Friday, May 29, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

सैनिकों और गरीबों के लिए समर्पित सुपर स्पेशियलिटी सुविधा, मऊ में योगी का बड़ा संदेश

मऊ( राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जनपद मऊ के ताजोपुर स्थित अत्याधुनिक ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का लोकार्पण करते हुए पूर्वांचल को बड़ी स्वास्थ्य सौगात दी। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल एक चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘स्वस्थ भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि पहले पूर्वांचल के लोगों को सीटी स्कैन, डायलिसिस, वेंटिलेटर और गंभीर इलाज के लिए वाराणसी, लखनऊ या दिल्ली तक जाना पड़ता था, लेकिन अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांवों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल के संस्थापक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह की सराहना करते हुए कहा कि सेना में 33 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, नर्सिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किया है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन को मजबूत करने वाला बड़ा निवेश भी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे मऊ सहित आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इलाज के अभाव में किसी गरीब को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि चिकित्सा व्यवस्था में संवेदनशीलता और सेवाभाव सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दवाओं की कालाबाजारी, मरीजों का शोषण और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता पर भी जोर देते हुए कहा कि छुआछूत जैसी कुरीतियां गुलामी की मानसिकता की निशानी हैं और समाज को इससे पूरी तरह मुक्त होना होगा। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव समाज और राष्ट्र की सेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैन्य परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के वीर जवानों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि ताजोपुर का ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल पूर्वांचल के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वॉर्डों, आईसीयू यूनिट, तकनीकी कक्षों और चिकित्सा उपकरणों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।

मऊ में विकास का महाकुंभ: मुख्यमंत्री योगी ने दी ₹392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात, माफियाओं को दी सीधी चेतावनी


मऊ, (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जनपद के मधुबन में आयोजित विशाल जनसभा में ₹392 करोड़ से अधिक लागत की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जनपद को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विकास, सुरक्षा और सुशासन को लेकर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कड़ा संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का “सीधा यमराज इंतजार करेंगे।” उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी प्रदेश में माफिया और गुंडों का आतंक था, जबकि आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का रोल मॉडल बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत मऊ की ऐतिहासिक और शहीदी धरती को नमन करते हुए की। उन्होंने महान साहित्यकार पंडित श्याम नारायण पांडेय, समाज सुधारक स्वामी सहजानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय और पूर्व राज्यपाल फागू चौहान को श्रद्धापूर्वक याद किया। साथ ही भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किसानों के प्रति उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता अच्छे प्रतिनिधियों का चयन करती है तो विकास स्वतः धरातल पर दिखाई देता है। सड़क, अस्पताल, पुल और पेयजल जैसी योजनाएं बिना भेदभाव हर व्यक्ति तक पहुंचती हैं, जबकि गलत नेतृत्व जनता की गाढ़ी कमाई को भ्रष्टाचार और अपराध की भेंट चढ़ा देता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 38 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनमें प्रमुख सड़कें, पुल, पुलिस विभाग की अवस्थापना योजनाएं, ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शामिल रहे। इसके अलावा 76 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया, जिनमें ग्रामीण सड़कें, चिकित्सा, नगर विकास और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रहीं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2005 के मऊ दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। व्यापारी शाम होते ही दुकानें बंद कर देते थे और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश की तस्वीर और धारणा दोनों बदली हैं। अब कोई अपराधी खुलेआम कानून को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकता।
धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और अन्य पर्व भव्यता के साथ मनाए जा रहे हैं। यदि कोई इन आयोजनों में व्यवधान डालेगा तो उसकी “रावण और कंस जैसी दुर्गति” तय है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के करोड़ों गरीबों को आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसी किसान या बटाईदार के साथ दुर्घटना होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर ₹5 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, एसबीएसपी अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मधुबन विधायक रामविलास चौहान, एमएलसी बिच्छेलाल राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

बस्ती स्वास्थ्य विभाग में तबादला नीति पर सवाल, 28 साल से एक जिले में जमे चीफ फार्मासिस्ट पर गंभीर आरोप

