Friday, April 24, 2026
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80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

बरहज में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर बैठक, सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पालिका परिषद गौरा बरहज में आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने की, जिसमें सफाई प्रभारी और सफाई नायकों ने भाग लिया।

बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सोर्स सेग्रिगेशन (कचरे का पृथक्करण), वेस्ट-टू-वंडर पार्क, आर.आर.आर. (Reduce, Reuse, Recycle) सेंटर और सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की बेहतर व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान प्रोजेक्ट एनालिस्ट रत्नाकर तिवारी, अवर अभियंता अवनीश राय, मनोज गुप्ता, राजेश कुमार जायसवाल, रामसरन, सुनील कुमार, छेदी यादव सहित अन्य अधिकारी और सफाई नायक मौजूद रहे।

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बैठक में अध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मियों को निर्देशित किया कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।

नगर में स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए वॉल पेंटिंग, वॉल राइटिंग और स्वच्छता स्लोगनों के माध्यम से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष ने सभी नगरवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें और “बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में भागीदारी निभाएं।

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गोरखपुर में HP गैस एजेंसी पर फर्जी डिलीवरी का आरोप, बिना सिलेंडर ‘डिलीवर्ड’ दिखाया

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। HP Gas से जुड़े एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि उनके नाम से बुक किया गया सिलेंडर बिना डिलीवरी के ही सिस्टम में “डिलीवर्ड” दिखा दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

विष्णुपुरम, बशारतपुर निवासी उपभोक्ता सीएम त्रिपाठी के अनुसार:

• 29 मार्च 2026 को गैस रिफिल बुक किया गया
• 31 मार्च को ऐप में “डिलीवर्ड” दिखा दिया गया
• न तो सिलेंडर मिला, न ही कोई OTP लिया गया

ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि बिना OTP और बिना सप्लाई के डिलीवरी कैसे दर्ज हुई?

ऑर्डर डिटेल (जैसा उपभोक्ता ने बताया)

• रिफिल ऑर्डर रेफ.: 5260975800030760
• बुकिंग नंबर: 570639
• कैश मेमो नंबर: 1888438
• स्टेटस: डिलीवर्ड

उपभोक्ता ने लगाए गंभीर आरोप

उपभोक्ता का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं, बल्कि:

• संभावित फर्जीवाड़ा
• डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी
• एजेंसी और कर्मचारियों की मिलीभगत
की ओर इशारा करता है।

कार्रवाई की मांग

सीएम त्रिपाठी ने मांग की है कि:

• पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
• दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
• गलत एंट्री तुरंत सुधारी जाए
• सिलेंडर जल्द उपलब्ध कराया जाए

उपभोक्ता शिकायत कहां करें?

अगर आपके साथ भी ऐसा हो तो यहां शिकायत करें:

• HP Gas Customer Care
• जिला पूर्ति अधिकारी (DSO)
• National Consumer Helpline (1915)
• PG Portal
• उपभोक्ता आयोग

गैस डिलीवरी लेते समय रखें ध्यान

खुद को सुरक्षित रखने के लिए:

• हमेशा OTP देकर ही डिलीवरी लें
• सिलेंडर मिलने के बाद ही “Delivered” कन्फर्म करें
• डिलीवरी मैसेज और बिल जरूर चेक करें
• किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत शिकायत करें

बड़ा सवाल

• बिना OTP और बिना डिलीवरी के एंट्री होना सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
• अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।

महराजगंज में साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश, 7 लाख की धोखाधड़ी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम के जरिए पैसा दुगुना-तिगुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 5 शातिर अभियुक्तों समेत एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

7 लाख की ठगी का खुलासा

जांच में सामने आया कि गिरोह टेलीग्राम ग्रुप बनाकर लोगों को कम समय में पैसा दुगुना-तिगुना करने का लालच देता था।
आगरा निवासी एक पीड़ित से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई।
आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाकर एटीएम और चेक के माध्यम से रकम निकाल ली।

कैसे काम करता था गिरोह?

