Wednesday, April 1, 2026
Home Blog

स्थानांतरण पर एसपी इलामारन को भावभीनी विदाई, यादगार रहा कार्यकाल

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस लाइन में आयोजित एक भावुक एवं गरिमामयी समारोह में पुलिस अधीक्षक इलामारन को उनके जनपद एटा स्थानांतरण पर जनपदीय पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने इलामारन के मऊ में रहे सराहनीय कार्यकाल, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन की प्रशंसा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर शुभकामनाएं दीं तथा मऊ पुलिस परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया।

अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक इलामारन ने यहां बिताए समय को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि इस जनपद में सेवा करना उनके लिए गौरव की बात रही। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और आत्मीयता के बिना कोई भी लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों के निरंतर प्रयास, परिश्रम और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने विशेष रूप से त्योहारों एवं संवेदनशील अवसरों पर पुलिस विभाग की सतर्कता, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि हर चुनौती का सामना सभी ने मिलकर सफलतापूर्वक किया। अंत में उन्होंने सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मऊ जनपद उनके हृदय में सदैव विशेष स्थान बनाए रखेगा।

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, सभी क्षेत्राधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दिव्य हॉस्पिटल की लापरवाही से नवजात की मौत, इंसानियत शर्मसार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के मेंहदावल क्षेत्र स्थित टड़वरिया चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। दिव्य देव अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत हो जाने से परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज और देखभाल में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी। स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
इसी बीच पीड़िता अनुराधा पत्नी बुद्धिराम निवासी ग्राम भटवा, थाना मेंहदावल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इलाज में लापरवाही की शिकायत की तो अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर अर्चना त्रिपाठी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस घटना में उन्हें अंदरूनी चोटें आईं और उनका सोने का मंगलसूत्र भी गायब हो गया।
घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता ने थाना मेंहदावल में तहरीर देकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में ऐसे अस्पतालों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

बसंतकालीन गन्ना बुवाई लक्ष्य हर हाल में पूरा करें: वी. के. शुक्ला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से बसंतकालीन गन्ना बुवाई की प्रगति की समीक्षा परिक्षेत्र गोरखपुर के नोडल अधिकारी एवं अपर गन्ना आयुक्त (विकास) वी. के. शुक्ला द्वारा चीनी मिल पिपराइच के सभागार में की गई। बैठक में गन्ना बुवाई के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने तथा रोग एवं कीटों के प्रति संवेदनशील प्रजातियों के विस्थापन के लिए व्यापक अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान वर्ष 2025-26 की बसंतकालीन बुवाई तथा वर्ष 2026-27 की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। माइक्रोप्लान की प्रगति, बीज आरक्षण एवं वितरण, अभिजनक बीज का उठान, क्षेत्रीय भ्रमण, गोष्ठियों की स्थिति, जनपदवार लक्ष्य और उनकी पूर्ति, साथ ही मिश्रित एवं रिजेक्ट प्लॉट की पहचान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई।
अपर गन्ना आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर गन्ना खेती को नई दिशा दी जा रही है। उन्नत किस्मों के बीज, ड्रिप सिंचाई, मृदा परीक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन और कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। किसानों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक कर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिया कि गन्ना बीज परिवर्तन कार्यक्रम की प्रतिदिन फील्ड स्तर पर मॉनिटरिंग की जाए। सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को उन्नत प्रजातियों के विस्तार, गुणवत्तायुक्त बीज की समयबद्ध उपलब्धता और वैज्ञानिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उप गन्ना आयुक्त गोरखपुर यशपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी गोरखपुर जगदीश चन्द्र यादव, महराजगंज के ओम प्रकाश यादव, कुशीनगर की हुदा सिद्दीकी सहित चीनी मिल पिपराइच के प्रधान प्रबंधक गन्ना नवनीत शुक्ला, मुख्य गन्ना प्रबंधक, गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना समिति सचिव एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त सिसवा बाजार और गड़ौरा क्षेत्र की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत बुवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे पूर्व बस्ती जनपद के दौरे में मुण्डेरवा, बभनान और रुधौली चीनी मिलों के माइक्रोप्लान की समीक्षा की गई और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बुवाई पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम कुसम्हा में प्रगतिशील कृषकों के खेतों का भी जायजा लिया गया। ट्रेंच विधि से बोई गई गन्ना फसल का निरीक्षण करते हुए सिंचाई, निराई-गुड़ाई तथा प्रजाति परिवर्तन के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए।

वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और कमियों पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलजा मिश्रा ने केंद्र पर मौजूद पीड़ित महिलाओं से सीधे संवाद किया और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य है और समाज के साथ-साथ संस्थाओं को भी इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी।
जांच के दौरान केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में खामियां सामने आईं। फ्रंट और साइड कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जिस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए केंद्र प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा केंद्र प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि जिन महिलाओं को विधिक सहायता की आवश्यकता है, उनके मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को संदर्भित किया जाए, ताकि उन्हें समय पर न्याय और सहायता मिल सके।
इस निरीक्षण का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना रहा। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

मऊ कोषागार में वित्तीय वर्ष का शानदार समापन, 37.45 करोड़ का भुगतान कर हासिल की ‘जीरो पेंडेंसी’

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम कार्यदिवस पर मऊ कोषागार ने रिकॉर्ड भुगतान करते हुए ऐतिहासिक समापन दर्ज किया। विकास कार्यों और जनहित योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से कोषागार की टीम ने दिनभर युद्धस्तर पर काम कर सभी वैध बिलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया। डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और तेज प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई।
कोषागार प्रशासन के अनुसार, 31 मार्च को विभिन्न आहरण-वितरण अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत कुल 354 बिलों का परीक्षण कर उन्हें ई-पेमेंट पोर्टल के जरिए सीधे लाभार्थियों, फर्मों और संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित हुई।
इस दौरान नगर निकायों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। नगर पालिका और नगर पंचायतों ने मिलकर 16.22 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से शहरी विकास, स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार में किया गया।
पूरे दिन में कुल 37.45 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का ऑनलाइन निस्तारण किया गया। इसमें अवस्थापना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा क्षेत्र और लंबित देयकों को प्राथमिकता दी गई। पोर्टल पर दबाव के बावजूद कोषागार कर्मियों ने सभी वैध बिलों का निस्तारण कर ‘जीरो पेंडेंसी’ का लक्ष्य प्राप्त किया।
कोषागार प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग का स्वीकृत बजट लैप्स न हो, इसके लिए देर रात तक कार्य जारी रखा गया। इस उपलब्धि में लेखाकारों, कंप्यूटर सहायकों और बैंक अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही, जिनके समन्वय से पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई।
अधिकारियों के अनुसार, 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसमें भी पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाएगी।

हत्या के मामले में फरार अभियुक्त पर कोर्ट की सख्ती, धारा 82 के तहत मुनादी और उद्घोषणा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत भटनी पुलिस ने हत्या के एक मामले में फरार चल रहे अभियुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 82 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा और मुनादी की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) और क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी के पर्यवेक्षण में थाना भटनी पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना भटनी में दर्ज मुकदमा संख्या 67/2023 में नामजद अभियुक्त सुनील प्रसाद लंबे समय से फरार चल रहा था। मामला आईपीसी की गंभीर धाराओं 498ए, 306 और 302 से संबंधित है।
न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची और विधिक प्रक्रिया के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की। इस दौरान गांव में डुग्गी पिटवाकर मुनादी कराई गई, जिससे स्थानीय लोगों को आरोपी के फरार होने की जानकारी दी जा सके। साथ ही आरोपी के घर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस भी चस्पा किए गए।
पुलिस के अनुसार, उद्घोषणा के बाद भी यदि अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो आगे की विधिक कार्रवाई और सख्त की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
कार्रवाई में थाना भटनी के थानाध्यक्ष मृत्युन्जय राय के साथ पुलिस टीम के अन्य सदस्य भी शामिल रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया।

