गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच देशभर में बन रहे हालात का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एहतियात के तौर पर गैस एजेंसियों और गोदामों पर पहुंचकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से गैस सिलेंडर मौजूद है, वे भी दूसरा और तीसरा सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गई हैं।
गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने गुरुवार सुबह शहर की दो गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदामों में उपलब्ध गैस सिलेंडरों का स्टॉक, आपूर्ति और उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की जानकारी ली। डीएम ने एजेंसी संचालकों से यह भी पूछा कि गोदाम पर कितने सिलेंडर पहुंचे, कितने उपभोक्ताओं को वितरित किए गए और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि किसी भी उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए परेशान न किया जाए। एजेंसी पर आने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने गैस एजेंसियों की आपूर्ति व्यवस्था, स्टॉक की स्थिति तथा वितरण प्रणाली की जानकारी जिलाधिकारी को दी और एजेंसी संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए।
दिनभर स्थिति की समीक्षा के बाद शाम को जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों पर आने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और सीओ की होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई ऐसे उपभोक्ता भी एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं जिनकी गैस बुकिंग नहीं है। ऐसे मामलों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर बुक नहीं है तो उसे तत्काल एजेंसी से गैस बुक कराने की व्यवस्था कराई जाए और अगले दिन उसे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पहले से है उन्हें प्राथमिकता देते हुए लगभग 60 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएं, जबकि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं है उन्हें लगभग 40 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासन ने जनपद की सभी 87 गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को एजेंसियों पर आने वाले सिलेंडरों, वितरण और शेष स्टॉक का नियमित रिकॉर्ड रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुकिंग कराने की अपील की है।
गैस एजेंसियों पर भीड़ के बीच डीएम का औचक निरीक्षण, बोले- जनपद में गैस की कोई कमी नहीं
लखनऊ में फायरिंग मामले में रोहित पटेल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सरकार बनाम रोहित पटेल मुकदमे की जिलाधिकारी कोर्ट में सुनवाई के बाद अभिलेखीय साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर रोहित पटेल पुत्र रमेश चौधरी निवासी तितौवा, थाना कोतवाली खलीलाबाद का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई आयुध अधिनियम की धारा 17 के तहत की गई है।
मामले में अनुज्ञप्ति संख्या 921वी/2025 (यूआईएन नंबर 33014100400775402025) के अंतर्गत जारी एनपी बोर पिस्टल/रिवॉल्वर का लाइसेंस निरस्त किया गया है। यह प्रकरण संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय लखनऊ की 24 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें पुलिस उपायुक्त दक्षिणी लखनऊ की रिपोर्ट भी संलग्न थी।
रिपोर्ट के अनुसार लाइसेंसधारी रोहित पटेल के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाना लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 829/2025 दर्ज है। आरोप है कि प्लासियों मॉल में गार्डों पर फायरिंग की गई, जिसमें गोली गार्ड पुरुषोत्तम पांडेय को लगी थी। मामले में विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 27 और 30 भी दर्ज की गई हैं।
जिलाधिकारी कोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि अनुज्ञप्तिधारी ने शस्त्र लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है। इस घटना से लोक शांति और आमजन की सुरक्षा प्रभावित हुई है। इसलिए जनहित और लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोहित पटेल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है
कम खर्च में पशुओं का इलाज और टीकाकरण, पशुपालकों को मिल रही राहत
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर क्षेत्र के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। स्थानीय पशु चिकित्सालय सिकंदरपुर में तैनात डॉ. अनिल कुमार राय ने बताया कि पशुपालन विभाग की योजनाओं के तहत पशुओं के उपचार और टीकाकरण की बेहतर तथा सस्ती सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को काफी लाभ मिल रहा है।
