Tuesday, June 9, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

प्रो. अजय शुक्ला बने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के चीफ वार्डेन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के आचार्य प्रो. अजय कुमार शुक्ला को विश्वविद्यालय के छात्रावासों का चीफ वार्डेन (मुख्य अभिक्षक) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय के छात्रावास प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
लगभग 28 वर्षों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध प्रो. शुक्ला विश्वविद्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। वे लंबे समय तक एन.सी. छात्रावास के वार्डेन तथा कबीर छात्रावास के अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। एन.सी. छात्रावास के वार्डेन के रूप में उनके कार्यकाल को अनुशासन, छात्र-कल्याण और प्रभावी प्रशासन के लिए विशेष रूप से सराहा गया था।
वर्तमान में प्रो. शुक्ला अंग्रेजी विभाग में आचार्य के पद पर कार्यरत हैं तथा विश्वविद्यालय की अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। छात्र हितों और अनुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा नए दायित्व के सफल निर्वहन की कामना की।

योग से स्वस्थ मातृत्व का संदेश, महिला चिकित्सालय में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष शिविर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के तहत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र तथा जिला स्वास्थ्य समिति, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में जिला महिला चिकित्सालय सभागार में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य हेतु योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य अधीक्षक डॉ. जय कुमार, महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रो. दिव्या रानी सिंह, चिकित्सकगण, स्वास्थ्यकर्मी तथा बड़ी संख्या में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं ने सहभागिता की।
योग प्रशिक्षक नीलम सिंह, विंध्यवासिनी सिंह एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को गर्भावस्था और प्रसवोत्तर अवधि में किए जाने वाले सुरक्षित एवं लाभकारी योगासनों का अभ्यास कराया। इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, बद्धकोणासन, वज्रासन, शशांकासन, मार्जरी-व्याघ्रासन, सुखासन तथा ध्यान का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने विभिन्न आसनों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी भी दी।
शिविर में अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम तथा गहरी श्वास-प्रश्वास तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास गर्भावस्था के दौरान तनाव, चिंता, थकान एवं पीठ दर्द को कम करने में सहायक होता है तथा प्रसव प्रक्रिया को सहज बनाने में मदद करता है। धात्री महिलाओं के लिए योग शारीरिक पुनर्स्थापन, मानसिक संतुलन और ऊर्जा वृद्धि का प्रभावी माध्यम है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ माँ एक स्वस्थ संतान को जन्म देती है, जो समाज के भावी कुशल नागरिक बनते हैं। योग और प्राणायाम से गर्भवती महिलाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवन की आधारशिला है और मातृत्व के महत्वपूर्ण चरण में महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की विशेष देखभाल आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास महिलाओं को स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखने के साथ शिशु के समुचित विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने कहा कि योग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का सरल, सुलभ और प्रभावी माध्यम है। वहीं डॉ. जय कुमार ने कहा कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में किया गया योग महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है तथा मातृ एवं शिशु कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. दिव्या रानी सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन “स्वस्थ माँ-स्वस्थ, शिशु-स्वस्थ समाज” के संकल्प तथा नियमित योगाभ्यास के संदेश के साथ हुआ।

ट्रैक्टर की चपेट में आने से वृद्ध की मौत, परिवार में मचा कोहराम

घर के बाहर निकलते समय बिगड़ा संतुलन- सड़क पर गिरने के बाद ट्रैक्टर से हुए घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के भारतखण्ड पकड़ी गांव में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में वृद्ध की जान चली गई। घर के बाहर निकलते समय संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिरे वृद्ध को सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार भारतखण्ड पकड़ी निवासी हिदायत अली 60 वर्ष पुत्र स्वर्गीय आशिक दिवान लंबे समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे। मंगलवार को करीब 12 बजे वह घर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़े। उसी समय सामने से गुजर रहे ट्रैक्टर की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वृद्ध की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
सूचना पर पहुंची कोठीभार पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर व चालक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष कोठीभार अखिलेश वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। ट्रैक्टर और चालक को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला से मचा हड़कंप

लीलकर गांव में घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस महिला को सुरक्षित उतारने में जुटी

