Wednesday, January 7, 2026
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भारत की धरती पर जन्मे असाधारण व्यक्तित्व

इतिहास के स्वर्णिम अध्याय: 20 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तियों की अविस्मरणीय गाथा


20 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास में अद्भुत प्रतिभाओं, संघर्ष, वीरता और साहित्यिक सौंदर्य का प्रतीक है। इस दिन जन्मे अद्भुत व्यक्तित्वों ने न केवल अपने-अपने क्षेत्रों में ऊँचाइयों को छुआ, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। यह तिथि उन महान शख्सियतों की याद दिलाती है जिन्होंने भारत तथा विश्व के सामाजिक, राजनीतिक, खेल और साहित्यिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से अपनी छाप छोड़ी।

1989 – बबीता फोगाट: भारतीय महिला शक्ति की प्रतीक
20 नवंबर 1989 को जन्मी बबीता फोगाट भारत की ऐसी महिला फ्रीस्टाइल पहलवान हैं जिनकी हिम्मत, लगन और संघर्ष की कहानी करोड़ों बेटियों को प्रेरित करती है। हरियाणा के द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच महावीर फोगाट की बेटी बबीता ने कठिन सामाजिक परिस्थितियों को चुनौती देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और रजत जीतना उनकी अदम्य मेहनत का प्रमाण है। आज बबीता फोगाट महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि यदि निश्चय अडिग हो तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती।

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1936 – शुरहोज़ेलि लिजित्सु: नागा राजनीति का शांतिपूर्ण चेहरा
20 नवंबर 1936 को जन्मे शुरहोज़ेलि लिजित्सु नागालैंड और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं। ‘नागा पीपुल्स फ्रंट’ से जुड़े लिजित्सु ने क्षेत्र में विकास, संवाद और स्थिरता को प्राथमिकता देने का प्रयास किया। वे हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, जन अधिकारों और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण के लिए सक्रिय रहे। उनकी राजनीतिक शैली आक्रामकता से अधिक संवाद पर आधारित रही, जो उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार नेता के रूप में स्थापित करती है। पहाड़ी राज्यों की सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियों को समझना और समाधान खोजना उनका बड़ा योगदान माना जाता है।
1934 – जनरल अजय सिंह: भारतीय सैन्य परंपरा के गौरव
20 नवंबर 1934 को जन्मे जनरल अजय सिंह एक सम्मानित सैन्य अधिकारी और असम के राज्यपाल रहे। उन्होंने भारतीय सेना में अनुशासन, रणनीति और नेतृत्व का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जो युवा अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देशक बन गया। सेवाकाल में उन्होंने देश की सुरक्षा को मजबूती देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बाद में राज्यपाल के रूप में उन्होंने प्रशासनिक सुधार और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया। उनका व्यक्तित्व सैन्य शौर्य और नागरिक कर्तव्य का आदर्श मिश्रण था, जिसने उन्हें देश के सम्मानित नेताओं में स्थान दिलाया।

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1929 – मिल्खा सिंह: ‘फ्लाइंग सिख’ की अमर कहानी
20 नवंबर 1929 को जन्मे मिल्खा सिंह भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास की सबसे चमकदार हस्ती हैं। विभाजन की त्रासदी देखने के बाद भी उन्होंने अपने दर्द को दौड़ की ऊर्जा में बदल दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पहचान दिलाने वाले मिल्खा सिंह वह धावक थे जिनकी गति को देखकर दुनिया दंग रह जाती थी। 1960 रोम ओलंपिक में चौथे स्थान पर रह जाना उनकी सबसे बड़ी पीड़ा थी, परंतु यही घटना उन्हें और दृढ़ बनाती रही। उनकी जीवनी “फ्लाइंग सिख” पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने साबित किया कि संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है।
1916 – अहमद नदीम क़ासमी: उर्दू साहित्य का अनमोल सितारा
20 नवंबर 1916 को जन्मे अहमद नदीम क़ासमी उर्दू भाषा के महान शायर, कवि और लेखक थे। उनके लेखन में ग्रामीण जीवन, मानवीय संबंधों और सामाजिक यथार्थ की गहरी समझ दिखाई देती है। क़ासमी साहब की कहानियाँ और कविताएँ मानवीय संवेदना का आईना हैं। उन्हें पाकिस्तान और भारतीय उपमहाद्वीप दोनों जगह बेहद सम्मान मिला। साहित्यिक पत्रिकाओं और आंदोलन के माध्यम से उन्होंने नई पीढ़ी के लेखकों को मंच दिया। उनकी रचनाएँ आज भी उर्दू साहित्य में मार्गदर्शक के रूप में पढ़ी जाती हैं।

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1750 – टीपू सुल्तान: शेर-ए-मैसूर की वीरता
20 नवंबर 1750 को जन्मे टीपू सुल्तान को ‘शेर-ए-मैसूर’ कहा जाता है। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उन्होंने दक्षिण भारत में स्वतंत्रता का सबसे तेज़ स्वर उठाया। टीपू सुल्तान एक दूरदर्शी शासक, कुशल रणनीतिकार और तकनीकी नवाचारों के प्रणेता थे। रॉकेट तकनीक को युद्ध में प्रयोग करने का श्रेय भी उन्हें जाता है। उनकी नीतियाँ कृषि, सिंचाई और व्यापार के विकास पर आधारित थीं। बड़े साम्राज्यों से टकराते हुए उनका अंत हुआ, लेकिन उनका साहस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा बना।

अमावस्या पर चार ग्रहों का दुर्लभ योग — जानें सभी 12 राशियों का प्रभाव

ग्रहस्थिति
गुरु कर्क राशि, केतु सिंह राशि, शुक्र तुला राशि में हैं। सूर्य-बुध-मंगल वृश्चिक राशि में संचार कर रहे हैं और आज चंद्रमा भी दिनभर वृश्चिक में रहेंगे। इस प्रकार आज वृश्चिक में चार ग्रहों का अद्भुत योग बन रहा है। राहु कुंभ में और शनि मीन राशि से गोचर कर रहे हैं। आज स्नान-दान की अमावस्या का पावन दिन है।
ग्रहों की यह चाल जीवन के हर क्षेत्र—धन, प्रेम, व्यापार, शिक्षा, राजनीति एवं प्रशासन पर विशेष प्रभाव डालेगी।
🔯 आज का राशिफल – 20 नवंबर 2025

♈ मेष – Aries (अ, च, ल)
कार्य/व्यवसाय: आज परिस्थितियां अनुकूल नहीं। सावधानी रखें, बड़े निर्णय टालें।
शिक्षा: पढ़ाई में एकाग्रता कम रह सकती है।
कला/संगीत: रचनात्मक ऊर्जा थोड़ी कमजोर।
राजनीति: विरोधियों के कारण दबाव रहेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: अधिकारी निर्णय लेते समय सतर्क रहें।
स्वास्थ्य: पेट/सिर संबंधी समस्या संभव।
आर्थिक स्थिति: सामान्य, खर्च नियंत्रित रखें।
प्रेम/संतान: मध्यम, संवाद बनाए रखें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 3
पूजा: सूर्य को जल अर्पित करें।
वृषभ – Taurus (ब, व, उ)
कार्य/व्यवसाय: नौकरी में जल्दबाजी से बचें। व्यवसाय सामान्य गति से आगे बढ़ेगा।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए औसत दिन।
कला/संगीत: अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
राजनीति: विरोध कम होगा, पर तनाव संभव।
प्रशासन: कार्यस्थल पर दबाव बना रहेगा।
स्वास्थ्य: स्वयं व जीवनसाथी दोनों का ध्यान रखें।
आर्थिक स्थिति: स्थिर, पर निवेश न करें।
प्रेम/संतान: ठीक-ठाक।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 6
पूजा: पीली वस्तु का दान करें।

