के नाम, पदनाम और कार्यरत रेंज की जानकारी। संबंधित नियुक्ति आदेशों की प्रमाणित छाया प्रति।नियुक्त कर्मचारियों को कार्यभार ग्रहण कराने से पहले जारी कैश बुक एंट्री व भुगतान रजिस्टर का ब्यौरा। चयन समिति में शामिल अधिकारियों व सदस्यों के नाम और पदनाम।नियुक्त कर्मियों पर यदि पहले से कोई वन अपराध या पुलिस आपराधिक मामला दर्ज रहा हो तो उसका ब्योरा। यदि ऐसे मामलों में भी नियुक्ति दी गई हो तो संबंधित शासनादेश,आदेश की प्रति। उपलब्ध कराई जाय।आरटीआई के जरिए उठाए गए इन सवालों से विभागीय नियुक्तियों की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जवाब सार्वजनिक होता है तो इससे यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष रही। यदि ऐसा नहीं होता है तो इसमें अनियमितताएं की संभावनाएं हैं।

जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा, दिए कड़े निर्देश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जनपद में यूरिया, डीएपी व अन्य उर्वरकों की वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोदाम से सोसाइटी तक खाद आपूर्ति मजिस्ट्रेटों की निगरानी में होगी और ओवररेटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जनपद में यूरिया 14,900 एमटी, डीएपी 8,048 एमटी और एनपीके 13,292 एमटी का स्टॉक उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने सहकारी समितियों को समय पर सोसाइटी खोलने, आरटीजीएस करने, मांग पत्र भेजने और किसानों को आधार व खतौनी के आधार पर खाद वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व समितियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। बैठक में एडीएम नगर यमुनाधर चौहान, एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग, उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जेएम हॉस्पिटल रेहरा बाजार में एडिशनल सीएमओ का औचक निरीक्षण,अल्ट्रासाउंड मशीन सील, नियम उल्लंघन पर अस्पताल को नोटिस

रेहरा बाजार/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जेएम हॉस्पिटल, रेहरा बाजार में बुधवार को एडिशनल सीएमओ एस.के. श्रीवास्तव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण में पाया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन नियमों के विपरीत संचालित की जा रही थी। तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को सील कर दिया गया। इसके अलावा अस्पताल में साफ-सफाई की कमी, मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव तथा निर्धारित चिकित्सीय सेवाओं का पालन न होने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। एडिशनल सीएमओ श्रीवास्तव ने बताया कि मानक पूरा न होने और चिकित्सा व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, नोटिस की अवधि तक अस्पताल बंद रखने का आदेश दिया गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान आदेश के बावजूद अस्पताल खुला पाया गया। निरीक्षण और कार्रवाई की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। स्थानीय निवासी राधेश्याम ने कहा – “सरकार को ऐसे अस्पतालों पर सख्ती करनी चाहिए, जहां मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।”
वहीं, व्यापारी विजय ने कहा – “अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि सिर्फ मुनाफे पर ध्यान देना।”
इस कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों में भी हड़कंप मच गया है।

श्रीरामपुर पुलिस ने अवैध असलहा संग एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना श्रीरामपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। उसके पास से अवैध असलहा, कारतूस और एक बाइक बरामद हुई है।

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पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व और क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी आदित्य कुमार गौतम के पर्यवेक्षण में गुरुवार को थाना श्रीरामपुर पुलिस ने बनकटा-जगदीश मुख्य मार्ग पर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान बिहार से आने वाले संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई। इसी क्रम में फरसुवा थाना मैरवा जनपद सिवान (बिहार) निवासी विजय यादव पुत्र नगीना यादव को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिन्दा कारतूस और एक पल्सर बाइक (संख्या UP52CH0733) बरामद की गई है। उसके विरुद्ध थाना श्रीरामपुर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।अभियुक्त का आपराधिक इतिहास गिरफ्तार विजय यादव के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। इसमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और गिरोहबंद एवं समाज विरोधी गतिविधि निवारण अधिनियम से जुड़े मुकदमे शामिल हैं।

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पुलिस टीम इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रंजीत सिंह, हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार, धीरेन्द्र राय, कांस्टेबल पुनीत यादव और शुभम मिश्रा शामिल रहे। EDIT INTO SEO FRIENDYL

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने एक्स बायो से हटाया “मंत्री” शब्द, कहा– अब व्यक्तित्व के आधार पर बढ़ाएँगे ऑनलाइन उपस्थिति

फरीदाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)हरियाणा सरकार में ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्रालय का दायित्व संभाल रहे वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बायो से “मंत्री” शब्द हटा दिया है। अब उनके बायो में लिखा है– अनिल विज अंबाला कैंट, हरियाणा, भारत।

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72 वर्षीय विज ने अपने इस फैसले को लेकर कहा कि वह अपनी पहचान सिर्फ पदनाम तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में अपनी सामाजिक उपस्थिति और संवाद को मज़बूत करना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि इसका उनके गृह निर्वाचन क्षेत्र अंबाला कैंट में भाजपा की “समानांतर इकाई” से जुड़े हालिया बयानों से कोई लेना-देना नहीं है।

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सोशल मीडिया पर 8 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले विज भाजपा के तेज-तर्रार नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि लोग उन्हें केवल एक पदाधिकारी नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और कार्यों के आधार पर जानें और जुड़ें।
विज के इस कदम को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है, लेकिन उनके समर्थक इसे “सकारात्मक और पारदर्शी” पहल बता रहे हैं।

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थाईलैंड–कंबोडिया सीमा पर तनाव: पत्थरबाजी, आंसू गैस और रबर की गोलियों से 20 से अधिक घायल

बैंकाक (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों से खींची जा रही सीमारेखा का विवाद एक बार फिर हिंसक झड़प में बदल गया। बुधवार को दोनों देशों की सीमा पर हालात अचानक बिगड़ गए। देखते ही देखते पत्थरबाजी, आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल शुरू हो गया, जिसमें 20 से अधिक लोग घायल हो गए।

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कंबोडिया के सूचना मंत्री नेथ फेकत्रा ने दावा किया कि इस झड़प में कुल 23 कंबोडियाई नागरिक घायल हुए, जिनमें एक सैनिक और एक बौद्ध भिक्षु भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाई अधिकारियों ने निहत्थे आम लोगों पर आंसू गैस, रबर बुलेट और धमाका करने वाले उपकरण तक चला दिए।

वहीं थाई सेना ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनके जवान साकेओ प्रांत की सीमा पर कंटीले तार (बार्ब्ड वायर) लगाने का काम कर रहे थे। तभी करीब 200 कंबोडियाई नागरिक वहां पहुंच गए और विरोध करने लगे। थाई सेना का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल करना पड़ा।

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थाई सेना ने यह भी कहा कि कंबोडियाई नागरिक उनकी जमीन पर घुस आए थे और कंबोडियाई प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की। यह, उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच बनी सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन है।

इस ताजा टकराव ने एक बार फिर दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच संवेदनशील सीमा विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। अब दोनों सरकारें एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रही हैं और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हिंदी भारत का गौरव, एकता और सांस्कृतिक विरासत का है प्रतीक – गिरिधर करुण

कवि और साहित्यकार गिरिधर करुण के पुस्तक ‘ कोरे कागज के आखर’ का हुआ विमोचन

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। हिंदी दिवस पखवारा के अन्तर्गत नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस दौरान प्रसिद्ध साहित्यकार व कवि गिरिधर करुण को सम्मानित करने के साथ ही उनके नए पुस्तक कोरे कागज के आखर का विमोचन भी किया गया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए गिरिधर करुण ने कहा कि हिंदी भारत के गौरव एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

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14 सितम्बर 1949 को देवनागरी लिपि में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। आज जरूरत है कि इसका और प्रचार प्रसार किया जाए। सेंट जेवियर्स स्कूल के प्रधानाचार्य वीके शुक्ल ने कहा कि भारत के संविधान 343 के तहत हिंदी भारत संघ की राजभाषा बनी। देश का पहला राज्य बिहार था जिसने उर्दू के स्थान पर हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा बनाया। पूरे विश्व में हिंदी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली तीसरी भाषा है। पूर्व प्रधानाचार्य नरसिंह तिवारी ने कहा कि हिंदी विश्व की प्राचीन और समृद्धि भाषाओं में से एक है यह देवनागरी लिपि में लिखी जाती है जिसे सरल व वैज्ञानिक माना जाता है।

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पूर्व प्रधानाचार्य भागीरथी प्रसाद ने कहा कि 1953 में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने संसद भवन में 14 सितम्बर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। गोष्ठी को कवि संजय मिश्र,अश्विनी पांडेय, राजेश्वर द्विवेदी, डॉ धर्मेन्द्र पांडेय, रामविलास तिवारी,अवनीश चन्द्र भाष्कर ,दीनदयाल यादव,केपी गुप्त, आंनद उपाध्याय,एस एन मिश्र,गोपाल यादव, मनीष रजक,राकेश यादव, सीपी शुक्ल, फैज इमाम आदि ने सम्बोधित किया।