डॉ. राय ने बताया कि सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बहुत ही कम खर्च में पशुओं का इलाज संभव है। लगभग 100 रुपये की लागत में करीब 50 छोटे तथा लगभग 20 बड़े पशुओं तक के उपचार और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा सकती है। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के पशुपालकों को बड़ी राहत मिल रही है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को सुलभ और किफायती चिकित्सा सुविधा मिले, ताकि पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाया जा सके और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि हो। विभाग समय-समय पर टीकाकरण अभियान, पशु स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाता है, जिनके माध्यम से पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी जाती है।
डॉ. अनिल कुमार राय ने बताया कि पशुपालक 1962 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके मात्र 5 रुपये में पशुओं का इलाज घर पर ही करवा सकते हैं। यह सुविधा अस्पताल से लगभग दो किलोमीटर की दूरी तक उपलब्ध है, जिससे पशुपालकों को पशुओं को दूर ले जाने की परेशानी नहीं होती।
उन्होंने क्षेत्र के पशुपालकों से अपील की कि वे अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सक या पशु चिकित्सालय से संपर्क करें और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। समय पर इलाज और टीकाकरण से पशुओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी राहत मिलती है।
आईईटी में इंजीनियर्स प्रीमियर लीग सीज़न-02 का भव्य शुभारंभ
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में उद्यम स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित इंजीनियर्स प्रीमियर लीग सीज़न-02 का भव्य शुभारंभ कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय परिसर के क्रिकेट मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ट्रैफिक इंस्पेक्टर राम वृक्ष यादव रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करते हैं।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर राम वृक्ष यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान बनाती हैं। उन्होंने छात्रों को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस प्रीमियर लीग में कुल 17 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें 14 लड़कों की टीमें और 3 लड़कियों की टीमें शामिल हैं। इस वर्ष प्रतियोगिता की विशेषता यह है कि पहली बार छात्राओं की टीमें भी लीग में भाग ले रही हैं, जिससे आयोजन और अधिक उत्साहपूर्ण और समावेशी बन गया है। प्रतियोगिता के मैच विश्वविद्यालय परिसर के क्रिकेट मैदान में खेले जाएंगे।
आयोजन समिति के छात्र सदस्यों में विकास यादव (मैकेनिकल इंजीनियरिंग, अंतिम वर्ष), अखंड प्रताप सिंह (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, तृतीय वर्ष), कुंवर प्रताप सिंह (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, द्वितीय वर्ष), हिमांशु यादव (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, द्वितीय वर्ष) तथा रोहित सिंह (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, तृतीय वर्ष) प्रमुख रूप से शामिल रहे, जिन्होंने आयोजन की योजना, टीम समन्वय और मैच शेड्यूल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय, आईईटी के निदेशक प्रो. एस.एन. तिवारी तथा डॉ. राजीव रंजन कुमार त्रिपाठी ने कुलपति और मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उद्घाटन के दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन और ट्रैफिक इंस्पेक्टर राम वृक्ष यादव ने मैदान में उतरकर क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
यह प्रतियोगिता 18 मार्च 2026 तक चलेगी और फाइनल मुकाबला विश्वविद्यालय परिसर के क्रिकेट मैदान में खेला जाएगा। प्रतियोगिता के प्रमुख प्रायोजकों में मोहद्दीपुर स्थित साहनी स्पोर्ट्स, दिव्यांशु मणि पांडेय तथा हरिओम नगर स्थित शाइन क्लासेस का सहयोग प्राप्त हुआ है।
ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत, एक गंभीर घायल
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
सहतवार–रेवती मुख्य मार्ग पर गुरुवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट लाला टोला निवासी 26 वर्षीय हरमेंद्र चौहान अपने पड़ोसी 24 वर्षीय सतेंद्र चौहान के साथ बाइक से बलिया से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सहतवार स्थित एक मैरिज हॉल के पास उनकी बाइक अचानक एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चला रहे हरमेंद्र चौहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे सतेंद्र चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल सतेंद्र चौहान को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल बलिया भेजवाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सहतवार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
उधर, हरमेंद्र चौहान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता सुरेश चौहान, मां रम्भा देवी, बहन पिंटु तथा भाई धर्मेंद्र और महेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है और परिजन व ग्रामीण सदमे में हैं।
इस संबंध में सहतवार थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया है। मामले में आवश्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
कटहल नाला से हट रहा अतिक्रमण, प्रशासन की चेतावनी के बाद 8 लोगों ने स्वयं हटाया कब्जा
