Tuesday, July 7, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

नगर की विद्युत व्यवस्था ध्वस्त जनता परेशान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
बरहज टाउन की बिजली व्यवस्था लोगो के लिए नासूर बन गई है। सोमवार की सुबह से नगर की विद्युत सप्लाई बाधित है। लगभग 20 घंटे से सप्लाई न आने से 15 से 20 हजार की आबादी प्रभावित है। पीने के पानी के साथ सारी व्यवस्था ठप पड़ गया है।
इस भीषण गर्मी और तेज धुप के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का व्यापार चौपट हो गया है। इन्वर्टर तथा जनरेटर भी जवाब दे चुकी हैं।
नगर के डॉ अजय मिश्रा, प्रदीप जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजीत जायसवाल, तारकेश्वर वर्मा, विजय जायसवाल सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि कटौती से जनता परेशान हैं। इस विकट समस्या के समाधान को लेकर लोग बार-बार विद्युत विभाग का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनता कौन है और समस्या बरकरार है ।
जनता और व्यापारियों का कहना है कि बिजली सप्लाई बाधित होने से रोजगार और कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो चूका है। गर्मी और अंधेरे से बड़े बुजुर्गों और बच्चों को काफ़ी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह गौतम ने बताया कि विद्युत व्यवस्था में कोई बड़ी खराबी नहीं है। सुबह पेड़ों की डालियों की छंटाई के कारण बिजली कुछ समय के लिए बाधित की गई थी। यदि कहीं कोई समस्या है तो लाइनमैन भेजकर उसे तत्काल ठीक करा दिया जा रहा है।

ट्रेन में विवाद के बाद फरार युवक चढ़ा जीआरपी के हत्थे

अनूप तिवारी की रिपोर्ट

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) देवरिया ने ट्रेन में स्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों में अपराध नियंत्रण तथा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे रामकृष्ण भारद्वाज तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम के निकट पर्यवेक्षण में जीआरपी देवरिया की टीम लगातार अभियान चला रही है।
इसी क्रम में सोमवार 7 जुलाई 2026 को जीआरपी थाना देवरिया की टीम ने रेलवे स्टेशन देवरिया सदर के प्लेटफॉर्म संख्या-2 से मु. आरिफ (24 वर्ष) पुत्र कमाल खान, निवासी भुजौली कॉलोनी, थाना कोतवाली देवरिया को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने 6 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 19602 में पहले कोच अटेंडेंट से विवाद किया था। विवाद के दौरान स्कॉर्ट ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप करने पर आरोपी ने उनसे भी अभद्रता की तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। घटना के बाद दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही थी।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि कोच अटेंडेंट से हुए विवाद के दौरान वह गुस्से में था और इसी कारण स्कॉर्ट पुलिसकर्मियों से भी कहासुनी हो गई। वह देवरिया रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां जीआरपी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के विरुद्ध जीआरपी थाना देवरिया में मु.अ.सं. 36/2026 के तहत बीएनएस की धारा 115(2), 351(3) एवं 132 में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सौरभ सिंह, आरक्षी अरविन्द यादव तथा आरक्षी रंजीत यादव शामिल रहे।

उप निदेशक पंचायत ने विकास कार्यों और पंचायत भवनों का किया निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देशानुसार उप निदेशक (पंचायत) आजमगढ़ मंडल अभय कुमार शाही ने विकास भवन में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कंसल्टेंट सहित संबंधित अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने विकास खंड खलीलाबाद की ग्राम पंचायत नेहिया खुर्द बुजुर्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान पंचायत भवन, सीएससी और आरआरसी का जायजा लेने के साथ खेल मैदान के पास हरिशंकरी पौधे का रोपण किया।
इसके बाद विकास खंड सेमरियावां की ग्राम पंचायत टेमारहमत में अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण किया गया। अंत में ग्राम पंचायत चांगेरा मगेरा पहुंचकर पंचायत भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य एवं उसकी गुणवत्ता की सराहना करते हुए अंत्येष्टि स्थल पर इंटरलॉकिंग और बाउंड्री वॉल का कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

