Monday, July 20, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री योगी ने जिस बाबा बैजूनाथ धाम में की थी पूजा, उसी प्राचीन मंदिर का पिछला हिस्सा ढहा

300 वर्ष पुराने बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर का हिस्सा ढहा, श्रद्धालुओं में गहरा दुख; प्रशासन ने कराया पुनर्निर्माण का भरोसा

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र में स्थित कुआनो नदी के पावन तट पर बसे अति प्राचीन बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर का एक हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर ढह जाने से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। बसवारी गांव (संतकबीरनगर) और सिकरीगंज (गोरखपुर) की सीमा पर स्थित यह ऐतिहासिक शिवधाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन मंदिर के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार को मंदिर के पिछले हिस्से और शिखर का एक भाग अचानक भरभराकर गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। मंदिर का क्षतिग्रस्त दृश्य देखकर लोगों में मायूसी और चिंता साफ दिखाई दी।
इस घटना की विशेष चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि गत 25 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा बैजूनाथ धाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया था और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की थी। मुख्यमंत्री के दौरे के कुछ ही दिनों बाद मंदिर का हिस्सा ढह जाने से क्षेत्र में इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा है।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर मलबे वाले क्षेत्र को सुरक्षित कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा बैजूनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मंदिर के क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन भी दुखी है। उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि विशेषज्ञों की देखरेख में मंदिर का परीक्षण कराया जाएगा तथा शीघ्र ही इसके संरक्षण, मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यहां पहले से अधिक भव्य और सुरक्षित मंदिर के निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि बाबा बैजूनाथ धाम क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए इसकी मूल गरिमा को सुरक्षित रखते हुए शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए।

31 अगस्त तक ढाबों, होटलों और ईंट-भट्ठों पर चलेगा बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान

डीएम ने दिए सघन जांच के निर्देश, बाल श्रमिक मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा )। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल की अध्यक्षता में आयोजित श्रम विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 अगस्त 2026 तक जनपद के सभी ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट, ईंट-भट्ठों, कार्यशालाओं, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रमिक के रूप में कार्यरत न मिले।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। ऐसे में इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। उन्होंने टास्क फोर्स में नामित निरीक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण करें और निरीक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिया कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बालक या बालिका कार्य करते हुए पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल मुक्त कराया जाए। साथ ही उनके पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और श्रम विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
बैठक के दौरान बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत पूर्व में की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल श्रम मामलों में जारी आरसी की समीक्षा कर प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बच्चों से मजदूरी कराने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि बाल श्रम की रोकथाम केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई बच्चा मजदूरी करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा
बाल श्रम सामाजिक अपराध है। बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, मजदूरी के औजार नहीं। किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तनअधिकारी गणेश कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

हार्ट अटैक से कलेक्ट्रेट कर्मी सतेन्द्र कुमार सिंह का निधन

शोक की लहर

दो मिनट मौन रख दी गई श्रद्धांजलि

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
कलेक्ट्रेट में तैनात ईआरके सतेन्द्र कुमार सिंह के आकस्मिक निधन से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में गहरा शोक व्याप्त है। रविवार को उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही सहकर्मियों और अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में शोकसभा का आयोजन किया गया, जहां दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्री सिंह वर्ष 1994 में कलेक्ट्रेट सेवा में आए थे और अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा एवं विनम्र व्यवहार के कारण सभी के बीच लोकप्रिय थे। उनके अचानक चले जाने से सहकर्मियों को गहरा आघात लगा है। शोकसभा में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखें नम थीं और सभी के चेहरों पर उनके साथ बिताए पलों की स्मृतियां साफ झलक रही थीं। कई कर्मचारियों ने भावुक होकर कहा कि सतेन्द्र कुमार सिंह का इस तरह अचानक साथ छोड़ देना अब भी विश्वास से परे लग रहा है।
दिवंगत सतेन्द्र कुमार सिंह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। परिवार के समक्ष इस असमय आई विपत्ति ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। उपस्थित लोगों ने कहा कि होनी को कोई टाल नहीं सकता, लेकिन श्री सिंह का इस तरह चले जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। सहकर्मियों ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
शोकसभा में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश सिंह, कलेक्ट्रेट संघ अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, मंत्री विश्वेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

कमिश्नरी में ‘शान’ के नाम पर अराजक पार्किंग नियमों को ठेंगा दिखाते वाहन चाल

अपने दरवाजे पर खड़ी गाड़ी हो तो आपत्ति, सार्वजनिक परिसर में क्यों नहीं?

