Wednesday, July 1, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

गीता की दृष्टि में सात्त्विक विवेक: कर्तव्य, धर्म और मोक्ष का मार्ग

  • दिलीप कुमार अग्रवाल

विवेक को बुद्धि, ज्ञान, प्रज्ञा, सूझबूझ अथवा समझदारी भी कहा जाता है। धरती के सभी प्राणियों में विवेक की सबसे अधिक मात्रा मनुष्य के पास है। श्रीमद्भगवद्गीता में विवेक, उसकी मात्रा तथा उसके प्रकारों का विस्तृत वर्णन मिलता है। विवेक के तीन प्रमुख प्रकार बताए गए हैं— सात्त्विक विवेक, राजसी विवेक तथा तामसी विवेक।

सबसे पहले सात्त्विक विवेक के संबंध में गीता का कथन देखिए—

प्रवृत्तिं च निवृत्तिं च कार्याकार्ये भयाभये।
बन्धं मोक्षं च या वेत्ति बुद्धिः सा पार्थ सात्त्विकी।। (गीता 18/30)

अर्थात् सात्त्विक विवेक उसे कहते हैं जो यह भेद करना जानता हो कि किस बात में प्रवृत्ति अर्थात् मन का लगाव, झुकाव अथवा अभिरुचि होनी चाहिए और किस बात में निवृत्ति अर्थात् विरक्ति, अलगाव, मुक्ति, त्याग अथवा परहेज को प्राथमिकता देनी चाहिए। कौन-सा कार्य कर्तव्य है और कौन-सा अकर्तव्य; किस बात से भय करना उचित है और कहाँ भय की आवश्यकता नहीं है; कौन-सा बन्धन मनुष्य को बाँधता है और कौन-सा मोक्ष प्रदान करता है।

विवेक की इस परिभाषा में ज्ञान तथा सही-गलत का निर्णय करने की शक्ति दोनों सम्मिलित हैं। ज्ञान सही भी हो सकता है और गलत भी, किंतु विवेक मनुष्य को सही ज्ञान तक पहुँचने की क्षमता प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, शीत ऋतु में अंगीठी से गर्मी प्राप्त होने तथा बर्फ से ठंडक मिलने का ज्ञान सभी को होता है, परंतु विवेक ही यह निर्णय कराता है कि जीवन की रक्षा के लिए कब और कहाँ जाना उचित है।

गृहस्थ धर्म एवं राजधर्म को अनेक विद्वान निवृत्ति मार्ग से भिन्न मानते हैं, क्योंकि इनके पालन में मोह, दुःख और पथभ्रष्ट होने की संभावना रहती है। किंतु राजा जनक ने इन्हीं कर्तव्यों को अपने लिए प्रवृत्ति मार्ग का धर्म स्वीकार किया। उन्होंने फल और आसक्ति का त्याग करते हुए राजधर्म का पालन किया, जिससे लोकशिक्षा और लोक-आदर्श की स्थापना हुई। स्पष्ट है कि विवेक के माध्यम से मनुष्य अपने कर्तव्य का निर्धारण कर सकता है। एक बार जब कर्तव्य का सही निर्णय हो जाता है, तब वही उसका धर्म बन जाता है और उसका मन दृढ़ तथा स्थिर हो जाता है।

इसके बाद गीता में कहा गया है—

व्यवसायात्मिका बुद्धिरेकेह कुरुनन्दन।
बहुशाखा ह्यनन्ताश्च बुद्धयोऽव्यवसायिनाम्।। (गीता 2/41)

अर्थात् जिसकी बुद्धि प्रमाण-जनित विवेक से युक्त है, उसका निश्चय दृढ़ होता है। वह स्थिरचित्त रहता है, उसके लक्ष्य स्पष्ट होते हैं तथा कर्तव्य के प्रति उसमें कोई भ्रम नहीं रहता। इसके विपरीत, जिनके पास प्रमाण-जनित विवेक नहीं होता, उनकी बुद्धि अनेक शाखाओं में बँटी रहती है। वे अनन्त इच्छाओं के कारण उचित और अनुचित का निर्णय नहीं कर पाते तथा जीवन में भटकते रहते हैं।

