Thursday, May 14, 2026
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यूजीसी विरोध प्रदर्शन: सड़क पर उतरा युवा आक्रोश, निकाली विरोध रैली

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। यूजीसी के विरोध में युवाओं का आक्रोश अब सोशल मीडिया से निकलकर सड़क पर दिखाई देने लगा है। जिले के हर्रैया तहसील क्षेत्र में मंगलवार को यह विरोध उग्र रूप में सामने आया, जहां बड़ी संख्या में युवाओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया।
मुरादीपुर से मेन मार्केट होते हुए तहसील हर्रैया तक हजारों युवाओं ने विरोध रैली निकाली। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे तहसील परिसर गूंज उठा।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दीपांशु सिंह ने किया। उनके नेतृत्व में सवर्ण समाज के युवाओं ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा और इसे समाज की बड़ी ताकत बताया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम हर्रैया सत्येंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने युवाओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए ज्ञापन को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

मनरेगा बचाओ चौपाल में कांग्रेसियों ने भाजपा को बताया मजदूर विरोधी

क्षेत्र के रुस्तम बहियारी में हुआ मनरेगा बचाओ जन चौपाल का आयोजन

भाटपाररानी, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। पूरे देश में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ जन चौपाल कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के रुस्तम बहियारी में जन चौपाल का आयोजन किया।कार्यक्रम में मनरेगा मजदूरों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। चौपाल को सम्बोधित करते हुए भाटपाररानी से कांग्रेस के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचन्द यादव ने कहा कि भाजपा सरकार को गरीबों, मजदूरों के विकास व उत्थान की कोई चिंता नहीं है, यह मजदूर विरोधी लोग हैं।मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को समाप्त कर यह सरकार गरीबों को उनके हाल पर छोड़ने का मन बना लिया है।कांग्रेस पार्टी इस योजना को बचाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने कहा कि यूपीए सरकार ने डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया था कि रोजगार के लिए किसी भी मजदूर को परिवार छोड़ कर परदेश न जाना पड़े, लेकिन यह सरकार इसे बंद कर मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है। जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि हर कांग्रेस कार्यकर्ता इस योजना को पुनः स्थापित करने के लिए लड़ाई लड़ रहा है इसके लिए गांव गांव जाकर चौपाल के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मनरेगा के जिला कोआर्डिनेटर सत्यप्रकाश मिश्र अंशु ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही मजदूरों का हित चाहती है। चौपाल को ब्लॉक अध्यक्ष सत्यपाल सिंह कुशवाहा, वरुण राय,विनोद दूबे, धुर्व प्रसाद आर्य,सलीम अली,सत्यम पांडेय,गौरीशंकर यादव,एडवोकेट शालिनी,छोटेलाल यादव,रामअवध यादव, रवींद्र मल्ल आदि ने सम्बोधित किया।

विनय मिश्रा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय नारायण प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा की एक आवश्यक बैठक नगर के जयनगर स्थित मंदिर के निकट संपन्न हुई। बैठक में 2026 के कार्यकारी का विस्तार हुआ साथ ही संगठन को मजबूत बनाने के लिए चर्चा किया गया ।
इस दौरान देश एवं प्रदेश में सवर्ण उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया।
आयोजित बैठक में सर्व सम्मति से पंडित विनय मिश्रा को संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष , जय नारायण तिवारी प्रिंस को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक सत्य प्रकाश पांडेय ने कहा कि देश प्रदेश में ब्राह्मण उत्पीड़न की घटनाएं बढी हैं ।
आज सवर्ण समाज को सरकार यूजीसी कानून लाकर पीठ में छुरा घोपने का कार्य किया है।
पांडेय ने आगे कहा कि केंद्र की सरकार ने यूजीसी कानून लाकर सवर्ण समाज को धोखा देने का काम किया है।
इस कानून का कड़ाई से विरोध होना चाहिए जब तक यह कानून वापस नहीं होगा पूरे देश एवं प्रदेश में देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा ।भारतीय जनता पार्टी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार सवर्ण व ब्राह्मण विरोधी सरकार है।
इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सवर्ण समाज को एकजुट होना समय की मांग है ।
इस दौरान बृजेश कुमार शर्मा, पंडित सुरेश तिवारी ,जयनारायण तिवारी ,विनय कुमार मिश्रा,देवेंद्र पांडेय, शुभम तिवारी सूरज तिवारी, भगवान उपाध्याय, पवन पाण्डेय,विनय पाठक,अनमोल मिश्रा अभय पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

