Saturday, May 23, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम बना पूर्वांचल के सपनों का नया मंच

हजार आवेदन, 140 सपने और पूर्वांचल की नई उड़ान: जागृति इन्क्यूबेशन कोहोर्ट 2026-27 का भव्य शुभारंभ


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल में उद्यमिता की नई ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को नई दिशा देने के उद्देश्य से बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में शुक्रवार को जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम 2026-27 के नए कोहोर्ट का भव्य शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और पारंपरिक तिलक के साथ उद्यमियों का स्वागत किया गया तो बरगद सभागार उत्साह, उम्मीद और नए विचारों से जीवंत नजर आया।
करीब एक हजार आवेदनों में से चयनित 140 उद्यमियों ने इस कोहोर्ट में जगह बनाई है। देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर, महाराजगंज, बलिया और मऊ समेत सात जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों के चेहरे पर अपने सपनों को कारोबार में बदलने का आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाएं, महिला उद्यमिता, हस्तशिल्प और स्थानीय नवाचार जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवा अब एक वर्ष तक जागृति के मार्गदर्शन में अपने व्यवसाय को नई पहचान देने की तैयारी करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Shashank Mani ने कहा कि भारत की वास्तविक आर्थिक ताकत हमेशा उद्यमिता रही है। उन्होंने कहा कि केवल नौकरी आधारित सोच देश की संभावनाओं को सीमित करती है, जबकि उद्यम समाज और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाने की शक्ति रखता है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को रोजगार और परिवर्तन का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
जागृति के सीईओ Ashutosh Kumar ने कहा कि चयनित उद्यमियों को केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके विजन और सोच के आधार पर चुना गया है। उन्होंने अनुशासन, निरंतर संवाद और सहयोग को सफल उद्यमिता की सबसे महत्वपूर्ण शर्त बताया।
इन्क्यूबेशन डायरेक्टर Vishwas Pandey ने कार्यक्रम के 7M आधारित इन्क्यूबेशन मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एसटीईपी पार्टनरशिप प्रमुख Gunjan Verma ने महिला नेतृत्व और उद्यम विकास पर विशेष सत्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान “मध्य भारत में व्यापार की चुनौतियां” और “निवेशकों के साथ वित्तीय परिचय” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में सीए विजय लाढा, अभिलेख वर्मा, सर्वेश पांडेय, तरुण आर्य, रवि कुमार और सूर्या मिश्रा ने बाजार, निवेश और व्यवसाय विस्तार से जुड़े अनुभव साझा किए। सीए जतिन श्रीवास्तव ने बिजनेस हाइजीन और व्यवसायिक अनुशासन पर मार्गदर्शन दिया।
विशेष आकर्षण रही Shradha Sharma के साथ आयोजित फायरसाइड चैट, जिसमें महिला नेतृत्व, नवाचार और नए भारत में उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम पूर्वांचल के उद्यमियों को एक वर्ष तक संरचित प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बाजार रणनीति, ब्रांडिंग, नेटवर्किंग और निवेश तैयारी से जोड़ने वाला मॉडल है। कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को डिजिटल टूल्स, आईपीआर, जीआई टैग, पेटेंट, सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। जागृति का मानना है कि यह पहल स्थानीय उद्यमों की आय, बाजार पहुंच और रोजगार सृजन क्षमता को नई गति देगी।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात सुधार पर जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह मौजूद रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने एनएचएआई मार्ग के किनारे झाड़ियों की सफाई, पटरी एवं नाली मरम्मत तथा अवैध कट्स के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई प्रतिनिधि को जनपद में क्रेन व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को गलत दिशा में चलने वाले तथा नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के खिलाफ नियमित जांच और चालान अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रालियों समेत मालवाहक वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने का अभियान चलाने को कहा, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
बैठक में मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने और सड़क सुरक्षा संकेतकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रम्बल स्ट्रिप बनाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तथा नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए तथा परमिट और फिटनेस की नियमित जांच हो। अनफिट वाहनों का चालान कर संचालन बंद कराने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत ब्रेकर और कट्स से पहले साइनेज बोर्ड एवं स्पीड नियंत्रित करने संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाने पर जोर दिया। शहर में टैक्सी स्टैंड के सुचारू संचालन के लिए एआरटीओ और नगर पालिका अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, उप जिलाधिकारी मेहदावल अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी धनघटा रविकांत चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार, जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र मिश्रा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण आर.के. पांडेय, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

