Thursday, May 28, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील

एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार का संदेश

सरकारी बैठकों में पानी की बर्बादी पर जताई चिंता

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
बढ़ते जल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर प्रशासन अब और अधिक सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने जनपदवासियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जल संरक्षण को लेकर एक विस्तृत अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है और इसकी एक-एक बूंद को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एडीएम सिटी ने अपने संदेश में विशेष रूप से शासकीय बैठकों, समीक्षा सम्मेलनों और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में पानी के उपयोग की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को जो छोटी या मध्यम आकार की पानी की बोतलें उपलब्ध कराई जाती हैं, उनका पूरा उपयोग नहीं हो पाता। कई बार बोतलें आधी या उससे भी कम उपयोग के बाद छोड़ दी जाती हैं और शेष पानी व्यर्थ हो जाता है। यह प्रवृत्ति न केवल जल की बर्बादी है, बल्कि संसाधनों के प्रति लापरवाही को भी दर्शाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की बर्बादी का प्रभाव केवल उतने ही पानी तक सीमित नहीं होता, जितना हम देख पाते हैं। आरओ (RO) प्रणाली का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक लीटर शुद्ध पानी प्राप्त करने के लिए लगभग तीन लीटर पानी अतिरिक्त रूप से नष्ट हो जाता है। ऐसे में यदि हम एक छोटी सी बोतल का भी पूरा उपयोग नहीं करते, तो वास्तव में उससे कई गुना अधिक पानी की बर्बादी होती है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब इसे बड़े पैमाने पर देखा जाए, जहां हर दिन सैकड़ों बैठकों और कार्यक्रमों में हजारों बोतलें उपयोग में लाई जाती हैं।
एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने कहा कि जल संरक्षण को केवल एक औपचारिक विषय न मानते हुए इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर किए गए जल संरक्षण के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार स्तर पर इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनसहभागिता के बिना इन प्रयासों को पूर्ण सफलता नहीं मिल सकती।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जब भी किसी बैठक या कार्यक्रम में पानी की बोतल उपलब्ध कराई जाए, तो उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कारणवश बैठक के दौरान पूरा पानी नहीं पीया जा सके, तो उस बोतल को अपने साथ ले जाकर बाद में उपयोग करना चाहिए, ताकि पानी व्यर्थ न जाए।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि जहां संभव हो, वहां बोतलबंद पानी के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाए। जैसे कि गिलास और फिल्टर पानी की व्यवस्था की जाए, जिससे प्लास्टिक बोतलों का उपयोग भी कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल जल संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि प्लास्टिक कचरे को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एडीएम सिटी ने कार्यालयों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण से संबंधित संदेशों वाले सूचना पट्ट लगाए जाएं। इन पट्टों पर “जल ही जीवन है, इसका सम्मान करें”, “हर बूंद की कीमत समझें” जैसे प्रेरणादायक संदेश अंकित किए जाएं, ताकि कर्मचारियों और आमजन को लगातार इस विषय की याद दिलाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। छोटी-छोटी आदतें, जैसे कि नल को खुला न छोड़ना, जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करना और वर्षा जल संचयन को अपनाना, बड़े बदलाव ला सकती हैं।
गजेंद्र कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में पहले से ही पानी की कमी देखी जा रही है और भविष्य में यह समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अभी से जागरूक हों और जल संरक्षण को प्राथमिकता दें।
एडीएम सिटी ने सभी जनपदवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इसे बचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ा-सा प्रयास करे, तो मिलकर एक बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। जल संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर छोटा कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगा।

आधुनिक भारत के निर्माता थे पंडित जवाहर लाल नेहरू – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

पंडित नेहरु के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कांग्रेसियों ने मनाई पुण्यतिथि

