Tuesday, April 21, 2026
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पराली जलाने पर सख्ती, 15 हजार तक जुर्माने की चेतावनी

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने पर 2500 रुपये से लेकर 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और पुनरावृत्ति की स्थिति में एफआईआर सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से 19 अप्रैल 2026 के बीच जिले में 723 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनकी जांच कृषि व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। दोषी किसानों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली की तैयारी भी चल रही है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने पर हार्वेस्टर जब्त कर स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक प्रबंधन करें। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा 50 से 80 प्रतिशत अनुदान पर सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर, रोटरी स्लेशर, स्ट्रा रेक व बेलर जैसे यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पराली को मल्च बनाकर खेत में उपयोग करने या गौशाला, सीबीजी प्लांट एवं औद्योगिक इकाइयों को देने की भी व्यवस्था है।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं और पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बिजली विभाग में संविदा कर्मियों का सत्याग्रह, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

देवरिया में संविदा बिजली कर्मचारियों का सत्याग्रह, निगम में शामिल करने की जोरदार मांग


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जोरदार आवाज उठाई। विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर विद्युत वितरण मंडल देवरिया परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने एक दिवसीय सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नवगठित संविदा निगम में शामिल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
सत्याग्रह में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए संविदा निगम में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों को शामिल न करना उनके साथ अन्याय है। संगठन के जोन प्रभारी बिपिन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिससे हजारों कर्मचारियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस पर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नवगठित निगम में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, बेहतर वेतनमान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकेगा।

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पूर्वांचल महामंत्री राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग के कुछ अधिकारी संविदा कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।
जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि संविदा कर्मचारी वर्षों से विभाग की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो स्थायी दर्जा मिला और न ही पर्याप्त सुविधाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को देखते हुए उनके हित में सकारात्मक निर्णय ले।
कार्यक्रम में अजय यादव, धनंजय पांडे, रवि प्रकाश यादव, सुधीर पटेल, सुनील सिंह, मिराज शेख, प्रभुनाथ सिंह, विकास, गुलाबचंद गौड़, बासुकीनाथ राय, जयराम यादव, वीरबहादुर और हरदेव सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
इस सत्याग्रह ने एक बार फिर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को सामने ला दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभागीय अधिकारी इस पर क्या कदम उठाते हैं और कर्मचारियों को राहत मिलती है या नहीं।

30 अप्रैल से पहले लक्ष्य पूरा करने की तैयारी, किसानों के लिए अलर्ट जारी

सुबह 6 बजे से शुरू हुआ फॉर्मर रजिस्ट्री महाअभियान, दोपहर तक बनीं 900 नई आईडी — प्रशासन ने तेज किया जनसंपर्क अभियान


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा )। जनपद में किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से फॉर्मर रजिस्ट्री महाअभियान की शुरुआत सुबह 6 बजे से ही जोर-शोर के साथ की गई। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रहे इस विशेष अभियान में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय नजर आई। गांव-गांव जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने का कार्य तेज गति से शुरू किया, जिसका असर भी तुरंत देखने को मिला।
अभियान के तहत जिले के सभी तहसीलों और विकास खंडों में प्रशासनिक अमले को फील्ड में उतारा गया। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, ग्राम सचिव समेत ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारी घर-घर जाकर किसानों की जानकारी जुटाने और मौके पर ही उनकी फॉर्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने में लगे रहे। इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्री से जोड़ना है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस महाअभियान की खुद निगरानी की। उन्होंने कैंप कार्यालय से ऑनलाइन लाइव मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न गांवों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किसानों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और उन्हें जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

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नौतनवा तहसील के कोल्हुई गांव में जिलाधिकारी ने किसान उमेश राय से बातचीत कर उन्हें अन्य किसानों को भी रजिस्ट्री के लिए प्रेरित करने को कहा। वहीं परतावल ब्लॉक के पिपरिया गांव में अनीशुर्रहमान, कमाल और प्रधान प्रतिनिधि वसीम से चर्चा कर 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 30 अप्रैल के बाद किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ केवल फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही मिलेगा। ऐसे में सभी पात्र किसानों के लिए समय रहते रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।
भीषण गर्मी और लू को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सुबह और शाम के समय अभियान को अधिक सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत में टीम बनाकर घर-घर जाकर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम भी सामने आया। विशेष अभियान के पहले ही दिन दोपहर तक 900 नई फॉर्मर आईडी बनाई गईं। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 3,81,940 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंत में जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और जल्द से जल्द अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और आसान तरीके से मिल सके।

