Friday, April 10, 2026
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सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी: प्रभाकर दुबे

सहजनवां/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे वार्ड/गांव सम्पर्क अभियान के तहत नगर पंचायत घघसरा बाजार में चेयरमैन प्रभाकर दुबे ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आम जनमानस के बीच पहुंचकर जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों से संबंधित पत्रक वितरित किया।
इस अवसर पर चेयरमैन प्रभाकर दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते 9 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गरीब, किसान, महिला और युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह सम्पर्क अभियान महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाना हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और लाभार्थीपरक कार्यक्रमों की जानकारी लोगों को दी तथा संवाद स्थापित किया।
कार्यक्रम में शक्ति केंद्र संयोजक संजय त्रिपाठी, मनोनीत सभासद राम जनक मौर्य, अवधनाथ मिश्रा, राजन मिश्रा, शुभम राज एवं अवनीश मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा, शंकर वाटिका में भव्य स्वागत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ जनपदीय इकाई महराजगंज के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित शंकर वाटिका में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष/ प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निवर्तमान सांसद प्रतिनिधि भरथ शुक्ला एवं काशीनाथ सिंह का जोरदार स्वागत किया गया।

समारोह में जनपद भर से बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवकों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष/प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने बताया कि दोनों प्रतिनिधियों ने हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचकर ग्राम रोजगार सेवकों की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने रोजगार सेवकों की विभिन्न मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया है और कहा है कि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं का निस्तारण जल्द कराया जाएगा।

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इस आश्वासन से जनपद के रोजगार सेवकों में नई उम्मीद जगी है और संगठन के पदाधिकारियों ने इसे एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया है।
समारोह में जिला महासचिव इंद्रमणि विश्वकर्मा, घुघली ब्लॉक अध्यक्ष बंधु मद्धेशिया, ब्लॉक महामंत्री राहुल कुमार गुप्ता, इंद्र विजय यादव, प्रवीण मणि त्रिपाठी, राहुल गुप्ता, संतोष रैना, धनराज, राजेंद्र, धर्मेंद्र, ओमप्रकाश सिंह, ओम प्रकाश आर्य, सर्वेश मद्धेशिया, अमित कुमार, मोहन लाल प्रजापति, अशोक कुमार, चिन्नू प्रसाद, राम मिलन तथा पूर्व ग्राम प्रधान वकील उपाध्याय, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमाल अहमद सहित तमाम
ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहें।

समारोह के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार से अपेक्षा जताई कि ग्राम रोजगार सेवकों के हित में शीघ्र ठोस निर्णय लेकर उनकी लंबित समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जिससे प्रदेश भर के रोजगार सेवकों को राहत मिल सके।

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फार्मर आईडी अब अनिवार्य: योजनाओं का लाभ लेने के लिए 15 अप्रैल तक कराएं रजिस्ट्रेशन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के किसानों के लिए अब फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) अनिवार्य कर दी गई है। कृषि विभाग के अनुसार, सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह पहचान पत्र जरूरी होगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक, बीज, कीटनाशी और कृषि यंत्रों के वितरण सहित सभी लाभार्थीपरक योजनाएं अब फार्मर आईडी के आधार पर ही संचालित होंगी। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर होने वाली खरीद में भी यह अनिवार्य रहेगी।

जानकारी के अनुसार, मई 2026 से रासायनिक उर्वरकों का वितरण पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिसे AgriStack से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र किसानों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
किसानों के पंजीकरण के लिए 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में कैंप मोड में संचालित हो रहा है।

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किसानों से अपील की गई है कि वे ग्राम सचिवालय (पंचायत भवन) में जाकर आधार कार्ड, खतौनी और मोबाइल नंबर के साथ अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। इसके अलावा जनसेवा केंद्र, मोबाइल ऐप और कृषि विभाग के कर्मचारियों की मदद से भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

उप कृषि निदेशक Sanjeev Kumar Patel ने किसानों से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है, ताकि वे भविष्य में किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहें।

