Tuesday, June 9, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

पत्नी के बाद पिता का भी साया उठा, हाईटेंशन करंट ने चार बच्चों को बेसहारा किया

सतराव/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायत पिपरा भूली निवासी राजमिस्त्री रमेश प्रसाद (45) की सोमवार को बरहज थाना क्षेत्र के डेईडीहा गांव में हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वह एक मकान की छत पर प्लास्टर का कार्य कर रहे थे। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़े। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

रिहायशी इलाके से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रमेश प्रसाद डेईडीहा निवासी जवाहर बरनवाल के मकान की रेलिंग पर प्लास्टर कर रहे थे। मकान के बगल से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है। कार्य के दौरान वह लाइन की चपेट में आ गए और छत से नीचे गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। रमेश प्रसाद की पत्नी का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। अब उनकी मौत के बाद पुत्री अर्चना (18), काजल (16) तथा पुत्र अंकित (14) और आर्यन (12) के सिर से पिता का साया भी उठ गया है। चारों बच्चे अभी अविवाहित हैं। परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और परवरिश प्रभावित न हो।

थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों ने बिजली विभाग से रिहायशी क्षेत्रों से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

देवरिया: बरहज में भवन निर्माण के दौरान ढही ईंट की रेलिंग, मलबे में दबकर राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत

​दर्दनाक हादसा: देई डीहा गांव में प्लास्टर करते समय अचानक भरभरा कर गिरी कमजोर रेलिंग।

​अनाथ हुए बच्चे: एक साल पहले ही सिर से उठा था मां का साया, अब पिता की मौत से चार मासूमों के भविष्य पर मंडराया संकट।

​बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देई डीहा में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान ईंट से बनी रेलिंग अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

​प्लास्टर करते समय अचानक हुआ हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, बरहज थाना क्षेत्र के पिपरा भुली गांव निवासी रमेश प्रसाद (पुत्र मुखलाल प्रसाद, उम्र 40 वर्ष) पेशे से राजमिस्त्री थे। वह प्रतिदिन की भांति अपने काम पर निकले थे और देई डीहा गांव में आकाश जायसवाल के मकान पर निर्माण कार्य कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रमेश छत की रेलिंग पर प्लास्टर का काम कर रहे थे, तभी अचानक कमजोर होने के कारण पूरी रेलिंग भरभरा कर ढह गई। रमेश प्रसाद सीधे मलबे की चपेट में आ गए और उसके नीचे बुरी तरह दब गए।

​मकान मालिक और मजदूरों ने पहुँचाया अस्पताल

​हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद अन्य मजदूरों, दूसरे राजमिस्त्री और मकान मालिक आकाश जायसवाल ने आनन-फानन में भारी मशक्कत के बाद रमेश को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत इलाज के लिए बरहज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मासूमों के सिर से उठा इकलौता सहारा

ग्रामीणों ने बताया कि 40 वर्षीय रमेश प्रसाद के कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। उनके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। बेहद दुखद बात यह है कि महज एक वर्ष पहले ही रमेश की पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी थी। पत्नी की मौत के बाद रमेश ही अकेले कमाकर बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। इस हादसे ने चारों बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। परिजनों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

​घटना की सूचना मिलते ही बरहज पुलिस तुरंत पीएचसी पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए देवरिया सदर भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस घटना के बाद से दोनों गांवों (पिपरा भुली और देई डीहा) में शोक की लहर है।

पुलिस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने को डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण

परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का लिया जायजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नेहरू कृषक इंटर कॉलेज, सरदार पटेल इंटर कॉलेज सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम एवं व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सघन निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम तथा डायल-112 को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जनपद पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में वैज्ञानिक अनुसंधान और नीतियों की अहम भूमिका: प्रो. सर्ज सावेरी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में ऐमीनेंट लेक्चर समिति, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं सतत् विकास लक्ष्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में ऐमीनेंट लेक्चर सीरीज के अंतर्गत “पादप स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध प्लांट पैथोलॉजिस्ट एवं सिस्टम एनालिस्ट तथा फूड सिक्योरिटी जर्नल के एडिटर-इन-चीफ प्रो. सर्ज सावेरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. एस. विक्टर बाबू ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। विश्वविद्यालय कुलगीत के बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। प्रो. शिल्पी वर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। संचालन डॉ. प्रीति गुप्ता ने किया।
अपने व्याख्यान में प्रो. सर्ज सावेरी ने पौधों में होने वाले रोगों, कीटों से होने वाली क्षति तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोध कार्यों में प्रयुक्त मॉडलिंग तकनीकों, पौध रोग महामारी विज्ञान, खाद्य उपलब्धता, खाद्य पहुंच, खाद्य संरक्षण और स्थिरता जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानव समाज के विकास और स्थिरता का महत्वपूर्ण आधार है तथा इसे सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रभावी नीतियों और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने मूल्य श्रृंखला, खाद्य उत्पादों के मानकीकरण, युद्ध एवं संघर्षों के प्रभाव तथा अल्पकालिक नीतियों से उत्पन्न चुनौतियों पर भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक कुलपति प्रो. एस. विक्टर बाबू ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और अधिकांश जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन में किसानों की भूमिका की सराहना करते हुए भोजन की बर्बादी रोकने तथा सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का भी संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने खाद्य सुरक्षा और पादप स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य अतिथि ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर-शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।