• फर्जी आधार कार्ड बनवाकर बैंक खाते खुलवाते थे
• लोगों और जनसेवा केंद्र संचालकों को कमीशन का लालच देते थे
• उनके खातों का इस्तेमाल लेनदेन के लिए करते थे
• खाते फ्रीज होने के बाद पीड़ितों को ठगी का पता चलता था
• पुलिस के अनुसार गिरोह पिछले 8 महीनों से सक्रिय था।

क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने आरोपियों के पास से:

• 7 एंड्रॉयड मोबाइल
• 7 एटीएम कार्ड
• फर्जी आधार कार्ड
• पैन कार्ड, पासबुक, क्रेडिट कार्ड
• एक चार पहिया वाहन
बरामद किया है।

कौन-कौन गिरफ्तार?

गिरफ्तार आरोपियों में रवि प्रताप सिंह, आकाश पटेल, विजय कुमार मौर्य, आशीष पांडेय, कार्तिकेय पटेल और एक बाल अपचारी शामिल हैं।

पुलिस की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें?

खुद को सुरक्षित रखने के लिए ये जरूरी सावधानियां अपनाएं:

• पैसा दुगुना-तिगुना करने वाले ऑफर से दूर रहें
• अनजान Telegram/WhatsApp लिंक पर क्लिक न करें
• OTP, बैंक डिटेल, आधार-पैन किसी से साझा न करें
• संदिग्ध कॉल या मैसेज को तुरंत ब्लॉक करें

किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 (Cyber Helpline) पर शिकायत करें।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

जल्दी पैसा कमाने के लालच में अक्सर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
सतर्कता और जागरूकता ही इससे बचने का सबसे बड़ा तरीका है।

नेपाल हादसा: 30 फीट खाई में गिरी जिप्सी, महराजगंज के 2 तीर्थयात्रियों की मौत, 19 घायल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां तीर्थयात्रियों से भरी एक जिप्सी 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के 2 तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए।

प्यूछान जिले में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह हादसा नेपाल के प्यूछान जिले में 23 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 8 बजे हुआ। वाहन में सवार सभी यात्री महराजगंज जिले के अलग-अलग गांवों से तीर्थ यात्रा पर निकले थे।

प्रशासन ने तत्काल संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। घायलों को सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारत लाया गया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

9 एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया अस्पताल

24 अप्रैल की सुबह पुलिस और प्रशासन की मदद से 9 एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं रहने दी जा रही है।

मृतकों की पहचान

इस हादसे में ग्राम सेमरा राजा निवासी निर्मला (32) पत्नी करन नाथ और काव्या (5) पुत्री करन नाथ की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।

इस दुखद हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

गोरखपुर में कारोबारी के बेटे अम्बरीश श्रीवास्तव की गोली लगने से मौत, फार्महाउस में मिला शव; हर एंगल से जांच

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां चर्चित कारोबारी के बेटे अम्बरीश श्रीवास्तव (40) की फार्महाउस में गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना कुसमी स्थित उनके निजी फार्महाउस की है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया।

फार्महाउस में मिला खून से लथपथ शव

जानकारी के अनुसार, अम्बरीश सुबह अपने सिविल लाइंस स्थित घर से निकलकर फार्महाउस पहुंचे थे। कुछ देर टहलने के बाद वह इमारत की ऊपरी मंजिल पर गए। इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जहां वह खून से लथपथ पड़े मिले।

मुंह में लगी गोली, सिर से निकली

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोली मुंह में लगी और सिर से बाहर निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, .32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की आशंका है।

जांच में जुटी पुलिस, CCTV खंगाले जा रहे

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें अम्बरीश अकेले आते-जाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आत्महत्या और अन्य सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है।

15 दिनों से थे तनाव में

परिजनों के मुताबिक, अम्बरीश पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे। घटना से पहले उन्होंने अपनी पत्नी और एक परिचित से फोन पर बातचीत भी की थी।

कारोबारी और सामाजिक रूप से सक्रिय थे

अम्बरीश “एके टेंट हाउस” नाम से व्यवसाय चलाते थे और शहर के बड़े आयोजनों में उनकी अहम भूमिका रहती थी। वह हाल ही में एक सामाजिक संस्था में पदाधिकारी भी बने थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने शहर के कारोबारी और सामाजिक हलकों को झकझोर कर रख दिया है।