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
कमिश्नरी परिसर में कुछ लोगों की मनमानी अब खुलेआम व्यवस्था को चुनौती देती नजर आ रही है। चारपहिया वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करना यहां कुछ लोगों की आदत ही नहीं, बल्कि ‘शान’ बन चुका है। हैरानी इस बात की है कि ऐसे लोगों पर न तो नियमों का कोई असर दिखता है और न ही प्रशासनिक निर्देशों का।
विडंबना देखिए—अगर यही गाड़ी किसी के अपने घर के दरवाजे पर खड़ी कर दी जाए, तो तुरंत आपत्ति शुरू हो जाती है। रास्ता जाम होने, असुविधा होने और निजी दायरे में दखल की बातें उठाई जाती हैं। लेकिन जब बात कमिश्नरी जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील परिसर की आती है, तो वही लोग दूसरों की परेशानी और सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। यह दोहरा व्यवहार न सिर्फ अनुशासनहीनता है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से भी मुंह मोड़ना है।
कमिश्नरी में रोजाना सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन—सभी को इन बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्य मार्ग और इमरजेंसी रास्ते तक अवरुद्ध हो जाते हैं। अगर किसी समय एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को अंदर जाना पड़े, तो यही वाहन सबसे बड़ी बाधा बन सकते हैं। ऐसे में यह लापरवाही सीधे-सीधे जान जोखिम में डालने जैसी है।
कई कर्मचारियों का कहना है कि कुछ लोग खुद को नियमों से ऊपर समझते हैं, जिससे कार्रवाई भी प्रभावी नहीं हो पाती। यही वजह है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब जरूरत केवल अपील की नहीं, बल्कि सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की है।
प्रशासन को चाहिए कि अवैध पार्किंग पर तुरंत जुर्माना, व्हील लॉक और टोइंग जैसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही स्पष्ट संकेतक और पार्किंग व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए, ताकि कोई बहाना न बचे। सबसे जरूरी है—कानून सबके लिए बराबर है, यह संदेश जमीनी स्तर पर लागू होता दिखे।
सार्वजनिक स्थल पर अनुशासन ही असली ‘शान’ है, न कि मनमानी। अगर अपने दरवाजे पर खड़ी गाड़ी से आपत्ति होती है, तो कमिश्नरी में दूसरों को परेशानी देना कैसे सही हो सकता है? समय रहते सुधार जरूरी है, वरना यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

जनता दर्शन में दिखी मानवीय संवेदना

डीएम ने अनाथ बहनों के भविष्य संवारने की पहल की

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के जनता दर्शन के दौरान एक बालिका अपनी फरियाद लेकर पहुंची। बालिका की समस्याओं को सुनकर जिलाधिकारी भावुक हो गए और उसके प्रकरण के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बालिका एवं उसकी बहनों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से आच्छादित करने के लिए तत्काल आवेदन कराया गया तथा संबंधित अधिकारियों को इसकी समस्त औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बच्चियों को शासन की सभी पात्र योजनाओं से जोड़ते हुए अधिकतम लाभ दिलाया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
जनता दर्शन में बरहज तहसील अंतर्गत ग्राम मोहरा निवासी ज्योति यादव ने बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है तथा चार बहने है एवं परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। उसने अपनी तथा अपनी बहनों की पढ़ाई जारी रखने के लिए सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने बालिका की पूरी बात गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनी। उन्होंने बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने, उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शासन की अन्य पात्र योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उनका आवेदन तत्काल भरवाकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई गई।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ज्योति यादव का राजकीय महिला महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की इस मानवीय एवं संवेदनशील पहल से बच्चियों में भविष्य के प्रति नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। उपस्थित लोगों ने भी जिलाधिकारी की इस पहल की सराहना की।

देवरिया: शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर देवरहवा बाबा आश्रम में विशाल भंडारा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कीर्ति चक्र विजेता शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर रविवार को महर्षि देवरहवा बाबा आश्रम में भव्य भंडारे और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उनके पिता रवि प्रताप सिंह की ओर से किया गया, जिसमें क्षेत्र और आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धालुओं ने शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के अदम्य साहस और देशभक्ति को नमन करते हुए कहा कि ऐसे वीर सपूत पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। लोगों ने उनके माता-पिता के त्याग और बलिदान को भी नमन किया।