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संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। Election Commission of India के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत जनपद में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी Alok Kumar ने की।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) Jaiprakash सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विधानसभा क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों को अंतिम रूप से प्रकाशित किया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 से 6 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं, जिनका निस्तारण 1 अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया गया। इसके बाद अब अंतिम सूची जारी कर दी गई है।

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विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता संख्या:

• 312 मेहदावल: 4,12,243 मतदाता
• 313 खलीलाबाद: 4,07,189 मतदाता
• 314 धनघटा (अजा): 3,50,084 मतदाता

इस प्रकार जनपद में कुल 11,69,516 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। जनपद का जेंडर रेशियो 811 और ई-पिक रेशियो 54.70 दर्ज किया गया है।

बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। अधिकारी ने बताया कि अंतिम सूची आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध है, जहां नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं।
जिन पात्र मतदाताओं का नाम अभी सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे Form-06 भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। देशभर में आम नागरिकों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए Judicial Council ने बड़ी पहल की है। काउंसिल ने कई प्रमुख शहरों में लीगल एड सेंटर खोलने की घोषणा की है।

इस योजना के तहत New Delhi, Dehradun, Kanpur, Lucknow, Fatehpur, Jaipur, Sultanpur, Etawah और Bharatpur में जल्द ही ये केंद्र शुरू किए जाएंगे।

इन लीगल एड सेंटरों का मुख्य उद्देश्य गरीब, वंचित, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, मजदूर और छात्रों सहित सभी वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। यहां लोगों को प्रारंभिक कानूनी सलाह, दस्तावेज़ी मार्गदर्शन, शिकायत निवारण और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।

काउंसिल के चेयरमैन Rajeev Agnihotri ने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को लोगों के और करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए।”

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इन केंद्रों पर नागरिक विवाद, पारिवारिक मामले, उपभोक्ता शिकायतें, साइबर अपराध, महिला एवं बाल अधिकार, श्रम विवाद और वरिष्ठ नागरिक संरक्षण से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही कानूनी साक्षरता शिविर, जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

काउंसिल के अनुसार, इन केंद्रों का संचालन अधिवक्ताओं, स्वयंसेवकों, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया जाएगा। इसके अलावा, टेलीफोनिक सहायता और शिकायत समाधान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोग भी लाभ उठा सकें।

यह पहल देश में कानूनी जागरूकता बढ़ाने और हर व्यक्ति को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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विश्व होम्योपैथी दिवस पर गोष्ठी आयोजित, डॉ सैमुअल हैनिमैन को दी श्रद्धांजलि

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में गोष्ठी का आयोजन कर Samuel Hahnemann की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए Nisha Tiwari ने कहा कि डॉ सैमुअल हैनिमैन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक थे। उन्होंने 18वीं सदी के अंत में इस चिकित्सा प्रणाली की स्थापना की, जो आज भी विश्वभर में प्रचलित है। उनकी प्रसिद्ध कृति Organon of Medicine आज भी होम्योपैथी चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक मानी जाती है।

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इस अवसर पर Dharmendra Pandey ने कहा कि होम्योपैथी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें रोग का उपचार उन्हीं तत्वों से किया जाता है जो उसके लक्षण उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पद्धति सुरक्षित है और इसमें साइड इफेक्ट न के बराबर होते हैं।

कार्यक्रम में डॉ एस के तिवारी, मनोज पांडेय, राजकुमार पटवा, अमित कुमार यादव, अखिलेश मिश्र, मोहन प्रसाद, सुनील तिवारी, सत्यम पांडेय, रमेश मद्देशिया और मुन्ना नाथ तिवारी सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

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बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बेल्थरारोड क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पूर्व चेयरमैन Ashok Kumar Madhur के पुत्र Amit Kumar पर अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अमित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोकुल फास्ट फूड तिराहे के पास मौजूद अमित कुमार पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने अचानक लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमलावरों की संख्या अधिक बताई जा रही है, जिससे वह खुद का बचाव नहीं कर सके और मौके पर गिर पड़े।

घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे आपसी रंजिश तो कुछ सुनियोजित साजिश मान रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं की है।

स्थानीय लोगों में घटना को लेकर रोष व्याप्त है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। श्यामदेंउरवा थाना क्षेत्र के परतावल मुख्य चौराहे पर शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें ट्रेलर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर और डंपर की आमने-सामने टक्कर से दोनों वाहन पलट गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेलर (HR 63 C 0052) कप्तानगंज की ओर से आ रहा था, जबकि डंपर (UP 79 AT 5990) गोरखपुर की दिशा से आ रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक ने अचानक सामने आए डंपर से बचने के लिए वाहन मोड़ने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खो बैठा और जोरदार टक्कर हो गई।

हादसा इतना भीषण था कि दोनों भारी वाहन पलट गए। ट्रेलर में रिफाइंड तेल लदा हुआ था, जबकि डंपर खाली था। दुर्घटना की चपेट में चौराहे पर स्थित एक जूस कॉर्नर भी आ गया, जिससे दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

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घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल ट्रेलर चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी।

वहीं हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। इस संबंध में चौकी प्रभारी Amit Singh ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 11 अप्रैल 2026 को महराजगंज और नौतनवां में दो प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर संघ के सह सरकार्यवाह Atul Limaye का जनपद में आगमन होगा।

जानकारी के अनुसार, महराजगंज में करीब 25 वर्षों बाद इस स्तर के संघ पदाधिकारी का आगमन हो रहा है, जबकि नौतनवां में पहली बार सह सरकार्यवाह स्तर के अधिकारी की उपस्थिति दर्ज होगी, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया है।

पहली जन गोष्ठी महराजगंज नगर स्थित राज विलास रिसोर्ट में सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित होगी। इसके बाद दूसरी गोष्ठी नौतनवां के जय हिंद मैरिज हॉल में दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक संपन्न होगी।

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इन कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजन, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। गोष्ठियों में समसामयिक सामाजिक विषयों पर चर्चा के साथ राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, जिनका उद्देश्य समाज को संगठित और जागरूक बनाना है।
आयोजकों ने सभी आमंत्रित अतिथियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय तविन फाउंडेशन (नई दिल्ली) की आनंद नगर इकाई ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए कैंसर से जूझ रहे एक जरूरतमंद मरीज की आर्थिक सहायता की है। संस्था द्वारा फरेंदा क्षेत्र के सिधवारी निवासी बंशीधर जायसवाल को उनके इलाज के लिए 21 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे उनके उपचार को नई उम्मीद मिली है।

आर्थिक संकट में मिली बड़ी राहत

जानकारी के अनुसार, बंशीधर जायसवाल पिछले कई वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनका इलाज मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में 22 जनवरी 2021 से लगातार चल रहा है।
लंबे समय तक चलने वाले इस महंगे इलाज के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी।

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जरूरी इलाज के लिए तुरंत मिली सहायता

तविन फाउंडेशन के संस्थापक तत्सव मणि त्रिपाठी ने बताया कि मरीज को हाल ही में पेट की नली (फीडिंग ट्यूब) बदलने के लिए तत्काल धनराशि की आवश्यकता थी।
ऐसे में संस्था द्वारा दी गई ₹21,000 की सहायता मरीज के लिए जीवनदायी साबित हुई।

सिर्फ मदद नहीं, उम्मीद देने का प्रयास

संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
तविन फाउंडेशन भविष्य में भी मरीज को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

स्थानीय लोगों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं।
इस दौरान संस्था के सदस्य नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, अरविंद कुमार वर्मा, धीरेंद्र कुमार राय, अमित, जसवंत पाण्डेय, संतोष मद्धेशिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे और मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों समेत कई अपर पुलिस अधीक्षकों और सहायक पुलिस आयुक्तों के तबादले किए गए हैं। इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव में कई महत्वपूर्ण जिलों और कमिश्नरेट्स में नई नियुक्तियां की गई हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।


तबादलों की इस सूची में वर्ष 2019, 2020 और 2022 बैच के आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सागर जैन को सहारनपुर से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है, जबकि मनोज कुमार रावत को गोण्डा से सम्भल भेजा गया है। इसी तरह आयुष विक्रम सिंह को मेरठ से बहराइच स्थानांतरित किया गया है।
नई नियुक्तियों में युवा अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। विनायक गोपाल भोसलें को सीतापुर से मेरठ, अंतरिक्ष जैन को मेरठ से बुलन्दशहर तथा ट्विंकल जैन को गौतमबुद्धनगर से लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है। लिपि नागयाच को गाजियाबाद से वाराणसी और राजकुमार मीणा को प्रयागराज से मीरजापुर में नक्सल क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी जैसे बड़े कमिश्नरेट्स में भी बदलाव देखने को मिला है, जिससे स्पष्ट है कि शासन शहरी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर है। वहीं सोनभद्र और मीरजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पीपीएस अधिकारियों के स्तर पर भी व्यापक बदलाव किया गया है। मेरठ, सीतापुर, आजमगढ़, बरेली, बदायूं, आगरा, चित्रकूट, कानपुर देहात, फतेहगढ़, मैनपुरी, फतेहपुर, भदोही, उन्नाव, कन्नौज, रायबरेली और जौनपुर सहित कई जिलों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ अधिकारियों को पीएसी, एसएसएफ, एसडीआरएफ और पुलिस मुख्यालय में भी तैनात किया गया है।

इस फेरबदल में राघवेन्द्र कुमार मिश्र को मेरठ से गोरखपुर एसएसएफ भेजा गया है, जबकि राजेश कुमार श्रीवास्तव को सीतापुर से मेरठ और विवेक त्रिपाठी को आजमगढ़ से सीतापुर स्थानांतरित किया गया है। अभिषेक कुमार सिंह को एटीएस लखनऊ से बदायूं, जबकि पियूष कान्त राय को आगरा से चित्रकूट भेजा गया है।
इसके अलावा, कई अधिकारियों को विशेष शाखाओं और मुख्यालयों में तैनाती दी गई है, जिनमें अभिसूचना, तकनीकी सेवाएं, सीआईडी और डीजीपी मुख्यालय शामिल हैं। यह संकेत देता है कि सरकार न केवल फील्ड पोस्टिंग बल्कि रणनीतिक और खुफिया स्तर पर भी मजबूती लाना चाहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर किए गए तबादले पुलिस प्रशासन में नई ऊर्जा और जवाबदेही लाते हैं। नए जिलों में तैनाती से अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्य करते हैं, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बेहतर होती है।
सरकार की इस पहल को प्रशासनिक सुधार और बेहतर पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर साफ दिखाई देगा।

“रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण: बदलते भारत की नई तस्वीर”

नारी शक्ति का उभार: हेड कांस्टेबल रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण की ऐतिहासिक पहल से बदलता भारत

