Thursday, June 18, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

मालिक के इंतजार में पोखरी किनारे डटी रही गाय, दर्दनाक हादसे ने झकझोरा गांव


कुशीनगर में दर्दनाक हादसा: पोखरी में डूबने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत, गाय की वफादारी ने नम कर दीं सबकी आंखें

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। रामकोला थाना क्षेत्र के भठही खुर्द गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय इंद्राशन पुत्र गुप्तार की पोखरी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, मृतक की गाय की वफादारी ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इंद्राशन प्रतिदिन की तरह अपनी भैंस और गाय को चराने तथा पोखरी में नहलाने गए थे। इसी दौरान वह अनजाने में गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आए तो आसपास मौजूद लोगों को आशंका हुई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब तीन घंटे तक लगातार तलाश अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पोखरी से उनका शव बाहर निकाला।
घटना के दौरान एक ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया जिसने सभी की आंखें नम कर दीं। ग्रामीणों ने बताया कि इंद्राशन के साथ गई गाय पूरे समय पोखरी के किनारे खड़ी रही। वह लगातार जोर-जोर से रंभाती रही और अपने मालिक के बाहर आने का इंतजार करती रही। गाय की यह वफादारी और बेचैनी देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।
सूचना मिलने पर हल्का लेखपाल दिलीप सिंह तथा रामकोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इंद्राशन के मिलनसार स्वभाव को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

विकास प्रदर्शनी व जनकल्याणकारी शिविर का प्रभारी मंत्री ने किया शुभारंभ

प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन स्थित डीपीआरसी हॉल परिसर में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर एवं विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, जिला प्रभारी भाजपा अजय सिंह गौतम, जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और गरीब कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतिगत निर्णयों एवं उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाना तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की।
विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिससे लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। विधायक गणेश चंद्र चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं में निरंतर सुधार हुआ है और सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग एवं कृषि विभाग के लाभार्थियों को टूल किट, सिलाई मशीन, प्रशस्ति पत्र तथा प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए। सूचना विभाग द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, युवा, महिला एवं गरीब कल्याण योजनाओं, उत्तर प्रदेश की आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा जनपद की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र बगही सहित विभिन्न कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती, जैविक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया।

पुलिस महकमे में आंशिक फेरबदल नवागत आभा सिंह बनीं सीओ कैंट

एसएसपी ने महत्वपूर्ण सर्किल की सौंपी जिम्मेदारी, अरुणकुमार एस को सीओ लाइन का प्रभार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में पुलिस महकमे में आंशिक फेरबदल करते हुए 2016 बैच की पीपीएस अधिकारी नवागत आभा सिंह को कैंट सर्किल का क्षेत्राधिकारी (सीओ) नियुक्त किया गया है। वहीं सहायक पुलिस अधीक्षक अरुणकुमार एस को सीओ लाइन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आभा सिंह मूल रूप से सुल्तानपुर की निवासी हैं और गोरखपुर में उनकी यह नई तैनाती है। इससे पूर्व वह झांसी और महाराजगंज जनपद में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें एक जिम्मेदार और सक्षम अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
एसएसपी ने उनके पूर्व अनुभव और कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए उन्हें शहर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल कैंट सर्किल का प्रभार सौंपा है। कैंट क्षेत्र में वीआईपी मूवमेंट, प्रमुख बाजार और विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं, जिसके कारण यहां की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
नवागत सीओ आभा सिंह से उम्मीद जताई जा रही है कि वह अपने अनुभव के बल पर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेंगी और आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करेंगी। उनके नेतृत्व में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था में और सुधार की संभावना जताई जा रही है।
वहीं सहायक पुलिस अधीक्षक अरुणकुमार एस को सीओ लाइन का प्रभार दिया गया है। पुलिस लाइन में प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण और अनुशासन से जुड़े कार्यों का संचालन उनके जिम्मे रहेगा।
पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह आंशिक फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इससे जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

