कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा) । श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। विद्यालय में कक्षा 06 एवं कक्षा 09 में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 15 फरवरी 2026 कर दी गई है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित थी।
महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय द्वारा जारी आदेश के क्रम में प्रवेश परीक्षा की तिथि में भी संशोधन किया गया है। अब प्रवेश परीक्षा 08 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी, जो पहले 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित थी।
अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश 2026 के लिए वही निर्माण श्रमिक पात्र होंगे, जो उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत 30 नवम्बर 2022 तक पंजीकृत हैं। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के अधिकतम दो बच्चे प्रवेश के लिए पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले अनाथ बच्चों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है।
आवेदन पत्र जिला श्रम कार्यालय, रामकोला रोड, शनि मंदिर के सामने, पडरौना, कुशीनगर से प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी upbocw.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए 9984581938 एवं 9415322990 मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए राहत, आवेदन तिथि बढ़कर 15 फरवरी और परीक्षा 8 मार्च को
विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 में औरैया बना प्रदेश का मॉडल जनपद, रोल प्रेक्षक ने की नवाचारों की सराहना
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित रोल प्रेक्षक एवं मंडलायुक्त झांसी मंडल विमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में निर्वाचन नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मानस सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।
रोल प्रेक्षक ने विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला प्रशासन द्वारा अपनाए गए नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण के क्षेत्र में औरैया ने ऐसे प्रयोग किए हैं, जिनकी प्रशंसा प्रदेश स्तर पर भी हो रही है।
रोल प्रेक्षक ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत मतदाताओं के नवीनतम फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर का शत-प्रतिशत संग्रहण करने वाला औरैया प्रदेश का पहला जनपद है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ द्वारा प्रपत्रों और अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण किया गया है, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक बनी है।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे निर्वाचक नामावलियों को त्रुटिरहित बनाने में सक्रिय सहयोग करें। 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नवयुवकों और अभी तक मतदाता सूची से वंचित नागरिकों को चिन्हित कर फार्म-6 भरवाने के निर्देश दिए गए। फार्म-6 को बीएलए के घोषणा पत्र के साथ संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
रोल प्रेक्षक ने कहा कि आगामी पांच दिन विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस अवधि में फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 को बीएलओ के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड कराते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रतिदिन शाम को पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
अनमैप्ड मतदाताओं को निर्गत नोटिसों की शत-प्रतिशत तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए बताया गया कि तामीला के दौरान मौके पर फोटो लेकर पावती सहित पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रमाणिक बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत अब तक की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संग्रहण में बीएलओ के साथ पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं रोजगार सेवकों को वालंटियर के रूप में जोड़ा गया। गणना के दौरान ही मतदाताओं के नवीनतम फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर संकलित कर लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मतदाता संख्या और लिंगानुपात में सुधार के लिए आगामी पांच दिनों में बीएलओ द्वारा घर-घर अभियान चलाया जाएगा। वर्तमान में बीएलओ बुक ए कॉल से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है।
बैठक से पूर्व रोल प्रेक्षक एवं मंडलायुक्त द्वारा तिलक इंटर कॉलेज औरैया तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय खानपुर का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जहां बीएलओ द्वारा प्रपत्रों को क्रमवार एवं व्यवस्थित रूप से संधारित पाए जाने पर उनकी सराहना की गई।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अविनाश चन्द्र मौर्य, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. सर्वेश कठेरिया, सपा विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार गौतम, बसपा जिला अध्यक्ष कमल कुमार, आम आदमी पार्टी जिला प्रभारी राहुल, कांग्रेस प्रवक्ता प्रवीण गुप्ता, भाजपा जिला महामंत्री कुलदीप दुबे, सीपीआईएम जिला कमेटी सदस्य हरिश्चंद्र सहित समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील बार चुनाव: नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मान