सलेमपुर देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
देश के प्रथम प्रधानमंत्री आजादी के नायक पंडित जवाहर लाल नेहरू की 62 वीं पुण्य तिथि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन कर मनाया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि पंडित नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे,उन्होंने देश में पंचवर्षीय योजना लागू कर देश के विकास की बुनियाद रखी। आईआईटी, एम्स का निर्माण कराया। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सूत्रधार के रूप में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया। ब्लॉक अध्यक्ष मनीष रजक ने कहा कि नेहरू जी का विजन आज भी उतना ही प्रासंगिक है।उनका सपना था कि भारत विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़े और हर बच्चा शिक्षित हो। युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक सत्यम पांडेय ने कहा कि वह युवाओं के प्रेरणा श्रोत थे उनका सम्पूर्ण जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित था।कांग्रेस के पूर्व जिला सचिव शीत कुमार मिश्र ने कहा कि पंडित नेहरू के सिद्धांतों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम को रामविलास तिवारी, लालसाहब यादव, चुन्नू श्रीवास्तव, दिनेश गुप्ता, गंगासागर मिश्र, नकछेद प्रसाद, अशोक कुमार,मोहन प्रसाद,राकेश कुमार, सत्यवान पांडेय आदि ने सम्बोधित किया।

नशा मुक्ति रैली मे एनसीसी कैडेट्स ने दिया जागरूकता का संदेश

मईल/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
भरोसा घर मिशन क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रहे शिविर संख्या-154 के आठवें दिन की शुरुआत उत्साह और जनजागरूकता के माहौल के साथ हुई। दिनांक 27 मई 2026 को आयोजित कार्यक्रम में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत भव्य रैली निकाली गई। शिविर के कमान अधिकारी कर्नल सुनील जेठैलिया ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
रैली में एसडी, एसडब्ल्यू, जेडी एवं जेडब्ल्यू कैडेट्स ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। कैडेट्स ने नशा मुक्ति से जुड़े स्लोगन और प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “स्वस्थ युवा, सशक्त भारत” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
इसके उपरांत कैडेट्स के लिए आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा एवं तनाव प्रबंधन विषय पर विशेष कक्षाओं का आयोजन किया गया। लेफ्टिनेंट दीपशिका मौर्य, जेसीआई अर्चना चौहान एवं श्वेता यादव ने प्रशिक्षण देते हुए आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार और मानसिक तनाव से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।
हवलदार पूरण द्वारा 5.56 एमएम हथियार पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कैडेट्स को हथियार खोलने-जोड़ने, फायरिंग की प्रक्रिया, एम्युनिशन भरने और खाली करने की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने बड़े ध्यान और अनुशासन के साथ अभ्यास किया।
वहीं पीई शान सिंह ने “फाइंडिंग योर ओन पोजीशन ऑन मैप एंड ग्राउंड” विषय पर क्लास ली। इस दौरान जेसीओ कमलजीत सिंह ने प्रैक्टिकल के माध्यम से कैडेट्स को मैप रीडिंग और ग्राउंड पोजीशन पहचानने की बारीकियां सिखाईं।
इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी शिविर का निरीक्षण किया तथा कैडेट्स को हेल्थ एंड हाइजीन विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

अवैध खनन पर प्रशासन का चला डंडा क्षेत्र में हड़कंप ट्रैक्टर-ट्राली सीज

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के मड़िहान बिरिया कला गांव में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस छापेमारी से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों को देख भागे माफिया
सूचना मिलते ही एसडीएम जलालाबाद और तहसीलदार भारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, प्रशासनिक अमले को अचानक सामने देख खनन माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई। चालक अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रालियां और मशीनें छोड़कर खेतों की तरफ भागने लगे। इस दौरान कई वाहन चालकों ने गाड़ियां भगाने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैद व घेराबंदी के कारण वे नाकाम रहे। टीम ने मौके से एक ट्रैक्टर-ट्राली को रंगे हाथ दबोच लिया।

होगी सख्त विधिक कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान थाना गढ़िया रंगीन प्रभारी हरकेश सिंह और उपनिरीक्षक विवेक सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। पुलिस ने जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है और संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी का कड़ा संदेश

क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

परसिया भगवती में भागवत कथा का आयोजन:महराज ने कृष्ण की मृद भक्षण लीला का किया वर्णन

