Thursday, July 9, 2026
Home Blog

गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा, 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में पहुंची डीबीटी राशि

संतकबीरनगर(राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से योजना का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर एवं स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की डीबीटी राशि हस्तांतरित की। साथ ही 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का हस्तांतरण भी किया गया।

जनपद में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मगहर स्थित संत कबीर ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में देखा गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने शिक्षकों, शिक्षण कार्मिकों और रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि बच्चों को संस्कार देकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नए शैक्षिक सत्र में कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे, इसके लिए सभी शिक्षक सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की आधारशिला मजबूत शिक्षा व्यवस्था है और शिक्षा पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत अभियान और प्रोजेक्ट अलंकार जैसी योजनाओं से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है।

मुख्य अतिथि बैजनाथ रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, संविदा कार्मिकों और रसोइयों के स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके द्वारा तैयार की गई पीढ़ी ही देश का भविष्य तय करती है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक अपने कर्तव्यों का समर्पण भाव से निर्वहन कर शिक्षित और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान दें।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुई। इस दौरान शिक्षकों, शिक्षण कार्मिकों और रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन शिक्षक इंद्रेश पांडेय ने किया।

कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये तथा बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के उपरांत उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने निरीक्षण गृह में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, विद्यार्थियों को डीबीटी वितरण तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा, सोमवार को विकास भवन में लगेगा ऋण शिविर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन देवरिया में विशेष ऋण शिविर का आयोजन सुबह 10:00 बजे से किया जाएगा। इस शिविर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षुओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

शिविर का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को केवल कौशल तक सीमित न रखकर उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। बैंक अधिकारियों और संबंधित विभागों की मौजूदगी में पात्र प्रशिक्षुओं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

आरसेटी प्रशासन ने सभी प्रशिक्षित प्रशिक्षुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ विकास भवन पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। शिविर में भाग लेने से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपना उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास और आसान ऋण सुविधा का समन्वय स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति देगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे शिविर युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इच्छुक प्रशिक्षुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है।

आश्रम पद्धति विद्यालय पहुंचे आयोग अध्यक्ष, पढ़ाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने बुधवार को जनपद भ्रमण के दौरान विकासखंड खलीलाबाद के चकदही स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय (राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय) का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर, छात्रावास, रसोई और प्रयोगशालाओं का जायजा लेते हुए साफ-सफाई तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने कक्षा छह, सात तथा इंटरमीडिएट की रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया। विद्यालय में 480 छात्राओं की क्षमता के सापेक्ष 238 छात्राएं उपस्थित मिलीं। विद्यालय में 14 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं।
अध्यक्ष ने छात्रावास और रसोई का निरीक्षण कर छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। निरीक्षण में भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुरूप एवं संतोषजनक पाया गया। उन्होंने विद्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाचार्या अलका राय, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, नवागत जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

डीडीयू विश्वविद्यालय में ‘शोध भारती’ शोध पत्रिका का विमोचन, शोध संस्कृति को मिलेगा नया मंच

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आईएसएसएन युक्त, पियर-रिव्यूड, बहुभाषी एवं बहुविषयी शोध पत्रिका ‘शोध भारती’ के प्रथम अंक का औपचारिक विमोचन किया। कुलपति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों को उच्च शिक्षा और शोध संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि उत्कृष्ट शोध पत्रिकाएं अकादमिक गुणवत्ता को नई दिशा देने के साथ शोध परंपरा को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने ‘शोध भारती’ की निरंतर प्रगति, गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा अर्जित करने की शुभकामनाएं दीं।
पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. अभिषेक कुमार शर्मा ने बताया कि ‘शोध भारती’ का उद्देश्य विभिन्न विषयों में मौलिक, गुणवत्तापूर्ण और नवाचारपरक शोध को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका देशभर के शोधार्थियों, शिक्षकों और अकादमिक विद्वानों को एक विश्वसनीय एवं साझा शोध मंच उपलब्ध कराएगी।
विमोचन समारोह में संपादकीय एवं सलाहकार मंडल के सदस्य प्रो. शरद मिश्र, प्रो. सत्यपाल सिंह, डॉ. वंदना सिंह, उप-संपादक डॉ. मनोज द्विवेदी तथा समन्वयक डॉ. प्रदीप सिंह उपस्थित रहे। संपादकीय मंडल के सदस्य प्रो. कपिन्द्र, डॉ. अरुण कुमार पांडेय और डॉ. शैलेश सिंह ने भी पत्रिका के प्रकाशन पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और शोध, प्रकाशन तथा अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दोहराया गया।