योग महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अभियान

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में योग विभाग एवं योग वेलनेस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में पिछले एक माह से विविध योग संबंधी कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों और अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिवार इस संपूर्ण अभियान को “योग महोत्सव” के रूप में मना रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रतिदिन आयोजित योग सत्रों में कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अंतर्गत विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। इन सत्रों में शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में योग साधक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विशेष एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मुख्य कार्यक्रम 21 जून 2026 को प्रातः 6 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित बिरसा मुंडा प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार एवं आमजन से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने की वैज्ञानिक जीवनशैली है।
योग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि योग दिवस के अवसर पर सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता सकारात्मक संकेत है तथा विश्वविद्यालय का उद्देश्य अधिकाधिक लोगों को योग से जोड़कर स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देना है।
योग वेलनेस सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. सागर सैनी ने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता कर योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आमजन से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को सफल बनाएं तथा योग के माध्यम से स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

डॉ. वी.के. सारस्वत होंगे डीडीयू के दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शैक्षिक सत्र 2025-26 का दीक्षान्त समारोह आगामी 6 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। समारोह में देश के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने डॉ. सारस्वत के नाम को मुख्य अतिथि के रूप में स्वीकृति प्रदान की है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार उनके आगमन से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
डॉ. सारस्वत देश के अग्रणी रक्षा वैज्ञानिकों में शामिल हैं। उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक तथा रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं। भारत के बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम तथा स्वदेशी सामरिक मिसाइल एवं वायु रक्षा प्रणालियों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में वे नीति आयोग में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, उच्च शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से जुड़े नीति-निर्माण का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि डॉ. सारस्वत का वैज्ञानिक अनुभव, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी होगा। उनके उद्बोधन से विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षान्त समारोह की तैयारियां प्रारम्भ कर दी हैं। आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

योग जनजागरूकता रैली में उमड़ा जनसैलाब, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित द्विसाप्ताहिक कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत गुरुवार को विशाल योग जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली को गोरखपुर के महापौर मंगलेश कुमार तथा विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रातःकाल आयोजित इस रैली में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा स्ववित्तपोषित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था एवं अनुशासन बनाए रखने में ट्रैफिक पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रैली के संयोजक प्रो. आमोद कुमार राय एवं प्रो. सत्यपाल सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहा है। योग जनजागरूकता रैली का उद्देश्य आमजन को योग के प्रति प्रेरित करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना है। शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी रैली में भाग लिया।
रैली नौकायन पहुंचने के बाद आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि योग आज केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर्स-रेंजर्स की इकाइयों ने सक्रिय योगदान दिया। आयोजन टीम में प्रो. अजय कुमार चौबे, डॉ. संजय तिवारी, डॉ. राहुल मिश्र, डॉ. तुलिका मिश्र, डॉ. मीतू सिंह तथा डॉ. सुनीता सहित अनेक शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिकमास का धार्मिक महत्व और धार्मिक आस्था