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)मगहरा के परसिया भगवती में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन परमपूज्य ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल चरित्र का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब भी भगवान धरती पर अवतरित होते हैं, प्रकृति स्वयं अद्भुत रूप से सज जाती है। नदियां, आकाश, अग्नि, भूमि और वायु सभी निर्मल हो जाते हैं, जिससे ब्रजवासियों को परम आनंद की अनुभूति होती है।

श्री ब्रजेश मणि ने बताया कि भगवान के जन्म के बाद छह दिनों तक उत्सव मनाया गया। इसके उपरांत पूतना, शकटासुर और छह महीने की अवस्था में तृणावर्त जैसे विघ्नों का उद्धार कर भगवान श्रीकृष्ण ने यह संदेश दिया कि दिव्य शक्ति अपने आरंभिक जीवन से ही धर्म की स्थापना में संलग्न हो जाती है।
इस अवसर पर उन्होंने श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध ‘मृद भक्षण लीला’ का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के अनुसार, एक दिन बालकृष्ण अपने सखाओं और बलराम के साथ खेलते हुए मिट्टी खा लेते हैं। सखाओं की शिकायत पर माता यशोदा उन्हें डांटती हैं। कृष्ण मासूमियत से इनकार करते हुए अपना मुख खोलने को कहते हैं।

जब माता यशोदा ने उनका मुख देखा, तो उसमें संपूर्ण ब्रह्मांड—सप्त द्वीप, सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्र, आकाश और स्वयं को भी देखकर स्तब्ध रह गईं। इस अद्भुत दृश्य से यशोदा मैया भयभीत हो गईं, लेकिन भगवान ने अपनी वैष्णवी माया से उन्हें पुनः सब कुछ भुला दिया, जिससे वे उन्हें अपने पुत्र रूप में ही स्नेह करती रहीं।

कथावाचक परमपूज्य ब्रजेश मणि ने इस लीला के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रसंग दर्शाता है कि परमात्मा, जो पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं, वे भक्तों के प्रेम के वशीभूत होकर एक साधारण बालक का रूप धारण कर लेते हैं।

उन्होंने जोर दिया कि मिट्टी खाने जैसी साधारण घटना के भीतर ब्रह्मांड का दर्शन यह संदेश देता है कि सृष्टि का कण-कण ईश्वर का ही स्वरूप है। अंत में, आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि स्वयं ब्रह्मांड नायक भी भक्त के प्रेम में बंध जाते हैं।
इस अवसर पर यजमान इंद्रावती देवी, गौरीशंकर पाण्डेय, माधुरी देवी, रविप्रताप पाण्डेय,राजेश दूबे,चंदन पाण्डेय, राकेश सिंह, ग्राम प्रधान बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।

अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: दो दिनों में 71 वाहन सीज,माफियाओं में हड़कं

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस- प्रशासन ने अब तक की बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो दिनों में 71 वाहनों को सीज कर दिया। इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं और परिवहनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपराध नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया।
अभियान के दौरान नदी तटों, खनन प्रभावित क्षेत्रों, निर्माणाधीन स्थलों एवं संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई। संयुक्त टीम ने संदिग्ध वाहनों की गहन जांच करते हुए अवैध रूप से मिट्टी और बालू खनन तथा परिवहन में लगे वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की।
26 मई 2026 को हुई कार्रवाई में 13 ट्रैक्टर- ट्रॉली, 7 लोडर, 2 जेसीबी मशीन और 2 डंपर 27 सीज किए गए। वहीं 27 मई 2026 को अभियान और तेज करते हुए 32 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 05 लोडर, 2 जेसीबी मशीन, 05 डंपर,01 ट्रक, 01 पिकअप वाहन तथा 01 दोपहिया वाहन को सीज किया गया।
दो दिनों की संयुक्त कार्रवाई में कुल 45 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 12 लोडर, 4 जेसीबी मशीन, 7 डम्पर, 1 ट्रक, 1 पिकअप और 1 दोपहिया वाहन सहित कुल 71 वाहनों पर सीज की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान वाहन चालकों एवं स्वामियों से खनन अनुमति पत्र, परिवहन प्रपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने पर अवैध खनन और परिवहन की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार सीज की कार्रवाई करते हुए अग्रिम विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
अधिकारियों ने अभियान के दौरान कई स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए अवैध खनन में संलिप्त लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखी। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि अवैध खनन से जहां सरकार को भारी राजस्व हानि होती है, वहीं पर्यावरणीय संतुलन और कानून व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को देखते हुए जनपद में लगातार विशेष अभियान चलाकर ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अपने- अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें और अवैध खनन तथा अवैध परिवहन में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