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।तहसील रेवेन्यू बार एसोसिएशन नौतनवां के हाल ही में सम्पन्न हुए चुनाव में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित अधिवक्ताओं को माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार श्रीवास्तव,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर कुमार शुक्ला, कनिष्ठ उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद शुक्ला,मंत्री दयानंद यादव तथा कोषाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा निर्वाचित हुए। इसके साथ ही साजन चौधरी और प्रभाकर विश्वकर्मा भी महत्वपूर्ण पदों पर चयनित हुए।
पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने तहसील पहुंचकर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अधिवक्ता समाज का नायक होता है, जो न्याय व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार विशेष रूप से अधिवक्ता समाज से जुड़ा रहा है,इसलिए अधिवक्ताओं का सम्मान करना उनका नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी।
इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट अपने दर्जन भर समर्थकों के साथ नौतनवां तहसील पहुंचे और नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर शुक्ला तथा कनिष्ठ उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद शुक्ला को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ता को न्याय का देवता कहा गया है, जो समाज की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि देश में कानून व्यवस्था और लोकतंत्र की रक्षा में अधिवक्ता समाज की भूमिका सबसे अहम है।
इस अवसर पर अनिल कुमार एडवोकेट, रामअजोर यादव, अशोक तिवारी, कमलेश, जितेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, प्रभाकर विश्वकर्मा, जय नारायण विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उत्साह और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
सड़क सुरक्षा बैठक में डीएम का सख्त रुख, एनएच पीडब्ल्यूडी पर बरसे, अधूरे कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की समाप्ति के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने की। बैठक में जनपद की प्रमुख सड़कों की स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों के निस्तारण और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने महराजगंज –ठूठीबारी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने एनएच पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली को असंतोषजनक बताते हुए लंबित और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, एनएच पीडब्ल्यूडी को फरवरी माह में प्रस्तावित दिशा बैठक से पूर्व अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सड़क सुरक्षा जैसी गंभीर बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर संबंधित अभियंता के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी करने के भी आदेश दिए गए।
इसके साथ ही उन्होंने ने गोरखपुर–सोनौली मार्ग की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। महराजगंज–परतावल मार्ग पर सड़कों के किनारे तत्काल व्हाइट पेंटिंग कराने तथा परतावल –पनियरा मार्ग पर सड़क किनारे बने गड्ढों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक पनियरा ने सड़क सुरक्षा को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्र वाहन लेकर विद्यालय न आएं तथा बिना हेलमेट प्रवेश न दिया जाए। विधायक सदर और फरेंदा ने भी यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और ब्लैक स्पॉट समाप्त करने के लिए नियमितअभियान चलाने की आवश्यकता बताई। तीनों विधायकों ने सड़क संकेतक लगाने के लिए विधायक निधि से सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बैठक में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पाण्डेय, सांसद प्रतिनिधि जगदीश मिश्रा सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
शिविर में 128 मत्स्य कृषकों का एनएफडीपी पोर्टल पर हुआ पंजीकरण
पोर्टल का उद्देश्य मछली पालन और उससे जुड़े क्षेत्रों को आधुनिक तकनीकों और योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े 128 हितधारकों का प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण हुआ। बरहज विकास खण्ड परिसर में मत्स्य विभाग देवरिया के तत्वाधान एवं मत्स्य जीवी फिश फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के संयोजकत्व में आयोजित वृहद पंजीकरण शिविर में मत्स्य कृषकों ने चढ़बड़कर हिस्सा लिया और एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराया। मत्स्य पालक किसान अभिकरण देवरिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार मिश्र ने कहा कि इस पोर्टल का उद्देश्य मछली पालन और उससे जुड़े क्षेत्रों को आधुनिक तकनीकों और योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है। मत्स्य निरीक्षक बरहज कुलदीप