सुनीता कुमारी पूर्णियां बिहार

भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में समय की गणना केवल दिनों और महीनों का क्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, ग्रह-नक्षत्रों और धार्मिक जीवन से गहराई से जुड़ी हुई है। हिन्दू पंचांग में समय-समय पर आने वाला “अधिकमास” इसी वैज्ञानिक और धार्मिक परंपरा का अद्भुत उदाहरण है। अधिकमास को “पुरुषोत्तम मास” भी कहा जाता है। यह लगभग हर तीसरे वर्ष आता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस मास में भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य, व्रत, जप और तप का अत्यधिक फल प्राप्त होता है। भारतीय समाज में अधिकमास केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का पावन अवसर माना जाता है।
अधिकमास क्या है?
हिन्दू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, जबकि सौर वर्ष सूर्य की गति के अनुसार चलता है। चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है और सौर वर्ष लगभग 365 दिनों का। दोनों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर रह जाता है। यही अंतर तीन वर्षों में लगभग एक महीने के बराबर हो जाता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए हिन्दू पंचांग में एक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है, जिसे “अधिकमास” कहा जाता है।
यह मास किसी निश्चित नाम से नहीं आता, बल्कि जिस महीने में यह पड़ता है, उसी के नाम के साथ “अधिक” जुड़ जाता है, जैसे अधिक श्रावण, अधिक आषाढ़ आदि। धार्मिक दृष्टि से यह समय अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना जाता है।
अधिकमास का धार्मिक महत्व
अधिकमास का सबसे बड़ा धार्मिक महत्व यह है कि इसे भगवान विष्णु का प्रिय मास माना गया है। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार जब इस अतिरिक्त मास को कोई महत्व नहीं देता था, तब यह दुखी होकर भगवान विष्णु के पास गया। भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम “पुरुषोत्तम मास” प्रदान किया और कहा कि इस मास में किए गए सभी शुभ कर्मों का फल कई गुना अधिक मिलेगा। तभी से यह मास अत्यंत पवित्र माना जाने लगा।
इस मास में व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से हटकर ईश्वर भक्ति की ओर अग्रसर होता है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि अधिकमास में की गई पूजा, उपवास, कथा-श्रवण और दान से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पूजा-पाठ और साधना का विशेष समय
अधिकमास को भक्ति और साधना का महीना कहा जाता है। इस दौरान लोग नियमित रूप से भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और राम की पूजा करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, कथा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। कई लोग पूरे महीने व्रत रखते हैं या सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
विशेष रूप से निम्न कार्य अधिकमास में अत्यंत पुण्यकारी माने जाते हैं—
गीता और भागवत कथा का पाठ
विष्णु सहस्रनाम का जाप
तुलसी पूजा
गरीबों को भोजन और वस्त्र दान
गौसेवा और ब्राह्मण सेवा
तीर्थ स्नान और सत्संग
मान्यता है कि इस मास में किया गया एक छोटा-सा पुण्य भी अनेक गुना फल देता है।
धार्मिक आस्था और जनमानस
भारतीय समाज में अधिकमास के प्रति गहरी धार्मिक आस्था देखने को मिलती है। गाँवों से लेकर शहरों तक लोग इस महीने को विशेष श्रद्धा के साथ मनाते हैं। अनेक परिवारों में प्रतिदिन दीपदान, कथा और भजन का आयोजन होता है। महिलाएँ घर की सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के लिए व्रत रखती हैं।
अधिकमास के दौरान लोग आत्मसंयम और सदाचार का पालन करने का प्रयास करते हैं। यह केवल पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार और जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनता है। धार्मिक आस्था लोगों को नैतिकता, सेवा और करुणा की ओर प्रेरित करती है।
विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक
अधिकमास में सामान्यतः विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इसका कारण यह है कि यह मास मुख्य रूप से ईश्वर आराधना और तपस्या के लिए समर्पित माना गया है। लोग इस समय को सांसारिक उत्सवों के बजाय आध्यात्मिक साधना में लगाना अधिक उचित समझते हैं।
हालाँकि धार्मिक दृष्टि से यह मास अशुभ नहीं है। बल्कि इसे अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक माना गया है। इसलिए इस दौरान व्यक्ति अपनी आत्मा की शुद्धि और ईश्वर से जुड़ने का प्रयास करता है।
अधिकमास और दान-पुण्य
सनातन धर्म में दान का विशेष महत्व है और अधिकमास में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मास में अन्नदान, जलदान, वस्त्रदान और गौदान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना इस महीने की सबसे बड़ी धार्मिक भावना मानी जाती है। इससे समाज में प्रेम, सहयोग और मानवता की भावना मजबूत होती है। यही कारण है कि अधिकमास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न होकर सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक बन जाता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से अधिकमास
अधिकमास व्यक्ति को आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मनुष्य अक्सर मानसिक तनाव और अशांति का अनुभव करता है। ऐसे समय में यह मास ध्यान, साधना और भक्ति के माध्यम से मानसिक शांति प्रदान करता है।
यह महीना हमें सिखाता है कि जीवन केवल भौतिक सुखों तक सीमित नहीं है। ईश्वर के प्रति श्रद्धा, सेवा और आत्मअनुशासन भी जीवन के महत्वपूर्ण अंग हैं। अधिकमास के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर छिपी आध्यात्मिक शक्ति को पहचानने का प्रयास करता है।
निष्कर्ष
अधिकमास भारतीय धार्मिक परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र अध्याय है। यह मास केवल पंचांग की गणना को संतुलित करने का माध्यम नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर है। भगवान विष्णु को समर्पित यह मास लोगों में श्रद्धा, सेवा, दान और सदाचार की भावना उत्पन्न करता है।
धार्मिक आस्था के कारण अधिकमास का महत्व सदियों से भारतीय समाज में बना हुआ है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में आध्यात्मिकता, संयम और मानवता का कितना बड़ा स्थान है। वास्तव में अधिकमास केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ने का दिव्य अवसर है।

आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

बहन की प्रताड़ना से आहत होकर युवती ने लगाई थी फांसी, पुलिस ने की कार्रवाई

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
बेलीपार थाना क्षेत्र में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी की बहन को अभियुक्त द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना बेलीपार में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त की तलाश शुरू की। इसी क्रम में आरोपी लल्लन पुत्र मकसुदन उर्फ मधु कुमार, निवासी ग्राम सेवई बाजार थाना बेलीपार जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे संबंधित धाराओं में न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मु0अ0सं0 150/2026 के तहत धारा 108, 115(2), 352, 351(3) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि महिला अपराधों के प्रति सख्त रुख अपनाया गया है और ऐसे मामलों में त्वरित व कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और मामले की आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर ठगी करने वाला गैंगस्टर गिरफ्तार

कूटरचना कर लोगों को बनाता था शिकार, पुलिस ने दबोचा आरोपी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गुलरिहा थाना क्षेत्र में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर कूटरचना के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गैंगस्टर अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गैंग बनाकर योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था और स्वयं को प्रशासनिक अधिकारी बताकर भरोसा जीतता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित तरीकों से धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
इसी क्रम में पुलिस ने अभियुक्त रामनयन गुप्ता पुत्र स्व. वृजलाल गुप्ता, निवासी हरदीडाली निरनाम पूर्वी आनंद नगर थाना फरेंदा जनपद महराजगंज को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ थाना गुलरिहा में मु0अ0सं0 456/2026 के तहत धारा 2(b)(i), 2(b)(xi), 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ थाना गुलरिहा में विभिन्न धाराओं—204, 205, 316(2), 317(2), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 351(3), 352, 61(2) बीएनएस—के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इससे स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके।