तुलसी महिमा एवं एकादशी व्रत की कथा से गूंज उठा कालीचरण घाट

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सरयू नदी के पावन तट स्थित कालीचरण घाट पर गुरुवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल सरयू में स्नान कर पूजा-अर्चना की तथा तुलसी पूजन, एकादशी व्रत और सनातन परंपराओं की महिमा का श्रवण किया। धार्मिक आयोजन में कथावाचकों और विद्वानों ने तुलसी माता की महत्ता, एकादशी व्रत तथा भगवान विष्णु और वृंदा की पौराणिक कथा का विस्तृत वर्णन किया।
कथावाचकों ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी और एकादशी तिथि पर तुलसी जी को जल अर्पित नहीं किया जाता, क्योंकि इन दिनों तुलसी माता स्वयं व्रत रखती हैं। वहीं बृहस्पतिवार को तुलसी पूजन और जल अर्पण का विशेष महत्व बताया गया। प्रदोष काल में भी तुलसी को जल न चढ़ाने की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि तुलसी को मोक्षदायिनी माना गया है और मृत्यु के समय व्यक्ति को तुलसी दल एवं गंगाजल देने की परंपरा इसी आस्था से जुड़ी हुई है।
धार्मिक प्रवचन के दौरान जालंधर और उसकी पत्नी वृंदा की कथा का भी उल्लेख हुआ। बताया गया कि दैत्यराज जालंधर की पत्नी वृंदा अत्यंत पतिव्रता थीं, जिनके तप और सतीत्व के प्रभाव से देवताओं के लिए जालंधर को पराजित करना असंभव हो गया था। तब भगवान विष्णु ने जालंधर का रूप धारण कर वृंदा की तपस्या भंग की, जिससे उसका पतिव्रत टूट गया और युद्ध में जालंधर का अंत संभव हो सका। इस घटना से आहत वृंदा ने भगवान विष्णु को श्राप दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। मान्यता है कि इसी श्राप के फलस्वरूप भगवान शालिग्राम रूप में पूजित हुए।
कथा में आगे बताया गया कि भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया कि वे मृत्यु लोक में तुलसी के रूप में पूजित होंगी और समस्त प्राणियों के कष्टों का निवारण करेंगी। तभी से तुलसी को सनातन धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। वक्ताओं ने कहा कि तुलसी केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है और अनेक रोगों में लाभकारी मानी जाती है।
रामायण प्रसंग का उल्लेख करते हुए कथावाचकों ने बताया कि जब हनुमान जी लंका पहुंचे थे, तब उन्होंने विभीषण के घर पर तुलसी का पौधा और “राम-राम” अंकित घर देखा था। यह देखकर हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न हुए थे। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हरि नाम के उद्घोष लगाए।
धार्मिक सभा में यह भी बताया गया कि बिना तुलसी और गंगाजल के कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं माना जाता। जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक सनातन परंपराओं में तुलसी और गंगाजल का विशेष महत्व है। अमृत बेला और अंतिम समय में भी श्रद्धालुओं को तुलसी दल और गंगाजल देने की परंपरा मोक्ष प्राप्ति की भावना से जुड़ी मानी जाती है।

घर-घर पहुंच रही जनगणना टीम, 20 जून तक पूरी होगी मकानों की गणना

जनगणना कार्य में तेजी, प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिए गए आवश्यक निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकानों की गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक कराया जा रहा है। जनपद के सभी मकानों की गणना सुनिश्चित करने के लिए समस्त चार्ज अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चार्ज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से संपर्क कर रहे हैं तथा कार्य में आने वाली प्रक्रियागत समस्याओं का निराकरण कर प्रगति सुनिश्चित कर रहे हैं। आमजन से भी जनगणना कार्य में सहयोग करने की अपील की गई है।
इसी क्रम में चार्ज ऑफिसर एवं तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा, नगर पंचायत बेलहर के अधिशाषी अधिकारी अमित सिंह, तहसीलदार धनघटा रामजी, नगर पंचायत मेंहदावल के अधिशाषी अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने प्रगणकों और क्षेत्रवासियों से संवाद कर जनगणना कार्य में सहयोग का संदेश दिया।
मेहदावल तहसील में एचएलबी 0621 के प्रगणक शिवचंद्र कुमार मौर्य एवं उनके सुपरवाइजर राम अनुज द्वारा अपने पूरे ब्लॉक के 156 जनगणना मकानों की गणना पूर्ण कर नक्शा जमा किया गया। कम समय में किए गए इस कार्य की सराहना की गई।

नई दिल्ली में चार लोकतांत्रिक शक्तियों का मंथन: क्या चीन की चुनौती का जवाब बन चुका है क्वॉड?

दिल्ली में क्वॉड का रणनीतिक मंथन: क्या अब बदल जाएगी वैश्विक शक्ति व्यवस्था?



✒️ लेखक : एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्र


नई दिल्ली में 26 मई 2026 को संपन्न हुई क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक केवल एक औपचारिक कूटनीतिक आयोजन नहीं थी, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच चार प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — का रणनीतिक मंथन थी।
ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट और वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरे गहराते जा रहे हैं तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को बढ़ा रही है, तब नई दिल्ली में हुई यह बैठक वैश्विक शक्ति संतुलन की नई दिशा तय करती दिखाई दी।
भारतीय विदेश मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी की उपस्थिति ने स्पष्ट संकेत दिया कि क्वॉड अब केवल संवाद मंच नहीं, बल्कि रणनीतिक सहयोग का प्रभावशाली वैश्विक समूह बन चुका है।