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लीलकर गांव में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब एक महिला अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। टावर पर चढ़ी महिला क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला अपने साथ पानी की बोतल और मोबाइल फोन लेकर टावर पर चढ़ी थी। उसने अपने चेहरे को दुपट्टे से ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि महिला टावर के ऊपरी हिस्से में बैठकर लगातार मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रही थी।
घटना का एक और दिलचस्प पहलू यह रहा कि महिला केवल बातचीत ही नहीं कर रही थी, बल्कि नीचे खड़े लोगों की गतिविधियों को भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करती दिखाई दी। महिला द्वारा वीडियो बनाए जाने की चर्चा पूरे इलाके में होती रही और लोग उसके टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाते रहे।
घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना अध्यक्ष मूलचंद चौरसिया पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। पुलिसकर्मी लगातार महिला से संवाद स्थापित करने और उसे समझाने-बुझाने का प्रयास करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार महिला काफी देर तक टावर पर बनी रही, जिससे लोगों की चिंता बढ़ती गई। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।फिलहाल महिला के टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला से बातचीत के माध्यम से वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल संबंधित व्यक्ति बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं।समाचार लिखे जाने तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी तथा महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी थे। पूरे क्षेत्र के लोग महिला के सकुशल नीचे उतरने और मामले के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

लूट की कहानी निकली फिल्मी

सगी बड़ी भाभी ने ही रची थी साजिश
पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा,
जेवर और नकदी बरामद

जनपद के खेजुरी थाना क्षेत्र में बीते 6 जून को हुई कथित लूट की घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस वारदात को शुरू में नकाबपोश बदमाशों द्वारा अंजाम दी गई लूट माना जा रहा था, वह दरअसल पारिवारिक कलह का परिणाम निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि घर की ही बड़ी बहू ने अपने मायके पक्ष के लोगों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश रची थी। घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से सूचना दी गई थी कि कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए और मारपीट करते हुए लाखों रुपये के जेवरात तथा नकदी लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस को जांच में लगाया गया।जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल फोन की लोकेशन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। शुरुआती जांच में ही पुलिस को घटना में कई संदिग्ध पहलू दिखाई दिए, जिसके बाद परिवार के सदस्यों से भी गहन पूछताछ की गई।पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि घर की बड़ी भाभी अमीना खातून ने ही अपने मायके के भाइयों के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी तैयार की थी। बताया जा रहा है कि परिवार में चल रहे आपसी विवाद और मनमुटाव के कारण उसने यह साजिश रची थी, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों को फंसाया जा सके और सहानुभूति भी हासिल की जा सके।पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अमीना खातून तथा उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर कथित रूप से लूटे गए जेवरात और 7 हजार रुपये नगद भी बरामद कर लिए गए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे में आवश्यक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस खुलासे के बाद क्षेत्र में घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के जरिए कुछ ही दिनों में पूरे मामले का पर्दाफाश होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि अपराध और झूठी सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पीएम स्वनिधि योजना से छोटे व्यापारियों को मिली नई पहचान, लाभार्थी हुए सम्मानित

योजना के छह वर्ष पूरे होने पर लोक कल्याण मेला आयोजित,उत्कृष्ट पथ विक्रेताओं को मिला प्रशस्ति पत्र

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को नगर पालिका परिषद सभागार में लोक कल्याण मेला एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योजना से लाभान्वित पथ विक्रेताओं को प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना रेहड़ी, पटरी और ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा कि आसान प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराए गए ऋण से हजारों पथ विक्रेताओं को अपना कारोबार बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि समय से ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अधिक राशि का पुनः ऋण, ब्याज सब्सिडी तथा डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इससे पथ विक्रेताओं की आय बढ़ी है और उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
डूडा के सीएमएम आनंद त्रिपाठी ने लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान द्वितीय ऋण समय से चुकाकर क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने वाले, तृतीय ऋण का समय से भुगतान करने वाले, सर्वाधिक डिजिटल लेनदेन करने वाले, सर्वाधिक कैश बैक प्राप्त करने वाले तथा स्व निधि से समृद्धि योजना के लाभार्थी पथ विक्रेताओं को प्रशस्ति-पत्र पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी आलोक मिश्रा, एलडीएम बी.एन. मिश्रा, सीएमएम डूडा आनंद त्रिपाठी, राकेश अग्रहरी, संजीव शुक्ला सहित बड़ी संख्या में पथ विक्रेता मौजूद रहे।

पेपर लीक की आशंका से टूट रहा युवाओं का भरोसा, भर्ती परीक्षाओं की साख पर उठ रहे सवाल

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बावजूद हर परीक्षा के बाद उठते हैं संदेह, अभ्यर्थी मांग रहे पारदर्शिता और जवाबदेही

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा) सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं केवल एक प्रतियोगी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके भविष्य, करियर और सपनों का आधार होती हैं। वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और आर्थिक संसाधनों का निवेश इन परीक्षाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में जब किसी भर्ती परीक्षा के बाद पेपर लीक या अनियमितताओं की चर्चाएं सामने आती हैं, तो सबसे अधिक प्रभावित अभ्यर्थियों का विश्वास होता है।

