Friday, February 20, 2026
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सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश

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आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच बोलो” का संदेश हमें जीवन की वास्तविक दिशा दिखाता है। यह प्रेरक कविता मानव जीवन, ईश्वर की रचना और सकारात्मक सोच की शक्ति को उजागर करती है।

✍️ सच देखो सच सुनो सच बोलो – प्रेरक कविता
दोनो आँखों के साथ बग़ल में दोनों
कान नहीं होते तो चश्मा कहाँ लगाते,
बूढ़े होकर आँखों की रोशनी कम हो
जाती तो कैसे दुनिया को देख पाते।
यह उस ईश्वर की ताक़त है,
मुँह, आँख, कान, नाक चारों,
पूरी सुंदरता के साथ बनाए हैं,
उसकी कृतियाँ सबको भाए हैं।
सच देखो सच सुनो सच बोलो,
और सदा इन सबकी खुशियाँ लो,
सोच सकारात्मक ही रहे हमेशा,
सादा जीवन, सरलता अपना लो।
जिस तराजू से औरों को तौलते हैं,
उस पर बैठकर खुद को भी तौलो,
जीवन की सत्यता परख कर लो,
आदित्य, इसको आसान बना लो।
📖 कविता का भावार्थ
यह कविता हमें बताती है कि ईश्वर ने मानव शरीर को संतुलित और सुंदर बनाया है। आँख, कान, नाक और मुख — ये सभी इंद्रियाँ हमें जीवन का सत्य समझने का माध्यम देती हैं।
“सच देखो सच सुनो सच बोलो” केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन जीने का मूल मंत्र है। जब हम सकारात्मक सोच अपनाते हैं और सादा जीवन जीते हैं, तब जीवन सहज और सफल बनता है।
🌟 क्यों जरूरी है – सच देखो सच सुनो सच बोलो?
मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है
रिश्तों में पारदर्शिता और विश्वास कायम रहता है
समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है
आत्ममूल्यांकन की आदत विकसित होती है
👤 कवि परिचय
विद्यावाचस्पति डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
(प्रेरक साहित्यकार एवं चिंतक)

अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर प्रहार: मऊ में बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार, 75 लाख की चरस बरामद

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने करीब 75 लाख रुपये की चरस बरामद करते हुए परिवहन में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर ली है। यह कार्रवाई मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के तहत अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर कृष राजपूत के नेतृत्व में थाना दक्षिण टोला पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम संयुक्त रूप से गश्त कर रही थी।

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इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई।मुखबिर की सूचना पर घेराबंदीपुलिस को सूचना मिली कि बढ़ुआ गोदाम की तरफ से एक व्यक्ति अवैध चरस लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से मतलूपुर होते हुए सठियांव एक्सप्रेसवे के रास्ते हरियाणा जाने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मतलूपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की।कुछ देर बाद एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पहले से तैनात दूसरी टीम ने वाहन को घेरकर रोक लिया। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से 1.530 किलो अवैध चरस बरामद हुई। इस तरह मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार कर लिया गया।आरोपी की पहचान और पूछताछपकड़े गए आरोपी ने अपना नाम जितेंद्र कुमार राय पुत्र रामेश्वर राय निवासी आवास विकास कॉलोनी, हरपुर, थाना कोतवाली नगर, जनपद बलिया बताया।

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पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह चरस को हरियाणा ले जाकर बेचता था और हर बार पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करता था।पुलिस के अनुसार बरामद 75 लाख की चरस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।नशा तस्करी पर कड़ा प्रहारमऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई से साफ है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार होने से अवैध कारोबार में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीमकार्रवाई में थाना दक्षिण टोला के थानाध्यक्ष उ0नि0 बसंत लाल, उ0नि0 प्रमोद कुमार सिंह (स्वाट/सर्विलांस प्रभारी), उ0नि0 मनोज कुमार मौर्य (एसओजी प्रभारी), उ0नि0 अरुण कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। संयुक्त टीम की सतर्कता से यह सफलता मिली।

बच्चा चोरी की झूठी खबर से दहशत, झारखंड में बढ़ा मॉब लिंचिंग का खतरा

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह से हड़कंप: धनबाद, रांची, गिरिडीह समेत कई जिलों में मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं


धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक बार फिर भय और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है। धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और राजधानी रांची समेत कई जिलों में महज शक के आधार पर लोगों को भीड़ ने घेरकर बेरहमी से पीटा। पुलिस की समय पर दखल से कई निर्दोष लोगों की जान बच सकी, लेकिन लगातार बढ़ती घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।

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धनबाद के राजगंज में युवक की पिटाई
धनबाद जिले के राजगंज थाना क्षेत्र के महतोटांड़ गांव में गुरुवार रात झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते एक अज्ञात युवक को भीड़ ने पकड़ लिया। युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय मुखिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से छुड़ाकर इलाज के लिए भेजा। पूछताछ में सामने आया कि बच्चा चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। भीड़ में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल थे।

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गिरिडीह में महिला और अधेड़ को बनाया निशाना
गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पतरोडीह और फुरसोडीह गांव में भी झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह का असर दिखा। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर एक महिला और एक अधेड़ व्यक्ति को पकड़ लिया और मारपीट की।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि अधेड़ व्यक्ति नशे की हालत में अपने ससुराल जा रहा था, जबकि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई थी।
बैंकमोड़ में ट्रांसजेंडर पर हमला
धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर फैली झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण एक ट्रांसजेंडर को बच्चा चोर समझकर पीट दिया गया।
पुलिस जांच में पाया गया कि वह व्यक्ति होली के अवसर पर घर-घर शुभकामनाएं दे रहा था। तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने मारपीट करने वालों को चेतावनी दी।

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कोडरमा में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक पर हमला
कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में भी एक युवक को बच्चा चोर समझकर पीटा गया। पुलिस के अनुसार युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है और बच्चा चोरी से जुड़ा कोई तथ्य सामने नहीं आया।
रांची के बरियातू में हंगामा
राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू में तीन वर्षीय बालक को टोटो में ले जाते देख ग्रामीणों ने महिला, चालक और एक अन्य युवक को पकड़ लिया। मारपीट की सूचना पर पुलिस पहुंची और तीनों को बचाया।
महिला ने खुद को गुमला की निवासी बताया और कहा कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने आयी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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अभिभावकों में डर, पुलिस की अपील
लगातार फैल रही झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह से ग्रामीणों में दहशत है। कई अभिभावक बच्चों को आंगनबाड़ी या बाहर खेलने भेजने से डर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि बिना कार्रवाई न करें। आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अफवाह से बढ़ता मॉब लिंचिंग का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश तेजी से फैलने से झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह ने मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को जन्म दिया है। यह समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
जरूरत है सतर्कता, संयम और कानून पर भरोसा रखने की, ताकि निर्दोष लोगों की जान सुरक्षित रह सके।

कलह ही दरिद्रता की जड़: संवाद और सौहार्द से ही समृद्धि संभव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।समाज और परिवार की प्रगति का मूल आधार शांति, विश्वास और सतत संवाद है। जब आपसी मतभेद संवाद के माध्यम से सुलझाए जाते हैं, तब समृद्धि के द्वार खुलते हैं। लेकिन जहां कलह, अहंकार और अविश्वास पनपते हैं, वहां विकास की गति थम जाती है। यही कारण है कि “कलह ही दरिद्रता की जड़” माना गया है और “संवाद और सौहार्द से समृद्धि” का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज के दौर में आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद मानसिक और सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि सामाजिक सौहार्द और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि समाज में शांति नहीं होगी तो आर्थिक उन्नति भी टिकाऊ नहीं रह सकती।

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परिवार: विकास की पहली पाठशाला
परिवार समाज की पहली इकाई है। यहीं से संस्कारों और मूल्यों की नींव पड़ती है। जब घर के भीतर प्रेम, सम्मान और आपसी समझ बनी रहती है, तब बच्चों का व्यक्तित्व सुदृढ़ होता है। इसके विपरीत, यदि घर में लगातार विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल रहे, तो मानसिक तनाव बढ़ता है।
यह स्थिति आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को भी भीतर से दरिद्र बना सकती है। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि कलह ही दरिद्रता की जड़ है और संवाद और सौहार्द से समृद्धि संभव है।