इस श्लोक में विवेक की शक्ति के अंतर्गत तर्क एवं प्रमाणों के आधार पर भेद करने की क्षमता को सम्मिलित बताया गया है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने अपने गीता-भाष्य में लिखा है कि प्रमाण-जनित विवेक-बुद्धि ही मनुष्य को सत्य का बोध कराती है। जब यह विवेक पूर्ण रूप से विकसित हो जाता है, तब अज्ञान का नाश होता है और संसार-बन्धन से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

प्रमाण-जनित विवेक वह शक्ति है जिसके द्वारा किसी तथ्य को तर्क, प्रयोग, आप्तवचन, स्वयं सिद्ध कथनों अथवा स्वीकृत सिद्धांतों के आधार पर परखा और प्रमाणित किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप मनुष्य में अपने कर्तव्यों के प्रति निश्चयात्मक बुद्धि का विकास होता है तथा वह भ्रम से मुक्त होकर धर्मानुकूल आचरण करता है।

श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय के श्लोक 42–43 में बताया गया है कि जो लोग प्रमाण और तर्क से युक्त विवेक का आश्रय नहीं लेते, वे वेदों के ज्ञाता होने पर भी वास्तविक ज्ञान से वंचित रहते हैं। उनमें निश्चयात्मक बुद्धि का अभाव होता है। ऐसे लोग भड़कीले कर्मकाण्डों तथा उनके फलों के प्रति अधिक आकर्षित रहते हैं। स्वर्ग की प्राप्ति, भोग-विलास तथा इन्द्रिय-सुख की कामना उनके जीवन का उद्देश्य बन जाती है।

इसके विपरीत, तर्कसंगत और प्रमाण-आधारित विवेक मनुष्य को निष्काम कर्मयोग, भक्ति तथा लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यही सात्त्विक विवेक मनुष्य को कर्तव्य, धर्म और मोक्ष का यथार्थ ज्ञान कराता है तथा उसके जीवन को संतुलित, सार्थक और आदर्श बनाता है।

(लेखक बिहार प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी हैं।)

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं, हर नागरिक एक पौधे का ले संकल्प : हरित सारथी नवनीत मिश्र

लखनऊ/संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश वन एवं वन्यजीव विभाग के हरित सारथी नवनीत मिश्र ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति और वृक्षों को सदैव पूजनीय माना गया है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो उत्तर प्रदेश को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण संतुलित बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण और पौधों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
हरित सारथी नवनीत मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा संचालित हरित अभियानों में विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी उत्साहजनक है। जनसहभागिता के माध्यम से ही पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सफल होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
उन्होंने गणमान्य नागरिकों से अपील की कि अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पारिवारिक आयोजनों तथा अन्य विशेष अवसरों पर पौधारोपण को परंपरा बनाएं। घर, विद्यालय, कार्यालय, गांव और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखें। यही सच्ची पर्यावरण सेवा और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

डीडीयू के विभिन्न पाठ्यक्रमों के चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 के विभिन्न पाठ्यक्रमों के सेमेस्टर परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुलपति के आदेश पर 30 जून 2026 को बीजेएमसी प्रथम सेमेस्टर, एलएलबी चौथे सेमेस्टर, एमएससी एग्रीकल्चर चौथे सेमेस्टर, एमएससी रसायन विज्ञान चौथे सेमेस्टर, एमएफए (स्कल्प्चर) चौथे सेमेस्टर तथा एमए इन योगा चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी संबंधित छात्र-छात्राएं अपना परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.ddugu.ac.in पर देख सकते हैं।

कार्य परिषद की बैठक में तीन प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस और नई नियुक्तियों को मंजूरी, 25 शिक्षक बने वरिष्ठ आचार्य

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में ललित कला एवं संगीत विभाग में सांसद रवि किशन शुक्ला तथा वाणिज्य विभाग में उद्योगपति सी. पी. अग्रवाल और अतुल सर्राफ को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में सांख्यिकी विभाग में सहयुक्त आचार्य पद पर डॉ. अशोक कुमार पाठक तथा समाजशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य पद पर डॉ. पूजा त्रिपाठी और विनय कुमार गुप्ता की नियुक्ति के चयन का भी अनुमोदन किया गया।
कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय के 11 विभागों में कार्यरत 25 आचार्यों को वरिष्ठ आचार्य पद पर पदोन्नति देने की भी स्वीकृति प्रदान की। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में नियुक्त विशेषज्ञों के व्यावहारिक अनुभव तथा नव नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों की विशेषज्ञता से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बैठक में विश्वविद्यालय के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक और नीतिगत विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