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में तबादला नीति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बस्ती जिले में करीब 28 वर्षों से तैनात और पिछले सात साल से एक ही पद पर कार्यरत चीफ फार्मासिस्ट पर भ्रष्टाचार, कदाचार और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं।

मामला Ajay Kumar Mishra से जुड़ा है, जो सीएमएसडी स्टोर, सीएमओ कार्यालय बस्ती में चीफ फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि उन्होंने तबादला नीति को दरकिनार करते हुए लंबे समय से एक ही जिले और कुर्सी पर बने रहकर मनमानी की।

भारतीय किसान यूनियन भानू गुट समेत कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय जांचों और आरोप सिद्ध होने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

हाल ही में स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्टॉक बुक और वितरण वाउचर पर वार्ड बॉय से हस्ताक्षर कराने के मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लंबे समय तक एक ही जिले में तैनाती के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की गई।

समाजसेवियों और किसान यूनियन नेताओं ने उपमुख्यमंत्री, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा निदेशक पैरामेडिकल को पत्र भेजकर तबादला नीति के पालन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर इतने आरोपों के बावजूद संबंधित अधिकारी को संरक्षण कौन दे रहा है।

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सीमांचल पहुंची जनजागरण यात्रा, अररिया में शिक्षकों ने भरी हुंकार

अररिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग को लेकर निकली संकल्प-सह-जनजागरण यात्रा सीमांचल क्षेत्र पहुंची, जहां शिक्षकों और कर्मचारियों ने जोरदार समर्थन देते हुए सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार प्रदेश के बैनर तले आयोजित इस अभियान को अररिया जिले के फारबिसगंज और रानीगंज में व्यापक समर्थन मिला।

यात्रा का नेतृत्व प्रदेश संयोजक Pranay Kumar, प्रदेश अध्यक्ष Navneet Kumar और प्रदेश मीडिया प्रभारी Mrityunjay Thakur कर रहे हैं। कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव Ashok Kumar भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

फारबिसगंज में आयोजित सभा के बाद यात्रा लालजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रानीगंज पहुंची, जहां बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर समर्थन जताया। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

प्रदेश संयोजक प्रणय कुमार ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के साथ अन्याय है और पुरानी पेंशन बहाल होने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार ने कहा कि OPS केवल आर्थिक सुरक्षा नहीं बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और आत्मविश्वास का भी सवाल है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में मिल रहा व्यापक समर्थन यह साबित करता है कि पुरानी पेंशन बहाली अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों और कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।

100 KM की रफ्तार से आंधी का अलर्ट, संत कबीर नगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया है। मौसम विभाग ने संत कबीर नगर समेत कई जिलों के लिए भीषण आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार संत कबीर नगर, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, मऊ, बलिया और बहराइच जिलों में मौसम का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को फसलों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

बरहज में इंडियन बैंक की फ्रेंचाइजी खुलने से लोगों में उत्साह

पैना रोड टैक्सी स्टैंड के पास शुरू हुई सुविधा, आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के पैना रोड टैक्सी स्टैंड के समीप इंडियन बैंक की नई फ्रेंचाइजी खुलने से क्षेत्रीय लोगों में उत्साह का माहौल है। शुक्रवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

इंडियन बैंक फ्रेंचाइजी का उद्घाटन बसपा नेता श्रीप्रकाश पाल एवं इंडियन बैंक मैनेजर अमित चंद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया।

इस अवसर पर इंडियन बैंक मैनेजर अमित चंद ने कहा कि फ्रेंचाइजी खुलने से स्थानीय लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें खाते से जुड़े कार्यों में काफी राहत मिलेगी। वहीं बसपा नेता श्रीप्रकाश पाल ने कहा कि इस नई सुविधा का लाभ पुराना बरहज, बलुआ छापर, रगरगंज समेत आसपास के कई गांवों और कस्बों के लोगों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से लोगों को आर्थिक लेनदेन, सरकारी योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान रामप्यारे पाल, सत्यप्रकाश पाल, रविन्द्र पाल, आलोक पाठक, रामसमुझ, बबलू साहनी, अरविन्द विश्वकर्मा, रामनरायन सिंह, बबलू जायसवाल, राजकुमार गौड़, अब्दुल रहमान और सुनील जायसवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने इंडियन बैंक की फ्रेंचाइजी खुलने पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अपहृता को सकुशल बरामद कर घुघली पुलिस ने पेश की तत्परता की मिसाल

बहला-फुसला कर ले जाई गई युवती को पुलिस ने खोज निकाला, परिजनों में खुशी का माहौल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर महराजगंज पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना घुघली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बहला-फुसला कर ले जाई गई युवती को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं क्षेत्र में पुलिस टीम की सराहना हो रही है।

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जनपदभर में महिला सुरक्षा एवं अपहृताओं की बरामदगी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थाना घुघली पुलिस टीम को यह सफलता मिली।

जानकारी के अनुसार थाना घुघली में मु.अ.सं. 108/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 मई 2026 को आरोपी युवती को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया था। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सूरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार सुरागरसी की। कई संभावित स्थानों पर दबिश और पूछताछ के बाद पुलिस को सफलता मिली और युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया।

बरामदगी के बाद युवती का चिकित्सीय परीक्षण एवं बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिला अपराध और अपहरण के मामलों में पुलिस संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संजय यादव, कांस्टेबल विकास यादव एवं महिला कांस्टेबल मौसम भारती की भूमिका सराहनीय रही।

घुघली पुलिस की इस सक्रिय कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और लोगों ने पुलिस टीम की तत्परता की प्रशंसा की है।

काली प्रसाद के जिलाध्यक्ष बनने से बदला सलेमपुर का राजनीतिक समीकरण, रणविजय समर्थकों में बढ़ा उत्साह

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नए जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेतृत्व ने पूर्व विधायक काली प्रसाद को देवरिया जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बाद जिलेभर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और फूल-मालाओं से स्वागत कर खुशी जाहिर की।

सलेमपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और वर्तमान में यहां से राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक काली प्रसाद, रणविजय कुमार सहित कई नेता भाजपा के संभावित दावेदार माने जा रहे थे। ऐसे में काली प्रसाद को संगठन की बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद सलेमपुर का राजनीतिक समीकरण बदलता नजर आ रहा है।

नए जिलाध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में रणविजय कुमार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। इस दौरान काली प्रसाद ने स्वयं रणविजय कुमार को माला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में दलित समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। “रण में विजय” के नारों के साथ समर्थकों का उत्साह भी चर्चा का केंद्र बना रहा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि काली प्रसाद को संगठन की कमान मिलने से भाजपा में नए नेतृत्व को अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है। वहीं रणविजय कुमार के समर्थकों में भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नया जोश दिखाई दे रहा है।

पूर्व विधायक काली प्रसाद को संगठनात्मक क्षमता और कार्यकर्ताओं से मजबूत संवाद रखने वाला नेता माना जाता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले काली प्रसाद ने विधायक रहते हुए क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। माना जा रहा है कि उनकी इसी सक्रियता को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

अब सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का भविष्य का उम्मीदवार कौन होगा, इस पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले समय में यह नया राजनीतिक समीकरण जिले की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

ईदुल जुहा की नमाज अदा कर मांगी मुल्क में अमन चैन की दुआ

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l इबादत और कुर्बानी का त्योहार ईदुल जुहा (बकरीद) नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया क्षेत्र के ईदगाहों एवं मस्जिदों में अकीदतमंदों ने पूरी सिद्दत के साथ ईदुल जुहा की नमाज़ अता की। स्थानीय नगर स्थित ईदगाह में मौलाना हामिद रजा अजहरी ने सुबह साढ़े सात बजे ,नाका मस्जिद में कारी वसीउल्लाह साहब ने सुबह सात बजे, पटेल नगर स्थित जिन्नाती मस्जिद हाफिज अली रजा ने सुबह छह बजे गौरा स्थित मस्जिद में मौलाना कमरूद्दीन रजा रसीदी ने सुबह सात बजे तथा पैना के जामा मस्जिद में मौलाना हसनैन साहब ने सुबह सवा सात बजे ईदुल जुहा की नमाज अदा करायी।बरहज के पैना रोड स्थित ईदगाह में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी जहां ईदुल जुहा की नमाज के बाद मुल्क और कौम की सलामती की दुआ मांगी गयी। नमाज के दौरान सुरक्षा चाक चौबंद व प्रशासन मुस्तैद रहा।इस दौरान मुख्य रूप से हाजी डा ए एच लारी,हाजी नईम अहमद,हाजी मोहम्मद मुस्तफा,मौलाना अनीस अहमद, मौलाना नुरूल इस्लाम,हाफिज जावेद, अब्दुल जब्बार राईन,हाजी मोहम्मद आरिफ भोलू,मुजफ्फर हुसैन मंसूरी,अब्दुल खालिक अंसारी,नबाब हुसैन, जावेद अख्तर बबलू राईन,खुर्शीद आलम,मुनीर शाह,डम्पी खान,अशरफ अली, मुख्तार अहमद,अनीस मंसूरी,नसीम अहमद, मोहम्मद मुस्तफा, इरफान अली,युनूस अंसारी,आदि अकीदतमंदों ने नमाज अदा की तथा एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी।इस दौरान ईदगाहों पर पहुंच कर चैयरमैन प्रतिनिधि श्याम सुन्दर जायसवाल, पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल, विरेन्द्र गुप्ता, प्रदीप जायसवाल आदि ने अकीदतमंदों से गले मिलकर बधाईयां दी।

देवरिया भाजपा की कमान काली प्रसाद के हाथ, संगठन को मिलेगा नया विस्तार



लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देवरिया जिले की कमान पूर्व भाजपा विधायक काली प्रसाद को सौंप दी है। पार्टी द्वारा 28 मई 2026 को जारी जिलाध्यक्षों की सूची में देवरिया से काली प्रसाद के नाम की आधिकारिक घोषणा की गई। काली प्रसाद सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व भाजपा विधायक रह चुके हैं और लंबे समय से संगठन एवं जनसंपर्क राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
प्रदेश भाजपा कार्यालय, 7 विधानसभा मार्ग लखनऊ से जारी सूची में कई महत्वपूर्ण जिलों के अध्यक्षों की घोषणा की गई। गोरखपुर क्षेत्र के अंतर्गत देवरिया जिले में काली प्रसाद की नियुक्ति को संगठनात्मक संतुलन और अनुभव आधारित निर्णय माना जा रहा है।
काली प्रसाद की पहचान जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही है। सलेमपुर क्षेत्र में विधायक रहते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय संवाद बनाए रखा। भाजपा नेतृत्व द्वारा उन्हें जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद देवरिया भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी रणनीति, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में काली प्रसाद की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने जिन जिलाध्यक्षों की घोषणा की है, उसमें संगठन अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है।
भाजपा द्वारा घोषित प्रमुख जिलाध्यक्ष
अंबेडकर नगर – दिलीप देव पटेल
वाराणसी – राम सकल पटेल
चंदौली – काशीनाथ सिंह
गोरखपुर महानगर – रमेश प्रसाद गुप्ता
देवरिया – काली प्रसाद
प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी इस सूची की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रदेश संगठन महामंत्री को भी भेजी गई है।
देवरिया में भाजपा संगठन को नई दिशा देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी अब काली प्रसाद के कंधों पर होगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा।

मिशन डेमोग्राफी 2026: अवैध घुसपैठ और बदलती आबादी पर केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी

मिशन डेमोग्राफी: अवैध घुसपैठ, आईएमडीटी एक्ट और भारत की बदलती जनसांख्यिकीय चुनौती


भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन अब केवल आबादी का प्रश्न नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र और संवैधानिक संतुलन का मुद्दा बन चुका है


