Sunday, July 19, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान तेज, डीएम ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। भूजल सप्ताह के तहत शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के प्रति जागरूक करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि अभी से जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन को अपनाने, तालाबों, नदियों और अन्य जलाशयों को स्वच्छ रखने, अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा भूजल के अनावश्यक दोहन को रोकने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूजल सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, विकासखंडों, नगर निकायों और जिला स्तर पर जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन को जल बचाने और भूजल संवर्धन के प्रति प्रेरित करना है।
जिलाधिकारी ने लोगों से “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई भी विकल्प” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), वरिष्ठ हाइड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शहर का चर्चित होटल निर्माण मानकों पर फेल, प्रशासन की जांच में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के एक चर्चित होटल नेमत में निर्माण मानकों और स्वीकृत मानचित्र के उल्लंघन का मामला सामने आया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की संयुक्त जांच में होटल के संचालन और निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान पता चला कि होटल को स्वीकृत मानचित्र में केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, जबकि मौके पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 22 कमरे निर्मित और संचालित पाए गए। इतना ही नहीं, भवन निर्माण में अनिवार्य सेटबैक नियमों का भी पालन नहीं किया गया है।
जांच टीम को यह भी मिला कि स्वीकृत नक्शे में प्रस्तावित रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का निर्माण नहीं कराया गया है, जबकि यह भवन निर्माण की आवश्यक शर्तों में शामिल है। इससे भवन निर्माण नियमों के साथ पर्यावरणीय मानकों की भी अनदेखी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर होटल संचालक को नोटिस जारी करने, अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने तथा अन्य वैधानिक कदम उठाए जाने की तैयारी चल रही है। यदि अनियमितताओं की पुष्टि अंतिम रूप से हो जाती है तो होटल के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल

निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l बीते दो दिनों से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर की रफ्तार थाम दी है। भारी वर्षा के चलते शहरी क्षेत्र के अधिकांश निचले इलाकों में जलभराव की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि बरसात थमे करीब पांच घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पानी जस का तस भरा हुआ है, जो जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर के निचले क्षेत्रों में सड़कों से लेकर गलियों तक हर ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भरा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक कामकाज करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यातायात व्यवस्था पर भी बारिश का व्यापक असर पड़ा है। प्रमुख सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और जगह-जगह लंबा जाम लगा हुआ है। सबसे खराब स्थिति शहर के अंडरपास की है, जहां पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास और चारों फाटक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे इन मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है। समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़कों और बाजारों में भर जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता, जिससे समस्या लगातार बनी रहती है।
व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। राप्ती कॉम्प्लेक्स में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां 200 से अधिक दुकानों में चार फीट से ज्यादा पानी भर गया है। दुकानों में रखा सामान पानी में डूब जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार जमा पानी के कारण राहत नहीं मिल पा रही है।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट की आशंका के चलते लोग दहशत में हैं। स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं, क्योंकि गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में शहर को इस समस्या से जूझना न पड़े।

बाढ़ पूर्व तैयारियों का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में संभावित बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने शनिवार को दोहरीघाट स्थित गौरी शंकर घाट पर सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बाढ़ से बचाव हेतु स्थापित स्टॉक रूम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध राहत एवं बचाव सामग्री की स्थिति देखी। उन्होंने सहायक अभियंता सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां पूर्ण रखें तथा 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर कार्य करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सभी आवश्यक सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उनका उपयोग किया जा सके।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने स्थापित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ पीएसी कैंप का भी जायजा लिया, जिसे संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कैंप में उपलब्ध लाइफ जैकेट सहित अन्य बचाव उपकरणों का निरीक्षण कर उनकी उपलब्धता एवं गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने पीएसी के समस्त जवानों को बाढ़ अथवा किसी भी आपात स्थिति में पूर्ण मुस्तैदी के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर सहित सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

