Wednesday, June 10, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

नाले जस के तस: 9.50 लाख के सफाई टेंडर पर उठे सवाल, सभासद गौरव निषाद ने किया भुगतान रोक कर जांच की मांग

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई पर लगभग 9.50 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था बदहाल होने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता एवं मनोनीत सभासद गौरव कुमार निषाद ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में नालों की सफाई के लिए बड़ी धनराशि खर्च किए जाने की सूचना है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। आरोप है कि अधिकांश नालों की नियमित एवं समुचित सफाई नहीं कराई गई तथा नालों से निकाले गए कूड़े और गाद को नियमानुसार निस्तारित करने के बजाय किनारे ही छोड़ दिया गया, जिससे वही कचरा पुनः नालों में पहुंच रहा है।
ज्ञापन के अनुसार नालों के किनारे उगे पेड़-पौधों और झाड़ियों की कटाई-छंटाई भी नहीं हुई है। परिणामस्वरूप कई स्थानों पर नालियां और नाले जाम हो गए हैं तथा बरसात शुरू होते ही जलभराव की समस्या सामने आने लगी है। इससे आम नागरिकों को आवागमन और स्वच्छता संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सभासद गौरव कुमार निषाद ने आरोप लगाया कि सफाई टेंडर होने के बावजूद नगर पंचायत के वाहनों और सफाई कर्मचारियों से ही कूड़ा उठवाने तथा निस्तारण का कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की आशंका पैदा होती है।
ज्ञापन में नाला सफाई कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर रोक लगाने, एमबी, भुगतान अभिलेखों एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए नालों की मानक के अनुरूप दोबारा सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।

50 मछुआरों का एनएफडीपी पोर्टल पर हुआ पंजीकरण

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े 50 हितधारकों का प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण हुआ। बरहज विकास खण्ड के कपरवार में बुधवार को मत्स्य विभाग देवरिया के तत्वाधान एवं बहुउद्देशीय मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड कपरवार व बरहज के संयोजकत्व में आयोजित पंजीकरण शिविर में मछुआरों ने एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इस अवसर पर मत्स्य पालक किसान अभिकरण देवरिया के मत्स्य निरीक्षक अधिकारी रितेश शाही ने कहा कि इस पोर्टल का उद्देश्य मछली पालन और उससे जुड़े क्षेत्रों को आधुनिक तकनीकों और योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है। चेयरमैन जितेन्द्र भारत ने कहा कि एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण करके मछली पालन और उससे संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर मछुआ प्रतिनिधि रामधनी निषाद, सुभाष चंद साहनी, विजय साहनी, रामलाल साहनी, सूर्यभान साहनी, राजाराम साहनी, गोपाल साहनी, राजेश कुमार साहनी, राहुल कुमार, छांगुर साहनी, सुमन देवी, माधुरी देवी, सुशीला देवी, मीना देवी, मंजू देवी, आशा देवी आदी उपस्थित रहें।

पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावली प्रकाशित, शुरू हुआ निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के समस्त प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। यह जानकारी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत) द्वारा जारी सूचना में दी गई है।
सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश पंचायतराज (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण) नियमावली-1994 के तहत आलेख्य में आवश्यक संशोधन कर निर्वाचक नामावली तैयार की गई है तथा उसका प्रकाशन कर दिया गया है। प्रकाशित नामावली की एक प्रति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालयों में 10 जून 2026 से आमजन के निरीक्षण हेतु उपलब्ध रहेगी।
अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों के मतदाताओं से प्रकाशित निर्वाचक नामावली का अवलोकन करने की अपील की है।

