Thursday, April 16, 2026
Home Blog

अम्बेडकर जयंती पर टीचर्स ऑफ बिहार का संविधान ज्ञान क्विज 2026

5 हजार से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल।

सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया गया

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा “संविधान ज्ञान क्विज 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह ऑनलाइन क्विज 14 अप्रैल को आयोजित हुआ, जिसमें राज्यभर से 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
क्विज क्रिएटर सिकेन्द्र कुमार सुमन (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से सम्मानित) ने कहा कि इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों एवं युवाओं में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। उन्होंने बताया कि क्विज को सरल, रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने का विशेष प्रयास किया गया।
टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि इस ऑनलाइन क्विज का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक संविधान की जानकारी पहुंचाना और डिजिटल माध्यम से सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की उत्साहजनक भागीदारी इस पहल की सफलता को दर्शाती है।
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार, प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार एवं इवेंट लीडर केशव कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि “संविधान ज्ञान क्विज 2026” ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है और युवाओं को संविधान के मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे भी इस तरह के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस आयोजन ने बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

देवरिया में दो माह के लिए निषेधाज्ञा लागू, कई गतिविधियों पर सख्ती

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 16 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि आगामी त्योहारों, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य आयोजनों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पूर्व में लागू आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से यह निषेधाज्ञा प्रभावी की गई है।
जारी आदेश के अनुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा, ताकि आमजन को असुविधा न हो। धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य, पोस्टर, लेखन तथा ऑडियो-वीडियो सामग्री के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। विशेष परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी की अनुमति से लाइसेंसी शस्त्र ले जाने की छूट दी जाएगी। हालांकि सिख समुदाय के कृपाण धारण करने तथा वृद्ध, दिव्यांग या दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा लाठी के प्रयोग पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, छतों पर ईंट-पत्थर जमा करने और धार्मिक उन्माद फैलाने वाले संदेशों के प्रसारण पर भी रोक लगाई है। किसी प्रकार की पंचायत या महापंचायत आयोजित करने और उसमें भाग लेने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
परीक्षाओं को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। साथ ही परीक्षा केंद्र में मोबाइल, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र के एक किलोमीटर के दायरे में फोटो कॉपी और स्कैनर की दुकानें भी बंद रहेंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा-223 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण के लिए आवेदन आमंत्रित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जनपद के दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल की गई है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कान की मशीन, स्मार्ट केन (दृष्टि बाधितों के लिए) एवं सीपी चेयर की आवश्यकता है, वे विभागीय कार्यालय से इनका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए इच्छुक दिव्यांगजनों को विकास भवन स्थित कक्ष संख्या-17 में उपस्थित होना होगा। आवेदन के समय दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य है, ताकि पात्रता का सत्यापन किया जा सके।
प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक यह सुविधा पहुंचाना है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें। अधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थान पर पहुंचकर इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

मऊ की बेटी आरिका कुमारी का भारतीय हॉकी प्रशिक्षण शिविर में चयन, डीएम ने किया सम्मानित

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब ग्राम बमहौर निवासी उभरती हॉकी खिलाड़ी आरिका कुमारी का चयन अंडर-18 टीम के लिए भारतीय प्रशिक्षण शिविर में हुआ। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि आरिका की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अन्य खिलाड़ियों से भी उनसे प्रेरणा लेकर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। आरिका कुमारी वर्तमान में स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और झारखंड में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारतीय प्रशिक्षण शिविर के लिए किया गया है।

ये भी पढ़े – गोरखपुर में सुरक्षा को नई मजबूती: CM योगी ने 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का किया लोकार्पण

यह प्रशिक्षण शिविर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के चयन का महत्वपूर्ण माध्यम है। आरिका ने अपने खेल जीवन की शुरुआत मऊ स्थित डॉ. भीम राव स्पोर्ट्स स्टेडियम से की, जहां कोच ओमेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा।

खेल के प्रति समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी बड़ी बहन शशि कला कुमारी भी हॉकी खिलाड़ी हैं और खेल के आधार पर उनका चयन स्पोर्ट्स कोटा से CISF में सब-इंस्पेक्टर पद पर हो चुका है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने आरिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी।

ये भी पढ़े – देवरिया में आपसी विवाद में महिला की मौत: मारपीट के बाद दो आरोपी हिरासत में

देवरिया में आपसी विवाद में महिला की मौत: मारपीट के बाद दो आरोपी हिरासत में

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना महुआडीह क्षेत्र के ग्राम रामपुर बनहर में आपसी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की जान चली गई। घटना दिनांक 15 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 10:30 बजे की है, जब दो सगे पट्टीदारों के बीच कहासुनी के बाद गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।