अवर अभियंता के आश्वासन पर कांग्रेसियो ने श्रमदान वापस लिया

सोनूघाट से सड़क पाटने का कार्य जारी

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को बारीपुर हनुमान मंदिर के पास कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह के निर्देश पर सैकड़ो पार्टी कार्यकर्त्ता एवं स्थानीय लोग श्रमदान के लिए फावड़ा खाची लेकर इक्क्ठा हुए बारीपुर से सोनूघाट तक सड़क भरने के लिए , क्योंकि कांग्रेसियों ने सड़क भरने का संकल्प लिया था। यद्यपि
सड़क भरने की सूचना 16 जुलाई को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को भी कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने दीया था किन्तु , सूचना के बाद भी सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए, जिस पर कांग्रेस जन श्रमदान करने के लिए बारीपुर मे इक्क्ठा हुए,क्योंकि सड़क भरने का कार्य बारीपुर हनुमान मंदिर से सोनू घाट तक करना था। सूचना मिलते ही पीडब्लूडी अवर अभियंता अखिलेश राम अपने ठेकेदार के साथ मंदिर पहुंचे जहाँ अवर अभियंता व ठेकेदार ने कांग्रेस प्रवक्ता एवं कांग्रेसी कार्यकर्ताओ तथा स्थानीय लोगो को दो दिनों के अंदर सड़क के गड्ढों को भरने का आश्वासन भर ही नहीं दिया बल्कि
उसे भरने का कार्य भी प्रशासन ने शुरू कर दिया। अवरअभियंता एवं कंट्रेक्टर ने दो दिनों मे सड़क को भरने के आश्वासन दिया और चले गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगो ने उनके जाने पर एक बार प्रदर्शन करते हुए कहा कि यदि जनहित में यह कार्य नहीं होता है तो हम सभी लोग श्रमदान कर सड़क बनाने का कार्य करेंगे।
इस अवसर पर उत्तम सिंह, उदय शंकर सिंह, बृजेश सिंह, रामसनेही, सूर्य प्रताप सिंह, दिवाकर पांडे, राजेश पांडे, अनिरुद्ध तिवारी, मनोज सिंह, सोनू पाठक, सागर कुशवाहा, मनीष गोंड़ , इंद्रजीत सिंह सुधाकर पाण्डेय, छठ्ठू पाठक, काशी यादव, राम सागर मौर्य, उपेंद्र गुप्ता, दिवाकर गुप्ता मुबारक अली मन्नी गौड़ सहित भारी संख्या मे लोग मौजूद रहे।

मिट्टी के घर से संसद तक: रवि किशन ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में संभाला कार्यभार, पहले ही व्याख्यान में संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास का दिया संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू की गई ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना के अंतर्गत गोरखपुर के सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने शनिवार को ललित कला एवं संगीत विभाग में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। अपने पहले व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत को सफलता का सबसे बड़ा आधार बताते हुए अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा किए।
रवि किशन ने कहा कि यदि व्यक्ति के भीतर दृढ़ संकल्प और अटूट आत्मविश्वास हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि एक समय वह मिट्टी के घर में रहते थे, लेकिन लगातार मेहनत, संघर्ष और अपनी कला के प्रति समर्पण ने उन्हें संसद तक पहुंचाया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखने, लगातार अभ्यास करने और बड़े सपने देखने का आह्वान किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि गोरखपुर के युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में वह हरसंभव सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में वह अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएंगे। कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को इस पहल का अधिकतम लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है, जिससे शिक्षा अधिक रोजगारपरक, व्यवहारिक और जीवनोपयोगी बन सके।


ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने रवि किशन का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकार का विश्वविद्यालय से जुड़ना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक कौशल के लिए अत्यंत प्रेरणादायी साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अभिनय, कला, करियर, संघर्ष और सफलता से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका रवि किशन ने विस्तार से उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर उषा सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. प्रदीप राजोरिया सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में SOG और युवक के बीच झड़प, युवक की मौत; तीन जवान घायल, भद्रवाह में इंटरनेट सेवा निलंबित

डोडा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार देर रात स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एक युवक के बीच हुई झड़प में युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि SOG के तीन जवान घायल हो गए। घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भद्रवाह क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर SOG की टीम ने भद्रवाह-गंधोह मार्ग पर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक युवक को पूछताछ के लिए रोका गया।

अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर एक SOG जवान की सर्विस राइफल छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद हाथापाई हुई और गोली चल गई। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि SOG के तीन जवान भी घायल हुए।

सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान युवक की मृत्यु हो गई। वहीं, घायल जवानों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है तथा तलाशी अभियान जारी है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने भद्रवाह क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर: सांबा के आसमान में 9 सेकेंड तक दिखी रहस्यमयी रोशनी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

सांबा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सोमवार रात करीब 9 बजे आसमान में लगभग 9 सेकेंड तक दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी ने लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में अचानक तेज चमक वाली रोशनी दिखाई दी, जो कुछ क्षण तक नजर आने के बाद अचानक गायब हो गई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