Andhra Pradesh News: पत्नी ने बॉयफ्रेंड संग रची पति की हत्या की साजिश, बेलन से पीटकर मार डाला

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी ने अपने बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी महिला लक्ष्मीमाधुरी ने अपने बॉयफ्रेंड गोपी और उसके दोस्त सुरेश के साथ मिलकर प्याज व्यापारी लोकम शिवनागराजू की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।

इस पूरे मामले की जानकारी गुंटूर के पुलिस अधीक्षक (SP) वकुल जिंदल ने सोमवार को जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को दी।

2007 में हुई थी शादी, दो बेटों की मां है आरोपी

एसपी वकुल जिंदल के मुताबिक, चिलुवुरु गांव निवासी प्याज व्यापारी लोकम शिवनागराजू की शादी साल 2007 में लक्ष्मीमाधुरी से हुई थी। दंपति के दो बेटे भी हैं। शादी के शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में रिश्तों में दरार आ गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि लक्ष्मीमाधुरी पहले विजयवाड़ा में एक थिएटर के टिकट काउंटर पर काम करती थी। वहीं उसकी पहचान सत्तेनपल्ली निवासी गोपी से हुई, जो धीरे-धीरे अवैध संबंध में बदल गई। इस दौरान उसने अपने पति को नीची नजर से देखना शुरू कर दिया और उसका व्यवसाय भी बंद करवा दिया।

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पति से छुटकारा पाने की बनी साजिश

लक्ष्मीमाधुरी ने अपने पति शिवनागराजू को हैदराबाद में बॉयफ्रेंड गोपी के पास नौकरी करने के लिए भेज दिया था। हालांकि कुछ समय बाद शिवनागराजू वापस अपने गांव लौट आया और घर से ही काम करने लगा। इससे लक्ष्मीमाधुरी और गोपी के मिलने में बाधा आने लगी।

पति के व्यवहार और पत्नी के बदलते रवैये को लेकर दोनों के बीच झगड़े होने लगे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान लक्ष्मीमाधुरी ने अपने पति से हमेशा के लिए छुटकारा पाने की योजना बना ली।

नींद की गोलियां और बेलन से हत्या

हत्या की साजिश के तहत गोपी ने अपने दोस्त कम्भमपाटी सुरेश (RMP) से नींद की गोलियां हासिल कीं और लक्ष्मीमाधुरी को दीं। तय योजना के अनुसार, 18 तारीख को लक्ष्मीमाधुरी ने नींद की गोलियों को पीसकर बिरयानी में मिलाया और अपने पति को खिला दिया।

जब शिवनागराजू गहरी नींद में चला गया, तब लक्ष्मीमाधुरी, गोपी और सुरेश ने मिलकर उसके हाथ-पैर पकड़े और छाती पर बेलन से जोरदार वार किया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हार्ट अटैक दिखाने की कोशिश, पोस्टमार्टम से खुला राज

हत्या के बाद आरोपियों ने यह दिखाने की कोशिश की कि शिवनागराजू की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। हालांकि पुलिस को मृतक के कान से खून निकलता दिखाई दिया, जिससे संदेह गहराया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छाती की हड्डियां टूटी पाई गईं, जिससे हत्या की पुष्टि हो गई। सख्त पूछताछ के दौरान लक्ष्मीमाधुरी ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

एसपी वकुल जिंदल ने बताया कि लक्ष्मीमाधुरी की निशानदेही पर उसके बॉयफ्रेंड गोपी और दोस्त सुरेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान भी बरामद कर लिए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

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India-EU FTA: भारत-यूरोपीय यूनियन डील से अमेरिका को झटका, ट्रंप की धमकियों पर लगा ब्रेक