मारपीट के दौरान 40 वर्षीय रबिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

ये भी पढ़े – गोरखपुर में सुरक्षा को नई मजबूती: CM योगी ने 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का किया लोकार्पण

मामले की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के बेटे की तहरीर के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

गोरखपुर में सुरक्षा को नई मजबूती: CM योगी ने 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का किया लोकार्पण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ स्थित सुरक्षा भवन परिसर में 9.18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक सुरक्षा परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

अत्याधुनिक भवन और सुविधाओं का उद्घाटन

इस परियोजना के तहत ASP और CO कार्यालय, आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटेनेंस वर्कशॉप सहित दो नए हाईटेक भवनों का उद्घाटन किया गया।
इन सुविधाओं के शुरू होने से शहर, खासकर गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

CM योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी दिशा में लगातार आधुनिक तकनीक और संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि गोरखनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए यहां की सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाना बेहद जरूरी था।

ये भी पढ़े – महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, संसद में निर्णायक बहस

हाईटेक कंट्रोल रूम से मिलेगी त्वरित सुरक्षा

नव निर्मित कंट्रोल रूम में आधुनिक CCTV नेटवर्क, निगरानी प्रणाली और क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम (QRS) की सुविधा दी गई है।

इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा।

पुलिस संसाधनों में भी होगा सुधार

पुलिस स्टोर और मेंटेनेंस वर्कशॉप के निर्माण से उपकरणों के रख-रखाव और उपलब्धता में सुधार होगा। इससे पुलिस की कार्यक्षमता और तेजी दोनों में बढ़ोतरी होगी।

ये भी पढ़े – देवरिया में Flipkart डिलीवरी बॉय की हड़ताल: घटती मजदूरी, बीमा कटौती और OBD सिस्टम के खिलाफ फूटा गुस्सा

देवरिया में Flipkart डिलीवरी बॉय की हड़ताल: घटती मजदूरी, बीमा कटौती और OBD सिस्टम के खिलाफ फूटा गुस्सा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया में Flipkart से जुड़े डिलीवरी कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। मजदूरी में लगातार कटौती और अन्य समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

₹17 से घटकर ₹9 तक पहुंची प्रति पैकेट मजदूरी

हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि पहले उन्हें प्रति पैकेट ₹17–₹16 का भुगतान मिलता था, जिसे धीरे-धीरे घटाकर ₹13 कर दिया गया और अब यह दर ₹10–₹9 प्रति पैकेट तक पहुंच गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम मजदूरी में गुजारा करना मुश्किल हो गया है और इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

एक ऑर्डर में कई पैकेट, लेकिन पूरा भुगतान नहीं

डिलीवरी कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार एक ही ऑर्डर में कई पैकेट होने के बावजूद उन्हें पूरा भुगतान नहीं दिया जाता। इससे उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और काम का बोझ बढ़ता जा रहा है।

बीमा कटौती पर भी उठे सवाल

कर्मचारियों के अनुसार हर महीने ₹200–₹300 तक बीमा के नाम पर उनकी सैलरी से कटौती की जा रही है, लेकिन अब तक किसी को भी बीमा से संबंधित दस्तावेज या पॉलिसी की जानकारी नहीं दी गई है।
इसको लेकर कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है।

OBD सिस्टम बना नई परेशानी

डिलीवरी कर्मियों ने OBD (ओपन बॉक्स डिलीवरी) सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ग्राहक पैकेट खोलकर सामान लेने से मना कर देता है, तो उस डिलीवरी का भुगतान उन्हें नहीं मिलता।
ऐसी स्थिति में उन्हें पूरे दिन पैकेट लेकर घूमना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों का नुकसान होता है।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने मांग की है कि:

• प्रति पैकेट भुगतान बढ़ाया जाए
• बीमा कटौती की पारदर्शी जानकारी दी जाए
• OBD सिस्टम में सुधार किया जाए

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, संसद में निर्णायक बहस

2029 चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, संशोधन प्रस्ताव पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के उद्देश्य से 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार इस कानून को लागू करने के लिए संशोधन प्रस्ताव लेकर आई है, ताकि 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। इसी मुद्दे पर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां इस पर व्यापक चर्चा होने वाली है।
दरअसल, जब 2023 में यह कानून पारित हुआ था, तब यह तय किया गया था कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले देश में नई जनगणना कराई जाएगी और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) होगा। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना टल गई और अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। यही वजह है कि यह कानून अब तक जमीन पर लागू नहीं हो पाया।

ये भी पढ़ें – माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 के फाइनल में पहुंचे जितेन्द्र सिंह, क्षेत्र का बढ़ाया मान