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समाज और राष्ट्र पर प्रभाव
सामाजिक स्तर पर जातीय, धार्मिक या राजनीतिक मतभेद यदि संवाद से न सुलझें, तो वे विकास में बाधा बन जाते हैं। विश्व इतिहास इस बात का साक्षी है कि आंतरिक संघर्ष ने कई देशों को वर्षों पीछे धकेल दिया।
भारत में भी जब-जब सामाजिक सौहार्द मजबूत रहा, तब-तब विकास ने गति पकड़ी। इससे स्पष्ट है कि सामाजिक सौहार्द और विकास परस्पर जुड़े हुए हैं।

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व्यापार और उद्योग में विश्वास की भूमिका
व्यापार और उद्योग जगत में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तालमेल की कमी उत्पादन को प्रभावित करती है। निवेशक भी उन्हीं क्षेत्रों में निवेश करना पसंद करते हैं जहां शांति और स्थिरता हो।
यदि संस्थान के भीतर विवाद बढ़ें, तो आर्थिक नुकसान निश्चित है। अतः यह सिद्ध होता है कि संवाद और सौहार्द से समृद्धि की राह आसान होती है।
कलह के कारण और समाधान
कलह का मूल कारण अक्सर अहंकार, असहिष्णुता और संवाद की कमी होता है। यदि परिवार और समाज में संवाद की परंपरा मजबूत हो, तो अधिकांश विवाद प्रारंभ होने से पहले ही समाप्त हो सकते हैं।
शिक्षा, नैतिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन सामाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है। धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी संयम और सहिष्णुता का संदेश देती हैं।

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यह समझना आवश्यक है कि दरिद्रता केवल धन की कमी नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक असंतुलन का परिणाम भी है। कलह ही दरिद्रता की जड़ है, जबकि संवाद और सौहार्द से समृद्धि स्थायी रूप से प्राप्त की जा सकती है।
समृद्ध और सशक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हम संवाद, सहयोग और परस्पर सम्मान को प्राथमिकता दें।
समृद्धि की पहली सीढ़ी शांति है और शांति का आधार है आपसी समझ। जब यह समझ मजबूत होगी, तभी सामाजिक सौहार्द और विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे।

सुबह 5 से 8 बजे तक चला विशेष चेकिंग अभियान, 214 लोग जांच के दायरे में

देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: 214 लोगों व 132 वाहनों की जांच, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत गुरुवार सुबह जनपद में व्यापक स्तर पर विशेष सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना रहा।
देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में किया गया। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने प्रमुख पार्क, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच अभियान चलाया।

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देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से संवाद स्थापित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और सुरक्षा से जुड़े सुझाव भी प्राप्त किए। इस पहल को सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन तलाशी ली गई। तीन सवारी चलने, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध असलहा और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी गई।
देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के अंतर्गत जनपद के 13 प्रमुख स्थानों पर चेकिंग की गई। इस दौरान कुल 214 व्यक्तियों और 132 वाहनों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं।

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स्थानीय नागरिकों ने देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का मानना है कि नियमित चेकिंग से अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास का माहौल बनता है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाए जाएंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय चलने वाला यह अभियान विशेष रूप से प्रभावी है, क्योंकि इस दौरान शहर की गतिविधियां शुरू होती हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होता है।

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देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान ने यह संदेश दिया है कि पुलिस प्रशासन केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर विश्वास मजबूत करने की दिशा में भी सक्रिय है।

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: शादी का झांसा देकर बनाया संबंध

घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: शादी का झांसा देकर बनाया संबंध, पुलिस की बड़ी कार्रवाई


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार किए जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र में चर्चा पैदा कर दी है। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
थाना घुघली क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार थाना घुघली में दर्ज मु0अ0सं0 31/2026 के तहत आरोपी शिवम् यादव पुत्र अरविंद यादव निवासी घुघली बुजुर्ग के विरुद्ध धारा 65(1), 137(2), 351(3), 352 बीएनएस एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब घटना की जानकारी परिजनों को हुई तो उन्होंने विरोध किया। इस दौरान आरोपी एवं उसके परिजनों द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है।

