Sunday, July 19, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

करोड़ों की कथित ठगी मामले में दोषी की अपील नामंजूर, जेल और जुर्माना दोनों बरकरार

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के चर्चित चेक बाउंस और कथित धोखाधड़ी मामले में जिला जज की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.26 करोड़ रुपये के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा। आदेश के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
मामले के अनुसार, वर्ष 2021 में महुली क्षेत्र के भिटहां निवासी संतोष कुमार चतुर्वेदी बालू कारोबार से जुड़े कार्य में प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभा रहा था। आरोप है कि कारोबार के दौरान वित्तीय लेनदेन में अनियमितता सामने आने पर उससे स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद उसने भुगतान के लिए कई चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर वे अनादृत (बाउंस) हो गए।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी पर जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव समेत पांच अलग-अलग लोगों से बालू कारोबार और लाइसेंस दिलाने के नाम पर कुल 1.04 करोड़ रुपये लेने तथा बाद में भुगतान के लिए दिए गए चेकों के बाउंस होने के आरोप हैं। शिकायतों के आधार पर सभी मामलों की न्यायालय में सुनवाई हुई।
पूर्व में एसीजेएम न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में एक वर्ष के साधारण कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की।
जिला जज ने सभी अभिलेखों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही निचली अदालत का फैसला पूरी तरह से बरकरार रखा गया।
अदालत के आदेश के अनुसार, दोषी को सभी पांच मामलों में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा होगी, जो साथ-साथ चलेगी। साथ ही 1.26 करोड़ रुपये के अर्थदंड में से न्यायालय के निर्देशानुसार पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी तथा शेष राशि राजकीय कोष में जमा होगी। यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो प्रत्येक मामले में छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

एलएलएम में दाखिले का सुनहरा मौका, बीबीएयू ने जारी की प्रवेश अधिसूचना, 22 जुलाई तक भेजें दस्तावेज़

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के सेंटर ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज़ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने विस्तृत अधिसूचना जारी करते हुए पात्र अभ्यर्थियों से 22 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक आवश्यक दस्तावेज़ ई-मेल के माध्यम से भेजने का आग्रह किया है। इस बार अंतिम मेरिट में प्रवेश परीक्षा के साथ शोध कार्य, इंटर्नशिप और स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ (एसओपी) को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार अंतिम मेरिट 100 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसमें 70 प्रतिशत अंक प्रवेश परीक्षा से तथा 30 प्रतिशत अंक स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ (एसओपी), कार्यानुभव और शोध प्रकाशनों के मूल्यांकन से दिए जाएंगे। कार्यानुभव के लिए अधिकतम 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। राष्ट्रीय आयोग में इंटर्नशिप करने वाले अभ्यर्थियों को 5 अंक तथा राज्य आयोग में इंटर्नशिप करने वालों को 3 अंक मिलेंगे।
शोध प्रकाशनों के लिए भी अधिकतम 10 अंक निर्धारित हैं। स्कोपस सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय जर्नल या ई-जर्नल में प्रकाशित प्रत्येक शोधपत्र पर 8 अंक, पीयर रिव्यूड अथवा यूजीसी केयर सूचीबद्ध राष्ट्रीय जर्नल या ई-जर्नल में प्रकाशित प्रत्येक शोधपत्र पर 5 अंक तथा आईएसबीएन युक्त पुस्तक अथवा पुस्तक अध्याय में प्रकाशित प्रत्येक शोध पर 4 अंक दिए जाएंगे। इसके लिए संबंधित प्रमाण भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। स्टेटमेंट ऑफ पर्पज़ के लिए भी अधिकतम 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक वर्षीय एलएलएम कार्यक्रम संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी।
प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास तीन वर्षीय अथवा पांच वर्षीय एलएलबी की डिग्री होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
विश्वविद्यालय की प्रवेश नीति 2026-27 के अनुसार कुल सीटों में 50 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग, 10 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा 5 प्रतिशत सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। यदि दो या अधिक अभ्यर्थियों के अंतिम अंक समान होते हैं तो अंतर-से मेरिट का निर्धारण एलएलबी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से प्रवेश संबंधी सभी अद्यतन जानकारी नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखने तथा 30 प्रतिशत मूल्यांकन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज़ 22 जुलाई 2026 को शाम 6:00 बजे तक admissioncpgls26@gmail.com पर ई-मेल करने की अपील की है। समयसीमा के बाद प्राप्त दस्तावेज़ों पर विचार नहीं किया जाएगा।