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिले में कटहल नाला के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत चिन्हित किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद गुरुवार को 8 अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अपना कब्जा हटाना शुरू कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर महावल, बहेरी और परमानंदापुर क्षेत्र में कुल 13 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। इनमें से 8 लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपने स्तर से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन ने शेष अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय के भीतर स्वेच्छा से कब्जा हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अतिक्रमण हटाने में प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा तो उसकी पूरी लागत संबंधि अतिक्रमणकारियों से वसूली जाएगी। इसके साथ ही सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।कटहल नाला के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए ग्राम महावलपुर रामपुर महावल से लेकर प्रबंधापुर तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में कार्य प्रस्तावित है। नाले की चौड़ाई लगभग 20 मीटर रखी गई है। इस परियोजना के लिए परिवहन मंत्री के प्रयास से करीब 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे नाले के जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने गुरुवार को पूरे दो किलोमीटर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों की समीक्षा की। वर्तमान में रामपुर महावल और परमानंदापुर क्षेत्र में लगभग 500 मीटर तक कार्य प्रगति पर है, जहां सिल्ट की सफाई, मिट्टी भराई तथा एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का कार्य कराया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष कार्य को अप्रैल के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि मानसून से पहले नाले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण हो सके। इस अवसर पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र, सहायक अभियंता सीएनडीएस तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
स्टेशन रोड निविदा में लापरवाही पर भड़का आक्रोश
एसडीएम से मिलने पहुंचे राष्ट्रीय समानता दल–सीपीआई प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिले उपजिलाधिकारी
ज्ञापन कार्यालय पर चस्पा किया
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
नगरपालिका गौरा बरहज द्वारा स्टेशन रोड बरहज के निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया में कथित शिथिलता और लापरवाही के विरोध में गुरुवार को राष्ट्रीय समानता दल एवं सीपीआई का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी बरहज से वार्ता करने और ज्ञापन देने तहसील पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा एवं सीपीआई नेता विनोद सिंह कर रहे थे। घंटों इंतजार के बाद भी जब उपजिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया तो आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के फाटक और दीवार पर ज्ञापन चस्पा कर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान संजयदीप कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए कहाँ कि,
पूर्व सूचना के बावजूद नहीं मिला समय
प्रतिनिधिमंडल पूर्व सूचना के आधार पर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी अधिकारियों ने वार्ता या ज्ञापन लेने का समय नहीं दिया।
स्टेशन रोड निविदा में शिथिलता का आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि नगरपालिका गौरा बरहज द्वारा स्टेशन रोड के निर्माण की निविदा प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और लापरवाही बरती जा रही है, जिससे नगर की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कार्यालय के फाटक पर चस्पा किया ज्ञापन
प्रशासनिक उदासीनता से नाराज प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन उपजिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य फाटक और दीवार पर चस्पा कर विरोध दर्ज कराया।
प्रशासनिक रवैये पर जताई नाराजगी
नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को समय न देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है और इससे जनता की समस्याओं का समाधान बाधित होता है।
जनआंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि स्टेशन रोड के निर्माण कार्य में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित नहीं की गई तो राष्ट्रीय समानता दल और सीपीआई व्यापक जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से जनहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।प्रतिनिधिमण्डल में संजयदीप कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल उत्तर प्रदेश, विनोद सिंह प्रदेश सचिव खेमयु उत्तर प्रदेश, अरविन्द कुशवाहा, जिलासचिव सीपीआई,विमलेश कुमार जिलाउपाध्यक्ष रासद, राजेंद्र पाल सीपीआई, रामदवन रासद, राजेंद्र कुशवाहा,रामानंद कुशवाहा इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