सक्सेना ने कहा कि एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण करके मछली पालन और उससे संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। मत्स्यजीवी एफएफपीसी के चेयरमैन निषाद जितेन्द्र भारत ने कहा कि इसके तहत हितधारकों को सब्सिडी, वित्तीय सहायता, और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर मछुआ प्रतिनिधि रामधनी निषाद, सुभाष चंद शाह, नंदलाल निषाद, सुरेश चंद निषाद, अमरनाथ निषाद, कोदई मांझी, राजेश कुमार निषाद, मंटू निषाद, सभासद लव कुमार सोनकर, नबाव हुसैन, सूरज प्रसाद, दीनानाथ निषाद, अनिल निषाद, संतोष निषाद, कृष्ण साहनी, मोहम्मद शोएब रशीदी, सीमिरखी देवी, चंदा देवी, विमला देवी, सुनीता देवी, रानी , कृति, दिव्या, सलोनी आदी सैकड़ों लोग उपस्थित रहें।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा, बूथों का स्थलीय निरीक्षण
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद में चल रहे मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा की। विशेष अभियान दिवस पर 312–मेहदावल और 313–खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न मतदान बूथों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा निर्वाचक नामावली के प्रकाशित आलेख्य को पढ़कर सुनाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची को परिष्कृत करने की स्थिति का जायजा लिया गया। 312–मेहदावल क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय औरही स्थित बूथ संख्या 566 व 567 पर निरीक्षण के समय निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। बीएलओ सरिता देवी ने बताया कि नए मतदाताओं के लिए प्रपत्र-06 भरे जा रहे हैं और अब तक 26 फार्म प्राप्त हुए हैं। इस दौरान तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा उपस्थित रहे।
इसके बाद 313–खलीलाबाद क्षेत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय जामडीह का निरीक्षण किया गया, जहां प्रपत्र-06 की प्राप्ति, कार्य प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली गई। निरीक्षण क्रम में मॉडल प्राथमिक विद्यालय पचपोखरी स्थित बूथ संख्या 167 भी देखा गया, जहां बीएलओ बिंदु देवी उपस्थित रहीं। बताया गया कि बूथ संख्या 169 पर नामित बीएलओ द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है, जिस पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद को संबंधित बीएलओ से स्पष्टीकरण लेकर चार दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की उपस्थिति, मतदाताओं को सूची पढ़कर सुनाने की प्रक्रिया तथा प्राप्त दावे आपत्तियों की समीक्षा की गई। छूटे हुए पात्र मतदाताओं से प्रपत्र-06 भरवाकर बीएलओ ऐप पर नियमानुसार डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने और अभियान में कार्य की गुणवत्ता व यथार्थता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
27 वर्षों की निष्पक्ष पत्रकारिता को मिला भावनात्मक सम्मान
न्यूज 18 के सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट अखिलेश कुमार पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने पर संकुल भवन पर भव्य समारोह
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
न्यूज 18 (ईटीवी) के सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार अखिलेश कुमार पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने पर मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की ओर से संकुल भवन में एक भव्य, गरिमामय और भावनात्मक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक विदाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि गोरखपुर की पत्रकारिता को दशकों तक दिशा देने वाले एक संवेदनशील, कर्मठ और निर्विवाद पत्रकार के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर था।
अखिलेश कुमार पाण्डेय वर्ष 1997 से पत्रकारिता जगत से जुड़े रहे और उन्होंने लगातार 25 वर्षों तक न्यूज 18 / ईटीवी की सेवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ की। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने कभी भी पत्रकारिता की गरिमा से समझौता नहीं किया। वे खबरों की प्रस्तुति, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के लिए जाने जाते रहे। इसी कारण वे पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन—तीनों के बीच समान रूप से सम्मानित रहे।
समारोह की शुरुआत पाण्डेय के स्वागत से हुई। उपस्थित पत्रकारों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर माला पहनाकर गुलाब स्टिक देकर गर्मजोशी से सम्मानित किया। इसके बाद गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष रितेश मिश्रा, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, वरिष्ठ फोटोग्राफर शिवहर्ष द्विवेदी, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के मंत्री सतीश पांडेय, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव (गणेश), राधेश्याम प्रजापति, राजेंद्र श्रीवास्तव (राज), सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव, न्यूज 18 के ब्यूरो चीफ राम गोपाल, चुनाव अधिकारी वागीश चंद श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ पत्रकारों ने अंगवस्त्र, शूट केस एवं घड़ी भेंट कर श्री पाण्डेय को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र श्रीवास्तव (राज), गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष रत्नाकर सिंह, गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब अध्यक्ष रितेश मिश्रा, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति मंत्री सतीश पांडेय, मान्यता प्राप्त समिति उपाध्यक्ष गजेन्द्र त्रिपाठी तथा नीरज श्रीवास्तव ओमकार धर द्विवेदी मनोज यादव ने विशेष रूप से संबोधन दिया।