यूपी में सनसनी: नाबालिग से दुष्कर्म केस में राजनीतिक चेहरा पुलिस गिरफ्त में

मनियर कांड: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, स्थानीय नेता हिरासत में—इलाके में उबाल


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। मनियर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। इस मामले में एक स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना ने न केवल सामाजिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नेता ने पढ़ाई में मदद और बेहतर संस्थान में दाखिला दिलाने का लालच देकर नाबालिग को अपने प्रभाव में लिया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित रूप से कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम काफी समय से चल रहा था, लेकिन आरोपी की धमकियों और सामाजिक दबाव के चलते पीड़िता चुप रही।
परिजनों का कहना है कि आरोपी हर बार घटना के बाद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था, जिससे नाबालिग मानसिक रूप से टूट चुकी थी। हालात असहनीय होने पर पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना देरी किए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत भी सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।

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थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी रोष है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, आरोपी के राजनीतिक संबंधों के चलते मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जिससे प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित परिवार को सामाजिक और कानूनी दोनों स्तर पर समर्थन मिलना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़िता बिना किसी डर के न्याय प्रक्रिया में भाग ले सके। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी प्रभाव या दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस केस पर टिकी हुई है और सभी को न्यायिक प्रक्रिया के अगले कदम का इंतजार है।

फर्जी आधार से लोन दिलाने वाला 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, तकनीकी ज्ञान का कर रहा था दुरुपयोग


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराध और धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुरन्दरपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, जिसे आखिरकार कुशीनगर जनपद से धर दबोचा गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई। वहीं अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुरन्दरपुर थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इस महत्वपूर्ण सफलता को हासिल किया।
मामले के अनुसार, 15 अक्टूबर 2024 को थाना पुरन्दरपुर में फर्जी आधार कार्ड बनाकर लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लोगों के दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर गुमराह करता था और अवैध तरीके से लोन पास कराने का झांसा देता था। इस तरह वह कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
पुलिस की जांच में आरोपी की पहचान विश्व दमन पुत्र ब्रह्मदेव निवासी भैसहवां ढोंढरा, थाना खोराबार, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
लगातार प्रयासों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपी की लोकेशन की जानकारी मिली। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को कुशीनगर जनपद के हाटा बाजार में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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गौरतलब है कि गिरफ्तार अभियुक्त विश्व दमन (26 वर्ष) पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स का छात्र रह चुका है। उसने अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी डिजिटल और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करता था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप-निरीक्षक सर्वदेव खरवार और कांस्टेबल इमरान अहमद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सतर्कता और तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के लोन या वित्तीय लेनदेन के मामले में सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट के झांसे में न आएं। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि कानून से बचकर कोई भी अपराधी ज्यादा दिन तक फरार नहीं रह सकता। पुलिस की सख्ती और सक्रियता के चलते अब ऐसे ठगों के लिए जिले में जगह नहीं बची है।

बिना अनुमति जुलूस: निषाद पार्टी के कार्यक्रम से यातायात बाधित प्रशासन पर उठे सवाल

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के मेहदावल थाना क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति के निकाले गए एक जुलूस/कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निषाद पार्टी से जुड़े नेताओं और युवाओं द्वारा निकाले गए इस जुलूस के दौरान यातायात नियमों की खुलकर अनदेखी की गई, जिससे क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार यह जुलूस नगर पंचायत मेहदावल के मुहल्ला अव्वल केवटलिया स्थित गंगासागर से शुरू होकर सई लंगड़ी तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बाइक सवार युवक स्टंट करते नजर आए, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज से मुख्य बाजार अंजहिया की ओर जाने वाले मार्ग पर लंबे समय तक जाम लगा रहा।

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मामले में थानाध्यक्ष मेहदावल सुरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक जुलूस नहीं, बल्कि एक कार्यक्रम था, जिसमें पीड़ित से मिलने जाने की बात कही गई। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
वहीं भाजपा नेता शेषप्रताप सिंह ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसके दबाव में ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जनगणना 2027 के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू, सैकड़ों प्रगणक हुए शामिल

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औरैया (राष्ट्र की परम्परा)भारत की जनगणना 2027 को सफल और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय चरण 20 अप्रैल से शुरू हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि फील्ड स्तर पर किसी प्रकार की समस्या न आए।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता और पूरी लगन से लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही और सटीक जनगणना के लिए प्रशिक्षण बेहद अहम है, जिससे कार्य के दौरान त्रुटियों से बचा जा सके।

