संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में कुछ सरकारी विभागों द्वारा नियमों की अनदेखी कर अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग भी इसी तरह के एक प्रकरण को लेकर चर्चा में है। विभाग द्वारा एक चार पहिया वाहन यूपी 58 जेड 2367 को लगभग पचास हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उपयोग में लिया जा रहा है, जबकि उस वाहन का विभाग से कोई अधिकृत अनुबंध नहीं बताया जा रहा है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी विभाग को वाहन किराये पर लेने से पूर्व विधिवत टेंडर प्रक्रिया अपनानी होती है और केवल टैक्सी परमिट प्राप्त वाहन ही अनुबंध के लिए मान्य होते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग में तय नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जिला पंचायत राज विभाग जिले के प्रभावशाली विभागों में गिना जाता है, जहां कार्यरत अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव असर नहीं डाल पाता। इससे पहले लोकायुक्त का एक आदेश भी इस विभाग के संबंध में जारी हुआ था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बाद में जब लोकायुक्त की ओर से स्मरण पत्र भेजा गया, तो प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ी और जिलाधिकारी की जिम्मेदारी भी सवालों के दायरे में आ गई।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला पंचायत राज अधिकारी के खिलाफ कब कार्रवाई होती है और नियमों के उल्लंघन के इस मामले में जिम्मेदारों पर कब सख्ती की जाएगी।
नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ, जिला पंचायत राज विभाग पर उठे सवाल
उपेक्षा की भेंट चढ़ा पिपरा गांव का सार्वजनिक कुआं, हादसे का बना खतरा
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के साथा ब्लॉक के राजस्व गांव पिपरा में स्थित पुराना सार्वजनिक कुआं लापरवाही और उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। वर्षों से गांव की प्यास बुझाने वाला यह कुआं आज खुद मदद का मोहताज है। कुएं की मुंडेर टूट चुकी है, भीतर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुआं न सिर्फ ऐतिहासिक और उपयोगी धरोहर है, बल्कि गर्मी के दिनों में पानी का अहम स्रोत भी रहा है। लेकिन लंबे समय से साफ-सफाई और मरम्मत के अभाव में यह पूरी तरह उपेक्षित पड़ा है। बच्चों और मवेशियों के लिए यह स्थान खतरनाक बन चुका है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांववासियों की मांग है कि कुएं की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, गिरे पेड़ को हटाया जाए और मुंडेर की मरम्मत कर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अनहोनी से पहले इस सार्वजनिक संपत्ति को बचाया जा सके।
अब सवाल यह है कि पिपरा गांव के इस उपेक्षित कुएं पर कब पड़ेगी जिम्मेदार लोगों की निगाहें?
Russian Indian Student Attack: रूस में मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में चाकूबाजी, चार भारतीय छात्र घायल
Russian Indian Student Attack: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकू से हमला होने की गंभीर घटना सामने आई है। इस हमले में चार भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार, 7 फरवरी 2026 की रात इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी घायल भारतीय छात्रों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी साझा की। दूतावास ने कहा कि उफा में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार भारतीय छात्र घायल हुए हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि दूतावास रूस के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि घायल छात्रों को हर संभव सहायता दी जा सके।
कैसे हुआ हमला?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह घटना शनिवार 7 फरवरी 2026 को हुई। एक 15 वर्षीय किशोर उफा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के परिसर में दाखिल हुआ। आरोपी सीधे यूनिवर्सिटी के छात्रावास, जिसे डॉर्मिट्री कहा जाता है, में पहुंच गया। वहां उसने अचानक मौजूद छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और हिंसक था कि छात्र संभल तक नहीं पाए।
रूस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, आरोपी ने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी ने दो पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि आरोपी को काबू में करने के दौरान पुलिसकर्मी घायल हुए और हमलावर भी जख्मी हो गया।
घायलों की हालत कैसी है?
रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस चाकूबाजी की घटना में घायल चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हमलावर किशोर को भी बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
भारतीय छात्रों को लेकर दूतावास की प्रतिक्रिया
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। दूतावास ने कहा कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात करेंगे और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ भी लगातार संपर्क में बना हुआ है।
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जांच में सामने आई अहम जानकारी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी किशोर एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान वह राष्ट्रवादी नारे भी लगा रहा था। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं और आधिकारिक तौर पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और छात्रावासों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बढ़ती चिंता और सुरक्षा पर सवाल
उफा की इस घटना ने रूस में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में भारतीय छात्र रूस का रुख करते हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर इस तरह की हिंसक घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी के मकसद, उसके नेटवर्क और हमले की पृष्ठभूमि की जांच में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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कोपागंज नाला निर्माण पर सवाल: 1 करोड़ 62 लाख खर्च, छह महीने बाद भी समस्या जस की तस
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज कस्बे में जलनिकासी की पुरानी समस्या के समाधान के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से बनाए गए नाले पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल कोपागंज तक निर्मित इस बड़े नाले का उद्देश्य नगरवासियों को जलजमाव से राहत दिलाना था, लेकिन निर्माण के छह महीने बाद भी यह नाला नगर के मुख्य नालों से नहीं जुड़ सका है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से हुए इस निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। बरसात के दिनों में समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों, गलियों, घरों और दुकानों में घुस जाता था। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता था, बल्कि घरों और दुकानों में रखा सामान भी खराब हो जाता था। इस गंभीर समस्या को लेकर नगरवासियों ने समय-समय पर आवाज उठाई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
बरसात के मौसम में हालात इतने बदतर हो जाते थे कि नगर पंचायत की अधिकांश सड़कें और गलियां तालाब का रूप ले लेती थीं। स्थिति को देखते हुए नगर पंचायत ने कस्बे की जलनिकासी समस्या को शासन के संज्ञान में लाते हुए एक प्रस्ताव भेजा। शासन ने समस्या की गंभीरता को समझते हुए मोहल्ला दोस्तपुरा से जूनियर हाई स्कूल स्थित नहर तक लगभग एक किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए नवंबर 2022 में एक करोड़ 62 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई।

टेंडर प्रक्रिया के बाद करीब डेढ़ वर्ष की देरी से मार्च 2024 में सीएनडीएस विभाग द्वारा नाला निर्माण कार्य किसी तरह शुरू किया गया। यह निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 में पूर्ण हुआ। हालांकि, नाला बनकर तैयार होने के बावजूद इसे नगर के किसी भी मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया, जिससे इसका उद्देश्य अधूरा रह गया है। परिणामस्वरूप नगरवासियों को जलजमाव की समस्या से अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।
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स्थानीय नागरिकों दयानंद, राजू, राजेश, कल्पू, संजीव सहित अन्य लोगों ने नाला निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह नाला फिलहाल बेकार साबित हो रहा है। नगर के जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए बनाए गए इस नाले का संपर्क यदि मुख्य नालों से नहीं कराया गया, तो इसका कोई लाभ नहीं होगा।
इस पूरे मामले में जब नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ. छोटे लाल तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इस नाले का निर्माण सीएनडीएस विभाग द्वारा कराया गया है और अभी तक नगर पंचायत ने इसका हैंडओवर नहीं लिया है। ऐसे में जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
कुल मिलाकर, कोपागंज में जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए किया गया यह नाला निर्माण फिलहाल अपने उद्देश्य को पूरा करता नजर नहीं आ रहा है। मुख्य नालों से कनेक्शन न होने के कारण करोड़ों की लागत से तैयार संरचना पर सवाल उठ रहे हैं और नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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महराजगंज: देने की संस्कृति ही सभ्यता की शक्ति: दान से ही जीवित है मानवता