भरत तिवारी को कैंडिल जलाकर दी श्रद्धांजलि, न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रतनपुरा (राष्ट्र की परम्परा)। भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर देर शाम रतनपुरा ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्थल पर युवाओं ने कैंडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
श्रद्धांजलि सभा में युवाओं ने “यह अभी तो अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है” के नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी के मामले में न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाकर और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में क्षेत्र का युवा वर्ग एकजुट होकर आवाज बुलंद करेगा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, दुर्गानंद पांडे, चंडी बाबा, सतीश यादव, राम प्रवेश भारती, टिंकू सिंह, अजय पांडे, अभिनव पांडे, अभिमन्यु सिंह, विनोद राजभर, रवि शर्मा, नवीन त्रिपाठी, ऋषभ त्रिपाठी, बंटी पांडे, अमन तिवारी, पीयूष सिंह, अमन पांडे, विनीत तिवारी, शंभू पांडे, जिला पंचायत सदस्य बबलू यादव, अरविंद कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

सहायक विकास अधिकारी कृषि रक्षा के निधन से शोक की लहर

ग्राम रोजगार सेवक संघ ने शोक सभा आयोजित कर दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड घुघली में कार्यरत रहे सहायक विकास अधिकारी (कृषि रक्षा) केदारनाथ द्विवेदी के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम रोजगार सेवकों और क्षेत्र के लोगों में शोक व्याप्त हो गया।
बुधवार को विकासखंड घुघली के ब्लॉक सभागार में ग्राम रोजगार सेवक संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की ओर से शोकसभा आयोजित की गई। शोकसभा में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय केदारनाथ द्विवेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।
शोकसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय केदारनाथ द्विवेदी एक कर्मठ, ईमानदार और मिलनसार अधिकारी थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभागीय दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया। कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ उनका व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक रहा। उनके असामयिक निधन से कृषि विभाग और विकासखंड क्षेत्र ने एक योग्य एवं संवेदनशील अधिकारी को खो दिया है, जिसकी भरपाई कर पाना कठिन है।
गौरतलब है कि बीते 29 जून को केदारनाथ द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ सुबह के समय महराजगंज नगर क्षेत्र में टहल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया था, जहां उनका उपचार चल रहा था।
लगातार इलाज के बावजूद 7 जुलाई को केदारनाथ द्विवेदी जिंदगी और मौत की जंग हार गए। उनके निधन से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, उनके जानने वाले और सहकर्मी भी इस घटना से स्तब्ध हैं। लोगों ने कहा कि सड़क हादसे ने एक हंसमुख और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति को हमसे छीन लिया।
शोक सभा में ग्राम रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बंधु मद्धेशिया ने कहा कि स्वर्गीय द्विवेदी का व्यवहार सभी के प्रति आत्मीय और सहयोगपूर्ण था। संगठन के संरक्षक डॉ. सतीश पाण्डेय ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
इस अवसर पर राजेश कुमार त्रिपाठी, अमजद खान, जयराम शर्मा, लालजी, संतोष गुप्ता, अनामिका उपाध्याय, उदयभान, बुद्धिराम प्रसाद, रवि प्रताप सिंह, रामानंद, राजेश प्रजापति, अरविंद कुमार जायसवाल सहित ग्राम रोजगार सेवक संघ के पदाधिकारी, सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

