Sunday, May 24, 2026
Home Blog

गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

ईरान-अमेरिका डील पर बड़ा संकेत: ट्रंप बोले- समझौता ‘काफी हद तक’ तय, जल्द हो सकता है ऐलान

Donald Trump ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौते पर “काफी हद तक बातचीत” पूरी हो चुकी है। ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और लंबे संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Pakistan, Turkey, Egypt, Jordan और Bahrain के नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

उन्होंने बताया कि यह संभावित डील United States, Iran और सहयोगी देशों के बीच होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने Benjamin Netanyahu से भी बातचीत की, जो “बहुत अच्छी” रही।

होर्मुज स्ट्रेट खोलना समझौते का अहम हिस्सा

ट्रंप के अनुसार, इस समझौते की अंतिम शर्तों और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा जारी है और जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। उन्होंने कहा कि डील के एक अहम प्रावधान में Strait of Hormuz को खोलना शामिल है, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

पहले ऑपरेशन दोबारा शुरू करने की दी थी चेतावनी

इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिए थे कि यदि बातचीत सफल नहीं होती तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वह इस बात को लेकर “50-50” की स्थिति में थे कि समझौते पर हस्ताक्षर होंगे या सैन्य अभियान दोबारा शुरू करना पड़ेगा।

हालांकि क्षेत्रीय नेताओं के साथ हुई कॉन्फ्रेंस कॉल के बाद माहौल सकारात्मक बताया गया। एक क्षेत्रीय राजनयिक ने कहा कि अरब देशों के नेताओं ने ट्रंप की कूटनीतिक कोशिशों का समर्थन किया है।

अमेरिकी सैन्य दबाव भी बना रहा

इस बीच US Central Command ने दावा किया कि ईरानी बंदरगाहों के आसपास समुद्री नाकेबंदी के दौरान करीब 100 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला गया। बताया जा रहा है कि इस रणनीति का उद्देश्य ईरान पर आर्थिक दबाव बनाना था।

वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पहले कहा था कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को होर्मुज स्ट्रेट बिना टोल के खोलना होगा और अपने समृद्ध यूरेनियम कार्यक्रम पर भी समझौता करना पड़ेगा।

मिट्टी लदी ट्रॉली बनी मौत का कारण, सड़क हादसे में विवाहिता की दर्दनाक मौत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर कोतवाली क्षेत्र के सवना गांव में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय विवाहिता की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार महिला को कुचल दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल फैल गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने चालक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

मृतका की पहचान सपना पत्नी पवन, निवासी ग्राम दरौली थाना भिटौली जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार 23 मई 2026 को करीब 12:30 बजे सपना अपने भाई प्रमोद के साथ बाइक से सवना गांव के रास्ते देऊरवा देवी दुर्गा मंदिर में आयोजित एक पूजन कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही बाइक सवार सवना गांव के दक्षिणी छोर के पास पहुंचे, तभी अंधे मोड़ से अचानक तेज रफ्तार मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने आ गई। बाइक संभलने से पहले ही ट्रॉली ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में सपना सड़क पर गिर गई और ट्रॉली का पहिया उसके सिर पर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और भागने की कोशिश कर रहे चालक को ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित पकड़ लिया। सूचना मिलने पर डायल 112 और सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तथा वाहन और चालक को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया।

हादसे के बाद क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया। स्थानीय लोगों ने मिट्टी लदी ट्रॉलियों के बेलगाम संचालन और अवैध खनन को हादसे का प्रमुख कारण बताया।

ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में दिन-रात तेज रफ्तार मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ती रहती हैं, लेकिन प्रशासन और खनन विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों के चल रहे वाहन आए दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध खनन पर रोक और मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है। घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल है।

यूपी में सस्ते टेंडर डालने वालों पर शिकंजा, खराब निर्माण पर 2 साल बैन

यूपी पीडब्ल्यूडी में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: 15% से ज्यादा कम बोली लगाने वालों पर सख्ती, खराब काम पर 2 साल का डिबार


