Wednesday, April 29, 2026
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80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

‘विद्यार्थी दर्पण’ का भव्य अनावरण: शिक्षा में नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नई पहल

गोपालगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार के Gopalganj में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका ‘विद्यार्थी दर्पण’ का भव्य अनावरण किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश की प्रमुख प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी Teachers of Bihar एवं जिला शिक्षा विभाग गोपालगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस आयोजन को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

इस गरिमामयी अवसर पर Pawan Kumar Sinha (जिला पदाधिकारी), Yogesh Kumar (जिला शिक्षा पदाधिकारी) एवं Sandeep Kumar (ओएसडी) की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘विद्यार्थी दर्पण’ बनेगी ज्ञान का सशक्त माध्यम

पत्रिका का अनावरण करते हुए जिलाधिकारी Pawan Kumar Sinha ने कहा कि ‘विद्यार्थी दर्पण’ विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, नवाचार, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन का एक प्रभावी मंच साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पत्रिका छात्रों को नई दिशा देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को निखारने में भी मदद करेगी।

संपादकीय टीम का योगदान

इस पत्रिका के मुख्य संपादक उच्च विद्यालय लरौली के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक Manish Kumar हैं, जिन्होंने इस पहल को साकार रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, पत्रिका को तकनीकी रूप से सशक्त और आकर्षक बनाने में Shivendra Prakash Suman का अहम योगदान रहा।

यह पत्रिका District Education Department Gopalganj और Teachers of Bihar के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।

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छात्रों के लिए उपयोगी विषयों का समावेश

जिला शिक्षा पदाधिकारी Yogesh Kumar ने बताया कि पत्रिका में विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है, जैसे:

• विज्ञान एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता
• पर्यावरण एवं स्वच्छ ऊर्जा
• प्रेरणादायक कहानियां और पुस्तकें
• करियर मार्गदर्शन
• जीवन कौशल विकास

उन्होंने कहा कि यह पत्रिका विशेष रूप से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

नवाचार और रचनात्मकता को मिलेगा बढ़ावा

Shiv Kumar (फाउंडर, Teachers of Bihar) और Shivendra Prakash Suman ने संयुक्त रूप से कहा कि ‘विद्यार्थी दर्पण’ विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नवाचार की भावना और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की पहल

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए Ranjesh Kumar (प्रदेश प्रवक्ता) और Mrityunjay Kumar (प्रदेश मीडिया संयोजक) ने कहा कि यह पत्रिका शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

जिलाधिकारी ने जनगणना-2027 प्रशिक्षण का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Shahjahanpur में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी Dharmendra Pratap Singh ने संजय कुमार सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कार्मिकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के तहत चल रहे प्रशिक्षण का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समझ, तैयारी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रशिक्षण केवल औपचारिक न रहकर पूरी तरह व्यावहारिक हो, ताकि कार्मिक फील्ड में बिना किसी भ्रम के प्रभावी तरीके से काम कर सकें।

प्रशिक्षकों को दिए स्पष्ट निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षकों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को अधिक विस्तृत और व्यवहारिक बनाएं। उन्होंने कहा कि हर पहलू को विस्तार से समझाया जाए, जिससे कार्मिकों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने में कोई कठिनाई न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि:

• प्रशिक्षण के दौरान सभी बिंदुओं को सरल भाषा में समझाया जाए
• फील्ड से जुड़े उदाहरणों का अधिक उपयोग किया जाए
• हर कर्मचारी की शंकाओं का समाधान मौके पर ही किया जाए

कार्मिकों से लिया फीडबैक

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में शामिल कार्मिकों से उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
इससे प्रशासन को प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

व्यवस्थाओं की भी की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण स्थल पर भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रशिक्षण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

जनगणना कार्य को बताया बेहद महत्वपूर्ण

जिलाधिकारी Dharmendra Pratap Singh ने कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जो देश की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए इसे पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारी भी रहे मौजूद

इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी में सहयोग करते नजर आए।

नवानगर में दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर आयोजित, 41 लाभार्थियों का चयन