अब केंद्र सरकार का तर्क है कि यदि 2029 के चुनाव तक इंतजार किया गया और तब तक जनगणना व परिसीमन पूरा नहीं हुआ, तो महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने में और देरी हो जाएगी। इसलिए सरकार इस प्रक्रिया को तेज करना चाहती है और संशोधन के जरिए पहले ही आरक्षण लागू करने का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।
संशोधन प्रस्ताव के तहत सरकार की योजना है कि नई जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग का गठन किया जाए, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों का पुनर्निर्धारण करेगा। इसके बाद कुल सीटों में से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। खास बात यह है कि ये सीटें स्थायी नहीं होंगी, बल्कि हर चुनाव में बदलती रहेंगी, जिसे रोटेशन प्रणाली कहा जाता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। विपक्षी दल सरकार के इरादों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना जनगणना और परिसीमन के आधार तैयार किए महिला आरक्षण लागू करना जल्दबाजी होगी और इससे क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हो सकता है। खासकर दक्षिण भारत के राज्यों ने इस पर कड़ा एतराज जताया है।
विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि यदि जनसंख्या को परिसीमन का आधार बनाया गया, तो उत्तर भारत के राज्यों—जहां जनसंख्या अधिक है—को ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें घट सकती हैं। इन राज्यों का कहना है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, तो उन्हें इसका “दंड” क्यों मिले। इसके अलावा, कुछ दलों ने यह भी मांग उठाई है कि महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटा तय किया जाए।

ये भी पढ़ें – महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर जनपदीय कॉन्फ्रेंस आयोजित

दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी दिलाना है। सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं की जाएंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर कुल सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे सभी राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिलेगा और महिलाओं को भी उनका अधिकार मिल सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जनगणना, परिसीमन और क्षेत्रीय राजनीति का जटिल समीकरण भी जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि संसद का यह विशेष सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें लिए गए फैसले आने वाले चुनावों और देश की राजनीतिक दिशा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
अब सबकी नजरें संसद में होने वाली बहस पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि महिलाओं को 33% आरक्षण कब और किस रूप में मिलेगा। अगर सहमति बनती है, तो यह भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

तेल, ताकत और टकराव: 2026 का सबसे बड़ा वैश्विक संकट

होर्मुज़ संकट 2026: अमेरिकी नाकेबंदी, चीनी चुनौती और बदलता वैश्विक शक्ति संतुलन


पश्चिम एशिया में 15 अप्रैल 2026 को उत्पन्न घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति को एक बार फिर अस्थिरता के मोड़ पर ला खड़ा किया है। Strait of Hormuz पर अमेरिकी नाकेबंदी, चीनी टैंकरों की सक्रियता, ईरान-अमेरिका तनाव और इस्लामाबाद में विफल कूटनीतिक वार्ताओं ने मिलकर एक ऐसा विस्फोटक संकट खड़ा कर दिया है, जिसका प्रभाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक है। यह स्थिति केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, ऊर्जा सुरक्षा और महाशक्तियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक बन चुकी है।
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच 14 अप्रैल को हुई 40 मिनट की बातचीत ने इस संकट में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया है। ऊर्जा आयात पर निर्भर भारत के लिए यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील है, लेकिन साथ ही वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करती है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा है, जहां से प्रतिदिन लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और इसके दोनों ओर ईरान व ओमान स्थित हैं। इस क्षेत्र पर नियंत्रण का अर्थ है वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव, यही कारण है कि United States, China और ईरान यहां अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखते हैं।

ये भी पढ़ें – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का भव्य शुभारंभ

अमेरिका ने अपनी नौसेना के माध्यम से ईरानी बंदरगाहों पर दबाव बनाने के लिए व्यापक नाकेबंदी लागू की, जिसमें हजारों सैनिक, युद्धपोत और एयरक्राफ्ट शामिल किए गए। इस कदम का उद्देश्य ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों के चलते कमजोर करना था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में एकतरफा नाकेबंदी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और यूरोपीय देशों का सीमित समर्थन इस रणनीति को और जटिल बना रहा है।
ट्रम्प की रणनीति आंशिक रूप से सफल रही है। कुछ जहाजों को लौटना पड़ा, जिससे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा, लेकिन कई टैंकर नाकेबंदी पार करने में भी सफल रहे। इससे यह स्पष्ट है कि रणनीति में प्रभाव के साथ-साथ सीमाएं भी मौजूद हैं।
चीनी टैंकर “रिच स्टैरी” की गतिविधियों ने इस संकट को और गहरा कर दिया। यह घटना दर्शाती है कि चीन अब खुले तौर पर अमेरिकी दबाव को चुनौती देने के लिए तैयार है और अपने ऊर्जा हितों की रक्षा हेतु जोखिम उठा रहा है। यह केवल एक जहाज की घटना नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है।
अमेरिका और चीन के बीच यह टकराव एक नए शीत युद्ध की आहट देता है। यह संघर्ष केवल सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक भी है। चीन-ईरान संबंधों की मजबूती और अमेरिका की प्रतिबंध नीति आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