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने नई निविदा निस्तारण प्रक्रिया लागू करते हुए कम दरों पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी और अतिरिक्त परफारमेन्स सिक्योरिटी की व्यवस्था लागू कर दी है।
प्रमुख सचिव अजय चौहान द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि अब 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों में अत्यधिक कम दर पर बोली लगाने वाले ठेकेदारों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य होगी। खराब गुणवत्ता मिलने पर संबंधित ठेकेदार को दो वर्षों के लिए डिबार किया जाएगा और उसकी निविदा निरस्त कर दोबारा टेंडर जारी होगा।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई ठेकेदार आगणित लागत से 10 प्रतिशत तक कम बोली लगाता है तो उसे अतिरिक्त परफारमेन्स सिक्योरिटी नहीं देनी होगी। लेकिन 10 से 15 प्रतिशत तक कम दर पर बोली लगाने पर लागत अंतर का 50 प्रतिशत, 15 से 20 प्रतिशत तक कम बोली पर 100 प्रतिशत तथा 20 प्रतिशत से अधिक कम बोली लगाने पर 150 प्रतिशत अतिरिक्त परफारमेन्स सिक्योरिटी जमा करनी होगी।
शासनादेश के अनुसार 15 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों के पहले से चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। लोक निर्माण विभाग में ऐसे ठेकेदारों के सबसे कम दर पर हुए अनुबंधों का चयन कर मुख्य अभियन्ता स्तर से जांच होगी। यदि निर्माण गुणवत्ता खराब मिली तो कारण बताओ नोटिस जारी कर दो वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
अन्य विभागों में कार्य कर रहे ठेकेदारों के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं। अब उन्हें अपने सभी निर्माणाधीन कार्यों और अद्यतन बिड कैपेसिटी की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। यदि कोई ठेकेदार जानकारी छिपाता पाया गया तो अनुबंध निरस्त कर सामान्य एवं अतिरिक्त परफारमेन्स सिक्योरिटी जब्त कर ली जाएगी।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन ठेकेदारों के किसी विभाग में 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत के कार्य चल रहे हैं या पिछले दो वर्षों में पूरे हुए हैं, उन्हें संबंधित विभाग के मुख्य अभियन्ता स्तर के अधिकारी से गुणवत्ता प्रमाणपत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
नई प्रक्रिया में ई-टेंडरिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए समान दरों वाली निविदाओं के चयन हेतु “प्रहरी एप्लीकेशन” के रैण्डमाइजेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष मानी जा रही है।
5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले कार्यों के लिए भी लगभग इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि इनमें तकनीकी मूल्यांकन स्थानीय निविदा समिति स्तर पर ही किया जाएगा और अन्य विभागों के कार्यों का संज्ञान नहीं लिया जाएगा।
शासन ने सभी आयुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य अभियन्ताओं तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। माना जा रहा है कि इस नई नीति से फर्जी प्रतिस्पर्धा, अव्यावहारिक कम दरों और घटिया निर्माण पर प्रभावी रोक लगेगी तथा सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

गगहा में सड़क हादसा, एक की मौत

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गगहा थाना क्षेत्र के बड़गो मोड़ के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अमूल दूध की गाड़ी और एक बाइक के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही गगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल

पेट्रोल-डीजल की किल्लत से बढ़ी किसानों की चिंता, धान की बुआई और सिंचाई पर संकट

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर विकास क्षेत्र में लगातार गहराती पेट्रोल और डीजल की किल्लत अब किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। एक तरफ पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम लोगों की जेब पर असर डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध न होने से खेती-किसानी का कार्य प्रभावित होने लगा है। धान की नर्सरी और खेतों की जुताई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरण ठप पड़ने लगे हैं।
क्षेत्र के ग्राम मधवापुर निवासी नमस्तुते पाण्डेय ने बताया कि धान की बुआई का समय आ गया है, लेकिन पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं होने से ट्रैक्टर खड़े हैं और खेतों की जुताई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि समय पर खेत तैयार नहीं होने से फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
वहीं ग्राम चांदपलिता निवासी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो चुका है। डीजल के अभाव में किसानों को सिंचाई करने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि धान का बीज डालने का समय नजदीक है, लेकिन ईंधन संकट के कारण खेती का पूरा काम प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय किसान निखिल द्विवेदी का कहना है कि यदि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम इसी प्रकार बढ़ते रहे और किल्लत बनी रही तो खेती करना किसानों के लिए और मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के कारण छोटे और मध्यम किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार सलेमपुर क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र के इंडिया ऑयल ग्रामीण वितरण केंद्र बालपुर कला, ग्रामीण वितरण केंद्र मगहरा, जमुआ स्थित पेट्रोल पंप तथा महादहा समेत कई पंपों पर ईंधन खत्म होने से पंप बंद पड़े हैं। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ किसान भी भारी परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन न मिलने के कारण लोगों को कई किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द क्षेत्र में डीजल और पेट्रोल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि खेती-किसानी का कार्य प्रभावित न हो और किसानों को राहत मिल सके।

कोरोना के बाद अब इबोला का डर, WHO अलर्ट से दुनिया में बढ़ी बेचैनी

इबोला का नया वैश्विक खतरा: कोरोना के बाद फिर दहशत की आहट, WHO अलर्ट के बाद दुनिया सतर्क

गोदिया। कोरोना महामारी की भयावह यादें अभी पूरी तरह धुंधली भी नहीं हुई थीं कि दुनिया के सामने एक बार फिर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की आशंका गहराने लगी है। अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस संक्रमण ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों, वैज्ञानिकों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न” घोषित कर दिया है।
इबोला के बढ़ते मामलों के बीच भारत और अफ्रीकी संघ ने 28 से 31 मई 2026 तक नई दिल्ली में प्रस्तावित चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया इस खतरे को बेहद गंभीरता से ले रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार चिंता का कारण इबोला वायरस का दुर्लभ “बुंडीबुग्यो स्ट्रेन” है, जिसके लिए अभी तक कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत वैक्सीन या सुनिश्चित उपचार उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि वैज्ञानिक समुदाय इसे केवल अफ्रीका तक सीमित बीमारी नहीं, बल्कि संभावित वैश्विक चुनौती के रूप में देख रहा है।
युगांडा की राजधानी कम्पाला सहित कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संदिग्ध मामलों की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि WHO ने अभी इसे महामारी घोषित नहीं किया है, लेकिन संक्रमण की तेज रफ्तार और इसकी उच्च मृत्यु दर ने पूरी दुनिया को अलर्ट मोड में ला दिया है।
इबोला वायरस पहली बार वर्ष 1976 में अफ्रीका के ज़ैरे (अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो) और सूडान में सामने आया था। वर्ष 2014-16 में पश्चिमी अफ्रीका में फैले इबोला संकट ने वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया था। उस समय हजारों लोगों की मौत हुई थी और कई देशों की स्वास्थ्य प्रणालियां चरमरा गई थीं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इबोला मुख्य रूप से संक्रमित जंगली जानवरों, खासकर फ्रूट बैट यानी चमगादड़ों से इंसानों में पहुंचता है। इसके बाद संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी, मल या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से संक्रमण तेजी से फैलता है। यह वायरस हवा से नहीं फैलता, लेकिन संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वाले लोग, स्वास्थ्यकर्मी और अंतिम संस्कार में शामिल लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
इबोला के लक्षण बेहद गंभीर होते हैं। संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर मामलों में शरीर के अंदरूनी हिस्सों में रक्तस्राव शुरू हो जाता है और मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है। WHO के अनुसार विभिन्न स्ट्रेनों में इसकी मृत्यु दर 30 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक देखी गई है। वर्तमान बुंडीबुग्यो स्ट्रेन में भी मृत्यु दर 30 से 50 प्रतिशत के बीच मानी जा रही है।
अफ्रीका में अब तक सैकड़ों संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं और 130 से अधिक मौतों की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक आंकड़े इससे अधिक हो सकते हैं क्योंकि कई दूरदराज इलाकों में मेडिकल रिपोर्टिंग और जांच व्यवस्था सीमित है।
भारत सरकार ने भी इस खतरे को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर विशेष स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। दिल्ली सहित देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। यात्रियों के यात्रा इतिहास की जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तत्काल स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, लैब टेस्टिंग और इमरजेंसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार किसी भी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और वन्यजीव क्षेत्रों में बढ़ते मानव हस्तक्षेप के कारण ऐसे वायरसों का खतरा बढ़ रहा है। कोरोना, निपाह, सार्स और इबोला जैसी बीमारियां इसी पर्यावरणीय असंतुलन की चेतावनी मानी जा रही हैं।
दुनिया के लिए सबसे बड़ा सबक यही है कि संक्रमण को शुरुआती चरण में नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। वैश्विक सहयोग, वैज्ञानिक निगरानी, सीमाओं पर सतर्कता और जनजागरूकता ही इस खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी रास्ता माना जा रहा है।
फिलहाल भारत में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वैश्विक यात्रा और आपसी संपर्क के इस दौर में कोई भी देश पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इबोला का मौजूदा संकट एक बार फिर यह याद दिला रहा है कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा केवल किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 

जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम बना पूर्वांचल के सपनों का नया मंच

हजार आवेदन, 140 सपने और पूर्वांचल की नई उड़ान: जागृति इन्क्यूबेशन कोहोर्ट 2026-27 का भव्य शुभारंभ


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल में उद्यमिता की नई ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को नई दिशा देने के उद्देश्य से बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में शुक्रवार को जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम 2026-27 के नए कोहोर्ट का भव्य शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और पारंपरिक तिलक के साथ उद्यमियों का स्वागत किया गया तो बरगद सभागार उत्साह, उम्मीद और नए विचारों से जीवंत नजर आया।
करीब एक हजार आवेदनों में से चयनित 140 उद्यमियों ने इस कोहोर्ट में जगह बनाई है। देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर, महाराजगंज, बलिया और मऊ समेत सात जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों के चेहरे पर अपने सपनों को कारोबार में बदलने का आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाएं, महिला उद्यमिता, हस्तशिल्प और स्थानीय नवाचार जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवा अब एक वर्ष तक जागृति के मार्गदर्शन में अपने व्यवसाय को नई पहचान देने की तैयारी करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Shashank Mani ने कहा कि भारत की वास्तविक आर्थिक ताकत हमेशा उद्यमिता रही है। उन्होंने कहा कि केवल नौकरी आधारित सोच देश की संभावनाओं को सीमित करती है, जबकि उद्यम समाज और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाने की शक्ति रखता है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को रोजगार और परिवर्तन का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
जागृति के सीईओ Ashutosh Kumar ने कहा कि चयनित उद्यमियों को केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके विजन और सोच के आधार पर चुना गया है। उन्होंने अनुशासन, निरंतर संवाद और सहयोग को सफल उद्यमिता की सबसे महत्वपूर्ण शर्त बताया।
इन्क्यूबेशन डायरेक्टर Vishwas Pandey ने कार्यक्रम के 7M आधारित इन्क्यूबेशन मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एसटीईपी पार्टनरशिप प्रमुख Gunjan Verma ने महिला नेतृत्व और उद्यम विकास पर विशेष सत्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान “मध्य भारत में व्यापार की चुनौतियां” और “निवेशकों के साथ वित्तीय परिचय” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में सीए विजय लाढा, अभिलेख वर्मा, सर्वेश पांडेय, तरुण आर्य, रवि कुमार और सूर्या मिश्रा ने बाजार, निवेश और व्यवसाय विस्तार से जुड़े अनुभव साझा किए। सीए जतिन श्रीवास्तव ने बिजनेस हाइजीन और व्यवसायिक अनुशासन पर मार्गदर्शन दिया।
विशेष आकर्षण रही Shradha Sharma के साथ आयोजित फायरसाइड चैट, जिसमें महिला नेतृत्व, नवाचार और नए भारत में उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम पूर्वांचल के उद्यमियों को एक वर्ष तक संरचित प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बाजार रणनीति, ब्रांडिंग, नेटवर्किंग और निवेश तैयारी से जोड़ने वाला मॉडल है। कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को डिजिटल टूल्स, आईपीआर, जीआई टैग, पेटेंट, सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। जागृति का मानना है कि यह पहल स्थानीय उद्यमों की आय, बाजार पहुंच और रोजगार सृजन क्षमता को नई गति देगी।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात सुधार पर जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह मौजूद रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने एनएचएआई मार्ग के किनारे झाड़ियों की सफाई, पटरी एवं नाली मरम्मत तथा अवैध कट्स के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई प्रतिनिधि को जनपद में क्रेन व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को गलत दिशा में चलने वाले तथा नो-पार्किंग में खड़े वाहनों के खिलाफ नियमित जांच और चालान अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रालियों समेत मालवाहक वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम पट्टी लगाने का अभियान चलाने को कहा, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
बैठक में मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने और सड़क सुरक्षा संकेतकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रम्बल स्ट्रिप बनाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तथा नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि सभी स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए तथा परमिट और फिटनेस की नियमित जांच हो। अनफिट वाहनों का चालान कर संचालन बंद कराने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत ब्रेकर और कट्स से पहले साइनेज बोर्ड एवं स्पीड नियंत्रित करने संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाने पर जोर दिया। शहर में टैक्सी स्टैंड के सुचारू संचालन के लिए एआरटीओ और नगर पालिका अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, उप जिलाधिकारी मेहदावल अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी धनघटा रविकांत चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार, जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र मिश्रा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण आर.के. पांडेय, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