इंडो-पैसिफिक बना वैश्विक रणनीति का केंद्र
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का मुख्य इंजन बताया गया। भारत ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला और समावेशी वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
भारत ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन की विस्तारवादी नीतियों और समुद्री आक्रामकता पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का दबाव या शक्ति प्रदर्शन क्षेत्रीय संतुलन के लिए खतरा बन सकता है।
यह संदेश विशेष रूप से दक्षिण चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और हिंद महासागर में बढ़ती सामरिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन पर जोर
क्वॉड बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय समुद्री सुरक्षा रहा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी देश को एकतरफा तरीके से समुद्री नियंत्रण स्थापित करने की अनुमति न मिले।
विशेषज्ञों के अनुसार यह संदेश चीन की समुद्री रणनीति को संतुलित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सप्लाई चेन और क्रिटिकल मिनरल्स पर बड़ा फोकस
कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक सप्लाई चेन की कमजोरी सामने आ चुकी है। इसी कारण क्वॉड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई चेन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण और आधुनिक तकनीक में इन खनिजों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभी तक इन क्षेत्रों में चीन का बड़ा दबदबा रहा है, लेकिन क्वॉड अब वैकल्पिक आपूर्ति नेटवर्क विकसित करना चाहता है।
भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन सहयोग को इस बैठक की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
तकनीक, साइबर सुरक्षा और एआई सहयोग
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर डिफेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर व्यापक चर्चा हुई।
डिजिटल जासूसी, साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को भविष्य की वैश्विक सुरक्षा से जोड़ते हुए क्वॉड देशों ने सुरक्षित तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर सहमति जताई।
यह स्पष्ट संकेत है कि भविष्य के शक्ति संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि डेटा, साइबर स्पेस और डिजिटल नेटवर्क भी रणनीतिक युद्धक्षेत्र बनेंगे।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
बैठक का एक महत्वपूर्ण संदेश आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराना रहा।
भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है। इस बार भी भारत ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद मानवता और वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है तथा इसके खिलाफ कठोर वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
यह संदेश उन ताकतों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को समर्थन देती हैं।
मिडिल ईस्ट संकट और ऊर्जा सुरक्षा
ईरान से जुड़े तनाव, अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को नई चुनौती दी है।
क्वॉड देशों ने चिंता व्यक्त की कि यदि यह संकट और गहराया तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
इसी कारण नई दिल्ली बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर विशेष रणनीतिक चर्चा की गई।
क्यों चीन क्वॉड को “एशियाई नाटो” कहता है?
चीन लंबे समय से क्वॉड को “एशियाई नाटो” कहता रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि क्वॉड की बढ़ती सक्रियता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए चुनौती बनती दिखाई दे रही है।
हालांकि क्वॉड देश लगातार यह कहते रहे हैं कि यह किसी सैन्य गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सहयोग मंच के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि चीन की बढ़ती समुद्री और सामरिक गतिविधियों ने इस समूह को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
नई दिल्ली में सफल क्वॉड बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब केवल दक्षिण एशिया की शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक विमर्श का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे जटिल मुद्दों पर भारत ने संतुलित और बहुआयामी कूटनीति का परिचय दिया है।
भारत की सक्रिय भूमिका यह संकेत देती है कि आने वाले समय में विश्व राजनीति अधिक बहुध्रुवीय स्वरूप की ओर बढ़ सकती है, जहां लोकतांत्रिक शक्तियां मिलकर वैश्विक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करेंगी।
नई दिल्ली में संपन्न क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विश्व राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा आपूर्ति, साइबर सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे मुद्दे अब आपस में गहराई से जुड़ चुके हैं।
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह रणनीतिक सहयोग आने वाले वर्षों में वैश्विक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
दिल्ली में हुआ यह मंथन केवल चार देशों की बैठक नहीं, बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था की नई पटकथा का संकेत माना जा रहा है।
लेखक – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि एवं संगीत साधक
गोंदिया, महाराष्ट्र

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत बेलहर कला में लगा जागरूकता शिविर, युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत बेलहर कला ब्लॉक सभागार में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक प्रबंधक पंकज कुमार पाण्डेय ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए चार वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त तथा कोलेटरल गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान बैंक में जमा करना होगा, जिसे परियोजना ऋण के साथ मुक्त किया जाएगा। योजना के लिए आयु सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित है तथा न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होना भी अनिवार्य है।
कौशल प्रशिक्षण में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी प्रशिक्षण योजना, एससी/एसटी/ओबीसी प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटीआई, पॉलीटेक्निक अथवा खादी ग्रामोद्योग विभाग से प्रशिक्षित अभ्यर्थी पात्र माने जाएंगे। आवेदन केवल विभागीय पोर्टल msme.up.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जा रहे हैं।
सीएम फेलो जया राना ने योजना की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि गूगल प्ले स्टोर से सीएम युवा ऐप डाउनलोड कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मिशन निदेशक लखनऊ द्वारा जनपद के लिए 1600 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम में एडीओ पंचायत बेलहर कला पंकज सिंह, पंचायत सहायक, समूह सखी, बीसी सखी, रोजगार सेवक, ब्लॉक के कर्मचारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर बलवंत सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर शिवांगी चौधरी सहित बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उपस्थित रहे।

चांद दिखने के बाद बदली बकरीद की तारीख, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देश के क्रम में 27 मई 2026 दिन बुधवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तिथि में परिवर्तन किया गया है। यह तिथि चंद्र दर्शन के आधार पर परिवर्तनीय थी।
उत्तर प्रदेश में अब ईद-उल-अजहा (बकरीद) 28 मई 2026 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। इसके दृष्टिगत 27 मई 2026 को घोषित सार्वजनिक अवकाश को परिवर्तित करते हुए 28 मई 2026 दिन गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