अरविंद राय ने कहा कि
अखिलेश कुमार पाण्डेय जैसे पत्रकार संस्थाओं की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कभी पद, प्रतिष्ठा या दबाव को अपने काम पर हावी नहीं होने दिया। उनका अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए धरोहर है।”
राजेंद्र श्रीवास्तव (राज) ने अपने संबोधन में कहा कि
“अखिलेश के साथ काम करने का अनुभव अपने आप में सीख देने वाला रहा है। वे कम बोलते थे, लेकिन उनका काम बहुत कुछ कहता था। उनकी सबसे बड़ी पूंजी उनका व्यवहार और भरोसा है।”
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र त्रिपाठी ने अपने संस्थान में अखिलेश कुमार पाण्डेय को संपादक के पद पर कार्य करने का ऑफर दिया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने तालियों के साथ सराहा। यह प्रस्ताव इस बात का प्रमाण रहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पाण्डेय की पत्रकारिता यात्रा समाप्त नहीं हुई है, बल्कि एक नए रूप में आगे बढ़ेगी।
न्यूज 18 के ब्यूरो चीफ राम गोपाल ने भावुक शब्दों में कहा कि
मैंने अखिलेश पाण्डेय के साथ करीब दस वर्षों तक काम किया। अगर किसी को सबसे अधिक समय, भरोसा और जिम्मेदारी दी गई, तो वह अखिलेश जी थे। वे टीम के ऐसे स्तंभ रहे, जिन पर हर कोई भरोसा करता था।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के मंत्री सतीश पांडेय ने कहा कि
अखिलेश पाण्डेय से मेरा रिश्ता दोहरा है—एक हमारे मूल गांव का और दूसरा पत्रकारिता का। खबरों की समीक्षा में वे बेहद संतुलित और दूरदर्शी रहे, जिससे युवा पत्रकारों को हमेशा सीख मिली।
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने कहा कि
अखिलेश जी से सभी पत्रकारों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कभी विवादों में रहकर पहचान नहीं बनाई, बल्कि अपने काम की गुणवत्ता से सम्मान अर्जित किया।
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि आप सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षक की भूमिका निभाएंगे। अखिलेश पाण्डेय कभी नाराज नहीं रहते थे, उनका स्वभाव मृदुल और व्यवहार सौम्य रहा। आप कल भी पत्रकार थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे।”
सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि जिस कुर्सी पर आप बैठते थे, वह कुर्सी आपकी पहचान बन चुकी है। आप जहां भी रहेंगे, आपकी उपस्थिति हमेशा महसूस की जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद ओमकार धर द्विवेदी ने कहा कि
अखिलेश पाण्डेय जैसे लोग कभी रिटायर नहीं होते। उनके साथ आत्मीय संबंध शब्दों में नहीं बांधे जा सकते।
मनोज यादव ने कहा कि अखिलेश भैया से हमारा रिश्ता वर्षों पुराना है। वे हमेशा सभी को साथ लेकर चले।
समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें
टीपी शाही, सुभाष गुप्ता, तनवीर, मुकेश पांडेय, आशीष शुक्ला, भूपेन्द्र द्विवेदी, रामचंद्र शाही, सुशील कुमार, निखिल सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, अजीत सिंह, रशाद लारी, प्रदीप पाल, रमाशंकर यादव,अशोक राव, राजेश सोनकर,पंकज कुमार, पुनीत पांडेय, उमेश पाठक, प्रेम नारायण द्विवेदी, रवि गुप्ता, दिलीप पटवा, काशिफ अली, रजनीश त्रिपाठी, नदीम, विजय जायसवाल, राहुल गौड़, गोविंद कुमार,जफर खान, अरुण सिंह, हेमंत तिवारी, विनय सिंह, संजय तिवारी, मनोज मिश्रा, राजीव पांडेय, जितेंद्र यादव, निर्भय गुप्ता, विकास गुप्ता, भानु कुमार, हरेंद्र दुबे, संजय कुमार कनौजिया, ओंकार निषाद, गोविंद, उज्वल, योगेश श्रीवास्तव, अशोक शुक्ला, सुनील उपाध्याय, अनुराग श्रीवास्तव, मनुव्वर रिजवी, डीके गुप्ता, कुंदन उपाध्याय, आफताब आलम, विपिन पांडेय, विवेक कुमार, महेंद्र गौड़, परवेज, मनीष सिंह, अहमद अली,अजय सोनकर, चन्दन निषाद, राकेश उपाध्याय, प्रिंस तिवारी, प्रिंस पांडेय, यशवंत पांडेय, प्रवीण कुशवाहा, वीएम भट्ट, समीम सिद्दीकी, रंजीत कुमार, प्रेम चौहान, राकेश त्रिपाठी, सफीक, राजू सैनी, आनंद चौधरी, मोहम्मद हुसैन, आशीष कुमार मिश्रा, धनेश कुमार, दुर्गेश मणि त्रिपाठी, वेद पाठक, विभव पाठक, अनिल राय, घनश्याम कसौधन, आयुष द्विवेदी, अजीत यादव अखिलेश शर्मा ,प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अपने सम्मान में कही गई बातों से अखिलेश कुमार पाण्डेय भावुक हो गए और कुछ क्षणों तक बोल नहीं सके। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर संतोष की मुस्कान पूरे माहौल को भावनात्मक बना गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों ने केक काटकर खुशी-खुशी विदाई दी। कार्यक्रम का सफल संचालन मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने किया। समापन के बाद सभी अतिथियों एवं पत्रकारों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।