स्कूली वाहनों की सुरक्षा के लिए 1 से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान, ऑनलाइन पोर्टल शुरू

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासन ने स्कूली वाहनों के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप की शुरुआत की है। इसके तहत 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक जनपद में स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्कूली वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और बच्चों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
परिवहन विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से पोर्टल पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और सभी विद्यालयों को इसका लिंक उपलब्ध करा दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन को अपने सभी वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वाहन संख्या दर्ज करते ही VAHAN-4.0 से संबंधित दस्तावेज जैसे फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और परमिट की जानकारी स्वतः प्रदर्शित होगी। वहीं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालने पर सारथी पोर्टल से उसका विवरण प्राप्त हो सकेगा।
विद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी चालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से कराया जाए और उसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाए। इसके अलावा वाहनों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट-एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा और स्पीड गवर्नर जैसी सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था विद्यालय के स्वयं के वाहनों के साथ-साथ अनुबंधित और अभिभावकों द्वारा संचालित वाहनों पर भी लागू होगी।
प्रबंधन को एक शपथपत्र भी अपलोड करना होगा कि उनके सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। जिन विद्यालयों में कोई वाहन संचालित नहीं है, उन्हें भी इसकी सूचना पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभिभावकों के लिए ‘Know Your Bus’ सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे अपने बच्चों को ले जाने वाले वाहन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर पाएंगे।
इस पोर्टल की निगरानी शासन स्तर से लेकर जिला स्तर तक की जाएगी। प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, परिवहन अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने-अपने लॉगिन के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। किसी वाहन में कमी पाए जाने पर पोर्टल पर रेड फ्लैग के जरिए चेतावनी दी जाएगी।
इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर वाहनों का भौतिक और तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे स्कूली परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर पोर्टल पर सभी आवश्यक सूचनाएं समय से अपलोड कर अभियान को सफल बनाएं।

नम आंखें, भारी मन से मानवेंद्र पाण्डेय ‘मन्नू’ को अंतिम विदाई, उमड़ा जन सैलाब

पूर्व विधायक शीतल पांडेय को पुत्र शोक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता शीतल पांडेय के सबसे छोटे सुपुत्र मानवेन्द्र पाण्डेय ‘मन्नू’ के आकस्मिक निधन से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। उनके असमय चले जाने की खबर ने परिवार ही नहीं, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और आम जनमानस को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
मंगलवार शाम राजघाट, राप्ती तट, गोरखपुर पर नम आंखों और भारी मन के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा और हर चेहरा शोक में डूबा नजर आया। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे और मौन भाव से श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजघाट पर पूर्वांचल के अनेक भाजपा नेता, व्यापारी, समाजसेवी सहित विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाया और इस कठिन समय में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
स्व. मन्नू के निधन पर नगर पंचायत घघसरा के अध्यक्ष प्रभाकर दूबे, अवनीश मिश्रा, पूर्व विधायक जीएम सिंह, अरुणेश शाही, आदित्य प्रताप सिंह आगू, मायाशंकर शुक्ल आदि ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मानवेन्द्र ‘मन्नू’ अपने सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण हर किसी के प्रिय थे। उनके असमय निधन ने एक ऐसी रिक्तता छोड़ दी है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका स्नेह और अपनापन हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

गोद में वान्या, दिल में लक्ष्य: सुषमा ने PCS में 13वीं रैंक से लिखी सफलता की कहानी

पूर्व विधायक स्व० कपिलदेव की पौत्रवधू हैं सुषमा, घर आगमन पर फूल-मालाओं से हुआ जोरदार स्वागत

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l सुषमा यादवटैग – मऊ, पीसीएस 2024, सफलता, महिला सशक्तिकरण, प्रेरणा, एसडीएम

जिले के कोपागंज विकास खंड के इंदारा गांव की बहू सुषमा यादव ने उत्तर प्रदेश पीसीएस-2024 परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। सात माह की बेटी वान्या को गोद में लेकर साक्षात्कार देने पहुंचीं सुषमा ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी परिस्थिति बाधा नहीं बन सकती।

पूर्व विधायक स्व० कपिलदेव यादव की पौत्रवधू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमित्रा यादव, डॉ० राम बिलास यादव की बहू सुषमा यादव की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनके घर पहुंचते ही ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।

मूल रूप से गोरखपुर के दिव्य नगर की रहने वाली सुषमा यादव के पिता गोपाल यादव व्यवसायी हैं। वर्ष 2022 में उनकी शादी पंकज यादव से हुई, जो एक शिक्षण संस्थान का संचालन करते हैं। सुषमा ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से एमएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 2021 से उन्होंने यूपी पीसीएस की तैयारी शुरू की।

सुषमा बताती हैं कि छात्र जीवन में एक कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी से मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी। उसी समय उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया। शादी और मातृत्व के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और समय प्रबंधन के जरिए तैयारी को संतुलित किया।

तैयारी के दौरान उन्होंने सीमित संसाधनों में भी निरंतर अध्ययन, नोट्स बनाना, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना और नियमित मॉक इंटरव्यू पर विशेष ध्यान दिया। साक्षात्कार के दिन भी वह अपनी सात माह की बेटी वान्या को साथ लेकर पहुंचीं, जो उनकी दृढ़ता और समर्पण का प्रतीक बन गया।

सुषमा का कहना है कि परिवार का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उनके पति, सास-ससुर और पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी बेटी वान्या को भी देती हैं, जिन्हें वह अपना “सौभाग्य” मानती हैं।

सुषमा यादव अब उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर कार्य करते हुए समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए काम करना चाहती हैं। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज और विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों, तो जिम्मेदारियों के साथ भी सफलता हासिल की जा सकती है।

वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सलेमपुर विकास खंड क्षेत्र के घुसरी मिश्र, कोल्हुआ पड़री बाजार स्थित चिल्ड्रेंस केयर एकेडमी में मंगलवार को विभिन्न कक्षाओं का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
घोषित परिणाम के अनुसार कक्षा एक में आराध्य मिश्रा ने प्रथम, निक्की ने द्वितीय तथा अंशिका कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा दो में खुशबू प्रथम, श्रेया द्वितीय और मधु तृतीय रहीं। कक्षा तीन में लक्ष्य पांडेय प्रथम, राधिका जायसवाल द्वितीय तथा अंशिका यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा चार में पार्थ सिंह ने प्रथम, अंश यादव ने द्वितीय और अनन्या ने तृतीय स्थान हासिल किया। कक्षा पाँच में आराध्य मिश्रा प्रथम, विवेक कुमार द्वितीय और प्रिय तृतीय रहे। कक्षा छह में करण जायसवाल प्रथम, अमीषा द्वितीय और प्रिया तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा सात में अपराजिता ने प्रथम, रिया ने द्वितीय तथा सलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा आठ में पूजा राजभर प्रथम, आराधना द्वितीय और आरुषि यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। जो विद्यार्थी नियमित अध्ययन और अनुशासन का पालन करते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं। आज के परिणाम बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का प्रतिफल हैं। हमें विश्वास है कि ये छात्र-छात्राएं भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान सौम्या मिश्र, शिल्पी पांडेय, सुनीता पांडेय सहित अन्य अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

सेना के जवान रणजीत यादव का निधन, पूरे गांव में शोक की लहर

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

रसड़ा क्षेत्र के प्रधानपुर गांव निवासी भारतीय सेना के जवान रणजीत यादव (32 वर्ष) का सोमवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।सोमवार की देर रात्रि जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम दिखी। उनकी पत्नी पूजा यादव, जो बिहार के वैशाली स्थित एक कॉलेज में प्रवक्ता हैं, और चार वर्षीय पुत्र राजवीर यादव का रो-रोकर हाल बेहाल था।इस दुखद अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ रिटायर सेना के जवान भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वाराणसी से आए सेना के जवानों ने दिवंगत सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। प्रधानपुर स्थित टोंस नदी के तट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।बताया जाता है कि रणजीत यादव वर्ष 2012 में कुमायूं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती लखनऊ में थी। वर्ष 2019 में उनका विवाह गड़वार थाना क्षेत्र के असनवार गांव निवासी पूजा यादव के साथ हुआ था। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक के छोटे भाई अजीत यादव इलाहाबाद में सिविल पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सूचना मिलते ही वह भी लखनऊ पहुंच गए थे।सेना के जवान के निधन पर गांव के पूर्व प्रधान राधेश्याम यादव, सुरेश तिवारी, कृष्णानंद पांडे, सियाराम यादव, सूर्यकांत यादव सहित कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अवैध गांजा के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कार्रवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने एक अभियुक्त को गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने बीती रात रामनाथ देवरिया से कतरारी मार्ग पर चेकिंग के दौरान रामप्रवेश कुमार निवासी रामनाथ देवरिया पश्चिम मोहल्ला को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 1 किलोग्राम 165 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। लगातार निगरानी और चेकिंग के जरिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है।
गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक अनित कुमार राय के साथ कांस्टेबल आदेश गौरव कौशिक, प्रवीण पाण्डेय, पंकज शुक्ला और राहुल यादव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 136 वाहनों का चालान, 2 सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शहर के प्रमुख स्थानों पर चलाया गया।
अभियान के तहत रुद्रपुर मोड़, बस स्टैंड और कसया ओवरब्रिज पर सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों की जांच की गई। इसके अलावा बिना ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और अवैध हूटर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की गई और सही कागजात पाए जाने पर उनकी नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अभियान के दौरान कुल 136 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 2 वाहनों को सीज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 136 वाहनों का चालान, 2 सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शहर के प्रमुख स्थानों पर चलाया गया।
अभियान के तहत रुद्रपुर मोड़, बस स्टैंड और कसया ओवरब्रिज पर सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों की जांच की गई। इसके अलावा बिना ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाने, बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और अवैध हूटर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की गई और सही कागजात पाए जाने पर उनकी नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अभियान के दौरान कुल 136 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 2 वाहनों को सीज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पाण्डेय हत्याकांड को लेकर थाने पर हंगामा, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
पुलीस रेवती कस्बा निवासी श्रीराम पाण्डेय हत्याकांड को लेकर मंगलवार को थाना परिसर में उस समय माहौल गरमा गया, जब मृतक के परिजन बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस पर कथित रूप से दो आरोपियों को थाने से छोड़ने का आरोप लगाया और जमकर नाराजगी जताई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने संक्षिप्त बातचीत के बाद जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और वहां से चले गए। इससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया।मृतक के बेटे अर्जुन, बेटी ममता और भतीजे योगेश सहित आधा दर्जन से अधिक लोग सपा नेता अमित पाण्डेय और अंगद मिश्र फौजी के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले भृगुनाथ और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया था, जिसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के बयान में भी हुई थी। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस ने दो आरोपियों को छोड़ दिया और केवल एक को जेल भेजा।
मृतक के भतीजे योगेश, जो इस मामले के वादी भी हैं, ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने घायल श्रीराम पाण्डेय से बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने भृगुनाथ, मारकण्डेय और ओमप्रकाश का नाम लिया था। उसी आधार पर नामजद तहरीर दी गई। योगेश ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने रविवार को उनसे जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष का घर मृतक के घर के पास ही है और वे लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल है। सपा नेता अमित पाण्डेय और अंगद मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे थाने पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।घटना के संबंध में बताया जा रहा कि मक्का के पौधे तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि भृगुनाथ ने पहले मृतक की भाभी रेखा को धमकी दी थी। इसके बाद शुक्रवार रात श्रीराम पाण्डेय को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। शनिवार सुबह कराहने की आवाज सुनकर लोग पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उनकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी बैरिया फहीम कुरैशी ने बताया कि जांच में एक आरोपी दोषी पाया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ जांच जारी है। यदि वे भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।