Tuesday, May 26, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

जल एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सम्पन्न हुआ सरयू आरती कार्यक्रम

चित्तौरा झील तट पर श्रद्धालुओं ने लिया जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर Maharaja Suheldev के विजय उत्सव तथा गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पौराणिक चित्तौरा झील तट पर सरयू आरती एवं जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाराजा सुहेलदेव सेवा समिति, जिला प्रशासन और जिला पर्यटन-संस्कृति परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान सरयू नदी का पूजन-अर्चन कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी Sunil Kumar Dhanwanta ने कहा कि “जल ही जीवन है” और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नदियों, तालाबों, झीलों और पोखरों का संरक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई और संरक्षण पर जोर दिया।

पीडी डीआरडीए मनीष कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नदियों का सामूहिक रखरखाव जरूरी है। साथ ही भूमिगत जल स्तर बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।

महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष अवध संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। नदी और तालाबों के तटीय क्षेत्रों में पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर उन्हें स्थानीय सहयोग से संरक्षित किया जा रहा है।

महाराजा सुहेलदेव सेवा समिति के सचिव दिलीप कुमार अर्जुन ने कहा कि चित्तौरा झील के संरक्षण और साफ-सफाई के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।

महंत स्वामी विष्णु देवाचार्य जी महाराज के नेतृत्व में सरयू नदी तट पर सामूहिक प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की मंगलकामना की गई।

कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष कृष्ण मोहन गोयल ने किया। इस अवसर पर गोसेवा आयोग सदस्य राजेश सिंह सेंगर, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे, नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद, पर्यावरणविद डॉ. पंकज श्रीवास्तव, विहिप नेता अजय सिंह अज्जू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और अधिकारी उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव कार्यक्रम का भव्य समापन

सांसद बहराइच रहे मुख्य अतिथि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव के विजय उत्सव के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। स्मारक स्थल पर आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद Anand Kumar Gond उपस्थित रहे।

समापन समारोह का शुभारंभ सांसद डॉ. आनन्द कुमार गोंड, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राज किशोर, जिला कार्यवाहक भूपेन्द्र, भाजपा उपाध्यक्ष रणविजय सिंह, गोसेवा आयोग सदस्य राजेश सिंह सेंगर, सुहेलदेव सेवा समिति के अध्यक्ष यशवेन्द्र विक्रम सिंह और अन्य अतिथियों द्वारा महाराजा सुहेलदेव के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने स्मारक परिसर में लगे विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉलों और फूड कोर्ट का अवलोकन किया। यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि विभाग, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मत्स्य, हथकरघा एवं संस्कृति विभाग समेत कई विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई थी।

कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल कवि सम्मेलन, महाराजा सुहेलदेव के जीवन चरित्र पर आधारित परिचर्चा तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। संस्कृति विभाग से पंजीकृत कलाकारों और स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने लोकगायन, लोकनृत्य, भजन और देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

विजयोत्सव में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों, अधिकारियों और कर्मचारियों को जिलाधिकारी Akshay Tripathi और मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता द्वारा अंगवस्त्र, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य महाराजा सुहेलदेव के त्याग, पराक्रम और बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
वंदेमातरम् और गायत्री मंत्र के गायन के साथ दो दिवसीय विजयोत्सव कार्यक्रम का समापन हुआ।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई शांति समिति की बैठक

बकरीद को परंपरागत और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनजर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी Akshay Tripathi की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, धर्मगुरुओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए संभ्रांत नागरिकों ने हिस्सा लिया।

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए अपील की कि बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ पारंपरिक तरीके से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू न की जाए और पूर्व वर्षों की तरह निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न हो तथा खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से बचा जाए।

जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि कुर्बानी के बाद अपशिष्ट और अवशेष खुले में न फेंके जाएं। साथ ही विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि नमाज के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर जर्जर बिजली तारों को समय रहते दुरुस्त किया जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्योहार के दौरान नियमित जलापूर्ति, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल प्रशासन को सूचित किया जाए, ताकि उसका त्वरित समाधान कराया जा सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बकरीद को परंपरागत ढंग से शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले भ्रामक फोटो और वीडियो से सतर्क रहने तथा ऐसी सामग्री की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।