India-EU FTA: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को वैश्विक व्यापार और भू-राजनीति के लिहाज से बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक समझौते से न सिर्फ भारत और यूरोप के आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि इसे अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह डील ट्रंप की उन धमकियों पर भी पानी फेरती है, जिनके जरिए वह ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। हाल के दिनों में ट्रंप ने फ्रांस को धमकी दी थी कि अगर यूरोप उनके रुख के खिलाफ गया तो फ्रेंच वाइन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा। हालांकि, भारत-ईयू एफटीए के तहत भारत अब यूरोपीय शराब और वाइन पर टैरिफ कम करने जा रहा है।

यूरोपीय कारें और शराब होंगी सस्ती

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एफटीए लागू होने के बाद भारत में यूरोपीय कारों पर लगने वाला टैक्स भारी कटौती के साथ घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा। अभी बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवेगन और मर्सिडीज जैसी लग्जरी कारों पर 110 प्रतिशत तक टैक्स लगता है। इस फैसले से भारतीय ऑटो मार्केट में यूरोपीय कारें कहीं ज्यादा किफायती हो सकती हैं।

वहीं, यूरोप से आयात होने वाली शराब और वाइन पर टैक्स 150 प्रतिशत से घटाकर 20 से 30 प्रतिशत के बीच लाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऑलिव ऑयल पर लगने वाला 40 प्रतिशत आयात शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। यानी यूरोपीय देशों को भारत में ऑलिव ऑयल एक्सपोर्ट करने पर अब कोई टैरिफ नहीं देना होगा।

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ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका-यूरोप आमने-सामने

इस समय अमेरिका और यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को लेकर आमने-सामने हैं। यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड पर ट्रंप के कब्जे के कथित प्लान का खुलकर विरोध किया है और डेनमार्क के समर्थन में खड़े नजर आए हैं। इससे नाराज होकर ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है और भविष्य में इसे और बढ़ाने की धमकी भी दी है।

इसी तनाव के बीच भारत-ईयू एफटीए को अमेरिका के लिए रणनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे यूरोप को भारत जैसा बड़ा और स्थिर व्यापारिक साझेदार मिल गया है।

मैक्रों और ट्रंप के बीच बढ़ा टकराव

ग्रीनलैंड विवाद के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने ट्रंप को एक और झटका देते हुए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा दिया था। इस कदम से ट्रंप काफी नाराज हो गए और उन्होंने फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी।

ट्रंप ने फ्रांस की अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि मैक्रों जल्द ही पद से हटने वाले हैं। गौरतलब है कि बोर्ड ऑफ पीस एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसका उद्देश्य गाजा युद्ध के बाद शांति, पुनर्निर्माण और स्थिरता लाना है। इसकी स्थायी सदस्यता के लिए 1 बिलियन डॉलर का योगदान तय किया गया है, जबकि अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होगा।

वैश्विक व्यापार में भारत-ईयू की नई भूमिका

कुल मिलाकर, India-EU Free Trade Agreement बदलते वैश्विक व्यापार समीकरणों में भारत और यूरोप को एक-दूसरे के और करीब लाता है। यह डील न सिर्फ दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देगी, बल्कि अमेरिका के दबाव और टैरिफ राजनीति के बीच एक वैकल्पिक और मजबूत व्यापारिक धुरी के रूप में उभरती नजर आ रही है।

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देवरिया: बरहज में जहरीला पदार्थ खाने से महिला की हालत गंभीर

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खा लेने का मामला सामने आया है, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात थाना क्षेत्र के कपरवार गांव निवासी शिखा सिंह (32 वर्ष), पत्नी अजय सिंह ने किसी अज्ञात कारणवश जहरीला पदार्थ खा लिया। जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

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महिला की हालत बिगड़ता देख परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज लेकर पहुंचे, जहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल जहरीला पदार्थ खाने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। स्थानीय पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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UGC Rules पर रामगोपाल यादव का बड़ा बयान, बोले– ‘UGC इज ऑल राइट’