पांच दिन बाद भी कपरवार सेतु बंद राहगीरों की मुश्किलें बरकरार

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु को सुरक्षा कारणों से बंद किए जाने के पांच दिन बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक जारी रहने से गोरखपुर और देवरिया के बीच आने-जाने वाले हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक छोटे वाहनों और आम यात्रियों के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज पुल के दोनों ओर वाहन बदलने को मजबूर हैं। यात्री एक तरफ वाहन से उतरकर पैदल सेतु पार करते हैं और दूसरी ओर पहुंचकर दूसरा वाहन पकड़ते हैं। इससे समय के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह ने कहा कि सेतु बंद हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कोई ठोस व्यवस्था की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग लोगों की समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं। उन्होंने मांग की कि सेतु निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए तथा जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक आम लोगों के लिए प्रभावी डायवर्जन और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान अभिषेक साहनी, राहुल साहनी, रवींद्र कुमार, नरसिंह निषाद, बबलू हरिजन, मलखा हरिजन, भरत, जितेंद्र जायसवाल एवं सुरेंद्र जायसवाल सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
उधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेतु निर्माण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कार्य शुरू होने की स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

पहले ही प्रयास में नीट में चमकी अनुष्का, 531 अंक हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का मान

निचलौल क्षेत्र की बेटी ने रचा सफलता का नया अध्याय, परिवार और गुरुजनों को दिया श्रेय

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल विकासखंड के ग्राम पंचायत खन्हौली की होनहार बेटी अनुष्का पटेल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पहले ही प्रयास में 531 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से गांव और आस-पास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने अनुष्का को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अनुष्का पटेल, उपेंद्र पटेल की पुत्री हैं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता हासिल की। परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया और इसे गांव के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
अपनी सफलता पर अनुष्का ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिससे उन्हें लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना उनका सपना है और भविष्य में वह निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहती हैं।
अनुष्का की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गांव की बेटियों की ऐसी सफलताएं अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि अनुष्का आगे भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
अनुष्का की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो ग्रामीण परिवेश से भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय बनी हुई है।

ग्राम प्रधान संगठन ने ज्ञापन भेज कर कार्य पूरा करने का किया अपील

जल, सफाई, भुगतान और विकास कार्यों को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को भेजा पत्र, बरसात से पहले जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर दिया जोर।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने की वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए प्रशासन से जनहित में आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने की अपील की है।
ज्ञापन में उन्होंने गर्मी और बरसात के मौसम को देखते हुए गांवों और स्कूलों में लगे हैंडपंप, नल एवं वाटर कूलर की मरम्मत कराने, साथ ही गलियों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश जारी करने की मांग की है। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों एवं अन्नपूर्णा भवनों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी कराने पर भी जोर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बैंकों के कोड बदलने से कई फर्मों के भुगतान प्रभावित हुए हैं, जिसे दुरुस्त कराने के लिए डीसी मनरेगा को आवश्यक निर्देश देने की आवश्यकता है। साथ ही पंचायतों के सभी लंबित भुगतान जल्द कराने के लिए पंचायत सचिवों को प्रभावी आदेश देने की मांग भी की गई है।
बरसात से पहले नालों की सफाई, जलभराव की समस्या का समाधान तथा सड़कों और कच्चे मार्गों पर बने गड्ढों को भरवाकर मार्गों को गड्ढा मुक्त करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। वहीं विधायक एवं सांसद निधि से लगाई गई हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत के लिए विद्युत विभाग को निर्देशित करने की मांग की गई है।
उन्होंने चकरोड एवं खेतों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत, मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक छिड़काव, तथा डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय करने की आवश्यकता जताई है। साथ ही वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को शीघ्र लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में स्कूलों के कायाकल्प, भवन मरम्मत, स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं के विकास, पशुपालन से जुड़े ढांचागत सुधार एवं पंचायत भवनों के सुदृढ़ीकरण को वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में प्राथमिकता देने की अपील की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त मांगों पर कार्रवाई कर संगठन को अवगत कराया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

नाली निर्माण न होने से घरों में घुस रहा बारिश का पानी, ग्रामीणों ने सीडीओ से लगाई गुहार

इंटरलॉकिंग सड़क बनने के चार माह बाद भी नहीं बनी नाली: जल-भराव से दर्जनों परिवार परेशान, ग्राम प्रधान पर अनदेखी का आरोप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड मिठौरा की ग्राम पंचायत पतरेंगवां में नाली निर्माण न होने से बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर नाली निर्माण कराए जाने और जल-भराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत पतरेंगवां निवासी जनार्दन गुप्ता ने सीडीओ को दिए गए पत्र में बताया कि बरसात शुरू होते ही उनके घर समेत आस-पास के कई घरों में पानी भर जाता है। जल निकासी का कोई रास्ता न होने के कारण लोगों को घंटों पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ती है। घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार गांव में कुछ माह पहले ग्राम प्रधान की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य के दौरान ही ग्रामीणों ने सड़क के साथ नाली निर्माण की मांग उठाई थी। उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद नाली का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बने करीब चार माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नाली निर्माण की दिशा में कोई पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर भी पानी जमा रहता है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा घरों के सामने कीचड़ और गंदगी फैल जाती है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जनार्दन गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके साथ पूर्णमासी गुप्ता, जयराम गुप्ता, छोटेलाल, रामनारायण, अंकित, सूचित, प्रहलाद गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और किशोर गुप्ता सहित अन्य ग्रामीण भी नाली निर्माण की मांग कर चुके हैं। आरोप है कि अब ग्राम प्रधान ने नाली निर्माण कराने से साफ इन्कार कर दिया है।
ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से मामले की जांच कराते हुए शीघ्र नाली निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में जल-भराव से राहत मिल सके और लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।