पुलिस भर्ती परीक्षा की शुचिता पर प्रशासन सख्त, डीएम-एसपी ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, व्यवस्थापन तथा परीक्षा संचालन की तैयारियों का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम एवं व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सघन निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम तथा डायल-112 को भी पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जनपद पुलिस ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर ग्लोबल एक्सचेंज कार्यक्रम में डीडीयू के सात विद्यार्थियों का चयन, बेंगलुरु में लेंगे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क द्वारा संचालित सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर ग्लोबल एक्सचेंज (सेज) 2026 कार्यक्रम के लिए जूनियर एम्बेसडर के रूप में किया गया है। चयनित विद्यार्थी बुधवार को बेंगलुरु के लिए रवाना हुए, जहां वे पूर्णतः वित्तपोषित प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में भाग लेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत विद्यार्थी अपने चयनित विषयों पर सामुदायिक परियोजनाओं का संचालन करेंगे।
यह अवसर सामाजिक संस्था मेधा तथा विश्वविद्यालय के एम्प्लॉयमेंट ब्यूरो, गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के संयुक्त सहयोग से विद्यार्थियों को प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश से कुल 15 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें आगरा से दो, लखनऊ से छह तथा डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय से सात छात्र शामिल हैं।
विश्वविद्यालय से चयनित विद्यार्थियों में अंशिका त्रिपाठी (बीए ऑनर्स तृतीय वर्ष), अविनाश यादव (एमए द्वितीय वर्ष अंग्रेजी), मोहम्मद यूसुफ (बीएससी ऑनर्स कृषि तृतीय वर्ष), मोहम्मद सादिक (बीकॉम तृतीय वर्ष), निर्मलेंदु (बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष), प्रिया यादव (भूगोल परास्नातक द्वितीय वर्ष) तथा सृष्टि जायसवाल (एमए समाजशास्त्र प्रथम वर्ष) शामिल हैं। विद्यार्थियों का चयन कठोर चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें आइडिया चयन एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल थे।
इको नेटवर्क एक वैश्विक मंच है, जो विज्ञान, समाज, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्थानीय समुदायों को एक साथ जोड़कर सतत विकास से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर कार्य करता है। जलवायु परिवर्तन, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और स्वच्छ शहरों जैसे विषयों पर केंद्रित यह नेटवर्क युवाओं को नेतृत्व और नवाचार के अवसर प्रदान करता है।
सेज कार्यक्रम इको नेटवर्क की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को पर्यावरणीय एवं सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु तैयार करना है। कार्यक्रम तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण बुधवार से आरंभ होगा, जिसमें भारत एवं विदेशों के विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। दूसरे चरण में विद्यार्थी अपने विचारों को समुदाय में लागू करते हुए परियोजनाओं पर कार्य करेंगे, जबकि तीसरे एवं अंतिम चरण में परियोजनाओं के प्रभाव का आकलन, रिपोर्ट लेखन तथा प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, वास्तविक कार्यानुभव प्राप्त करने, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप हासिल करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ नेटवर्किंग करने तथा संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास के अवसर प्राप्त होंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की प्रतिभा, सामाजिक संवेदनशीलता और नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित छात्र अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाएंगे तथा अपने अनुभवों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान देंगे।
एम्प्लॉयमेंट ब्यूरो, गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के अवसर विद्यार्थियों को व्यावसायिक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ उनके दृष्टिकोण का विस्तार करते हैं, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं पेशेवर जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में प्रियंका का परचम, स्वर्ण पदक से बढ़ाया महाविद्यालय का गौरव

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड) की छात्रा प्रियंका कुमारी ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु द्वारा आयोजित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर महाविद्यालय और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।
प्रियंका कुमारी की इस सफलता को महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की मेहनत तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया जा रहा है। स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर महाविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
संस्थान के अध्यक्ष विनय कुमार चतुर्वेदी, सचिव पुष्पा चतुर्वेदी, प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी सहित विभिन्न संकाय सदस्यों ने प्रियंका कुमारी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि प्रियंका की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता से संस्थान का गौरव बढ़ा है तथा यह आने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

बदलते मौसम चक्र और बढ़ता तापमान कृषि व खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती: संजय

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर बढ़ते संकट पर बीबीएयू में संगोष्ठी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 10 जून को उद्यान विभाग एवं युवराष्ट्र, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में ‘कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत का गायन हुआ तथा आयोजन समिति की ओर से अतिथियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि संजय जी ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते मौसम चक्र, अनियमित वर्षा और बढ़ते तापमान के कारण कृषि क्षेत्र में नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव फसलों, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता है।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा तथा किसानों की आजीविका पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करने और पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल, भूमि, वन एवं जैव विविधता जैसे प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर बल देते हुए वृक्षारोपण और संसाधनों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया।
संगोष्ठी में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. दीपा एच. द्विवेदी, उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एम.एल. मीणा तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. रविशंकर वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न आयामों तथा कृषि, प्राकृतिक संसाधनों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, शोधार्थी तथा किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उपभोक्ता शिकायतों और विद्युत आपूर्ति में लापरवाही पर गिरी गाज, एसडीओ को आरोप पत्र, जेई निलंबित