आम की उन्नत किस्मों से विकसित होगा विश्वविद्यालय का हरित बाग

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। वृहद वृक्षारोपण पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में होम साइंस विभाग के पीछे आम के बाग का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आम का पौधा लगाकर किया।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्षों का रोपण जैव विविधता के संरक्षण, पोषण सुरक्षा तथा हरित एवं स्वच्छ परिसर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह, होम साइंस विभाग की अध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह तथा प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आर. आर. सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आर. आर. सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। आम का यह बाग भविष्य में विद्यार्थियों के लिए जैव विविधता, उद्यानिकी और पर्यावरणीय अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
वृक्षारोपण के दौरान चौसा, मियाजाकी, गौरजीत, बॉम्बे ग्रीन, आम्रपाली, दशहरी और केसर सहित आम की उन्नत एवं लोकप्रिय किस्मों का रोपण किया गया। इन किस्मों का चयन उनकी उच्च गुणवत्ता, बेहतर उत्पादन क्षमता और स्थानीय जलवायु के अनुरूप अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए किया गया।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।

महाविद्यालय परिसर में शताधिक पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के टुंगपार स्थित शिवशंकर चतुर्वेदी महाविद्यालय में वन महोत्सव सप्ताह के अंतिम दिन मंगलवार को पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर में प्रभा सेवा समिति की सचिव/प्रबंधक पुष्पा चतुर्वेदी के नेतृत्व में प्राध्यापकों एवं वन एवं पर्यावरण विभाग के हरित सारथी नवनीत मिश्र ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
महाविद्यालय परिसर में आम, सहजन, फाइकस, करोटन, अशोक, सागौन, नींबू, अनार, अर्जुन, कंजी सहित विभिन्न प्रजातियों के शताधिक पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान सभी ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केएम त्रिपाठी ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “पौधे हैं तो जल है, पौधे हैं तो जीवन है और पौधे हैं तभी सृष्टि का अस्तित्व भी सुरक्षित है।”
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अध्यक्ष विनय कुमार चतुर्वेदी, डॉ. वीडी दुबे, डॉ. रमेश कुमार, एनके सिंह, नीरज राव, पवन कुमार, दीपक सिंह, दीपिका तिवारी, संदीप पांडेय, शेषनाथ चौधरी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अवैध ऑनलाइन कीटनाशी बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने जनपद के सभी पेस्टीसाइड विक्रेताओं, निर्माताओं, विपणन फर्मों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और उनके माध्यम से कीटनाशी रसायनों का विक्रय करने वाली इकाइयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कीटनाशियों का निर्माण, आयात, भंडारण, विक्रय, वितरण और उपयोग भारत सरकार के कीटनाशी अधिनियम-1968 तथा कीटनाशी नियम-1971 के प्रावधानों के तहत विनियमित है।
उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत पेस्टीसाइड विक्रेता अपने प्रतिष्ठान पर वैध लाइसेंस प्रदर्शित करें तथा केवल पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही विक्रय करें। प्रत्येक बिक्री का नियमानुसार अभिलेख रखा जाए और उत्पादों पर निर्धारित लेबल, बैच संख्या, निर्माण एवं समाप्ति तिथि सहित सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित हों।
डॉ. सर्वेश यादव ने कहा कि कुछ विक्रेता और फर्में बिना वैध लाइसेंस या विधिक अनुमति के ई-कॉमर्स माध्यमों से कीटनाशी उत्पादों का विक्रय एवं वितरण कर रही हैं, जो कीटनाशी अधिनियम-1968 और कीटनाशी नियम-1971 का उल्लंघन है। ऐसे अवैध व्यापार, बिना लाइसेंस ऑनलाइन बिक्री तथा अपंजीकृत एवं प्रतिबंधित उत्पादों के विपणन पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन विक्रेताओं और वितरण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे केवल लाइसेंसधारी एवं अधिकृत विक्रेताओं के उत्पादों को ही अपने प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराएं तथा संबंधित अभिलेखों एवं अनुमतियों का सत्यापन सुनिश्चित करें।
कृषकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशी खरीदें। यदि किसी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से संदिग्ध, अपंजीकृत अथवा प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला कृषि रक्षा कार्यालय को दें। उन्होंने कहा कि कीटनाशियों का सुरक्षित, वैधानिक और जिम्मेदार उपयोग किसानों के हितों के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य, पशुधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।

दीवार ढहने से आठ वर्षीय छात्रा की मौत मलबे में दबने से गई जान

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रोजा थाना क्षेत्र के ग्राम उदियापुर में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। कच्ची दीवार ढहने से मलबे में दबकर आठ वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मृतका की पहचान गांव निवासी मुनेंद्र की पुत्री नताशा (8) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय नताशा दीवार के पास थी। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे वह मलबे में दब गई। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल बाहर निकालकर उपचार के लिए ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर रोजा थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, राजस्व टीम ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।