बलिया पुलिस को बड़ी सफलता: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, 11 बाइक व ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

बलिया पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्वाट/सर्विलांस टीम और बैरिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार की देर रात पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात करीब तीन बजे बैरिया-बिहार मार्ग पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य चोरी के वाहनों के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाकर घेराबंदी कर दी।
पुलिस को सामने देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके अन्य चार साथियों को भी पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की 11 मोटरसाइकिलें तथा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों के संबंध में विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों का मिलान कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जनपदों से वाहन चोरी कर उन्हें कम कीमत पर बेचने का काम करता था।पूछताछ में आरोपियों से वाहन चोरी के कई मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त किन लोगों के माध्यम से की जाती थी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का उपचार कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। बरामद वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बलिया पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन के पूजन में शामिल हुए पूर्व विधायक संजय यादव

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

पूर्व विधायक संजय यादव ने सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत आयोजित पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की।
पूर्व विधायक संजय यादव ने कहा कि गौरा मदनपुरा में फायर स्टेशन की स्थापना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके शुरू होने से आग लगने जैसी आपातकालीन घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा, जिससे लोगों के जान-माल की सुरक्षा और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि यह फायर स्टेशन न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जनहित और क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके संचालन से आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को आपातकालीन सेवाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।
पूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने फायर स्टेशन के निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया और इसके लिए सभी संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रेलवे ट्रैक पर मिला वृद्ध का क्षत-विक्षत शव, पहचान में जुटी पुलिस

अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास सुबह हुई घटना, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोठीभार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने से मौत का माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 8:16 बजे मेमो के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे लाइन के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एथानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि शव रेलवे ट्रैक के निकट पड़ा था तथा शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर यह अनुमान लगाया गया कि व्यक्ति किसी ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने आस-पास मौजूद लोगों, रेलवे कर्मियों तथा निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों से पूछ-ताछ कर शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र अथवा ऐसा दस्तावेज भी बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही आस-पास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों के बीच मृतक की पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष कोठीभार अखिलेश बर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान के लिए आस-पास के थानों को सूचना भेजी जा रही है। साथ ही गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान कराया जा रहा है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

अघोषित बिजली कटौती के विरुद्धरविवार को बरहज रहा बंद

व्यापारियों ने दुकाने बंद करके जताया विरोध

पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
रविवार को अघोषित विद्युत कटौती के विरोध मे बरहज पूरी तरह बंद रहा। व्यापारिक दुकाने बंद रहे और लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ अटल तिराहे पर चल रहे कर्मिक अनशन स्थल पर, जनसभा कर नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग उठाई। बंद के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने कहा कि लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन, व्यापार, किसानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनशनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
क्रमिक अनशन के दौरान वक्ताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द ही अघोषित विद्युत कटौती समाप्त कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा आंदोलनकारियों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, जबकि जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र की आवाज़ को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने में विफल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूरे बंद के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही। क्रमिक अनशन का सातवें दिन प्रदीप मद्धेशिया उर्फ़ सिंटू ने नेतृत्व किया और संचालन प्रदीप जायसवाल ने किया।
इस दौरान पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, डॉ अजय मिश्रा, अजय जायसवाल, बिंदेश्वर गिरी, प्रमोद मिश्रा, जितेंद्र भारत, अरविंद त्रिपाठी, ओंकारनाथ मिश्रा, सावित्री राय, राजेश निषाद, सभासद नवाब हुसैन, मुकेश पटेल, आनंद जायसवाल, पंकज शर्मा, विद्यानंद पांडेय, सुनील निषाद, पीयूष चावला, धर्मेंद्र सिंह,विजय जयसवाल, संजय बरनवाल, मुरारी अग्रवाल, ओमप्रकाश तिवारी, बबलू जायसवाल, आलम खान, लियाकत अली, टीपू रॉकी, अजय विश्वकर्मा, विष्णु मद्धेशिया, पवन मद्धेशिया आदि सैंकड़ो लोग उपस्थित रहे।

शाहजहाँपुर पुलिस का सराहनीय अभियान

201 गुम मोबाइल बरामद कर लौटाए

शाहजहाँपुर( राष्ट्र की परम्परा )
19 जुलाई शाहजहाँपुर पुलिस की सर्विलांस सेल, एसओजी और विभिन्न थानों की साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए 201 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 47 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने शाहजहाँपुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए अभियान की सराहना की।
पुलिस के अनुसार, गुम मोबाइलों की शिकायतें पुलिस अधीक्षक कार्यालय और ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त होती हैं। सर्विलांस सेल तकनीकी सहायता और सीईआईआर (CEIR) प्रणाली के माध्यम से लगातार ऐसे मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद करती है।
इस अवसर पर पुलिस ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर मोबाइल ब्लॉक कराएं, निकटतम थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें तथा मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। इससे मोबाइल के दुरुपयोग पर रोक लगाने और उसकी शीघ्र बरामदगी में मदद मिलती है।

देवरिया की बेटी ने पहले ही प्रयास में जीता NEET, 578 अंकों से रचा नया इतिहास

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद की होनहार बेटी श्रेया राय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। देवरिया के रामपुर खोरोबारी (पोस्ट-रामपुर) निवासी श्री गुड्डू राय उर्फ पंकज राय की पुत्री श्रेया राय ने 720 में से 578 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
देश की सबसे चुनौतीपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट में पहले ही प्रयास में मिली इस उपलब्धि ने न केवल श्रेया के परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होते ही उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया और गांव में खुशी का माहौल बन गया।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना देखने वाली श्रेया ने अपनी तैयारी के लिए कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित संस्थान का चयन किया। परिवार से दूर रहकर उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखी। उनकी यही लगन आज सफलता के रूप में सामने आई है।
श्रेया की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिवार का विश्वास और श्रेया का निरंतर प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बना।
श्रेया राय की सफलता उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। छोटे से गांव की बेटी ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी स्थान की मोहताज नहीं होती।
जैसे ही श्रेया की सफलता की खबर रामपुर खोरोबारी पहुंची, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। क्षेत्र के लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि श्रेया आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।

भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान तेज, डीएम ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। भूजल सप्ताह के तहत शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के प्रति जागरूक करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि अभी से जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन को अपनाने, तालाबों, नदियों और अन्य जलाशयों को स्वच्छ रखने, अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा भूजल के अनावश्यक दोहन को रोकने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूजल सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, विकासखंडों, नगर निकायों और जिला स्तर पर जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन को जल बचाने और भूजल संवर्धन के प्रति प्रेरित करना है।
जिलाधिकारी ने लोगों से “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई भी विकल्प” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), वरिष्ठ हाइड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शहर का चर्चित होटल निर्माण मानकों पर फेल, प्रशासन की जांच में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के एक चर्चित होटल नेमत में निर्माण मानकों और स्वीकृत मानचित्र के उल्लंघन का मामला सामने आया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की संयुक्त जांच में होटल के संचालन और निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान पता चला कि होटल को स्वीकृत मानचित्र में केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, जबकि मौके पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 22 कमरे निर्मित और संचालित पाए गए। इतना ही नहीं, भवन निर्माण में अनिवार्य सेटबैक नियमों का भी पालन नहीं किया गया है।
जांच टीम को यह भी मिला कि स्वीकृत नक्शे में प्रस्तावित रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का निर्माण नहीं कराया गया है, जबकि यह भवन निर्माण की आवश्यक शर्तों में शामिल है। इससे भवन निर्माण नियमों के साथ पर्यावरणीय मानकों की भी अनदेखी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर होटल संचालक को नोटिस जारी करने, अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने तथा अन्य वैधानिक कदम उठाए जाने की तैयारी चल रही है। यदि अनियमितताओं की पुष्टि अंतिम रूप से हो जाती है तो होटल के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल

निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l बीते दो दिनों से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर की रफ्तार थाम दी है। भारी वर्षा के चलते शहरी क्षेत्र के अधिकांश निचले इलाकों में जलभराव की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि बरसात थमे करीब पांच घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पानी जस का तस भरा हुआ है, जो जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर के निचले क्षेत्रों में सड़कों से लेकर गलियों तक हर ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भरा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक कामकाज करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यातायात व्यवस्था पर भी बारिश का व्यापक असर पड़ा है। प्रमुख सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और जगह-जगह लंबा जाम लगा हुआ है। सबसे खराब स्थिति शहर के अंडरपास की है, जहां पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास और चारों फाटक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे इन मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है। समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़कों और बाजारों में भर जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता, जिससे समस्या लगातार बनी रहती है।
व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। राप्ती कॉम्प्लेक्स में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां 200 से अधिक दुकानों में चार फीट से ज्यादा पानी भर गया है। दुकानों में रखा सामान पानी में डूब जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार जमा पानी के कारण राहत नहीं मिल पा रही है।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट की आशंका के चलते लोग दहशत में हैं। स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं, क्योंकि गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में शहर को इस समस्या से जूझना न पड़े।