अब स्मार्ट बनेगा बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलेगा बड़ा आराम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद का बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन अब तेजी से आधुनिक स्वरूप की ओर बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए यहां कई महत्वपूर्ण विकास कार्य तेज़ी से कराए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में स्टेशन का पूरा परिदृश्य बदलता नजर आएगा।
स्टेशन पर लिफ्ट युक्त फुटओवर ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके तैयार हो जाने के बाद बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में काफी राहत मिलेगी। अब उन्हें सीढ़ियों की कठिनाई से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे यात्रा और भी सहज हो जाएगी।
इसके साथ ही नया टिकट घर भी बनाया जा रहा है, जिससे टिकट लेने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सरल होगी। इससे भीड़भाड़ में कमी आएगी और यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। स्टेशन परिसर में नई पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ पेयजल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
यात्रियों की स्वच्छता संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पे-एंड-यूज शौचालय का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे स्टेशन पर साफ-सफाई की स्थिति में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
बताया जा रहा है कि हाल ही में रेलवे के महाप्रबंधक के निरीक्षण के बाद इन परियोजनाओं को और गति मिली है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों।
स्थानीय लोगों और यात्रियों में इन विकास कार्यों को लेकर उत्साह साफ देखा जा रहा है। लंबे समय से स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी होती दिखाई दे रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले समय में बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन क्षेत्र का एक प्रमुख और आधुनिक यातायात केंद्र बनकर उभरेगा, जहां यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना: चाचा ने भतीजे को मारी गोली, गिरफ्तार

नाबालिग भतीजे को गोली मारने वाला चाचा गिरफ्तार, अवैध पिस्टल व कारतूस बरामद

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना चितबड़ागांव पुलिस ने नाबालिग भतीजे को गोली मारकर घायल करने वाले आरोपी चाचा को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और अपराध नियंत्रण के लिए अभियान तेज किया गया है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में चितबड़ागांव थाना पुलिस सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही थी।
मामले के अनुसार 23 अप्रैल को पीड़ित पक्ष द्वारा थाने में तहरीर दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी संजय सिंह ने अपने ही नाबालिग भतीजे वैभव सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
24 अप्रैल को उपनिरीक्षक अतुल कुमार गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम के साथ ग्राम सुजायत सहाड़ी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास पहुंचकर दबिश दी। यहां से आरोपी संजय सिंह (45 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

जब पड़ोसी से पहले सोशल मीडिया देता है खबर

पड़ोस अब मोबाइल में: रिश्तों की बदलती तस्वीर

लेखिका: सुनीता कुमारी, पूर्णियां (बिहार)


आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह केवल सूचना और मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने हमारे सामाजिक संबंधों की परिभाषा भी बदल दी है। एक समय था जब पड़ोसियों की खबर हमें आमने-सामने बातचीत, मिलना-जुलना और आसपास की गतिविधियों से मिलती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज हम अपने पड़ोसी के जीवन की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त करने लगे हैं।
पहले पड़ोसियों के बीच आत्मीयता, सहयोग और संवाद का गहरा रिश्ता होता था। खुशी हो या दुख—हर अवसर पर लोग एक-दूसरे के साथ खड़े रहते थे। लेकिन शहरीकरण, व्यस्त जीवनशैली और डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग ने इन संबंधों को कमजोर कर दिया है। अब अक्सर ऐसा होता है कि हम अपने पड़ोसी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानते हैं, जबकि आमने-सामने बातचीत बहुत कम हो गई है।
सोशल मीडिया की भूमिका
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ने लोगों को अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े पल को साझा करने की आदत डाल दी है। जन्मदिन, शादी, नौकरी, यात्रा या उपलब्धियां—सब कुछ पोस्ट के रूप में सामने आता है। ऐसे में पड़ोसी, जो भौगोलिक रूप से सबसे करीब होते हैं, वे भी इन्हीं पोस्ट्स के जरिए जानकारी प्राप्त करते हैं।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पड़ोसी के बेटे को विदेश में नौकरी मिलती है, तो यह खबर अब सीधे बातचीत से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पोस्ट से मिलती है। इसी तरह, कई बार शादी जैसे कार्यक्रमों की जानकारी भी केवल फोटो और वीडियो के माध्यम से ही मिलती है।
व्यक्तिगत संबंधों पर प्रभाव
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने रिश्तों में औपचारिकता और दूरी को बढ़ाया है। लोग एक-दूसरे के घर जाने की बजाय मोबाइल स्क्रीन पर जुड़े रहना अधिक पसंद करते हैं। इससे आत्मीयता धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
कई बार ऐसा भी होता है कि किसी पड़ोसी की बीमारी या परेशानी के बारे में जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिलती है, जबकि वास्तविक संवाद की कमी के कारण समय पर मदद नहीं मिल पाती।
सकारात्मक पहलू
हालांकि सोशल मीडिया के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। व्यस्त जीवन में यह जुड़े रहने का एक आसान माध्यम बन गया है। व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए मोहल्ले की सुरक्षा, सफाई या किसी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत साझा की जा सकती है।
किसी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम की सूचना भी तेजी से लोगों तक पहुंचाई जा सकती है, जिससे सामूहिक भागीदारी बढ़ती है।
नकारात्मक प्रभाव और चुनौतियां
सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से तुलना की भावना बढ़ती जा रही है। पड़ोसी की सफलता या जीवनशैली देखकर लोग खुद को कमतर आंकने लगते हैं, जिससे ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा जन्म लेती है।
इसके अलावा, कई बार गलत या अधूरी जानकारी भी तेजी से फैल जाती है, जिससे गलतफहमियां और विवाद पैदा हो सकते हैं।
संतुलन की आवश्यकता
आज के समय में सबसे जरूरी है कि हम सोशल मीडिया और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें। पड़ोसियों के साथ सीधा संवाद, सहयोग और सहभागिता सामाजिक जीवन की मजबूती के लिए जरूरी है।
तकनीक का उपयोग सहायक के रूप में होना चाहिए, न कि रिश्तों का विकल्प बनना चाहिए। यदि हम डिजिटल और वास्तविक दोनों दुनिया में संतुलन बनाए रखें, तो एक मजबूत और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
निष्कर्ष
“पड़ोसी की खबर सोशल मीडिया से” आज के समाज की एक सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि तकनीक के इस दौर में हम अपने सामाजिक मूल्यों को किस तरह बचाकर रख सकते हैं। पड़ोसी केवल पास रहने वाले लोग नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए जरूरी है कि हम रिश्तों की गर्माहट को बनाए रखें।

महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र पर वार?

लेखक: राजेन्द्र शर्मा

लेखक: राजेन्द्र शर्मा

महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलाई गई संसद की तीन दिन की विशेष बैठक में जब सरकार की ओर से संविधान संशोधन समेत तीन विधेयकों पर चर्चा शुरू हो रही थी, तभी एक अहम अधिसूचना जारी की गई। इसमें बताया गया कि सितंबर 2023 में पारित 106वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का कानून 16 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है।
यह घोषणा आम पाठकों के लिए उलझन भरी थी, क्योंकि जिस आरक्षण को लागू करने के लिए फिर से संशोधन लाया जा रहा था, उसी के लागू होने का दावा भी किया जा रहा था। दरअसल, यह एक तकनीकी प्रक्रिया थी—सरकार को कानून में संशोधन करने से पहले उसे अधिसूचित करना आवश्यक था।
लेकिन इस तकनीकी पहलू ने एक बड़े राजनीतिक सवाल को जन्म दिया। 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित इस कानून को तीन साल तक ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया? और अब अचानक इसे लागू करने की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई?
असल में, 2023 के कानून में ही यह सुनिश्चित कर दिया गया था कि महिला आरक्षण तुरंत लागू नहीं होगा। इसे जनगणना और परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ दिया गया था, जिससे इसका क्रियान्वयन वर्षों तक टल सकता था। विपक्ष ने उस समय सुझाव दिया था कि इन शर्तों को हटाकर मौजूदा सीटों में ही एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जाए, जिससे अगले चुनाव से ही महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।