एक साथ आठ देशों के मेडिकल विश्वविद्यालयों में मिला प्रवेश, रिशांग ने बढ़ाया गोरखपुर का मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के पादरी बाजार क्षेत्र स्थित मानस विहार कॉलोनी के छात्र रिशांग श्रीवास्तव ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें यूके, रूस, चीन, जॉर्जिया, उज़बेकिस्तान, कजाकिस्तान, नेपाल और किर्गिस्तान के मेडिकल विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर मिला है। खास बात यह है कि उन्हें फीस में 82 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप भी प्राप्त हुई है।
गुरुवार देर रात परिणाम घोषित होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल छा गया। माता-पिता ने बेटे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। रिशांग ने ऑल इंडिया स्तर पर 1027वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।
परीक्षा का आयोजन एकेड फ्लाई एजेंसी द्वारा 4 मई को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) माध्यम से ऑनलाइन कराया गया था, जिसमें छात्रों को 60 मिनट में 60 प्रश्न हल करने थे। परीक्षा में देशभर से करीब 8 लाख छात्र शामिल हुए थे। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच रिशांग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की।
रिशांग श्रीवास्तव के पिता बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में सीनियर एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। बेटे की सफलता से परिवार के साथ ही क्षेत्र के लोगों में भी खुशी का माहौल है।
रिशांग ने अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई एकेडमिक ग्लोबल स्कूल, जंगल धूषड़ से पूरी की थी, जबकि इंटरमीडिएट की शिक्षा डॉन बॉस्को स्कूल से प्राप्त की। शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे रिशांग का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
अपनी सफलता पर रिशांग ने कहा कि यह उपलब्धि माता-पिता के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सहयोग और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

बकरीद परंपरागत तरीके से मनाएं, नई परंपरा की न हो शुरुआत: डीएम

सोशल मीडिया पर भ्रामक फोटो-वीडियो डालने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: एसपी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के दृष्टिगत सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा त्योहार को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने धार्मिक प्रबुद्धजनों, संभ्रांत नागरिकों एवं शांति समिति के सदस्यों से संवाद करते हुए अपील की कि बकरीद का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया जाए तथा किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पूर्व वर्षों से कुर्बानी दी जाती रही है, वहीं परंपरा कायम रखी जाए। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और किसी भी स्थिति में खुले में कुर्बानी न हो। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुर्बानी के बाद अपशिष्ट एवं अवशेष खुले में न फेंके जाएं। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि नमाज के मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर जर्जर तारों को समय रहते ठीक कराया जाए तथा त्योहार के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी एवं नगर निकायों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने उपजिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहार के दौरान सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और किसी प्रकार की लापरवाही न होने पाए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास विशेष साफ-सफाई, चूने का छिड़काव एवं जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुर्बानी के बाद अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी का फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि त्योहार के दौरान निरंतर भ्रमणशील रहकर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें। धार्मिक संवेदनशील मामलों में माहौल बिगाड़ने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी जनपदवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, उप जिलाधिकारी हृदय राम तिवारी, अरुण कुमार, रविकांत चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पांडेय, अभय मिश्रा, अमित कुमार, नगर पंचायत मगहर अध्यक्ष प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, सभासद अवधेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश चंद्र, जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र मिश्रा, एसडीओ विद्युत अनंत यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

नदी में नहाते समय दो किशोर डूबे मचा कोहराम तलाश जारी

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार को मोहन सेतु के पास सरयू नदी में नहाने गए तीन किशोरों में से दो डूब गये, जबकि एक किशोर को ग्रामीणों ने बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर के लगभग तीन किशोर निर्माणाधीन मोहन सेतु के पास सरयू नदी में स्नान करने के लिए पहुंचे और तीनो नहाने लगे तभी अचानक दो किशोरों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए।
डूबने वाले किशोरों की पहचान अर्पित राजभर, उम्र 11 वर्ष, पुत्र पवन राजभर और अमन राजभर, उम्र 12 वर्ष, पुत्र बबलू राजभर के रूप में हुई है। दोनों किशोर पानी में डूब गए। वहीं तीसरा किशोर सुधीर राजभर, उम्र 14 वर्ष, पुत्र सोमनाथ राजभर को आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बचा लिया।
डूब रहे किशोरो की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँच गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों किशोरों की तलाश शुरू कर दी, जबकि एक को आस पास के लोगो ने बचा लिया।

खेलते-खेलते मौत के मुंह में समाया मासूम, 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक हादस

हाइटेंशन लाइन बनी जानलेवा, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के निचलौल क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निचलौल ब्लॉक अंतर्गत बंदी विशुनपुरा ग्राम सभा के विशुनपुरा गांव स्थित काली मंदिर के पास 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 12 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान रघुवीर चौहान पुत्र राम करन चौहान निवासी विशुनपुरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम रघुवीर गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह मंदिर के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आस-पास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां बदहवास होकर बार-बार बेटे को पुकारती रही, जबकि पिता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि गांव के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की लाइन काफी समय से नीचे झूल रही थी। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गांव में झूल रही जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

गोरखपुर की गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख का जुर्माना

उपभोक्ताओं को रात भर गोदाम पर रुकने को किया मजबूर—बीपीसीएल की सख्त कार्रवाई

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने गंगा गैस एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने एजेंसी पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी न करने, वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था फैलाने और मनमानी करने के आरोपों के चलते की गई है।
जानकारी के मुताबिक, गंगा गैस एजेंसी के खिलाफ लंबे समय से उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में प्रमुख रूप से यह सामने आया कि एजेंसी जानबूझकर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा नहीं दे रही थी। इसके बजाय लोगों को एजेंसी और गैस गोदाम के बाहर लंबी लाइनों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
एजेंसी की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर पाने के लिए रात में ही गोदाम के बाहर पहुंचकर इंतजार करना पड़ता था। लोग शाम से ही लाइन में लग जाते थे और पूरी रात खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होते थे, ताकि सुबह नंबर लग सके। इसके बावजूद, जब वितरण शुरू होता था तो कई उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता था कि गैस खत्म हो गई है या स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले लोग इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। पूरी रात इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटना उनके लिए न केवल समय और पैसे की बर्बादी थी, बल्कि मानसिक और शारीरिक परेशानी का कारण भी बन रहा था। उपभोक्ताओं ने इसे अमानवीय स्थिति बताते हुए कई बार शिकायत दर्ज कराई।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और वितरण में पारदर्शिता न बरतने के भी आरोप लगे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी द्वारा कृत्रिम रूप से लाइन लगवाकर वितरण किया जा रहा था, जो कंपनी के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
बीपीसीएल द्वारा की गई जांच में शिकायतों को सही पाया गया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि एजेंसी ने कंपनी के नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है तथा उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरती है। विशेष रूप से होम डिलीवरी जैसी बुनियादी सुविधा में कोताही को कंपनी ने गंभीर ‘मिसकंडक्ट’ माना।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध और सुविधाजनक होम डिलीवरी उपलब्ध कराई जाए। इसके बावजूद गंगा गैस एजेंसी द्वारा इन निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी के इस रवैये से वे लंबे समय से परेशान थे। कई बार शिकायत करने के बावजूद जब सुधार नहीं हुआ, तब मामला कंपनी के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। अब इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई अन्य गैस एजेंसियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि उपभोक्ता हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनियां अब सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रही हैं।
बीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी एजेंसी द्वारा इस तरह की लापरवाही दोहराई जाती है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने तक का प्रावधान शामिल है।
कुल मिलाकर, गंगा गैस एजेंसी पर लगाया गया 33 लाख रुपये का जुर्माना न केवल एक दंडात्मक कार्रवाई है, बल्कि यह एक सख्त चेतावनी भी है कि उपभोक्ताओं को परेशान करने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।

हीट वेव को लेकर अलर्ट, एडीएम ने जारी किए बचाव संबंधी दिशा-निर्देश

बलिया(राष्ट्र कि परम्परा )

जनपद में लगातार बढ़ रही गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने आमजन से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक गंभीर रूप ले सकता है और इससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस या अधिक बना रहता है, तो उसे हीट वेव कहा जाता है। वहीं विश्व मौसम संगठन के अनुसार यदि तापमान लगातार पांच दिनों तक सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहे अथवा दो दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहे, तो वह हीट वेव की स्थिति मानी जाती है। उन्होंने कहा कि 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर मानव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है।उन्होंने बताया कि तेज धूप और गर्म हवाओं के लंबे समय तक संपर्क में रहने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर खतरा और अधिक बढ़ जाता है। शराब का सेवन करने वाले, हृदय रोगी, मधुमेह के मरीज, बुजुर्ग और मोटापे से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में गर्म और लाल त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी जैसा महसूस होना, भ्रम की स्थिति तथा पेशाब कम होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने लोगों से अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय टोपी, छाता और चश्मे का उपयोग करने को कहा है। यात्रा के दौरान पानी साथ रखने और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ तथा लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। खुले में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को सिर व शरीर ढककर रखने तथा बीच-बीच में आराम करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचने, बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने तथा बासी भोजन, शराब, अधिक चाय और कॉफी से परहेज करने की अपील की है।

योगदान न देने वाले लेखपालों का रुकेगा वेतन, 32 का तबादला

बलिया (राष्ट्र कि परम्परा )

जनपद में राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित लेखपालों से विकल्प प्राप्त कर प्रथम सूची में कुल 32 लेखपालों का स्थानांतरण किया गया। इनमें 14 महिला लेखपाल भी शामिल हैं, जबकि 18 लेखपालों का पारस्परिक आधार पर तबादला किया गया है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी लेखपाल का स्थानांतरण उसकी गृह तहसील में नहीं किया जाएगा। साथ ही जिस तहसील में वह पूर्व में तैनात रह चुका है, वहां पुनः तैनाती नहीं दी गई है। इसके अलावा जिन तहसीलों में संबंधित लेखपालों के विरुद्ध पूर्व में दंडात्मक कार्रवाई हुई थी, उन तहसीलों में भी पोस्टिंग से बचा गया है। डीएम ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई है ताकि राजस्व कार्यों में तेजी लाई जा सके और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि 22 मई को ही संबंधित लेखपालों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया जाए तथा सभी स्थानांतरित लेखपाल उसी दिन अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर योगदान आख्या प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई लेखपाल निर्धारित तिथि पर योगदान नहीं करता है तो उस दिन का वेतन देय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व विभाग में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण, जनता की समस्याओं के समाधान तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा सहित जनपद की सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस स्थानांतरण प्रक्रिया से राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

देवरिया में गरजा सपा का विरोध: बरहज की बदहाल सड़क, अधूरा मोहन सेतु और महंगाई पर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के 22 मई के देवरिया दौरे के दौरान जिले का सियासी पारा उस समय गर्म हो गया, जब समाजवादी पार्टी के बरहज विधानसभा-342 इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। विधानसभा अध्यक्ष रामबहादुर यादव की अगुवाई में सपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
सपा नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बरहज विधानसभा क्षेत्र की जनता वर्षों से टूटी सड़कों, अधूरे पुल निर्माण और महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी जनआंदोलन को और तेज करेगी।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा बरहज-सोनूघाट मार्ग की बदहाली को बनाया गया। नेताओं ने कहा कि यह सड़क कई वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। खराब सड़क के कारण आम लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सपा ने इस सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग उठाई।
इसके साथ ही सरयू नदी पर निर्माणाधीन मोहन सेतु का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि पुल निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका हुआ है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर पुल को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने डीजल, पेट्रोल, खाद और बिजली की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। ज्ञापन में मांग की गई कि किसानों को राहत देने के लिए इन आवश्यक संसाधनों के दाम कम किए जाएं तथा क्षेत्र में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष अम्बिका यादव, तेजप्रकाश जायसवाल, विनोद यादव, रामप्रकाश चौधरी, रामनरेश यादव, राजित यादव, हृदया शंकर यादव, दुर्गेश यादव, राजेंद्र यादव, सीमा यादव, हरेंद्र यादव, संतोष यादव, राजन मिश्रा, वीर बहादुर सिंह सैंथवार, उमेश नारायण शाही, योगेंद्र भारती, बेचूलाल चौधरी और श्रीकिशुन यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि बरहज की उपेक्षित सड़कों, अधूरे मोहन सेतु और किसानों की समस्याओं को लेकर पार्टी सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी।

देवरिया में आधी रात पुलिस कार्रवाई, सपा नेता अनिल यादव नजरबंद; CM से मिलने से पहले रोके गए


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के मुखर नेता अनिल यादव को पुलिस प्रशासन ने बीती रात उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि रात लगभग 1:20 बजे सीओ सिटी, सदर कोतवाल और भारी संख्या में पुलिस बल उनके घर पहुंचा और पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सपा नेता अनिल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि उनका “कसूर” केवल इतना था कि वे सोनू घाट-बरहज मार्ग समेत क्षेत्र की कई जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। उन्होंने अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से अपील की थी कि मुख्यमंत्री के देवरिया आगमन के दौरान वे जनहित से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे।
अनिल यादव का आरोप है कि प्रशासन को आशंका थी कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा, इसी कारण उन्हें घर में ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता, लेकिन वर्तमान व्यवस्था विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करना, फर्जी मुकदमों में फंसाना और हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उनके अनुसार यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती से ज्यादा राजनीतिक दबाव का संकेत देती है।
सपा नेता ने कहा कि क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता की आवाज उठाने की कीमत जेल या उत्पीड़न है, तो भी वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। स्थानीय स्तर पर समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है और विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

वर्दी की गरिमा और जनता का सम्मान ही पुलिस की पहचान-एसपी

शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)
थाना पुवायाँ में गुरुवार को प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों के साथ आयोजित गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने अनुशासन, जनसेवा और प्रभावी पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और क्षेत्राधिकारी पुवायाँ की मौजूदगी में आयोजित बैठक में एसपी ने नए जवानों को वर्दी की गरिमा बनाए रखते हुए जनता के साथ शालीन व्यवहार करने की नसीहत दी। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में समयबद्धता, जिम्मेदारी और अनुशासन का सबसे अधिक महत्व है। उन्होंने निर्देश दिए कि थाने या मौके पर आने वाले पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी का व्यवहार ही विभाग की छवि तय करता है। गोष्ठी में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और रात्रि गश्त के दौरान सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और विभागीय गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। एसपी ने नए आरक्षियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बदलते दौर में आधुनिक पुलिसिंग प्रणाली के अनुरूप खुद को तैयार करना जरूरी है। गोष्ठी में थाना पुवायाँ के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

बरहज की टूटी सड़क और अधूरा मोहन सेतु बना सियासी मुद्दा, सपा ने सरकार को घेरा

देवरिया में गरजा सपा का विरोध: बरहज की बदहाल सड़क, अधूरा मोहन सेतु और महंगाई पर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के 22 मई के देवरिया दौरे के दौरान जिले का सियासी पारा उस समय गर्म हो गया, जब समाजवादी पार्टी के बरहज विधानसभा-342 इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। विधानसभा अध्यक्ष रामबहादुर यादव की अगुवाई में सपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
सपा नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बरहज विधानसभा क्षेत्र की जनता वर्षों से टूटी सड़कों, अधूरे पुल निर्माण और महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी जनआंदोलन को और तेज करेगी।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा बरहज-सोनूघाट मार्ग की बदहाली को बनाया गया। नेताओं ने कहा कि यह सड़क कई वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। खराब सड़क के कारण आम लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सपा ने इस सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग उठाई।
इसके साथ ही सरयू नदी पर निर्माणाधीन मोहन सेतु का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि पुल निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका हुआ है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर पुल को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने डीजल, पेट्रोल, खाद और बिजली की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। ज्ञापन में मांग की गई कि किसानों को राहत देने के लिए इन आवश्यक संसाधनों के दाम कम किए जाएं तथा क्षेत्र में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष अम्बिका यादव, तेजप्रकाश जायसवाल, विनोद यादव, रामप्रकाश चौधरी, रामनरेश यादव, राजित यादव, हृदया शंकर यादव, दुर्गेश यादव, राजेंद्र यादव, सीमा यादव, हरेंद्र यादव, संतोष यादव, राजन मिश्रा, वीर बहादुर सिंह सैंथवार, उमेश नारायण शाही, योगेंद्र भारती, बेचूलाल चौधरी और श्रीकिशुन यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि बरहज की उपेक्षित सड़कों, अधूरे मोहन सेतु और किसानों की समस्याओं को लेकर पार्टी सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी।

देवरिया से योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले- “गुंडे मिट्टी में मिल गए”655 करोड़

देवरिया में गरजे योगी: “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” से “विकास मॉडल” तक बदली यूपी की पहचान, 655 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को देवरिया में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” के रूप में बन चुकी थी, लेकिन आज प्रदेश विकास, सुरक्षा और निवेश का नया मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कभी दूसरे राज्यों के लोग यूपी का नाम सुनकर दूरी बना लेते थे, जबकि अब लोग “जय श्री राम” बोलकर गले मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने देवरिया जनपद के लिए 655 करोड़ रुपये लागत की 19 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज रफ्तार विकास और मजबूत कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में “नए भारत” का विजन धरातल पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले पूर्वांचल में फोरलेन सड़कों की कल्पना भी कठिन थी, लेकिन आज कुशीनगर-देवरिया-बलिया और गोरखपुर-देवरिया-सिलीगुड़ी मार्गों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे आवागमन सुगम हुआ है और व्यापार, निवेश व रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की सबसे बड़ी बुनियाद बेहतर कनेक्टिविटी होती है। पहले गोरखपुर से देवरिया आने में घंटों जाम का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सड़क परियोजनाओं ने लोगों की यात्रा आसान बना दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांव, किसान, नौजवान और व्यापारियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर मुख्यमंत्री ने आगामी 2027 के चुनावी संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल समस्याओं की चर्चा नहीं करती, बल्कि समाधान प्रस्तुत करती है और जनता उसी समाधान पर भरोसा करती है। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव और जनता के सहयोग से ही आगे बढ़ते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और विकास की राजनीति पर भरोसा रखें।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान-अमेरिका संकट के कारण तारकोल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को इंटरलॉकिंग और सीसी रोड निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के बावजूद विकास कार्यों की गति नहीं रुकने दी जाएगी।
लगभग आधे घंटे के भाषण में मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी पर सबसे अधिक हमलावर दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान प्रदेश में अराजकता और अपराध चरम पर था। बेटियां शाम के बाद घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी भय के माहौल में काम करते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में माफिया प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं और “गुंडे मिट्टी में मिल गए”।
कार्यक्रम में सांसद Shashank Mani Tripathi, कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi, राज्यमंत्री Vijayalakshmi Gautam, परिवहन मंत्री Dayashankar Singh, एमएलसी Ratanpal Singh, विधायक Shalabh Mani Tripathi सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने किया।

CM से मिलने की तैयारी पड़ी भारी! देवरिया में सपा नेता को पुलिस ने रोका

देवरिया में आधी रात पुलिस कार्रवाई, सपा नेता अनिल यादव नजरबंद; CM से मिलने से पहले रोके गए


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के मुखर नेता अनिल यादव को पुलिस प्रशासन ने बीती रात उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि रात लगभग 1:20 बजे सीओ सिटी, सदर कोतवाल और भारी संख्या में पुलिस बल उनके घर पहुंचा और पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सपा नेता अनिल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि उनका “कसूर” केवल इतना था कि वे सोनू घाट-बरहज मार्ग समेत क्षेत्र की कई जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। उन्होंने अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से अपील की थी कि मुख्यमंत्री के देवरिया आगमन के दौरान वे जनहित से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे।
अनिल यादव का आरोप है कि प्रशासन को आशंका थी कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा, इसी कारण उन्हें घर में ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता, लेकिन वर्तमान व्यवस्था विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करना, फर्जी मुकदमों में फंसाना और हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उनके अनुसार यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती से ज्यादा राजनीतिक दबाव का संकेत देती है।
सपा नेता ने कहा कि क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता की आवाज उठाने की कीमत जेल या उत्पीड़न है, तो भी वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। स्थानीय स्तर पर समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है और विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।