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पुलिस ने ऐसे की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थानाध्यक्ष घुघली कुँवर गौरव सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। लगातार दबिश और निगरानी के बाद 19 फरवरी 2026 को कस्बा घुघली में हनुमानगढ़ी से पहले पुलिया के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को महराजगंज न्यायालय भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र लगभग 20 वर्ष है और इसी मुकदमे से संबंधित धाराओं में उसका आपराधिक इतिहास दर्ज है।
गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष कुँवर गौरव सिंह, हेड कांस्टेबल कृष्णकांत यादव तथा कांस्टेबल विंद्रेश शामिल रहे।

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पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है। नाबालिगों के खिलाफ अपराध को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सख्त है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्र में चर्चा, सुरक्षा को लेकर सतर्कता
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक सूचना तुरंत पुलिस को दें।
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार किए जाने की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने से यह संदेश गया है कि कानून से बचना संभव नहीं है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
जिले में अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

जबलपुर के सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव, पथराव; 15 हिरासत में

जबलपुर/सिहोरा(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के आजाद चौक में गुरुवार रात आरती के दौरान हुए विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्गा मंदिर में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर कहासुनी के बाद एक युवक पर हमला किया गया। आरोप है कि उपद्रवी तत्वों ने मंदिर की ग्रिल तोड़ी और अंदर घुसकर तोड़फोड़ की।

घटना की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। आजाद चौक क्षेत्र पहले से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां मस्जिद और दुर्गा मंदिर आमने-सामने स्थित हैं।

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घरों में भी तोड़फोड़, भारी पुलिस बल तैनात

उपद्रवियों ने मंदिर के साथ आसपास के कई घरों में भी नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात की समीक्षा की।

पुलिस ने देर रात तक 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और अतिरिक्त बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

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सड़क हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से इंटर परीक्षा देने जा रहे छात्र की मौत


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)सड़क हादसा की एक दर्दनाक घटना में गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा गांव के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार छात्र को भीषण टक्कर मार दी। हादसे में छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र इंटरमीडिएट की परीक्षा देने जा रहा था।
पुलिस ने वाहन और चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। इस देवरिया सड़क हादसा ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, घटना गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा गांव के समीप हुई। सुबह के समय छात्र बाइक से परीक्षा केंद्र की ओर जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सामने से आकर जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

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परीक्षा देने जा रहा था छात्र
परिजनों के अनुसार, छात्र इंटर की बोर्ड परीक्षा देने घर से निकला था। परिवार को क्या पता था कि यह उसकी अंतिम यात्रा साबित होगी।
इस देवरिया सड़क हादसा की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस देवरिया सड़क हादसा के बाद इलाके में ट्रैफिक नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

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तेज रफ्तार बन रही जानलेवा
देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था न होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और नियमित चेकिंग ऐसे हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
यह देवरिया सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाता है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं,नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए,स्कूल और परीक्षा अवधि में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की जाए,पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए
यह देवरिया सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है। एक होनहार छात्र की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Prince Andrew की गिरफ्तारी से ब्रिटिश राजशाही में हलचल

ब्रिटेन की राजशाही में उस समय हलचल मच गई जब गुरुवार (19 फरवरी 2026) को पूर्व Prince Andrew को जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कई घंटों तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया। ब्रिटिश इतिहास में राजपरिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को बेहद असामान्य माना जा रहा है।

सैंड्रिंघम एस्टेट पर छापा

गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे पुलिस ने नॉरफ़ॉक स्थित Sandringham Estate में स्थित उनके नए आवास पर छापा मारा। Thames Valley Police ने बयान जारी कर कहा कि “नॉरफ़ॉक के 60 वर्ष के व्यक्ति को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।”

हालांकि ब्रिटेन के नियमों के तहत पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि गिरफ्तार व्यक्ति को जांच के तहत रिहा कर दिया गया है। नॉरफ़ॉक में तलाशी पूरी हो चुकी है, जबकि बर्कशायर स्थित Royal Lodge में जांच जारी है।

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किंग चार्ल्स तृतीय का बयान

घटना के बाद King Charles III ने कहा, “कानून को अपना काम करने देना चाहिए।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि Buckingham Palace पुलिस को पूरा सहयोग देगा।