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मिथुन – Gemini (क, छ, घ)
कार्य/व्यवसाय: शत्रुओं पर विजय, व्यापार में बढ़ोतरी।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में लाभ।
कला/संगीत: नई पहचान मिलेगी।
राजनीति: सम्मान बढ़ेगा।
प्रशासन: वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य, पर थकान रहेगी।
आर्थिक स्थिति: बेहतर।
प्रेम/संतान: शुभ, घर में प्रसन्नता।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 7
पूजा: काली माता को प्रणाम करें।
कर्क – Cancer (ह, ड)
कार्य/व्यवसाय: कारोबार स्थिर, नए कार्य टालें।
शिक्षा: छात्रों को ध्यान टिकाना होगा।
कला/संगीत: मनमुटाव के कारण रुकावटें।
राजनीति: विरोधी सक्रिय।
प्रशासन: निर्णय लेते समय संयम रखें।
स्वास्थ्य: बच्चों की सेहत चिंता देगी।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
प्रेम/संतान: विवाद से बचें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 2
पूजा: लाल वस्तु साथ रखें।

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सिंह – Leo (म, ट, त)
कार्य/व्यवसाय: व्यापार अच्छा चलेगा।
शिक्षा: छात्रों को सफलता के योग।
कला/संगीत: रचनात्मक ऊर्जा चरम पर।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा, पर घरेलू तनाव मन अस्थिर करेगा।
प्रशासन: पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी।
स्वास्थ्य: सामान्य।
आर्थिक स्थिति: ठीक-ठाक।
प्रेम/संतान: शुभ।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 1
पूजा: पीली वस्तु पास रखें।
कन्या – Virgo (प, ठ, ण)
कार्य/व्यवसाय: उतार-चढ़ाव। सावधानी रखनी होगी।
शिक्षा: पढ़ाई का परिणाम अच्छा।
कला/संगीत: प्रदर्शन बेहतर, अवसर मिलेंगे।
राजनीति: थोड़ा दबावपूर्ण दिन।
प्रशासन: सतर्कता आवश्यक।
स्वास्थ्य: स्वयं और परिवार दोनों को ध्यान दें।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
प्रेम/संतान: अच्छा।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 5
पूजा: लाल वस्तु का दान करें।
तुला – Libra (र, त)
कार्य/व्यवसाय: व्यापार अच्छा पर निवेश वर्जित।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए अनुकूल।
कला/संगीत: तरक्की के योग।
राजनीति: नई योजनाएं सफल।
प्रशासन: लाभकारी स्थितियां।
स्वास्थ्य: ठीक-ठाक।
आर्थिक स्थिति: धन हानि से सावधान।
प्रेम/संतान: अच्छा समय।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूजा: लाल वस्तु का दान करें।

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वृश्चिक – Scorpio (न, य)
कार्य/व्यवसाय: व्यापार सामान्य।
शिक्षा: अच्छा प्रदर्शन।
कला/संगीत: ऊर्जा कम होने से काम प्रभावित।
राजनीति: औसत दिन।
प्रशासन: कार्यभार अधिक रहेगा।
स्वास्थ्य: थकान, कमजोरी।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
प्रेम/संतान: शुभ।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 4
पूजा: पीली वस्तु पास रखें।
धनु – Sagittarius (ध, भ, फ)
कार्य/व्यवसाय: मध्यम, पार्टनरशिप में समस्या।
शिक्षा: ध्यान भटक सकता है।
कला/संगीत: प्रेरणा की कमी।
राजनीति: विरोधी सक्रिय।
प्रशासन: संयम रखें।
स्वास्थ्य: सिर दर्द, नेत्र पीड़ा।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ेंगे।
प्रेम/संतान: मध्यम।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 8
पूजा: लाल वस्तु साथ रखें।
मकर – Capricorn (ख, ज)
कार्य/व्यवसाय: लाभ-हानि का उतार-चढ़ाव।
शिक्षा: छात्रों के लिए सामान्य।
कला/संगीत: नए अवसर।
राजनीति: भ्रम की स्थिति।
प्रशासन: यात्रा कष्टदायक हो सकती है।
स्वास्थ्य: मध्यम।
आर्थिक स्थिति: उतार-चढ़ाव भरी।
प्रेम/संतान: सामान्य।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 3
पूजा: लाल वस्तु का दान करें।
कुंभ – Aquarius (ग, स, श)
कार्य/व्यवसाय: व्यापार ठीक, कोर्ट-कचहरी से दूरी रखें।
शिक्षा: अच्छा दिन।
कला/संगीत: मान-सम्मान में वृद्धि।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा।
प्रशासन: कार्य सफलता देगा।
स्वास्थ्य: प्रभावित, सावधानी जरूरी।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
प्रेम/संतान: शुभ।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 6
पूजा: हरी वस्तु रखें।
मीन – Pisces (द, च, थ)
कार्य/व्यवसाय: मध्यम। अपमान की स्थिति से बचें।
शिक्षा: संतोषजनक।
कला/संगीत: मन पर बोझ, ऊर्जा कमजोर।
राजनीति: यात्रा में बाधा।
प्रशासन: दबावपूर्ण दिन।
स्वास्थ्य: सामान्य।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
प्रेम/संतान: थोड़ा कमजोर।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 7
पूजा: शिवजी का जलाभिषेक करें।

पुलिसकर्मियों का बड़ा फेरबदल

 

पुलिस लाइन से 56 जवान विभिन्न थानों पर तैनात एक निरीक्षक कोतवाली को मिले

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और थानों में बल की कमी को पूरा करने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस लाइन से कुल 56 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर उन्हें जनपद के विभिन्न थानों व इकाइयों में तैनात किया गया है।

इस फेरबदल में एक निरीक्षक हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तीनों शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इस कदम से अपराध नियंत्रण और पुलिस सेवा की गति व गुणवत्ता में सुधार होगा। सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने नए कार्यक्षेत्र में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

🚨 पुलिस लाइन से सीधे तैनाती
निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा कोतवाली
थाना खुखुन्दू – कांस्टेबल अनूप कुमार, अजय कुमार थाना कोतवाली – कांस्टेबल अवनीश पाण्डेय थाना रामपुर कारखाना – हे.का. मायाशंकर चौबे थाना बरहज – हे.का. शिवनाथ यादव थाना सुरौली – कांस्टेबल रवि प्रसाद महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन – का.रवि प्रसाद म.का. आकांक्षा पटेल
थाना बघौचघाट – हे.का. उपेंद्र यादव, सुभाष चंद्र, धर्मेंद्र कुमार, कां. विनय प्रताप सिंह, अखिलेश यादव, आशीष यादव थाना बरियारपुर – हे.का. सिकंदर कन्नौजिया, ओंकार, अवधेश यादव, कां. संजय कुमार यादव, बृजेश चौहान, राकेश यादव थाना भटनी – हे.का. राजेश यादव, राकेश गौतम, फूलचंद, कां. संदीप यादव, चंद्रिका प्रजापति, अखिलेश यादव थाना भाटपाररानी – हे.का. अखिलेश दूबे, रामकुमार यादव, सुभाष यादव, कां. प्रवीण चौहान, विजय कुमार, संजय पटेल थाना खामपार – हे.का. अशोक चौधरी, शिवशंकर यादव, मोहम्मद सरफराज, राजेंद्र कुमार, कां. संजय यादव, रामानंद यादव थाना श्रीरामपुर – हे.का. संजय सिंह कुशवाहा, कृपाल सिंह परिहार, उदयप्रताप, अरुण सिंह, कां. राजेश यादव, रविप्रकाश पटेल थाना बनकटा – हे.का. राजेश वर्मा, राजेश कुमार, विश्राम चौहान, शेष बहादुर यादव, कां. अवधेश यादव, जितेश यादव थाना लार – हे.का. महीप शुक्ला, राजकुमार यादव, दिलीप सिंह, कां. सुनील यादव, रविन्द्र यादव, रामभुवन पटेल प्रशासन का कहना है कि यह तैनाती अभियान पुलिस व्यवस्था सुधार का हिस्सा है, जिससे थानों में फोर्स की कमी दूर होगी और आमजन को तेज व सुलभ पुलिसिंग सुविधा उपलब्ध होगी।