बैठक में विभिन्न धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों ने साफ-सफाई, बिजली और पेयजल व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक नगर Ayush Vikram Singh, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में शांति समिति के सदस्य रहे स्वर्गीय सुदामा मिश्रा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

CNG से हाइड्रोजन तक हर ईंधन पर सरकार की नजर, नया नियम लागू

कानूनी मापन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: अब CNG, LPG और हाइड्रोजन पंपों पर नहीं होगी माप-तौल में हेराफेरी


भारत सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण, ऊर्जा पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए “कानूनी मापन (सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र) संशोधन नियम, 2026” लागू कर दिए हैं। 8 मई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित यह संशोधन देशभर में तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। नए नियमों के तहत अब पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी, एलपीजी, एलएनजी और हाइड्रोजन डिस्पेंसर भी वैज्ञानिक सत्यापन व्यवस्था के दायरे में आ गए हैं। इससे ईंधन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन मिलना सुनिश्चित होगा।
यह संशोधन केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकारों और प्रशासनिक सुधार यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य कानूनी मापन प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक, तकनीक-सक्षम और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इससे देश में स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था के लिए विश्वसनीय आधार तैयार होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से पेट्रोल पंपों पर कम ईंधन देने, इलेक्ट्रॉनिक छेड़छाड़ और गलत अंशांकन जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। अब सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र यानी जीएटीसी के माध्यम से नियमित सत्यापन और पुनः सत्यापन की व्यवस्था मजबूत होगी। इससे माप-तौल में गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।
नए संशोधन के तहत पहली बार पांच नई श्रेणियों को जीएटीसी ढांचे में शामिल किया गया है। इनमें पेट्रोल-डीजल डिस्पेंसर, सीएनजी डिस्पेंसर, एलपीजी डिस्पेंसर, एलएनजी डिस्पेंसर और हाइड्रोजन डिस्पेंसर शामिल हैं। पहले जहां केवल 18 श्रेणियों के उपकरणों का सत्यापन किया जाता था, अब यह संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे देशभर में परीक्षण क्षमता का विस्तार होगा और सत्यापन प्रक्रिया अधिक तेज तथा व्यवस्थित बनेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सीएनजी, एलएनजी और हाइड्रोजन जैसे गैसीय ईंधनों का वितरण सामान्य तरल ईंधनों की तुलना में अधिक जटिल होता है। इनमें दबाव, तापमान और गैस घनत्व जैसे कई वैज्ञानिक कारक शामिल रहते हैं। यदि माप उपकरणों का समय पर परीक्षण न हो तो न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान हो सकता है बल्कि सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकते हैं। खासकर हाइड्रोजन जैसी अत्यधिक ज्वलनशील गैस के मामले में तकनीकी सटीकता अत्यंत आवश्यक है।
सरकार ने सत्यापन शुल्क भी निर्धारित कर दिए हैं। पेट्रोल और डीजल डिस्पेंसरों के लिए 5,000 रुपये प्रति नोजल तथा सीएनजी, एलपीजी, एलएनजी और हाइड्रोजन डिस्पेंसरों के लिए 10,000 रुपये प्रति नोजल शुल्क तय किया गया है। सरकार का मानना है कि यह निवेश उपभोक्ता संरक्षण, पारदर्शिता और दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।
संशोधित नियमों में राज्यों को भी अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। राज्य सरकारें अपनी स्थानीय औद्योगिक और ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त वजन एवं माप उपकरणों को सत्यापन के लिए अधिसूचित कर सकेंगी। इससे संघीय ढांचे और स्थानीय जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा।
यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल गवर्नेंस को भी मजबूती देगी। अधिक संख्या में सत्यापन केंद्र उपलब्ध होने से उद्योगों को तेज सेवाएं मिलेंगी और ईंधन वितरण नेटवर्क का विस्तार आसान होगा। विशेष रूप से भारत में तेजी से बढ़ रहे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और हरित हाइड्रोजन मिशन को इससे सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया के विकसित देश कानूनी मापन प्रणालियों को अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन संगठन (OIML) के मानकों के अनुरूप बना रहे हैं। भारत का यह संशोधन भी वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप माना जा रहा है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत की विश्वसनीयता मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में डिजिटल मीटरिंग, स्मार्ट डिस्पेंसर और एआई आधारित निगरानी प्रणालियों के लिए भी यही कानूनी ढांचा आधार बनेगा। इससे न केवल उपभोक्ताओं को फायदा होगा बल्कि घरेलू उद्योगों, तकनीकी प्रयोगशालाओं और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्पष्ट है कि कानूनी मापन (सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र) संशोधन नियम, 2026 भारत को पारदर्शी, वैज्ञानिक और उपभोक्ता-केंद्रित ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला बड़ा सुधार साबित हो सकता है। पेट्रोल से लेकर हाइड्रोजन तक सभी प्रमुख ईंधन वितरण प्रणालियों को कानूनी सत्यापन ढांचे में शामिल करके सरकार ने यह संदेश दिया है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था भरोसे, तकनीकी सटीकता और पारदर्शिता पर आधारित होगी।