हाल के वर्षों में कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर प्रश्नपत्र लीक होने, उत्तर पुस्तिकाओं के वायरल होने अथवा परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आते रहे हैं। कई मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं, जबकि कुछ मामलों में आरोपों को अफवाह बताया जाता है। हालांकि इन चर्चाओं से अभ्यर्थियों के मन में संदेह और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

परीक्षा एजेंसियां और सरकारें भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित एवं निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित पैकिंग और विशेष निगरानी दलों की तैनाती जैसे उपाय लागू किए गए हैं। इसके बावजूद यदि प्रत्येक बड़ी परीक्षा के बाद पेपर लीक की आशंका या चर्चा सामने आती है, तो परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी अफवाह या आरोप का त्वरित और तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। यदि किसी परीक्षा में अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो परीक्षा एजेंसियों को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पारदर्शिता की कमी ही अविश्वास और भ्रम को बढ़ावा देती है।

पेपर लीक की घटनाएं या उनकी आशंकाएं केवल परीक्षा प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव डालती हैं। कई बार परीक्षाएं रद्द होने से अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित होता है।

युवाओं का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है तो हर परीक्षा के बाद पेपर लीक की चर्चाएं क्यों सामने आती हैं? और यदि कहीं कोई चूक हो रही है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जाती?

भर्ती परीक्षाओं में विश्वास बनाए रखने के लिए केवल कड़े कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हो। जब तक युवाओं को निष्पक्ष और विश्वसनीय चयन प्रक्रिया का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक भर्ती परीक्षाओं की साख और विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे।

यूपी-112 बनी अभ्यर्थी की उम्मीद, पांच मिनट में पहुंचाया परीक्षा केंद्र

पुलिस भर्ती परीक्षा छूटने से बची, यूपी-112 की त्वरित कार्रवाई की हर ओर सराहना

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी-112 ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक अभ्यर्थी की परीक्षा छूटने से बचा ली। पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे एक अभ्यर्थी को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाकर यूपी-112 की टीम ने उसकी एक वर्ष की मेहनत को व्यर्थ होने से बचा दिया।

जानकारी के अनुसार अमन गुप्ता, निवासी श्याम विहार कॉलोनी, पहलवारा (जनपद बलरामपुर), पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए पंचायत इंटर कॉलेज, परतावल स्थित परीक्षा केंद्र जा रहे थे। रास्ते में विलंब होने के कारण वह दोपहर करीब 2:25 बजे परतावल चौराहे पर पहुंचे। परीक्षा केंद्र का प्रवेश द्वार बंद होने में केवल कुछ ही मिनट शेष थे, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई।

परेशान अभ्यर्थी ने तत्काल यूपी-112 पर कॉल कर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही इवेंट संख्या-5561 के तहत पीआरवी-5813 पर तैनात हेड कांस्टेबल बैरिस्टर प्रसाद और उनकी टीम सक्रिय हो गई। पुलिस कर्मियों ने तुरंत अभ्यर्थी से संपर्क किया और उसे अपने वाहन में बैठाकर हूटर बजाते हुए परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गए।

पुलिस टीम की तेजी और सूझबूझ का परिणाम रहा कि अमन गुप्ता को ठीक 2:30 बजे, प्रवेश द्वार बंद होने से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचा दिया गया। समय पर पहुंचने के कारण वह भर्ती परीक्षा में शामिल हो सके।

परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद अभ्यर्थी ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यूपी-112 की त्वरित सहायता नहीं मिलती, तो उसकी एक वर्ष की कड़ी मेहनत और तैयारी व्यर्थ हो सकती थी।

घटना के बाद मौके पर मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी यूपी-112 की कार्यशैली की सराहना की। लोगों का कहना था कि यह सेवा केवल आपातकालीन स्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भरोसे और सहायता का मजबूत माध्यम बन चुकी है।

यूपी-112 की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मत्स्य पालन योजनाओं के लिए 28 जून तक करें आवेदन, विभागीय पोर्टल हुआ सक्रिय

मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना सहित चार योजनाओं का मिलेगा लाभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों एवं लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत संचालित विभिन्न मत्स्य पालन योजनाओं का लाभ देने के लिए विभागीय पोर्टल 8 जून 2026 से 28 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन हेतु खोल दिया गया है। यह जानकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण ने दी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषाद राज बोट सब्सिडी योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम स्थापना योजना तथा उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा।