गौरतलब है कि एंड्रयू को पहले ही उनके शाही खिताबों से वंचित किया जा चुका है, हालांकि वे अभी भी उत्तराधिकार की सूची में आठवें स्थान पर हैं।

Jeffrey Epstein से जुड़ा विवाद

एंड्रयू का नाम लंबे समय से जेफ्री एपस्टीन प्रकरण से जुड़ा रहा है। हालिया दस्तावेजों में दावा किया गया कि 2010 में ब्रिटेन के व्यापार दूत के रूप में उन्होंने एपस्टीन को संवेदनशील रिपोर्टें साझा की थीं।
एपस्टीन को 2008 में अमेरिका में नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया गया था। 2019 में जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी।

कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं?

ब्रिटेन में ‘Misconduct in Public Office’ (सार्वजनिक पद के दुरुपयोग) गंभीर अपराध है, जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है। बताया जा रहा है कि कई ब्रिटिश पुलिस बल एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रहे हैं।

यह मामला न केवल कानूनी बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

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सलेमपुर में आभूषण व्यवसाई से दिनदहाड़े लूट का प्रयास, सिर पर कट्टा तानकर बदमाश फरार

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लूट का प्रयास और आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक आभूषण की दुकान को निशाना बनाया। हालांकि दुकानदार की सूझबूझ से बड़ी वारदात टल गई, लेकिन घटना के बाद बाजार में भय का माहौल है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के उपनगर वार्ड नंबर 10, संत तुलसी मार्ग स्थित एक आभूषण की दुकान पर गुरुवार को यह सनसनीखेज घटना हुई। जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक ध्रुव कुमार वर्मा अपनी महिला स्टाफ के साथ दुकान पर मौजूद थे। तभी बाइक से तीन अज्ञात युवक गली में पहुंचे। उनमें से एक युवक मुंह पर गमछा बांधकर दुकान के अंदर घुसा।

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दुकानदार ने सामान्य पूछताछ करते हुए उससे मुंह खोलने को कहा। इसी बात पर बदमाश ने अचानक देशी कट्टा निकालकर दुकानदार के सिर पर सटा दिया। आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की कोशिश से दुकान में अफरा-तफरी मच गई। जान का खतरा देख ध्रुव वर्मा किसी तरह वहां से भाग निकले और अपनी जान बचाई। वहीं महिला कर्मचारी डर के मारे टेबल के नीचे छिप गई।

एक दिन पहले की रेकी, फिर दिनदहाड़े लूट का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, बदमाश एक दिन पहले भी दुकान पर आए थे। उन्होंने सोने की चेन खरीदने की बात कहकर दुकान की गतिविधियों को परखा था। अगले ही दिन बाजार की बंदी का फायदा उठाकर उन्होंने सलेमपुर लूट का प्रयास किया। लेकिन मौके पर कुछ हाथ न लगने के कारण बदमाश फरार हो गए।
यह पूरी वारदात दुकान में लगे हाईटेक सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है और संदिग्धों की पहचान में जुटी है।

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पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा की मांग
पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बदमाशों द्वारा दोबारा आने की धमकी के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी मांग की गई है।
प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की भी जांच कर रही है।
बाजार में दहशत, व्यापारियों में आक्रोश
घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और बाजार में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और बाजार बंदी के दिनों में अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, जैसे—उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और पुलिस हेल्पलाइन से सीधा संपर्क।

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कैसे बची बड़ी वारदात?
यदि दुकानदार घबराकर विरोध करता या बदमाशों से उलझ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उसकी सूझबूझ और तत्काल निर्णय ने संभावित बड़ी लूट और जानमाल के नुकसान को टाल दिया। यह घटना व्यापारियों के लिए भी एक चेतावनी है कि संदिग्ध गतिविधि दिखते ही सतर्क रहें।
सलेमपुर लूट का प्रयास फिलहाल पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच से जल्द ही आरोपियों की पहचान हो जाएगी।

विजय बवंडर की तूफानी पारी से यूपी 2 रन से जीता

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बहराइच। अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज क्रिकेट टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम ने रोमांचक मुकाबले में केरल को 2 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। दिल्ली के रौशन आरा क्लब मैदान पर खेले गए इस मैच में गोंडा के मूल निवासी और बहराइच स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में खेल शिक्षक Vijay Pratap Singh ‘बवंडर’ ने 47 गेंदों पर 81 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर जीत की नींव रखी।

अंतिम ओवर तक चला रोमांच

पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश ने 20 ओवर में 185 रन बनाए। विजय बवंडर की आक्रामक बल्लेबाजी के अलावा हिमांशु सिंह ने 21 गेंदों पर 44 रन और कप्तान अभिषेक गुप्ता ने 29 रनों का योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी केरल टीम को यूपी के गेंदबाजों ने 9 विकेट पर 183 रन पर रोक दिया। निर्णायक ओवर में Ayush Pratap Singh की सटीक गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया।

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गेंदबाजी में भी दिखाया दम

विजय बवंडर ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए 4 विकेट झटके। आयुष प्रताप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि शाकिब, हिमांशु सिंह और उपकप्तान राहुल कुमार सिंह ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इस जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने टूर्नामेंट के दूसरे चरण में मजबूती से कदम रखा है। अगले मुकाबले में टीम का सामना उड़ीसा से होगा।

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माह- ए-रमजान शुरू: रोजा और तरावीह की नमाज का सिलसिला आरंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। बरकतों और रहमतों से भरे पवित्र रमजान माह की शुरुआत गुरुवार से हो गई। बुधवार को चांद दिखाई देने के बाद मुस्लिम समुदाय ने पहला रोजा रखा। इसके साथ ही जनपद की मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाने लगी और इबादत का क्रम शुरू हो गया।
रमजान इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान रोजा रखना प्रमुख इबादत माना जाता है। रोजे की शुरुआत सूर्योदय से पहले सहरी करने से होती है और सूर्यास्त तक खाने-पीने से परहेज किया जाता है। शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है, परंपरा के अनुसार खजूर और पानी से रोजा खोलकर नमाज अदा की जाती है।

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रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि आत्मसंयम, धैर्य और आचरण की शुद्धता का अभ्यास भी है। इस दौरान झूठ, क्रोध, चुगली और अनुचित व्यवहार से दूर रहने की सीख दी जाती है। रमजान में पांच वक्त की नमाज के साथ रात में तरावीह की नमाज का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी पवित्र महीने में कुरान शरीफ का अवतरण हुआ था। रमजान को रहमत, मगफिरत और बरकतों का महीना कहा जाता है। यह माह दान, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। लोग जरूरतमंदों की सहायता कर सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं।

1802 से 1947 तक गोरखपुर की ऐतिहासिक कड़ी पर नए शोध का आह्वान

अनछुए अभिलेख खोलेंगे स्वतंत्रता संग्राम के नए पन्ने: राष्ट्रीय संगोष्ठी में मंथन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूंज” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में इतिहास के अनछुए स्रोतों पर गंभीर शोध की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
मुख्य अतिथि उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट आर्काइव में अब भी अनेक महत्वपूर्ण फाइलें सुरक्षित हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े नए तथ्यों और वैकल्पिक नैरेटिव को सामने ला सकता है। उन्होंने विशेष रूप से 1802 से 1837 के बीच गोरखपुर की घटनाओं और नेपाल युद्ध के दौरान इसकी रणनीतिक भूमिका का उल्लेख किया। 1857 के संग्राम में गोरखपुर के तटीय क्षेत्र की भूमिका, राप्ती मार्ग से नेपाल पहुंचे क्रांतिकारियों तथा बंधू सिंह जैसे नायकों को इतिहास में समुचित स्थान देने की आवश्यकता जताई।

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उन्होंने कहा कि 1802 से 1947 तक गोरखपुर केंद्रित अध्ययन में एक क्रमबद्ध ऐतिहासिक कड़ी दिखाई देती है, लेकिन समग्र रूप में इसका इतिहास अभी सामने नहीं आ पाया है। शचिंद्रनाथ सान्याल के क्रांतिकारी नेटवर्क, विशेषकर कोलकाता के आंदोलन से उनके संबंधों पर भी गहन शोध अपेक्षित है। इतिहास लेखन में केवल पश्चिमी शोध प्रविधियों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और स्रोतों पर आधारित दृष्टिकोण विकसित करने की जरूरत बताई गई।
गीता प्रेस पर लिखित एक पुस्तक का संदर्भ देते हुए उन्होंने इतिहास की व्याख्या में तथ्यपरकता और संतुलन की आवश्यकता रेखांकित की। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा गीता प्रेस और हनुमान प्रसाद पोद्दार पर किए जा रहे शोध को भी महत्वपूर्ण बताया।

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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अभिलेखीय प्रदर्शनी को उपयोगी बताते हुए विद्यार्थियों और नगर समाज से इसका अवलोकन करने की अपील की। इतिहास संकलन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंग्रेजों के प्रवेश के साथ ही प्रतिरोध शुरू हो गया था और 1947 तक जारी रहा। उन्होंने माइक्रो-इतिहास लेखन के माध्यम से गुमनाम नायकों को मुख्यधारा में लाने पर बल दिया।
प्रोफेसर अरुप चक्रवर्ती ने 1857 में लखनऊ की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इतिहास लेखन में समग्रता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। परिषद के सदस्य सचिव ओमजी उपाध्याय ने काकोरी के शहीदों और हिंदी साहित्य में निहित राष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डाला।
अतिथियों का स्वागत प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी ने किया, संचालन डॉ. सर्वेश शुक्ला ने तथा आभार डॉ. आशीष कुमार सिंह ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में देशभर से आए इतिहासविद, शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

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राष्ट्रीय संगोष्ठी का द्वितीय सत्र
इसी क्रम में संगोष्ठी का द्वितीय सत्र प्रोफेसर एस. एन. चौबे, अध्यक्ष, इतिहास विभाग, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर एस. एन. चौबे ने इतिहास लेखन में चौरी-चौरा प्रसंग को रेखांकित करते हुए व्यापक सांस्कृतिक इतिहास लेखन पर बल दिया। गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ईस्ट एशियन स्टडीज के प्रोफेसर हृदय नारायण ने संयुक्त आयोजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में भी दोनों विश्वविद्यालयों के संयुक्त तत्वावधान में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
प्रोफेसर राजेश नायक, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा ने कहा कि इतिहास लेखन में केवल आधिकारिक अभिलेख ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक एवं परंपरागत स्रोत भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मौखिक इतिहास, लोक परंपराओं और साहित्यिक स्रोतों को इतिहास लेखन में समाहित करने पर जोर दिया।
द्वितीय सत्र का संचालन इतिहास विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सुनीता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता ने व्यक्त किया।

इतिहास के पन्नों में दर्ज प्रमुख व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि

20 फ़रवरी को हुए निधन: इतिहास के पन्नों में दर्ज प्रमुख व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि


20 फ़रवरी को हुए निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन कई ऐसे महान व्यक्तित्वों ने अंतिम सांस ली, जिन्होंने राजनीति, साहित्य, आध्यात्म और मीडिया जगत में अमिट छाप छोड़ी। 20 फ़रवरी को हुए निधन की यह सूची हमें इतिहास की गहराइयों में ले जाती है और प्रेरणा भी देती है।

अमीन सयानी (निधन: 2024)
अमीन सयानी को ‘आवाज़ के जादूगर’ के नाम से जाना जाता है। वे भारतीय रेडियो इतिहास के पहले लोकप्रिय जॉकी माने जाते हैं। उनका प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला’ दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज करता रहा।
20 फ़रवरी को हुए निधन में उनका नाम आधुनिक भारतीय मीडिया इतिहास की एक बड़ी क्षति के रूप में दर्ज है। उनकी आवाज़ ने रेडियो को घर-घर तक पहुँचाया और मनोरंजन की परिभाषा बदल दी।

औरंगज़ेब (निधन: 1707)
मुग़ल साम्राज्य के छठे शासक औरंगज़ेब का निधन 20 फ़रवरी 1707 को हुआ। उनके शासनकाल में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार अपने चरम पर पहुँचा, किंतु धार्मिक नीतियों को लेकर वे विवादों में भी रहे।
20 फ़रवरी को हुए निधन की ऐतिहासिक घटनाओं में उनका नाम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उनके बाद मुग़ल साम्राज्य के पतन की शुरुआत मानी जाती है।