मोहन सिंह सेतु का निर्माण पूर्ण कराये सरकार-कनकलता

बरहज(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने22 मई को देवरिया आगमन के दौरान जनपद के दो सड़कों के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान बरहज स्थित निमार्णाधीन मोहन सेतु के बारे में सीएम द्वारा यह कहा गया कि गैर भाजपा कि पिछली सपा सरकार ने मोहन सिंह सेतु निर्माण के लिए सिर्फ एक लाख रुपए की टोकन मनी दी गई थी।उसे हमारी सरकार त्वरित गति से पूर्ण कराएगी जिसको सुनकर राजनीतिक तापमान बढ गया है।
बता दे की मोहन सेतु के निर्माण की आधारशिला समाजवादी नेता मोहन सिंह की निधन के बाद उन्हें कंधा देने आए सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से स्थानीय लोगों द्वारा सरयू नदी पर पक्के इस पुल की मांग के बाद उनकी स्वीकृति के उपरांत रखी गई थी जो मोहन सिंह की सुपुत्री एवं पूर्व राज्य सभा सदस्य कनकलता सिंह के अथक प्रयत्नों के बाद संभव हो सका था।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी के बाद सपा नेत्री एवं इस मोहन सिंह सेतु के निर्माण हेतु अनवरत प्रयत्नशील पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने प्रेस को जारी अपने एक प्रेस व्यक्तव्य में कहा है कि सपा की सरकार ने मोहन सिंह सेतु के निर्माण हेतु कुल 51 करोड़ रुपए अवमुक्त किए थे जिसकी बदौलत दो तिहाई पुल बनकर तैयार है।इसके निर्माण हेतु लगभग 04 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को दिया गया था।सपा की सरकार गए हुए 09 वर्ष होने को है लेकिन पुल का निर्माण ज्यों का त्यों लंबित पड़ा हुआ है वह भी तब जब भाजपा के बरहज सहित पूरे जिले में सभी विधायक ,देवरिया और बांसगांव के सांसद,जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, टाउन एरिया चेयरमैन आदि सभी भाजपा के हैं।
सपा नेत्री एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने कहा है कि मोहन सिंह सेतु के निर्माण से जहां बरहज इलाके का विकास तीव्र गति से होगा वहीं इससे मेरा दिली लगाव भी है क्योंकि यह मेरे प्रयत्न से मेरे स्मृतिशेष पिता की स्मृति में बनना है इसलिए मैं चाहूंगी कि सरकार विलंब से ही सही देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर 09 वर्ष बाद ही त्वरित गति से इसका निर्माण कार्य कराए।
सपा नेत्री कनकलता सिंह ने पिछले और वर्तमान भाजपा विधायक और सांसद को गैरजिम्मेदार बताते हुए कहा है कि सत्ताधारी दल के विधायक और सांसद इतने निष्क्रिय हैं कि उनकी सरकार में उनके क्षेत्र में पूर्व से जारी जनहित की परियोजनाएं 09 -09 साल से लंबित हैं और वे कालर टाइट कर जनता में घूमते हुए लज्जा तक महसूस नहीं कर रहे हैं।एक मैं थी जो पिता मोहन सिंह की मृत्यु के बाद राजनीति में आकर अपनी सरकार में मानक में न होने के बावजूद बरहज में पुल स्वीकृत करा 51 करोड़ रुपए आबंटित करा तत्कालीन मंत्री शिवपाल सिंह यादव से शिलान्यास करवा करके निर्माण कार्य शुरू करवा दी थी, एक ये सत्ताधारी दल के विधायक और सांसद हैं जो खुद की मटरगस्ती में मस्त हैं।
सपा नेत्री ने प्रदेश के मुखिया और गोरखपुर को अपना गृह क्षेत्र मानने वाले योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि जिस तरह से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने सिर्फ सैफई ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद,एटा आदि जनपदों को समुन्नत बनाया है वैसे ही आप भी गोरखपुर, देवरिया,कुशीनगर, महाराजगंज को यूपी के नक्शे पर अव्वल बनाईए और 09 साल बाद ही सही त्वरित गति से इस मोहन सेतु को बजट देकर निर्माण कार्य पूर्ण कराइए।