विभाग के अनुसार योजनाओं से संबंधित परियोजनाओं का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यदि योजनाओं में शासन स्तर पर कोई संशोधन किया जाता है तो संशोधित प्रावधान ही मान्य होंगे। साथ ही पूर्व वर्षों में जिन आवेदकों के आवेदन निरस्त हो गए थे या जो प्रतीक्षा सूची में थे, वे भी दोबारा आवेदन करने के पात्र होंगे।

मत्स्य पालन विभाग ने लाभार्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए इच्छुक व्यक्ति कार्यालय मत्स्य पालक विकास अभिकरण, विकास भवन, संत कबीर नगर में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन शुरू, 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन नामांकन

वीरता, खेल, विज्ञान, कला सहित छह श्रेणियों में असाधारण प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन एवं सिफारिशों की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी एवं नामांकनकर्ता 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र ने दी।

उन्होंने बताया कि जनपद स्तर से विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों के नामांकन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के मेधावी एवं प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार छह प्रमुख श्रेणियों—वीरता, समाजसेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी—में दिया जाता है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने किसी भी श्रेणी में उत्कृष्ट एवं असाधारण योगदान दिया हो। चयनित बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अथवा उनके नामांकनकर्ता निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देश आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से पात्र बच्चों के नामांकन कराने की अपील की है, ताकि जिले की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिल सके।

योग बंधन–2026: दक्षिण प्रशांत देशों के साथ योग से जुड़ा वैश्विक स्वास्थ्य और सद्भाव का संदेश

गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में 12 प्रशांत देशों के प्रतिभागियों ने की सहभागिता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम “योग बंधन–2026” के दूसरे दिन योग के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में किया गया।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, विशेष रूप से योग, को वैश्विक पहचान दिलाने में कुलाधिपति का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखपुर प्राचीन काल से हठयोग और आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र रही है। साथ ही विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों को और मजबूत करने तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

कार्यक्रम का मुख्य व्याख्यान लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के सहायक आचार्य डॉ. अमित यादव ने “रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन हेतु योग : एक सार्वभौमिक चिकित्सीय दृष्टिकोण” विषय पर दिया। उन्होंने योग को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन, आंतरिक शांति और स्वस्थ समाज निर्माण का प्रभावी माध्यम बताते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायामों के चिकित्सीय लाभों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि द यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक की सक्रिय भागीदारी रही। फिजी, किरिबाती, समोआ, टोंगा, तुवालु, वानुआतु, सोलोमन द्वीप, कुक द्वीप, मार्शल द्वीप, नाउरू, निउए और टोकेलाउ सहित 12 दक्षिण प्रशांत द्वीपीय देशों की सेवा प्रदान करने वाले इस विश्वविद्यालय से जुड़े लगभग 50 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनमें प्रमाणित योग प्रशिक्षक, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल रहे।

कार्यक्रम में डॉ. आर. के. प्रजापति, डॉ. तनवीर हैदर नकवी, डॉ. कपिल दवे, रांगी जोसेफ डेविस, एंडे लोवे, सतीब निशा खान, शेरोन घाबूस तथा जलेसी राबाकेवा सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि योग आज वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक संवाद, शांति और मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुका है।

कार्यक्रम का समन्वयन अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता ने किया। समापन अवसर पर डॉ. आर. के. प्रजापति ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि “योग बंधन–2026” जैसे आयोजन भारतीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और स्वास्थ्य संवर्धन को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

नगर पंचायत मगहर में 9.50 लाख रुपये के नाला सफाई टेंडर पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की

नगर पंचायत के संसाधनों से हो रही सफाई, फिर ठेकेदार की भूमिका क्या?

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा) नगर पंचायत मगहर में नाला सफाई कार्य के लिए जारी लगभग 9.50 लाख रुपये के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि टेंडर जारी होने के बावजूद नालों की सफाई नगर पंचायत के कर्मचारियों, वाहनों और ईंधन के माध्यम से कराई जा रही है, जिससे टेंडर की आवश्यकता और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सफाई कार्य नगर पंचायत के उपलब्ध संसाधनों से ही कराया जा रहा है, तो लाखों रुपये का टेंडर जारी करने का औचित्य समझ से परे है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, जबकि संबंधित ठेकेदार की भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है।