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लेकिन सरकार ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। कारण स्पष्ट था—पुरुष सांसदों की संख्या घटाए बिना, कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर ही महिलाओं को आरक्षण देना सत्ता पक्ष को अधिक अनुकूल लग रहा था।
अब जब सरकार संशोधन की बात कर रही है, तब भी वह मूल समस्या को दूर करने के बजाय परिसीमन का रास्ता खोलने पर ज्यादा केंद्रित दिखती है। यही इस पूरे विवाद का केंद्र है।
परिसीमन पर पिछले दो दशकों से रोक इसलिए लगी थी ताकि राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहे। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच जनसंख्या और विकास के अंतर को देखते हुए यह संतुलन बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है।
लेकिन नई संसद के निर्माण के साथ ही लोकसभा सीटों को 770 से बढ़ाकर 850 तक करने की योजना ने संकेत दे दिया था कि भविष्य में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी है। अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है, तो अधिक जनसंख्या वाले राज्यों का राजनीतिक वजन बढ़ेगा, जिससे संघीय ढांचे का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
सरकार ने आश्वासन दिया कि सभी राज्यों की सीटों में समानुपातिक वृद्धि होगी, लेकिन संबंधित विधेयक में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। यही संदेह को जन्म देता है कि परिसीमन के बाद वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है।
इसके अलावा, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर उठे सवाल भी चिंता बढ़ाते हैं। अगर संस्थाएं निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहती हैं, तो परिसीमन जैसे बड़े फैसले राजनीतिक पक्षपात से प्रभावित हो सकते हैं।
इस पूरे परिदृश्य में महिला आरक्षण एक सकारात्मक पहल होने के बावजूद, उसके जरिए बड़े राजनीतिक बदलावों का रास्ता खोलने की आशंका भी नजर आती है। यही कारण है कि विपक्ष ने इसे सिर्फ महिला सशक्तिकरण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन से जुड़ा प्रश्न बताया है।
अंततः सवाल यह है कि क्या महिला आरक्षण वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा, या फिर यह व्यापक राजनीतिक पुनर्संरचना का औजार साबित होगा?

तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा नहीं, सफलता का आधार: सकारात्मक सोच की असली ताकत


गोंदिया। आधुनिक डिजिटल युग में जहां विज्ञान और तकनीक ने दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं आज भी कुछ अंधविश्वास और गलत धारणाएं समाज में गहराई से जमी हुई हैं। “तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा” और 13 अंक को अशुभ मानना भी ऐसी ही एक सोच है। लेकिन यदि हम गहराई से देखें तो यही अंक अनेक सफलताओं और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक भी हैं।
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी के अनुसार, जीवन में सफलता का आधार अंधविश्वास नहीं बल्कि सकारात्मक सोच है। हम जैसा सोचते हैं, हमारा मन वैसा ही बनता है। मन एक शक्तिशाली ऊर्जा है, जिसमें यदि विश्वास, आशा और अच्छे विचारों का समावेश हो, तो सफलता स्वतः मिलती है।
भारत में प्राचीन काल से मान्यताओं, परंपराओं और अंकों का विशेष महत्व रहा है। समय के साथ कई कुप्रथाओं को समाप्त करने के प्रयास हुए, लेकिन कुछ धारणाएं आज भी बनी हुई हैं। इनमें 3 और 13 अंक को लेकर फैली भ्रांतियां प्रमुख हैं।
यदि हम इतिहास पर नजर डालें तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जीवन में 13 अंक का विशेष महत्व रहा। उन्होंने 13 मई 1996 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, 13 दिन में सरकार गिरी, फिर 13 महीने बाद पुनः प्रधानमंत्री बने और बाद में 13 अप्रैल 1999 को शपथ लेकर पूर्ण कार्यकाल पूरा किया। यह दर्शाता है कि कोई भी अंक शुभ या अशुभ नहीं होता, बल्कि हमारी सोच उसे ऐसा बनाती है।
तीन अंक का सकारात्मक पक्ष
तीन का महत्व हमारे जीवन और संस्कृति में हर जगह दिखाई देता है।
त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु, महेश;
त्रिदेवी—लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती;
त्रिशूल, तीन परिक्रमा, तीन बार आरती—ये सभी सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं।
प्रकृति और विज्ञान भी तीन के महत्व को दर्शाते हैं—
जल के तीन रूप (ठोस, द्रव, गैस),
समय के तीन काल (भूत, वर्तमान, भविष्य),
सिग्नल के तीन रंग (लाल, पीला, हरा)।
जीवन की अवस्थाएं भी तीन हैं—बाल्यकाल, युवावस्था और वृद्धावस्था। यह दर्शाता है कि तीन संख्या संतुलन और पूर्णता का प्रतीक है।
नकारात्मक सोच का प्रभाव
कुछ लोग तीन को नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं—जैसे “तीन लोग साथ न निकलें” या “तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा”। यह केवल मानसिक भ्रम है। वास्तविकता यह है कि कोई भी संख्या हमारे कार्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि हमारी सोच और प्रयास ही परिणाम तय करते हैं।
सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी
यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक दिशा में मोड़ें, तो वही अंक जो हमें डराते हैं, हमारी सफलता का कारण बन सकते हैं।
विचारों की माला विश्वास के फूलों से बनती है।
जब इसमें प्रेम और आशा जुड़ जाती है, तो जीवन में खुशी स्वतः आ जाती है।
निष्कर्ष
“तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा” जैसी कहावतों से बाहर निकलकर हमें सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। आधुनिक युग में सफलता का मूल मंत्र यही है कि हम अंधविश्वासों से दूर रहें और अपने मन को मजबूत बनाएं।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