कार से कुचलने की कोशिश के बाद जानलेवा हमला

दो माह से फरार दो आरोपी गिरफ्तार

जैतीपुर/शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l दीपक सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जैतीपुर पुलिस ने दो महीने से फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को लालपुर उर्फ बड़ा गांव-मारपुर तिराहे के पास घेराबंदी कर अभिषेक प्रताप सिंह और अंकित उर्फ भुन्ना उर्फ भुवनेश को दबोच लिया। पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे, लेकिन पीछा कर पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, 14 मई 2026 को दीपक सिंह ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अर्जुन सिंह कार्की ने ईको कार से उनकी आल्टो कार में जान से मारने की नीयत से टक्कर मारी। इसके बाद अभिषेक, अंकित, अमित कुमार, दुर्वेश और वीकेश ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में थाना जैतीपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5) भी बढ़ाई गई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रोहिताश कुमार, उपनिरीक्षक सूरजपाल पचौरी और कांस्टेबल राहुल यादव शामिल रहे।

अग्निवीर चंद्रमणि के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब, पुष्प वर्षा व जयघोष से गूंजा पकड़ी सिसवां

प्रशिक्षण पूरा कर घर लौटे युवा सैनिक का फूल-मालाओं से अभिनंदन, शिकारपुर से गांव तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पकड़ी सिसवां निवासी लाल चंद्रमणि गुप्ता के अग्निवीर के रूप में प्रशिक्षण पूरा कर घर लौटने पर मंगलवार को पूरे क्षेत्र ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। शिकारपुर चौराहे से लेकर पकड़ी सिसवा गांव तक निकले भव्य स्वागत जुलूस में देशभक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था। भारत माता के जयघोष, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के बीच युवा सैनिक का अभिनंदन किया गया।
शिकारपुर चौराहे पर परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने चंद्रमणि गुप्ता का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद तिरंगों और देशभक्ति के नारों के साथ भव्य जुलूस गांव तक पहुंचा। पूरे मार्ग में लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। गांव पहुंचने पर भी ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा मंडल महामंत्री प्रशांत राय ने कहा कि चंद्रमणि गुप्ता ने अपने परिश्रम, अनुशासन और संकल्प के बल पर अग्निवीर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायी है और राष्ट्रसेवा के प्रति नई पीढ़ी में उत्साह का संचार करेगी।
स्वागत समारोह में शेष मणि गुप्ता, प्रशांत राय, पवन पटेल, आयुष पटेल, अब्दुल्लाह, मृत्युंजय, प्रशांत रौनियार, सत्यम पटेल, अनमोल, अंकुश, आशीष सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने अग्निवीर चंद्रमणि गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य तथा राष्ट्रसेवा में उनके सफल योगदान की कामना की।