ये भी पढ़ें – विश्वविद्यालय में निंबस रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर पर आधारित कार्यशाला सम्पन्न

1953 का ईरान तख्तापलट इस संदर्भ में उल्लेखनीय है, जो यह दिखाता है कि ईरान पर बाहरी हस्तक्षेप का इतिहास पुराना है। आज का संकट उसी इतिहास की नई कड़ी है, फर्क सिर्फ इतना है कि अब इसमें चीन जैसे नए शक्तिशाली खिलाड़ी शामिल हो चुके हैं।
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि कूटनीति फिलहाल सीमित प्रभावी है। विश्वास की कमी और कठोर शर्तों ने समाधान की संभावनाओं को कमजोर किया है, जिससे सैन्य और आर्थिक दबाव की रणनीतियां बढ़ रही हैं।
इस संकट का सबसे बड़ा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं, जिससे महंगाई, परिवहन लागत और औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी वैश्विक विकास दर में गिरावट की आशंका जताई है।

ये भी पढ़ें – डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

आने वाले समय में यह संकट तीन दिशाओं में जा सकता है—सीधा सैन्य संघर्ष, कूटनीतिक समाधान या लंबा गतिरोध। वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि कोई भी पक्ष पूर्ण जीत की स्थिति में नहीं है। अमेरिका दबाव बना रहा है, लेकिन पूर्ण नियंत्रण नहीं; चीन चुनौती दे रहा है, लेकिन जोखिम में है; और ईरान प्रतिरोध कर रहा है, लेकिन आर्थिक नुकसान झेल रहा है।
यह संकट 21वीं सदी की वैश्विक राजनीति की नई परिभाषा लिख रहा है, जहां शक्ति संतुलन, ऊर्जा नियंत्रण और रणनीतिक दबाव ही निर्णायक कारक बनते जा रहे हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह समय संतुलित कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है।

— एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र)

लखनऊ में भीषण आग: विकासनगर सेक्टर-14 में 200 झोपड़ियां जलकर खाक, सिलेंडर धमाकों से मची अफरा-तफरी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-14 में बुधवार दोपहर एक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 200 झोपड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।

सिलेंडर धमाकों से दहला इलाका

आग लगने के बाद झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर और रेफ्रिजरेटर के कंप्रेसर एक के बाद एक फटने लगे। तेज धमाकों की आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा और लोगों में भगदड़ मच गई।

स्थानीय लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन देखते ही देखते आग ने सब कुछ खाक कर दिया।

ये भी पढ़े – यूपी में बड़ा रेल हादसा: प्रयागराज में ट्रेन की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत, शव देखने ट्रैक पर गए थे सभी

दमकल की 12 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। करीब 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास लगातार जारी रहा।

आग की लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारी नुकसान की आशंका

इस हादसे में झोपड़ियों में रखा घरेलू सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

यूपी में बड़ा रेल हादसा: प्रयागराज में ट्रेन की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत, शव देखने ट्रैक पर गए थे सभी

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। बुधवार शाम एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा सामने आया, जिसमें पांच लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा प्रयागराज मंडल के करछना-भीरपुर रेलखंड के बीच हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

ट्रैक पर शव दिखने से रुकी थी पहली ट्रेन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12312 (डाउन दिशा) के गार्ड और लोको पायलट ने शाम करीब 6:15 बजे किलोमीटर संख्या 801/24-22 पर डाउन मेन लाइन पर एक शव देखा।
इस सूचना के बाद ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।

ये भी पढ़े – सीबीएसई 10वीं परिणाम में ब्लूमिंग बड्स स्कूल अव्वल, माहविश नूर टॉपर

शव देखने पहुंचे लोग बने हादसे का शिकार

बताया जा रहा है कि ट्रैक पर शव होने की खबर सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गाड़ी संख्या 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (अप दिशा) शाम करीब 6:47 बजे वहां से गुजर रही थी।

तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

रेलवे प्रशासन ने जारी की चेतावनी

रेलवे प्रशासन ने घटना के बाद जरूरी विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन रुकने की स्थिति में बिना कारण नीचे न उतरें और रेलवे ट्रैक पर जाने से बचें।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, अन्यथा ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।