आपसी भाईचारा प्रेम और सद्भाव कायम रखना सबका नैतिक कर्तव्य-बिशप यूजीन जोसेफ
वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
कैंटोंमेंट स्थित बिशप हाउस परिसर में जैसे ही अज़ान कि सदाएं बुलंद हुई, अल्लाह हो अकबर, अल्लाह…। अजान के बाद काशी के धर्मगुरुओं और रोजेदारों ने एक ही दस्तरखान पर रोजा इफ्तार किया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी धर्म के लोग मौजूद रहे। सभी ने काशी की गंगा-जमुनी तहजीब की इस रवायत को देखकर रमजान के मुकद्दस महीने में अल्लाह से मिल्लत व सलामती की दुआएं मांगी।
मेजबान धर्माचार्य यूजीन जोसेफ ने कहा कि भारत मिली जुली तहजीब का मुल्क है जहां सभी धर्मावलंबी आपस में प्रेम मुहब्बत और भाई चारा के साथ रहते हैं। हमें अपनी इस संस्कृति को बचाए रखना है।यही वसुधैव कुटुंबकम् की हमारी परंपरा हमें पूरी दुनिया से अलग पहचान देती है। यहां के व्रत त्योहार सबको समाहित करने की अपनी संस्कृति के कारण सदैव एकता का संदेश देते रहे हैं।इस आयोजन का उद्देश्य भी परस्पर सामाजिक सद्भावना को बनाए रखना है।
बिशप हाउस में सजाए गए दस्तरखान पर ईसाई धर्मगुरुओं ने अपने हाथों से रोजेदारों के लिए थालियां परोसी। अजान होने के बाद रोजेदारों के साथ सभी ने खजूर, शर्बत, जूस, कटलेट आदि तमाम व्यंजनों से इफ्तार किया। नमाज मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी ने अदा कराई। उन्होंने मुल्क हिन्दुस्तान में अमन, मिल्लत और सौहार्द की दुआएं मांगी।स्वागत फादर फिलिप डेनिस ने और शुक्रिया फादर थामस मैथ्यू ने किया।
इस अवसर पर डॉ मोहम्मद आरिफ़, ए के लारी,डॉ शाहीना तहरीन,पार्षद वकास अंसारी,नुरुल हसन खां, अशफाक सिद्दीकी, सरदार मकबूल हसन, मौलाना आखिर नोमानी,पत्रकार अमन, गुरिंदर सिंह,इम्तियाज अहमद,मेंहदी बखत,उमेश कबीर,मुनीजा रफीक, मो. इस्माइल रज़ा,सरदार मोइनुद्दीन अंसारी,फिरोज खान मुन्ना, मोहम्मद शाहिद,उमेश कबीर, भावना लूथरा,एहसान हसन,फसाहत हुसैन बाबू,प्रमोद जी, राजेश सिंहसमेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
देवरिया के तीन रक्तवीर आगरा में प्रदेश सेवारत्न अवॉर्ड से होंगे सम्मानित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले देवभूमि देवरिया जिले के तीन रक्तवीरों को आगामी 22 मार्च 2026 को आगरा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में “प्रदेश सेवारत्न 2026” अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान संकल्प मानव सेवा संस्था द्वारा प्रदान किया जाएगा।
सम्मानित होने वालों में स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी “यूथ ब्रिगेड” के संस्थापक सन्तोष मद्धेशिया वैश्य, देवरिया में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के सौरभ त्रिपाठी तथा डॉ. अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसाइटी बैतालपुर के प्रबंधक रजनीश पटेल शामिल हैं।
विशेष बात यह है कि ये तीनों रक्तवीर स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी “यूथ ब्रिगेड” के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और अपने प्रयासों से जिले में रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

रक्त की कमी और नशे की वजह से किसी की जान न जाए, इसी उद्देश्य के साथ तीनों रक्तवीर “नशा नहीं, रक्तदान करें” के संदेश के साथ मिलकर अब तक 856 यूनिट रक्तदान कराकर हजारों लोगों की जान बचाने में योगदान दे चुके हैं।
व्यक्तिगत रक्तदान की बात करें तो सन्तोष मद्धेशिया 25 बार, सौरभ त्रिपाठी 18 बार और रजनीश पटेल 8 बार रक्तदान कर चुके हैं। तीनों रक्तवीर स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित कर जिले में “रक्तक्रांति” लाने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं।

रक्तदान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इन तीनों को विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर पहले भी सम्मानित किया जा चुका है। आज ये तीनों रक्तवीर जिले के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
2023 बैच के आईपीएस अरुण कुमार एस ने सीओ कैंट का पदभार संभाला
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
2023 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुणकुमार एस ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) कैंट का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया था, जबकि बुधवार को अपने कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से कार्यभार संभालते हुए कर्मचारियों के साथ बैठक की तथा कैंट क्षेत्र की कानून व्यवस्था की जानकारी ली।
आईपीएस अरुणकुमार एस की प्रारंभिक पुलिस प्रशिक्षण कानपुर में हुई थी। इसके बाद अगस्त 2025 में प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में फील्ड ट्रेनिंग के लिए भेजा गया, जहां उन्होंने पुलिसिंग के व्यावहारिक पहलुओं को नजदीक से समझा और स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था के संचालन का अनुभव प्राप्त किया।