मुख्य अभियंता की समीक्षा बैठक में हुई कार्रवाई,
अधिकारियों को समयबद्ध शिकायत निस्तारण और निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )l विद्युत आपूर्ति व्यवस्था एवं उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य अभियंता, आजमगढ़ क्षेत्र ने विभिन्न मंडलों और उपखंडों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में उपभोक्ताओं की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, खराब ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब हुआ है तथा खराब ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं बदला गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। मुख्य अभियंता ने सिकंदरपुर उपखंड के एसडीओ को आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए। वहीं बांसडीह के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त सिकंदरपुर ग्रामीण क्षेत्र के अवर अभियंता (जेई) को निलंबित कर दिया गया, जबकि संबंधित कार्यकारी सहायक को भी आरोप पत्र देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, खराब ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने और विद्युत आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान न आने देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से आपूर्ति बाधित होती है तो उसकी जानकारी उपभोक्ताओं तक समय से पहुंचाई जाए तथा समस्या का त्वरित समाधान किया जाए।मुख्य अभियंता ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखें। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों को उपभोक्ता संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

अहंकार त्याग से ही प्रशस्त होता है मोक्ष का मार्ग : वशिष्ठ पाण्डेय

गौनरिया बाबू में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति और ज्ञान के संदेश से गुंजायमान हुआ क्षेत्र

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौनरिया बाबू स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 5 जून से 13 जून तक चल रहे इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं तथा भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा व्यास वशिष्ठ पाण्डेय अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन कर रहे हैं। कथा परीक्षित रीता सिंह श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर रही हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और मोक्ष की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसे आत्मिक शांति की अनुभूति होती है।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण अहंकार है। जब तक व्यक्ति अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह का त्याग नहीं करता, तब तक उसे सच्चे सुख और परम शांति की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि विनम्रता, सेवा, परोपकार और भगवान के प्रति अटूट भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है। जो व्यक्ति अपने भीतर के अहंकार को समाप्त कर ईश्वर की शरण में जाता है, उसके लिए मोक्ष का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के अंतर्मन को शुद्ध करता है तथा उसे सद्कर्मों के लिए प्रेरित करता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान के जयकारे लगाते रहे।
कथा स्थल पर प्रतिदिन भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि कथा सुनने से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हो रही है।
आयोजन समिति की ओर से क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का लाभ लेने की अपील की गई है। कथा आयोजन में बेचू, महातम, प्रिंस, रामप्रसाद, अयोध्या गोसाईं, अंशुमान, आदित्य सिंह, संत शर्मा, संगीता, शिव- शक्ति, कुन्ती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहें।

ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह को कार्पोरेट लूटेरों को सौंपने नहीं देगी कांग्रेस

बरहज में कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह को कार्पोरेट घरानों को सरकार द्वारा सौंपने की तैयारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जागरूकता तथा हस्ताक्षर अभियान कांग्रेसियों ने मंगलवार को स्थानीय तहसील गेट के पास चलाया। ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह की वन संपदा व प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए कांग्रेस द्वारा संचालित किए जा रहे इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर करके अपना समर्थन दिया। हस्ताक्षर अभियान को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष एवं प्रभारी अब्दुल जब्बार ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीवादी व्यवस्था को प्रश्रय दे रही है। सरकार वन और प्राकृतिक संपदाओं का दोहन करके धन कमाने की पूंजीपति मित्रों के कुकृत्य में लिप्त है। मोदी सरकार सरकारी संस्थाओं को बेचने के बाद अब प्राकृतिक संसाधनों को बेचना चाहती है जो पर्यावरण और मानव जीवन के लिए ख़तरनाक कदम है। अभियान को संबोधित करते हुए ब्लाक अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन मंसूरी ने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह पर दिल्ली से चार गुना क्षेत्रफल में वन संपदा फैला हुआ है जिसे मोदी सरकार अपने कार्पोरेट घरानों को सौंपने जा रही है। मोदी सरकार के इस गलत रवैये से लगभग डेढ़-दो करोड़ पेड़ काट दिये जायेंगे और वहां हजारों सालों से रह रहीं जन – जातियां बेघर हो जायेंगी। ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह की प्राकृतिक संसाधनों और वन संपदा को बचाने के लिए कांग्रेस राहुल गांधी जी के नेतृत्व में मोदी सरकार का पुरजोर विरोध कर रही है। कांग्रेस ग्रेट निकोबार द्वीपसमूह को कार्पोरेट लूटेरों के हाथ सौंपने नहीं देगी। हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से जिला महासचिव राकेश तिवारी भोला, शंकर दयाल मिश्र,डा शैलेन्द्र जायसवाल, अच्छेलाल गोंड,दीपक श्रीवास्तव,धीरज यादव, मनीष कुमार पाल, धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, राजेश तिवारी, राम सिंगार यादव,अम्बुज पाल, गुलाब शर्मा, शेषनाथ, रामाश्रय, विनय कुमार सोनकर,प्रिंस सिंह, दीक्षा सोनकर,राम इकबाल, संजय कुमार आदि शामिल रहे।

टीबी के खिलाफ जंग में बीबीएयू की उपलब्धि, एटीपी सिंथेज़ का परमाणु-स्तरीय मॉडल तैयार

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. युसुफ अख्तर एवं शोधार्थी प्रज्ञा आनंद ने माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के एटीपी सिंथेज़ का यथार्थवादी परमाणु-स्तरीय आभासी मॉडल विकसित कर टीबी (क्षय रोग) अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ सेल्युलर बायोकेमिस्ट्री (वाइली) में प्रकाशित हुआ है। राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्थापित ‘परम स्मृति’ सुपरकंप्यूटर की सहायता से किए गए इस शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने शोध टीम को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।
डॉ. युसुफ अख्तर ने बताया कि शोध के दौरान लगभग चार लाख परमाणुओं वाला एक जटिल आभासी मॉडल तैयार किया गया, जिसमें प्रोटीन संकुल, लिपिड द्विपरत, बेडाक्विलीन दवा तथा हजारों जल अणुओं को शामिल किया गया। अध्ययन में पाया गया कि बेडाक्विलीन केवल एक निश्चित स्थान पर स्थिर नहीं रहती, बल्कि लक्ष्य स्थल पर बने रहते हुए लगातार अपनी स्थिति बदलती रहती है। यह प्रक्रिया प्रोटीन, झिल्ली लिपिड और जल अणुओं की संयुक्त क्रिया से संचालित होती है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि दवा एटीपी सिंथेज़ की संपूर्ण कार्यप्रणाली को किस प्रकार बाधित करती है।
दवा प्रतिरोधी टीबी के उपचार में मिल सकते हैं नए संकेत

शोध में उन प्रोटॉन मार्गों का भी विश्लेषण किया गया जो एटीपी सिंथेज़ की घूर्णन गति को नियंत्रित करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इनकी संरचना और व्यवहार की बेहतर समझ भविष्य में ऐसी दवाओं के विकास में सहायक होगी, जो जीवाणु की ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से बाधित कर सकें तथा दवा प्रतिरोध की संभावना को कम करें।
शोध के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जीवाणु झिल्ली केवल निष्क्रिय संरचना नहीं है, बल्कि दवा और लक्ष्य प्रोटीन के बीच होने वाली क्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाती है। शोध दल अब झिल्ली की इसी भूमिका का और गहन अध्ययन करने की योजना बना रहा है, जिससे टीबी उपचार के लिए नए आणविक संकेत प्राप्त हो सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दवा-प्रतिरोधी टीबी के उपचार में अब बेडाक्विलीन सहित कई नई दवाओं का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में यह अध्ययन केवल एक दवा तक सीमित न रहकर भविष्य की अधिक प्रभावी, सुरक्षित और प्रतिरोध-रोधी दवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
टीबी आज भी दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में शामिल है। वर्ष 2024 में विश्वभर में लगभग 1.07 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए और करीब 12.3 लाख लोगों की मृत्यु हुई। भारत में टीबी का बोझ वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है। वैज्ञानिकों के अनुसार माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस की ऊर्जा उत्पादन प्रणाली को समझना इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकता है।
वर्ष 2012 में बेडाक्विलीन को टीबी उपचार के लिए मंजूरी मिली थी। यह दवा जीवाणु की ऊर्जा उत्पन्न करने वाली एटीपी सिंथेज़ नामक आणविक मशीन को बाधित करती है। बीबीएयू का यह शोध दवा और एटीपी सिंथेज़ के बीच होने वाली परमाणु-स्तरीय परस्पर क्रियाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है, जो बेहतर दवा डिजाइन और प्रभावी उपचार रणनीतियों के विकास में सहायक होगा। इस उपलब्धि पर विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भी शोध दल को शुभकामनाएं दीं।

एक करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड के साथ तस्कर गिरफतार

सोनौली बॉर्डर पर संयुक्त चेकिंग के दौरान 2.30 किलो प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद, अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनौली पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की 2.30 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता का गांजा) बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर जनपद में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नौतनवां के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सोनौली महेन्द्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में सीमा क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार 09 जून 2026 की रात थाना सोनौली पुलिस एवं 22 वीं वाहिनी एसएसबी की संयुक्त टीम भारत- नेपाल सीमा पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से 2.30 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद इदरीश 34 वर्ष पुत्र वीर मोहम्मद निवासी रामनाथ पुरम, तमिलनाडु के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछ-ताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अंतर्राज्यीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
इस संबंध में थाना सोनौली पर मु.अ.सं.
51/2026 के तहत धारा 8/20/23 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को महराजगंज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक वीड सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली और महंगी मादक सामग्री होती है, जिसकी तस्करी संगठित नेटवर्क के माध्यम से की जाती है। बरामदगी के बाद पुलिस अब इस खेप के स्रोत, गंतव्य और इससे जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुट गई है।
इस अभियान में उप-निरीक्षक अरविन्द कुमार, कांस्टेबल अश्वनी यादव,कांस्टेबल धीरज शाह तथा एसएसबी की सहायक सेना नायक प्रिया यादव, सहायक उप-निरीक्षक रामलाल, गौरव तिवारी और सुंदर लक्ष्मी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हल्दीरामपुर ग्राम पंचायत में 15 लाख की वित्तीय अनियमितता, प्रधान समेत तीन के खिलाफ एफआईआर

बिना कार्य कराए सरकारी धन के भुगतान का आरोप, जांच में खुली गड़बड़ी; विभागीय कार्रवाई भी शुरू

बलिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के विकास खंड सियर अंतर्गत ग्राम पंचायत हल्दीरामपुर में वित्तीय अनियमितता के गंभीर मामले में तत्कालीन प्रधान एवं दो ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में लगभग 15 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का भुगतान बिना कार्य कराए किए जाने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत हल्दीरामपुर में विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत प्रधान ने संबंधित सचिवों के साथ मिलकर कागजों पर विकास कार्य दिखाकर भुगतान प्राप्त किया, जबकि धरातल पर कार्य नहीं कराए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई। समिति ने ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की विस्तृत जांच की।

इसके अतिरिक्त, उप लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत शिकायत के क्रम में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी द्वारा भी अलग से जांच की गई। दोनों जांच रिपोर्टों में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की पुष्टि हुई।

जांच में पाया गया कि लगभग 15 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का भुगतान बिना वास्तविक कार्य कराए ही कर दिया गया था। रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिवों को इस अनियमितता के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद तत्कालीन प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक अनंत देव सिंह तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव उपेंद्र और मनोज कुमार के खिलाफ थाना उभांव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

प्रसूता की मौत को लेकर सीएचसी बरहज पर हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरहज पर प्रसूता की मौत को लेकर जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को सीएचसी परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुराना बरहज वार्ड संख्या-9 निवासी सूरज बास्फोर पुत्र स्वर्गीय अशोक बास्फोर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी अनीता बास्फोर को प्रसव पीड़ा होने पर 8 तारीख की शाम को सीएचसी बरहज में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।

परिजनों के अनुसार, नर्स द्वारा प्रसव कराया गया, जिसके दौरान कथित रूप से लापरवाही बरती गई। आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। परिजनों ने दावा किया कि इसी दौरान बच्चेदानी फटने की स्थिति उत्पन्न हो गई।

स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज को पहले महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज और बाद में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर अनीता बास्फोर की मौत हो गई।

घटना से आक्रोशित परिजनों ने बुधवार को शव को सीएचसी बरहज परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर भारी हंगामे की स्थिति बन गई, जिसे पुलिस ने पहुंचकर समझा-बुझाकर शांत कराया।

इस मामले पर सीएचसी प्रभारी बी.एन. यादव ने कहा कि मरीज की हालत पहले से ही गंभीर थी, जिसके चलते उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में तहरीर प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है।

प्रो. अजय शुक्ला बने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के चीफ वार्डेन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के आचार्य प्रो. अजय कुमार शुक्ला को विश्वविद्यालय के छात्रावासों का चीफ वार्डेन (मुख्य अभिक्षक) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय के छात्रावास प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
लगभग 28 वर्षों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध प्रो. शुक्ला विश्वविद्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। वे लंबे समय तक एन.सी. छात्रावास के वार्डेन तथा कबीर छात्रावास के अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। एन.सी. छात्रावास के वार्डेन के रूप में उनके कार्यकाल को अनुशासन, छात्र-कल्याण और प्रभावी प्रशासन के लिए विशेष रूप से सराहा गया था।
वर्तमान में प्रो. शुक्ला अंग्रेजी विभाग में आचार्य के पद पर कार्यरत हैं तथा विश्वविद्यालय की अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। छात्र हितों और अनुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा नए दायित्व के सफल निर्वहन की कामना की।