Tuesday, April 21, 2026
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जनगणना 2027 के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू, सैकड़ों प्रगणक हुए शामिल

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औरैया (राष्ट्र की परम्परा)भारत की जनगणना 2027 को सफल और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय चरण 20 अप्रैल से शुरू हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि फील्ड स्तर पर किसी प्रकार की समस्या न आए।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता और पूरी लगन से लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही और सटीक जनगणना के लिए प्रशिक्षण बेहद अहम है, जिससे कार्य के दौरान त्रुटियों से बचा जा सके।

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प्रशिक्षण के प्रथम दिन विभिन्न केंद्रों पर बड़ी संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हुए। सुदिती ग्लोबल एकेडमी में तहसील औरैया के 238 में से 9, नगर पंचायत फफूंद के 44 में से 2 और नगर पालिका परिषद औरैया के 84 में से 4 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं रैपिड ग्लोबल एकेडमी बिधूना में तहसील बिधूना के 438 में से केवल 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि आरजीएस कॉलेज बिधूना में नगर पंचायत बिधूना के सभी 45 प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अजीतमल में तहसील अजीतमल के 189 में से 2 प्रशिक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि नगर पंचायत अजीतमल बाबरपुर के सभी 35 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति भी रही, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

दिशा बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने दिए कड़े निर्देश


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत औपचारिक स्वागत से हुई, जहां जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इसके बाद जैसे ही समीक्षा शुरू हुई, जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आने लगे।
सबसे पहले नौतनवां क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का मामला उठा, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों का मुद्दा भी बैठक में जोरदार तरीके से उठा। इस पर मंत्री ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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ग्राम पंचायत सदस्यों के बैठक भत्तों के भुगतान में हो रही देरी पर भी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि लंबित भुगतान को मिशन मोड में जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी बैठकों और आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड जैसी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित सभी आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मनरेगा के तहत लाखों मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
कृषि क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों को खेती-किसानी में काफी सहूलियत मिली है।
इसके अलावा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी के अंतर्गत पोषण वाटिका, बाला वॉल पेंटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आभा आईडी के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इलाज की प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शहरी आवास योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम जैसी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना ही प्रशासन की पहचान होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर डीएम सख्त, अनुपस्थित कर्मियों का मानदेय-वेतन रोका

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय होगी।
बैठक में सामने आया कि अब तक 25,746 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो सकी है, जबकि 48,400 किसान अभी भी पंजीकरण से वंचित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम आलोक कुमार ने सबसे खराब प्रगति वाले गांवों के लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और कृषि कर्मियों को तलब किया।

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समीक्षा के दौरान पांच पंचायत सहायक और एक रोजगार सेवक अनुपस्थित पाए गए। इस पर उनका मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए, वहीं संबंधित गांवों के सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा चकबंदी से लौटे दो लेखपालों के खराब प्रदर्शन पर उनका भी एक दिन का वेतन रोका गया।
डीएम आलोक कुमार ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने निर्देश दिए कि जिन किसानों के नाम में त्रुटि, मूल अभिलेख में प्रविष्टि न होना या अंश निर्धारण लंबित है, उनका कार्य 2 से 3 दिन में पूरा कराया जाए। शासन ने 30 अप्रैल 2026 तक सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है, इसके बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।

राजा भाऊ भदाने को भ्रातृ शोक, भारत तिब्बत समन्वय संघ में शोक की लहर

धार/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के मालवा प्रांत अंतर्गत धार जिले के निवासी भारत तिब्बत समन्वय संघ, मालवा प्रांत के प्रांत मंत्री राजा भाऊ भदाने के बड़े भाई का निधन गत दिवस हो गया। उनके निधन की खबर से संघ एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर फैल गई है।
परिजनों के अनुसार दिवंगत आत्मा की शांति के लिए धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन निर्धारित किया गया है। 25 अप्रैल को दशगात्र (रामघाट, उज्जैन) तथा 28 अप्रैल 2026 को तेरहवीं संस्कार मराठा समाज धर्मशाला, पट्टा चौपाटी, धार में दोपहर 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।