यूपी बोर्ड परीक्षा में जूते–मोजे की छूट के बीच ‘केंद्र बम’ फूटा,

सिकंदरपुर के 15 केंद्रों पर ठूंसे गए 13,932 परीक्षार्थी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। यूपी बोर्ड परीक्षा–2026 की उलटी गिनती शुरू होते ही सिकंदरपुर तहसील में केंद्र निर्धारण को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा से पहले जारी अंतिम केंद्र सूची ने शासन–प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूपी बोर्ड की वेबसाइट के मुताबिक सिकंदरपुर क्षेत्र में महज 15 परीक्षा केंद्रों पर 13,932 परीक्षार्थियों को बैठाने की व्यवस्था की गई है। इनमें हाईस्कूल के 6,442 और इंटरमीडिएट के 7,490 छात्र–छात्राएं शामिल हैं।

सीमित केंद्रों में इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का आवंटन शिक्षा जगत और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि कई केंद्रों की धारण क्षमता पहले से तय है, इसके बावजूद इस बार अधिकांश केंद्रों पर क्षमता से कहीं अधिक छात्रों को ठूंस दिया गया है। इससे बैठने की व्यवस्था, कक्ष नियंत्रण, निगरानी और अनुशासन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में नकल रोकने की बोर्ड की मंशा पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जूते–मोजे की छूट, लेकिन जांच सख्त

इसी बीच यूपी बोर्ड ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए जूते–मोजे पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दे दी है। अब परीक्षा कक्ष के बाहर जूते–मोजे उतरवाने की बाध्यता नहीं होगी, जिससे ठंड के मौसम में छात्रों को सुविधा मिलेगी और केंद्रों पर अव्यवस्था भी कम होगी। हालांकि बोर्ड ने साफ कर दिया है कि नकल पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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निर्देशों के अनुसार:

• प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी अनिवार्य होगी

• केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को छोड़कर किसी को मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं

• शौचालयों की सफाई, प्रकाश, पेयजल और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना केंद्र व्यवस्थापकों की जिम्मेदारी

• लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी

प्रशासन का दावा—तैयारियां पूरी

जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को केंद्र तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी परीक्षार्थी को अनावश्यक परेशानी न हो।
अब बड़ा सवाल यह है कि सीमित केंद्रों में भारी भीड़ के बीच 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा कितनी सुचारु रूप से संचालित हो पाएगी। प्रशासन की तैयारियों की असली परीक्षा परीक्षा शुरू होने के साथ ही होगी।

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नारी की उड़ान—नए भारत की सबसे मजबूत पहचान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का भारत एक ऐसे ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है, जहां नारी की पहचान केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रही। शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति, प्रशासन, सेना और उद्योग—हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा, साहस और नेतृत्व क्षमता से नए भारत की सशक्त तस्वीर गढ़ रही हैं। नारी की यह उड़ान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय प्रगति का सशक्त संकेत है।

कभी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली नारी आज निर्णय लेने की भूमिका में है। गांव की पंचायत से लेकर संसद तक, कक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की सोच में आए व्यापक बदलाव को दर्शाता है। नया भारत अब सहानुभूति नहीं, सहभागिता और सम्मान की संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है।

सरकारी पहल और सामाजिक जागरूकता से सशक्तिकरण

नारी सशक्तिकरण को गति देने में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमिता और कौशल विकास योजनाओं की अहम भूमिका रही है। इन पहलों ने महिलाओं को शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाया है। ग्रामीण भारत में महिलाएं स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका कार्यक्रमों की धुरी बन चुकी हैं—यह जमीनी स्तर पर सामाजिक क्रांति का प्रमाण है।

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खेल, विज्ञान और सुरक्षा बलों में बेटियों का परचम

खेल के मैदान में बेटियों ने देश का मान बढ़ाया है, तो विज्ञान और तकनीक में महिलाओं ने अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा मनवाया है। अंतरिक्ष, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा का कोई लिंग नहीं होता। सेना और पुलिस जैसी चुनौतीपूर्ण सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी ने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की नई मिसालें कायम की हैं।

चुनौतियां और समाधान

यह सच है कि सामाजिक रूढ़ियां, लैंगिक असमानता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं। लेकिन कानूनों में सख्ती, शिक्षा का विस्तार और बदलती सामाजिक मानसिकता यह संकेत दे रही है कि नारी की प्रगति को अब रोका नहीं जा सकता। आज की नारी सवाल भी करती है और समाधान भी खोजती है।

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महान व्यक्तित्व जिन्होंने साहित्य, राजनीति और सिनेमा को अमर विरासत दी