✍️ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्र


भारत में अवैध घुसपैठ, सीमाई सुरक्षा और जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों को लेकर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन वर्ष 2026 में यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है। केंद्र सरकार ने “मिशन डेमोग्राफी” के तहत जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा कर स्पष्ट संकेत दिया है कि अब अवैध प्रवासन को केवल कानून-व्यवस्था या मानवीय समस्या के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतांत्रिक संतुलन, सीमा प्रबंधन, संसाधनों पर दबाव और सामाजिक स्थिरता से जुड़ी व्यापक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा “अननेचुरल डेमोग्राफिक चेंज” की चर्चा के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी गठित की है। इस समिति का उद्देश्य अवैध आप्रवास, सीमाई घुसपैठ, मतदाता पहचान, फर्जी दस्तावेज, सीमा प्रबंधन और जनसंख्या असंतुलन जैसे विषयों का व्यापक अध्ययन करना है।
आईएमडीटी एक्ट 1983 क्यों बना विवाद का केंद्र
भारत में अवैध प्रवासन का प्रश्न विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर असम से जुड़ा रहा है। वर्ष 1970 और 1980 के दशक में बांग्लादेश से कथित अवैध घुसपैठ को लेकर व्यापक जन आंदोलन हुआ, जिसे “असम आंदोलन” कहा गया। आंदोलनकारियों का आरोप था कि बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के आने से स्थानीय संस्कृति, भाषा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में वर्ष 1983 में “इललीगल माइग्रेंट्स (डिटरमिनेशन बाय ट्रिब्यूनल्स) एक्ट” यानी आईएमडीटी एक्ट लागू किया गया। यह कानून केवल असम में लागू था। इसका उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना बताया गया, लेकिन बाद में यही कानून सबसे अधिक विवादों का कारण बना।
आईएमडीटी एक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि किसी व्यक्ति को विदेशी साबित करने की जिम्मेदारी राज्य और शिकायतकर्ता पर डाली गई थी। जबकि भारत के अन्य हिस्सों में लागू फॉरेनर्स एक्ट 1946 के तहत संदेहास्पद व्यक्ति को स्वयं साबित करना पड़ता था कि वह भारतीय नागरिक है।
आलोचकों का कहना था कि इस प्रावधान ने अवैध घुसपैठियों की पहचान लगभग असंभव बना दी। शिकायतकर्ता को विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत करने पड़ते थे और प्रशासनिक प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती थी। यही कारण रहा कि कई राष्ट्रवादी और क्षेत्रीय संगठनों ने इसे “घुसपैठियों को संरक्षण देने वाला कानून” बताया।
जनसांख्यिकी और लोकतंत्र का जुड़ाव
असम में जनसंख्या परिवर्तन को लेकर उठी चिंता केवल आबादी की संख्या तक सीमित नहीं थी। स्थानीय संगठनों का आरोप था कि अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने से चुनावी समीकरण बदल रहे हैं और स्थानीय समुदायों का राजनीतिक प्रभाव कमजोर पड़ रहा है।
दूसरी ओर आईएमडीटी एक्ट के समर्थकों का तर्क था कि असम में रहने वाले अनेक बंगाली भाषी मुसलमानों और गरीब नागरिकों को मनमाने तरीके से विदेशी घोषित किए जाने का खतरा था। इसलिए यह कानून मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द किया आईएमडीटी एक्ट
वर्ष 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने आईएमडीटी एक्ट को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह कानून अवैध घुसपैठ रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ और इससे विदेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया अत्यधिक कठिन हो गई।
सुप्रीम कोर्ट ने असम की जनसांख्यिकीय स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का भी उल्लेख किया। इसके बाद असम में भी विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए फॉरेनर्स एक्ट के नियम लागू किए गए।
यह फैसला एक वर्ग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से ऐतिहासिक माना गया, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने आशंका जताई कि इससे निर्दोष नागरिकों को परेशान किए जाने का खतरा बढ़ सकता है।
मिशन डेमोग्राफी 2026: सरकार की नई रणनीति
वर्ष 2026 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया “मिशन डेमोग्राफी” इसी ऐतिहासिक बहस का नया चरण माना जा रहा है। सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति को देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति निम्न प्रमुख विषयों पर अध्ययन करेगी—
अवैध आप्रवास और सीमाई घुसपैठ
फर्जी दस्तावेज और मतदाता पहचान
असामान्य बसावट पैटर्न
सीमा प्रबंधन की कमजोरियाँ
धार्मिक और सामाजिक समुदायों में संरचनात्मक परिवर्तन
अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन की प्रक्रिया
समिति को एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट: सरकार की 3D नीति
सरकार की नई रणनीति “3D नीति” पर आधारित बताई जा रही है—

  1. डिटेक्ट
    अवैध प्रवासियों की पहचान करना।
  2. डिलीट
    मतदाता सूची और सरकारी रिकॉर्ड से फर्जी नाम हटाना।
  3. डिपोर्ट
    अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को वापस भेजना।
    सरकार का दावा है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, नकली दस्तावेज, मानव तस्करी, आतंक वित्तपोषण और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों को इससे जोड़ा जा रहा है।
    राजनीतिक और सामाजिक बहस
    इस पूरे मुद्दे का राजनीतिक आयाम भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में अवैध घुसपैठ चुनावी मुद्दा बन चुकी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार इस विषय का राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए उपयोग करती है, जबकि सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक संतुलन की रक्षा का प्रश्न बताती है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्या परिवर्तन केवल अवैध घुसपैठ का परिणाम नहीं होता। इसके पीछे रोजगार, शहरीकरण, आंतरिक पलायन और आर्थिक अवसर जैसे अनेक कारण भी होते हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष तक पहुँचने से पहले विस्तृत तथ्यात्मक अध्ययन आवश्यक है।
    मानवाधिकार और संवैधानिक संतुलन की चुनौती
    भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है जहाँ कानून का शासन सर्वोच्च माना जाता है। इसलिए किसी भी कार्रवाई में यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि वास्तविक भारतीय नागरिकों को परेशान न किया जाए।
    विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने की प्रक्रिया में पर्याप्त कानूनी अधिकार, दस्तावेजी सत्यापन और अपील का अवसर उपलब्ध होना चाहिए। यही संवैधानिक संतुलन इस पूरी बहस का सबसे संवेदनशील पक्ष है।
    वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की चुनौती
    आज अमेरिका, यूरोप और एशिया के अनेक देशों में अवैध प्रवासन और राष्ट्रीय पहचान को लेकर तीखी बहस चल रही है। भारत में भी यह विमर्श अब अधिक संस्थागत और नीति-आधारित रूप लेता दिखाई दे रहा है।
    हालाँकि भारत की स्थिति अन्य देशों से अधिक जटिल है, क्योंकि यहाँ विविध भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ और सीमाई चुनौतियाँ एक साथ मौजूद हैं।
    मिशन डेमोग्राफी केवल अवैध घुसपैठ के विरुद्ध अभियान नहीं बल्कि भारत की सामाजिक, राजनीतिक और सुरक्षा संरचना से जुड़ा दीर्घकालिक प्रश्न बन चुका है। एक पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान और लोकतांत्रिक संतुलन की रक्षा के लिए आवश्यक कदम मानता है, जबकि दूसरा पक्ष आशंका व्यक्त करता है कि इस मुद्दे का राजनीतिक और सांप्रदायिक उपयोग हो सकता है।
    आईएमडीटी एक्ट से लेकर वर्तमान हाई-लेवल कमेटी तक की यात्रा यह दर्शाती है कि भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का प्रश्न केवल आँकड़ों का विषय नहीं, बल्कि संविधान, नागरिकता, मानवाधिकार, लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के जटिल संतुलन से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर उठाए जाने वाले कदम तय करेंगे कि भारत इस चुनौती का समाधान किस दिशा में खोजता है।
    लेखक -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
    गोंदिया, महाराष्ट्र

नहरों में दौड़ा पानी, किसानों को मिली बड़ी राहत

डीएम के विशेष प्रयास से खरीफ सीजन से पहले सिंचाई व्यवस्था हुई सुचारु

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खरीफ सीजन में धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप जनपद की नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो गया है। सिंचाई विभाग द्वारा 25 मई 2026 से नहरों का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे किसानों को समय से सिंचाई सुविधा मिलने लगी है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में मधुबनी शाखा, महराजगंज रजवाहा सहित लगभग 50 नहरों में जल प्रवाह सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शेष नहरों में भी चरणबद्ध तरीके से शीघ्र पानी छोड़ा जाएगा, ताकि जनपद के अंतिम छोर तक स्थित किसानों को भी सिंचाई का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर सभी नहरों के टेल तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नहर संचालन की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कहीं भी जलापूर्ति बाधित न हो।
डीएम ने कहा कि किसानों की सुविधा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत एवं प्रभावी बनाए रखने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य किया जा रहा है। नहरों में पानी पहुंचने से किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, जिससे खेती की लागत में भी कमी आएगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।

साइबर सेल की सक्रियता से लौटे लोगों के चेहरे पर मुस्कान, छह गुम मोबाइल बरामद

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। बढ़ते साइबर अपराध और मोबाइल गुम होने की घटनाओं के बीच महराजगंज पुलिस की फरेन्दा साइबर सेल ने सराहनीय कार्य करते हुए छह गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं गुम मोबाइलों की बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी फरेन्दा के निर्देशन में थानाध्यक्ष फरेन्दा के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए विभिन्न स्थानों से छह मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद मोबाइल फोन में सैमसंग ए14 5जी, मोटोरोला मोटो जी85 5जी, वीवो टी2एक्स 5जी, इनफिनिक्स स्मार्ट 8एचडी, वीवो वी2506 तथा वीवो टी3 5जी शामिल हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 78 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस टीम ने आवश्यक सत्यापन के बाद सभी मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द कर दिए।
मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल वापस मिल सकेगा, लेकिन फरेन्दा पुलिस की तत्परता और तकनीकी प्रयासों से यह संभव हो सका। लोगों ने महराजगंज पुलिस की कार्यशैली की खुलकर सराहना की।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल साइबर सेल अथवा नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी सहायता से मोबाइल को ट्रैक कर बरामद किया जा सके।
मोबाइल बरामद करने वाली टीम में उप- निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल स्वतंत्र वीर रावत, कांस्टेबल मनीष यादव एवं महिला कांस्टेबल सोनी पाण्डेय की भूमिका सराहनीय रही

डीएम व एसपी ने नमाज स्थलों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के दृष्टिगत जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने खलीलाबाद के मोतीनगर ईदगाह सहित विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय भ्रमण एवं पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनपद में बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण एवं सकुशल ढंग से सम्पन्न हुई।
त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रसारित करने तथा वर्चुअल या प्रत्यक्ष रूप से गड़बड़ी करने वालों पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों की लगातार मॉनिटरिंग के साथ-साथ जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। जनपदीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर पर्व को सकुशल सम्पन्न करा रहे हैं।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पांडेय, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती सहित संबंधित अधिकारी एवं पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

“200 वर्ष हिंदी पत्रकारिता: विरासत, संघर्ष और भविष्य” विषय पर होगा मंथन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर 30 और 31 मई 2026 को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के तृतीय तल स्थित वातानुकूलित सभागार में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “200 वर्ष हिंदी पत्रकारिता: विरासत, संघर्ष और भविष्य” विषय पर विस्तार से चर्चा होगी।

30 मई को आयोजित संगोष्ठी में “आधुनिक युग में हिंदी पत्रकारिता” विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें बदलते मीडिया परिदृश्य, डिजिटल दौर की चुनौतियां और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की भूमिका पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

वहीं 31 मई को हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा, उसके संघर्ष, उपलब्धियां और भविष्य की दिशा पर गहन चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर सार्थक संवाद स्थापित करना है।

संगोष्ठी 30 मई को दोपहर 1:00 बजे से तथा 31 मई को अपराह्न 12:30 बजे से प्रारंभ होगी। दोनों दिनों में पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों की सहभागिता रहेगी।

आयोजकों ने सभी पत्रकार साथियों, मीडिया कर्मियों और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर संगोष्ठी में भाग लेने की अपील की है, ताकि हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और उसके भविष्य पर होने वाली चर्चा का हिस्सा बना जा सके।