यूपी एस सी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न 25 केंद्रों पर 11,112 अभ्यर्थी शामिल

सीडीओ ,वीसी जीडीए व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार रहे सक्रिय

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जनपद गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच सकुशल सम्पन्न हो गई। इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए जिले में कुल 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 11,112 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक हुई।
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) शाश्वत त्रिपुरारी एवं गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल को इस परीक्षा का संयुक्त ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करते हुए अनावश्यक भीड़भाड़ पर नियंत्रण रखा गया।
इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया के नोडल अधिकारी एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार रहे। एडीएम सिटी ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर आयोग की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों से संवाद कर पेपर वितरण, समय पालन, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधा से जुड़े बिंदुओं की जानकारी ली। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि की कोई गुंजाइश न रहे।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, छाया एवं बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए थे, जिससे अभ्यर्थियों को समय से केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
परीक्षा समाप्ति के बाद अभ्यर्थियों ने संतोष व्यक्त किया और प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

डीजल-पेट्रोल को लेकर अफवाहों पर प्रशासन सख्त, शिकायतों के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आम जनता से संयम बनाए रखने की अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी ए. पी. सिंह ने बताया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की घबराहट या अफवाह पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर डीजल या पेट्रोल की आपूर्ति, कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली अथवा किसी अन्य प्रकार की समस्या सामने आती है, तो आम नागरिक सीधे संबंधित सेल्स अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए अलग- अलग पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बीपीसीएल के सेल्स अधिकारी निंबुज से 9685533473, आईओसीएल के अधिकारी फैज से 7807878008 तथा एचपीसीएल के अधिकारी ऋषभ से 8655436455 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जनपद में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला पूर्ति अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही मीडिया से भी सहयोग की अपेक्षा जताई गई है, ताकि सही जानकारी लोगों तक पहुंचे और अनावश्यक भीड़ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

सौरभ तिवारी बने मान्यता प्राप्त पत्रकार

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
बरहज निवासी वरिष्ठ पत्रकार सौरभ तिवारी को भारत सरकार के प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पी बी आई )द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही वे बरहज के पहले पत्रकार बन गए हैं जिन्हें यह प्रतिष्ठित मान्यता मिली है।
सौरभ तिवारी ने वर्ष 2004 से 2007 तक बरहज में रहकर पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद वे पत्रकारिता की पढ़ाई और राष्ट्रीय मीडिया में कार्य करने के लिए दिल्ली चले गए। दिल्ली में लंबे समय से सक्रिय रहने के बावजूद आज भी वे बरहज और देवरिया के जनसरोकारों एवं स्थानीय मुद्दों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहते हैं।
वर्तमान में सौरभ तिवारी राष्ट्रीय समाचार चैनल सुदर्शन न्यूज़ में दिल्ली ब्यूरो चीफ हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बीट कवर करते हैं। वे कई लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
सौरभ तिवारी सोशल मीडिया और पत्रकारिता जगत में “बरहज का लड़का” नाम से भी जाने जाते हैं।
देवरिया जिले के चुनिंदा पत्रकारों में शामिल सौरभ तिवारी पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर बरहज एवं देवरिया क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
सौरभ तिवारी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके, अपने गुरुजनों, सहयोगियों, शुभचिंतकों एवं बरहज की जनता को दिया है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना को और मजबूत करने वाला है।