डीएम ने पेयजल योजनाओं की समीक्षा की, जुलाई तक 44 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जल निगम ग्रामीण एवं कार्यदायी संस्थाओं ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 461 पेयजल योजनाओं के तहत 492 ट्यूबवेल के सापेक्ष 485 की बोरिंग पूरी हो चुकी है। इनसे 802 राजस्व ग्रामों में शिरोपरि जलाशय एवं सीधे पंप के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। साथ ही 863 राजस्व ग्रामों में रोड रेस्टोरेशन का कार्य पूरा हो चुका है। 461 योजनाओं में से 95 योजनाएं पूर्ण होकर अनुरक्षण में जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने जुलाई तक 44 एकल एवं बहुग्राम पेयजल योजनाओं (एसवीएस एवं एमवीएस) को पूरा करने का लक्ष्य कार्यदायी संस्थाओं को दिया।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने सभी योजनाओं में गुणवत्ता के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विवादित भूमि एवं पहुंच मार्ग से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के लिए उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में परसामाफी पेयजल योजना की जलापूर्ति बाधित होने का मामला भी उठा। कार्यदायी संस्था ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान मुख्य पाइप क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति बंद हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने पाइपलाइन तत्काल ठीक कराने तथा व्यय की मांग लोक निर्माण विभाग से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने धीमी प्रगति वाली योजनाओं में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराकर कार्य तेज करने, नियमित मॉनिटरिंग और स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जल निगम ग्रामीण के अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

आम तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरा युवक, उपचार से पहले ही मौत

बलईखोर गांव में हादसे के बाद मातम, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के बलईखोर गांव में मंगलवार सुबह आम तोड़ने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पेड़ से नीचे गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल युवक को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान पप्पू यादव (35 वर्ष) पुत्र संत यादव, निवासी ग्राम बलईखोर, थाना कोठीभार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 9:20 बजे वह आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी ऊंचाई से नीचे आ गिरे। गिरने से उनके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आस-पास मौजूद ग्रामीण और परिजन तत्काल उन्हें उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाने लगे।
घटना की सूचना सुबह करीब 10:30 बजे मेमो के माध्यम से कोठीभार पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं, लेकिन हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
थानाध्यक्ष कोठीभार अखिलेश वर्मा ने बताया कि घटना के संबंध में अभी तक मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।

मानसून की पहली बारिश में उजागर हुई श्यामदेंउरवा चौराहे की बदहाल जल निकासी व्यवस्था

जाम नालियों से सड़क पर फैला गंदा पानी, एक वर्ष से टूटा पड़ा स्लैब बना हादसों का कारण; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानसून की दस्तक के साथ ही श्यामदेंउरवा चौराहे की बदहाल जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जाम नालियों के कारण गंदा पानी मुख्य सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो लगातार होने वाली बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार चौराहे पर मार्कण्डेय के घर के सामने नाली पर रखा स्लैब पिछले लगभग एक वर्ष से टूटा पड़ा है। इसके कारण पैदल राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी जोखिम उठाना पड़ता है। कई बाइक सवार भी इस स्थान पर असंतुलित होकर गिर चुके हैं, लेकिन अब तक संबंधित विभाग ने इसकी मरम्मत कराना उचित नहीं समझा।
श्यामदेंउरवा चौराहा रामपुर, रामपुर चकिंया, बरईठवा, खपरदिंकवा, लक्ष्मीपुर, बेलवा, नन्दना, सोनवल और मंसूरगंज सहित दर्जनों गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। सड़क पर जमा गंदा पानी लोगों की आवाजाही में बाधा बन रहा है। साथ ही दुर्गंध और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से नालियों की नियमित सफाई, टूटे स्लैब के निर्माण तथा स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सफाईकर्मी समय-समय पर नालियों की सफाई तो करते हैं, लेकिन निकाला गया कचरा नाली के किनारे ही छोड़ दिया जाता है। कुछ ही दिनों में वही कचरा दोबारा नालियों में पहुंच कर जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह बाधित कर देता है। रुके हुए पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि श्यामदेंउरवा चौराहे की जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, टूटे हुए स्लैब को शीघ्र बदला जाए तथा नालियों की वैज्ञानिक एवं नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जनहित में आंदोलन करने के लिए वे बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