यह समारोह गोरखपुर की पत्रकारिता के इतिहास में एक ऐसे पत्रकार को समर्पित रहा, जिसने अपने कर्म, चरित्र और व्यवहार से पत्रकारिता को सम्मान दिलाया।
किरीट सोमैया ने लिया घाटकोपर स्टेशन रोड का जायजा
घाटकोपर के फुटपाथ पर बांग्लादेशी और रोहंगियाओ का कब्जा
मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)
घाटकोपर रेलवे स्टेशन के बाहर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने दौरा कर स्टेशन रोड का जायजा लिया। सोमैया के आने की जानकारी मिलते ही स्टेशन रोड और एमजी रोड के फेरीवाले फुटपाथ खाली कर दिए थे।.उसके बाद भी स्टेशन रोड और एमजी रोड का दौर जारी रखा यही नहीं सोमैया के साथ पुलिस और मनपा अधिकारी भी मौजूद थे। .सोमैया ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि इन जगहों से बांग्लादेशी, और रोहिगिया धंधे कर रहे है बांग्लादेशी, रोहिंग्या घुसपैठियों पर कार्यवाही होनी चाहिये.इसी तरह पिछले हप्ते भांडुप स्टेसन पर भी जायजा लिया था.।विजिट के दरम्यान रेलवे, महानगरपालिका के अधिकारी उपस्थित थे.।मनपा अधिकारियों को सख्त हिदायत दी की पूरी सड़क खाली कर दी जाए नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. बता दे की घाटकोपर के एमजी रोड पर फेरीवालों का अतिक्रमण बढ़ गया है यहां पर लोगों को चलना मुश्किल हो गया है,यही नहीं स्टेशन रोड पर करीब दो दर्जन से ज्यादा रिक्शा स्टैंड बनाए गए जहां यहां पर सैकड़ो ऑटो खड़े रहते हैं जिसे भी ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस दौरान सोमैया के साथ युवा नगरसेवक धर्मेश गिरि,राखी राखी जाधव मंडल अध्यक्ष अनिल निर्मले, विनय सिंह साहित भाजपा के अनेक नगरसेवक उपस्थित थे।
बलिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह: 227 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए 227 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह रहे। उन्होंने भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं मंत्रोच्चार के साथ समारोह का शुभारंभ किया। आयोजन में 225 जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए, जबकि 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। सभी जोड़ों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया।बमुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने कहा कि कन्यादान को सबसे बड़ा दान माना गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा है। उन्होंने कहा कि बेटियों के विवाह की चिंता हर माता-पिता को होती है, ऐसे में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले इस योजना के तहत ₹50 हजार की सहायता दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “अब ये बेटियां सिर्फ अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि सरकार की भी जिम्मेदारी हैं।” उन्होंने वर पक्ष से बेटियों को सम्मान देने की अपील करते हुए नवविवाहित जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने योजना के लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रति जोड़े ₹1 लाख की सहायता पांच मदों में दी जा रही है, जिसमें ₹60 हजार सीधे वधू के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। ₹25 हजार की उपहार सामग्री भी प्रत्येक जोड़े को प्रदान की गई। उपहारों में पांच साड़ियां, वस्त्र, चांदी की पायल और बिछिया, स्टील डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, दीवार घड़ी, सीलिंग फैन, आयरन, कंबल, गद्दे, तकिए, चूड़ियां, कंगन सहित कुल 24 प्रकार की घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल रहीं। इसके अलावा लड्डू के पैकेट, ड्राई फ्रूट्स की टोकरी और विवाह स्मृति एल्बम भी दिए गए।कार्यक्रम स्थल पर विवाह पंजीकरण के लिए अलग काउंटर लगाए गए, जहां ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा रही। पहली बार वधुओं के लिए ब्यूटी पार्लर और सेल्फी प्वाइंट की भी व्यवस्था की गई, जो आकर्षण का केंद्र रहा। नाश्ता और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी।समारोह में हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर, पंदह, सोहांव, दुबहर, गड़वार, रसड़ा और नगरा विकास खंडों के जोड़े शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि औऱ अधिकारी मौजूद रहे। अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
डीएम ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों के शत-प्रतिशत सत्यापन का दिया निर्देश
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन एवं विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई मार्ग के किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई, पटरी व नाली मरम्मत तथा अवैध कट्स से संबंधित बिंदुओं पर अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों के किनारे नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