ये भी पढ़े – अधिवक्ता मौत के बाद उठे सवाल, डीएम पहुंचीं गांव- परिजनों से मिलकर दिलाया न्याय का भरोसा

अधिवक्ता मौत के बाद उठे सवाल, डीएम पहुंचीं गांव- परिजनों से मिलकर दिलाया न्याय का भरोसा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की मौत के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। बुधवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल स्वयं गांव पहुंचीं और बंद कमरे में करीब एक घंटे तक अधिकारियों व कर्मचारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।

इसके बाद वह मृतक अधिवक्ता के घर पहुंचीं, जहां परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जिसकी शुरुआत गुरुवार से होगी। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।

डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि मृतक का वरासत संबंधी कार्य उसी दिन पूरा कराया जाए। ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के चकरोडों पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर उन्हें कब्जा मुक्त कराने के भी निर्देश दिए गए।

मुलाकात के दौरान लेखपाल और कानूनगो की लापरवाही की शिकायत भी सामने आई, जिस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। इस दौरान एडीएम प्रशासन, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व कर्मी और पुलिस बल मौजूद रहे। वहीं शाम को जांच टीम ने बरहज नगर के अस्पतालों पर छापेमारी कर साक्ष्य एकत्र किए।

सीबीएसई 10वीं परिणाम में ब्लूमिंग बड्स स्कूल अव्वल, माहविश नूर टॉपर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं के घोषित परीक्षा परिणाम में ब्लूमिंग बड्स स्कूल, मुखलिसपुर रोड खलीलाबाद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। विद्यालय की छात्रा माहविश नूर ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि जिला स्तर पर भी शीर्ष स्थान हासिल कर गौरव बढ़ाया। आदित्य यादव 96.6 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल छा गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को साबित किया।
अन्य प्रमुख सफल विद्यार्थियों में अनाम खान (95.8%), आनंद मोहन (95.8%), अभिनय गुप्ता (95.4%), प्रत्याक्षा राय (95.4%), अंजलि यादव (95.2%), शिवांगी यादव (95.2%), अनुराग (94.8%) और अर्पित पटेल (94%) शामिल रहे, जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और अनुशासन को विद्यालय की प्राथमिकता बताया।
विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है और भविष्य में भी ऐसे ही परिणामों की उम्मीद जताई है।

आदित्य सिया-राम मय भारत है

श्रीराम जय राम, जय जय राम,
है अवध पुरी अति पावन धाम,
रघुकुल रीति ही जहाँ की शान,
प्राण जायँ पर वचन की आन।

भरत, शत्रुघन, लक्ष्मण भाई
ममता मयी हैं कौशल्या माई,
माँ कैकेयी, सुमित्रा गायें लोरी,
मोरे रामचन्द्र हैं प्रिय रघुराईं।

नगरी हैं अयोध्या जनकपुरी सी,
सीता माण्डवी उर्मिला श्रुतिकीर्ति
चारों जनकनंदिनी, जानकी माई,
ये जनकसुता हैं, और वे रघुराई।

अवध पुरी अति पुरी सुहावनि,
रघुकुल सा कुल अति पावन है,
चरण कमल रघुबर के विराजत,
मेरे तन मन को वही सुहावन है।

अद्भुत प्रेम चारो भ्राताओं में,
श्री राम बसे हैं सबके मन में,
हैं चक्रवर्ति नृप दशरथ जैसे,
स्वामी हैं मेरे श्री रघुनंदन से।

राम त्याग, तपस्या की मर्यादा,
दया क्षमा व प्रेम की हैं गाथा,
राम से बड़ा नाम ही काफ़ी है,
आदित्य सिया-राम भारत है।

  • डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर जनपदीय कॉन्फ्रेंस आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मिशन शक्ति फेज-5 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला सुरक्षा विषयक जनपदीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सालयों के प्रतिनिधि, सरकारी एवं निजी स्वास्थ्यकर्मी, उद्योग विभाग एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि, माध्यमिक शिक्षा विभाग से विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षकगण तथा एचआरपीजी कॉलेज की छात्राओं ने सहभागिता की।
सम्मेलन में छात्राओं, स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित लोगों को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संबोधित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने पॉश एक्ट-2013, पोक्सो एक्ट-2012 तथा सभी थानों में संचालित महिला हेल्प डेस्क के बारे में विस्तार से बताया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे सशक्त बनकर समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मुबारक अली, पंचायती राज विभाग से प्रदीप त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन कार्यालय के कर्मचारी एवं पुलिस विभाग के महिला प्रकोष्ठ से उपनिरीक्षक इरशाद अहमद सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।