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प्रशिक्षण के प्रथम दिन विभिन्न केंद्रों पर बड़ी संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हुए। सुदिती ग्लोबल एकेडमी में तहसील औरैया के 238 में से 9, नगर पंचायत फफूंद के 44 में से 2 और नगर पालिका परिषद औरैया के 84 में से 4 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं रैपिड ग्लोबल एकेडमी बिधूना में तहसील बिधूना के 438 में से केवल 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि आरजीएस कॉलेज बिधूना में नगर पंचायत बिधूना के सभी 45 प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अजीतमल में तहसील अजीतमल के 189 में से 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि नगर पंचायत अजीतमल बाबरपुर के सभी 35 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति भी रही, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

दिशा बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दिए कड़े निर्देश


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत औपचारिक स्वागत से हुई, जहां जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इसके बाद जैसे ही समीक्षा शुरू हुई, जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आने लगे।
सबसे पहले नौतनवां क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का मामला उठा, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों का मुद्दा भी बैठक में जोरदार तरीके से उठा। इस पर मंत्री ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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ग्राम पंचायत सदस्यों के बैठक भत्तों के भुगतान में हो रही देरी पर भी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि लंबित भुगतान को मिशन मोड में जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी बैठकों और आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड जैसी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित सभी आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मनरेगा के तहत लाखों मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
कृषि क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों को खेती-किसानी में काफी सहूलियत मिली है।
इसके अलावा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी के अंतर्गत पोषण वाटिका, बाला वॉल पेंटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आभा आईडी के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इलाज की प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शहरी आवास योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम जैसी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना ही प्रशासन की पहचान होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर डीएम सख्त, अनुपस्थित कर्मियों का मानदेय-वेतन रोका

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय होगी।
बैठक में सामने आया कि अब तक 25,746 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो सकी है, जबकि 48,400 किसान अभी भी पंजीकरण से वंचित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम आलोक कुमार ने सबसे खराब प्रगति वाले गांवों के लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और कृषि कर्मियों को तलब किया।

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समीक्षा के दौरान पांच पंचायत सहायक और एक रोजगार सेवक अनुपस्थित पाए गए। इस पर उनका मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए, वहीं संबंधित गांवों के सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा चकबंदी से लौटे दो लेखपालों के खराब प्रदर्शन पर उनका भी एक दिन का वेतन रोका गया।
डीएम आलोक कुमार ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने निर्देश दिए कि जिन किसानों के नाम में त्रुटि, मूल अभिलेख में प्रविष्टि न होना या अंश निर्धारण लंबित है, उनका कार्य 2 से 3 दिन में पूरा कराया जाए। शासन ने 30 अप्रैल 2026 तक सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है, इसके बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।

राजा भाऊ भदाने को भ्रातृ शोक, भारत तिब्बत समन्वय संघ में शोक की लहर

धार/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के मालवा प्रांत अंतर्गत धार जिले के निवासी भारत तिब्बत समन्वय संघ, मालवा प्रांत के प्रांत मंत्री राजा भाऊ भदाने के बड़े भाई का निधन गत दिवस हो गया। उनके निधन की खबर से संघ एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर फैल गई है।
परिजनों के अनुसार दिवंगत आत्मा की शांति के लिए धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन निर्धारित किया गया है। 25 अप्रैल को दशगात्र (रामघाट, उज्जैन) तथा 28 अप्रैल 2026 को तेरहवीं संस्कार मराठा समाज धर्मशाला, पट्टा चौपाटी, धार में दोपहर 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।

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भारत तिब्बत समन्वय संघ में राजा भाऊ भदाने को एक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। इस दुखद घड़ी में संगठन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। पदाधिकारियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

हीटवेव से फसलों को बचाने के लिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को हीटवेव से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि तेज गर्मी और लू का असर फसलों पर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में समय रहते उचित उपाय अपनाना जरूरी है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष न जलाएं, बल्कि उन्हें मल्च के रूप में उपयोग करें। इससे भूमि में नमी बनी रहती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। खरपतवार नियंत्रण के साथ मल्चिंग तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है।
सिंचाई प्रबंधन को लेकर भी विभाग ने सुझाव दिए हैं। किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि पानी का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, शाम के समय हल्की सिंचाई करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और फसलों को गर्मी से राहत मिलती है। खेतों को समतल रखने पर भी जोर दिया गया है, जिससे सिंचाई का पानी समान रूप से वितरित हो सके।