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं होता, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों का दस्तावेज़ होता है, जिन्होंने अपने कर्म, विचार और योगदान से समाज, देश और दुनिया को दिशा दी। 7 जनवरी ऐसी ही एक महत्वपूर्ण तिथि है, जब साहित्य, राजनीति और सिनेमा के कुछ ऐसे सितारे अस्त हुए, जिनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। आइए जानते हैं 7 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन और इन विभूतियों के जीवन, जन्म-स्थल और राष्ट्रहित में योगदान के बारे में विस्तार से।
बलदेव वंशी (निधन: 7 जनवरी 2018)
समकालीन कवि एवं लेखक
बलदेव वंशी हिंदी साहित्य के ऐसे सशक्त हस्ताक्षर थे, जिन्होंने समकालीन कविता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। उनका जन्म उत्तर भारत के एक साहित्यिक परिवेश वाले जिले में हुआ, जहाँ से उन्हें भाषा और संस्कृति की गहरी समझ मिली। वंशी जी की रचनाओं में आम आदमी की पीड़ा, सामाजिक विसंगतियाँ और मानवीय संवेदनाएँ प्रमुखता से दिखाई देती हैं।
उन्होंने कविता, निबंध और आलोचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी भाषा सरल होते हुए भी भावों से भरपूर थी, जो पाठकों को सीधे जोड़ती थी। साहित्यिक मंचों और पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से उन्होंने नई पीढ़ी के रचनाकारों को दिशा दी।
राष्ट्रहित में उनका योगदान साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना जाग्रत करना रहा। उन्होंने लेखन को केवल कला नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का माध्यम बनाया। 7 जनवरी 2018 को उनका निधन हिंदी साहित्य के लिए एक अपूरणीय क्षति सिद्ध हुआ।
मारियो सोरेस (निधन: 7 जनवरी 2017)
पुर्तग़ाल के पूर्व राष्ट्रपति
मारियो सोरेस का जन्म लिस्बन, पुर्तग़ाल में हुआ था। वे पुर्तग़ाल के आधुनिक लोकतांत्रिक इतिहास के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। एक वकील, लेखक और समाजवादी नेता के रूप में उन्होंने तानाशाही के विरुद्ध लंबा संघर्ष किया।
वे पुर्तग़ाल के प्रधानमंत्री और बाद में राष्ट्रपति बने। उनके नेतृत्व में देश ने लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूरोपीय संघ के साथ मज़बूत संबंधों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। उन्होंने मानवाधिकारों, प्रेस की आज़ादी और सामाजिक न्याय को हमेशा प्राथमिकता दी।
देशहित में उनका सबसे बड़ा योगदान तानाशाही से लोकतंत्र की ओर पुर्तग़ाल को सफलतापूर्वक ले जाना रहा। 7 जनवरी 2017 को उनके निधन के साथ ही विश्व राजनीति ने एक सशक्त लोकतांत्रिक आवाज़ खो दी।
मुफ़्ती मोहम्मद सईद (निधन: 7 जनवरी 2016)
जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री
मुफ़्ती मोहम्मद सईद का जन्म अनंतनाग ज़िला, जम्मू और कश्मीर, भारत में हुआ था। वे एक अनुभवी राजनेता और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के संस्थापक थे। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर उन्होंने महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए सेवाएँ दीं।
वे भारत सरकार में गृह मंत्री भी रहे और बाद में जम्मू-कश्मीर के नौवें मुख्यमंत्री बने। उनका राजनीतिक दृष्टिकोण संवाद, शांति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आधारित था। उन्होंने कश्मीर में विकास, विश्वास बहाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने की कोशिश की।
देशहित में उनका योगदान कश्मीर समस्या के समाधान के लिए राजनीतिक संवाद को प्राथमिकता देना रहा। 7 जनवरी 2016 को उनका निधन भारतीय राजनीति, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।
बिमल राय (निधन: 7 जनवरी 1966)
हिंदी सिनेमा के महान फिल्म निर्देशक
बिमल राय का जन्म ढाका (तत्कालीन बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत; वर्तमान बांग्लादेश) में हुआ था। वे भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा निर्देशकों में थे, जिन्होंने फिल्मों को मनोरंजन के साथ सामाजिक यथार्थ से जोड़ा।
उन्होंने दो बीघा ज़मीन, सुजाता, मधुमती और बंदिनी जैसी कालजयी फिल्में दीं। उनकी फिल्मों में सामाजिक असमानता, मानवीय संघर्ष और नैतिक मूल्यों की गहरी झलक मिलती है।
राष्ट्रहित में उनका योगदान सिनेमा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाना रहा। वे नई पीढ़ी के कई दिग्गज फिल्मकारों के प्रेरणास्रोत बने। 7 जनवरी 1966 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी रचनात्मक विरासत आज भी भारतीय सिनेमा को दिशा देती है।

7 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: कला, सिनेमा, विज्ञान और समाज में अमिट छाप छोड़ने वाले ऐतिहासिक नाम

7 जनवरी केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह दिन भारत और विश्व को ऐसे महान व्यक्तित्व देने के लिए जाना जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान देकर समाज की दिशा और दशा बदल दी। सिनेमा, साहित्य, विज्ञान, राजनीति, खेल और सामाजिक सेवा—हर क्षेत्र में 7 जनवरी को जन्मे लोगों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। आइए जानते हैं इस दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्वों के जीवन, जन्म-स्थान और उनके योगदान के बारे में विस्तार से।
कृष्णन शशिकिरण (जन्म: 7 जनवरी 1981)
कृष्णन शशिकिरण का जन्म तमिलनाडु, भारत में हुआ। वे भारत के जाने-माने ग्रैंडमास्टर शतरंज खिलाड़ी हैं। बहुत कम उम्र में शतरंज की दुनिया में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। शशिकिरण ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई और भारतीय शतरंज को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान दिया।
बिपाशा बसु (जन्म: 7 जनवरी 1979)
बिपाशा बसु का जन्म नई दिल्ली, भारत में हुआ। वे हिन्दी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री हैं। मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली बिपाशा ने बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई। उन्होंने महिला-केंद्रित और सशक्त किरदारों को पर्दे पर उतारकर रूढ़ियों को तोड़ा। फिटनेस और आत्मविश्वास की मिसाल बनी बिपाशा ने युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
इरफ़ान ख़ान (जन्म: 7 जनवरी 1967)
इरफ़ान ख़ान का जन्म टोंक जिला, राजस्थान, भारत में हुआ। वे भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेता थे। इरफ़ान ने अपने सहज अभिनय से भारतीय और हॉलीवुड दोनों फिल्मों में अमिट छाप छोड़ी। उनकी अदाकारी ने अभिनय की परिभाषा बदल दी। वे भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच तक ले जाने वाले कलाकारों में गिने जाते हैं।
सुप्रिया पाठक (जन्म: 7 जनवरी 1961)
सुप्रिया पाठक का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। वे सिनेमा और टेलीविजन की सशक्त अभिनेत्री हैं। थिएटर, फिल्म और टीवी—तीनों माध्यमों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी अभिनय शैली ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों में लोकप्रिय बनाया। सामाजिक विषयों पर आधारित भूमिकाओं से उन्होंने समाज को सोचने पर मजबूर किया।
रीना रॉय (जन्म: 7 जनवरी 1957)
रीना रॉय का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। वे 1970 और 80 के दशक की सफल हिन्दी फिल्म अभिनेत्री रहीं। सशक्त महिला किरदारों के लिए जानी जाने वाली रीना रॉय ने भारतीय सिनेमा में नारी शक्ति को नई पहचान दी। उनकी फिल्मों ने सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती दी।
ममता शंकर (जन्म: 7 जनवरी 1955)
ममता शंकर का जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ। वे एक प्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना हैं। भारतीय कला और संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय रहा। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य और अभिनय को नई पीढ़ी से जोड़ा।
शांता सिन्हा (जन्म: 7 जनवरी 1950)
शांता सिन्हा का जन्म हैदराबाद, तेलंगाना, भारत में हुआ। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध बाल श्रम विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने हजारों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा और सम्मानजनक जीवन दिलाया। उनका योगदान मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शोभा डे (जन्म: 7 जनवरी 1947)
शोभा डे का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। वे प्रसिद्ध लेखिका और स्तंभकार हैं। आधुनिक भारतीय समाज, विशेषकर शहरी जीवन पर उनके लेखन ने नई सोच को जन्म दिया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक लेखनी चलाई।
शशिकला काकोदकर (जन्म: 7 जनवरी 1935)
शशिकला काकोदकर का जन्म गोवा, भारत में हुआ। वे गोवा की दूसरी मुख्यमंत्री रहीं। उनके नेतृत्व में गोवा के सामाजिक और राजनीतिक विकास को नई दिशा मिली। महिला नेतृत्व की मिसाल के रूप में उनका नाम इतिहास में दर्ज है।
सुरेश चंद्र गुप्ता (जन्म: 7 जनवरी 1934)
सुरेश चंद्र गुप्ता का जन्म उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे एक प्रतिष्ठित भारतीय वैज्ञानिक रहे। विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान ने भारत की वैज्ञानिक क्षमता को मजबूत किया।
उबैद सिद्दिकी (जन्म: 7 जनवरी 1932)
उबैद सिद्दिकी का जन्म उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के संस्थापक-निदेशक रहे। भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
पियरे रामपाल (जन्म: 7 जनवरी 1922)
पियरे रामपाल का जन्म मार्सिले, फ्रांस में हुआ। वे विश्व प्रसिद्ध बाँसुरी वादक थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
आर. के. बीजापुरे (जन्म: 7 जनवरी 1917)
आर. के. बीजापुरे का जन्म कर्नाटक, भारत में हुआ। वे भारतीय शास्त्रीय वादक कलाकार थे। उन्होंने संगीत परंपरा को संरक्षित और समृद्ध किया।
जानकी देवी बजाज (जन्म: 7 जनवरी 1893)
जानकी देवी बजाज का जन्म जयपुर, राजस्थान, भारत में हुआ। वे गाँधीवादी जीवनशैली की प्रबल समर्थक थीं। स्वतंत्रता आंदोलन और समाज सुधार में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन (जन्म: 7 जनवरी 1851)
जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन का जन्म आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम में हुआ। वे प्रसिद्ध इतिहासकार, भाषाविद् और अन्वेषक थे। भारतीय भाषाओं पर उनके शोध ने भाषाविज्ञान को अमूल्य धरोहर दी।