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शिवनारायण श्रीवास्तव (निधन: 1972)
हिंदी साहित्य के गंभीर अध्ययनशील और मननशील रचनाकार शिवनारायण श्रीवास्तव का निधन 20 फ़रवरी 1972 को हुआ। उनकी रचनाएँ चिंतन, संवेदना और समाज की गहरी पड़ताल के लिए जानी जाती हैं।
20 फ़रवरी को हुए निधन की सूची में उनका योगदान साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

भवानी प्रसाद मिश्र (निधन: 1985)
प्रसिद्ध हिंदी कवि और गांधीवादी विचारक भवानी प्रसाद मिश्र का निधन 20 फ़रवरी 1985 को हुआ। उनकी कविताएँ सहज भाषा, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत थीं।
20 फ़रवरी को हुए निधन के संदर्भ में उनका स्मरण हिंदी साहित्य के लिए विशेष महत्व रखता है।

शरत चन्द्र बोस (निधन: 1950)
स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात नेता शरत चन्द्र बोस का निधन 20 फ़रवरी 1950 को हुआ। वे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के बड़े भाई थे और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
20 फ़रवरी को हुए निधन की ऐतिहासिक सूची में उनका नाम स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ा है।

स्वामी शिवानन्द (निधन: 1934)
रामकृष्ण मिशन के दूसरे संघाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द का निधन 20 फ़रवरी 1934 को हुआ। वे आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सेवा भावना के लिए प्रसिद्ध थे।
20 फ़रवरी को हुए निधन की घटनाओं में उनका नाम आध्यात्म और समाज सेवा की प्रेरणा के रूप में लिया जाता है।
निष्कर्ष
20 फ़रवरी को हुए निधन केवल तारीख नहीं, बल्कि इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय हैं। इन महान व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि हमें उनके योगदान, संघर्ष और उपलब्धियों को याद करने का अवसर देती है। 20 फ़रवरी को हुए निधन की यह ऐतिहासिक सूची समाज, साहित्य, राजनीति और आध्यात्म की विविध धरोहर को दर्शाती है।
Disclaimer
उपरोक्त जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और अभिलेखों के आधार पर संकलित की गई है। किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं; पाठकों से स्वतंत्र सत्यापन का आग्रह है।

श्रद्धांजलि सभा में गूंजा जनसेवा का संकल्प, याद किए गए राम प्रसाद जायसवाल

बरहज में पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की 9वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि


बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बरहज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की 9वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को बरहज स्थित उनके निजी आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर की गई। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल के सामाजिक, राजनीतिक और विकास कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राम प्रसाद जायसवाल ने बरहज विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जो कार्य किए, वे आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

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इस अवसर पर भक्ति रस से ओत-प्रोत संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और लोगों ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को स्मरण किया।
नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि हमें उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाती है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल में राम प्रसाद जायसवाल ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके प्रयासों से बरहज क्षेत्र में कई बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ।
इसी क्रम में श्यामसुंदर जायसवाल ने कहा कि अपने पिता के सपनों को साकार करना ही उनका प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल के आदर्शों पर चलकर क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन मनोज गुप्ता ने किया। इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर आंजनेय दास महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, अलका सिंह, अनिरुद्ध मिश्रा, केशव सिंह पहलवान, भाजपा मंडल अध्यक्ष विवेक गुप्त, रामेश्वर यादव, रमेश तिवारी अंज्जान, संगीता देवी, नीलू यादव, शंभू नाथ तिवारी, अशोक शुक्ला, डॉ. सूरज गुप्ता, बादशाह प्रेमी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की जो नीति अपनाई, वह आज भी प्रासंगिक है।
बरहज विधानसभा क्षेत्र की सम्मानित जनता ने एक स्वर में कहा कि राम प्रसाद जायसवाल का जीवन सादगी, सेवा और संघर्ष का प्रतीक रहा। उनके कार्यों की बदौलत क्षेत्र में जो विकास की नींव रखी गई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने समाज सेवा और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वातावरण में भावुकता और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।