योग बंधन-2026 के माध्यम से डीडीयू ने दिया वैश्विक एकता और स्वस्थ जीवन का संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम “योग बंधन-2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और स्वास्थ्योन्मुख शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने गोरखपुर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ की भूमि सदियों से योग एवं साधना का प्रमुख केंद्र रही है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग योग को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के रूप में अपना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में योग अध्ययन एवं अनुसंधान से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें देश-विदेश के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग बंधन जैसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय को वैश्विक शैक्षणिक सहयोग और वेलनेस एजुकेशन के केंद्र के रूप में और मजबूत बनाएंगे।
कार्यक्रम में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, विशेष रूप से मलेशिया के सेगी विश्वविद्यालय के मेडिकल विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस दौरान विभिन्न देशों के विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के बीच संवाद हुआ तथा योग के माध्यम से स्वास्थ्य, सद्भाव और वैश्विक एकता के मूल्यों को साझा किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवनशैली के लिए योग” विषय पर प्रो. विजय चहल का विशेष व्याख्यान रहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में बढ़ता तनाव, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही हैं। योग एक समग्र जीवन-पद्धति है, जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देती है।
इस अवसर पर अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. दिनेश यादव तथा सेगी विश्वविद्यालय, मलेशिया के फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंसेज के डिप्टी डीन प्रो. सरवाना कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता ने किया। अंत में प्रो. सरवाना कुमार ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बी०एस०एस० परशुराम सेना ने शंशाक मणि त्रिपाठी को तहसील अध्यक्ष किया नियुक्त

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)l बी एस एस परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनाथ पाण्डेय बी० तथा प्रदेश अध्यक्ष पं० अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में संगठन विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में जनपद मऊ के कोपागंज क्षेत्र निवासी शंशाक मणि त्रिपाठी को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन द्वारा जारी नियुक्ति-पत्र के अनुसार शंशाक मणि त्रिपाठी पुत्र आनन्द कुमार त्रिपाठी, निवासी ग्राम कोपाकोहना, कोपागंज, जनपद मऊ को जिला कार्यकारिणी मऊ के तहसील सदर का तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।
नियुक्ति पत्र में संगठन की ओर से विश्वास व्यक्त करते हुए कहा गया है कि नव-नियुक्त पदाधिकारी ब्राह्मण हितों के संरक्षण एवं समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगे। साथ ही संगठन को मजबूत बनाने हेतु समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की अपेक्षा की गई है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पदाधिकारी समाज में विशेषकर बहन-बेटियों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए अग्रणी भूमिका निभाएंगे तथा संगठन के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर सक्रिय रहेंगे।
संगठन की ओर से यह भी कहा गया है कि नव-नियुक्त तहसील अध्यक्ष अपने दायित्वों का निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष पं० अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि संगठन लगातार समाज में सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शंशाक मणि त्रिपाठी अपने पद की गरिमा को बनाए रखते हुए संगठन की विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

वैश्विक शोध रैंकिंग में डॉ. निखिल कुमार को मिली टॉप-5 प्रतिशत शोधकर्ताओं में जगह

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य एवं शोधकर्ता डॉ. निखिल कुमार को एससीआई रैंक ग्लोबल की वर्ष 2025 की वैश्विक शोध रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत स्वतंत्र शोधकर्ताओं में स्थान मिला है। यह चयन शोध प्रकाशनों की गुणवत्ता, उद्धरण, प्रभाव और वैज्ञानिक योगदान के आधार पर किया गया है।
डॉ. कुमार के शोध पत्र फिजिकल रिव्यू लेटर्स और नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मेहदावल, संत कबीर नगर में हुई, जबकि उच्च शिक्षा और शोध कार्य उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जेएनयू, आईआईटी कानपुर और टीआईएफआर जैसे संस्थानों में किया।
उनका प्रमुख शोध क्षेत्र सुपरकंडक्टिंग माइक्रो एवं नैनो स्क्विड तकनीक है, जिसका उपयोग क्वांटम तकनीक, स्पिन्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा निदान और नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अध्ययन में किया जाता है। उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप सहित विभिन्न शोध परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 82 लाख रुपये की शोध निधि प्राप्त हो चुकी है।
वर्तमान में वे उच्च तापमान सुपरकंडक्टर्स, फेरोमैग्नेटिक थिन फिल्म हेटरोस्ट्रक्चर्स, फेराइट-पॉलिमर नैनोकॉम्पोजिट्स तथा परोव्स्काइट सोलर सेल्स पर शोध कर रहे हैं। वर्ष 2026 में उनके सहयोग से Q1 श्रेणी की अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में तीन महत्वपूर्ण शोध पत्र भी प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिक समुदाय ने इस उपलब्धि को पूर्वांचल और भारतीय विज्ञान जगत के लिए गौरवपूर्ण बताया है।

कहाँव -गहिला कल्यानी ताल से जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग

बरहज/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम सभा कहाँव, गहिला, कल्यानी, अण्डिला एवं आसपास के क्षेत्रों के किसानों नेकहाँव -गहिला ताल से जल निकासी की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान हेतु सोमवार को उपजिलाधिकारी बरहज के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।ज्ञापन संजयदीप कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय समानता दल उत्तर प्रदेश, हरेराम आर्य प्रदेश उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी अनुसूचित प्रकोष्ठ तथा अरविन्द कुशवाह जिला सचिव, सीपीआई देवरिया के नेतृत्व में दिया गया।किसानों ने बताया कि क्षेत्र के कहाँव -गहिला ताल में बरसात के दौरान अनेक गांवों का वर्षाजल एकत्रित हो जाता है। पूर्व में प्राकृतिक नाला व्यवस्था होने के कारण जल निकासी सुचारु रूप से होती थी, लेकिन वर्तमान समय में ग्राम सभा कहाँव एवं अण्डिला के सिवान पर लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में नाला न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है।
किसानों के अनुसार इस समस्या के कारण प्रतिवर्ष सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे खरीफ की फसलें नष्ट हो जाती हैं। खेतों में लंबे समय तक जलभराव बने रहने के कारण रबी की फसल की बुवाई भी प्रभावित होती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रशासन द्वारा संबंधित स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराकर ग्राम सभा कहाँव एवं अण्डिला के सिवान पर आवश्यक नाला निर्माण कराया जाए, ताकि जल निकासी की व्यवस्था सुचारु हो सके और किसानों को वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि नाला निर्माण होने से हजारों किसानों को लाभ मिलेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी देवरिया एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी प्रेषित की गई है।
इस अवसर पर क्षेत्र के कमला कुशवाहा, चन्द्रिका प्रसाद, अभय कुमार, उमेन्द्र कुशवाहा, दरोगा यादव, भूपेंद्र यादव, संतोष खरवार, रवि कुमार मुलायम कुमार , इत्यादि किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

पुलिस भर्ती परीक्षा पर प्रशासन की कड़ी नजर

एडीएम रजनीश मिश्रा ने किया औचक निरीक्षण

शाहजहांपुरl(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आया। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्रा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन ने अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंध, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षा संचालन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
अपर जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उन्हें सुचारु रूप से परीक्षा देने का अवसर मिले।
निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। एडीएम रजनीश मिश्रा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी और सजगता के चलते परीक्षा प्रक्रिया पूरे जनपद में शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित होती रही।

जैतीपुर सीएचसी में ढाई साल से बंद पड़ी एक्स-रे मशीन, ग्रामीणों को नहीं मिल रही सुविधा

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)lजैतीपुर कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब ढाई वर्ष पहले लगाई गई एक्स-रे मशीन आज तक चालू नहीं हो सकी है। एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति न होने के कारण मशीन बंद पड़ी है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के मरीजों को इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सज़र ने बताया कि टेक्नीशियन की कमी के चलते मशीन संचालित नहीं हो पा रही है। इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर टेक्नीशियन की तैनाती की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
स्थानीय लोगों पूरन लाल मिश्रा मदनपाल सिंह बलराम सिंह संजीव मिश्रा अन्नू त्रिपाठी सुनील यादव और प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई महंगी मशीन का वर्षों तक उपयोग न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति कर मशीन को चालू कराने की मांग की है ताकि क्षेत्रीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

नारायणी नहर में मिला अज्ञात शव,क्षेत्र में फैली सनसनी

फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण,शिनाख्त के प्रयास में जुटी पुलिस

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली थाना क्षेत्र के पड़री खुर्द गांव के समीप स्थित नारायणी नहर शाखा में रविवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नहर में शव उतराता देख ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही घुघली थानाध्यक्ष सूरज कुमार, उप-निरीक्षक संजय कुशवाहा तथा पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को नहर से बाहर निकलवाया। इस दौरान बीपीओ छट्ठू प्रसाद गोंड़ ने विशेष सक्रियता दिखाते हुए शव को बाहर निकालने और घटनास्थल की व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
घटना की जानकारी फैलते ही आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। मृतक के पास से कोई ऐसा दस्तावेज या सामान भी नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की। पुलिस आस-पास के थानों से संपर्क कर गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर रही है, ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। मृतक की पहचान और मृत्यु के कारणों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।

घाघरा किनारे बालू में दफन मिली 6.68 लाख की अवैध शराब, बिहार तस्करी की साजिश नाकाम

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )l जनपद में अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मनियर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घाघरा नदी के किनारे बालू में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद कर बिहार तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 68 हजार 250 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, थाना मनियर क्षेत्र के ग्राम बिजलीपुर स्थित घाघरा नदी के तट पर बालू के नीचे छिपाकर रखी गई 270 पेटी अवैध “बंटी-बबली” शराब बरामद की गई है। इन पेटियों में कुल 12 हजार 150 पाउच शराब मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि इस खेप को बिहार में अवैध रूप से भेजने की तैयारी की जा रही थी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अवैध शराब विरोधी अभियान के अंतर्गत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश चन्द्र शुक्ला तथा क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के पर्यवेक्षण में थाना मनियर पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।शनिवार क़ी रात्री उपनिरीक्षक संजय कुमार यादव अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि बिजलीपुर गांव के पास घाघरा नदी के किनारे बालू में बड़ी मात्रा में शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू कराई। बालू हटाने पर पुलिस को एक के बाद एक कुल 270 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पूरी खेप को कब्जे में लेकर थाना मनियर में आबकारी अधिनियम की धारा 60(1)/63 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शराब तस्करी से जुड़े गिरोह की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। बरामद शराब किसकी है और इसे यहां तक पहुंचाने वाले लोग कौन हैं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस अवैध कारोबार में शामिल तस्करों की गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।इस कार्रवाई को मनियर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे बिहार सीमा के रास्ते होने वाली अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

भाजपा देहात मंडल की मासिक बैठक में पर्यावरण संरक्षण व संगठन मजबूती पर मंथन

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l भारतीय जनता पार्टी देहात मंडल की मासिक बैठक रविवार को बारां दीक्षित पंचायत भवन में मंडल अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विकास एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
बैठक में नीरज शाही, अंगद तिवारी, दीवाकर सिंह, धीरेन्द्र तिवारी, संजय पासवान, अमरीश राय, रामजोखन निषाद समेत मंडल के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की सहभागिता रही।

पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों का डीएम व एसपी ने किया औचक निरीक्षण

नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शनिवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मौलाना अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज, पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज तथा हीरालाल पीजी कॉलेज खलीलाबाद में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश एवं निकास, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, प्रकाश और बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
डीएम एवं एसपी ने ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा अफवाह फैलाने या परीक्षा की शुचिता भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश पाण्डेय, केंद्र व्यवस्थापक तथा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

बिना अनुमति उखाड़े जा रहे सरकारी पेड़, वन विभाग ने जेसीबी की जब्त

भुवना–कप्तानगंज मार्ग चौड़ीकरण कार्य में नियमों की अनदेखी का आरोप, वन विभाग ने शुरू की विधिक कार्रवाई

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। भुवना– कप्तानगंज मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सरकारी वृक्षों को बिना सक्षम अनुमति उखाड़े जाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग की पकड़ी रेंज की टीम ने मौके पर पहुंच कर वृक्ष उखाड़ने में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को कब्जे में ले लिया है। मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा भुवना–कप्तानगंज मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। आरोप है कि कार्य के दौरान सड़क किनारे स्थित शासकीय वृक्षों को हटाने के लिए आवश्यक विभागीय अनुमति और वन विभाग की स्वीकृति प्राप्त किए बिना जेसीबी मशीन से जड़ समेत उखाड़ा जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग सक्रिय हुआ और तत्काल जांच के लिए टीम मौके पर भेजी गई।
घुघली सेक्शन प्रभारी गौरव त्रिपाठी ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच में कई वृक्षों के जड़ समेत उखाड़े जाने की पुष्टि हुई। प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया कि वृक्षों को हटाने से पहले न तो वन विभाग द्वारा आगणन कराया गया था और न ही सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति ली गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी पकड़ी रेंज सुशांत मणि त्रिपाठी के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। मशीन को रेंज परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। साथ ही वन एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी विकास परियोजना के तहत वृक्षों के कटान, स्थानांतरण अथवा हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति, वन विभागीय आगणन तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना आवश्यक होता है। नियमों की अनदेखी कर वृक्षों को हटाना पर्यावरण संरक्षण संबंधी कानूनों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण और हरित संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों, एजेंसियों अथवा संबंधित जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।