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रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग की सलाह देते हुए बताया गया कि अधिक तापमान में रासायनिक खाद फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके अलावा, फसलों की बुवाई पंक्तियों में करने से भी सिंचाई और देखभाल में सुविधा होती है।
धान की नर्सरी के संबंध में विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि उसमें पर्याप्त नमी बनाए रखें और शाम के समय सिंचाई करें। यदि कहीं पानी अधिक मात्रा में जमा हो जाए, तो उसकी तुरंत निकासी सुनिश्चित करें, ताकि फसल को नुकसान से बचा या जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय गहिला महाविद्यालय खलीलाबाद में शैक्षिक सत्र 2025-26 का वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य प्रो० (डॉ०) आशाराम द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
समारोहक डॉ० प्रीति सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रभारी डॉ० प्रीति सिंह ने वार्षिक क्रीड़ा समारोह की आख्या प्रस्तुत की, जबकि सह-समारोहक डॉ० संतोष कुमार चंद ने महाविद्यालय की संक्षिप्त वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। छात्राओं ने देशभक्ति गीत, काव्यपाठ और लोकगीत सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया।
वार्षिक क्रीड़ा समारोह में चैंपियन कु० श्वेता चौरसिया और उप-चैंपियन कु० ज्योति भास्कर सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालयीय परीक्षा वर्ष 2025 में बीए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं—अंजना मौर्या, अंशिका मिश्रा और लक्ष्मी पाण्डेय—को भी पुरस्कृत किया गया।

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अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) आशाराम ने कहा कि सफलता के लिए संसाधनों से अधिक आवश्यक ईमानदारी और समर्पण है। उन्होंने छात्राओं को अपने दायित्वों के प्रति निष्ठावान रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ० प्रीति सिंह ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।

देवरिया में यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 73 वाहनों का चालान, 5 वाहन सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए देवरिया में यातायात पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के प्रमुख स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस टीम ने भटवलिया, बस स्टैंड, गोरखपुर ओवरब्रिज, कसया रोड और रागिनी मोड़ जैसे व्यस्त क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई। साथ ही बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बिना फिटनेस के चल रहे वाहनों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ चालान किया गया।

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अभियान के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने, मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों और नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। कुल 73 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 5 वाहनों को सीज किया गया।
यातायात पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता आती है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश भी जाता है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जीव अविनाशी — जीवन और मृत्यु का शाश्वत सत्य

सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,
अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।
पुरानी कहावत भी आज सच लगती है—
“दो टके की पगड़ी, छ: टके में बिक जाती है।”
ढलते सूरज की तरह ही यह जीवन सफ़र है,
धीरे-धीरे संध्या की ओर बढ़ता हुआ।
उम्र की यह शाम संकेत देती है—
कि कहीं न कहीं एक और घर हमारा इंतज़ार कर रहा है।
जब मंज़िल का बुलावा आएगा,
तो उन राहों पर चलना ही पड़ेगा।
किस पल सांसों की डोर थम जाए,
और आत्मा परमात्मा से जा मिले—कहना कठिन है।
जन्म लिया है तो मृत्यु निश्चित है,
जीवन नश्वर है, मृत्यु ही अंतिम सत्य है।
यह शरीर क्षणभंगुर है, पर आत्मा अमर है,
ईश्वर का अंश—यह जीव सदा अविनाशी है।
लोग हमें जानते तो बहुत होंगे,
पर समझने वाले कम ही मिलते हैं।
समझदारी और सूझ-बूझ से ही
जीवन का क्रम आगे बढ़ाना पड़ता है।
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

उर्वरक वितरण में फार्मर रजिस्ट्री होगी अनिवार्य, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में ‘‘धरती माता बचाओ अभियान’’ के अंतर्गत जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 1 मई 2026 से उर्वरकों के वितरण में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। वर्तमान में जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक का वितरण उनकी जोत/रकबा के आधार पर ही किया जाए। साथ ही गत वर्ष की तुलना में यूरिया, डीएपी एवं एनपीके के वितरण पर विशेष नजर रखने को कहा। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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उन्होंने यह भी कहा कि अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदने वालों की निगरानी की जाए और कृषि गोष्ठियों व मेलों के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव, प्रभारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक मनोज कुमार, जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार, डीपीआरओ मनोज कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सहित विनिर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।