एनएचएआई मार्ग पर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत के लिए एंबुलेंस एवं क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एनएचएआई प्रतिनिधि को जनपद में क्रेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई, नाली मरम्मत, चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति तथा स्ट्रीट लाइट की क्रियाशीलता की नियमित निगरानी के लिए अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया गया। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने एवं जाम से बचाव के लिए गलत साइड और नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच व चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही चालान किए गए वाहनों की संख्या प्रदर्शित करने को कहा।
उन्होंने अभियान चलाकर मालवाहक वाहनों, विशेषकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए। वाहनों की परमिट एवं फिटनेस की जांच निर्धारित समय अंतराल पर की जाए तथा अनफिट वाहनों को चालान कर बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में एक भी अनफिट वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। साथ ही 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ट्रैफिक लाइट लगाने एवं सड़क सुरक्षा संकेतकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप बनाने, सीट बेल्ट व हेलमेट के प्रयोग के लिए प्रचार-प्रसार करने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए आम नागरिकों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग आर.के. पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियम राजशेखर पांडेय, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, टीएसआई परमहंस सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञान कुंज एकेडमी, बंशीबाजार में कक्षा 12 के विद्यार्थियों का भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह सम्पन्न
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
ज्ञान कुंज एकेडमी, बंशीबाजार में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह, गरिमा और पारंपरिक संस्कारों के साथ किया गया। विद्यालय में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा अपने वरिष्ठ साथियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सिंह के करकमलों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी अतिथियों एवं शिक्षकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. श्री देवेंद्र सिंह एवं प्रधानाचार्या सुधा पाण्डेय ने कक्षा 12वीं के सभी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्या सुधा पाण्डेय ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और संस्कारों की पाठशाला भी है। यहां से सीखी हुई बातें विद्यार्थियों को जीवन के हर कठिन मोड़ पर मार्गदर्शन देती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह विद्यालय की गौरवशाली परंपरा रही है कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है। यह सम्मान उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने का कार्य करता है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाकर सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।
उपप्रधानाचार्या शीला सिंह ने भी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के अध्यक्ष ज्योति स्वरूप पाण्डेय ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जोड़े रखते हैं।
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के शिक्षकगण—जेपी तिवारी, दीपक तिवारी, रविन्द्र प्रताप सिंह, दिलीप पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, लक्ष्मण चौहान, अमजद अली, श्याम सुंदर, आनंद पाण्डेय, भानु प्रताप सिंह, काशी नरेश सिंह, साधना, सागर, धीरेन्द्र, सुनील गुप्ता, कृष्ण मोहन सहित सभी शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा। वहीं स्टूडेंट काउंसिल के छात्र-छात्राओं—आकृति यादव, अक्षिता गुप्ता, नौरीन, समग्र मिश्रा, वैष्णवी मिश्रा, सिमरन और हिमांशु तिवारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई समारोह के अंत में भावुक वातावरण के बीच जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।
Patna: नीट छात्रा मौत केस: CBI जांच पर परिजनों का सवाल, बोले– न्यायिक जांच ही चाहिए
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। Patna में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब सीबीआई के पास जाता दिख रहा है। नीतीश सरकार ने इस केस की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन इस फैसले से पीड़िता का परिवार संतुष्ट नहीं है। शनिवार (31 जनवरी 2026) को जहानाबाद में परिजनों ने मीडिया से बात करते हुए सरकार और बिहार पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए।
पीड़िता के भाई ने कहा कि परिवार ने कभी सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी। शुरू से उनकी मांग हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने मामले में लीपापोती की है और ज्यादातर सबूत पहले ही मिटाए जा चुके हैं। ऐसे में अब सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद कम है।
“डीजीपी ने धमकी दी, CBI पर भरोसा नहीं”
भाई ने दावा किया कि डीजीपी ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि केस सीबीआई को सौंप दिया जाएगा और जांच लंबी खिंचने पर परिवार थक जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई का नाम डराने के लिए इस्तेमाल किया गया, इसलिए अब उस पर भी भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि जिस तरह एसआईटी ने काम किया, वैसा ही सीबीआई भी कर सकती है, जब तक जांच कोर्ट के दिशा-निर्देश में न हो।