प्रारंभिक स्तर पर कुछ लोगों ने इसे उल्कापिंड (Meteor), कुछ ने इल्यूमिनेशन राउंड (Illumination Round) और कुछ ने अन्य संभावित कारणों से जोड़कर देखा। हालांकि, अब तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राहत की बात यह है कि घटना के संबंध में किसी भी प्रकार के धमाके, मलबा मिलने या जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी तथ्यों के आधार पर रहस्यमयी रोशनी के वास्तविक कारण का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

बहराइच: नवाबगंज में सेंध लगाकर लाख रुपये के जेवरात व नकदी चोरी, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बहराइच के थाना नवाबगंज क्षेत्र में चोरी की एक और बड़ी घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत सती जोर के मजरा चरगंहवा निवासी फुलकोरा, पत्नी स्वर्गीय महेश, ने अज्ञात चोरों के खिलाफ थाना नवाबगंज में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, 16/17 जुलाई 2026 की रात अज्ञात चोरों ने मकान की पश्चिम दिशा की दीवार में सेंध लगाकर घर में प्रवेश किया। इसके बाद घर में रखे बक्से से सोने की नथ, चांदी की पायल, चांदी की जंजीर, चांदी का खड़ुवा तथा 5,000 रुपये नकद चोरी कर फरार हो गए।

पीड़िता का कहना है कि चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये है। घटना के बाद परिवार और गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़िता ने पुलिस से चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

मामले में थाना प्रभारी नवाबगंज जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है। पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एनएचआई से वार्ता के बाद कपरवार सेतु पर दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु पर सुरक्षा कारणों से वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने से गोरखपुर और देवरिया के बीच आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच कपरवार रामजानकी मार्ग स्थित चौकी पर कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह और समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह ने एनएचआई के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर आमजन की समस्याओं से अवगत कराया।
वार्ता के बाद एनएचआई अधिकारियों ने दोपहिया वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर चारपहिया, भारी वाहनों समेत अन्य सभी वाहनों के संचालन पर रोक जारी रहेगी।
एनएचआई अधिकारियों ने बताया कि कपरवार सेतु के निर्माण कार्य के लिए तीन कंपनियों को बुलाया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
रवि प्रताप सिंह और अर्जुन सिंह ने कहा कि यदि अगले 100 घंटे के भीतर सेतु निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि सेतु बंद होने से प्रतिदिन हजारों यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था न होने से लोगों को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ रहा है।
इस दौरान दिवाकर चौरसिया, सुमीत तिवारी, राहुल, विवेक, हरिश्चंद्र, कमलेश, विजली, अखिलेश, पंकज, नीरज वर्मा, अभिषेक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अनियमित यात्रा की रोकथाम के लिए सघन टिकट अभियान

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा की रोकथाम के लिए सघन टिकट जांच अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 17 जुलाई 2026 को मऊ–इन्दारा रेलखंड पर गाड़ी संख्या 65107 भटनी–वाराणसी सिटी, 15104 बनारस–गोरखपुर एक्सप्रेस, 14006 आनंद विहार–सीतामढ़ी एक्सप्रेस सहित अन्य मेल एवं सवारी गाड़ियों में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इसके अतिरिक्त इन्दारा–दोहरीघाट रेलखंड पर किमी 7/2 के समीप गाड़ी संख्या 65121 दोहरीघाट-वाराणसी सिटी सवारी गाड़ी में भी विशेष जांच की गई।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, मऊ अखिलेश सिंह एवं मुख्य टिकट निरीक्षक राम प्रभाव यादव के नेतृत्व में आयोजित इस संयुक्त अभियान में रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक राम प्रवेश यादव सहित रेलवे सुरक्षा बल एवं राजकीय रेलवे पुलिस के कुल 11 सुरक्षा कर्मियों तथा वाराणसी रेड टीम एवं आईसीपी, मऊ के 11 टिकट जांच कर्मचारियों ने भाग लिया।
टिकट जांच अभियान के दौरान 83 बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे ₹48,035 अड़तालीस हजार पैंतीस रुपये रेल राजस्व के रूप में वसूल किए गए।
जांच अभियान के दौरान संबंधित स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर यात्रा टिकट लेने के लिए यात्रियों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं, जो यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने यात्रियों से अपील की कि वे सदैव वैध यात्रा टिकट लेकर ही यात्रा करें, रेलवे नियमों का पालन करें तथा ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।

एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह का सख्त संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