UGC Rules: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर बड़ा और साफ बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग UGC के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक और ईडब्ल्यूएस वर्गों के विरोधी हैं। रामगोपाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जारी किए गए नियम पूरी तरह सही हैं और वे इनका समर्थन करते हैं।

रामगोपाल यादव ने कहा, “UGC इज ऑल राइट। जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, वे दलितों, पिछड़ों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ खड़े हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि नए नियम सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में हैं।

संसद में उठेंगे विदेश नीति और अत्याचार के मुद्दे

रामगोपाल यादव ने यह भी ऐलान किया कि संसद सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी विदेश नीति का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि देश चारों तरफ से घिर चुका है और मौजूदा विदेश नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनके मुताबिक सरकार अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर देश के हितों की रक्षा करने में असफल रही है।

इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी संसद में उठाने की बात कही। रामगोपाल यादव ने कहा कि राज्य में कमजोर वर्गों के खिलाफ घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। उन्होंने ‘SIR’ से जुड़े मामले को भी सदन में उठाने का संकेत दिया।

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यूपी सरकार और केंद्र पर साधा निशाना

रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की बैठक के लिए कोई ठोस एजेंडा तय नहीं किया गया, जिससे सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब सत्ता भ्रष्ट कर देती है, तो दिमाग काम करना बंद कर देता है और यही हाल यूपी सरकार का हो गया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग सार्वजनिक रूप से धर्म की बात करते हैं, वही लोग धर्मगुरुओं का अपमान कर रहे हैं। रामगोपाल यादव ने इसे पाखंड करार देते हुए कहा कि सरकार का रवैया दोहरा है।

UGC नियमों को लेकर देशभर में विरोध

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में UGC के नए नियमों को लेकर विरोध तेज है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई नेताओं ने भी इन नियमों के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, प्रांतीय सेवा के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भी UGC नियमों और इससे जुड़े मुद्दों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग ले चुका है।

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India-EU Free Trade Deal: बीयर-शराब सस्ती, टैरिफ खत्म

India-EU Free Trade Deal: करीब 18 वर्षों तक चली लंबी बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर 27 जनवरी को मुहर लग गई। इसे भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते के लागू होने के बाद यूरोप भेजे जाने वाले लगभग 97 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिससे भारत को हर साल करीब 75 बिलियन डॉलर की सीमा शुल्क बचत होने का अनुमान है।

इस एफटीए का सीधा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल्स, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पाद जैसे सेक्टरों में भारत की प्रतिस्पर्धा यूरोपीय बाजार में और मजबूत होगी। वहीं, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी यह डील राहत लेकर आई है, क्योंकि यूरोपीय उत्पाद अब पहले से कहीं ज्यादा सस्ते मिल सकते हैं।

बीयर, वाइन और कारें होंगी सस्ती

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-ईयू एफटीए के बाद बीयर की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। वहीं, वाइन के दाम 20 से 30 प्रतिशत तक कम होने की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा असर ऑटो सेक्टर में देखने को मिल सकता है। फिलहाल यूरोप से आयात होने वाली कारों पर 110 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगता है, जो एफटीए के बाद घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। इससे लग्जरी और इलेक्ट्रिक कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ती हो सकती हैं।

इसके अलावा, पास्ता, चॉकलेट और अन्य यूरोपीय फूड प्रोडक्ट्स पर अभी 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जाता है। एफटीए के बाद यह शुल्क पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे ये उत्पाद आम उपभोक्ताओं की पहुंच में आ सकते हैं।

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अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत-ईयू डील का महत्व

भारत-ईयू एफटीए ऐसे समय पर हुआ है, जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर हाई टैरिफ लगाए जाने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है। अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाए जाने से भारत को वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी पड़ी।

इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय यूनियन के साथ यह डील दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। इससे पहले यूरोपीय यूनियन ने लैटिन अमेरिकी देशों के साथ भी व्यापार समझौता किया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईयू पारंपरिक साझेदारों से आगे बढ़कर नए और स्थिर बाजारों की ओर कदम बढ़ा रहा है।

2032 तक 96 प्रतिशत टैरिफ खत्म करने का लक्ष्य

एफटीए के तहत यूरोपीय यूनियन ने 2032 तक भारत के साथ व्यापार होने वाले करीब 96 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इससे यूरोपीय यूनियन को हर साल लगभग 4 बिलियन डॉलर की बचत होने का अनुमान है, जबकि भारत को निर्यात बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, India-EU Free Trade Deal बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत के लिए एक मजबूत और स्थायी आर्थिक साझेदारी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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पुलिस की बड़ी कार्रवाई, होटल से 1 दर्जन महिला-पुरुष हिरासत में

देवरिया के बैतालपुर में होटल पर पुलिस की बड़ी छापेमारी, एक दर्जन संदिग्ध महिला-पुरुष हिरासत में

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) होटल छापेमारी की बड़ी कार्रवाई देवरिया जिले के गोराबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बैतालपुर में पुलिस ने एक होटल पर अचानक छापेमारी कर एक दर्जन संदिग्ध महिला व पुरुष को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार, बीते कुछ दिनों से बैतालपुर होटल गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। होटल में बाहरी लोगों की आवाजाही, संदिग्ध गतिविधियां और नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा।

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होटल छापेमारी में क्या-क्या मिला
छापेमारी के दौरान होटल के विभिन्न कमरों की तलाशी ली गई। पुलिस ने एक दर्जन संदिग्ध महिला व पुरुष को मौके से पकड़ा, जिनसे पूछताछ की जा रही है। कई लोग पहचान पत्र नहीं दिखा सके, वहीं होटल रजिस्टर में भी अनियमितताएं पाई गईं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में ठहरने के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। पुलिस ने होटल प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, होटल संचालक पर गिरेगी गाज गौरीबाजार पुलिस का कहना है कि देवरिया होटल छापेमारी के मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि होटल संचालक की लापरवाही या अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं होटल का उपयोग अवैध कार्यों के लिए तो नहीं किया जा रहा था।

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स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
बैतालपुर क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस होटल को लेकर लंबे समय से संदेह बना हुआ था। देवरिया पुलिस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।
देवरिया पुलिस का स्पष्ट संदेश
इस छापेमारी के माध्यम से पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में देवरिया होटल जांच अभियान और तेज किया जा सकता है।

बहराइच: कतर्नियाघाट में स्कूली वैन पलटी, 12 बच्चे घायल

बहराइच/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। थाना सुजौली क्षेत्र के कतर्नियाघाट जंगल में आज सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहाँ बच्चों को स्कूल ले जा रही एक निजी स्कूल की वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में वैन चालक समेत करीब एक दर्जन स्कूली बच्चे घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जंगल के बीच बिछिया बैरियर के पास हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, चफ़रिया स्थित बप्पा जी निजी स्कूल की वैन सुबह नेपाल सीमा से सटे बर्दिया, आम्बा, विशुनापुर और फकीरपुरी गांवों से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। जैसे ही वैन बिछिया वन बैरियर के पास पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बच्चों को वैन से बाहर निकाला।

घायल बच्चों की सूची और स्थिति

हादसे में घायल होने वाले बच्चों में अनुज, सूर्या, आदर्श, सीता, रियार्थ, आर्यन, रीना, साबरीन, कृष और अख्तर रज़ा शामिल हैं।
गंभीर स्थिति: कक्षा 8 के छात्र सूर्या को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
चालक: वैन चालक आमिर खान भी इस दुर्घटना में घायल हुआ है।

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पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुँचाया

घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा अपनी टीम (चौकी इंचार्ज मंजेश, दीवान आत्माराम और कांस्टेबल पन्नेलाल) के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल सभी घायल बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा वाहन की तकनीकी खराबी के कारण हुआ या तेज रफ्तार की वजह से।

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Delhi Weather Update: कड़ाके की ठंड और बारिश का डबल अटैक, मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’ जारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)