एक साथ आठ देशों के मेडिकल विश्वविद्यालयों में मिला प्रवेश, रिशांग ने बढ़ाया गोरखपुर का मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के पादरी बाजार क्षेत्र स्थित मानस विहार कॉलोनी के छात्र रिशांग श्रीवास्तव ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें यूके, रूस, चीन, जॉर्जिया, उज़बेकिस्तान, कजाकिस्तान, नेपाल और किर्गिस्तान के मेडिकल विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर मिला है। खास बात यह है कि उन्हें फीस में 82 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप भी प्राप्त हुई है।
गुरुवार देर रात परिणाम घोषित होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल छा गया। माता-पिता ने बेटे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। रिशांग ने ऑल इंडिया स्तर पर 1027वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।
परीक्षा का आयोजन एकेड फ्लाई एजेंसी द्वारा 4 मई को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) माध्यम से ऑनलाइन कराया गया था, जिसमें छात्रों को 60 मिनट में 60 प्रश्न हल करने थे। परीक्षा में देशभर से करीब 8 लाख छात्र शामिल हुए थे। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच रिशांग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की।
रिशांग श्रीवास्तव के पिता बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में सीनियर एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। बेटे की सफलता से परिवार के साथ ही क्षेत्र के लोगों में भी खुशी का माहौल है।
रिशांग ने अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई एकेडमिक ग्लोबल स्कूल, जंगल धूषड़ से पूरी की थी, जबकि इंटरमीडिएट की शिक्षा डॉन बॉस्को स्कूल से प्राप्त की। शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे रिशांग का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
अपनी सफलता पर रिशांग ने कहा कि यह उपलब्धि माता-पिता के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सहयोग और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

बकरीद परंपरागत तरीके से मनाएं, नई परंपरा की न हो शुरुआत: डीएम

सोशल मीडिया पर भ्रामक फोटो-वीडियो डालने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: एसपी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के दृष्टिगत सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा त्योहार को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने धार्मिक प्रबुद्धजनों, संभ्रांत नागरिकों एवं शांति समिति के सदस्यों से संवाद करते हुए अपील की कि बकरीद का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया जाए तथा किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पूर्व वर्षों से कुर्बानी दी जाती रही है, वहीं परंपरा कायम रखी जाए। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए और किसी भी स्थिति में खुले में कुर्बानी न हो। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुर्बानी के बाद अपशिष्ट एवं अवशेष खुले में न फेंके जाएं। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि नमाज के मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर जर्जर तारों को समय रहते ठीक कराया जाए तथा त्योहार के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी एवं नगर निकायों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने उपजिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहार के दौरान सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और किसी प्रकार की लापरवाही न होने पाए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास विशेष साफ-सफाई, चूने का छिड़काव एवं जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुर्बानी के बाद अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी का फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि त्योहार के दौरान निरंतर भ्रमणशील रहकर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें। धार्मिक संवेदनशील मामलों में माहौल बिगाड़ने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी जनपदवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, उप जिलाधिकारी हृदय राम तिवारी, अरुण कुमार, रविकांत चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पांडेय, अभय मिश्रा, अमित कुमार, नगर पंचायत मगहर अध्यक्ष प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, सभासद अवधेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश चंद्र, जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र मिश्रा, एसडीओ विद्युत अनंत यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

