Thursday, April 2, 2026
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डीडीयू विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया की तिथियों में विस्तार कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह द्वारा जारी सूचना के अनुसार विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों (परंपरागत व व्यावसायिक) के समस्त छात्रों को राहत देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जारी सूचना के मुताबिक छात्र-छात्राएं अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन 2 अप्रैल 2026 तक जमा कर सकेंगे। वहीं विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा बैंक चालान (बिना विलंब शुल्क) के माध्यम से आवेदन की अंतिम तिथि भी 2 अप्रैल 2026 तक तय की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित महाविद्यालयों एवं विद्यार्थियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित तिथियों के भीतर परीक्षा फॉर्म भरना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित न होना पड़े।

एलईडी प्रचार वाहन संग ‘स्कूल चलो अभियान’ की रैली, नामांकन बढ़ाने को जनजागरण तेज

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी आलोक कुमार ने एलईडी प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने आह्वान किया कि 06 से 14 वर्ष का कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित न रहे। छूटे हुए बच्चों को सर्वे के माध्यम से चिन्हित कर उनका नामांकन सुनिश्चित करते हुए संघनित पाठ्यक्रम से आयु आधारित शिक्षा दी जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों को ग्राम पंचायत एवं अन्य मदों से सुसज्जित किया जा रहा है। कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों को आधुनिक व संस्कारित शिक्षा मिल रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा के लिए धनराशि उपलब्ध कराकर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से लघु फिल्में व संदेश प्रसारित कर अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन हेतु जागरूकता फैलाई जाएगी।
इसी क्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 के आगाज पर खलीलाबाद में स्कूल चलो अभियान की रैली को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी जनार्दन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कंपोजिट विद्यालय खलीलाबाद सहित आसपास के विद्यालयों के बच्चों ने तख्तियां लेकर जनजागरूकता का संदेश दिया।
रैली का उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना रहा। रैली की समाप्ति जूनियर हाई स्कूल खलीलाबाद परिसर में हुई, जहां बच्चों का स्वागत कर मिठाई वितरित की गई तथा निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि साक्षरता दर को शत-प्रतिशत तक पहुंचाना लक्ष्य है और इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। खंड शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों व शिक्षकों से अपील की कि नामांकन बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि जनपद में मुख्यमंत्री विद्यालय योजना के अंतर्गत एकीकृत परिसर विकसित किया जा रहा है, साथ ही कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के उच्चीकरण पर भी कार्य चल रहा है। बालिका शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
जनपद स्तर के साथ-साथ विकास खंड स्तर पर भी रैलियां निकालकर बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। कार्यक्रम का संचालन इंद्रेश पांडेय ने किया। इस अवसर पर विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Deoria Gas Crisis: सर्वर फेल या सिस्टम फेल? पहले ही दिन गैस संकट से बिगड़ी व्यवस्था

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही जिले में गैस संकट ने गंभीर रूप ले लिया। पहले ही दिन गैस आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई, जिससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।

घंटों लाइन में खड़े रहे उपभोक्ता

सुबह से ही जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कई उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल सका और उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ा।

‘सर्वर फेल’ बना बहाना

एजेंसी संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को अलग-अलग कारण बताए गए। कभी सर्वर न चलने की बात कही गई, तो कभी सर्वर ठप होने का हवाला देकर लोगों को टाल दिया गया। अंततः कई लोगों को अगले दिन आने के लिए कहकर वापस भेज दिया गया।

प्रशासनिक तैयारी पर सवाल

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाई, जिसके चलते यह संकट उत्पन्न हुआ। सरकारी दावे पहले ही दिन फेल होते नजर आए।

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वैकल्पिक साधनों का सहारा

स्थिति से परेशान होकर कुछ लोग लकड़ी, कोयला और अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने को मजबूर हो गए हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ रही हैं।

जनता में बढ़ा आक्रोश

जिले की अधिकांश गैस एजेंसियों पर यही हालात देखने को मिले। एक ओर सरकार लोगों से घबराने से बचने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्था से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

अब लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं।

Deoria News: कमर्शियल गैस कीमत बढ़ोतरी के विरोध में सपा का प्रदर्शन, बरहज में किया विरोध

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कमर्शियल गैस सिलेंडर के मूल्य में 195 रुपये की बढ़ोतरी के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने तहसील रोड बरहज पर जोरदार प्रदर्शन किया।

विजय रावत के नेतृत्व में विरोध

सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर, लकड़ी और कंडा लेकर प्रदर्शन किया तथा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांग की।

सरकार पर साधा निशाना

विजय रावत ने कहा कि देश में पहले से ही गैस सिलेंडर की कमी बनी हुई है और आम जनता को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी करना जनता के साथ अन्याय है।

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आंदोलन की दी चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम वापस नहीं लिए गए, तो सपा बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत लगातार कीमतें बढ़ रही हैं।

हर वर्ग पर असर

रावत ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम जनता, किसान, नौजवान, बेरोजगार और व्यापारी सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं और खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

कई कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान संजय सिंह, राहुल तिवारी, सन्नी मिश्रा, अनरूद यादव, अख्तर आलम, विकास कुमार, दिनेश यादव, विवेक पटेल, राजू मिश्रा, अखिलेश कुमार, अनिश राजभर, राकेश सिंह, अनिल सुशील, रोहित, रोशन प्रजापति सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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ज्यूडिशियल काउंसिल ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी कीमत वापस लेने की मांग की

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)
ज्यूडिशियल काउंसिल ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में की गई भारी वृद्धि की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अनुचित, असंवेदनशील और छोटे व्यवसायों तथा आम नागरिक की आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत हानिकारक बताया है।
अपने आधिकारिक वक्तव्य में ज्यूडिशियल काउंसिल के चेयरमैन राजीव अग्निहोत्री ने कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय ने छोटे और मध्यम उद्यमों पर असहनीय वित्तीय बोझ डाल दिया है। इसमें रेहड़ी-पटरी वाले, ढाबा संचालक, रेस्टोरेंट और अनेक सेवा प्रदाता शामिल हैं, जो अपने दैनिक कार्यों के लिए एलपीजी पर अत्यधिक निर्भर हैं। ज्यूडिशियल काउंसिल ने जोर देकर कहा कि ये क्षेत्र जमीनी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और पहले से ही बढ़ती लागत और घटते मुनाफे से जूझ रहे हैं।
राजीव अग्निहोत्री ने कहा, कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में अचानक और भारी वृद्धि मात्र एक नीतिगत निर्णय नहीं है—यह करोड़ों लोगों की आजीविका पर सीधा आघात है। ऐसे समय में जब व्यवसाय खुद को संभालने और बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं, आम नागरिकों पर बढ़ी कीमत थोपना उचित नहीं है।”
ज्यूडिशियल काउंसिल ने आगे चेतावनी दी कि इस मूल्य वृद्धि का व्यापक प्रभाव वस्तुओं और सेवाओं की लागत में वृद्धि के रूप में सामने आएगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी और आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। काउंसिल के अनुसार, इस वृद्धि को लागू करने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपाय, राहत प्रावधान या हितधारकों से परामर्श का अभाव निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
इस कदम को “आर्थिक रूप से विघटनकारी और सामाजिक रूप से असंवेदनशील” बताते हुए ज्यूडिशियल काउंसिल ने कहा कि सभी नीतिगत निर्णयों में जनकल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। काउंसिल ने यह भी रेखांकित किया कि जो भी कदम छोटे उद्यमियों और दैनिक मजदूरी करने वालों को असमान रूप से प्रभावित करता है, वह समावेशी विकास और आर्थिक न्याय के व्यापक उद्देश्य को कमजोर करता है।
इन चिंताओं के मद्देनज़र, ज्यूडिशियल काउंसिल ने कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल और बिना शर्त वापस लेने की सख्त मांग की है। साथ ही, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से पारदर्शी, न्यायसंगत और स्थिर मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू करने का आह्वान किया है, जिससे छोटे व्यवसायों को ईंधन लागत में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिल सके।
अग्निहोत्री ने कहा वर्तमान स्थिति असहनीय है। यदि तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इससे व्यापक आर्थिक संकट, व्यवसायों का बंद होना और बड़े पैमाने पर आजीविका का नुकसान होगा।
ज्यूडिशियल काउंसिल ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से बिना विलंब हस्तक्षेप करने और राष्ट्रहित में निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया है। काउंसिल ने दोहराया कि शासन व्यवस्था को जवाबदेह, संवेदनशील और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अर्थव्यवस्था के हाशिये पर हैं।
अपने वक्तव्य के समापन में, ज्यूडिशियल काउंसिल ने आशा व्यक्त की कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करेगी तथा एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वहनीयता, स्थिरता और जनविश्वास को बहाल करेगी।

महापौर व नगर आयुक्त ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

निर्माण में लापरवाही पर जताई नाराजगी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
नगर निगम क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव एवं नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम के पुराने कार्यालय भवन में बन रहे म्यूजियम, ट्रांसपोर्ट नगर में निर्माणाधीन कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स तथा राप्ती नदी किनारे एकला बंधा पर चल रहे सुंदरीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। सबसे पहले नगर निगम के पुराने भवन में बन रहे म्यूजियम का निरीक्षण किया गया, जहां नगर आयुक्त ने कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पहुंची। यहां निर्माण कार्य की प्रगति काफी धीमी पाए जाने पर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले निरीक्षण के बाद भी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने तथा पेनाल्टी लगाने के लिए मुख्य अभियंता को निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के क्रम में राप्ती नदी के किनारे एकला बंधा पर चल रहे सुंदरीकरण कार्य का भी जायजा लिया गया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह कार्य हर हाल में 10 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं में अपेक्षित सुधार हो सके।

गोरखपुर परिक्षेत्र में अपराध पर शिकंजा कसने की नई पहल

एक जैसे अपराधों की कड़ियों को जोड़ने के लिए क्राइम एनालिसिस टीम’ का गठन

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर जोन में बढ़ते संगठित अपराधों और एक ही तरह की वारदातों को कई जनपदों में अंजाम देने वाले गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देश पर गोरखपुर परिक्षेत्र स्तर पर क्राइम एनालिसिस टीम का गठन किया गया है।
एडीजी जोन अशोक जैन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्तमान समय में यह देखा जा रहा है कि अपराधी गैंग एक से अधिक जनपदों में एक जैसी घटनाओं—जैसे शराब की दुकानों पर नकबजनी—को अंजाम दे रहे हैं। इन घटनाओं की कार्यप्रणाली भी समान होती है, लेकिन संबंधित जनपद अक्सर अपने-अपने स्तर पर ही मामलों के खुलासे पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर अपराधियों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए परिक्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर में अपराध शाखा के अधीन एक विशेष “क्राइम एनालिसिस टीम” का गठन किया गया है। इस टीम में उपनिरीक्षक श्रीराम उपाध्याय (वाचक), मुख्य आरक्षी सतीश शर्मा एवं उपनिरीक्षक वरुण सांक्रित्यायन को शामिल किया गया है।
टीम का मुख्य कार्य ऐसे अपराधों की पहचान करना होगा, जो अलग-अलग जनपदों में समान तरीके से लगातार घटित हो रहे हैं। वाचक स्तर से इन घटनाओं की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद टीम संबंधित जनपदों से सीडीआर, डंप डेटा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सूचनाएं प्राप्त कर उनका गहन विश्लेषण करेगी।
विश्लेषण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि यह टीम किसी प्रकार की अनुश्रवण (लिसनिंग/फोन टैपिंग) की कार्रवाई नहीं करेगी। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पूर्व की भांति जनपद स्तर पर ही की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल डेटा एनालिसिस के माध्यम से विभिन्न जनपदों को आवश्यक मार्गदर्शन देना है, ताकि एक ही गिरोह द्वारा की जा रही वारदातों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे अपराधों की पहचान कर जानकारी साझा करें, जिससे इस नई व्यवस्था के माध्यम से संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
पुलिस महकमे की इस नई पहल को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे परिक्षेत्र में सक्रिय गैंगों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हुआ शुभारंभ, 10 से 30 अप्रैल तक चलेगा दस्तक अभियान

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ जिला अस्पताल से किया गया। इस अभियान का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द कुमार सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर जनजागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा उपस्थित लोगों को संचारी रोगों से बचाव हेतु शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम के दौरान वेक्टर जनित बीमारियों के नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार जैसे रोगों के लक्षण वाले मरीजों की पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले ‘दस्तक अभियान’ के माध्यम से आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस), इनफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) तथा हीट वेव से बचाव के बारे में जानकारी देंगी। साथ ही बुखार, क्षय रोग, फाइलेरिया, कालाजार, कुष्ठ रोग के लक्षण वाले मरीजों की सूची तैयार कर उनका विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे वेक्टर जनित और जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, हीट वेव से बचाव के लिए शेल्टर, तथा मौसम की जानकारी का सार्वजनिक प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि एवं अन्य विभागों का समन्वय रहेगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने व शव छिपाने के मामले में सास गिरफ्तार

बांसडीह /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद बलिया के थाना बांसडीह क्षेत्र में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने तथा मृतका के शव को छिपाने के गंभीर मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना बांसडीह पुलिस ने इस प्रकरण में नामजद एक अभियुक्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के नेतृत्व में थाना बांसडीह की पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 फरवरी को वादी ने थाना बांसडीह में तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन रिंकू सिंह की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के टोलापुर सुल्तानपुर निवासी चन्दन सिंह के साथ हुई थी। विवाह के बाद से ही रिंकू सिंह को उसके ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जनता था। आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर रिंकू सिंह ने 01 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।वादी का आरोप है कि घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतका के सास-ससुर एवं ननदों ने कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर शव को घाघरा नदी में प्रवाहित कर दिया, ताकि मामला दबाया जा सके। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना बांसडीह में मु0अ0सं0 21/2026, धारा 108/238 (बी) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।मामले की विवेचना के दौरान अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। 31 को थाना बांसडीह के उपनिरीक्षक एवं विवेचक सूरज पटेल अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। तभी मुखबिर की सूचना पर सुल्तानपुर-मनियर मार्ग पर स्थित एक ईंट भट्ठे के पास से अभियुक्ता कालपति (कलपति) देवी, पत्नी विजय शंकर सिंह, निवासी टोलापुर सुल्तानपुर थाना बांसडीह, उम्र लगभग 58 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्ता मृतका की सास है और उस पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने तथा साक्ष्य छिपाने में संलिप्त होने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्ता के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है।इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सूरज पटेल, कांस्टेबल मुकेश प्रजापति एवं महिला कांस्टेबल अर्चना पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

Ballia News: सिकंदरपुर में ‘स्कूल चलो अभियान’ रैली, नामांकन के लिए किया गया जागरूक

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को ब्लॉक स्तरीय ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत भव्य रैली का आयोजन किया गया।

एसडीएम ने दिखाई हरी झंडी

रैली का शुभारंभ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुनील कुमार ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करे।

बच्चों ने दिए जागरूकता संदेश

रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर नगर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान “सब पढ़ें, सब बढ़ें” और “हर बच्चा स्कूल जाए” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली

यह रैली कम्पोजिट विद्यालय से शुरू होकर सिकंदरपुर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में समाप्त हुई।

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अभियान का उद्देश्य

खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।

शिक्षकों और अधिकारियों का योगदान

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और एआरपी भूपेन्द्र, दीनबंधु गुप्ता, अरुण, गौहर हुसैन सहित कई शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

पुलिस प्रशासन का सहयोग

रैली के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।

सकारात्मक संदेश

यह रैली न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रही, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश देने में भी कारगर साबित हुई। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की।

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सहायक दयाबाबू व वरिष्ठ सहायक मुन्ना बाबू के ट्रांसफर पर लगी रोक


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में कार्यरत सहायक दयाबाबू एवं वरिष्ठ सहायक मुन्ना बाबू के स्थानांतरण पर फिलहाल रोक लग गई है। दोनों कर्मचारियों ने अपने ट्रांसफर को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्थानांतरण पर स्थगन आदेश जारी कर दिया है।बताया जा रहा है कि सीएमओ बलिया द्वारा किया गया यह स्थानांतरण नियमों के विपरीत था। आरोप है कि जिन कर्मचारियों का एक वर्ष के भीतर ही ट्रांसफर कर दिया गया, वहीं कई ऐसे कर्मचारी हैं जो पिछले चार वर्षों से अधिक समय से एक ही पटल (डेस्क) पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनका स्थानांतरण नहीं किया गया। इसको लेकर विभाग के अंदर भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है।सूत्रों के अनुसार, दयाबाबू और मुन्ना बाबू का ट्रांसफर एक साल के भीतर ही कर दिया गया था, जबकि शासन के नियमों के अनुसार सामान्यतः एक निर्धारित अवधि के बाद ही स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसी को आधार बनाते हुए दोनों कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए ट्रांसफर आदेश पर रोक लगा दी है।
इस मामले में एक और गंभीर आरोप यह भी है कि सीएमओ कार्यालय में पटल वितरण वरिष्ठता के आधार पर नहीं किया गया है। कई वरिष्ठ कर्मचारियों को नजरअंदाज कर जूनियर कर्मचारियों को महत्वपूर्ण पटल सौंप दिए गए हैं, जिससे कार्य प्रणाली पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि वरिष्ठता का सही ढंग से पालन किया जाए तो कार्यों का निष्पादन अधिक पारदर्शी और सुचारु रूप से हो सकता है।इसके अलावा महिला अस्पताल में भी लंबे समय से जमे कर्मचारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ बाबू करीब 8 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, लेकिन उनका ट्रांसफर नहीं किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानांतरण नीति का पालन समान रूप से नहीं हो रहा है।वरिष्ठ सहायक मुन्ना बाबू ने बताया कि उन्होंने न्यायालय की शरण इसलिए ली क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग में पारदर्शिता और नियमों का पालन होता, तो उन्हें कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और स्थानांतरण नीति का पालन निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए।फिलहाल न्यायालय के आदेश के बाद दोनों कर्मचारियों को राहत मिली है, लेकिन इस पूरे मामले ने सीएमओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग आगे क्या कदम उठाता है और क्या स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाती है या नहीं।

Entrepreneurship Program: बिछुआ कॉलेज में उद्यमिता कार्यक्रम, छात्रों को मिली नई दिशा

बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में विद्यार्थियों को स्वरोजगार और व्यवसाय की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम में जिला समन्वयक सेडमेप छिंदवाड़ा उमेश तिवारी, बिजनेस कंसल्टेंट नितेश त्रिपाठी, सीबीआई बिछुआ के असिस्टेंट मैनेजर भगत सराठे और जिला उद्योग केंद्र छिंदवाड़ा के सहायक प्रबंधक सत्यम देशमुख ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।

स्टार्टअप और सरकारी योजनाओं पर चर्चा

वक्ताओं ने छात्रों को व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, स्टार्टअप के अवसर, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

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शिक्षकों का रहा सहयोग

कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्वामी विवेकानंद मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी, डॉ. मनीषा आमटे, डॉ. नसरीन अंजुम खान, डॉ. माधुरी पुसे, डॉ. नमिता चोबे और डॉ. कीर्ति डेहरिया का विशेष योगदान रहा।

छात्रों को मिली नई दिशा

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उन्हें भविष्य में स्वरोजगार और व्यवसायिक अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।

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Gorakhpur Workshop: फोटोग्राफी से संस्कृति समझने की पहल, 1 मई से राष्ट्रीय कार्यशाला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय द्वारा फोटोग्राफी के माध्यम से संस्कृति, इतिहास और विरासत को समझने के उद्देश्य से चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

1 मई से शुरू होगी कार्यशाला

संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. यशवंत सिंह राठौर के अनुसार यह कार्यशाला 01 मई से 04 मई 2026 तक आयोजित होगी, जिसमें प्रतिभागियों को फोटोग्राफी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

100 प्रतिभागियों को मिलेगा मौका

इस कार्यशाला में अधिकतम 100 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। चयन “प्रथम आगत, प्रथम स्वागत” के आधार पर किया जाएगा।

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कौन कर सकता है आवेदन?

इसमें स्नातक, परास्नातक, शोधार्थी, छात्र-छात्राओं के साथ-साथ फोटोग्राफी और संस्कृति में रुचि रखने वाले अन्य लोग भी भाग ले सकते हैं।

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: कोई सीमा नहीं

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि

इच्छुक अभ्यर्थी 01 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है।

क्या मिलेगा इस कार्यशाला में?

इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को:

  • फोटोग्राफी की तकनीकी जानकारी
  • संस्कृति और विरासत को समझने का नया दृष्टिकोण
  • प्रैक्टिकल अनुभव

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Atal Residential School: गोरखपुर में अभिनव का चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली विकासखंड के रामपुर बलडीहा निवासी अभिनव कुमार गुप्ता ने अटल आवासीय विद्यालय गोरखपुर में चयनित होकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

मेहनत और लगन का मिला फल

अभिनव, संतोष कुमार गुप्ता के सुपुत्र हैं और शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जेके मोंटेसरी स्कूल, घुघली से हुई, जहां उन्होंने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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विद्यालय ने दी बधाई

विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय मिश्रा ने अभिनव की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रशासनिक सेवा में जाना है लक्ष्य

अभिनव ने बताया कि उनका सपना आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया।

क्षेत्र में खुशी का माहौल

अभिनव की इस उपलब्धि से उनके परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल महंगा, प्रीमियम पेट्रोल 11 रुपये तक बढ़ा

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ना तय है।

कितना महंगा हुआ ईंधन

तेल कंपनियों के अनुसार:

  • एक्सपी100 पेट्रोल: 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर (करीब ₹11 की बढ़ोतरी)
  • प्रीमियम डीजल: 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर (करीब ₹1.50 की बढ़ोतरी)

नई कीमतें सोमवार रात 12 बजे से लागू कर दी गई हैं।

क्यों बढ़े दाम?

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की कमजोरी के चलते यह फैसला लिया गया है। वैश्विक बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का असर सीधे ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है।

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आम आदमी पर असर

इस बढ़ोतरी का असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा।

  • पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी
  • खाने-पीने और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं
  • किसानों की लागत भी बढ़ेगी

पहले भी बढ़ चुके हैं दाम

इससे पहले 20 मार्च को भी प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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