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास खंड नवानगर परिसर में चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के कुल 41 दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया गया, ताकि उन्हें विभागीय योजनाओं के तहत निशुल्क सहायक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद्रा ने बताया कि शिविर में ट्राई साइकिल, बैटरी चालित ट्राई साइकिल, बैसाखी सहित अन्य सहायक उपकरणों के लिए पात्र व्यक्तियों का चयन किया गया। चिन्हांकन के दौरान कई दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप ट्राई साइकिल, बैसाखी तथा बैटरी चालित ट्राई साइकिल हेतु चयनित किया गया। इसके अतिरिक्त एक मूक-बधिर व्यक्ति एवं एक मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति का भी चिन्हांकन किया गया, जबकि दो अन्य मानसिक रूप से विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को भी सूची में शामिल किया गया।शिविर का आयोजन खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद्रा की देखरेख में संपन्न हुआ। इस दौरान जिले से आए रितेश कुमार मिश्रा एवं डॉ. सतीश कुमार सिंह ने दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उनका चिन्हांकन किया।खंड विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि जो पात्र व्यक्ति किसी कारणवश इस शिविर में शामिल नहीं हो सके हैं, वे अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र लेकर विकास खंड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्हें भी विभागीय योजनाओं के अंतर्गत निशुल्क लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही एक व्यक्ति को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी चिन्हित किया गया।शिविर के सफल आयोजन से क्षेत्र के दिव्यांगजनों में खुशी देखी गई। स्थानीय लोगों ने इस पहल को सरकार की जनहितकारी योजना बताते हुए सराहना की।

सिकंदरपुर में 29 अप्रैल को मनाई जाएगी पृथ्वीराज चौहान जयंत

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनता क्रान्ति पार्टी (राष्ट्रवादी) के तत्वावधान में वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान की जयंती 29 अप्रैल बुधवार को प्रातः 10 बजे घुरी बाबा का टोला, सिकंदरपुर में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मंच, बैठक व्यवस्था सहित सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष लक्ष्मण चौहान ने बताया कि पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास के महान योद्धा और वीरता के प्रतीक हैं। उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य समाज और विशेष रूप से युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरित करना है।उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा पृथ्वीराज चौहान के जीवन, उनके संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल ऐतिहासिक स्मरण का अवसर होगा, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश भी देगा।

95 की उम्र में दुलारी देवी के हाथों खुला पेंशनर कक्ष, भावुक हुआ माहौल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर मंगलवार को एक भावुक पल का साक्षी बना, जब 95 वर्षीय वयोवृद्ध पेंशनर दुलारी देवी ने नए पेंशनर कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने इस सम्मान के साथ न सिर्फ एक सुविधा की शुरुआत की, बल्कि बुजुर्गों के प्रति आदर का संदेश भी दिया। मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
फीता कटते ही तालियों की गूंज के बीच दुलारी देवी को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। उनके चेहरे की मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अब ट्रेजरी कार्यालय आने वाले पेंशनरों को सम्मानजनक ढंग से बैठने और आराम करने की सुविधा मिलेगी, और आगे इस कक्ष को और बेहतर बनाया जाएगा।
इस दौरान वरिष्ठ कोषाधिकारी त्रिभुवन लाल, पेंशनर संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव, रमेश चंद्र प्रजापति, घनश्याम पांडेय, दीनानाथ उपाध्याय, अभिमन्यु सिंह, ऋषि मुनि चौधरी और रामस्वरूप सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।

अभ्युदय योजना के लिए आवेदन 31 मई

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि सत्र 01 जुलाई 2026 से प्रारम्भ होगा। इसके लिए आवेदन फार्म 25 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रवेश परीक्षा जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित है। इसके बाद काउंसलिंग व मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन 10 जून से 20 जून 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। कोचिंग कक्षाएं 01 जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है।
अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थी जेईई और नीट की तैयारी के लिए डीएबी इंटर कॉलेज मेंहदावल व उमा महेश्वर डिग्री कॉलेज भोगीपुर में आवेदन कर सकते हैं। वहीं सिविल सेवा, नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद केंद्र निर्धारित किया गया है। आवेदन ऑफलाइन के साथ-साथ अभ्युदय पोर्टल (Abhyuday.one) के माध्यम से भी किया जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद के कोर्स कोऑर्डिनेटर कमलेश सिंह (मो. 9598953600) तथा डीएबी इंटर कॉलेज मेहदावल के प्रमोद कुमार भारती (मो. 9792871813) से संपर्क कर सकते हैं।