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भारत तिब्बत समन्वय संघ में राजा भाऊ भदाने को एक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। इस दुखद घड़ी में संगठन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। पदाधिकारियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

हीटवेव से फसलों को बचाने के लिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को हीटवेव से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि तेज गर्मी और लू का असर फसलों पर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में समय रहते उचित उपाय अपनाना जरूरी है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष न जलाएं, बल्कि उन्हें मल्च के रूप में उपयोग करें। इससे भूमि में नमी बनी रहती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। खरपतवार नियंत्रण के साथ मल्चिंग तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है।
सिंचाई प्रबंधन को लेकर भी विभाग ने सुझाव दिए हैं। किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि पानी का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, शाम के समय हल्की सिंचाई करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और फसलों को गर्मी से राहत मिलती है। खेतों को समतल रखने पर भी जोर दिया गया है, जिससे सिंचाई का पानी समान रूप से वितरित हो सके।

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रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग की सलाह देते हुए बताया गया कि अधिक तापमान में रासायनिक खाद फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके अलावा, फसलों की बुवाई पंक्तियों में करने से भी सिंचाई और देखभाल में सुविधा होती है।
धान की नर्सरी के संबंध में विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि उसमें पर्याप्त नमी बनाए रखें और शाम के समय सिंचाई करें। यदि कहीं पानी अधिक मात्रा में जमा हो जाए, तो उसकी तुरंत निकासी सुनिश्चित करें, ताकि फसल को नुकसान से बचा या जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय गहिला महाविद्यालय खलीलाबाद में शैक्षिक सत्र 2025-26 का वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य प्रो० (डॉ०) आशाराम द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
समारोहक डॉ० प्रीति सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रभारी डॉ० प्रीति सिंह ने वार्षिक क्रीड़ा समारोह की आख्या प्रस्तुत की, जबकि सह-समारोहक डॉ० संतोष कुमार चंद ने महाविद्यालय की संक्षिप्त वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। छात्राओं ने देशभक्ति गीत, काव्यपाठ और लोकगीत सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया।
वार्षिक क्रीड़ा समारोह में चैंपियन कु० श्वेता चौरसिया और उप-चैंपियन कु० ज्योति भास्कर सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालयीय परीक्षा वर्ष 2025 में बीए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं—अंजना मौर्या, अंशिका मिश्रा और लक्ष्मी पाण्डेय—को भी पुरस्कृत किया गया।

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अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) आशाराम ने कहा कि सफलता के लिए संसाधनों से अधिक आवश्यक ईमानदारी और समर्पण है। उन्होंने छात्राओं को अपने दायित्वों के प्रति निष्ठावान रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ० प्रीति सिंह ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।

देवरिया में यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 73 वाहनों का चालान, 5 वाहन सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए देवरिया में यातायात पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के प्रमुख स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस टीम ने भटवलिया, बस स्टैंड, गोरखपुर ओवरब्रिज, कसया रोड और रागिनी मोड़ जैसे व्यस्त क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई। साथ ही बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बिना फिटनेस के चल रहे वाहनों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ चालान किया गया।

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अभियान के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने, मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों और नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। कुल 73 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 5 वाहनों को सीज किया गया।
यातायात पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता आती है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश भी जाता है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जीव अविनाशी — जीवन और मृत्यु का शाश्वत सत्य

सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,
अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।
पुरानी कहावत भी आज सच लगती है—
“दो टके की पगड़ी, छ: टके में बिक जाती है।”
ढलते सूरज की तरह ही यह जीवन सफ़र है,
धीरे-धीरे संध्या की ओर बढ़ता हुआ।
उम्र की यह शाम संकेत देती है—
कि कहीं न कहीं एक और घर हमारा इंतज़ार कर रहा है।
जब मंज़िल का बुलावा आएगा,
तो उन राहों पर चलना ही पड़ेगा।
किस पल सांसों की डोर थम जाए,
और आत्मा परमात्मा से जा मिले—कहना कठिन है।
जन्म लिया है तो मृत्यु निश्चित है,
जीवन नश्वर है, मृत्यु ही अंतिम सत्य है।
यह शरीर क्षणभंगुर है, पर आत्मा अमर है,
ईश्वर का अंश—यह जीव सदा अविनाशी है।
लोग हमें जानते तो बहुत होंगे,
पर समझने वाले कम ही मिलते हैं।
समझदारी और सूझ-बूझ से ही
जीवन का क्रम आगे बढ़ाना पड़ता है।
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

उर्वरक वितरण में फार्मर रजिस्ट्री होगी अनिवार्य, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में ‘‘धरती माता बचाओ अभियान’’ के अंतर्गत जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 1 मई 2026 से उर्वरकों के वितरण में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। वर्तमान में जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक का वितरण उनकी जोत/रकबा के आधार पर ही किया जाए। साथ ही गत वर्ष की तुलना में यूरिया, डीएपी एवं एनपीके के वितरण पर विशेष नजर रखने को कहा। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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उन्होंने यह भी कहा कि अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदने वालों की निगरानी की जाए और कृषि गोष्ठियों व मेलों के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव, प्रभारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक मनोज कुमार, जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार, डीपीआरओ मनोज कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सहित विनिर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

UP Anganwadi Bharti 2026: 12वीं पास महिलाओं के लिए बड़ा मौका, बिना परीक्षा सीधी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ/संभल (राष्ट्र की परम्परा)। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

राज्य के विभिन्न जिलों में भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में संभल जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार, इच्छुक और योग्य महिलाएं 5 मई 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट http://upanganwadibharti.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

इस भर्ती के तहत संभल जिले की विभिन्न परियोजनाओं में पद भरे जाएंगे, जिनमें असमोली (30 पद), बहजोई (40 पद), बनिया खेड़ा (35 पद), गुन्नौर (14 पद), जुनावई (12 पद), पवासा (22 पद), रजपुरा (9 पद) और संभल क्षेत्र (41 पद) शामिल हैं। चयनित महिलाओं को अपने ही क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

• केवल महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती हैं
• किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य
• आयु सीमा: 18 से 35 वर्ष (1 जनवरी 2026 के अनुसार)
• आवेदन करने वाली महिला उसी ग्राम पंचायत/वार्ड की निवासी होनी चाहिए

जरूरी दस्तावेज

• 10वीं व 12वीं की मार्कशीट
• आधार कार्ड
• मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी
• मूल निवास प्रमाण पत्र
• जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
• पासपोर्ट साइज फोटो व हस्ताक्षर

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कैसे करें आवेदन?

  1. आधिकारिक वेबसाइट http://upanganwadibharti.in पर जाए
  2. “Latest Vacancies” में संबंधित जिले का चयन करें
  3. “New Anganwadi Worker Vacancy Registration” पर क्लिक करें
  4. नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार व ईमेल भरें
  5. पासवर्ड बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें
  6. लॉगिन कर आवेदन फॉर्म सावधानी से भरें
  7. फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें
  8. आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करें
  9. भविष्य के लिए प्रिंट आउट जरूर रखें

मणिपुर भूकंप: 5.2 तीव्रता से कांपी धरती, लोग घरों से भागे, जानिए कैसे बचें भूकंप से

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मणिपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में मंगलवार सुबह आए भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। सुबह-सुबह आए इस भूकंप से लोग नींद से जाग गए और अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई।

भूकंप की पूरी जानकारी

स्थान: मणिपुर (कामजोंग क्षेत्र)
समय: सुबह 5:59 बजे
गहराई: लगभग 62 किमी

वैज्ञानिकों के अनुसार यह मध्यम गहराई का भूकंप था, जिसके कारण झटके काफी तेज महसूस किए गए।

कहां था भूकंप का केंद्र?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र मणिपुर के कामजोंग क्षेत्र में था। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

भूकंप आने पर क्या करें?

अपनी सुरक्षा के लिए ये जरूरी उपाय अपनाएं:

• तुरंत टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें
• खिड़की, शीशे और दीवारों से दूर रहें
• लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें
• खुले स्थान पर चले जाएं
• सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें

क्या न करें?

• घबराकर भागदौड़ न करें
• बिजली के तारों या खंभों के पास न जाएं
• सीढ़ियों में भीड़ न लगाएं

हाल ही में कहां-कहां आए भूकंप?

गौरतलब है कि इससे पहले भी अप्रैल महीने की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था, जहां जान-माल का नुकसान भी हुआ था।

पीसीएस में सफलता: अरविंद गुप्ता बने वाणिज्य कर अधिकारी, क्षेत्र में जश्न का माहौल

सरदार पटेल इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र का हुआ भव्य सम्मान, छात्र- छात्राओं को दिया सफलता का मूलमंत्र

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के पुरैना खंडी चौरा स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक और गर्व से भरा रहा, जब इसी विद्यालय के मेधावी पूर्व छात्र अरविंद कुमार गुप्ता ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे इलाके में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।
इस खास अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अरविंद गुप्ता का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने माहौल को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बना दिया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें माल्यार्पण कर तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने अरविंद गुप्ता की सफलता को संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अरविंद की सफलता विद्यालय के वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा दिखाएगी।
सम्मान समारोह के दौरान अरविंद कुमार गुप्ता ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए लगातार मेहनत करते रहने की प्रेरणा दी।
इससे पहले ग्रामीणों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा उनके आवास पर पहुंचकर भी उन्हें बधाई दी गई और सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, गर्व और प्रेरणा का माहौल बना रहा, जिसमें हर कोई इस उपलब्धि पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक गण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने अरविंद गुप्ता की इस शानदार सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले में राजकीय इंटर कॉलेज और महाराजा अग्रसेन कॉमर्स कॉलेज में कोचिंग संचालित की जा रही है।
योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट तथा अन्य एकदिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क कराई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन 20 अप्रैल से शुरू हो गए हैं, जबकि अंतिम तिथि 05 जून निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा जून के दूसरे सप्ताह में आयोजित होगी और इसके बाद परिणाम, काउंसिलिंग व मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया जून के तीसरे सप्ताह में पूरी की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों की कक्षाएं 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।
आवेदन पत्र महाराजा अग्रसेन कॉमर्स कॉलेज स्थित अभ्युदय पुस्तकालय (कक्ष संख्या-4) से प्राप्त किए जा सकते हैं। अभ्यर्थी एक से अधिक कोर्स के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
पात्रता की बात करें तो नीट और जेईई के लिए विज्ञान वर्ग के कक्षा 11 व 12 के छात्र या उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। वहीं यूपीएससी और यूपीपीएससी के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र या स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। एकदिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कक्षा 12 उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी निर्धारित मोबाइल नंबरों पर कार्यालय समय में संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई जा सके।

ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l जिले में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम, वीवीपैट और कंट्रोल यूनिट वेयरहाउस का मासिक बाह्य निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई जाए और सभी कर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेयरहाउस की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए हर स्तर पर निगरानी मजबूत रखी जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और निर्देशित किया कि यह 24 घंटे संचालित रहे। इसके माध्यम से वेयरहाउस परिसर और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही परिसर की साफ-सफाई को बेहतर बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को कहा गया कि वे नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे परिसर व्यवस्थित और सुरक्षित बना रहे।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) सहित सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल के सदस्य बने रोहित श्रीवास्तव

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को मिली नई पहचान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के एलाइड एंड हेल्थ केयर विभागाध्यक्ष रोहित कुमार श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश राज्य एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल का सदस्य नामित किया गया है।
श्री श्रीवास्तव पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस महत्वपूर्ण नामांकन से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।
विगत दिनों उन्हें रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेंद्र सिंह, कुलसचिव डॉ. प्रदीप राव सहित सभी संकाय अध्यक्षों एवं शिक्षकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।