कानपुर: “पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं” — प्रियांशु का दर्दनाक सुसाइड नोट, अपमान और तनाव से टूटी जिंदगी

कानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 24 वर्षीय प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने कचहरी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पहले उन्होंने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के दर्द, अपमान और मानसिक तनाव को शब्दों में बयां किया।

“पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं”

सुसाइड नोट में प्रियांशु ने अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए लिखा कि उनके पिता राजेंद्र कुमार उनके शव को हाथ न लगाएं। उन्होंने अपने बचपन से लेकर अब तक के अनुभवों को साझा करते हुए लिखा कि पिता की डांट, अपमान और कठोर व्यवहार ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।

बचपन की घटनाएं बनीं गहरे घाव

प्रियांशु ने लिखा कि छह साल की उम्र में एक छोटी सी गलती पर उन्हें निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी दी गई थी। यह घटना उनके मन में गहरे तक बैठ गई। समय के साथ पढ़ाई का दबाव, हर बात पर शक और सार्वजनिक रूप से अपमान ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया।

“हर पल निगरानी और दखल”

सुसाइड नोट के अनुसार, उनके जीवन में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया जाता था—किससे बात कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं—हर चीज पर नजर रखी जाती थी। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने परिवार की मदद के लिए ट्यूशन पढ़ाया और आर्थिक सहयोग किया, इसके बावजूद उन्हें ताने सुनने पड़े।

घटना से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर डाला नोट

जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले प्रियांशु ने अपना सुसाइड नोट व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा किया था। इसके बाद वह कचहरी पहुंचे और वहां से छलांग लगा दी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

बताया जा रहा है कि बीते एक साल में यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले भी एक महिला कर्मी ने न्यायालय भवन से कूदकर आत्महत्या की थी।

यह घटना पारिवारिक दबाव, मानसिक तनाव और संवाद की कमी के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। समाज और परिवार के स्तर पर ऐसे मामलों को संवेदनशीलता से समझना और समय रहते मदद उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

MI vs CSK Highlights: चेन्नई की ऐतिहासिक जीत, मुंबई की IPL में सबसे बड़ी हार, 103 रन से रौंदा

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आईपीएल में एक ऐतिहासिक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों से हराकर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में चेन्नई ने मुंबई को उसी के घरेलू मैदान पर करारी शिकस्त दी।
MI की सबसे बड़ी हार, CSK की सबसे बड़ी जीत