बदलते भारत में नारी शक्ति अब केवल एक भावनात्मक विचार नहीं, बल्कि एक सशक्त और निर्णायक वास्तविकता बनकर उभर रही है। समाज, न्याय व्यवस्था और राजनीति—हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज करा रही हैं। हाल के घटनाक्रम इस परिवर्तन की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं, जहां एक ओर तमिलनाडु के सातानकुलम केस में महिला हेड कांस्टेबल रेवती की बहादुरी ने न्याय व्यवस्था को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर संसद में महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए 16 से 18 अप्रैल 2026 तक विशेष सत्र बुलाया गया है। यह दोनों घटनाएं भारत में नारी शक्ति के उभार की दिशा में ऐतिहासिक संकेत हैं।
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सातानकुलम में वर्ष 2020 में हुई हिरासत में पिता-पुत्र की मौत ने पूरे देश को हिला दिया था। यह मामला केवल पुलिस अत्याचार का नहीं, बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का प्रतीक बन गया था। वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 अप्रैल 2026 को मदुरै कोर्ट ने इस मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे जिस साहस ने सबसे अहम भूमिका निभाई, वह था महिला हेड कांस्टेबल रेवती का अडिग संकल्प।
एक जूनियर अधिकारी होने के बावजूद रेवती ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गवाही देने का जोखिम उठाया। यह केवल एक पेशेवर निर्णय नहीं था, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन, परिवार और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा था। न्यायिक जांच के दौरान उन्होंने सच सामने रखने का जो साहस दिखाया, वह आज भी प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने न केवल घटनाओं का विस्तार से विवरण दिया, बल्कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी गवाही ने केस को निर्णायक मोड़ दिया और यह साबित किया कि सच्चाई और साहस के सामने कोई भी तंत्र टिक नहीं सकता।
रेवती की यह कहानी नारी शक्ति की वास्तविकता को उजागर करती है। यह बताती है कि महिलाएं अब केवल सहायक भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे न्याय और बदलाव की अग्रदूत बन चुकी हैं। उनकी बहादुरी ने यह संदेश दिया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी व्यक्ति व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होकर न्याय दिला सकता है।
इसी के समानांतर, देश की राजनीति में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल 2026 को संसद का विशेष सत्र बुलाया है। यह अधिनियम 2023 में संविधान के 106वें संशोधन के रूप में पारित हुआ था, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है।
इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर इस विशेष सत्र में चर्चा की जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 किया जा सकता है, जिसमें लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह कदम केवल संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के स्वरूप को बदलने का प्रयास है।
राज्यों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 80 से बढ़कर 120 और महाराष्ट्र में 48 से बढ़कर 72 हो सकती है। इन सीटों में एक-तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित होने से महिला नेतृत्व को नई ऊंचाई मिलेगी और राजनीति में उनका प्रभाव और अधिक मजबूत होगा।
हालांकि इस विधेयक को लागू करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी, जिसके चलते सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से संवाद कर रही है। विपक्ष ने इसके समय और मंशा पर सवाल उठाए हैं, लेकिन यह भी सच है कि महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों से लंबित रहा है और अब इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
महिला आरक्षण का इतिहास भी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। 1931 में पहली बार इसका विचार सामने आया था। इसके बाद 1993 में पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर उनकी भागीदारी बढ़ी। 1996 में इसे लोकसभा में पेश किया गया, लेकिन राजनीतिक सहमति के अभाव में यह लंबे समय तक अटका रहा। अंततः 2023 में इसे पारित किया गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सरकार ने इस पहल को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ा है। स्पष्ट है कि बिना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और शासन—हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अब निर्णायक बनती जा रही है।
निष्कर्षतः, सातानकुलम केस में रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में उठाए जा रहे कदम यह दर्शाते हैं कि भारत में नारी शक्ति एक नए युग की शुरुआत कर रही है। यह केवल व्यक्तिगत साहस की कहानी नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है, जहां महिलाएं न केवल अन्याय के खिलाफ खड़ी हो रही हैं, बल्कि देश के भविष्य को भी दिशा दे रही हैं। अब यह स्पष्ट है कि नारी शक्ति केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की वास्तविक शक्ति बन चुकी है।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र)

पांच दिन से लापता व्यक्ति की हत्या, सिर और धड़ अलग-अलग जगह मिले

बगहा में दिल दहला देने वाली वारदात, अधेड़ की हत्या कर शव के दो टुकड़े कर अलग-अलग जगहों पर दफनाया


पश्चिमी चंपारण (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के बगहा पुलिस जिले के नौरंगिया थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। हरदियाचाती गांव में एक अधेड़ व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर उसके शव के दो टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर दफनाने का मामला उजागर हुआ है। जैसे ही यह घटना सामने आई, पूरे क्षेत्र में दहशत और भय का माहौल फैल गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक का सिर और धड़ दो अलग-अलग जगहों से बरामद किया है। शव की हालत देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है। पुलिस ने दोनों हिस्सों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

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मृतक की पहचान 48 वर्षीय मुरारी यादव के रूप में हुई है, जो जरलहिया गांव का निवासी था। परिजनों के अनुसार, मुरारी यादव पिछले पांच दिनों से लापता था। उन्होंने बताया कि आखिरी बार उसे गांव के कुछ लोगों के साथ देखा गया था। परिजनों को पहले ही किसी अनहोनी की आशंका थी, जिसके चलते दो दिन पहले नौरंगिया थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और हत्या की आशंका जताई गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही नौरंगिया थाना पुलिस सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष राज रोशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद प्रभारी एसपी निर्मला कुमारी, एसडीपीओ बगहा कुमार देवेंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की बारीकी से जांच की।

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पुलिस ने जांच के लिए डॉग स्क्वाड की भी मदद ली है और आसपास के क्षेत्रों में गहन छानबीन की जा रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश, जमीन विवाद या अन्य कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
इस जघन्य हत्या के बाद इलाके में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों में दहशत है, वहीं मृतक के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए सख्त कार्रवाई की अपील की है। प्रभारी एसपी निर्मला कुमारी ने आश्वासन दिया है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को भी उजागर करती है। पुलिस की जांच और कार्रवाई पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, ताकि इस जघन्य अपराध के पीछे के कारणों का जल्द खुलासा हो सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।

फीस मनमानी पर सख्ती: अब 5 साल का हिसाब देना होगा, अभिभावकों को मिलेगी राहत

विद्यालयों में फीस पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश, त्रिसदस्यीय समिति करेगी जांच

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में विद्यालयों में पारदर्शिता, शिक्षा की गुणवत्ता और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निजी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में फीस नियमन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी वित्तविहीन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 एवं संशोधित अधिनियम 2020 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने पांच वर्षों के शुल्क विवरण, ड्रेस और पुस्तकों की जांच के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी तथा राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल होंगे, जो जांच रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को सौंपेंगे।बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी विद्यालय अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर पिछले पांच वर्षों का फीस विवरण, ड्रेस और पुस्तकों की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी विद्यालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक + 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा और अतिरिक्त शुल्क को समायोजित कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने गणवेश के संबंध में भी सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि किसी भी विद्यालय में पांच लगातार शैक्षणिक वर्षों के भीतर यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी एक दुकान से किताब, कॉपी, स्टेशनरी या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य न करें और न ही स्वयं इन वस्तुओं का विक्रय करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मान्यता प्राप्त पुस्तकों का ही संचालन किया जाए और जिन सुविधाओं का विद्यालय में संचालन नहीं हो रहा है, उनके नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क अभिभावकों से न वसूला जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों का विश्वास मजबूत हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पी.के. शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऋद्धि पांडेय, एआरटीओ मनोज सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

नवमनोनीत सभासदों ने ली शपथ, विकास का लिया संकल्प

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में गुरुवार दोपहर शासन स्तर पर मनोनीत तीन सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी एवं उपजिलाधिकारी अरुण कुमार उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने नवमनोनीत सदस्यों ई. अरुण कुमार गुप्ता, गौरव निषाद और सुनीता यादव को सदस्य पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद तीनों सभासदों ने नगर के विकास और जनहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नूरुजमा अंसारी ने नवमनोनीत सभासदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये सदस्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए सदस्य क्षेत्र के विकास में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का हर स्तर पर सम्मान करती है और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के अवसर देती है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कार्यशैली ऐसी है कि एक कार्यकर्ता अपने समर्पण और मेहनत के बल पर क्रमशः उच्च पदों तक पहुंच सकता है—आज सभासद, कल जिला अध्यक्ष और भविष्य में और बड़ी जिम्मेदारियां भी निभा सकता है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा कि यही सिद्धांत सरकार की नीतियों और योजनाओं का आधार है।
विधायक ने नवमनोनीत सभासदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सरकार की आंख, कान और नाक बनकर कार्य करें तथा जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों सदस्य नगर पंचायत के समुचित विकास में सक्रिय योगदान देंगे।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मिश्रा, अध्यक्षा अनवरीेबेगम, चेयरमैन प्रतिनिधि नुरुज्जमा अंसारी, अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने नवमनोनीत सभासदों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।