हम सभी को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए – ज्यूडिशियल काउंसिल

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)
ज्यूडिशियल काउंसिल ने पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए देशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। ज्यूडिशियल काउंसिल के चेयरमैन राजीव अग्निहोत्री ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट, प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
अग्निहोत्री ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार हैं। पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, वातावरण को संतुलित रखते हैं, वर्षा चक्र को नियंत्रित करते हैं तथा गर्मी और प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज जिस प्रकार शहरों में तेजी से पेड़ों की कटाई हो रही है और कंक्रीट के जंगल बढ़ते जा रहे हैं, वह अत्यंत चिंताजनक है।
“एक पेड़ सौ पुत्रों के समान” की भारतीय परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष भी लगाकर उसकी देखभाल करे, तो देश को हरित और स्वच्छ बनाया जा सकता है। केवल सरकारों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति, संस्था, विद्यालय, कॉलेज और उद्योग को इस अभियान में भागीदारी निभानी होगी।
ज्यूडिशियल काउंसिल ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर केवल जागरूकता तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाएँ। पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। देश का भविष्य तभी सुरक्षित रहेगा जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी।
आज प्रदूषण के कारण अनेक गंभीर बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। वायु प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी समाधान है। वृक्ष न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि मानसिक शांति और प्राकृतिक संतुलन भी प्रदान करते हैं।
ज्यूडिशियल काउंसिल ने सभी सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय निकायों से आग्रह किया कि वे बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाएँ और लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। श्री राजीव अग्निहोत्री ने कहा कि केवल एक दिन पौधे लगाकर फोटो खिंचवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
आज के समय में लगातार पेड़ों की कटाई और वृक्षारोपण की कमी मानव जीवन के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। पेड़ प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि समय पर वृक्षारोपण नहीं किया गया, तो पर्यावरण पर इसके विनाशकारी प्रभाव पड़ेंगे।
पेड़ों की कमी से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियाँ होने लगती हैं। तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ गंभीर होती जा रही हैं। वर्षा का संतुलन बिगड़ने से सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ रही हैं।
वृक्षों के अभाव में मिट्टी का कटाव होता है और खेती की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, जिससे जैव विविधता खतरे में पड़ रही है।
अग्निहोत्री ने अंत में देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि “यदि हम प्रकृति को बचाएँगे, तभी मानवता सुरक्षित रहेगी।” हर नागरिक को पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र सेवा का हिस्सा मानते हुए आगे आना चाहिए। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित जीवन देने के लिए आज से ही वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अधिक से अधिक पेड़ लगाए और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे।

गौ रक्षक प्रान्त का शौर्य प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 मई से

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
विश्व हिंदू परिषद की इकाई बजरंग दल गोरक्ष प्रांत का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग 25 मई से प्रारंभ होकर 02 जून तक सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल तिलई बेलवा देवरिया में होगा। जिसमें गोरक्ष प्रांत के 21 जिलों के 200 शिक्षार्थी सहभागी होंगे। वर्ग में बजरंगियों को शारीरिक में दंड युद्ध, नियुद्ध, यष्टि, लक्ष्यभेद, बाधा के द्वारा तथा बौद्धिक विकास के लिए प्रेरक प्रसंग, बौद्धिक, चर्चा तथा कृति सत्र के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।
वर्ग में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, केंद्रीय सह मंत्री विजय शंकर तिवारी, क्षेत्र संयोजक पुरेन्द्र, क्षेत्र संगठन मंत्री गजेन्द्र, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत तथा विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद पराण्डे समापन सत्र में मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
वर्ग के लिए सभी को जिम्मेदियां देकर उन्हें पूर्ण कर लिया गया है। वर्ग के सर्व व्यवस्था प्रमुख जिलामंत्री राम सिंह एवं सह सर्व व्यवस्था प्रमुख सौरभ मणि त्रिपाठी को बनाया गया है।
वर्ग में पूरे समय प्रांत अध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया, प्रांत उपाध्यक्ष उपेंद्र शाही ,प्रांत मंत्री नागेन्द्र, प्रांत संगठन मंत्री दीपेश रहेंगे। इसकी जानकारी बजरंग दल गोरक्ष प्रांत के प्रांत संयोजक एवं वर्ग प्रमुख दुर्गेश प्रताप राव ने दिया।