जीव के बंधन का कारण : बाहर नहीं, भीतर बैठा है बंधन

डॉ. सतीश पाण्डेय

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मनुष्य स्वयं को स्वतंत्र मानता है। उसे लगता है कि वह अपनी इच्छानुसार सोचता है, निर्णय लेता है और जीवन जीता है। किंतु यदि वह एक क्षण ठहरकर अपने अंतर्मन में झांके तो पाएगा कि उसका अधिकांश जीवन उन इच्छाओं, वासनाओं, मोह, भय, लोभ और अहंकार के इर्द-गिर्द घूमता है, जिन्हें उसने स्वयं कभी चुना भी नहीं। यही अदृश्य बंधन हैं, जो जीव को जन्म-मरण के चक्र से लेकर दैनिक जीवन की अशांति तक बांधे रखते हैं। भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व इस सत्य का उद्घोष किया था कि जीव का वास्तविक बंधन संसार नहीं, बल्कि संसार के प्रति उसकी आसक्ति है।
यह सृष्टि अपने आप में न तो बंधन है और न ही मुक्ति। वही संसार किसी के लिए तपो भूमि बन जाता है और किसी के लिए दुःख का अथाह सागर। अंतर केवल दृष्टि का है। जिस मनुष्य ने वस्तुओं का उपयोग करना सीखा, वह स्वतंत्र हो गया, जिसने वस्तुओं को अपना स्वामी बना लिया, वह बंध गया। इसलिए धार्मिक ग्रंथो से लेकर संत साहित्य तक एक ही स्वर सुनाई देता है—बंधन वस्तुओं में नहीं, मन की वृत्तियों में है।
आज का युग अभूतपूर्व उपलब्धियों का युग है। विज्ञान ने दूरी मिटा दी है, तकनीक ने जीवन को सरल बनाया है, संसाधनों की भरमार है, किंतु मनुष्य के भीतर का खालीपन बढ़ता जा रहा है। सुविधाएं बढ़ीं, पर संतोष घटा। संपर्क बढ़े, पर संबंध कमजोर हुए। धन बढ़ा, पर दया कम हो गई। सूचना का विस्फोट हुआ, पर आत्मज्ञान का प्रकाश धुंधला पड़ता गया। यह विरोधाभास इसलिए है कि मनुष्य ने बाहर की दुनिया को जीतने में अपनी सारी शक्ति लगा दी, लेकिन भीतर के मन को जीतने का प्रयास नहीं किया।
भारतीय दर्शन कहता है कि इंद्रियां स्वभाव से विषयों की ओर दौड़ती हैं। आंख रूप चाहती है, कान मधुर शब्द, जिह्वा स्वाद, त्वचा स्पर्श और नासिका सुगंध। जब मन इन विषयों में स्थायी सुख खोजने लगता है, तब आसक्ति जन्म लेती है। आसक्ति से कामना उत्पन्न होती है, कामना से अपेक्षा, अपेक्षा से निराशा और निराशा से क्रोध। क्रोध विवेक को नष्ट करता है और विवेक के नष्ट होते ही मनुष्य अपने ही बनाए बंधनों का कैदी बन जाता है। यही वह मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक श्रृंखला है, जिसे भारतीय मनीषियों ने अत्यंत सूक्ष्मता से समझाया है।
इसी सत्य को गोस्वामी तुलसीदास ने अपने काव्य में अत्यंत सरल किंतु गहन शब्दों में व्यक्त किया है। वे कहते हैं—”मोह सकल व्याधिन्ह कर मूला।” अर्थात मोह सभी मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक व्याधियों का मूल कारण है। जब मनुष्य किसी वस्तु, व्यक्ति, पद या प्रतिष्ठा के प्रति अत्यधिक आसक्त हो जाता है, तब उसका विवेक ढक जाता है और वह सत्य का निर्णय नहीं कर पाता। यही मोह धीरे-धीरे लोभ, क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार का रूप धारण कर लेता है। तुलसीदास का यह विचार भारतीय दर्शन की उसी धारा का विस्तार है, जो मन को ही बंधन और मुक्ति का कारण मानता है।
तुलसीदास आगे कहते हैं—”पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।” सामान्यतः इस पंक्ति को सामाजिक या राजनीतिक संदर्भ में देखा जाता है, किंतु इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ है। जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं, वासनाओं, क्रोध, लोभ और अहंकार का दास है, वह कभी सुखी नहीं हो सकता। वास्तविक पराधीनता बाहरी नहीं, बल्कि मन की पराधीनता है। जिसने अपने मन को जीत लिया, वही सच्चा स्वतंत्र है।
संतों ने बार-बार चेताया कि संसार का त्याग आवश्यक नहीं, बल्कि आसक्ति का त्याग आवश्यक है। कमल का फूल कीचड़ में खिलता है, पर कीचड़ उससे चिपक नहीं पाती। नाव जल पर चलती है, लेकिन जल यदि नाव के भीतर भर जाए तो वही नाव डूब जाती है। ठीक इसी प्रकार संसार में रहना बंधन नहीं है; संसार को अपने भीतर भर लेना ही बंधन है। तुलसीदास के रामचरितमानस का प्रत्येक पात्र इसी सत्य का जीवन्त उदाहरण है। भगवान राम राजमहल में रहते हुए भी मर्यादा के प्रतीक हैं और वन में रहकर भी शांत एवं संतुलित हैं। इससे स्पष्ट होता है कि स्थान नहीं, मनःस्थिति मनुष्य को बाँधती या मुक्त करती है।
आज मनुष्य की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि उसने अपनी पहचान को बाहरी उपलब्धियों से जोड़ लिया है। पद चला जाए तो आत्मविश्वास चला जाता है। धन घट जाए तो सम्मान का भ्रम टूट जाता है। प्रशंसा न मिले तो मन बेचैन हो उठता है। इसका कारण यह है कि हमने अपने वास्तविक स्वरूप को भुलाकर स्वयं को केवल शरीर, पद और संपत्ति तक सीमित कर लिया है। जबकि भारतीय आध्यात्मिक चिंतन कहता है कि जीव मूलतः चेतना है, आत्मा है, जो न जन्म लेती है और न मरती है। बंधन इसी विस्मृति का नाम है और मुक्ति इसी स्मृति की पुनर्प्राप्ति। तुलसीदास भी बार-बार स्मरण कराते हैं कि ईश्वर का स्मरण और आत्मचिंतन ही मनुष्य को मोह से मुक्त कर सकता है।
जीवन का उद्देश्य भोगों से भागना नहीं, बल्कि उनका विवेक पूर्ण उपयोग करना है। धन कमाना अधर्म नहीं, धन का अहंकार अधर्म है। परिवार से प्रेम करना दोष नहीं, मोह में विवेक खो देना दोष है। सफलता प्राप्त करना अनुचित नहीं, सफलता को ही जीवन का अंतिम लक्ष्य मान लेना भ्रम है। कर्म करते हुए भी यदि मनुष्य फल के मोह से ऊपर उठ सके, तो वही कर्मयोग बन जाता है। यही भारतीय संस्कृति का सबसे व्यावहारिक संदेश है। तुलसीदास ने भी भक्ति, कर्तव्य और वैराग्य का ऐसा समन्वय प्रस्तुत किया, जिसमें जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन का परिष्कार है।
आज समाज अनेक प्रकार के मानसिक तनावों, पारिवारिक विघटन, प्रतिस्पर्धा, हिंसा और असंतोष से गुजर रहा है। इन समस्याओं का समाधान केवल कानून, तकनीक या आर्थिक विकास से नहीं होगा। इसके लिए मनुष्य को अपने भीतर लौटना होगा। शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का आधार बनाना होगा। परिवारों में संस्कारों का पुनर्जागरण, समाज में नैतिकता का सम्मान और जीवन में आत्मानुशासन की प्रतिष्ठा ही व्यक्ति को भीतर से मुक्त कर सकती है। तुलसीदास ने जिस रामराज्य की कल्पना की, उसका आधार केवल सुशासन नहीं, बल्कि आत्म-संयम, करुणा, सत्य और धर्म था।
वास्तविक स्वतंत्रता तब नहीं मिलती जब परिस्थितियां हमारे अनुकूल हों, बल्कि तब मिलती है जब हमारा मन परिस्थितियों का दास न रहे। जिस दिन मनुष्य अपनी इच्छाओं का स्वामी बन जाएगा, उसी दिन उसके बंधनों की जंजीरें टूटने लगेंगी। यही संतों का संदेश है, यही भारतीय दर्शन का सार है और यही आधुनिक समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता भी।
जीव का बंधन बाहर की दुनिया ने नहीं बनाया उसे हमारे ही मन ने रचा है। इसलिए मुक्ति का मार्ग भी बाहर नहीं, भीतर से ही प्रारंभ होता है। जब मन विषयों का दास बनने के बजाय विवेक का अनुयायी बनता है, जब कर्म सेवा का माध्यम बनता है और जब जीवन आत्मबोध की यात्रा में बदल जाता है, तभी मनुष्य सच्चे अर्थों में स्वतंत्र होता है। तुलसीदास का संपूर्ण साहित्य इसी निष्कर्ष की पुष्टि करता है कि मोह से मुक्ति, मर्यादा का पालन, भक्ति का आश्रय और आत्मसंयम का अभ्यास ही जीव को बंधन से मुक्त कर सकता है। यही स्वतंत्रता मोक्ष का प्रथम सोपान है और यही मानव जीवन की सर्वोच्च उपलब्धि है।

गोसाईपुर चट्टी पर बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सिकंदरपुर /बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

गोसाईपुर चट्टी पर मंगलवार को भिक्षावृत्ति कर जीवन-यापन करने वाले एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक काफी समय से गोसाईपुर चट्टी के आसपास भीख मांगकर अपना गुजारा करते थे। वह स्वयं को बिहार का निवासी बताते थे, लेकिन उनके परिवार या रिश्तेदारों के संबंध में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिकंदरपुर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहीं होने और किसी परिजन के सामने न आने के कारण पुलिस ने उन्हें लावारिस मानते हुए विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने मौके पर पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। साथ ही मृतक की पहचान कराने और उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है। यदि भविष्य में पहचान अथवा परिजनों की जानकारी मिलती है, तो नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई

सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में डीएम सख्त, धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों और निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विभागों की रैंकिंग में सुधार नहीं होने और कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि कई विभागों में वित्तीय प्रगति शत-प्रतिशत होने के बावजूद भौतिक प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को रैंकिंग ‘बी’ से ‘ए’ ग्रेड में लाने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। पोषण अभियान की ‘सी’ ग्रेड रैंकिंग पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल, पुलिस लाइन की सीसी सड़क, खाकी बाबा मंदिर पर्यटन विकास, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बेलहरी के निर्माण, इब्राहिमाबाद आईटीआई तथा मेडिकल बाईपास सहित विभिन्न परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। बेलहरी परियोजना की धीमी प्रगति पर जांच टीम गठित करने तथा आईटीआई निर्माण में देरी पर कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा। डीएम ने कहा कि पूर्ण हो चुके निर्माण कार्य तत्काल संबंधित विभागों को हस्तांतरित किए जाएं तथा बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरी हों। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

72 घंटे में खुला मोबाइल स्नैचिंग का राज, दो बदमाश गिरफ्तार, नाबालिग भी पुलिस अभिरक्षा में

श्यामदेंउरवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लूटा गया मोबाइल व वारदात में प्रयुक्त केटीएम बाइक बरामद

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।श्यामदेंउरवा थाना क्षेत्र में युवती से मोबाइल छीनकर फरार हुए बदमाशों को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर घटना का सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना में शामिल एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त केटीएम मोटरसाईकिल बरामद कर ली गई है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष श्यामदेंउरवा के नेतृत्व में गठित टीम ने थाना श्यामदेंउरवा में दर्ज मुकदमा संख्या 195/2026 के खुलासे के लिए लगातार कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार 4 जुलाई को केटीएम मोटरसाईकिल पर सवार तीन युवकों ने राह चल रही एक युवती का मोबाइल फोन छीन लिया था और तेज रफ्तार से फरार हो गए थे। पीड़िता की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई। सर्विलांस, मुखबिर की सूचना और सघन जांच के आधार पर पुलिस ने अमन कुमार पुत्र फुलबदन तथा मंदीप कुमार पुत्र राजकुमार, दोनों निवासी ग्राम बनकटिया, थाना श्यामदेंउरवा को गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नोकिया मोबाइल फोन तथा वारदात में प्रयुक्त केटीएम मोटरसाईकिल यूपी 56 बीबी 0631 बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी परतावल उप-निरीक्षक आलोक कुमार राय, उप-निरीक्षक शुभम कुमार चौबे, उप-निरीक्षक अंकित श्रीवास्तव, कांस्टेबल विकास यादव, प्रमोद यादव एवं संतोष प्रजापति की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोठीभार में विवाहिता का शव फंदे से लटका मिला, गांव में पसरा मातम

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के सोहट नौका टोला गांव में मंगलवार सुबह एक विवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
मृतका की पहचान पुष्पा देवी 26 वर्ष पत्नी धर्मेंद्र श्रीवास्तव, निवासी सोंहट नौका टोला, थाना कोठीभार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार महिला का शव घर के अंदर साड़ी के फंदे से लटका मिला। घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
घटना की सूचना मिलते ही कोठीभार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना-स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

पौधारोपण के साथ समाप्त हुआ हर बूथ, एक पेड़ अभियान, कार्यकर्ताओं ने निभाई पर्यावरण की जिम्मेदारी

हर बूथ, एक पेड़ अभियान का समापन: बारीपुर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को समर्पित “हर बूथ, एक पेड़” अभियान का बरहज विधानसभा क्षेत्र में सफलतापूर्वक समापन किया गया। अभियान के अंतिम चरण में बारीपुर स्थित सुभाष आश्रम परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व लोहिया वाहिनी बरहज विधानसभा अध्यक्ष रामकृपाल शुक्ल ने किया। इस अवसर पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा छात्रों, युवाओं, किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों के हितों की पक्षधर रही है तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना समाजवादी सोच का मूल उद्देश्य है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में प्रभावी नीतियों के माध्यम से युवाओं और किसानों को सम्मान दिलाना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बरहज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बूथों पर जनसंपर्क कर लोगों को पौधे वितरित किए तथा उनकी देखभाल का संकल्प भी दिलाया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया गया।
समापन कार्यक्रम में सुभाष आश्रम के संस्थापक ऋषि पाण्डेय, सपा प्रदेश सचिव रामप्रकाश चौधरी, अशोक मालवीय, मोहित, नागेंद्र प्रजापति, आदित्य पाठक, विनोद यादव, काका चौधरी, हिमांशु, रामकृपाल शुक्ल, मातादीन गोंड सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।