डीजल-पेट्रोल वितरण पर प्रशासन सख्त, किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी

सुबह 7 बजे से रात 7 बजे तक ही खुले रहेंगे पेट्रोल पंप, तय मात्रा में मिलेगा ईंधन

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में डीजल-पेट्रोल वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा किसानों को राहत देने के उद्देश्य से जिला पूर्ति अधिकारी ए.पी.सिंह ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार अब जनपद के सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से सुबह 7 बजे से रात 7 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे।
जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ईंधन की कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। मेडिकल इमरजेंसी अथवा अन्य अपरिहार्य स्थिति में निर्धारित समय के अतिरिक्त ईंधन देने से पहले संबंधित अधिकारियों अथवा पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति केवल वाहनों में ही की जाएगी। जरीकेन, डिब्बा, बोतल अथवा अन्य किसी पात्र में पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर एवं कृषि कार्य में प्रयुक्त वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित मात्रा के अनुसार भारी वाहनों को अधिकतम 50 लीटर, हल्के वाहनों को 20 लीटर, ट्रैक्टर-ट्रॉली को 20 लीटर तथा मोटरसाइकिलों को 2 से 3 लीटर तक ईंधन दिया जाएगा। वहीं विशेष परिस्थितियों में संबंधित तहसील क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आधार कार्ड सत्यापन के बाद जरीकेन में अधिकतम 10 लीटर ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कुछ लोग किसानों के नाम पर अधिक मात्रा में डीजल लेकर गांवों में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अब किसानों की पहचान संबंधित तहसील के आधार कार्ड से सत्यापित करने के बाद ही डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि किसानों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को विशेष परिस्थितियों में ही डीजल दिया जाएगा तथा इसके लिए संबंधित अधिकारी अथवा पुलिस को सूचित करना आवश्यक होगा। एंबुलेंस और शव वाहन को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य वृद्धि महंगाई भ्र्ष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेसी,सौंपा ज्ञापन

कांग्रेसियों ने तपती धूप में नगर के डाकबंगला से तहसील कार्यालय तक प्रदर्शन कर की जनसभा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में देश मे पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते मूल्य,महंगाई, भ्र्ष्टाचार व समान शिक्षा नीति लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोपहर की तपती धूप में सलेमपुर डाकबंगला से बस स्टैंड, गांधी चौक होते हुए तहसील मुख्यालय तक सद्भावना पदयात्रा निकालकर तहसील कार्यालय पर जनसभा कर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार हरि प्रसाद को सौंपा। सम्बोधित करते हुए किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार पांडेय ने कहा कि यह सरकार पेट्रोल, डीजल,गैस सिलेंडर के दाम को बढ़ाकर महंगाई की मार से बेहाल कर दिया है। जनता इससे निजात चाहती है। इस सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से खराब हो गई है। मुख्य अतिथि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने कहा कि कांग्रेस ने देश का चौमुखी विकास किया।देश मे कल कारखाने लगाकर रोजगार देने का काम किया। लेकिन यह सरकार उन सभी कल कारखानों को बेचने का काम कर रही है।बिना कांग्रेस के इस देश का भला नहीं हो सकता है। पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि इस देश को एक समान शिक्षा नीति की आवश्यकता है।यह सरकार शिक्षा को महंगी कर दिया है जिससे गरीब परिवार के लोग उच्च शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि आज भाजपा सरकार से आम जनता उब गई है कांग्रेस के तरफ आशा भरी निगाहों से देख रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नागेंद्र शुक्ल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बल पर इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी। सभा को जिला उपाध्यक्ष भरत मणि त्रिपाठी, शैलेश दूबे, राजेश मिश्र,विमल मिश्र,मुक्तिनाथ, रजनीश उपाध्याय, प्रह्लाद तिवारी, सरोज पांडेय, परमानन्द यादव एडवोकेट, लालसाहब यादव,रामअशीष गौंड़,विनोद दूबे, महेन्द्र यादव,आचार्य हरेन्द्र मिश्र, नागेंद्र तिवारी, मनीष रजक,डॉ रमेश कुशवाहा, पन्नालाल पाठक,परमानन्द प्रसाद,गंगासागर मिश्र, उत्तेज मिश्र जयराम उपाध्याय, प्रमोद श्रीवास्तव, डॉ नरेन्द्र यादव,रोहित यादव, राहुल मिश्र,रामेश्वर कुशवाहा, सुरेंद्र यादव, प्रमोद चौधरी,अशोक कुमार,सुजीत कुमार आदि ने सम्बोधित किया।