शिविर के चौथे दिन मैप रिंडिंग का अभ्यास

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
भरोसा घर मिशन क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के प्रांगण में रविवार को शिविर के चौथे दिन कैडेट्स ने कन्वेंशनल रूढ़ चिह्न और पारंपरिक संकेतों के बारे में सीखा और मैप रीडिंग का अभ्यास किया , जिसको एनसीओ शुभम थापा, आकाश गुरुंग, शान सिंह ने चलाया उसके बाद एनसीसी जनरल और लिविंग विथ नेचर पर कैप्टेन योना पॉल, लेफ्टिनेंट राम केवल प्रसाद, लेफ्टिनेंट दीपशिखा मौर्य और जेसीआई श्वेता यादव द्वारा क्लास चलायी गयी, जिसमे प्रकृति के संरक्षण में NCC कैडेट्स की भूमिका पर भी चर्चा हुई, मेजर भारत यादव , पी ई सरोज , और तमांग ने ब्रावो कंपनी को फायरिंग करायी। देवरिया जिले से आए फायर फाइटिंग टीम ने भी कैडेट्स को आग पर काबू पाना और उससे होने वाले नुकसान को कैसे रोकना है बताया । इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटना और बचाव के भी सुझाव एवं सलाह दी ।

बिजली कटौती व लो-वोल्टेज पर सांसद विद्यार्थी ने जताई नाराजगी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के कई विधानसभा क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और फॉल्ट की समस्या को लेकर सांसद Ramashankar Rajbhar उर्फ विद्यार्थी ने शासन और विद्युत विभाग को पत्र भेजकर तत्काल सुधार की मांग की है। उन्होंने बलिया के नगरा नगर पंचायत को शहरी रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति देने तथा बलिया और देवरिया के कई क्षेत्रों में खराब विद्युत व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।

सांसद ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को भेजे पत्र में कहा कि बलिया के बांसडीह, सिकंदरपुर और बेल्थरा रोड के साथ-साथ देवरिया के भाटपाररानी और सलेमपुर क्षेत्रों में भारी बिजली कटौती की जा रही है। लोगों को दिन-रात मिलाकर 7 से 8 घंटे भी सही तरीके से बिजली नहीं मिल पा रही है।

उन्होंने कहा कि लो-वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी में छात्र, व्यापारी, किसान और आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।

वहीं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे दूसरे पत्र में सांसद ने कहा कि नगरा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद वहां अभी भी ग्रामीण रोस्टर के अनुसार बिजली दी जा रही है, जो सरकारी गजट के विपरीत है।

उन्होंने मांग की कि नगरा नगर पंचायत को शहरी रोस्टर के तहत प्रतिदिन साढ़े 21 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।

मौत बनकर दौड़ रहीं मिट्टी लदी ट्रालियां, महिला की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

अवैध खनन के खेल में सड़कों पर फर्राटा भर रहीं बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रालियां, ग्रामीणों में आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार लगातार बेलगाम होता जा रहा है। सदर कोतवाली क्षेत्र के सवना गांव में शनिवार को मिट्टी लदी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में दिन-रात दौड़ रही मिट्टी लदी ट्रालियां अब लोगों के लिए मौत का कारण बनती जा रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों पर बिना नंबर, बिना रजिस्ट्रेशन और बिना परमिट की ट्रैक्टर-ट्रालियां खुलेआम संचालित हो रही हैं। कई मामलों में नाबालिग चालक भी ट्रालियां चलाते देखे जा रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि रात के समय तेज रफ्तार ट्रालियों की आवाज और लगातार आवाजाही से गांवों में दहशत का माहौल बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार अवैध खनन का कारोबार प्रशासन और संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद धड़ल्ले से जारी है। खनन विभाग और यातायात विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई सख्ती दिखाई नहीं दे रही।