फील्ड ट्रेनिंग के बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए मुरादाबाद स्थित पुलिस प्रशिक्षण मुख्यालय भेजा गया, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दिसंबर 2025 में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अरुणकुमार एस पुनः गोरखपुर आए और उन्हें क्षेत्राधिकारी (सीओ) गीडा के पद पर तैनाती दी गई। गीडा क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ ही अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास भी किया गया।
अब उन्हें शहर के महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जाने वाले कैंट क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद बुधवार को उन्होंने अपने कार्यालय में विधिवत रूप से कार्यभार संभाला और पुलिस कर्मचारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की कानून व्यवस्था, लंबित मामलों और संवेदनशील बिंदुओं की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सुनीं 40 महिलाओं की फरियाद
घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश, दो मामलों में दिखाया कड़ा रुख
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने बुधवार को विकास भवन सभागार में जनसुनवाई कर पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर गंभीरता से सुनवाई करते हुए उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में उपाध्यक्ष के समक्ष कुल 40 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से संबंधित थे। इन मामलों में उपाध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा पारिवारिक विवाद, पेंशन तथा राशन कार्ड से जुड़े मामले भी सुनवाई के दौरान सामने आए।
उपाध्यक्ष ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई कर निर्धारित समय सीमा में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। योजनाओं से जुड़े मामलों में पात्र महिलाओं को शीघ्र लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में अधिकारियों को विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी भय या संकोच के अपनी समस्याएं सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को कई स्तरों पर संघर्ष करना पड़ता है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार व्यवहार करे।
जनसुनवाई के दौरान दो मामलों में उपाध्यक्ष ने कड़ा रुख भी अपनाया। थाना कोतवाली महराजगंज से जुड़े एक मामले में ग्राम नटवा जंगल निवासी तैबू निशा ने शिकायत की कि उसके पति अबू हुरैश द्वारा लगातार मार-पीट की जाती है और वह पूर्व में तीन शादियां कर चुका है। इस पर उपाध्यक्ष ने कोतवाल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से ही हिरासत में लेकर हवालात भेज दिया। इसी प्रकार थाना कोठीभार क्षेत्र के कटहरी खुर्द निवासी प्रियंका वर्मा ने शिकायत की कि 4 मार्च 2026 को रिंकू वर्मा, पिंटू वर्मा सहित अन्य लोगों ने उनके घर में घुसकर उनकी माता नगीना देवी का गला घोंटकर जान से मारने का प्रयास किया तथा शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता करते हुए उसके वस्त्र फाड़ दिए। इस मामले में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर उपाध्यक्ष ने कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए दो दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकरण की व्यक्तिगत स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा समय- समय पर स्पष्ट निर्देश दिए जाते रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की अपील की तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने और महिला अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
जनसुनवाई के उपरांत उपाध्यक्ष ने जिला अस्पताल और वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में महिला मरीजों की संख्या कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। वहीं वन स्टॉप सेंटर में संवासिनियों से बातचीत कर उन्हें समस्याओं से उबरने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, क्षेत्राधिकारी सदर, महिला थाना प्रभारी, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, पूर्ति विभाग तथा वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर व स्टाफ सहित अन्य संबंधित अधिकारी और शिकायतकर्ता उपस्थित रहें।
महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता: जनक नंदिनी
महिला आयोग की सदस्या ने की जनसुनवाई, अस्पताल व विद्यालय का किया निरीक्षण
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या जनक नंदिनी ने जनपद में महिला उत्पीड़न की रोकथाम तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान महिला जनसुनवाई आयोजित की गई तथा कई स्थलों का निरीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड, सामान्य वार्ड, एनबीएसयू कक्ष, प्रसव कक्ष, आयुष्मान कार्ड पटल, महिला ओपीडी तथा ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके बाद तहसील खलीलाबाद में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कुल 24 मामले प्राप्त हुए। प्राप्त शिकायतों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