यह हार मुंबई इंडियंस के IPL इतिहास की सबसे बड़ी हार साबित हुई। इससे पहले मुंबई को 87 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस मैच में 103 रनों की हार ने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह IPL में रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत बन गई। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 97 रनों की थी।

सैमसन का तूफानी शतक

संजू सैमसन ने इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 54 गेंदों में 101 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत चेन्नई ने 207 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

अकील होसेन की घातक गेंदबाजी

इसके बाद गेंदबाजी में अकील होसेन ने कमाल कर दिया। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतरते हुए उन्होंने 4 ओवर में केवल 17 रन देकर 4 विकेट झटके और मुंबई की बल्लेबाजी पूरी तरह ढहा दी।

मुंबई 104 रन पर ऑलआउट

207 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस की पूरी टीम 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और सिर्फ 104 रन पर ऑलआउट हो गई।

रिकॉर्ड लिस्ट

मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी हार (रनों से):

• 103 रन – बनाम चेन्नई सुपर किंग्स
• 87 रन – बनाम राजस्थान रॉयल्स
• 85 रन – बनाम सनराइजर्स हैदराबाद

CSK की सबसे बड़ी जीत (रनों से):

• 103 रन – बनाम मुंबई इंडियंस
• 97 रन – बनाम पंजाब किंग्स
• 93 रन – बनाम दिल्ली कैपिटल्स

इस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि मुंबई इंडियंस के लिए यह मुकाबला एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ।

ईरान में एयर डिफेंस एक्टिव, इजरायल तैयार; US के ग्रीन सिग्नल का इंतजार—क्या होगा अगला कदम?

US Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान की राजधानी तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होने की खबरों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में एयर डिफेंस यूनिट्स संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

इसी बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि माइन्स बिछाने वाली किसी भी संदिग्ध नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि इस समय होर्मुज क्षेत्र पर पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण है।

भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है और उन्हें ईरान छोड़ने की सलाह दी है। हाल ही में ईरान के आईआरजीसी कमांडो द्वारा एक जहाज को जब्त किए जाने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इजरायल की कड़ी चेतावनी

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए इजरायल ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ कहा है कि सेना किसी भी संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और टारगेट पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कार्रवाई के लिए अमेरिका की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

ईरान की शर्त: संपत्ति रिलीज करो, तब खुलेगा होर्मुज

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए नई शर्त रख दी है। तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की जब्त संपत्ति वापस नहीं की जाती, तब तक वह जलमार्ग को खोलने पर विचार नहीं करेगा।

अमेरिका को देनी पड़ी सफाई

एक अलग विवाद में अमेरिका को सफाई भी देनी पड़ी। ट्रंप के सोशल मीडिया रीपोस्ट में भारत को लेकर विवादित टिप्पणियां सामने आई थीं। हालांकि बाद में अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को “महान देश” मानते हैं और उसके नेतृत्व को अपना मित्र बताते हैं।

तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिवेशन, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव, और इजरायल की सैन्य तैयारी—ये सभी संकेत देते हैं कि पश्चिम एशिया एक बड़े भू-राजनीतिक संकट की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।

यूपी बोर्ड रिजल्ट: 10वीं में कलीम, 12वीं में पूनम टॉपर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2026 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने के बाद जिले के मेधावी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाईस्कूल (10वीं) में मो. कलीम शाह ने 95.67 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) में पूनम यादव ने 94 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया।
परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखा गया। कलीम शाह को कुल 600 में से 574 अंक प्राप्त हुए, जबकि पूनम यादव ने 500 में से 472 अंक अर्जित किए। दोनों छात्रों की उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है।
हाईस्कूल की मेरिट सूची में फातमा खातून (572 अंक) दूसरे और आलोक यादव (571 अंक) तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा कई अन्य छात्रों ने भी 94 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर शीर्ष सूची में जगह बनाई।
इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में प्रवीण सिंह (460 अंक) दूसरे तथा आर्या त्रिपाठी (454 अंक) तीसरे स्थान पर रहे। अन्य मेधावी छात्रों ने भी बेहतर अंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाकर अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं।