देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद देवरिया में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए थाना एकौना पुलिस ने दुष्कर्म की गंभीर घटना में संलिप्त नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए अभियुक्त को उसके घर से गिरफ्तार किया।
थाना एकौना पर मु0अ0सं0 12/2026 के तहत धारा 65(1) बीएनएस एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज है। वादिनी द्वारा 29 जनवरी 2026 को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि 28 जनवरी 2026 को दोपहर में उसकी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया गया।
तहरीर मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह पुत्र त्रिवेणी सिंह, निवासी थाना क्षेत्र एकौना, जनपद देवरिया को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही जारी है और उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखते हुए आवश्यक काउंसलिंग एवं चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में नामजद अभियुक्त गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई
पीड़ित महिलाओं से संवाद कर जानी गईं समस्याएं और आवश्यकताएं
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। महिलाओं और बालिकाओं को संकट की स्थिति में त्वरित सहायता, संरक्षण और न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर (सखी) का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर प्रभात सिंह ने केंद्र की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन किया।निरीक्षण के दौरान सचिव ने केंद्र में निवासरत पीड़ित महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अब तक मिल रही सहायता के बारे में जानकारी ली। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर में कुल चार पीड़ित महिलाएं उपस्थित पाई गईं, जिनमें तीन बालिग और एक नाबालिग थीं। प्रत्येक पीड़िता से व्यक्तिगत बातचीत कर उनके प्रकरण की स्थिति, भविष्य की अपेक्षाओं और केंद्र से मिल रहे सहयोग पर चर्चा की गई।पीड़ित महिलाओं ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर अपने अनुभव साझा किए। सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।निरीक्षण के क्रम में केंद्र की साफ-सफाई, आवासीय व्यवस्था, खान-पान, पेयजल, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, जो संतोषजनक पाई गईं। सचिव ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही सेवाओं को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए।सचिव प्रभात सिंह ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर (सखी) महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक ऐसा मंच है, जहां एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, पुलिस सहयोग, काउंसलिंग और अस्थायी आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना या किसी भी प्रकार के संकट से जूझ रही महिलाओं के लिए यह केंद्र सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है।उन्होंने केंद्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित महिलाओं की पहचान और मामलों से जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। साथ ही सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और पुनर्वास से जुड़ी जानकारी पीड़िताओं को सरल भाषा में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।निरीक्षण के समय केंद्र प्रबंधक रीता यादव, पैरामेडिकल नर्स चन्दा सिंह, महिला आरक्षी शशि उपाध्याय, जिला समन्वयक (हब) नलिन सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर मुनीश कुशवाहा उपस्थित रहे। सभी ने केंद्र की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे औचक निरीक्षणों से न केवल व्यवस्थाएं दुरुस्त रहती हैं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। इससे कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है और पीड़ित महिलाओं को बेहतर सहयोग मिल पाता है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि वन स्टॉप सेंटर सहित अन्य सहायता केंद्रों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
कुशीनगर में कन्या जन्मोत्सव, 21 नवजात बेटियों के जन्म पर मनाया गया उत्सव
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और उनके जन्म को उत्सव के रूप में स्थापित करने की दिशा में कुशीनगर जनपद में सराहनीय पहल की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिलाधिकारी के निर्देशानुसार शुक्रवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय, रविन्द्रनगर धूस के सभागार में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां तीन दिवस पूर्व जन्मी नवजात कन्याओं के जन्म पर केक काटकर उत्सव मनाया गया और माताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 21 नवजात कन्याओं की माताओं को आमंत्रित कर उन्हें मिष्ठान, अंगवस्त्र, बेबी किट, हल्दी पैकेट, गुड़िया और चॉकलेट सहित उपयोगी व प्रतीकात्मक उपहार प्रदान किए गए। बेटियों को गोद में लिए माताओं के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। स्वास्थ्य विभाग और महिला कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक सोच में बदलाव की दिशा में अहम कदम बताया गया। कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप, जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुवचन्द्र त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी ए.के. दूबे एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुश्री अलंकृता उपस्थित रहीं। जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुवचन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि बेटियां राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक नलिन सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यातायात चेकिंग अभियान में 179 वाहनों का ई-चालान, 10 सीज
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा शहर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रमुख स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की गई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में तथा यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में संचालित हुआ। विशेष रूप से कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की गहन जांच की गई, जहां अवैध रूप से संचालित और नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच के दौरान ई-रिक्शा चालकों से सभी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई, जिसमें 50 ई-रिक्शा वैध कागजातों के साथ पाए गए। ऐसे वाहनों की नियमानुसार नंबरिंग कराई गई, जिससे उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वहीं, जिन ई-रिक्शा वाहनों के पास वैध कागजात नहीं थे या जो बिना पंजीकरण, फिटनेस और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे थे, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान और सीज की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अवैध वाहन न केवल यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी बड़ा कारण बनते हैं।
चेकिंग अभियान के दौरान कुल 179 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 10 वाहनों को सीज किया गया। कार्रवाई में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, बिना वैध कागजात और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे मामले शामिल रहे। यातायात प्रभारी गुलाब सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना है, ताकि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना आवश्यक है। बिना कागजात और अवैध रूप से संचालित वाहनों के कारण आमजन की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष चेकिंग कर नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
श्री राम जन्म प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, चंपा देवी पार्क राममय
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के चंपा देवी पार्क में चल रही श्रीराम कथा के दौरान प्रभु राम के जन्म प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। व्यासपीठ से कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रीराम जन्म की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि धरती पर भगवान राम का अवतरण धर्म, मर्यादा, आनंद, सुख और शांति के साथ धर्म स्थापना का आधार है। राम नाम का स्मरण मानव जीवन को श्रेष्ठ दिशा देता है।
भोजपुरी और मैथिली भजनों के मधुर संगम के साथ जैसे ही राम जन्म प्रसंग की झांकी सजी, पूरा पंडाल राममय हो गया। श्रद्धालु उल्लास में झूम उठे। राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान राम ने पुत्र, पति, राजा और आदर्श पुरुष के रूप में मर्यादित जीवन जीकर मानवता को मार्ग दिखाया, इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया।
उन्होंने कहा कि राम कथा भगवान की विशेष कृपा से ही सुनने को मिलती है। जिस जीवन में सत्संग है, समझिए उस पर प्रभु की अनुकंपा है। भक्त के लक्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि कथा सुनते समय जब रोम-रोम पुलकित हो जाए, वाणी अवरुद्ध हो जाए और आंखों से अश्रुधारा बहने लगे, वही सच्ची भक्ति है।
राजन जी महाराज ने कहा कि जीवन में श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मन की शांति आवश्यक है। भगवान राम शांत स्वरूप हैं और पाप रहित मोक्ष व शांति प्रदान करने वाले हैं। लोकप्रिय भजन “राजा जी खजनवा दे द” प्रारंभ होते ही श्रद्धालु तालियों की गड़गड़ाहट के साथ झूम उठे और वातावरण भक्ति गंगा में सराबोर हो गया।
कथा में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक प्रदीप शुक्ला, विधायक अभिषेक त्रिपाठी, पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान के प्राचार्य चमन राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, यजमान और श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।
25 दिवसीय टैली प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न
छिंदवाड़ा/मप्र (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 25 दिवसीय टैली प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 जनवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
यह प्रशिक्षण 5 जनवरी से 30 जनवरी तक चला, जिसमें छात्र-छात्राओं को टैली सॉफ्टवेयर की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. आर. पी. यादव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जबकि समापन समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पूजा तिवारी ने की।
नोडल अधिकारी डॉ. फरहत मंसूरी ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रशिक्षण का दायित्व पूनम कड़वे ने निभाया, जिन्होंने पूरे 25 दिनों तक टैली की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का संचालन अजीत सिंह गौतम ने किया और आभार प्रदर्शन आकाश अहाके ने किया।
आयोजन में डॉ. नोखेलाल साहू, सूर्यकांत शुक्ला, मनीष पटेल, मनोज जैन एवं डॉ. नसरीन अंजुम खान का सहयोग उल्लेखनीय रहा।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश: रोजाना जनसुनवाई और समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जूम मीटिंग के माध्यम से उन्होंने जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करने और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का माध्यम है। जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का विधिवत पंजिका में अंकन कर संबंधित प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और आवेदक की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए। यदि कोई मामला संबंधित विभाग या अधीनस्थ कर्मियों से जुड़ा हो तो अधिकारी स्वयं निगरानी करते हुए समाधान सुनिश्चित करें। लापरवाही, टालमटोल या गलत रिपोर्टिंग किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रतिदिन अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों, विशेषकर जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों की प्राथमिकता से समीक्षा और निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से कार्यों में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
प्रशासनिक संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी कार्यालयों के लैंडलाइन नंबर एक सप्ताह के भीतर सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए। विभागीय मोबाइल और लैंडलाइन नंबरों की जानकारी जनपद की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि आमजन को संपर्क में सुविधा हो।
इसके अलावा, सभी सरकारी कार्यालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश देते हुए साफ-सफाई, अभिलेख, उपस्थिति पंजिका, जनसुनवाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की पटलवार निरीक्षण आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण भी किए जाएंगे। कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
आगामी वृक्षारोपण अभियान को लेकर भी जिलाधिकारी ने विभागों को अभी से तैयारी करने, भूमि चिन्हांकन और पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इन सख्त निर्देशों से जनपद में पारदर्शिता बढ़ेगी, अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और आम जनता को समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वन स्टाप सेंटर में महिलाओं के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
बलिया(राष्ट्र की परम्परा) महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को वन स्टाप सेंटर, बलिया में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री अनिल कुमार झा के आदेश पर संपन्न हुआ। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) श्री संजय कुमार गोंड ने की।शिविर को संबोधित करते हुए श्री संजय कुमार गोंड ने महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में अनेक महिलाएं घरेलू हिंसा, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना और सामाजिक भेदभाव का सामना कर रही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण वे कानूनी सहायता नहीं ले पातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी स्थिति में पीड़ित महिला बिना किसी भय या संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकती है, जहां उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक संस्था में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जिससे महिलाएं सुरक्षित वातावरण में काम कर सकें। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 पर भी विस्तार से चर्चा की गई। श्री गोंड ने बताया कि यह अधिनियम बच्चों को लैंगिक शोषण, उत्पीड़न एवं अश्लील अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है और इसके तहत दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।उन्होंने नालसा (NALSA) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए एलएसएमएस (LSMS) पोर्टल तथा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की सुविधा उपलब्ध है। इन माध्यमों से कोई भी व्यक्ति घर बैठे निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकता है।शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। घरेलू हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न से जुड़े कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया तथा कुछ प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे महिलाओं में विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।इस अवसर पर वन स्टाप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती प्रिया, कार्यालय सहायक श्री हर्षवर्धन, अंजलि सिंह, निकिता सिंह सहित अन्य कर्मचारी और पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और न्याय के प्रति सजग बनाना रहा, ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकें।
घर के कमरे में किशोरी का शव मिलने से मचा हड़कंप
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय किशोरी का शव शुक्रवार सुबह उसके घर के कमरे में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस के अनुसार कस्बा मेंहदावल के मोहल्ला सियर निवासी कसमावती पुत्री स्वर्गीय खेदू निषाद का शव सुबह करीब नौ बजे परिजनों ने देखा। इसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
घटना की सूचना पर फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य संकलन किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
परिजनों के अनुसार घटना के कारणों को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। किशोरी तीन भाई-बहनों में से एक थी।
फिलहाल इस घटना को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है।
महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश
फोरेंसिक व डॉग स्क्वायड ने जुटाए अहम सबूत
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पीपीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार भोर उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे एक पुल के पास करीब 35 वर्षीय महिला की नग्न लाश मिलने की सूचना मिली। राहगीरों ने शव देखा तो तुरंत पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि महिला की बेरहमी से हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया है। पहचान छिपाने की नीयत से महिला का सिर ईंट से कूंच दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे यह अंदेशा और मजबूत हो गया है कि हत्या से पहले या बाद में महिला के साथ क्रूरता की गई। शव मिलने की सूचना पर एसएसपी राज करन नय्यर स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसएसपी राज करन नय्यर ने बताया कि फिलहाल मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पहचान कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई पहलुओं पर जांच चल रही है।
घटनास्थल से डॉग स्क्वायड टीम को भी लगाया गया। डॉग स्क्वायड शव मिलने की जगह से पुल की ओर चढ़ते हुए बैरघट्टा गांव तक गया, लेकिन करीब 200 मीटर आगे जाकर वापस लौट आया। इससे यह आशंका और प्रबल हो गई है कि हत्या कहीं और की गई है और शव को यहां लाकर ठिकाने लगाया गया है। मौके पर महिला के शव को कुछ दूरी तक घसीटने के भी निशान मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि लाश को योजनाबद्ध तरीके से फेंका गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। बरघट्टा गांव से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर संतकबीरनगर जिले की सीमा शुरू हो जाती है। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या किसी दूसरे जिले में कर शव गोरखपुर में लाकर फेंका गया हो।
एसएसपी ने मामले के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की हैं। एक टीम मृतका की पहचान कराने में जुटी है, जबकि दूसरी टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध वाहनों या व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस निर्मम वारदात से सहमे हुए हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन: कलेक्ट्रेट में दो मिनट का मौन, प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शहादत को स्मरण करते हुए 30 जनवरी को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।गरिमामय वातावरण में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रमकार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण शांत, अनुशासित एवं भावनात्मक रहा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम को स्मरण किया। दो मिनट के मौन ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवन साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। राष्ट्र के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।कर्तव्यनिष्ठा का लिया गया संकल्प इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रेम कुमार राय, जिलापूर्ति अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के मूल्यों को आत्मसात कर अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भाव के साथ करेंगे।
लूट की घटना का पर्दाफाश,कोपागंज पुलिस चर्चा में
पुलिस की तत्परता से लूट के सभी आरोपी सलाखों के पीछे
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)गत दो हफ्ता पूर्व जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र में एक सर्राफा कारोबारी से हुई बड़ी लुट की घटना का चंद दिनो में पर्दाफाश होने को लेकर जहां व्यापारी ,आम नागरिक व दुकानदार चैन की सांस ले रहे हैं। वहीं अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बदमाश पुलिस द्वारा एक के बाद एक की गईं कार्यवाही व दो अपराधियों की पुलिस से हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में लगी गोली से अपराधी भी सकते में आ गए है। पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर व्यापारी पुलिस की गुनगान करते नहीं थक रहे हैं ।
कोपागंज थाना क्षेत्र के टड़ियाव स्थित खाद गोदाम के पास कोपागंज नगर पंचायत के चंदनपुरा निवासी सर्राफा कारोबारी से बड़े पैमाने पर सोने चादी के आभूषण की हुई लूट की घटना को चंद दिनो के अंदर कोपागंज थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय व पुलिस टीम द्वारा पर्दाफाश किए जाने को लेकर सर्राफा कारोबारी काफी उत्साहित है। जबकि उक्त लुट की घटना के मामले में जहां पुलिस द्वारा एक के बाद एक करके घटना में शामिल बदमाशों को धर दबोचा गया वही बदमाशों से हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगने से अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बदमाश काफी सकते में आ गए हैं। जबकि घटना का पर्दाफाश होने से व्यापारी, दुकानदार व आम नागरिक थाना अध्यक्ष सहित सभी पुलिस की वाहवाही करते नहीं थक रहे।
एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल, बाढ़ से बचाव के दिए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के बाढ़ संभावित क्षेत्र हेतिमपुर में गुरुवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक अहम अभ्यास किया गया। छोटी गंडक नदी के किनारे निर्माणाधीन तटबंध पर एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों के संयुक्त तत्वावधान में मोबलाइजेशन मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से पहले सतर्क करना और जान-माल की सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।यह मॉक ड्रिल 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में तथा एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। ड्रिल के दौरान नदी में नाव पलटने, डूबते व्यक्ति को बचाने, सिविल बोट दुर्घटना, गोताखोरों द्वारा खोज अभियान और प्राथमिक चिकित्सा जैसे पांच अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया एनडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों को यह भी सिखाया कि आपात स्थिति में घरेलू सामानों की मदद से अस्थायी लाइफ जैकेट कैसे बनाई जा सकती है। इसके साथ ही डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद सीपीआर देने की वैज्ञानिक विधि और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। अभ्यास के दौरान टीम की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह इलाका हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, ऐसे में पूर्व तैयारी और जनजागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाते हैं।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार, लेखपाल, एनडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 200 ग्रामीण मौजूद रहे।
तेलंगाना: उत्पीड़न और शक से परेशान महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या, दो आरोपियों पर केस दर्ज
वरंगल/तेलंगाना (राष्ट्र की परम्परा)। तेलंगाना के वरंगल जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां लगातार मानसिक उत्पीड़न और शक के चलते महिला कांस्टेबल अनीता ने आत्महत्या कर ली। अनीता वरंगल पुलिस कमिश्नरेट के एआर (Armed Reserve) विभाग में तैनात थीं और पर्वतागिरी मंडल के सीत्यतंडा की रहने वाली थीं।
पुलिस के अनुसार, अनीता को उसके दूर के रिश्तेदार राजेंद्र और एक अन्य युवक जब्बारलाल द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। यह मानसिक दबाव वह लंबे समय तक सहन नहीं कर सकीं।
शादी का दबाव और लगातार शक
मामले की जांच में सामने आया है कि महबूबाबाद जिले के तोरूर मंडल के कोम्मनपल्ली तंडा निवासी राजेंद्र पिछले चार वर्षों से अनीता से शादी करने का दबाव बना रहा था। ड्यूटी के दौरान वीडियो कॉल, फोन बातचीत और अन्य गतिविधियों को लेकर वह अनीता पर शक करता था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
अनीता ने इस बारे में अपने माता-पिता को बताया था। परिजनों ने राजेंद्र के व्यवहार को देखते हुए उससे शादी से इनकार कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा।
दूसरे युवक की एंट्री, बढ़ा दबाव
इसी दौरान राजेंद्र को पता चला कि अनीता अपने क्लासमेट जब्बारलाल के संपर्क में है और दोनों शादी करना चाहते हैं। इससे नाराज़ होकर राजेंद्र ने जब्बार को अनीता के बारे में गलत बातें बताईं। इसके बाद जब्बारलाल ने भी अनीता को परेशान करना शुरू कर दिया और शादी के लिए पैसे की मांग करने लगा।
एक साथ दो लोगों के शक और दबाव ने अनीता को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
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आखिरी कॉल में कही दर्दभरी बात
27 जनवरी को अनीता ने राजेंद्र को फोन कर कहा,
“तुम और जब्बार ने मिलकर मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है, तुम्हारी वजह से मैं आत्महत्या कर रही हूं।”
आरोप है कि इस पर राजेंद्र ने लापरवाही से जवाब देते हुए कहा, “मर जाओ।”
इलाज के दौरान मौत
इस घटना से आहत होकर अनीता ने घास की दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र, उसके परिवार के सदस्यों और जब्बारलाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला कांस्टेबल की मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
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मनरेगा को बहाल करने व मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन
देश के गरीबों मजदूरों के लिए मनरेगा योजना है जरूरी- केशवचन्द यादव
भाटपाररानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचन्द यादव के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन कर मनरेगा योजना को पुनः उसी तरह से बहाल करने व एसआईआर के तहत प्रकाशित मतदाता सूची में गड़बड़ी में सुधार करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार सुशील कुमार तिवारी को सौंपा। इस दौरान सम्बोधित करते हुए केशवचन्द यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवो में बसती है, इसी को लेकर मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा योजना को मजदूरों व गरीबों के हित के लिए लागू किया था लेकिन भाजपा सरकार इस को समाप्त करना चाहती है।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि यह सरकार गरीब और मजदूर व विरोधी है,पहले मनरेगा योजना में नब्बे प्रतिशत धन की व्यवस्था केंद्र सरकार करती थी अब राज्यों को 40 प्रतिशत धन की व्यवस्था करनी पड़ेगी,जिसके कारण योजना सही तरीके से संचालित नही हो पाएगी।
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कांग्रेस पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि एसआईआर के तहत जो मतदाता सूची आई है उसमें और 2003 के मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम अलग अलग है, इसमें सुधार करने व सभी पात्र मतदाता को सूची में शामिल करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
ज्ञापन सौंपने वालों में जनार्दन वर्मा, जगरनाथ यादव, जितेन्द्र यादव, सलीम अली,एडवोकेट इंदू भूषण शुक्ला, राणा प्रताप सिंह एडवोकेट,मनीष रजक,कन्हैया कुशवाहा, जेपी यादव विराट यादव,हरिश्चंद्र यादव, जावेद अख्तर, अवधकिशोर, श्रीकांत यादवभरत मिश्र, सुग्रीव कुशवाहा,बाबूलाल सिंह, विशाल मद्देशिया आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।
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