तत्पश्चात विकास खंड नाथनगर की ग्राम पंचायत काली जगदीशपुर में महिला चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। चौपाल के दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा तीन बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय काली जगदीशपुर का निरीक्षण करते हुए छात्राओं से संवाद कर उनकी सुविधाओं और पढ़ाई की जानकारी ली गई।
कार्यक्रमों के दौरान पीऑरओ मुकेश गौड़, भाजपा नेता गौरव निषाद साहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामवासी व अन्य लोग उपस्थित रहे।
यूपीएसआई परीक्षा-2026 की तैयारियों को लेकर डीएम-एसपी ने की समीक्षा बैठक
संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने उत्तर प्रदेश उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश व अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व जवानों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या प्रतिबंधित सामग्री को केंद्र के अंदर ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। सभी पुलिसकर्मी व केंद्र व्यवस्थापक निर्धारित समय से पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराएं।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नकल कराने वाले गिरोहों पर पैनी नजर रखने के लिए भी कहा गया। ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए पल-पल की सूचना कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें, ताकि अभ्यर्थी भयमुक्त वातावरण में परीक्षा दे सकें।
इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदवन सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार सहित विभिन्न थानों के प्रभारी और परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
जनगणना–2027 की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण शुरू
कलेक्ट्रेट सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला, अधिकारियों को दिए गए जरूरी निर्देश
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनगणना–2027 की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में जनपद के सभी ग्रामीण एवं नगर चार्ज अधिकारियों ने प्रतिभाग कर जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, महत्व और गोपनीयता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और इसके महत्व के प्रति आम जनमानस को जागरूक किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक किया जाएगा। इसके पूर्व 7 मई से 21 मई 2026 तक आम नागरिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद दूसरा चरण 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान महराजगंज के लिए नामित जनगणना कार्य निदेशालय के मंडल प्रभारी डॉ. गौरव पाण्डेय तथा जिला प्रभारी जनगणना अम्बिका मौर्य ने जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सीएमएमएस पोर्टल, एचएलवीओ के गठन तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया। राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनरों ने भी विभिन्न सत्रों के माध्यम से अधिकारियों को जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया।
इस अवसर पर समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीपीआरओ, डीईएसटीओ, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा सभी खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
रेलवे चौकी के पास दुकानदार दंपत्ति से मारपीट, काफी देर बाद पहुंचे पुलिसकर्मी
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के रेलवे स्टेशन रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रेलवे चौकी के पास स्थित एक दुकान चलाने वाले दंपत्ति के साथ एक मनबढ़ युवक ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। घटना के बाद कुछ देर के लिए रेलवे स्टेशन रोड पर आवागमन भी बाधित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेलवे चौकी से सटे क्षेत्र में दुकान चला रही एक महिला से अबुबकर नगर मोहल्ले का एक युवक उलझ गया। बताया जा रहा है कि कहासुनी के बाद युवक ने महिला दुकानदार और उसके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जुट गए।
घटना के समय रेलवे चौकी पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि काफी देर तक चौकी पर पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
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बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलने के काफी समय बाद कुछ सिपाही मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान रेलवे स्टेशन रोड पर कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा।
सूत्रों के अनुसार बाद में दोनों पक्षों के बीच मामले को शांत कराने और रफा-दफा करने की कवायद भी शुरू कर दी गई। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे चौकी के पास इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
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