सौर ऊर्जा से बीबीएयू को 46.48 लाख रुपये का लाभ, बिजली खर्च में आई बड़ी कमी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने हरित एवं सतत परिसर के निर्माण की दिशा में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय ने सौर ऊर्जा के प्रभावी उपयोग से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत करते हुए 46.48 लाख रुपये का वित्तीय लाभ अर्जित किया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 29,90,583 यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि सौर ऊर्जा संयंत्र से 9,04,953 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया गया। यह कुल विद्युत खपत का 30.26 प्रतिशत है। सौर ऊर्जा के उपयोग से विश्वविद्यालय ने बिजली खरीद पर 42.26 लाख रुपये की प्रत्यक्ष बचत की।
इसके अलावा नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत 49,130 यूनिट अतिरिक्त सौर ऊर्जा विद्युत ग्रिड को भेजी गई, जिसके बदले विश्वविद्यालय को 4.22 लाख रुपये का रिबेट मिला। इस तरह प्रत्यक्ष बचत और रिबेट मिलाकर कुल 46.48 लाख रुपये का वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए 1000 किलोवाट क्षमता की नई सौर ऊर्जा परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा होगा, जिससे बिजली व्यय और कार्बन उत्सर्जन दोनों में कमी आएगी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा का अधिकतम उपयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए नवाचारपूर्ण प्रयास जारी रखेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत यात्री’ चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, भाजपाइयों व समाजसेवियों ने किया नमन

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं ‘भारत यात्री’ के नाम से विख्यात चंद्र शेखर की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को बलिया स्थित पंडित दीनदयाल चबूतरा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए युवा समाजसेवी एवं भाजपा नेता अनूप सिंह ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने अपने सिद्धांतों और निर्भीक विचारों से भारतीय राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारतीय संसदीय परंपराओं के सजग प्रहरी और सिद्धांतवादी व्यक्तित्व के प्रतीक थे। उन्होंने अपने ऐतिहासिक भारत भ्रमण के माध्यम से गांव-गरीब, किसान और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की समस्याओं को करीब से समझा और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। उनके विचार आज भी समाज और राजनीति को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में चंद्रशेखर के आदर्शों और मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पहले से अधिक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्व. चंद्रशेखर के बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संजय सिंह, संजय राय, विनोद तिवारी, सत्य प्रकाश सिंह, रंजीत सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, अमित सिंह, ओम नारायण चौबे, दिग्विजय सिंह, सोनू सिंह, बबलू सिंह, गुड्डू तिवारी, देवव्रत दुबे, पंकज राय, पवन राय, पियूष चौबे, अंकित ठाकुर, अभिषेक यादव, अंकित तिवारी, अंकित बाबू, दिनेश राय, भोला सिंह, मुन्नू सिंह, अमित राय, मृत्युंजय तिवारी, धनंजय सिंह, प्रमेन्द्र सिंह, वीरन सिंह, बबलू बाबा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर किया गया।

शीतला धाम की मूल प्रतिमा हटाने का विरोध, हिंदू जागरण समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र शीतला मंदिर धाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिंदू जागरण समिति ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। समिति ने मंदिर की मूल प्राण-प्रतिष्ठित प्रतिमा को वर्तमान स्थान से हटाने के किसी भी प्रयास पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि शीतला मंदिर धाम करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर का भव्य निर्माण और सौंदर्यीकरण स्वागत योग्य है, लेकिन प्राण-प्रतिष्ठित प्रतिमा को उसके मूल स्थान से हटाना धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के विरुद्ध होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कथित रूप से फर्जी समिति बनाकर मंदिर के संचालन, राजनीतिकरण और व्यवसायीकरण का प्रयास कर रहे हैं।

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज, जिलाध्यक्ष मनीष सिंह और प्रांतीय मंत्री रवि गुप्ता ने कहा कि सदियों से जिस स्थान पर श्रद्धालु माता शीतला के दर्शन-पूजन करते आ रहे हैं, उसी स्थान की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान बनी हुई है। प्रतिमा को हटाने से मंदिर की परंपरा और प्रामाणिकता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।

मंदिर के मुख्य पुजारी दीपक महाराज ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विद्वान आचार्यों, संत समाज, परंपरागत पुजारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की राय के आधार पर निर्णय लेने की मांग की। वहीं धर्मशास्त्र के विद्वान मुरली मनोहर पांडे ने चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

समिति ने ज्ञापन में प्रशासन से सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित कर कानून, धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के अनुरूप समाधान निकालने की मांग की। इस दौरान एडवोकेट योगेंद्र प्रजापति, राज श्रीवास्तव, राजकुमार मौर्य, सुरेंद्र मिश्रा, आकाश ठाकुर, आदित्य रंजन सिंह, अशोक पांडे, जवाहर मिश्रा, विजय गुप्ता, रवि सैनी, अमित पांडे, संदीप मिश्रा, सोनू पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गर्मी से राहत मिलते ही बदला स्कूलों का समय, 9 जुलाई से सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक होगी पढ़

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

मौसम में सुधार और गर्मी से राहत मिलने के बाद जनपद के सभी परिषदीय एवं निजी विद्यालय अब अपने नियमित समय पर संचालित होंगे। जिलाधिकारी के निर्देश तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश के क्रम में कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी परिषदीय, सीबीएसई, आईसीएसई, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, मदरसा एवं अन्य बोर्ड के विद्यालयों में 9 जुलाई से प्रातः 8 बजे से अपराह्न 2 बजे तक पठन-पाठन कराया जाएगा। इस संबंध में सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2020 में जारी “टाइम एंड मोशन स्टडी” के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालयों का संचालन किया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह 8 बजे से 8:15 बजे तक प्रार्थना सभा एवं योगाभ्यास कराया जाएगा। इसके बाद निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य होगा। वहीं मध्यावकाश सुबह 10:30 बजे से 11 बजे तक रहेगा।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि सभी शिक्षक विद्यालय प्रारंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे तथा विद्यालय की छुट्टी के बाद कम से कम 30 मिनट तक विद्यालय में रहेंगे, ताकि शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। विद्यालयों में कक्षावार एवं विषयवार समय-सारिणी का पालन अनिवार्य होगा तथा प्रत्येक शिक्षण कालांश 40 मिनट का निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार भाषा, गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल संसाधनों, स्मार्ट क्लास एवं अन्य आधुनिक शिक्षण माध्यमों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। जिले के 2669 परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सभी निजी विद्यालयों को भी नए समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि समय-सारिणी के अनुरूप शिक्षण कार्य संचालित करें और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास करें। खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधनों को आदेश से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से सभी विद्यालय निर्धारित समय पर ही संचालित होंगे। यदि किसी विद्यालय द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण कर आदेश के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय से अभिभावकों, छात्रों एवं शिक्षकों को भी सुविधा मिलेगी तथा नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

घाघरा में तेज हुआ कटान, सुरक्षा इंतजाम न होने से किसानों में बढ़ी चिंता


पुरुषोत्तम पट्टी के पास नदी में समाहित हो रही उपजाऊ जमीन, ग्रामीणों ने बाढ़ विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

तहसील क्षेत्र के पुरुषोत्तम पट्टी गांव के समीप घाघरा नदी का कटान लगातार जारी है। नदी के तेज बहाव से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि धीरे-धीरे नदी में समाहित होती जा रही है। कटान की बढ़ती रफ्तार से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में गांव पर भी खतरा मंडरा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग द्वारा लगभग 2 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से सुरक्षा कार्य कराया गया था। इसके तहत जियो बैग में बालू भरकर पिचिंग, प्रीकास्ट प्वाइंट तथा झाड़-झंखाड़ आदि लगाकर नदी की धारा को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया था। लेकिन इस वर्ष उन सुरक्षा कार्यों का न तो रखरखाव किया गया और न ही क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत कराई गई। परिणामस्वरूप जियो बैग बह गए हैं और सुरक्षा कार्य पूरी तरह निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि बाढ़ विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष 15 जून तक कटान संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली जाती है, लेकिन इस बार न तो कोई बचाव कार्य शुरू हुआ और न ही विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण करने पहुंचा। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी मात्रा में कृषि भूमि नदी में समा जाएगी, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग से तत्काल कटान रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा कार्य शुरू कराने तथा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में घाघरा नदी का कटान उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। समय पर सुरक्षा कार्य नहीं होने से लोगों में भय और असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