नदी में नहाते समय दो किशोर डूबे मचा कोहराम तलाश जारी

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार को मोहन सेतु के पास सरयू नदी में नहाने गए तीन किशोरों में से दो डूब गये, जबकि एक किशोर को ग्रामीणों ने बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर के लगभग तीन किशोर निर्माणाधीन मोहन सेतु के पास सरयू नदी में स्नान करने के लिए पहुंचे और तीनो नहाने लगे तभी अचानक दो किशोरों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए।
डूबने वाले किशोरों की पहचान अर्पित राजभर, उम्र 11 वर्ष, पुत्र पवन राजभर और अमन राजभर, उम्र 12 वर्ष, पुत्र बबलू राजभर के रूप में हुई है। दोनों किशोर पानी में डूब गए। वहीं तीसरा किशोर सुधीर राजभर, उम्र 14 वर्ष, पुत्र सोमनाथ राजभर को आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बचा लिया।
डूब रहे किशोरो की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँच गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों किशोरों की तलाश शुरू कर दी, जबकि एक को आस पास के लोगो ने बचा लिया।

खेलते-खेलते मौत के मुंह में समाया मासूम, 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक हादस

हाइटेंशन लाइन बनी जानलेवा, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के निचलौल क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निचलौल ब्लॉक अंतर्गत बंदी विशुनपुरा ग्राम सभा के विशुनपुरा गांव स्थित काली मंदिर के पास 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 12 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान रघुवीर चौहान पुत्र राम करन चौहान निवासी विशुनपुरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम रघुवीर गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह मंदिर के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आस-पास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां बदहवास होकर बार-बार बेटे को पुकारती रही, जबकि पिता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि गांव के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की लाइन काफी समय से नीचे झूल रही थी। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गांव में झूल रही जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

गोरखपुर की गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख का जुर्माना

उपभोक्ताओं को रात भर गोदाम पर रुकने को किया मजबूर—बीपीसीएल की सख्त कार्रवाई

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने गंगा गैस एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने एजेंसी पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी न करने, वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था फैलाने और मनमानी करने के आरोपों के चलते की गई है।
जानकारी के मुताबिक, गंगा गैस एजेंसी के खिलाफ लंबे समय से उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में प्रमुख रूप से यह सामने आया कि एजेंसी जानबूझकर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा नहीं दे रही थी। इसके बजाय लोगों को एजेंसी और गैस गोदाम के बाहर लंबी लाइनों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
एजेंसी की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर पाने के लिए रात में ही गोदाम के बाहर पहुंचकर इंतजार करना पड़ता था। लोग शाम से ही लाइन में लग जाते थे और पूरी रात खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होते थे, ताकि सुबह नंबर लग सके। इसके बावजूद, जब वितरण शुरू होता था तो कई उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता था कि गैस खत्म हो गई है या स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले लोग इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। पूरी रात इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटना उनके लिए न केवल समय और पैसे की बर्बादी थी, बल्कि मानसिक और शारीरिक परेशानी का कारण भी बन रहा था। उपभोक्ताओं ने इसे अमानवीय स्थिति बताते हुए कई बार शिकायत दर्ज कराई।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और वितरण में पारदर्शिता न बरतने के भी आरोप लगे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी द्वारा कृत्रिम रूप से लाइन लगवाकर वितरण किया जा रहा था, जो कंपनी के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
बीपीसीएल द्वारा की गई जांच में शिकायतों को सही पाया गया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि एजेंसी ने कंपनी के नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है तथा उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरती है। विशेष रूप से होम डिलीवरी जैसी बुनियादी सुविधा में कोताही को कंपनी ने गंभीर ‘मिसकंडक्ट’ माना।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को समयबद्ध और सुविधाजनक होम डिलीवरी उपलब्ध कराई जाए। इसके बावजूद गंगा गैस एजेंसी द्वारा इन निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी के इस रवैये से वे लंबे समय से परेशान थे। कई बार शिकायत करने के बावजूद जब सुधार नहीं हुआ, तब मामला कंपनी के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। अब इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई अन्य गैस एजेंसियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि उपभोक्ता हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनियां अब सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रही हैं।
बीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी एजेंसी द्वारा इस तरह की लापरवाही दोहराई जाती है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने तक का प्रावधान शामिल है।
कुल मिलाकर, गंगा गैस एजेंसी पर लगाया गया 33 लाख रुपये का जुर्माना न केवल एक दंडात्मक कार्रवाई है, बल्कि यह एक सख्त चेतावनी भी है कि उपभोक्ताओं को परेशान करने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।