क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से सामने आई तस्वीरों और स्थानीय शिकायतों के अनुसार कई जगहों पर नालों से निकाला गया कूड़ा लंबे समय तक किनारे पड़ा रहा। वहीं कुछ स्थानों पर सफाई के बाद भी नालों की स्थिति संतोषजनक नहीं दिखाई दी। लोगों का आरोप है कि कई हिस्सों में 10 से 20 मीटर तक नालों की स्लैब हटाए बिना ही सफाई कार्य पूरा दिखा दिया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि उक्त धनराशि को नगर के अन्य विकास कार्यों, विशेषकर जहां नालियों का अभाव है वहां नई नालियों के निर्माण पर खर्च किया जाता, तो आम जनता को अधिक लाभ मिलता। मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और जिलाधिकारी से शिकायत करने की तैयारी की जा रही है।

इस बीच स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरोप है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगाए गए एक सूचना बोर्ड पर वर्ष 2024-25 के स्थान पर 2025-26 अंकित कर तैयारियों का प्रदर्शन किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

हालांकि, इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। शिकायत के बाद यदि प्रशासनिक जांच होती है तो टेंडर प्रक्रिया और सफाई कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पत्नी के बाद पिता का भी साया उठा, हाईटेंशन करंट ने चार बच्चों को बेसहारा किया

सतराव/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायत पिपरा भूली निवासी राजमिस्त्री रमेश प्रसाद (45) की सोमवार को बरहज थाना क्षेत्र के डेईडीहा गांव में हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वह एक मकान की छत पर प्लास्टर का कार्य कर रहे थे। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़े। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

रिहायशी इलाके से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रमेश प्रसाद डेईडीहा निवासी जवाहर बरनवाल के मकान की रेलिंग पर प्लास्टर कर रहे थे। मकान के बगल से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है। कार्य के दौरान वह लाइन की चपेट में आ गए और छत से नीचे गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। रमेश प्रसाद की पत्नी का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। अब उनकी मौत के बाद पुत्री अर्चना (18), काजल (16) तथा पुत्र अंकित (14) और आर्यन (12) के सिर से पिता का साया भी उठ गया है। चारों बच्चे अभी अविवाहित हैं। परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और परवरिश प्रभावित न हो।

थानाध्यक्ष विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों ने बिजली विभाग से रिहायशी क्षेत्रों से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

देवरिया: बरहज में भवन निर्माण के दौरान ढही ईंट की रेलिंग, मलबे में दबकर राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत

​दर्दनाक हादसा: देई डीहा गांव में प्लास्टर करते समय अचानक भरभरा कर गिरी कमजोर रेलिंग।

​अनाथ हुए बच्चे: एक साल पहले ही सिर से उठा था मां का साया, अब पिता की मौत से चार मासूमों के भविष्य पर मंडराया संकट।

​बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देई डीहा में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान ईंट से बनी रेलिंग अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

​प्लास्टर करते समय अचानक हुआ हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, बरहज थाना क्षेत्र के पिपरा भुली गांव निवासी रमेश प्रसाद (पुत्र मुखलाल प्रसाद, उम्र 40 वर्ष) पेशे से राजमिस्त्री थे। वह प्रतिदिन की भांति अपने काम पर निकले थे और देई डीहा गांव में आकाश जायसवाल के मकान पर निर्माण कार्य कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रमेश छत की रेलिंग पर प्लास्टर का काम कर रहे थे, तभी अचानक कमजोर होने के कारण पूरी रेलिंग भरभरा कर ढह गई। रमेश प्रसाद सीधे मलबे की चपेट में आ गए और उसके नीचे बुरी तरह दब गए।

​मकान मालिक और मजदूरों ने पहुँचाया अस्पताल

​हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद अन्य मजदूरों, दूसरे राजमिस्त्री और मकान मालिक आकाश जायसवाल ने आनन-फानन में भारी मशक्कत के बाद रमेश को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत इलाज के लिए बरहज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मासूमों के सिर से उठा इकलौता सहारा

ग्रामीणों ने बताया कि 40 वर्षीय रमेश प्रसाद के कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। उनके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। बेहद दुखद बात यह है कि महज एक वर्ष पहले ही रमेश की पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी थी। पत्नी की मौत के बाद रमेश ही अकेले कमाकर बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। इस हादसे ने चारों बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। परिजनों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

​घटना की सूचना मिलते ही बरहज पुलिस तुरंत पीएचसी पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए देवरिया सदर भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस घटना के बाद से दोनों गांवों (पिपरा भुली और देई डीहा) में शोक की लहर है।

पुलिस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने को डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण

परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का लिया जायजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नेहरू कृषक इंटर कॉलेज, सरदार पटेल इंटर कॉलेज सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम एवं व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सघन निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम तथा डायल-112 को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जनपद पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।