चौरई महाविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

0

चौरई (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय, चौरई में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए “मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस” विषय पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना और उन्हें तनावमुक्त, सकारात्मक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यशाला की मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. वर्षा चौकसे (बीएएमएस) ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अपने लक्ष्य पर निरंतर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन आदतों को अपनाकर मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

महाविद्यालय की मानसिक स्वास्थ्य नोडल अधिकारी डॉ. सबाहत अंजुम कुरैशी ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के बढ़ते दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण मानसिक तनाव स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी कठिन परिस्थिति में निराश होने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों और मित्रों से खुलकर संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक अवसर है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार ठाकुर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ मन ही सफल जीवन की आधारशिला है।

कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

देवरिया: सड़क पर कचरे का अंबार, रोज लग रहा जाम, राहगीरों और स्थानीय लोगों में नाराजगी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के साकेत नगर क्षेत्र में पुलिस लाइन को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे और सड़क पर कचरे का अंबार लगने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले कचरे के कारण जहां दुर्गंध फैल रही है, वहीं आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर जमा कचरे की वजह से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है और प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है। इसका सबसे अधिक असर पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है, जिन्हें जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ता है।

क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर पड़े कचरे को तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है।

बलिया: ‘माध्यमिक शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ, डीबीटी से छात्रों के खातों में भेजी गई धनराशि

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा) कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिकंदरपुर के सभागार में बुधवार को ‘माध्यमिक शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में धनराशि हस्तांतरण की शुरुआत के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक संजय यादव रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी, नवानगर ओमप्रकाश कुमार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना के उद्देश्य, लाभ एवं प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बताया गया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की सहायता राशि अब डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र छात्रों तक पहुंचेगा।

वक्ताओं ने कहा कि माध्यमिक शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं डीबीटी (Direct Benefit Transfer) व्यवस्था से सरकारी योजनाओं की धनराशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे छात्रों के खातों में पहुंचेगी, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, एआरपी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

मानवता है संकट में, अब ईश्वर तेरी परीक्षा है

✍️ विजय गुंजन

मानवता है संकट में
अब ईश्वर तेरी परीक्षा है
ह्रदय भरें हैं दुःख पीड़ा से
क्या ये ही तेरी इच्छा है ?

धनिकों को आशीष दिया
दरिद्र जनों को शाप
बिना वसन के भूखे बच्चे
रहे शीत में क्यों कांप

आस्तिकों की भक्ति की
भी होनी अब समीक्षा है
मानवता है संकट में
अब ईश्वर तेरी परीक्षा है

सूख गया करुणा का सागर
खाली हो गयी दया की गागर
शांन्ति पथ के अवतारों की
इस युग में अब प्रतीक्षा है

मानवता है संकट में
अब ईश्वर तेरी परीक्षा है
उत्तर चाहिए विकट प्रश्न का
आह से शोषित से हर जीवन का

प्रकृति में हो रहे असंतुलन से
लेनी सम्पूर्ण जगत को शिक्षा है
मानवता है संकट में
अब ईश्वर तेरी परीक्षा है

अगर तू अनुत्तीर्ण’ हुआ
अखिल विश्व फिर जीर्ण हुआ
ईश्वरत्व को मांगने पड़ेगी
इस मृत्यु लोक से भिक्षा है

मानवता है संकट में
अब ईश्वर तेरी परीक्षा है