हीट वेव को लेकर अलर्ट, एडीएम ने जारी किए बचाव संबंधी दिशा-निर्देश

बलिया(राष्ट्र कि परम्परा )

जनपद में लगातार बढ़ रही गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने आमजन से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक गंभीर रूप ले सकता है और इससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस या अधिक बना रहता है, तो उसे हीट वेव कहा जाता है। वहीं विश्व मौसम संगठन के अनुसार यदि तापमान लगातार पांच दिनों तक सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहे अथवा दो दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहे, तो वह हीट वेव की स्थिति मानी जाती है। उन्होंने कहा कि 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर मानव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है।उन्होंने बताया कि तेज धूप और गर्म हवाओं के लंबे समय तक संपर्क में रहने से लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर खतरा और अधिक बढ़ जाता है। शराब का सेवन करने वाले, हृदय रोगी, मधुमेह के मरीज, बुजुर्ग और मोटापे से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में गर्म और लाल त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी जैसा महसूस होना, भ्रम की स्थिति तथा पेशाब कम होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने लोगों से अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय टोपी, छाता और चश्मे का उपयोग करने को कहा है। यात्रा के दौरान पानी साथ रखने और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ तथा लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। खुले में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को सिर व शरीर ढककर रखने तथा बीच-बीच में आराम करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचने, बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने तथा बासी भोजन, शराब, अधिक चाय और कॉफी से परहेज करने की अपील की है।

योगदान न देने वाले लेखपालों का रुकेगा वेतन, 32 का तबादला

बलिया (राष्ट्र कि परम्परा )

जनपद में राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित लेखपालों से विकल्प प्राप्त कर प्रथम सूची में कुल 32 लेखपालों का स्थानांतरण किया गया। इनमें 14 महिला लेखपाल भी शामिल हैं, जबकि 18 लेखपालों का पारस्परिक आधार पर तबादला किया गया है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी लेखपाल का स्थानांतरण उसकी गृह तहसील में नहीं किया जाएगा। साथ ही जिस तहसील में वह पूर्व में तैनात रह चुका है, वहां पुनः तैनाती नहीं दी गई है। इसके अलावा जिन तहसीलों में संबंधित लेखपालों के विरुद्ध पूर्व में दंडात्मक कार्रवाई हुई थी, उन तहसीलों में भी पोस्टिंग से बचा गया है। डीएम ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई है ताकि राजस्व कार्यों में तेजी लाई जा सके और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि 22 मई को ही संबंधित लेखपालों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया जाए तथा सभी स्थानांतरित लेखपाल उसी दिन अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर योगदान आख्या प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई लेखपाल निर्धारित तिथि पर योगदान नहीं करता है तो उस दिन का वेतन देय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व विभाग में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण, जनता की समस्याओं के समाधान तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा सहित जनपद की सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस स्थानांतरण प्रक्रिया से राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।