7 जनवरी का इतिहास: सत्ता, संघर्ष, क्रांति और राष्ट्र निर्माण की यादगार घटनाएँ

राजनीति, विज्ञान, खेल व समाज सुधार से जुड़ी उन घटनाओं का साक्षी है, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। यह दिन केवल तारीख नहीं बल्कि सभ्यताओं, संघर्षों और परिवर्तन की कहानी है। आइए जानते हैं 7 जनवरी को घटित वे प्रमुख घटनाएँ जिन्होंने देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव डाला।
2020 – NPCI द्वारा ब्लॉकचेन आधारित ‘वज्र प्लेटफॉर्म’ का शुभारंभ (भारत)
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित है। 7 जनवरी 2020 को NPCI ने ‘वज्र प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना था। यह पहल भारत को कैशलेस इकॉनमी की दिशा में मजबूत करने में सहायक बनी और फिनटेक क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान को सशक्त किया।
2020 – ईरान की संसद द्वारा अमेरिकी बलों को आतंकवादी घोषित किया जाना
ईरान की संसद, जिसका केंद्र तेहरान, ईरान है, ने 7 जनवरी 2020 को एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया। इसमें ईरान और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य बलों को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। यह निर्णय जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद लिया गया और इससे मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में भारी तनाव उत्पन्न हुआ।
2020 – रवींद्र नाथ महतो झारखंड विधानसभा अध्यक्ष बने (भारत) रवींद्र नाथ महतो, जन्म स्थान – साहिबगंज जिला, झारखंड, भारत, को सर्वसम्मति से झारखंड विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। उनका राजनीतिक जीवन आदिवासी हितों, सामाजिक न्याय और विधायी अनुशासन के लिए जाना जाता है। उन्होंने विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने में योगदान दिया।
2020 – ‘कर्मयोद्धा ग्रंथ’ का विमोचन
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (जन्म: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व पर आधारित पुस्तक ‘कर्मयोद्धा ग्रंथ’ का विमोचन किया। यह पुस्तक मोदी के जनसेवा, संगठन क्षमता और राष्ट्र निर्माण के योगदान को रेखांकित करती है और राजनीतिक साहित्य में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
2015 – पेरिस में चार्ली आब्दो पर आतंकी हमला (फ्रांस)
पेरिस, फ्रांस में स्थित व्यंग्य पत्रिका चार्ली आब्दो के कार्यालय पर 7 जनवरी 2015 को आतंकवादी हमला हुआ। इसमें 12 लोगों की मौत और 11 घायल हुए। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता का प्रतीक बन गई।
2010 – श्रीनगर लाल चौक मुठभेड़ (जम्मू-कश्मीर, भारत)
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर, भारत के ऐतिहासिक लाल चौक पर स्थित एक होटल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच 22 घंटे तक चली मुठभेड़ का अंत दो आतंकियों के मारे जाने से हुआ। यह कार्रवाई आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
2009 – सत्यम घोटाला: रामालिंग राजू का इस्तीफा (भारत)
बी. रामालिंग राजू, जन्म: आंध्र प्रदेश, भारत, ने आईटी कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया। यह भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घोटालों में से एक था, जिसने कॉरपोरेट गवर्नेंस और ऑडिट सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर किया।
1987 – कपिल देव के 300 टेस्ट विकेट पूरे (भारत)
कपिल देव, जन्म: चंडीगढ़, भारत, ने 7 जनवरी 1987 को टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। वे भारत के महानतम ऑल-राउंडरों में गिने जाते हैं। 1983 विश्व कप जीत में उनका योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है।
1980 – इंदिरा गांधी की सत्ता में ऐतिहासिक वापसी (भारत)
इंदिरा गांधी, जन्म: इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश, भारत, ने 1980 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। उनका नेतृत्व राष्ट्रीयकरण, सामाजिक सुधार और विदेश नीति में भारत को निर्णायक दिशा देने वाला रहा।
1929 – मदर टेरेसा का कलकत्ता आगमन (भारत)
मदर टेरेसा, जन्म: स्कोप्जे, मैसेडोनिया, 7 जनवरी 1929 को कलकत्ता (कोलकाता), पश्चिम बंगाल पहुँचीं। उन्होंने अपना जीवन गरीब, बीमार और बेसहारा लोगों की सेवा में समर्पित किया। उनका कार्य मानवता के लिए विश्व प्रेरणा बना।
1761 – पानीपत की तीसरी लड़ाई (भारत)
हरियाणा के पानीपत में 7 जनवरी 1761 को हुई तीसरी लड़ाई में अहमद शाह अब्दाली ने मराठा सेना को पराजित किया। इस युद्ध ने भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीतिक संरचना को बदल दिया और मराठा शक्ति को गहरा आघात पहुँचा।

आज किन 3 राशियों पर बरसेगा अचानक धन लाभ

आज का राशिफल 7 जनवरी 2026: ग्रहों के महासंयोग में 12 राशियों का भविष्य, जानें किसे लाभ–किसे सावधानी
ज्योतिष पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय
ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार 7 जनवरी 2026 का दिन कई राशियों के लिए अवसरों से भरा है तो कुछ के लिए संयम और सतर्कता की मांग करता है। आज गुरु मिथुन, चंद्रमा व केतु सिंह, सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल धनु, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। यह ग्रह स्थिति करियर, व्यापार, राजनीति, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगी।
नीचे मेष से मीन तक सभी राशियों का कार्यक्षेत्र, शिक्षा, कला, राजनीति, प्रशासन, आर्थिक स्थिति, शुभ रंग, शुभ अंक और पूजा उपाय सहित विस्तृत राशिफल प्रस्तुत है।

मेष (Aries) | राशिचिन्ह: ♈
नाम अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
आज भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें।
करियर/व्यवसाय: प्रशासनिक और प्रबंधन क्षेत्र में कार्यरत लोगों को धैर्य रखना होगा।
शिक्षा: छात्रों का ध्यान भटकेगा, पढ़ाई में अनुशासन जरूरी।
कला/संगीत: रचनात्मकता बनी रहेगी।
राजनीति: बयानबाजी से नुकसान संभव।
आर्थिक स्थिति: स्थिर लेकिन जोखिम न लें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
पूजा: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
वृषभ (Taurus) | ♉
नाम अक्षर: ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
घरेलू तनाव दिन को प्रभावित कर सकता है।
करियर: नौकरीपेशा लोगों को संयम से काम लेना होगा।
व्यवसाय: साझेदारी में मतभेद।
शिक्षा: एकाग्रता में कमी।
राजनीति: पारिवारिक विवाद छवि पर असर डाल सकते हैं।
आर्थिक: खर्च बढ़ेगा।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
पूजा: लक्ष्मी माता की आराधना।
मिथुन (Gemini) | ♊
नाम अक्षर: का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को
आज उतार-चढ़ाव भरा दिन।
करियर/व्यवसाय: मीडिया, मार्केटिंग, आईटी से जुड़े लोगों को लाभ।
स्वास्थ्य: नाक, कान, गला सावधान।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्रों के लिए ठीक।
आर्थिक: सामान्य।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
पूजा: गणेश जी की पूजा।
कर्क (Cancer) | ♋
नाम अक्षर: ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
धन और परिवार दोनों में सतर्कता जरूरी।
करियर: कार्यस्थल पर दबाव।
व्यवसाय: निवेश से बचें।
शिक्षा: औसत।
राजनीति: विरोधी सक्रिय रहेंगे।
आर्थिक: धन हानि योग।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 2
पूजा: शिव जी का अभिषेक।
सिंह (Leo) | ♌
नाम अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
मानसिक बेचैनी रहेगी।
करियर: नेतृत्व क्षमता उभरेगी।
व्यवसाय: लाभ के संकेत।
कला: मंचीय कलाकारों को प्रशंसा।
राजनीति: लोकप्रियता बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 1
पूजा: आदित्य हृदय स्तोत्र।
कन्या (Virgo) | ♍
नाम अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
स्वास्थ्य और खर्च दोनों चिंता देंगे।
करियर: अकाउंट, बैंकिंग, प्रशासन में सावधानी।
शिक्षा: मेडिकल, तकनीकी छात्रों को मेहनत।
आर्थिक: कर्ज से बचें।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4
पूजा: शनि देव को प्रणाम।
तुला (Libra) | ♎
नाम अक्षर: रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
आय में उतार-चढ़ाव।
करियर: नौकरी में स्थान परिवर्तन योग।
व्यवसाय: स्थिर।
राजनीति: यात्रा से बचें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 6
पूजा: सूर्य को जल।
वृश्चिक (Scorpio) | ♏
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
कानूनी मामलों से दूरी रखें।
करियर: रिसर्च, सुरक्षा सेवाओं में लाभ।
व्यवसाय: जोखिम न लें।
आर्थिक: मध्यम।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8
पूजा: हनुमान जी।
धनु (Sagittarius) | ♐
नाम अक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा
सम्मान को ठेस लग सकती है।
करियर: शिक्षक, काउंसलर को लाभ।
राजनीति: अतिवाद से बचें।
आर्थिक: मजबूत।
शुभ रंग: नारंगी | शुभ अंक: 3
पूजा: विष्णु भगवान।
मकर (Capricorn) | ♑
नाम अक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा
दिन चुनौतीपूर्ण।
करियर: प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्कता।
व्यवसाय: धीमी प्रगति।
आर्थिक: सामान्य।
शुभ रंग: काला | शुभ अंक: 10
पूजा: मां काली।
कुंभ (Aquarius) | ♒
नाम अक्षर: गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
दांपत्य और स्वास्थ्य पर ध्यान।
करियर: टेक्नोलॉजी, विज्ञान में लाभ।
राजनीति: जोखिम न लें।
आर्थिक: अच्छा।
शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 11
पूजा: शिव जी।
मीन (Pisces) | ♓
नाम अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
भावनात्मक उतार-चढ़ाव।
करियर: रचनात्मक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में उन्नति।
शिक्षा: शोध और कला में सफलता।
आर्थिक: शत्रुओं पर विजय।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7
पूजा: सूर्य देव।

आज कौन सा मूलांक बनेगा मालामाल?

अंक राशिफल प्रस्तुत है, जिसे पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) ने तैयार किया है।
🔮 आज का अंक राशिफल 7 जनवरी 2026: कौन सा मूलांक बदलेगा आपकी किस्मत? पढ़े बिना रह नहीं पाएंगे!
Number Horoscope Numerology 7 January 2026 in Hindi | अंक राशिफल आज
अंक ज्योतिष के अनुसार आज बुधवार का दिन है, जो बुध ग्रह से जुड़ा हुआ है। बुध को बुद्धि, व्यापार, संवाद और गणना का कारक माना जाता है। आज का दिन कुछ वैसा ही है, जैसे इंडोनेशिया में “पासर डे” (बाजार का दिन) – जहां समझदारी और सही निर्णय से लाभ होता है।
👉 अंक राशिफल: पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा)
🔢 मूलांक 1 (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
आज कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा थोड़ी कम रह सकती है, जिससे आलस्य हावी हो सकता है। सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सेवा और राजनीति से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
शिक्षा में विद्यार्थियों को आत्मअनुशासन की आवश्यकता है।
आर्थिक स्थिति बेहतर होगी लेकिन निवेश सोच-समझकर करें।
कला और संगीत से जुड़े लोग नई रचना पर काम शुरू कर सकते हैं।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव
🔢 मूलांक 2 (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
आज मन थोड़ा विचलित रह सकता है, इसलिए मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
कार्य क्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी।
शिक्षा में एकाग्रता बढ़ेगी।
राजनीति में विरोधियों से सतर्क रहें।
आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: मां दुर्गा
🔢 मूलांक 3 (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रहेगा।
कारोबार में विस्तार के योग हैं।
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के संकेत हैं।
कला, संगीत और लेखन से जुड़े लोग प्रशंसा पाएंगे।
राजनीतिक लोगों के लिए दिन प्रभावशाली है।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: भगवान विष्णु
🔢 मूलांक 4 (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
आज भूमि, भवन या प्रॉपर्टी से जुड़े निर्णय टालना बेहतर होगा।
कार्य क्षेत्र में बदलाव संभव है।
विद्यार्थियों को मेहनत दोगुनी करनी होगी।
आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी।
इंडोनेशियाई परंपरा की तरह आज “धैर्य” सबसे बड़ा मंत्र है।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: भगवान गणेश
🔢 मूलांक 5 (जन्म तिथि 5, 14, 23)
आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली है।
करियर और व्यवसाय में उन्नति होगी।
कम्युनिकेशन, मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ।
शिक्षा में नए अवसर मिलेंगे।
आर्थिक दृष्टि से दिन मजबूत है।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान बुध
🔢 मूलांक 6 (जन्म तिथि 6, 15, 24)
आज आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कला, फैशन, संगीत और ग्लैमर से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है।
परिवार में सामंजस्य बनाए रखें।
आर्थिक मामलों में संतुलन जरूरी है।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां लक्ष्मी
🔢 मूलांक 7 (जन्म तिथि 7, 16, 25)
आज अंतर्मन मजबूत रहेगा।
रिसर्च, अध्यापन और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ।
विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है।
राजनीति और प्रशासन में सोच-समझकर कदम रखें।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान शिव
🔢 मूलांक 8 (जन्म तिथि 8, 17, 26)
आज मेहनत का फल मिलने वाला दिन है।
नौकरी और प्रशासनिक क्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
आर्थिक निवेश लाभकारी रहेगा।
परिवार में मतभेद से बचें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनि देव
🔢 मूलांक 9 (जन्म तिथि 9, 18, 27)
आज साहस और निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी।
राजनीति, पुलिस और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सम्मान मिल सकता है।
आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं।
कला और खेल से जुड़े जातकों को सफलता।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी

डिस्क्लेमर – यह अंक राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

दावोस और लंदन दौरे की तैयारियों की मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की समीक्षा, निवेश आकर्षण पर रहेगा फोकस

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में 18 से 26 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित दावोस एवं यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अंतरराष्ट्रीय दौरे से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय झारखंड प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा। यह पहला अवसर होगा जब झारखंड का प्रतिनिधिमंडल इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल होंगे, जिससे राज्य के लिए निवेश के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।

दावोस में झारखंड की निवेश क्षमता होगी प्रस्तुत

दावोस में प्रस्तावित बैठकों और कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंड की खनिज संपदा, औद्योगिक ढांचा, सतत विकास नीति, पर्यटन क्षमता और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

लंदन दौरे में निवेश, शिक्षा और प्रवासी भारतीयों से संवाद

दावोस यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा करेगा। इस दौरान निवेश सहयोग, शैक्षणिक साझेदारी, नीति एवं ज्ञान आधारित संवाद के साथ-साथ भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात प्रस्तावित है। लंदन दौरे से जुड़े सभी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

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निवेश और रोजगार सृजन पर जोर

यह अंतरराष्ट्रीय दौरा राज्य में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समन्वित, प्रभावी और सुव्यवस्थित हों, ताकि झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार बहुराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि दावोस और यूनाइटेड किंगडम का यह दौरा झारखंड के विकास और निवेश के लिहाज से एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग

बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, मंत्रिमंडल सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पर्यटन सचिव मनोज कुमार, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, जियाडा के एमडी वरुण रंजन, निदेशक उद्योग विशाल सागर, निदेशक आईपीआरडी राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Instagram दोस्ती बनी आफत: आगरा में 21 साल का युवक 40 वर्षीय महिला के साथ रहने पहुंचा, मां के आने पर मचा हंगामा

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के आगरा में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती एक परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गई। इंस्टाग्राम के जरिए हुई दोस्ती के बाद अमरोहा का रहने वाला 21 वर्षीय युवक कई दिनों तक घर से गायब रहा। बेटे की तलाश में भटक रही मां जब अमरोहा से आगरा पहुंची और उसके इंस्टाग्राम फ्रेंड के घर पहुंची, तो वहां हंगामे की स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, युवक अमरोहा का निवासी है और कुछ दिनों से घर नहीं लौटा था। परिजनों की तलाश में पता चला कि उसकी दोस्ती आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला से हुई है। दोनों की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। युवक की उम्र करीब 21 साल, जबकि महिला की उम्र लगभग 40 साल बताई जा रही है। महिला विधवा है और अकेली रहती है।

बेटे की तलाश में आगरा पहुंची मां, महिला के घर किया हंगामा

बेटे के बारे में जानकारी मिलने के बाद मां आगरा पहुंच गई। बताया गया कि युवक कई दिनों से उसी महिला के घर रह रहा था। बेटे के अचानक लापता होने से मां बेहद परेशान थी। उसने पुलिस से मदद मांगी और स्थानीय स्तर पर संपर्क साधा।

मां भाजपा से जुड़ी हुई है, जिसके चलते उसने स्थानीय भाजपा नेताओं से भी सहयोग लिया। नेताओं की मदद से महिला के घर का पता चला। जैसे ही मां वहां पहुंची, बेटे ने मां को देखते ही घर से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे मौके पर हंगामा हो गया।

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शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों और नेताओं ने महिला को समझाया कि उम्र के बड़े अंतर को देखते हुए यह रिश्ता उचित नहीं है। समझाइश के बाद महिला ने बात मान ली और स्थिति शांत हो गई।

मां के साथ घर लौटा युवक, पुलिस ने संभाली स्थिति

इस मामले में एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची थी। युवक और महिला दोनों बालिग हैं, इसलिए पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भूमिका निभाई। दोनों पक्षों की आपसी बातचीत के बाद विवाद समाप्त हो गया और युवक अपनी मां के साथ वापस घर चला गया।

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आज बुधवार को सिंह राशि का चंद्रमा: आत्मविश्वास और नेतृत्व बढ़ाने वाला दिन है

🕉️ आज का पंचांग: 07 जनवरी 2026, बुधवार | Aaj Ka Panchang 7 January 2026 (Hindi)
📿 पंचांग 07/01/2026 | बुधवार का संपूर्ण वैदिक पंचांग
(माघ कृष्ण पक्ष पंचमी)
आज का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय एवं शुभ-अशुभ मुहूर्त की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। नीचे 07 जनवरी 2026 का SEO फ्रेंडली, विस्तृत पंचांग प्रस्तुत है, जो पाठकों को एक ही स्थान पर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है।
तिथि एवं संवत
तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी (प्रातः 06:52 AM तक), उपरांत षष्ठी
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: पौष
पूर्णिमांत मास: माघ
वार: बुधवार
🌟 नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र: मघा – 11:56 AM तक
पूर्व फाल्गुनी – उसके बाद
योग:
आयुष्मान – 06:33 PM तक
सौभाग्य – उसके बाद
करण: कौलव – 06:37 PM तक
तैतिल – 06:34 AM (08 जनवरी) तक
गर – उसके बाद
☀️ सूर्य एवं 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:13 AM
सूर्यास्त: 05:52 PM
चन्द्रोदय: 10:04 PM
चन्द्रास्त: 10:42 AM (08 जनवरी)
🌞 सूर्य राशि एवं 🌙 चंद्र राशि
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: सिंह (पूरा दिन-रात)
अशुभ काल (आज के वर्जित समय)
राहु काल: 12:33 PM – 01:52 PM
यम गण्ड: 08:33 AM – 09:53 AM
कुलिक काल: 11:13 AM – 12:33 PM
दुर्मुहूर्त: 12:11 PM – 12:54 PM
वर्ज्यम्: 08:05 PM – 09:43 PM
🌸 शुभ काल (कार्य आरंभ हेतु उत्तम)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल:
05:52 AM – 07:30 AM
09:33 AM – 11:08 AM
अभिजीत मुहूर्त: नहीं है
सर्वार्थसिद्धि योग: ❌ आज नहीं है
🧭 दिशा शूल एवं यात्रा फल
बुधवार दिशा शूल: उत्तर दिशा
उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित है
यदि यात्रा आवश्यक हो तो धनिया या हरी सब्जी खाकर यात्रा करें।
लाभकारी दिशा:
पूर्व एवं पश्चिम दिशा की यात्रा से लाभ मिलता है।
🔔 विशेष ज्योतिषीय संकेत
गण्डमूल नक्षत्र: मघा (11:56 AM तक)
चन्द्रबल (राशि):
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन
ताराबल (नक्षत्र): दिन के पूर्व एवं पश्चात अलग-अलग शुभ नक्षत्र प्रभाव में रहेंगे।
📌 आज का पंचांग क्यों है विशेष?
1️⃣ बुधवार को सिंह राशि का चंद्रमा: आत्मविश्वास और नेतृत्व बढ़ाने वाला दिन
2️⃣ आयुष्मान योग: स्वास्थ्य, दीर्घायु और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत
3️⃣ मघा नक्षत्र: पितृ कार्य, परंपरा और प्रशासनिक निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण
⚠️ नोट– इस पंचांग में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।
किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” उत्तरदायी नहीं है।
कृपया किसी भी विशेष निर्णय से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