रोहिन नदी में नहाने गए दो मासूम डूबे एक की मौत एक की तलाश जारी

एनडीआरएफ की टीम का सर्च ऑपरेशन जारी, गांव में पसरा मातम

मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि व अधिकारी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l तिवारीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोहिन नदी में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नहाने गए दो मासूम बच्चे डूब गए। इस घटना में 12 वर्षीय सर्वेश यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 9 वर्षीय पिहू की तलाश एनडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार सर्वेश यादव (12) पुत्र सतीश यादव, निवासी मानीराम चिलुआताल थाना क्षेत्र, अपने ननिहाल तकिया कवलदह पथरकट टोला आया हुआ था। वह अपने मामा विक्की यादव के घर ठहरा हुआ था। मंगलवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे वह अपने मामा की बेटी पिहू (9) के साथ घर से निकला और खेलते-खेलते रोहिन नदी के किनारे पहुंच गया। रास्ते में उन्हें कुछ अन्य बच्चे भी मिल गए, जो भैंस चरा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी बच्चे नदी में नहाने उतर गए।
नहाने के दौरान अचानक गहराई में चले जाने से सर्वेश और पिहू डूबने लगे। यह देख वहां मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और चिल्लाते हुए गांव की ओर भागे। उनके शोर मचाने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन व ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। नदी किनारे चार बच्चों के चप्पल पड़े मिले, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगा।
घटना के संबंध में बाद में जानकारी और सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ कि मौके पर मौजूद दो अन्य बच्चे—संतोष यादव (12) पुत्र धर्मेंद्र यादव और संगीता यादव (13) पुत्री धर्मेंद्र यादव—जो आपस में भाई-बहन हैं, सुरक्षित अपने घर पहुंच गए थे। दोनों तकिया कवलदह पथरकट टोला के ही निवासी हैं। इन्हीं दोनों ने घर पहुंचकर सर्वेश और पिहू के डूबने की सूचना दी, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और काफी प्रयास के बाद सर्वेश यादव को नदी से बाहर निकाला। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं पिहू की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका था।
बताया जा रहा है कि सर्वेश दो भाइयों में बड़ा था और कक्षा चार का छात्र था, जबकि पिहू दो बहनों में छोटी थी और कक्षा दो में पढ़ती थी। दोनों के मासूम चेहरों और इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। किसी को अंदाजा नहीं था कि मामा के घर आया सर्वेश इस तरह असमय मौत का शिकार हो जाएगा और उसके साथ गई पिहू भी जिंदगी और मौत के बीच लापता हो जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही वार्ड नंबर 41 माधोपुर के पार्षद जयंत निषाद मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना देकर राहत कार्य तेज कराया। इसके साथ ही महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कोस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एडीएम वित्त जय प्रकाश, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव और तिवारीपुर थानाध्यक्ष विकास सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही एनडीआरएफ की टीम को तेजी से सर्च ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए गए। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जमा हैं और हर कोई पिहू के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है।
यह हादसा एक बार फिर नदी-नालों में बिना सुरक्षा के नहाने के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार रोहिन नदी में कई जगह अचानक गहराई है, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद बच्चों का वहां नहाने जाना जारी है, जो कभी भी इस तरह के हादसे को जन्म दे सकता है।
फिलहाल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सर्वेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि पिहू की तलाश में एनडीआरएफ की टीम लगातार जुटी हुई है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।

मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर, पीस कमेटी की बैठक सम्पन्न

सिकंदरपुर /बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना सिकंदरपुर परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार तथा अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश शुक्ला ने संयुक्त रूप से की। बैठक को संबोधित करते हुए दोनों अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से मोहर्रम के दौरान आपसी भाईचारा, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पर्व एवं त्योहार सामाजिक सद्भाव और एकता के प्रतीक होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा किसी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उपस्थित नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याओं और सुझावों से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया तथा जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर श्रीकांत राजवंशी, थाना प्रभारी निरीक्षक मूलचंद चौरसिया, एसडीओ अजय सरोज सहित आदर्श नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, धर्मगुरु तथा विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डीडीयू के पीजी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का परिणाम घोषित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा सत्र 2025-26 के विभिन्न स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया है। घोषित किए गए पाठ्यक्रमों में बी.एड., एल.एल.एम., एम.ए. प्राचीन इतिहास, शिक्षा शास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिन्दी, शारीरिक शिक्षा, मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र, एम.ए./एम.एससी. रक्षा अध्ययन, गणित एवं सांख्यिकी, एम.एससी. वनस्पति विज्ञान, भौतिकी एवं प्राणि विज्ञान, एम.ए. दृश्यकला (एप्लाइड), एम.कॉम. तथा एम.एड. शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार संबंधित परीक्षाओं का परिणाम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर अपना परीक्षाफल देख सकते हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परिणाम ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