बिजली विभाग का बड़ा अभियान: 25 बकायेदारों के कनेक्शन काटे, डेढ़ लाख रुपये की वसूली

ओवरलोड पर बिजली उपयोग करने वाले चार उपभोक्ता चिह्नित, बिजली चोरी रोकने को रात्रिकालीन विशेष टीम गठित

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में राजस्व वसूली बढ़ाने और विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से बिजली विभाग ने रविवार को व्यापक जांच एवं वसूली अभियान चलाया। अभियान के दौरान लंबे समय से बिजली बिल जमा न करने वाले 25 उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काट दिए गए, जबकि विभाग ने करीब 1.50 लाख रुपये की बकाया धनराशि भी वसूल की। वहीं, स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने वाले चार उपभोक्ताओं के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
उपखंड अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह के नेतृत्व में अवर अभियंता धर्मेन्द्र कुमार भारद्वाज ने चार टीमों का गठन कर क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान बकायेदार उपभोक्ताओं के बिजली बिल की जांच की गई तथा निर्धारित समय से अधिक समय तक बकाया रखने वालों के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से विच्छेदित कर दिए गए।
जांच के दौरान चार उपभोक्ता स्वीकृत विद्युत भार से अधिक लोड पर बिजली का उपयोग करते मिले। विभाग ने इसे विद्युत नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विभागीय कार्रवाई शुरू करने की संस्तुति की है।
उपखंड अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि बिजली चोरी और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए रात्रिकालीन विशेष निगरानी एवं चेकिंग टीम का भी गठन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति बिजली चोरी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने, स्वीकृत विद्युत भार के अनुरूप ही बिजली का उपयोग करने तथा बिजली चोरी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। विभाग ने चेतावनी दी है कि राजस्व वसूली और विद्युत चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

डीडीयू में 42 पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 30 जून से, अन्य कोर्सों में सीधे प्रवेश 9 जुलाई से

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 30 जून से शुरू होगी। जिन पाठ्यक्रमों में सीटों की तुलना में कम आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनमें प्रवेश परीक्षा नहीं होगी और सीधे प्रवेश की प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू की जाएगी।
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि ऐसे पाठ्यक्रमों के अभ्यर्थियों को 9 जुलाई से संबंधित विभागों में प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए उपस्थित होना होगा तथा ऑनलाइन शुल्क जमा कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सीधे प्रवेश वाले प्रमुख पाठ्यक्रमों में बीएचएमसीटी, बीएससी गृहविज्ञान, बीसीए (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), एमटेक, एमएस, एमए प्राचीन इतिहास, अर्थशास्त्र, गृहविज्ञान, दर्शनशास्त्र, दृश्यकला, मंचकला, संस्कृत, सांख्यिकी, उर्दू, योग, एमएससी गृहविज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉरेंसिक साइंसेज, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, प्लांट बायोटेक्नोलॉजी सहित विभिन्न सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं।
विश्वविद्यालय में 42 पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 30 जून से 13 जुलाई तक तीन पालियों में आयोजित की जाएगी। इन परीक्षाओं में लगभग 32 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रवेश पत्र पोर्टल पर जारी किए जा चुके हैं और रविवार शाम तक लगभग 13 हजार अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके थे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि प्रवेश परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही सीधे प्रवेश की प्रक्रिया भी सत्रारंभ के साथ शुरू कर दी जाएगी, ताकि संबंधित विभागों में इसी माह से नियमित कक्षाएं प्रारंभ कराई जा सकें।

डीएम ने बच्चों को पल्स पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का किया शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में स्थापित पोलियो बूथ पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया सहित चिकित्सक एवं प्रतिरक्षण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाने की अपील करते हुए अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक लक्षित बच्चे तक डोर-टू-डोर पहुंचकर पोलियो की दवा पिलाई जाए, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि जनपद में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,11,141 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए नगरीय क्षेत्र खलीलाबाद में 27 सहित जनपद के नौ विकास खंडों में कुल 858 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के तहत 489 हाउस-टू-हाउस टीमें, 28 ट्रांजिट टीमें तथा 13 मोबाइल टीमें 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी।

भाजपा सरकार में बिजली कटौती का रिकॉर्ड टुटा -विजय रावत

जर्जर तार व ट्रांसफॉर्मर के ख़राब होने से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त-विजय रावत

चौबीस घंटे के अंदर काली मंदिर से ग्यारह हज़ार बोल्ट तार नहीं हटा तो धरना-विजय रावत

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने कहा की भाजपा सरकार में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई है, पिछले दस वर्ष के भाजपा सरकार में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई काम नहीं हुआ जिसका देन है कि पुरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। और ख़ामियाज़ा बरहज विधानसभा की जनता भोग रही हैं। रावत ने कहा की वार्ड नंबर चौबीस काली मंदिर के पास आए दिन लोकल फाल्ट हो रहा और ग्यारह हज़ार वोल्ट का तार चार फ़ीट ऊपर होने से आए दिन दुर्घटना हो रही है और एक आदमी की जान भी चली गई हैं, अगर चौबीस घंटे के अंदर इस तार को हटाया नहीं गया तो हम समाजवादी लोग क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर यही धरना देने का काम करेंगे। इस दौरान मुख्य रूप से अमित कुमार, विकास यादव, राकेश सिंह, राहुल चौधरी, अनरूद यादव, संजय कुमार, अनिश शर्मा, पट्टु यादव इत्यादि लोग मौजूद रहे।

हल्की बरसात और हल्की हवा मे 10घंटे से ऊपर कट जाती है बरहज की बिजली, जनता परेशान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका क्षेत्र की बिजली की समस्या नगरवासियो के लिए नासूर बन गई है, क्योंकि धीमा हवा चलने या हल्की बारिश होने पर भी 10 घंटे से ऊपर तक बिजली काट दी जाती है।सप्लाई वाधित होने से लोगो के सामने पेयजल संकट, मोबाइल न होना, इनवर्टर चार्ज न होने जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। व्यापारियों से लेकर मजदूरों का धंधा चौपट होगा जाता है।
जहाज घाट पटेल नगर निवासी त्रिलोकी, शिवकुमार, गामा, राकेश जमील, शिव आदि ने बताया कि जहाज घाट से थाना रोड जाने वाली सड़क पर विद्युत पोल काफी दिनों से जर्जर हालत में है, जिससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगो ने कहा कि सूचना देने के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचते।
लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हल्की बरसात और हल्की हवा के चलने पर विभाग के कर्मचारी स्पलाई बंद कर देते है। जिससे कि जनता को इस उमस भरी गर्मी में दिक्क़तो सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह गौतम ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण यह समस्या बार बार आ रही है। जल्द ही व्यवस्था सुधार दी जाएगी। उन्होंने जर्जर पोल बदलने का भी आश्वासन दिया।
नगरवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली कटौती और जर्जर पोल की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। लोगों ने मांग की है कि मौसम की आड़ में घंटों बिजली न काटी जाए और मेंटेनेंस कार्य बराबर कराए जाएं।

पेमे की पहली ऑफलाइन ब्रांच शुरू क्रेडिट एक्सेस को मिलेगा बढ़ावा

गिरजेश शुक्ला ने किया उद्घाटन लाप 20 लाख व पर्सनल लोन 5 लाख तक की सुविधा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l आर बी आई -रजिस्टर्ड एनबीएफसी और उभरते फिनटेक प्लेटफॉर्म पेयमे ने गोरखपुर में अपनी पहली ऑफलाइन ब्रांच का शुभारंभ किया। इस मौके पर गिरजेश शुक्ला ने फीता काटकर ब्रांच का उद्घाटन किया। दिल्ली-एनसीआर के बाद यह कंपनी के विस्तार का अहम पड़ाव है, जिससे क्षेत्र में औपचारिक क्रेडिट की पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है।
नई ब्रांच के माध्यम से पेमे ‘लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (लाप) के तहत 20 लाख तक का लोन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह की संपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। ग्राहकों को 3 से 10 वर्ष तक की लचीली अवधि का विकल्प मिलेगा, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार भुगतान कर सकें। कंपनी रेटेड एसेट्स को भी स्वीकार कर अधिक लोगों को सिक्योर्ड लोन का लाभ देने की योजना में है।
इसके अलावा, यहां 5 लाख तक के पर्सनल लोन की सुविधा भी दी जाएगी। यह सेवा खासतौर पर सैलरीड व्यक्तियों, रिटेलर्स और माइक्रो व स्मॉल बिजनेस ओनर्स के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें अक्सर समय पर आसान वित्तीय सहायता नहीं मिल पाती।
पेमे का यह ऑफलाइन विस्तार उसके डिजिटल इकोसिस्टम को और मजबूत करता है। कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी आर्म हुय टेक के जरिए सास आधारित फिनटेक सॉल्यूशंस भी प्रदान करती है। टेक्नोलॉजी आधारित अंडरराइटिंग और ऑन-ग्राउंड कस्टमर सपोर्ट के जरिए कंपनी तेज, पारदर्शी और पर्सनलाइज्ड लेंडिंग अनुभव देने का लक्ष्य रखती है।
इस अवसर पर कंपनी के फाउंडर व सीईओ महेश शुक्ला ने गोरखपुर को अपने लिए भावनात्मक रूप से जुड़ा शहर बताते हुए कहा कि यहां के लोगों तक आसान और पारदर्शी वित्तीय सेवाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर पेमे के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और कंपनी यहां वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

आबादी और कोटही माता मंदिर के बीच संचालित शराब की दुकानों पर ग्रामीणों का विरोध

जांच कर दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग, शाम होते ही लगती है भीड़

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा शिकारपुर में संचालित देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों दुकानें आबादी और प्रसिद्ध कोटही माता मंदिर के बीच स्थित मार्ग पर संचालित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार शराब की दुकानों के आस-पास 10 से 15 चिखना, भुजा और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आरोप है कि इन दुकानों से हर माह तय राशि वसूल कर भूमि स्वामी आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। वहीं लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही शराब की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगती है। इससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और महिलाओं, छात्राओं तथा कोंटही माता मंदिर आने- जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शराब के नशे में लोगों के अमर्यादित व्यवहार से परिवारों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि यदि शराब की दुकानें आबादी और धार्मिक स्थल से निर्धारित दूरी संबंधी मानकों का उल्लंघन कर संचालित हो रही हैं तो उन्हें तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के विपरीत संचालन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार मौखिक शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से शीघ्र जांच कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की है।

भेषजिक मुख्य परीक्षा 29 जून को

14 केंद्रों पर 6432 अभ्यर्थी होंगे शामिल

एक पाली में होगी परीक्षा, सुरक्षा व निष्पक्षता के लिए कड़े इंतजाम

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित भेषजिक मुख्य परीक्षा (प्रा०अ०प०-2025)/02 का आयोजन 29 जून 2026 (सोमवार) को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा एक ही पाली में पूर्वाह्न 10:00 बजे से मध्याह्न 12:00 बजे तक संपन्न होगी। इस परीक्षा में कुल 6432 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए जिले में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जबकि सेक्टर स्तर पर भी 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं, जो लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
परीक्षा की निगरानी के लिए आयोग की ओर से परीक्षा पर्यवेक्षक के रूप में एसएस बघेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी के रूप में अपर जिलाधिकारी (सिटी) गजेंद्र कुमार को नियुक्त किया गया है, जो परीक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का समन्वय करेंगे। पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी एसपी सिटी निमिष पाटील के नेतृत्व में संभाली जा रही है।
प्रशासन ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। परीक्षार्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन या अनुचित सामग्री को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। देर से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, कोविड या अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाएगा, यदि आवश्यक हुआ।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के प्रयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।