पहले ही दिन फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सदर तहसील में नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्ञान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अपने पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपने कार्यशैली का स्पष्ट संदेश देते हुए जनसुनवाई को प्राथमिकता दी और कार्यालय पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को बारी-बारी से गंभीरता पूर्वक सुना। पहले ही दिन उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता से फरियादियों में उम्मीद जगी।
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हर फरियादी की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों—नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल तथा पटल प्रभारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी फाइल एक दिन से अधिक लंबित नहीं रखी जाएगी और सभी मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विशेष रूप से किसानों और आम जनता से जुड़े मामलों को तत्काल हल करने पर जोर दिया गया।
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले क्या होता था, इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। अब उनका पूरा ध्यान वर्तमान व्यवस्था को सुधारने और जनता को बेहतर सेवा देने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी फरियादी को बेवजह तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और हर समस्या का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने पटल पर नियमित रूप से बैठकर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें और सौंपे गए दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करें। लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह की इस पहल से तहसील में कार्यसंस्कृति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। फरियादियों ने भी उनकी सक्रियता और संवेदनशील रवैये की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अब उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। प्रशासन की इस नई पहल से सदर तहसील में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने एनएसएस स्वयंसेवक कृष्णानन्द जायसवाल को किया सम्मानित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सक्रिय स्वयंसेवक कृष्णानन्द जायसवाल को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘माई भारत’ के प्रतिष्ठित ‘नेशन फर्स्ट चैलेंज’ में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूथ कन्वेंशन के दौरान सम्मानित किया।
देशभर से आयोजित इस प्रतियोगिता में केवल पांच शीर्ष विजेताओं का चयन किया गया, जिनमें कृष्णानन्द जायसवाल ने स्थान बनाया। विशेष बात यह रही कि वह पूरे उत्तर भारत से चयनित एकमात्र युवा प्रतिनिधि रहे। यह उपलब्धि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।
18 मई से 30 जून 2026 तक आयोजित ‘नेशन फर्स्ट चैलेंज’ का उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ते हुए सामाजिक सेवा, जनजागरूकता, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक उत्तरदायित्व जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। प्रतिभागियों का चयन उनके नवाचार, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रभाव और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों के आधार पर किया गया।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सत्यपाल सिंह, डॉ. आलोक कुमार सहित कार्यक्रम अधिकारियों और शिक्षकों ने कृष्णानन्द जायसवाल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि वह आगे भी समाज और राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएंगे।

18 जुलाई को प्रकाशित होगी अंतिम मतदेय स्थल सूची, राजनीतिक दलों के सुझावों पर हुई चर्चा

डीएम बोले- आयोग के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से पूरी की जा रही प्रक्रिया, शेष आपत्तियां तत्काल दर्ज कराने की अपील

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के तहत जनपद के मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के संभावित परिवर्तन, विभाजन और प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रस्तावित सभी मतदेय स्थलों का संबंधित उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से भौतिक सत्यापन कराया गया है। सत्यापन के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों का नियमानुसार परीक्षण एवं निस्तारण किया जा चुका है। इसके बाद 18 जुलाई 2026 को जनपद के मतदेय स्थलों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों के निर्धारण की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्वाचन आयोग की गाईडलाइन के अनुरूप संचालित की जा रही है, ताकि प्रत्येक मतदाता को अपने मतदान केंद्र पर आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि किसी मतदेय स्थल को लेकर अब भी कोई आपत्ति या सुझाव शेष है तो उसे तत्काल संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एआरओ) के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे समय रहते उसका निस्तारण किया जा सके।
उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों से संबंधित सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, संबंधित प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

अनाथ और निराश्रितों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन सख्त, हर मंगलवार चलेगा विशेष रेस्क्यू अभियान

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क पर रहने वाले अनाथ, परित्यक्त और असहाय व्यक्तियों के चिन्हांकन तथा पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चिन्हांकन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें न्यायालय एवं शासन के निर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्देश दिया गया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित व्यक्तियों को संबंधित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर आश्रय गृह, चिकित्सा परिचर्या गृह अथवा अन्य उपयुक्त संस्थानों में भेजा जाएगा। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मिलने पर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को समाज कल्याण विभाग की कल्याण साथी हेल्पलाइन-14568, महिला हेल्पलाइन 181 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि आमजन सड़क पर मिले निराश्रित, महिलाओं और बच्चों की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचा सकें।
बैठक में मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर ऐसे व्यक्तियों को सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डॉ. अमर सिंह गौतम, अरुण कुमार ओझा, अधिवक्ता नरेन्द्र चौधरी, राम शब्द, एस.बी. सागर, मोनिका शुक्ला, प्रिंस कुमार झा सहित विभिन्न विभागों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।