महिला की मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रालियों के खिलाफ अभियान चलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में और भी कई परिवार हादसों का शिकार हो सकते हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर अवैध खनन और मौत बनकर दौड़ रही इन ट्रालियों पर लगाम कौन लगाएगा? क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

डीजल-पेट्रोल को लेकर अफवाहों पर प्रशासन सख्त, घबराकर खरीदारी न करने की अपील

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में डीजल और पेट्रोल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिले में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है तथा पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।

प्रशासन के अनुसार सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन लगभग 250 किलो लीटर डीजल और 200 किलो लीटर पेट्रोल की खपत होती है। वर्तमान समय में जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर 973 किलो लीटर डीजल और 675 किलो लीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो सामान्य आवश्यकता से कहीं अधिक है।

हालांकि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों के कारण लोग असामान्य रूप से ईंधन की खरीदारी कर रहे हैं। इसके चलते डीजल की दैनिक मांग बढ़कर 426 किलो लीटर और पेट्रोल की मांग 225 किलो लीटर तक पहुंच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और सुचारु बनी हुई है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही डीजल-पेट्रोल खरीदें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण करने से कृत्रिम संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति के पास डीजल या पेट्रोल का अवैध भंडारण पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार जिले की ईंधन आपूर्ति पर नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसान संगोष्ठी आयोजित, जैविक खेती और उन्नत धान बीजों की दी गई जानकारी

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड के चांदपलिया ग्राम सभा में किसानों को आधुनिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर पैदावार, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को आर्गेनिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेतों की उर्वरक क्षमता बनाए रखने के लिए दलहनी फसलों की खेती बेहद जरूरी है। किसानों को मूंग, ढैंचा और अन्य दलहनी फसलें लगाने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार इन फसलों से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार होता है और अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है।

कार्यक्रम में Mahyco प्राइवेट लिमिटेड के टेरिटरी बिजनेस मैनेजर अंकित उपाध्याय और किसान एडवाइजर सर्वेश पाण्डेय ने किसानों को धान की उन्नत किस्मों की जानकारी दी। इस दौरान धान बीज की नस्ल 5477 सहित अन्य उन्नत प्रजातियों की विशेषताओं और उत्पादन क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को बीज चयन, पौध संरक्षण और संतुलित पोषण प्रबंधन की तकनीकों से भी अवगत कराया गया।

अंकित उपाध्याय ने किसानों को बताया कि खेतों में यूरिया का अत्यधिक प्रयोग मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, इसलिए इसका सीमित उपयोग करना चाहिए। उन्होंने धान की फसल में जड़ों को मजबूत बनाने के लिए ह्यूमिक एसिड के प्रयोग की सलाह दी। उनके अनुसार ह्यूमिक एसिड के उपयोग से पौधों का विकास बेहतर होता है, जड़ें मजबूत बनती हैं और उत्पादन में वृद्धि होती है। साथ ही धान के कल्ले अधिक निकलते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों में सुधार होता है।

कार्यक्रम का आयोजन शशिकांत मिश्र द्वारा किया गया। संगोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

इस अवसर पर मोहन गुप्ता, रामउग्रह यादव, राम इकबाल यादव, संतोष शर्मा, विनोद गौण, गणेश यादव, बृजेश यादव, गुड्डू कुशवाहा, मदन गुप्ता, कृष्ण मुरारी दुबे, गोविंद बिहारी दुबे, निखिल द्विवेदी, सौरभ द्विवेदी, सूरज गुप्ता, कन्हैया कुशवाहा, रामाधार, कैलाश प्रसाद, लालबहादुर गुप्ता, उमाशंकर दुबे, शशिकांत मिश्र और शशिभूषण मिश्र सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।