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पिता बोले– सरकार के दबाव में बिहार पुलिस
पीड़िता के पिता ने भी सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआत से ही हॉस्पिटल, हॉस्टल और प्रशासन की मिलीभगत रही है। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस सरकार और गृह मंत्री के दबाव में काम कर रही है। उनके मुताबिक, सीबीआई जांच से कुछ नहीं बदलेगा, न्यायिक जांच ही एकमात्र रास्ता है जिस पर उन्हें भरोसा है। पिता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में परिवार को ही लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
फिलहाल, सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी परिजन न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि आगे इस केस में सरकार और अदालत क्या रुख अपनाती हैं।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: अब पात्र महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें शर्तें
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। पहले चरण में महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी। अब सरकार सफल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद देने जा रही है।
हालांकि, यह बड़ी रकम सभी महिलाओं को नहीं मिलेगी। सरकार ने साफ किया है कि दूसरी किस्त का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा, जिन्होंने पहले चरण में मिली राशि का सही उपयोग कर अपना रोजगार शुरू किया और उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।
किन महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये?
सरकार के अनुसार, जिन महिलाओं ने सिलाई, डेयरी, दुकान, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प या किसी अन्य छोटे व्यवसाय की शुरुआत की और छह महीने बाद उनका काम स्थिर व लाभ में पाया गया, वही इस सहायता की पात्र होंगी। मूल्यांकन के दौरान यह देखा जाएगा कि 10 हजार रुपये का उपयोग वास्तव में रोजगार बढ़ाने में हुआ है या नहीं। जरूरत के अनुसार महिलाओं को एकमुश्त 2 लाख रुपये तक दिए जा सकते हैं।
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किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
जिन महिलाओं ने पहली किस्त का उपयोग रोजगार शुरू करने में नहीं किया या जिनका काम छह महीने के भीतर बंद हो गया, वे इस अतिरिक्त सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी। साथ ही, योजना की शर्तों का पालन न करने या रिकॉर्ड संतोषजनक न होने पर भी दूसरी किस्त नहीं दी जाएगी।
सरकार हर आवेदन का गहन मूल्यांकन करेगी। कुछ महिलाओं को 2 लाख रुपये से कम राशि भी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजी जा चुकी है और दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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Sanitary Pad Mandatory In Schools: स्कूलों में सेनेटरी पैड अब सुविधा नहीं, बच्चियों का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट
Sanitary Pad Mandatory In Schools: स्कूल में अचानक पीरियड आ जाना कई बच्चियों के लिए परेशानी भरा होता है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अब स्कूलों में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि बच्चियों का मौलिक अधिकार माना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि मासिक धर्म से जुड़ी सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सभी राज्यों और शिक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में लड़कियों के लिए सेनेटरी पैड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अगर कोई स्कूल इस जिम्मेदारी से पीछे हटता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने तक का कदम उठाया जा सकता है।
कहां करें शिकायत?
अगर किसी स्कूल में सेनेटरी पैड उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तो:
• जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)
• जिला कार्यक्रम पदाधिकारी
को लिखित शिकायत दी जा सकती है।
शिकायत में ये बातें जरूर शामिल करें:
• स्कूल का नाम
• तारीख
• समस्या का विवरण
• संभव हो तो फोटो या अन्य सबूत
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अगर जिला स्तर पर सुनवाई न हो:
• राज्य शिक्षा विभाग
• महिला एवं बाल विकास विभाग
• राज्य/राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
• महिला आयोग या मानवाधिकार आयोग
में भी शिकायत की जा सकती है।
क्या-क्या नियम तय किए गए हैं?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार:
• लड़कियों के लिए अलग और साफ शौचालय
• सेनेटरी पैड की आसान उपलब्धता
• इस्तेमाल किए गए पैड को सुरक्षित तरीके से निपटाने की व्यवस्था
• कई स्कूलों में Menstrual Hygiene Corner बनाने के निर्देश
ये नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर शिक्षा विभाग कार्रवाई कर सकता है।
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