गौरतलब है कि 19 जुलाई 2023 को सियाचिन में तैनाती के दौरान आग लगने की घटना में अपने साथियों की जान बचाते हुए कैप्टन अंशुमान सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था।

पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ, देवरिया स्थित आवास और देवरहवा बाबा आश्रम में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। आश्रम के महंत श्याम सुंदर दास ने सभी श्रद्धालुओं से प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।

कार्यक्रम में उदय शंकर सिंह, बृजेश सिंह, उत्तम सिंह, रामसनेही, सूर्य प्रताप सिंह, दिवाकर पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, अनिरुद्ध तिवारी, मनोज सिंह, सोनू पाठक, सागर कुशवाहा, मनीष गोंड़, इंद्रजीत सिंह, सुधाकर पाण्डेय, छठ्ठू पाठक, काशी यादव, राम सागर मौर्य, उपेंद्र गुप्ता, दिवाकर गुप्ता, मुबारक अली, मन्नी गौड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, युवा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

करोड़ों की कथित ठगी मामले में दोषी की अपील नामंजूर, जेल और जुर्माना दोनों बरकरार

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के चर्चित चेक बाउंस और कथित धोखाधड़ी मामले में जिला जज की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.26 करोड़ रुपये के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा। आदेश के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
मामले के अनुसार, वर्ष 2021 में महुली क्षेत्र के भिटहां निवासी संतोष कुमार चतुर्वेदी बालू कारोबार से जुड़े कार्य में प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभा रहा था। आरोप है कि कारोबार के दौरान वित्तीय लेनदेन में अनियमितता सामने आने पर उससे स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद उसने भुगतान के लिए कई चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर वे अनादृत (बाउंस) हो गए।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी पर जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव समेत पांच अलग-अलग लोगों से बालू कारोबार और लाइसेंस दिलाने के नाम पर कुल 1.04 करोड़ रुपये लेने तथा बाद में भुगतान के लिए दिए गए चेकों के बाउंस होने के आरोप हैं। शिकायतों के आधार पर सभी मामलों की न्यायालय में सुनवाई हुई।
पूर्व में एसीजेएम न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में एक वर्ष के साधारण कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की।
जिला जज ने सभी अभिलेखों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही निचली अदालत का फैसला पूरी तरह से बरकरार रखा गया।
अदालत के आदेश के अनुसार, दोषी को सभी पांच मामलों में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा होगी, जो साथ-साथ चलेगी। साथ ही 1.26 करोड़ रुपये के अर्थदंड में से न्यायालय के निर्देशानुसार पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी तथा शेष राशि राजकीय कोष में जमा होगी। यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो प्रत्येक मामले में छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

एलएलएम में दाखिले का सुनहरा मौका, बीबीएयू ने जारी की प्रवेश अधिसूचना, 22 जुलाई तक भेजें दस्तावेज़

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के सेंटर ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज़ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने विस्तृत अधिसूचना जारी करते हुए पात्र अभ्यर्थियों से 22 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक आवश्यक दस्तावेज़ ई-मेल के माध्यम से भेजने का आग्रह किया है। इस बार अंतिम मेरिट में प्रवेश परीक्षा के साथ शोध कार्य, इंटर्नशिप और स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ (एसओपी) को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार अंतिम मेरिट 100 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसमें 70 प्रतिशत अंक प्रवेश परीक्षा से तथा 30 प्रतिशत अंक स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ (एसओपी), कार्यानुभव और शोध प्रकाशनों के मूल्यांकन से दिए जाएंगे। कार्यानुभव के लिए अधिकतम 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। राष्ट्रीय आयोग में इंटर्नशिप करने वाले अभ्यर्थियों को 5 अंक तथा राज्य आयोग में इंटर्नशिप करने वालों को 3 अंक मिलेंगे।
शोध प्रकाशनों के लिए भी अधिकतम 10 अंक निर्धारित हैं। स्कोपस सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय जर्नल या ई-जर्नल में प्रकाशित प्रत्येक शोधपत्र पर 8 अंक, पीयर रिव्यूड अथवा यूजीसी केयर सूचीबद्ध राष्ट्रीय जर्नल या ई-जर्नल में प्रकाशित प्रत्येक शोधपत्र पर 5 अंक तथा आईएसबीएन युक्त पुस्तक अथवा पुस्तक अध्याय में प्रकाशित प्रत्येक शोध पर 4 अंक दिए जाएंगे। इसके लिए संबंधित प्रमाण भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ के लिए भी अधिकतम 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक वर्षीय एलएलएम कार्यक्रम संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी।
प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास तीन वर्षीय अथवा पांच वर्षीय एलएलबी की डिग्री होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
विश्वविद्यालय की प्रवेश नीति 2026-27 के अनुसार कुल सीटों में 50 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग, 10 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा 5 प्रतिशत सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। यदि दो या अधिक अभ्यर्थियों के अंतिम अंक समान होते हैं तो अंतर-से मेरिट का निर्धारण एलएलबी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से प्रवेश संबंधी सभी अद्यतन जानकारी नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखने तथा 30 प्रतिशत मूल्यांकन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज़ 22 जुलाई 2026 को शाम 6:00 बजे तक admissioncpgls26@gmail.com पर ई-मेल करने की अपील की है। समयसीमा के बाद प्राप्त दस्तावेज़ों पर विचार नहीं किया जाएगा।

पांच दिन बाद भी कपरवार सेतु बंद राहगीरों की मुश्किलें बरकरार

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु को सुरक्षा कारणों से बंद किए जाने के पांच दिन बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक जारी रहने से गोरखपुर और देवरिया के बीच आने-जाने वाले हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक छोटे वाहनों और आम यात्रियों के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज पुल के दोनों ओर वाहन बदलने को मजबूर हैं। यात्री एक तरफ वाहन से उतरकर पैदल सेतु पार करते हैं और दूसरी ओर पहुंचकर दूसरा वाहन पकड़ते हैं। इससे समय के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह ने कहा कि सेतु बंद हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कोई ठोस व्यवस्था की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग लोगों की समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं। उन्होंने मांग की कि सेतु निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए तथा जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक आम लोगों के लिए प्रभावी डायवर्जन और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान अभिषेक साहनी, राहुल साहनी, रवींद्र कुमार, नरसिंह निषाद, बबलू हरिजन, मलखा हरिजन, भरत, जितेंद्र जायसवाल एवं सुरेंद्र जायसवाल सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
उधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेतु निर्माण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कार्य शुरू होने की स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

पहले ही प्रयास में नीट में चमकी अनुष्का, 531 अंक हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का मान

निचलौल क्षेत्र की बेटी ने रचा सफलता का नया अध्याय, परिवार और गुरुजनों को दिया श्रेय

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल विकासखंड के ग्राम पंचायत खन्हौली की होनहार बेटी अनुष्का पटेल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पहले ही प्रयास में 531 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से गांव और आस-पास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने अनुष्का को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अनुष्का पटेल, उपेंद्र पटेल की पुत्री हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता हासिल की। परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया और इसे गांव के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
अपनी सफलता पर अनुष्का ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिससे उन्हें लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना उनका सपना है और भविष्य में वह निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहती हैं।
अनुष्का की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गांव की बेटियों की ऐसी सफलताएं अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि अनुष्का आगे भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
अनुष्का की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो ग्रामीण परिवेश से भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय बनी हुई है।

ग्राम प्रधान संगठन ने ज्ञापन भेज कर कार्य पूरा करने का किया अपील

जल, सफाई, भुगतान और विकास कार्यों को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को भेजा पत्र, बरसात से पहले जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर दिया जोर।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने की वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए प्रशासन से जनहित में आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने की अपील की है।
ज्ञापन में उन्होंने गर्मी और बरसात के मौसम को देखते हुए गांवों और स्कूलों में लगे हैंडपंप, नल एवं वाटर कूलर की मरम्मत कराने, साथ ही गलियों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश जारी करने की मांग की है। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों एवं अन्नपूर्णा भवनों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी कराने पर भी जोर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बैंकों के कोड बदलने से कई फर्मों के भुगतान प्रभावित हुए हैं, जिसे दुरुस्त कराने के लिए डीसी मनरेगा को आवश्यक निर्देश देने की आवश्यकता है। साथ ही पंचायतों के सभी लंबित भुगतान जल्द कराने के लिए पंचायत सचिवों को प्रभावी आदेश देने की मांग भी की गई है।
बरसात से पहले नालों की सफाई, जलभराव की समस्या का समाधान तथा सड़कों और कच्चे मार्गों पर बने गड्ढों को भरवाकर मार्गों को गड्ढा मुक्त करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। वहीं विधायक एवं सांसद निधि से लगाई गई हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत के लिए विद्युत विभाग को निर्देशित करने की मांग की गई है।
उन्होंने चकरोड एवं खेतों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत, मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक छिड़काव, तथा डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय करने की आवश्यकता जताई है। साथ ही वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को शीघ्र लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में स्कूलों के कायाकल्प, भवन मरम्मत, स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं के विकास, पशुपालन से जुड़े ढांचागत सुधार एवं पंचायत भवनों के सुदृढ़ीकरण को वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में प्राथमिकता देने की अपील की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त मांगों पर कार्रवाई कर संगठन को अवगत कराया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