तीन मंजिला इमारत से गिरा शाखामृग, घंटों चला रेस्क्यू—नहीं बच सकी जान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Maharajganj जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। सिसवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरवां विद्यापति में एक शाखामृग (हिरण) तीन मंजिला इमारत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घंटों तक चले रेस्क्यू और उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।

अचानक हुई घटना से गांव में मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब एक शाखामृग अचानक किसी तरह तीन मंजिला भवन पर पहुंच गया और संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ा। गिरने के बाद वह बुरी तरह घायल हो गया। जैसे ही घटना की खबर गांव में फैली, मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
हर कोई इस बेजुबान की जान बचाने के लिए चिंतित था और लोग दुआ कर रहे थे कि किसी तरह उसे बचा लिया जाए।

तत्काल शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही पशु अस्पताल शिकारपुर की टीम मौके पर पहुंची और घायल शाखामृग को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

ग्रामीणों ने भी पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। साथ ही डायल 112 पुलिस सेवा और वन विभाग को भी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंच गई।

घंटों इलाज के बाद भी नहीं बच सकी जान

चिकित्सकों ने शाखामृग को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। लंबे समय तक चले इलाज और प्रयासों के बावजूद देर रात उसकी मौत हो गई।

जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों की उम्मीदें और प्रार्थनाएं अधूरी रह गईं।

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नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद विभागीय टीम ने मृत शाखामृग को अपने कब्जे में लिया। नहर नारायणी की पटरी पर पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और विधि-विधान के साथ इस बेजुबान को विदाई दी। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष नम आंखों से मौजूद रहे।

ग्रामीणों की संवेदनशीलता बनी मिसाल

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इंसान और प्रकृति के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव आज भी जीवित है। ग्रामीणों ने जिस तरह से एक बेजुबान जानवर के प्रति संवेदनशीलता दिखाई, वह काबिले तारीफ है।
मौके पर डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामदयाल, सुनील यादव, अमरजीत, टिंकू कश्यप, अमरनाथ और रंजीत समेत कई लोग मौजूद रहे।

बढ़ती घटनाओं पर उठे सवाल

इस घटना ने यह भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर वन्य जीव आबादी वाले क्षेत्रों में कैसे पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के घटते क्षेत्र और बढ़ते शहरीकरण के कारण वन्य जीव अक्सर भटककर आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं।

ट्रक की टक्कर से दो मजदूरों की मौत, एक गंभीर; संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Sant Kabir Nagar जिले में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा Khalilabad कोतवाली क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर बूधा कला पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी।

कैसे हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, डारीडीहा गांव निवासी चंद्रभूषण (45), उनके छोटे भाई चंद्रभान (35) और पुत्र चंद्रहास (25) मंगलवार सुबह बाइक से मजदूरी के लिए खलीलाबाद जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग दूर जा गिरे। हादसे में चंद्रभान और चंद्रहास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चंद्रभूषण गंभीर रूप से घायल हो गए।

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अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चंद्रभूषण को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस जांच में जुटी, चालक फरार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार में मचा कोहराम

इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मुद्दे पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

IIT BHU Student Election: पियूष यादव ने रचा इतिहास, रिकॉर्ड जीत से गांव में जश्न

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के छोटे से गांव भागलपुर के होनहार युवा पियूष यादव ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए IIT BHU (वाराणसी) की छात्र संसद (स्टूडेंट पार्लियामेंट) के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उनकी इस रिकॉर्ड जीत ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गौरवान्वित कर दिया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले पियूष यादव आज युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुके हैं।

साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण सफलता तक का सफर

मईल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भागलपुर गांव में जन्मे पियूष यादव (पुत्र सुभाष यादव उर्फ नागा बाबा) ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूलों से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी और आगे चलकर Lucknow University से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

पियूष की शैक्षणिक यात्रा आसान नहीं रही, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे JRF (Junior Research Fellowship) और GATE (Graduate Aptitude Test in Engineering) को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। वर्तमान में वह IIT BHU के भौतिकी विभाग में पीएचडी कर रहे हैं।

छात्र राजनीति में ऐतिहासिक जीत

हाल ही में आयोजित IIT BHU छात्र संसद चुनाव में पियूष यादव ने भारी मतों से जीत हासिल की। यह जीत केवल एक सामान्य जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे छात्र राजनीति के इतिहास में एक रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव में उनकी लोकप्रियता और छात्रों के बीच मजबूत पकड़ ने उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता दिलाई।

सूत्रों के अनुसार, पियूष यादव को छात्रों का व्यापक समर्थन मिला, जो उनके नेतृत्व क्षमता, स्पष्ट सोच और छात्रों के मुद्दों को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस जीत के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्ची निष्ठा और मेहनत के बल पर कोई भी ऊंचाइयों को छू सकता है।

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जीत पर क्या बोले पियूष यादव

अपनी इस शानदार जीत के बाद पियूष यादव ने कहा कि यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार, गांव और उन सभी लोगों की जीत है जिन्होंने उन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा:

“मैं छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाने और उनकी समस्याओं का समाधान कराने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करूंगा।”

उन्होंने आगे यह भी कहा कि छात्र हित उनके लिए सर्वोपरि हैं और वे छात्र समुदाय के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

गांव और जिले में जश्न का माहौल

पियूष यादव की इस उपलब्धि के बाद पूरे भागलपुर गांव और Deoria जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव में लोगों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी का इजहार किया। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने पियूष की इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पियूष ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। वहीं युवाओं के लिए वह एक रोल मॉडल बनकर उभरे हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने पियूष यादव

आज के दौर में जब ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के सामने कई चुनौतियां होती हैं, ऐसे में पियूष यादव की सफलता यह संदेश देती है कि अगर दृढ़ संकल्प और सही दिशा में मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

उनकी कहानी यह साबित करती है कि:

• सीमित संसाधन सफलता में बाधा नहीं बन सकते
• शिक्षा और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है
• गांव का युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है

शिक्षा और नेतृत्व का बेहतरीन उदाहरण

पियूष यादव की सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके नेतृत्व कौशल का भी प्रमाण है। छात्र संसद चुनाव में उनकी जीत यह दर्शाती है कि वे न केवल एक अच्छे छात्र हैं, बल्कि एक सक्षम नेता भी हैं।

छात्र राजनीति में उनका यह कदम आने वाले समय में उन्हें और बड़े मंचों तक पहुंचा सकता है। उनकी सोच और दृष्टिकोण से यह उम्मीद की जा रही है कि वे छात्रों के हित में कई सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

UP Home Guard Exam 2026: कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुई भर्ती परीक्षा, 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा जनपद में कड़ी सुरक्षा और व्यापक व्यवस्थाओं के बीच सकुशल संपन्न हो गई। 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 तक चली इस परीक्षा की सभी 6 पालियां शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से पूरी कराई गईं, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

जनपद के 24 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में प्रत्येक पाली में 10,848 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इस तरह कुल 65,088 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। हर दिन दो पालियों—सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक और दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक—परीक्षा कराई गई।

परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के बावजूद सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु रहीं। कहीं से भी अव्यवस्था या किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

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सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कोस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटिल लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस को अस्थायी डबल लॉक के रूप में इस्तेमाल किया गया, जहां कड़ी निगरानी में प्रश्नपत्र व अन्य सामग्री सुरक्षित रखी गई। वितरण प्रक्रिया भी अधिकारियों की उपस्थिति में पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई।

अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे और रोडवेज विभाग के साथ समन्वय कर अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन कराया गया। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहा।

तीन दिनों तक चले इस बड़े आयोजन के शांतिपूर्ण समापन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने संतोष जताते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं बेहतर रहीं और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराई गई।

Sonauli Border Smuggling: गुप्त चैंबर से 2570 किलो विदेशी अखरोट बरामद, पुलिस-SSB की बड़ी कार्रवाई

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और Sashastra Seema Bal (SSB) की संयुक्त टीम ने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। Sonauli Border पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक में बनाए गए गुप्त चैंबर से 2570 किलोग्राम विदेशी अखरोट बरामद किए गए।

गुप्त केबिन में छिपाई गई करोड़ों की खेप

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक Shakti Mohan Awasthi के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 27 अप्रैल को संदिग्ध ट्रक (RJ 14 GJ 5722) को रोका गया।

तलाशी में सामने आया:
• ट्रक में विशेष रूप से बनाया गया हिडन चैंबर (गुप्त केबिन)
• 103 बोरियों में भरे 2570 किलो विदेशी अखरोट
• सामान्य जांच में पकड़ना बेहद मुश्किल

टीम की सतर्कता से तस्करी की यह बड़ी कोशिश नाकाम हुई।

नेपाल से दिल्ली जा रही थी खेप

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि:

• खेप काठमांडू से दिल्ली ले जाई जा रही थी
• खाद्य सामग्री की आड़ में तस्करी
• बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और अवैध कमाई की आशंका

चालक हिरासत में, नेटवर्क की जांच तेज

मौके से:

• ट्रक चालक साहिब खान (हरियाणा निवासी) को हिरासत में लिया गया
• उससे पूछताछ जारी है

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं:

• किन राज्यों का नेटवर्क जुड़ा है
• सीमा पार किन गिरोहों की भूमिका है

तस्करी का नया तरीका: खाद्य सामग्री की आड़

अधिकारियों के अनुसार:
• अब तस्कर सिर्फ नशीले पदार्थ ही नहीं
• बल्कि अखरोट, मसाले और अन्य सामान के जरिए भी तस्करी कर रहे हैं
• गुप्त चैंबर बनाकर माल छिपाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है

कस्टम को सौंपा गया माल

बरामद:
• अखरोट और ट्रक को कब्जे में लेकर
• आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवां को सौंप दिया गया है

सीमा पर सख्ती का असर

इस कार्रवाई से:
• तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका
• सीमा पार अवैध कारोबारियों में हड़कंप
• पुलिस और SSB की सतर्कता की सराहना

अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।

पतंग बनी काल: गोरखपुर में 14 साल के बच्चे के गले में आर-पार हुई सरिया

गोरखपुर में दर्दनाक हादसा: पतंग उड़ाते समय 14 वर्षीय हर्ष के गले-सिर के आर-पार हुई सरिया, हालत नाजुक


गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) में एक बेहद हृदयविदारक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। तिवारीपुर थाना क्षेत्र के इलाहीबाग निवासी 14 वर्षीय हर्ष के साथ हुआ यह हादसा न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए सदमे की वजह बन गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, हर्ष अपने घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। छत पर रखे स्टील के ड्रम पर चढ़कर वह पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह पीछे की ओर गिर पड़ा और छत पर निकली लोहे की सरिया पर जा गिरा। सरिया उसके गले से होते हुए सिर के आर-पार निकल गई। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों की चीख निकल गई।
हर्ष की आवाज सुनकर परिजन दौड़े और उसे उस हालत में देखकर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से सरिया को छत से काटा गया। इसके लिए पहले पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद लोहे काटने वाली मशीन से सरिया काटकर बच्चे को उसी स्थिति में जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेशन कर सरिया को बाहर निकाल दिया है, लेकिन हर्ष की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले 3-4 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिसके बाद ही उसकी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
हर्ष के पिता अमरीश श्रीवास्तव, जो एक निजी संस्थान में चपरासी का काम करते हैं, ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं करा पा रहे हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं और यह हादसा उनके लिए बड़ी त्रासदी बन गया है।
पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही के कारण हुआ है, हालांकि हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका-ईरान युद्ध विराम 2026: क्या मध्य पूर्व में युद्ध की आहट तेज हो रही है?


हॉर्मुज़ संकट और अमेरिकी सैन्य तैनाती: वैश्विक शांति पर बड़ा खतरा


तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की मौजूदगी: शक्ति प्रदर्शन या युद्ध की तैयारी?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम: नाजुक संतुलन और अनिश्चित भविष्य

दुनिया आज एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ी है, जहां हर निर्णय वैश्विक शांति और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव 2026 में एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है।
मध्य पूर्व में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर—यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश, यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड—की एक साथ तैनाती सामान्य सैन्य गतिविधि नहीं मानी जा सकती। यह संकेत देता है कि क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील हैं और अमेरिका अपनी रणनीतिक उपस्थिति मजबूत करना चाहता है।
सैन्य तैनाती: शक्ति प्रदर्शन या युद्ध का संकेत?
आमतौर पर अमेरिका किसी क्षेत्र में एक या दो कैरियर तैनात करता है, लेकिन तीन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की एक साथ मौजूदगी असाधारण है। प्रत्येक कैरियर अपने साथ फाइटर जेट, मिसाइल सिस्टम, डेस्ट्रॉयर और पनडुब्बियों का नेटवर्क लेकर चलता है, जो इसे एक चलता-फिरता सैन्य अड्डा बनाता है।
यह तैनाती ईरान के लिए स्पष्ट संदेश है कि किसी भी आक्रामक कदम का जवाब तुरंत और व्यापक होगा।
अस्थायी युद्ध विराम: विश्वास की कमी बड़ी चुनौती
8 अप्रैल 2026 से लागू 14 दिन का अस्थायी युद्ध विराम अब 27 अप्रैल तक अत्यंत नाजुक स्थिति में पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास इस विराम को कमजोर बना रहा है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और ईरानी जहाज की जब्ती जैसी घटनाओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जहां ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है, वहीं अमेरिका इसे वैश्विक तेल आपूर्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहा है।
कूटनीतिक प्रयासों में गतिरोध
पाकिस्तान की मध्यस्थता में प्रस्तावित वार्ता फिलहाल ठप पड़ चुकी है। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाइयों को अस्वीकार्य बताते हुए समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है।
दूसरी ओर, अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे स्पष्ट है कि दोनों पक्ष अपने-अपने हितों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: वैश्विक ऊर्जा संकट का केंद्र
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
ईरान द्वारा संभावित नाकाबंदी और अमेरिका की सैन्य प्रतिक्रिया की तैयारी ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। यदि संघर्ष बढ़ता है, तो इसके गंभीर वैश्विक आर्थिक परिणाम हो सकते हैं।
रूस की भूमिका और बहुपक्षीय कूटनीति
ईरान द्वारा रूस के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाना यह दर्शाता है कि वह अमेरिका के दबाव का संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। रूस की संभावित मध्यस्थता युद्ध विराम को स्थिर करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
यह घटनाक्रम वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव का भी संकेत देता है, जहां बहुपक्षीय कूटनीति की भूमिका बढ़ रही है।
भविष्य की स्थिति: युद्ध या समाधान?
27 अप्रैल 2026 तक की स्थिति यह संकेत देती है कि युद्ध विराम टूटने की कगार पर है। यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो सैन्य संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, यदि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता सफल होती है, तो स्थायी समाधान की दिशा में प्रगति संभव है।
निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच वर्तमान स्थिति केवल द्विपक्षीय तनाव नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की बड़ी परीक्षा है। यह समय संतुलित कूटनीति, संयम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का है।

लेखक-✍️ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
(कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि)
गोंदिया, महाराष्ट्र

आरसेटी देवरिया में जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर बैच का स्टेट डायरेक्टर ने किया उद्घाटन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) देवरिया में सोमवार को जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर बैच का शुभारंभ किया गया। इस बैच का उद्घाटन मुख्य अतिथि स्टेट डायरेक्टर दया शंकर मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि दया शंकर मिश्र मिश्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना, उनकी आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं तलाश सकते हैं।
इस बैच में जनपद देवरिया के 16 विकास खंडों से कुल 30 प्रशिक्षु शामिल हुए हैं।
संस्थान के निदेशक विशाल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सोमनाथ मिश्रा, संकाय विनय शंकर मणि त्रिपाठी, कार्यालय सहायक अभिषेक तिवारी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहें।

चुनावी रंजिश में जान से मारने की धमकी, युवक ने प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत कनईचा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने उच्च अधिकारियों से अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनईचा गांव निवासी संदीप कुमार राय उर्फ सुदर्शन राय ने आरोप लगाया है कि 25 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 9:24 बजे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक राय ने मोबाइल फोन के जरिए उन्हें और उनके नाबालिग बेटे को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि “एफआईआर करके क्या कर लोगे…” और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

पीड़ित का कहना है कि इस घटना के बाद से उनका परिवार दहशत में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है और वह एक दोहरे हत्या मामले में सजा काट चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर है, जिससे धमकी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

संदीप राय ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस संरक्षण की भी मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।