बरहज से पहली बार खाटु श्याम दर्शन यात्रा राजस्थान को प्रस्थान

नपाध्यक्ष ने झंडी दिखाकर बस को किया रवाना

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
पद्मिनी एकादशी के उपलक्ष्य में श्याम प्रेमियों की पहली बार खाटू श्याम दर्शन यात्रा मंगलवार को श्री लक्ष्मी नारायण व खाटू श्याम मंदिर, हनुमानगढ़ी से सुबह 10 बजे भाजपा नेता अमित केडिया की अगुवाई व देखरेख में प्रस्थान की । नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने बस को झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा से पूर्व खाटू श्याम मंदिर में दर्शनार्थियों ने पूजा पाठ व मंगल आरती किया। आयोजक अमित केडिया ने कहा कि केवल मात्र ग्यारह सौ रुपए में ए.सी. युक्त बस द्वारा श्याम प्रेमियों की सुलभ यात्रा कराई जा रही है। इस अवसर पर पंडित गजानंद शर्मा, पंडित मुरारी लाल शर्मा , जितेन्द्र भारत, आनन्द मोदनवाल, गुड्डू जायसवाल, गुड्डू चौरसिया, बैजनाथ जायसवाल, सुनील गुप्ता , सूर्यनाथ मोदनवाल, जीउत मोदनवाल, किशन मद्धेशिया, मुरारी जायसवाल, लक्ष्मण जायसवाल, मुन्ना गुप्ता, मनोज गुप्ता, रतन वर्मा, मुकेश, रमाशंकर जायसवाल, नीरज, बिट्टू मद्धेशिया,अभय जायसवाल, निशा शर्मा, उपासना केडिया,उर्मिला देवी, दुर्गावती देवी, प्रियंका देवी, दुलारी देवी, जयंती देवी आदि उपस्थित रहीं।

सिकन्दरपुर की जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और किसानों की समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

सिकन्दरपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विधानसभा 359 सिकन्दरपुर की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला अध्यक्ष Umashankar Pathak के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी Rishikant Rajvanshi को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, सिंचाई, पेयजल और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान है, लेकिन संबंधित विभाग समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिकन्दरपुर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सभी जांच मशीनों और स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल सुचारु कराने की मांग की। साथ ही अस्पताल अधीक्षक को हटाने की भी मांग रखी गई। नेताओं का आरोप था कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में क्षेत्र में स्थापित आरओ मशीनों को दुरुस्त कराने और इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत कराकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों की समस्याओं को उठाते हुए नहरों में पर्याप्त पानी छोड़े जाने, सरकारी गोदामों में समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा बिजली संकट समाप्त करने की मांग भी की गई।

कांग्रेस नेताओं ने नगर क्षेत्र में बने एमआरएफ सेंटर की निष्पक्ष जांच कराने, जर्जर सड़कों की मरम्मत और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण लगाने की बात कही गई।

ज्ञापन में मालदाह चट्टी स्थित विश्वकर्मा मंदिर के स्वरूप में किसी प्रकार का बदलाव न किए जाने की मांग की गई। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने National Testing Agency पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न करने की बात कही।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो पार्टी आंदोलन करने को बाध्य होगी। उपजिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, मदन यादव, धीरेन्द्र आनंद मिश्र, महेश कुमार तिवारी, हृदयानंद पांडे, अखिलेश कनौजिया, नेहा देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।