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानव इतिहास के प्रत्येक युग में यदि किसी एक मूल्य ने समाज को जोड़कर रखा है, तो वह है—दान। दान केवल किसी को वस्तु या धन देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर निहित करुणा, संवेदना और त्याग का सजीव रूप है। जब आदिम मानव ने समूह में रहना आरंभ किया, तब उसने यह समझ लिया था कि अकेले अस्तित्व संभव नहीं है। साझा करने की इसी समझ ने आगे चलकर दान की संस्कृति को जन्म दिया, जो सभ्यता की नींव बन गई।
धार्मिक ग्रंथों में दान को सर्वोच्च पुण्य माना गया है, लेकिन इसकी सार्थकता केवल धार्मिक दायरे तक सीमित नहीं है। सामाजिक दृष्टि से दान असमानताओं को कम करने का एक सशक्त माध्यम है। जब समाज का सक्षम वर्ग जरूरतमंद की सहायता करता है, तो इससे विश्वास और सहयोग की भावना विकसित होती है। दान सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देता है और मानवीय संबंधों को टूटने से बचाता है।
अक्सर दान को केवल धन से जोड़कर देखा जाता है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। ज्ञान दान से समाज में जागरूकता आती है, समय दान से किसी के जीवन की दिशा बदल सकती है। रक्तदान और अंगदान किसी को नया जीवन देने का माध्यम बनते हैं। एक शिक्षक का निःस्वार्थ समर्पण, एक चिकित्सक की सेवा भावना या किसी युवा का समाजसेवा में योगदान—ये सभी दान के ही विभिन्न स्वरूप हैं।
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मनोवैज्ञानिक अध्ययनों से भी यह स्पष्ट होता है कि देने से व्यक्ति को आत्मसंतोष और मानसिक शांति प्राप्त होती है। प्रकृति ने मनुष्य को इस प्रकार गढ़ा है कि वह केवल लेने में नहीं, बल्कि देने में भी आनंद अनुभव करता है। यही कारण है कि दान केवल प्राप्तकर्ता के लिए नहीं, बल्कि दाता के लिए भी कल्याणकारी होता है।
वर्तमान समय में भौतिक प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के बीच दान की भावना कहीं न कहीं कमजोर पड़ती दिखाई देती है। फिर भी इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन समाजों में त्याग, सहयोग और साझा करने की परंपरा मजबूत रही, वे अधिक स्थायी और समृद्ध बने। दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय चेतना का प्रतीक है।
मानव सृष्टि भावनाओं और रिश्तों का एक विस्तृत जाल है। इस जाल को मजबूती देने वाली सबसे सशक्त कड़ी दान ही है। जब तक देने की संस्कृति जीवित है, तब तक मानवता सुरक्षित है और सभ्यता सशक्त बनी रहती है।
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महराजगंज: सांसद आदर्श ग्राम हरिहरपुर में प्रशासन की चौपाल: डीएम ने गांव में बैठकर सुनी जनता की आवाज़
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सांसद आदर्श ग्राम हरिहरपुर शनिवार को प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में भव्य ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर वीबी-जी राम जी योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत ग्रामीणों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना अस्थायी रोजगार के साथ-साथ स्थायी आजीविका सृजन और ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना के विकास पर केंद्रित है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा की जानकारी दी गई। किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने का आह्वान किया गया, ताकि कृषि योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।
पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 1.08 लाख रुपये तक अनुदान की जानकारी दी गई, जिससे बिजली बिल में कमी के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित की जा सकती है। मतदाताओं से फार्म-06 भरकर निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने की अपील भी की गई।
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चौपाल में 225 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर दवाओं का वितरण किया गया। 16 आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 64 लोगों की विभिन्न जांचें हुईं और 80 पशुओं को कृमिनाशक दवा दी गई। पीएम सूर्य घर योजना के 13 आवेदन किए गए। पूर्ति विभाग द्वारा 25 नए यूनिट जोड़े गए। अन्नप्राशन और गोदभराई संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिससे कार्यक्रम सामाजिक उत्सव का रूप लेता दिखा।
कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने किया। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी मिठौरा राहुल सागर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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कार्रवाई के आश्वासन के बाद उठी अर्थी: आदित्य चौरसिया अंतिम संस्कार से पहले न्याय की मांग पर अड़े परिजन
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।फरेंदा क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव निवासी 17 वर्षीय आदित्य चौरसिया की संदिग्ध मौत के बाद शनिवार को पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बीते 6 फरवरी की सुबह लेजार महदेवा क्षेत्र में एक बगीचे के पास गेहूं के खेत से पुलिस ने आदित्य का शव बरामद किया था।
पोस्टमार्टम के बाद जब आदित्य चौरसिया का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग जुट गए।
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न्याय की मांग पर अड़े रहे परिजन
शनिवार सुबह आदित्य चौरसिया मौत मामले में परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। उनका कहना था कि जब तक मुकदमे में नामजद आरोपियों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
परिजनों के विरोध के चलते कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सिद्धार्थ, सीओ अनिरुद्ध कुमार, फरेंदा तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा, फरेंदा कोतवाल योगेंद्र कुमार राय, पुरंदरपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार राय और बृजमनगंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
वरिष्ठ नेता श्याम सुंदर दास भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शाम 4 बजे निकली अंतिम यात्रा
लगातार समझाने-बुझाने और प्रशासनिक आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे आदित्य चौरसिया की अंतिम यात्रा बैकुंठपुर गांव से त्रिमुहानी घाट के लिए निकाली गई। पुलिस की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
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प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन की ओर से साफ कहा गया है कि आदित्य चौरसिया संदिग्ध मौत मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि गांव में अब भी मातम पसरा हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
जब दुनिया ने कई महान हस्तियों को खो दिया
8 फ़रवरी को हुए निधन: देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक दिन
इतिहास के पन्नों में 8 फरवरी को हुए निधन एक विशेष स्थान रखते हैं। इस दिन राजनीति, साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम और विश्व इतिहास से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों ने दुनिया को अलविदा कहा। उनका जीवन और योगदान आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।
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🏛️ हुलेगु ख़ान (निधन: 8 फ़रवरी 1265)
8 फरवरी को हुए निधन में सबसे प्राचीन नामों में हुलेगु ख़ान शामिल हैं। वे मंगोल शासक और इलख़ानी साम्राज्य के संस्थापक थे। पश्चिम एशिया में मंगोल सत्ता की स्थापना में उनकी निर्णायक भूमिका रही। उनका शासनकाल मध्यकालीन इतिहास में गहरे प्रभाव के लिए जाना जाता है।
📚 कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (निधन: 8 फ़रवरी 1971)
महान लेखक, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी के.एम. मुंशी का नाम 8 फरवरी को हुए निधन में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भारतीय संविधान सभा के सदस्य रहे और भारतीय साहित्य व सांस्कृतिक पुनर्जागरण में उनका योगदान अतुलनीय रहा। ‘कृष्णावतार’ जैसे ग्रंथ आज भी लोकप्रिय हैं।
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🚩 कल्पना दत्त (निधन: 8 फ़रवरी 1995)
8 फरवरी निधन की सूची में कल्पना दत्त का नाम भारतीय महिला क्रांतिकारियों में विशेष स्थान रखता है। वे चिटगांव शस्त्रागार आंदोलन से जुड़ी रहीं और आज़ादी की लड़ाई में साहस व समर्पण की मिसाल बनीं।
🏛️ टीका राम पालीवाल (निधन: 8 फ़रवरी 1995)
राजस्थान की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले टीका राम पालीवाल, राज्य के पूर्व चौथे मुख्यमंत्री रहे। 8 फरवरी को हुए निधन के साथ राजस्थान ने एक अनुभवी और सादगीपूर्ण नेता को खो दिया, जिन्होंने जनसेवा को प्राथमिकता दी।
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🔎 8 फरवरी का इतिहास क्यों है खास
हर वर्ष 8 फरवरी को हुए निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि व्यक्तित्व भले ही समय के साथ चले जाएं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और योगदान हमेशा जीवित रहते हैं। यह दिन इतिहास, साहित्य और स्वतंत्रता संग्राम को नमन करने का अवसर है।
✨8 फ़रवरी को जन्मे महान और प्रेरणादायक व्यक्तित्व
हर तारीख इतिहास के पन्नों में कुछ खास नाम दर्ज करती है। 8 फरवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति भारत और विश्व के सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और खेल इतिहास में अहम योगदान देने वाले रहे हैं। आइए जानते हैं उन महान व्यक्तित्वों के बारे में, जिनका जन्म आज के दिन हुआ।
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🔹 डॉ. ज़ाकिर हुसैन (जन्म: 8 फरवरी 1897)
भारत के तीसरे राष्ट्रपति रहे डॉ. ज़ाकिर हुसैन एक महान शिक्षाविद् और विद्वान थे। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के संस्थापकों में शामिल रहे और भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी।
🔹 शोभा गुर्टू (जन्म: 8 फरवरी 1925)
भारतीय शास्त्रीय संगीत में ठुमरी गायन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाली शोभा गुर्टू को भावपूर्ण गायकी के लिए जाना जाता है।
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🔹 बाला देसाई (जन्म: 8 फरवरी 1928)
गोवा मुक्ति आंदोलन से जुड़ीं बाला देसाई गोमांतक दल की प्रमुख सदस्य रहीं और सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाई।
🔹 जगजीत सिंह (जन्म: 8 फरवरी 1941)
ग़ज़लों की दुनिया के बादशाह कहे जाने वाले जगजीत सिंह ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी आवाज़ आज भी श्रोताओं के दिलों में ज़िंदा है।
🔹 जेम्स माइकल लिंगदोह (जन्म: 8 फरवरी 1939)
भारत के 12वें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे जे.एम. लिंगदोह ने चुनाव सुधारों में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
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🔹 अशोक चक्रधर (जन्म: 8 फरवरी 1951)
हिंदी साहित्य और मंचीय काव्य के लोकप्रिय हस्ताक्षर अशोक चक्रधर अपनी हास्य-व्यंग्य शैली के लिए प्रसिद्ध हैं।
🔹 मोहम्मद अज़हरुद्दीन (जन्म: 8 फरवरी 1963)
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन अपनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
🔹 एकता बिष्ट (जन्म: 8 फरवरी 1986)
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी स्पिन गेंदबाज़ एकता बिष्ट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का नाम रोशन किया।
🔹 वी. टी. कृष्णमाचारी (जन्म: 8 फरवरी 1881)
प्रख्यात भारतीय प्रशासक और सिविल सेवक रहे वी.टी. कृष्णमाचारी ने आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों में योगदान दिया।
🔹 दमित्री मेंडलीव (जन्म: 8 फरवरी 1834)
रूसी वैज्ञानिक दमित्री मेंडलीव ने आवर्त सारणी (Periodic Table) का निर्माण कर आधुनिक रसायन विज्ञान की नींव रखी।
🔶 क्यों खास है 8 फरवरी?
8 फरवरी को जन्मे महान लोग शिक्षा, संगीत, विज्ञान, राजनीति और खेल—हर क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत हैं। यह दिन इतिहास और उपलब्धियों का संगम है।
📜 8 फ़रवरी का इतिहास: भारत और विश्व की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
8 फ़रवरी का दिन भारत और विश्व इतिहास में कई राजनीतिक, सैन्य, वैज्ञानिक और खेल जगत की बड़ी घटनाओं के लिए जाना जाता है। इस दिन घटित घटनाओं ने न केवल अपने समय को प्रभावित किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के इतिहास को भी दिशा दी।
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🕰️ 8 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
1238
मंगोल आक्रमणकारियों ने रूस के ऐतिहासिक शहर व्लादिमीर को आग के हवाले कर दिया। यह हमला यूरोप में मंगोल विस्तार का प्रतीक माना जाता है।
1785
भारत के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने 11 वर्षों के कार्यकाल के बाद भारत छोड़ा। ब्रिटिश शासन की प्रशासनिक नींव मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही।
1872
अंडमान की कुख्यात सेल्यूलर जेल (कालापानी) में स्वतंत्रता सेनानी शेर अली अफ़रीदी ने ब्रिटिश गवर्नर लॉर्ड मेयो पर हमला कर देश के लिए शहादत दी।
1905
हैती और आसपास के द्वीप समूहों में आए भीषण चक्रवाती तूफान से करीब 10,000 लोगों की मृत्यु हुई, जिसे उस सदी की बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है।
1909
यूरोपीय देशों फ्रांस और जर्मनी के बीच मोरक्को संधि पर हस्ताक्षर हुए, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में संतुलन बना।
1943
महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जर्मनी के केल बंदरगाह से पनडुब्बी द्वारा जापान के लिए रवाना हुए, जो आज़ादी की लड़ाई का ऐतिहासिक अध्याय है।
1971
दक्षिण वियतनाम की सेना ने लाओस पर हमला किया, जिससे वियतनाम युद्ध और अधिक उग्र हो गया।
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1979
अमेरिका ने नेवादा में एक और परमाणु परीक्षण किया, जो शीत युद्ध काल की प्रमुख घटनाओं में शामिल है।
1986
दिल्ली हवाई अड्डे पर पहली बार प्रीपेड टैक्सी सेवा शुरू हुई, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिली।
1994
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में 432 विकेट लेकर रिचर्ड हैडली का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा।
1999
अमेरिकी अंतरिक्ष यान स्टारडस्ट को केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
2002
भारत और रूस के बीच चार रक्षा समझौते हुए, हालांकि विमानवाहक पोत गोर्शकोव का सौदा अटक गया।
इसी दिन अमेरिका के साल्ट लेक सिटी में 19वें शीतकालीन ओलंपिक खेलों का शुभारंभ हुआ।
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2005
मिस्र के शर्म अल शेख़ में इस्रायल और फ़िलिस्तीन के बीच शिखर सम्मेलन हुआ, जिसमें हिंसा समाप्त करने की घोषणा की गई।
2006
दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल में भारत-कोरिया के बीच तीन अहम समझौते संपन्न हुए।
2007
भूटान नरेश ने अपनी पहली आधिकारिक भारतीय यात्रा की।
2008
आईआईएससी बेंगलुरु के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य को जीडी बिड़ाला पुरस्कार मिला।
उड़ीसा के शिशुपालगढ़ में खुदाई के दौरान 2500 वर्ष पुराना नगर मिला।
अमेरिका में जॉन मैक्केन रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए।
अंतरिक्ष यान अटलांटिस आईएसएस के लिए रवाना हुआ।
2009
हजारों पूर्व सैनिकों ने सरकार की उपेक्षा से आहत होकर अपने पदक राष्ट्रपति को लौटाए।
2010
श्रीनगर के पास खिलनमर्ग में हिमस्खलन से सेना के 350 जवान दबे, जिनमें से 70 को बचाया गया।
2014
सऊदी अरब के मदीना शहर में होटल में आग लगने से 15 लोगों की मौत और 130 घायल हुए।
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🔍 क्यों खास है 8 फ़रवरी का इतिहास?
8 फ़रवरी का इतिहास भारत और विश्व की राजनीतिक घटनाओं, स्वतंत्रता आंदोलन, वैज्ञानिक उपलब्धियों और खेल रिकॉर्ड्स का सजीव दस्तावेज है। यही कारण है कि Aaj Ka Itihas 8 February गूगल पर सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले विषयों में शामिल रहता है।
Kota Building Collapse: नॉनवेज रेस्टोरेंट की इमारत गिरी, 10 लोग घायल, रेस्क्यू जारी
कोटा/राजस्थान (राष्ट्र की परम्परा)। राजस्थान के कोटा में शनिवार, 7 फरवरी 2026 को एक बड़ा हादसा सामने आया। जवाहर नगर थाना क्षेत्र के ओपेरा हॉस्पिटल रोड पर स्थित दिल्ली स्पाइस मुरादाबादी नामक नॉनवेज रेस्टोरेंट की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय रेस्टोरेंट की बिल्डिंग में कई लोग मौजूद थे। मलबे में 10 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर मलबा हटाने का काम किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक मलबे से 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहले चरण में पांच घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया था, जिसके बाद राहत कार्य तेज होने पर घायलों की संख्या बढ़कर 10 हो गई। सभी घायलों को इलाज के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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हादसे की गंभीरता को देखते हुए दो जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से काट दी गई है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। इसके अलावा राजस्थान सरकार में शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू की जानकारी ली और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।
मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय की ओर से हादसे में दो बच्चों की मौत का दावा किया गया है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जिला प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबा पूरी तरह हटाकर रेस्क्यू कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और मलबे में दबे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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बहराइच: डीएम की अध्यक्षता में तहसील नानपारा में सम्पन्न हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापरक निस्तारण के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवस की कड़ी में तहसील नानपारा में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक रामनयन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह सहित अन्य जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों के साथ जनसमस्याओं की सुनवाई की।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निस्तारण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे फरियादी पूरी तरह संतुष्ट हो सके और उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाले सभी गरीब, जरूरतमंद एवं असहाय व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। साथ ही पात्र व्यक्तियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
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इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा, जिला गन्ना अधिकारी आनन्द शुक्ला, एलडीएम जितेन्द्र मंसद, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विकास खंड अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
आंकड़ों के अनुसार, तहसील नानपारा में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 32 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर ही 4 प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण कर दिया गया। वहीं, मिहींपुरवा (मोतीपुर) में प्राप्त 20 प्रार्थना-पत्रों में से 2 का निस्तारण, कैसरगंज में प्राप्त 62 में से 5, पयागपुर में प्राप्त 43 में से 5, महसी में प्राप्त 15 में से 1 तथा तहसील सदर में प्राप्त 15 प्रार्थना-पत्रों में से 2 का निस्तारण मौके पर किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करते हुए उसकी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशासन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
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गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत बहराइच में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। देव संस्कृति ग्रामोदय इंटर कॉलेज, आचार्य नगर रामपुर रुपईडीहा परिसर में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत निशुल्क चिकित्सा सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र चर्दा एवं एसएसबी 42वीं वाहिनी की मेडिकल टीम के संयुक्त तत्वावधान में वृद्ध, अशक्त महिला-पुरुषों एवं विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में आए लोगों को चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी निशुल्क वितरित की गईं।
शिविर के दौरान विद्यालय प्रबंधन तंत्र तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं पर्यावरणविदों की मौजूदगी में उपस्थित लोगों को नशा उन्मूलन का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर आयोजित चिकित्सा शिविर एवं नशा उन्मूलन चौपाल को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख जय प्रकाश सिंह ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक अपराध है। इसे समाप्त करने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर ही नशा जैसी बुराई पर पूर्ण विराम लगाया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधक एवं महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष अवध संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध नशे के क्रय-विक्रय, उपभोग और उत्पादन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा लगातार सामूहिक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों से लोगों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर चेतना बढ़ रही है, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चर्दा के प्रभारी डॉ. महेश विश्वकर्मा ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधा के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो सके।
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कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक एवं प्रवक्ता राजीव श्रीवास्तव तथा संघ चिंतक आशीष त्रिपाठी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद प्राचार्य शुभम श्रीवास्तव एवं पर्यावरणविद आयूष वर्मा ने अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन किसान परिषद संयोजक शिव पूजन सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नमामि गंगे संयोजक चन्द्र प्रकाश मिश्रा द्वारा किया गया। शिविर में डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ के चिकित्सक डॉ. मोहित कुमार सिंह, डॉ. तनुश्री तिवारी, डॉ. देवांशी उपाध्याय, डॉ. शौर्य सिंह, डॉ. सत्यम कुमार सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। सामुदायिक चिकित्सा कर्मियों में आशुतोष वर्मा, डॉ. गौरव वर्मा तथा एसएसबी मेडिकल टीम से डॉ. देव व्रत सिंह और डॉ. रवि श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा संघ विचारक इंद्र बहादुर सिंह, आदित्य खत्री, समाजसेवी डॉ. दुर्गेश वर्मा, समाजसेवी पंकज यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिविर में आए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संजीव श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख जय प्रकाश सिंह और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में उपस्थित लोगों को नशा उन्मूलन का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। इस संकल्प के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
इस प्रकार गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा कार्यक्रम के तहत आयोजित यह निशुल्क चिकित्सा शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और नशा उन्मूलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में भी सफल साबित हुआ।
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India vs USA Match Highlights: सूर्यकुमार यादव की 84 रन की दमदार पारी, भारत ने USA को 29 रन से हराया
India vs USA Match Highlights: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार आगाज करते हुए अपने पहले मुकाबले में यूएसए को 29 रनों से शिकस्त दी। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 161 रन बनाए। जवाब में यूएसए की टीम निर्धारित ओवरों में 132 रन ही बना सकी और भारत ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।
मैच में यूएसए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत में अमेरिकी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। ओपनर अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे खाता तक नहीं खोल सके। हालांकि तिलक वर्मा ने 25 रन और ईशान किशन ने 20 रन की उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन भारतीय पारी की रीढ़ कप्तान सूर्यकुमार यादव बने।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संकट के समय टीम को संभालते हुए नाबाद 84 रनों की मैच विजेता पारी खेली। उन्होंने 49 गेंदों में यह पारी खेली और भारतीय स्कोर को सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया। यदि सूर्यकुमार यादव का बल्ला नहीं चलता, तो भारतीय टीम 130–140 रन पर सिमट सकती थी।
यूएसए की गेंदबाजी में शेडली वैन शाल्कविक सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने एक ही ओवर में ईशान किशन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे को आउट कर मैच में सनसनी फैला दी। शेडली वैन शाल्कविक ने 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। हरमीत सिंह ने भी 2 विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया।
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162 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएसए की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई। भारत की ओर से मोहम्मद सिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए। उल्लेखनीय है कि मोहम्मद सिराज भारतीय टीम के मूल स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे, बल्कि उन्हें चोटिल हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था।
इसके अलावा अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट झटके, जबकि मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने एक विकेट हासिल किया। हार्दिक पांड्या इस मैच में सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने 4 ओवर में 34 रन खर्च किए।
इस जीत के साथ भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत मजबूती से की है। इससे पहले पाकिस्तान और वेस्टइंडीज भी अपने-अपने शुरुआती मुकाबले जीत चुके हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी और भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने टीम इंडिया को टूर्नामेंट में आत्मविश्वास से भरी शुरुआत दिलाई है।
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पैसा, प्रेम और करियर – मूलांक राशिफल बताएगा आज का पूरा हाल
🔮 आज का मूलांक राशिफल 8 फरवरी 2026
आज का मूलांक राशिफल 8 फरवरी 2026 अंक ज्योतिष पर आधारित है, जिसमें जन्मतिथि के अनुसार मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए करियर, धन, परिवार, स्वास्थ्य और उपायों का विस्तृत विवरण दिया गया है। अगर आप जानना चाहते हैं कि 8 फरवरी 2026 का मूलांक राशिफल आपके लिए क्या संकेत दे रहा है, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है।
🔢 मूलांक 1 का राशिफल (Mulank 1 Horoscope Today)
जिनका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 1 होता है और इन पर सूर्य देव का प्रभाव रहता है।
आज कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत रंग लाएगी। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा, लेकिन पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। बातचीत में संयम जरूरी है।
उपाय: रविवार को नमक रहित भोजन करें।
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🌙 मूलांक 2 का राशिफल (Mulank 2 Rashifal)
जन्मतिथि 2, 11, 20 या 29 वाले जातक चंद्र देव से प्रभावित होते हैं।
आज संतान को खेल या प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है। माता के स्वास्थ्य में भी सुधार के योग बन रहे हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा।
उपाय: दूध, दही, चावल या खीर का सेवन करें।
📿 मूलांक 3 का राशिफल (Mulank 3 Numerology Today)
3, 12, 21 या 30 को जन्मे जातकों के लिए दिन शुभ है।
सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में लाभ देगा। युवा वर्ग करियर को लेकर गंभीर रहेगा और अनुभवी लोगों से सलाह ले सकता है।
उपाय: पीला रुमाल या कपड़ा पास रखें।
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🌪️ मूलांक 4 का राशिफल (Mulank 4 Today Prediction)
4, 13, 22 या 31 तारीख को जन्मे जातकों पर राहु का प्रभाव रहता है।
पैतृक संपत्ति को लेकर चर्चा संभव है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में समय लगेगा। धैर्य और समझदारी से काम लें।
उपाय: मंदिर में मूली दान करें।
🧠 मूलांक 5 का राशिफल (Mulank 5 Rashifal Hindi)
5, 14 या 23 तारीख को जन्मे जातकों के लिए स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।
दांत, मसूड़ों या मुंह से जुड़ी समस्या हो सकती है। लापरवाही न करें और समय रहते उपचार लें।
उपाय: मंदिर में कपूर जलाएं।
💖 मूलांक 6 का राशिफल (Mulank 6 Love & Family Horoscope)
6, 15 या 24 को जन्मे जातक शुक्र देव से प्रभावित होते हैं।
दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। बच्चों के मामलों में सख्ती से बचें और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।
उपाय: नहाने के पानी में गुलाब जल मिलाएं।
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🕉️ मूलांक 7 का राशिफल (Mulank 7 Spiritual Horoscope)
7, 16 या 25 तारीख को जन्मे जातकों का झुकाव आज आध्यात्मिक रहेगा।
पूजा-पाठ या आत्मचिंतन से मानसिक शांति मिलेगी। कार्य से जुड़ी छोटी यात्रा लाभदायक हो सकती है।
उपाय: सोना धारण करें।
⚖️ मूलांक 8 का राशिफल (Mulank 8 Shani Dev Prediction)
8, 17 या 26 को जन्मे जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन बेहतर है।
आय के नए स्रोत बन सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े रुके कार्य आगे बढ़ेंगे। वाहन चलाते समय सावधानी जरूरी है।
उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें।
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🔥 मूलांक 9 का राशिफल (Mulank 9 Business Horoscope)
9, 18 या 27 को जन्मे जातकों पर मंगल देव का प्रभाव रहता है।
व्यवसाय में व्यस्तता बनी रहेगी। अधिक काम के कारण थकान हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
उपाय: मसूर की दाल जल में प्रवाहित करें।
📌 निष्कर्ष- आज का मूलांक राशिफल 8 फरवरी 2026 बताता है कि सही उपाय, संतुलित सोच और सावधानी से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। अंक ज्योतिष के अनुसार छोटे-छोटे निर्णय भी भविष्य पर बड़ा प्रभाव डालते हैं।