रिंग से लेकर समाज सेवा तक: डीडीयू के सनी सिंह बने खेल और सामाजिक बदलाव के नए यूथ आइकॉन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रतिभा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के एम.ए. समाजशास्त्र के छात्र सनी सिंह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किकबॉक्सिंग में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं। खेल उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाकर उन्होंने विश्वविद्यालय और पूर्वांचल का गौरव बढ़ाया है।
सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप-2025 में विश्व स्तर पर नौवीं रैंक तथा वाको इंडिया कप-2026 में रजत पदक जीतने वाले सनी सिंह को उनकी खेल उपलब्धियों के चलते कई प्रतिष्ठित संस्थाओं ने अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया है। इनमें मैरियन फाउंडेशन तथा गुडडे स्वीट्स एंड बेकर्स प्रमुख हैं।
समाजशास्त्र के छात्र होने के नाते सनी सिंह सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। मिशन अपराजिता के माध्यम से वह अब तक 5,000 से अधिक बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे चुके हैं। वहीं बरकत सोसाइटी के सहयोग से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के बच्चों को खेल एवं शिक्षा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त नील गगन पूर्वांचल अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और इको-गार्डन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सनी सिंह की उपलब्धियों पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वह केवल पदक ही नहीं जीत रहे हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक भी बन रहे हैं। खेल, शिक्षा और सामाजिक सरोकार का उनका समन्वय प्रेरणादायी है।
मैरियन फाउंडेशन से जुड़े अमरीश चंद्रा ने कहा कि खेल में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के बाद भी समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशेष बनाती है। वहीं गुडडे स्वीट्स एंड बेकर्स के प्रबंध निदेशक निखिल बुंधवानी ने सनी सिंह की ऊर्जा, समर्पण और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं के लिए आदर्श बताया।
लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके सनी सिंह का अगला लक्ष्य अगस्त 2026 में आयोजित होने वाली सीनियर नेशनल चैंपियनशिप है। उनका सपना 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाना है। खेल प्रेमियों को विश्वास है कि अपनी मेहनत और लगन के बल पर वह आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम और ऊंचा करेंगे।

निंबस डिस्कवरी टूल से डिजिटल संसाधनों तक पहुँच पर बीबीएयू में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा “निंबस डिस्कवरी टूल के माध्यम से बीबीएयू ई-लाइब्रेरी का उपयोग कैसे करें” विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस अवसर पर डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, पुस्तकालय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुनील गोरिया, निंबस की कनिष्का जिंदल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. शिशिर कुमार तथा खाद्य एवं पोषण विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नीतू सिंह उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुनील गोरिया ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ किया। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान में डिजिटल संसाधनों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकालय शिक्षण, अधिगम एवं अनुसंधान का ज्ञान-केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से पुस्तकालय द्वारा उपलब्ध ई-संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने की अपील की।
प्रो. मित्तल ने बताया कि नव स्थापित निंबस ई-लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सदस्यता प्राप्त, मुक्त अभिगम तथा ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ओएनओएस)’ के अंतर्गत उपलब्ध संसाधनों तक एक ही मंच से पहुंच संभव होगी। इससे शोध और अध्ययन कार्यों में समय एवं ऊर्जा की बचत होगी।
डॉ. सुनील गोरिया ने निंबस डिस्कवरी टूल और उसके मोबाइल ऐप आधारित प्लेटफॉर्म की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय पुस्तकालय के समस्त ई-संसाधनों तक कहीं भी और कभी भी पहुंच प्राप्त की जा सकती है।
तकनीकी सत्र में कनिष्का जिंदल ने बीबीएयू के लिए विकसित निंबस डिस्कवरी प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ता एकीकृत खोज प्रणाली के माध्यम से विभिन्न ई-जर्नल, ई-पुस्तकें, डेटाबेस तथा अन्य अकादमिक संसाधनों को आसानी से खोज और उपयोग कर सकते हैं।
कार्यक्रम में 100 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। समापन अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं अकादमिक गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने के लिए डॉ. सुनील गोरिया के प्रयासों की सराहना की। अंत में डॉ. गोरिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

राप्ती नदी में चार बच्चे डूबे तलाश में जुटी एनडीआरएफ

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जिले के माधवपुर क्षेत्र में राप्ती नदी में नहाने गए चार बच्चों के डूबने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया गया।
मंडलायुक्त अनिक ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। बच्चों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को लगाया गया है, जो स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही है।
बताया जा रहा है कि बच्चे नदी में नहाने के दौरान अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे यह हादसा हो गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चों की तलाश लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नदी-तालाब में नहाते समय सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।