नाली निर्माण न होने से घरों में घुस रहा बारिश का पानी, ग्रामीणों ने सीडीओ से लगाई गुहार

इंटरलॉकिंग सड़क बनने के चार माह बाद भी नहीं बनी नाली: जल-भराव से दर्जनों परिवार परेशान, ग्राम प्रधान पर अनदेखी का आरोप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड मिठौरा की ग्राम पंचायत पतरेंगवां में नाली निर्माण न होने से बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर नाली निर्माण कराए जाने और जल-भराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत पतरेंगवां निवासी जनार्दन गुप्ता ने सीडीओ को दिए गए पत्र में बताया कि बरसात शुरू होते ही उनके घर समेत आस-पास के कई घरों में पानी भर जाता है। जल निकासी का कोई रास्ता न होने के कारण लोगों को घंटों पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ती है। घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार गांव में कुछ माह पहले ग्राम प्रधान की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य के दौरान ही ग्रामीणों ने सड़क के साथ नाली निर्माण की मांग उठाई थी। उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद नाली का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बने करीब चार माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नाली निर्माण की दिशा में कोई पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर भी पानी जमा रहता है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा घरों के सामने कीचड़ और गंदगी फैल जाती है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जनार्दन गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके साथ पूर्णमासी गुप्ता, जयराम गुप्ता, छोटेलाल, रामनारायण, अंकित, सूचित, प्रहलाद गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और किशोर गुप्ता सहित अन्य ग्रामीण भी नाली निर्माण की मांग कर चुके हैं। आरोप है कि अब ग्राम प्रधान ने नाली निर्माण कराने से साफ इन्कार कर दिया है।
ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से मामले की जांच कराते हुए शीघ्र नाली निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में जल-भराव से राहत मिल सके और लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।

बलिया पुलिस को बड़ी सफलता: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, 11 बाइक व ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

बलिया पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्वाट/सर्विलांस टीम और बैरिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार की देर रात पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात करीब तीन बजे बैरिया-बिहार मार्ग पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य चोरी के वाहनों के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाकर घेराबंदी कर दी।
पुलिस को सामने देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके अन्य चार साथियों को भी पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की 11 मोटरसाइकिलें तथा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों के संबंध में विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों का मिलान कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जनपदों से वाहन चोरी कर उन्हें कम कीमत पर बेचने का काम करता था।पूछताछ में आरोपियों से वाहन चोरी के कई मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त किन लोगों के माध्यम से की जाती थी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का उपचार कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। बरामद वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बलिया पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन के पूजन में शामिल हुए पूर्व विधायक संजय यादव

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

पूर्व विधायक संजय यादव ने सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत आयोजित पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की।
पूर्व विधायक संजय यादव ने कहा कि गौरा मदनपुरा में फायर स्टेशन की स्थापना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके शुरू होने से आग लगने जैसी आपातकालीन घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा, जिससे लोगों के जान-माल की सुरक्षा और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि यह फायर स्टेशन न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जनहित और क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके संचालन से आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को आपातकालीन सेवाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।
पूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने फायर स्टेशन के निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया और इसके लिए सभी संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रेलवे ट्रैक पर मिला वृद्ध का क्षत-विक्षत शव, पहचान में जुटी पुलिस

अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास सुबह हुई घटना, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोठीभार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने से मौत का माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 8:16 बजे मेमो के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे लाइन के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एथानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि शव रेलवे ट्रैक के निकट पड़ा था तथा शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर यह अनुमान लगाया गया कि व्यक्ति किसी ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने आस-पास मौजूद लोगों, रेलवे कर्मियों तथा निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों से पूछ-ताछ कर शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र अथवा ऐसा दस्तावेज भी बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही आस-पास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों के बीच मृतक की पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष कोठीभार अखिलेश बर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान के लिए आस-पास के थानों को सूचना भेजी जा रही है। साथ ही गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान कराया जा रहा है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।