विपक्ष के दबाव में काम कर रहे इटावा के अधिकारी- गौरव गोस्वामी

इटावा (राष्ट्र की परम्परा )
हिंदू समाज पार्टी के उत्तरप्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी ने इटावा जिले के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के दबाव में इटावा जिला प्रशासन एवं भरथना नगर के कई अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं।
गौरव गोस्वामी ने आरोप लगाया कि पानी की सप्लाई के समय जानबूझकर बिजली काट दी जाती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उन्होंने कहा कि यह कृत्य जनहित के खिलाफ है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गौरव गोस्वामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। साथ ही इसकी एक प्रतिलिपि जिलाधिकारी इटावा को भी भेजी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।

कार्यकर्ताओं की ताकत से ही संगठन खड़ा है, राष्ट्रीय नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरूंगा: पंकज चौधरी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है और संगठन की मजबूती पूरी तरह कार्यकर्ताओं के समर्पण, अनुशासन और निष्ठा पर आधारित है। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं के सहयोग के बल पर ही वे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा,
“मैं एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में आया। सभासद से लेकर डिप्टी मेयर और अब प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर कार्यकर्ताओं के सहयोग, परिश्रम और आशीर्वाद से ही संभव हो सका है।”

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनके साथ आत्मीय संबंध बनाए रखना उनकी राजनीतिक कार्यशैली की पहचान रही है। देश के सबसे बड़े प्रदेश की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपे जाने को उन्होंने सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी बताया।

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पंकज चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय नेतृत्व और शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक जमीनी कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है, जिस पर वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से खरा उतरेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि संगठन को और मजबूत करना, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना और हर कार्यकर्ता को सम्मान देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के बदले हुए परिदृश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कानून व्यवस्था, विकास और सुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और आज उत्तर प्रदेश पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुका है।
आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ संगठनात्मक कार्यों में जुटने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि संगठन में संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि हर कार्यकर्ता खुद को संगठन का अभिन्न और सम्मानित हिस्सा महसूस करे।

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हिंदी मेरे तन- मन में

हिंदी हमारी प्यारी मातृभाषा है,
देवभाषा संस्कृत की बेटी यह
संस्कृत भाषा की सहभाषा है,
भारतीय बड़े भाग की भाषा है।

हिंदी मेरे तन में, हिंदी मेरे मन में है,
हिंदी मेरी आत्मा में है, प्रकृति में है,
भारतीय भाषाओं की सहोदरा है,
भारत की राष्ट्र भाषा यह हिंदी है।

हिन्दी मैंने माँ से पिता से सीखा है,
मेरे परिवार की भाषा मेरी हिन्दी है,
मेरी मातृभाषा हिंदी सबसे प्यारी है,
विश्व की सब भाषाओं से न्यारी है।

हिंदी की देवनागरी लिपि सरल है,
लिखने में सुरुचिपूर्ण व आसान है,
आदित्य हिंदी जन जन की भाषा है,
यह चिर परिचित अविनाशी भाषा है।

डॉ. कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

Railway Group D Recruitment 2026: 10वीं पास युवाओं के लिए 22 हजार पदों पर बंपर भर्ती, 21 जनवरी से आवेदन शुरू

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। रेलवे में नौकरी पाने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप D लेवल-1 भर्ती 2026 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस भर्ती अभियान के तहत देशभर में करीब 22,000 पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे युवाओं को सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

RRB Group D भर्ती के तहत रेलवे में कई अहम पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—

• पॉइंट्समैन
• असिस्टेंट
•>ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV
• इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और अन्य तकनीकी विभागों के ग्रुप D पद

ये सभी पद रेलवे के संचालन और रखरखाव से जुड़े होते हैं और इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

आवेदन तिथि

• ऑनलाइन आवेदन शुरू: 21 जनवरी 2026
• आवेदन की अंतिम तिथि: 20 फरवरी 2026

शैक्षणिक योग्यता

• उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है।

• ITI या NAC सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीदवारों को तकनीकी पदों पर प्राथमिकता मिल सकती है।

आयु सीमा

• न्यूनतम आयु: 18 वर्ष

• अधिकतम आयु: 33 वर्ष

• आरक्षित वर्गों को आयु सीमा में छूट—
OBC: 3 साल
SC/ST: 5 साल

सैलरी कितनी मिलेगी?

चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 में ₹18,000 बेसिक सैलरी मिलेगी। इसके साथ ही DA, HRA और अन्य रेलवे भत्ते भी दिए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया

  1. CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा)
  2. PET (फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट)
  3. दस्तावेज़ सत्यापन
  4. मेडिकल टेस्ट

सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया जाएगा।

आवेदन शुल्क

सामान्य/OBC: ₹500 (CBT में शामिल होने पर ₹400 वापस)

SC/ST/महिला/दिव्यांग: ₹250

कैसे करें आवेदन?

• आधिकारिक वेबसाइट http://rrbapply.gov.in पर जाएं

• “Apply Online / New Registration” पर क्लिक करें

• आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें

• आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करें

दूषित जल: अनदेखी की भारी कीमत

दूषित जल आज केवल पर्यावरण या स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के समग्र विकास, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। स्वच्छ जल को जीवन का आधार कहा गया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि देश की बड़ी आबादी आज भी असुरक्षित और दूषित पेयजल के भरोसे जीवन जीने को मजबूर है।
आंकड़े स्थिति की भयावहता को स्पष्ट करते हैं। दूषित जल के कारण देश में हर वर्ष लगभग दो लाख लोगों की मौत हो रही है और करीब साठ करोड़ लोग किसी न किसी रूप में जल संकट से प्रभावित हैं। यह विडंबना ही है कि जिस देश में नदियों, तालाबों और जलस्रोतों की समृद्ध परंपरा रही हो, वहां आज लगभग सत्तर प्रतिशत पेयजल दूषित हो चुका है। वैश्विक जल गुणवत्ता सूचकांक में भारत की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है।
दूषित जल से फैलने वाली बीमारियां डायरिया, हैजा, टाइफाइड और वायरल हेपेटाइटिस। आज भी स्वास्थ्य तंत्र पर भारी बोझ बनी हुई हैं। बीते वर्षों में जलजनित रोगों के करोड़ों मामले दर्ज होना यह दर्शाता है कि समस्या केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरी इलाकों में भी जल आपूर्ति व्यवस्था गंभीर खतरे में है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि भविष्य की तस्वीर और भी भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों का आकलन है कि वर्ष 2030 तक पानी की मांग उपलब्ध आपूर्ति से दोगुनी हो सकती है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और जीडीपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह संकट केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित भी है। लापरवाह व्यवस्था, कमजोर निगरानी और जिम्मेदारियों से बचने की प्रवृत्ति इसका मूल कारण है।
अब समय आ गया है कि दूषित जल को केवल आंकड़ों और रिपोर्टों का विषय मानने के बजाय इसे प्राथमिकता के साथ नीति और व्यवहार में उतारा जाए। नगर निकायों, जल आपूर्ति एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को जल शुद्धिकरण, टंकियों व पाइपलाइनों की नियमित जांच, और जल गुणवत्ता परीक्षण को अनिवार्य बनाना होगा। इसके साथ ही नागरिकों को भी स्वच्छ जल के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा।
दूषित जल से लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। यदि आज ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। स्वच्छ जल ही स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य की बुनियाद है। इस सच्चाई को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं।