Tuesday, April 21, 2026
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पीसीएस में सफलता: अरविंद गुप्ता बने वाणिज्य कर अधिकारी, क्षेत्र में जश्न का माहौल

सरदार पटेल इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र का हुआ भव्य सम्मान, छात्र- छात्राओं को दिया सफलता का मूलमंत्र

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के पुरैना खंडी चौरा स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक और गर्व से भरा रहा, जब इसी विद्यालय के मेधावी पूर्व छात्र अरविंद कुमार गुप्ता ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे इलाके में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।
इस खास अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अरविंद गुप्ता का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने माहौल को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बना दिया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें माल्यार्पण कर तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने अरविंद गुप्ता की सफलता को संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अरविंद की सफलता विद्यालय के वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा दिखाएगी।
सम्मान समारोह के दौरान अरविंद कुमार गुप्ता ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए लगातार मेहनत करते रहने की प्रेरणा दी।
इससे पहले ग्रामीणों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा उनके आवास पर पहुंचकर भी उन्हें बधाई दी गई और सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, गर्व और प्रेरणा का माहौल बना रहा, जिसमें हर कोई इस उपलब्धि पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक गण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने अरविंद गुप्ता की इस शानदार सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले में राजकीय इंटर कॉलेज और महाराजा अग्रसेन कॉमर्स कॉलेज में कोचिंग संचालित की जा रही है।
योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट तथा अन्य एकदिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क कराई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन 20 अप्रैल से शुरू हो गए हैं, जबकि अंतिम तिथि 05 जून निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा जून के दूसरे सप्ताह में आयोजित होगी और इसके बाद परिणाम, काउंसिलिंग व मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया जून के तीसरे सप्ताह में पूरी की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों की कक्षाएं 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होंगी।
आवेदन पत्र महाराजा अग्रसेन कॉमर्स कॉलेज स्थित अभ्युदय पुस्तकालय (कक्ष संख्या-4) से प्राप्त किए जा सकते हैं। अभ्यर्थी एक से अधिक कोर्स के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
पात्रता की बात करें तो नीट और जेईई के लिए विज्ञान वर्ग के कक्षा 11 व 12 के छात्र या उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। वहीं यूपीएससी और यूपीपीएससी के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र या स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। एकदिवसीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कक्षा 12 उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी निर्धारित मोबाइल नंबरों पर कार्यालय समय में संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई जा सके।

ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l जिले में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम, वीवीपैट और कंट्रोल यूनिट वेयरहाउस का मासिक बाह्य निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई जाए और सभी कर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेयरहाउस की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए हर स्तर पर निगरानी मजबूत रखी जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और निर्देशित किया कि यह 24 घंटे संचालित रहे। इसके माध्यम से वेयरहाउस परिसर और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही परिसर की साफ-सफाई को बेहतर बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को कहा गया कि वे नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे परिसर व्यवस्थित और सुरक्षित बना रहे।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) सहित सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल के सदस्य बने रोहित श्रीवास्तव

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को मिली नई पहचान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के एलाइड एंड हेल्थ केयर विभागाध्यक्ष रोहित कुमार श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश राज्य एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल का सदस्य नामित किया गया है।
श्री श्रीवास्तव पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस महत्वपूर्ण नामांकन से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।
विगत दिनों उन्हें रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेंद्र सिंह, कुलसचिव डॉ. प्रदीप राव सहित सभी संकाय अध्यक्षों एवं शिक्षकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

जिले में आयुष्मान कार्ड के लिए गांव-गांव पहुंचेगी प्रचार वाहिनी, जागरूकता अभियान शुरू

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिले में अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर से ईएलईडी प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर लोगों को आयुष्मान योजना के प्रति जागरूक करेगी।
अभियान की शुरुआत करते हुए अपर निदेशक गोरखपुर मंडल ने बताया कि यह प्रचार वाहिनी जिले के गली-मोहल्लों, चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप लगाकर पात्र लोगों के कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक करीब आठ लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि अभी भी छह लाख से अधिक पात्र लोगों के कार्ड बनना बाकी है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड पूरी तरह निःशुल्क बनाया जा रहा है और इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। जिन लोगों के कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, वे अपनी पात्रता की जांच टोल फ्री नंबर 14555 या 180011565 पर कर सकते हैं या आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए लाभार्थियों के पास गोल्डन कार्ड होना आवश्यक है, जिसके आधार पर वे देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार करा सकते हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे तथा अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया।

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक लेखन पर कार्यशाला सम्पन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज के तत्वावधान में जिज्ञासा माइंडएस्केप क्लब द्वारा पंचकर्म सभागार में शैक्षणिक लेखन विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी निदेशक डॉ. रघु राम आचार के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अनुकृति राज ने किया। इस दौरान डॉ. पवन, डॉ. रश्मि, डॉ. प्रेरणा, डॉ. किरण, डॉ. धीरेंद्र और सुश्री निकिता सहित अन्य संकाय सदस्य भी सक्रिय रूप से सहभागी रहे।
कार्यशाला में संकाय के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने संवादात्मक गतिविधियों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से शैक्षणिक लेखन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शैक्षणिक लेखन की दक्षता विकसित करना, स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके मानसिक परिदृश्य को सृजनात्मक दिशा देना रहा। कार्यशाला ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में नई ऊर्जा का संचार किया और विद्यार्थियों को ज्ञान-विस्तार के साथ आत्म-विकास का अवसर प्रदान किया।

भाई बना भाई का कातिल: मामूली विवाद में कैंची से ताबड़-तोड़ वार, किशोर की मौत से गांव में मातम

घरेलू कहासुनी ने लिया खौफनाक रूप, गंभीर घायल लक्ष्मण ने अस्पताल में तोड़ा दम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चौमुखा नौका टोला में सोमवार सुबह एक मामूली घरेलू विवाद ने दिल दहला देने वाली वारदात का रूप ले लिया। बड़े भाई ने गुस्से में अपने ही सगे छोटे भाई पर कैंची से ताबड़-तोड़ हमला कर दिया, जिससे गंभीर रूप से घायल किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल छा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरज शर्मा (16 वर्ष) पुत्र उपेंद्र शर्मा का किसी बात को लेकर अपने छोटे भाई लक्ष्मण शर्मा (15 वर्ष) से विवाद हो गया। शुरुआत में यह सामान्य कहासुनी थी, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि बड़े भाई सूरज ने आपा खो दिया और घर में रखी कैंची से लक्ष्मण पर ताबड़-तोड़ वार कर दिए। हमले में लक्ष्मण के सिर और हाथ पर कई गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा।
घटना के तुरंत बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और आस-पास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। आनन- फानन में घायल किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघली ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान लक्ष्मण ने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही घर के दो भाइयों के बीच हुए इस खूनखराबे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों के बीच दहशत और गहरा दुःख व्याप्त है, वहीं हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध नजर आ रहा है।
सूचना मिलते ही घुघली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।

मिशन शक्ति अभियान तेज, महिलाओं को हेल्पलाइन और योजनाओं की दी जानकारी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण को लेकर जनपद देवरिया में मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी।
अभियान के तहत थाना बनकटा क्षेत्र के रतसिया स्थित एक बैंक परिसर में टीम द्वारा महिलाओं और बच्चियों को पम्पलेट वितरित किए गए। इस दौरान उन्हें डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा-102, एंबुलेंस-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया। टीम ने महिलाओं को इन सेवाओं का उपयोग कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में थाना बरहज क्षेत्र में घाट पर पहुंची महिलाओं, बालिकाओं और छात्राओं को भी जागरूक किया गया। यहां भी पम्पलेट वितरण के साथ-साथ सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। टीम ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का प्रयोग करना चाहिए।
जनपद के अन्य थानों में भी मिशन शक्ति टीमों ने सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सरकारी सहायता तंत्र से जोड़ना रहा।

8 माह से बकाया मानदेय पर गरजे ग्राम रोजगार सेवक, मंत्री पंकज चौधरी से मुलाकात में उठीं मांगें

नियमितीकरण और सीएम की घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर बना दबाव, मंत्री ने दिया शीघ्र समाधान का भरोसा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों की लंबित समस्याओं को लेकर सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को एक अहम पहल सामने आई, जब उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष/ जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भारत सरकार एवं सांसद पंकज चौधरी से उनके आवास पर मिला। इस दौरान ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी समस्याओं को मजबूती के साथ रखते हुए सरकार से त्वरित समाधान की मांग की।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सबसे प्रमुख मुद्दा 8 माह से लंबित मानदेय भुगतान का उठाया। रोजगार सेवकों ने बताया कि लगातार कार्य करने के बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इसके साथ ही 04 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं को अब तक लागू न किए जाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इतने लंबे समय के बाद भी इन घोषणाओं का धरातल पर क्रियान्वयन न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि इन घोषणाओं को बिना किसी देरी के लागू किया जाए तथा ग्राम रोजगार सेवकों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों को स्थायी दर्जा मिलना चाहिए, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्थायी स्थिति में काम करना उनके भविष्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
इन सभी मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि 05 अप्रैल को सौंपा गया ज्ञापन शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामला वित्तीय और नीतिगत होने के कारण प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है, लेकिन सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री स्तर पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को पार्टी स्तर पर भी मजबूती से उठाएंगे, ताकि समाधान में तेजी लाई जा सके। उनके इस आश्वासन से ग्राम रोजगार सेवकों में उम्मीद जगी है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव इंद्रमणि विश्वकर्मा, घनश्याम कन्नौजिया, इंद्र विजय यादव, संतोष गुप्ता, सर्वेश कुमार मद्धेशिया, धर्मेंद्र पासवान, अनिल कुमार, अंजनी कुमार एवं दयानंद पटेल सहित कई अन्य रोजगार सेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

बंद मकान को बनाया निशाना: बांसडीहरोड में लाखों की चोरी, तीन कमरे खंगाले, जेवर-नगदी गायब


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बभनौली गांव में रविवार रात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी अशोक पांडे अपनी पत्नी के साथ घर पर अकेले रहते हैं, जबकि उनके पुत्र दिल्ली में निवास करते हैं।
बताया जा रहा है कि बीते 5 अप्रैल को अशोक पांडे की पत्नी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दंपति दिल्ली रवाना हो गए थे। इसी दौरान उनका मकान कई दिनों तक बंद रहा, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से घर में सेंध लगा दी।
सोमवार सुबह पड़ोसियों ने जब घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा देखा तो उन्हें शक हुआ। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे और थोड़ी ही देर में गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। घर के अंदर जाकर देखने पर परिजनों की महिलाओं के होश उड़ गए। तीन कमरों के ताले टूटे पड़े थे और आलमारियां व बक्से पूरी तरह से खंगाले जा चुके थे।
चोरों ने घर में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ करते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 25 से 30 लाख रुपये की चोरी की आशंका जताई जा रही है। इसमें लगभग तीन किलो चांदी के बर्तन, पुश्तैनी सोने के आभूषण और कुछ नकदी शामिल हैं।

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पीड़ित अशोक पांडे ने फोन पर बताया कि अचानक घर छोड़कर जाने के कारण वे सामान को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित नहीं कर पाए थे। उन्होंने आशंका जताई कि चोरी का वास्तविक आंकड़ा उनके वापस लौटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही बांसडीहरोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने बताया कि परिवार कई दिनों से घर से बाहर था, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोरी किस दिन हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
गांव में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

तेरही के विवाद ने ली जान: सुरेंद्र राम की इलाज के दौरान मौत, गांव में पसरा मातम


सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)तेरही जैसे शांतिपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम में हुई एक छोटी सी कहासुनी ने अंततः एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। 15 अप्रैल को हुए खूनी विवाद में गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय सुरेंद्र राम ने रविवार की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद खबर के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र राम तेरही कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके चचेरे भाई राजकुमार दास से मामूली कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि राजकुमार दास ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से सुरेंद्र राम पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायल सुरेंद्र राम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि परिजन उन्हें जिला अस्पताल न ले जाकर मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए। वहां एक दिन तक इलाज चला, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
डॉक्टरों ने हालत बिगड़ती देख उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी में इलाज के दौरान रविवार की रात उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर ने परिवार और गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया।

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सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम तक परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। जानकारी के अनुसार, हल्दी रामपुर मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक सुरेंद्र राम अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसी दिन जेल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने समाज में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे एक सामान्य पारिवारिक कार्यक्रम में हिंसा इतनी भयावह रूप ले सकती है।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि छोटी-छोटी बातों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। गुस्से और आवेश में उठाया गया एक कदम कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकता है।

विकास की नई नींव: तकनीक से सजेगी 16वीं जनगणना

डिजिटल जनगणना की ओर बड़ा कदम: सिकंदरपुर तहसील में 16वीं जनगणना का हुआ भव्य शुभारंभ


सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश के विकास की मजबूत नींव मानी जाने वाली जनगणना प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तहसील सिकंदरपुर में भारत की 16वीं जनगणना का विधिवत शुभारंभ किया गया। बंशी बाजार स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर सुनील कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं चार्ज अधिकारी, तहसीलदार देवेन्द्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस राष्ट्रीय दायित्व को लेकर उत्साहित नजर आए।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिला अधिकारी अनिल कुमार ने जनगणना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए नीतियों और योजनाओं के निर्माण की आधारशिला होती है। इसके आंकड़े सरकार को यह समझने में मदद करते हैं कि किस क्षेत्र में किस प्रकार की योजनाओं की आवश्यकता है और किस तरह संसाधनों का सही उपयोग किया जाए। उन्होंने उपस्थित कर्मियों को निर्देशित किया कि वे इस कार्य को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जो इसे पहले की तुलना में अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगी। डिजिटल तकनीक के उपयोग से डेटा संग्रहण में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। इससे न केवल प्रशासन को लाभ मिलेगा बल्कि आम जनता के लिए भी यह प्रक्रिया अधिक सरल और भरोसेमंद होगी।
जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जो 22 मई से 20 जून तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकानों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। इस प्रक्रिया में कुल 34 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, संरचना, सुविधाएं और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 7 फरवरी से होगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जैसे आयु, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति आदि का संकलन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, 1 मार्च की रात 12 बजे तक सभी आंकड़ों को एकत्र कर लिया जाएगा और इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।

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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। साथ ही आम जनता से भी सहयोग की अपेक्षा की गई, ताकि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों में उत्साह और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि वे इस जनगणना को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तकनीक और पारदर्शिता के साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

श्रीराम-जानकी मंदिर जीर्णोद्धार का शुभारंभ, भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील के ग्राम पंचायत दरौली अंतर्गत टोला अजमतपुर में स्थित ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत शुभारंभ सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के माहौल में किया गया। वर्षों से जर्जर हो चुके मंदिर के गर्भगृह के पुनर्निर्माण हेतु वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। इस पावन अवसर पर गांव में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला, जहां हर ओर भक्ति और उल्लास की लहर थी।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा। भूमि पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंदिर निर्माण की सफलता के लिए प्रार्थना की। उपस्थित लोगों के चेहरों पर आस्था, खुशी और संतोष स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
इस धार्मिक आयोजन में रघुवंश सिंह, रामचंद्र यादव, जयराम, राम दुलारे, गोविंद यादव, शंभू जायसवाल, इंदल यादव, राम सजन, रंजित यादव, घनश्याम, रविंदर यादव, मोहन, जोखू प्रजापति, दीनानाथ यादव और हरिलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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मंदिर का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। वर्ष 1959 में स्वर्गीय महंत रामजी दास ने भिक्षाटन के माध्यम से इस मंदिर का निर्माण कराया था। उस समय से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हालांकि समय के साथ मंदिर की संरचना कमजोर होती चली गई और भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया।
वर्तमान में मंदिर की देखरेख महंत उदित दास द्वारा की जा रही है, जो नियमित रूप से पूजा-पाठ, साफ-सफाई और रखरखाव का कार्य संभाल रहे हैं। वहीं, मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प महंत रामजी दास के शिष्य अशोक जायसवाल ने लिया है। उनके प्रयासों और प्रेरणा से गर्भगृह के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
मंदिर निर्माण कार्य में गांव के लोगों का सहयोग उल्लेखनीय है। कोई श्रमदान कर रहा है तो कोई आर्थिक सहयोग देकर इस कार्य को आगे बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि मंदिर का पुनर्निर्माण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल गांव की सामूहिक भावना और आस्था का प्रतीक बनकर उभर रही है।

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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मंदिर के नए स्वरूप में विकसित होने से आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकता है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को भी लाभ होगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंदिर परिसर में आयोजित इस भूमि पूजन कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रबल किया, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी संदेश दिया। यह आयोजन गांव की पहचान को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।

युवा प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय मनुमुक्त ‘मानव’ (आई पी एस) की स्मृति को समर्पित

हरियाणवी लघुकथा का पहला संकलन ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’

हरियाणा(राष्ट्र की परम्परा)
हरियाणवी साहित्य को एक नई दिशा देते हुए म्हारी माट्टी, म्हारे आखर का प्रकाशन हुआ है। यह संकलन पहली बार देश-विदेश के 33 हरियाणवी लघुकथाकारों को एक मंच पर लाता है, जिसमें कुल 99 लघुकथाएं शामिल हैं। यह कृति हरियाणा की माटी, लोकसंस्कृति और मानवीय संवेदनाओं की सजीव अभिव्यक्ति प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक युवा प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय मनुमुक्त ‘मानव’ (IPS) की स्मृति को समर्पित है, जो इसे विशेष भावनात्मक महत्व प्रदान करती है। डॉ. रामनिवास ‘मानव’ के मार्गदर्शन में तैयार इस संकलन का संयोजन डॉ. प्रियंका सौरभ ने किया है, जबकि संपादन का दायित्व डॉ. सत्यवान सौरभ ने निभाया है। पुस्तक का आकर्षक आवरण सुरेंद्र बांसल द्वारा तैयार किया गया है।
121 पृष्ठों की इस पुस्तक का मूल्य ₹275 निर्धारित किया गया है। इसका प्रकाशन प्रज्ञानशाला, आर.के. फीचर्स (पंजी.), भिवानी (हरियाणा) द्वारा वर्ष 2026 में किया गया है। यह पुस्तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे प्रकाशक या संपादक से सीधे संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं या गूगल पर “म्हारी माट्टी म्हारे आखर बुक” सर्च कर खरीद सकते हैं।
संकलन की विशेषता यह है कि इसमें वरिष्ठ और नवोदित रचनाकारों का संतुलित समावेश देखने को मिलता है। डॉ. रामनिवास ‘मानव’, डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’, डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’, कृष्ण कुमार ‘निर्माण’, डॉ. चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’, सरोज दहिया ‘सरोज’, विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’, मास्टर राम अवतार, अधिवक्ता जयदेव राठी, भूपसिंह ‘भारती’, राजपाल सिंह गुलिया, डॉ. सुरेश वशिष्ठ, प्रो. ज्योति राज, ख़ान मनजीत भावड़िया “मजीद”, नीलम नारंग, सुरेंद्र बांसल, बनवारी ढोढसर, डॉ. श्वेता शर्मा, अशोक वशिष्ठ, मनोज प्रभाकर, कृष्णा जैमिनी, रोहित कुमार ‘हैप्पी’, समता ‘अरुणा’, आशा खत्री ‘लता’, डॉ. शमीम शर्मा, दीनदयाल शर्मा, राज ख्यालिया, रामफल गौड़, भूपेंद्र गोदारा, सुमन कुमारी, पुष्कर दत्त शर्मा, अमरचंद बैनीवाल और रेणू शर्मा के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
यह संकलन न केवल हरियाणवी भाषा के साहित्य को समृद्ध करता है, बल्कि लघुकथा जैसी सशक्त विधा को भी एक नया मंच प्रदान करता है। साहित्य प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में देखी जा रही है।

बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की नई मिसाल टीचर्स ऑफ बिहार समूह की सराहनीय पहल

सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार और प्रेरणा का सशक्त मंच

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों के बीच टीचर्स ऑफ बिहार समूह एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक भूमिका निभाते हुए उभरकर सामने आया है। यह मंच पिछले कई वर्षों से सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षण नवाचार और शिक्षक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
समूह के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि इस मंच की स्थापना का उद्देश्य राज्य के शिक्षकों को एक साझा प्लेटफॉर्म देना है, जहाँ वे अपने अनुभव, नवाचार और सफल प्रयासों को साझा कर सकें। उन्होंने कहा, “जब शिक्षक एक-दूसरे से सीखते हैं और नए प्रयोग करते हैं, तब शिक्षा में वास्तविक बदलाव संभव होता है। हमारा प्रयास है कि हर शिक्षक बदलाव का वाहक बने।”
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि यह मंच शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें समाज के सामने लाने का माध्यम भी बन रहा है। “आज बिहार के कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षक अपने प्रयासों से नई मिसाल कायम कर रहे हैं, और टीचर्स ऑफ बिहार उनके कार्यों को पूरे राज्य तक पहुंचाने का काम कर रहा है।”
इवेंट लीडर केशव कुमार ने बताया कि समूह द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन क्विज, शैक्षणिक गतिविधियां एवं विभिन्न जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
टीचर्स ऑफ बिहार आज सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा तय कर रहा है। यह मंच न केवल शिक्षकों को प्रेरित कर रहा है, बल्कि सरकारी विद्यालयों की छवि को भी सशक्त और उज्ज्वल बना रहा है।