Delhi Weather Update: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में आज, 27 जनवरी 2026, को मौसम ने फिर से करवट ली है। एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मंगलवार की सुबह कड़ाके की ठंड, कोहरे और मध्यम बारिश के साथ हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने खराब मौसम और तेज बर्फीली हवाओं की आशंका को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

बारिश, ओलावृष्टि और बर्फीली हवाओं का अलर्ट

​मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

  • तेज हवाएं: 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं ठंड के एहसास को और बढ़ाएंगी।
  • प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली के नरेला, बवाना, रोहिणी और मुंडका के साथ-साथ हरियाणा के सफीदों, बरवाला और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
  • तापमान में गिरावट: बारिश और घने बादलों के कारण दिन का अधिकतम तापमान 18°C से 20°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 8°C से 9°C के आसपास बना रह सकता है।

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प्रदूषण और वायु गुणवत्ता (AQI) का हाल

​बारिश और तेज हवाओं के बावजूद दिल्ली की हवा फिलहाल ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। मंगलवार सुबह औसत AQI 281 दर्ज किया गया। प्रमुख इलाकों का हाल इस प्रकार है:

इलाकाAQIश्रेणी
जहांगीरपुरी367बहुत खराब
अलीपुर/आनंद विहार 362बहुत खराब
वजीरपुर363बहुत खराब
आईटीओ/द्वारका312बहुत खराब
लोधी रोड 184मध्यम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश की तीव्रता बढ़ती है, तो आने वाले 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सकता है और AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आ सकता है।

जनजीवन पर प्रभाव: ट्रैफिक और विजिबिलिटी

​मंगलवार सुबह कम दृश्यता (Visibility) और सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ।

  • नोएडा और गुरुग्राम: नोएडा के प्रमुख चौराहों पर भारी बारिश के चलते सुबह के समय ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी गई।
  • IMD की सलाह: मौसम विभाग ने लोगों को बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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UGC New Rules 2026: दिल्ली में भारी विरोध प्रदर्शन, छात्रों ने दी ‘कैंपस में अराजकता’ की चेतावनी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में अधिसूचित ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को दिल्ली में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों ने इन नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए UGC मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और घेराव की घोषणा की है।

क्या हैं UGC के नए नियम और क्यों हो रहा विरोध?

​UGC द्वारा 13 जनवरी को जारी किए गए नए नियमों का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकना है। इसके तहत संस्थानों को Equal Opportunity Centres (EOC), विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी दल (Equity Squads) गठित करने का निर्देश दिया गया है। ये तंत्र मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की शिकायतों का निवारण करेंगे।

​हालांकि, सामान्य वर्ग के छात्रों ने इन नियमों को “भेदभावपूर्ण” और “एकतरफा” करार दिया है। छात्रों का तर्क है कि यह ढांचा परिसरों में सामाजिक विभाजन को और गहरा कर सकता है।

छात्रों की मुख्य चिंताएं: ‘सबूत का बोझ’ और ‘निगरानी का डर’

​विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्रों का कहना है कि ये नियम बेहद कठोर हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के पीएचडी छात्र आलोकित त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

“नए नियम बेहद कठोर और दमनकारी हैं। इनमें पीड़ित की परिभाषा पहले से ही तय कर दी गई है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब सबूत पेश करने का पूरा बोझ आरोपी पर डाल दिया गया है, जबकि गलत तरीके से फंसाए गए छात्रों के लिए कोई सुरक्षा उपाय नहीं दिए गए हैं।”

​त्रिपाठी ने आगे चेतावनी दी कि प्रस्तावित ‘इक्विटी स्क्वाड’ (Equity Squads) के कारण छात्रों को कैंपस के अंदर लगातार निगरानी में रहने जैसा महसूस होगा, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा और अराजकता फैलेगी।

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‘अभी नहीं तो कभी नहीं’: छात्रों की एकजुटता की अपील

​सोशल मीडिया और पोस्टरों के जरिए छात्रों ने इस आंदोलन को “अभी या कभी नहीं” का नाम दिया है। विरोध कर रहे समूहों ने सभी छात्रों, विशेषकर सामान्य वर्ग के युवाओं से एकजुट होने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जब तक बड़ी संख्या में छात्र अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा।

सरकार और आलोचकों का पक्ष
  • सरकार का तर्क: केंद्र सरकार और UGC का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता लाना है ताकि किसी भी छात्र के साथ उसकी पहचान के आधार पर भेदभाव न हो।
  • आलोचकों की राय: आलोचकों का मानना है कि नियमों में स्पष्टता की कमी और ‘रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन’ की संभावना कैंपस के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकती है।

​दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों से भारी संख्या में छात्रों के इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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गोपालगंज में दरिंदगी: 2 साल की मासूम से रेप

गोपालगंज/बिहार (राष्ट्र की परम्परा) बिहार के गोपालगंज जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर खेल रही मात्र दो साल की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।

खेल रही बच्ची को किया अगवा

मिली जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची अपने घर के दरवाजे पर खेल रही थी। तभी आरोपी ने उसे अकेला पाकर अगवा कर लिया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बच्ची की चीख सुनकर जब परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए।

अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही मासूम

पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपी के लिए फांसी की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को आक्रोशित ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

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आरोपी की पहचान: मोहम्मद सारीक (निवासी: बिजनौर, उत्तर प्रदेश)।

पेशा: आरोपी गोपालगंज के एक बाइक शोरूम में पेंटर का काम करता था।

हालाँकि, आरोपी खुद पर लगे आरोपों को गलत बता रहा है, लेकिन पुलिस के पास पुख्ता सबूत और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान मौजूद हैं।

एसपी विनय तिवारी का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनय तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने कहा:
“पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।”

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राहुल गांधी पर बयान के बाद शकील अहमद को धमकी का दावा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस के पूर्व सांसद शकील अहमद ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सनसनीखेज दावा किया है। यह बयान उन्होंने राहुल गांधी को “असुरक्षित नेता” कहने के कुछ दिनों बाद दिया है। शकील अहमद का कहना है कि पार्टी नेतृत्व से जुड़े कुछ लोगों ने उनके खिलाफ हिंसक प्रदर्शन और हमले की साजिश रची है।

बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके शकील अहमद ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों से गुप्त जानकारी मिली है। उनके मुताबिक, मंगलवार को पटना और मधुबनी में उनके घर के बाहर पुतला दहन के बहाने हमला किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर साझा किया सबूत

शकील अहमद ने सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है, जिसमें लोगों से उनका पुतला जलाने की अपील की गई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ बताया।

राहुल गांधी पर लगाए थे गंभीर आरोप

गौरतलब है कि हाल ही में शकील अहमद ने राहुल गांधी को असुरक्षित नेता बताते हुए कहा था कि वे वरिष्ठ नेताओं के सामने असहज महसूस करते हैं और केवल अपनी तारीफ करने वालों को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इसी रवैये के कारण राहुल गांधी अमेठी जैसी पारंपरिक सीट हार गए।

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भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना

शकील अहमद के दावों पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मामला कांग्रेस की अंदरूनी तानाशाही और असहिष्णुता को उजागर करता है।

कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया

वहीं कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने शकील अहमद को “जयचंद” करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी देश को जोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कुछ लोग नए राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए उन पर हमला कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी से इनकार किया है।

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देवरिया: मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत किसानों को मिलेगा बागवानी को बढ़ावा, ऑनलाइन आवेदन शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत देवरिया जनपद को सब्जी उत्पादन, मशरूम इकाई, फेंसिंग, वर्मी बेड और मचान निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्य प्रदान किए गए हैं, जिनका क्रियान्वयन मार्च 2026 तक किया जाएगा।

जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत सकर शाकभाजी उत्पादन, लो-कॉस्ट मशरूम इकाई (एकीकृत बागवानी विकास मिशन), एचडीपीई वर्मी बेड, खेतों में फेंसिंग तथा सब्जियों पर मचान निर्माण के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक कृषक http://dbt.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा, जबकि एकीकृत बागवानी विकास मिशन में पहले से पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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इसके साथ ही चयनित किसानों को ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने का अवसर प्रदान करेगी।

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