Thursday, April 9, 2026
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यूपी प्रशासन में हलचल, महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों की तैनाती संभव

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट, कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रतीक्षारत सूची में


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच कई प्रमुख अधिकारियों को प्रतीक्षारत सूची में रखा गया है। इस घटनाक्रम को प्रशासनिक पुनर्गठन और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुंजन द्विवेदी (आईएएस) और रत्नेश सिंह (आईएएस) को फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है। इन दोनों अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें जल्द ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इनकी नई तैनाती रणनीतिक रूप से अहम विभागों में की जा सकती है।
वहीं, अशोक कुमार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं और चयन प्रणाली के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी क्रम में गिरिजेश कुमार त्यागी को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के साथ-साथ डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलसचिव का दायित्व सौंपा गया है। शिक्षा क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना जताई जा रही है।
श्रीमती अनीता वर्मा सिंह को सिंचाई, जल संसाधन एवं परती भूमि विकास विभाग के विशेष सचिव के साथ-साथ कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त उन्हें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की मिशन निदेशक तथा उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में अपर निदेशक का कार्यभार भी सौंपा गया है। इतने विविध विभागों की जिम्मेदारी उनके प्रशासनिक कौशल और अनुभव पर सरकार के भरोसे को दर्शाती है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल से शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल विभागों की कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, और इस प्रकार के निर्णय उसी दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव संभव हैं। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया जाए। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जो समय-समय पर आवश्यकतानुसार किया जाता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रतीक्षारत अधिकारियों को कौन-कौन सी नई जिम्मेदारियां मिलती हैं और इसका राज्य के प्रशासनिक ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, यह फेरबदल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

लागत बढ़ी, काम रुका: NHAI के बाद यूपी में भी राहत पैकेज की उठी मांग

बिटुमेन की कीमतों में उछाल से ठेकेदार परेशान, यूपी सरकार से राहत पैकेज की मांग तेज


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी का असर अब उत्तर प्रदेश के सड़क निर्माण कार्यों पर भी साफ दिखने लगा है। बिटुमेन (डामर) की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते राज्य के ठेकेदारों ने काम करना मुश्किल बताया है और सरकार से तत्काल राहत की मांग की है। उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
समिति के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह के नेतृत्व में भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अमेरिका-ईरान तनाव के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे बिटुमेन की कीमतों में भारी उछाल आया है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में उपयोग होने वाले बिटुमेन की दर में प्रति मीट्रिक टन लगभग 30,000 रुपये तक की वृद्धि हो चुकी है। इसका सीधा असर परियोजनाओं की लागत पर पड़ रहा है।
पत्र के अनुसार, पहले से तय दरों पर हुए टेंडर के तहत काम करना अब ठेकेदारों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। प्रति किलोमीटर सड़क नवीनीकरण में करीब 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त लागत आ रही है। ऐसे में ठेकेदारों ने स्पष्ट किया है कि पुराने रेट पर काम जारी रखना संभव नहीं है।

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इस बीच, National Highways Authority of India (NHAI) ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपने प्रोजेक्ट्स के लिए राहत देने का निर्णय लिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर 8 अप्रैल 2026 को जारी नीति परिपत्र के तहत लागत वृद्धि की भरपाई के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह व्यवस्था 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी या तब तक जारी रहेगी जब तक वैश्विक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
नीति के तहत ईंधन, निर्माण सामग्री और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए लागत समायोजन (Cost Escalation Compensation) का प्रावधान किया गया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में काम की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
ठेकेदार कल्याण समिति ने मांग की है कि राज्य सरकार भी इसी तरह की नीति लागू करे ताकि लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत चल रहे कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते राहत नहीं दी गई तो विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है और परियोजनाएं अधर में लटक सकती हैं।

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समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार पहले से ही वित्तीय दबाव झेल रहे हैं। समय पर भुगतान में देरी और अब लागत में अचानक वृद्धि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर ठोस समाधान निकालना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिटुमेन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में सड़क निर्माण परियोजनाओं की लागत और बढ़ सकती है, जिससे राज्य के बजट पर भी असर पड़ेगा। वहीं, गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार के सामने अब चुनौती यह है कि वह विकास कार्यों को बाधित किए बिना ठेकेदारों को राहत कैसे दे। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।

फार्मर रजिस्ट्री अभियान की डीएम ने की दैनिक समीक्षा, 15 अप्रैल तक विशेष कैंप जारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में 06 अप्रैल से 15 अप्रैल तक गांववार विशेष कैंप लगाकर छूटे हुए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। इस अभियान की प्रगति की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन रात्रि 09:00 बजे गूगल मीट के माध्यम से की जा रही है, जिसमें अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, उप कृषि निदेशक, खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी एवं भूमि संरक्षण अधिकारी शामिल होते हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की जा रही है। भविष्य में उर्वरक वितरण, बीज वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, धान-गेहूं क्रय, कृषक दुर्घटना सहायता सहित अन्य योजनाओं में इसका होना जरूरी होगा।
समीक्षा के दौरान उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में 216863 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पात्र किसानों के सापेक्ष 152054 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। वहीं कुल 178197 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री किया जा चुका है। अब भी 64809 किसानों का रजिस्ट्री कराना शेष है। 7 अप्रैल को 2346 किसानों की रजिस्ट्री कराई गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान में नामित लेखपाल, कृषि कर्मी, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक तथा ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों के सहयोग से रजिस्ट्री कार्य तेज किया जाए। प्रतिदिन 6000 किसानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
किसानों से अपील की गई है कि वे आधार, मोबाइल नंबर और खतौनी के साथ अपना फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें। किसान स्वयं मोबाइल ऐप, नामित सरकारी कर्मियों या जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा, 63 क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश की अध्यक्षता में जनपद के सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की तैयारियों, अद्यतन स्थिति और प्रगति की समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। बैठक में किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 30 मार्च 2026 से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है। जनपद में कुल 63 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, भारतीय खाद्य निगम और मंडी समिति के केंद्र शामिल हैं। विभिन्न सहकारी संस्थाओं के माध्यम से भी गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि गेहूं खरीद की अवधि 30 मार्च से 15 जून 2026 तक निर्धारित है। केंद्र प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक खुले रहेंगे। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये अधिक है। उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को अधिकतम 20 रुपये प्रति कुंतल का भुगतान किया जाएगा, जिसकी प्रतिपूर्ति उनके बैंक खाते में की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायतों में क्रय केंद्रों की जानकारी, प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर, समय और समर्थन मूल्य की जानकारी वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित की जाए। गेहूं बिक्री के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण या नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसे वे स्वयं या जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से करा सकते हैं।
लघु एवं सीमान्त किसानों को बिना पंजीकरण के भी केंद्र पर सुविधा देते हुए वहीं पंजीकरण कर खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बटाईदार किसानों और ट्रस्ट श्रेणी के अंतर्गत भी गेहूं खरीद की व्यवस्था लागू रहेगी। सत्यापन के लिए भूलेख, आधार और अन्य अभिलेखों का उपयोग किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करें तथा प्रत्येक बोरे पर आवश्यक विवरण अंकित किया जाए। उन्होंने किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप गेहूं खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव, एआर को-ऑपरेटिव आनंद मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सृजनात्मकता से ही बनता है पूर्ण व्यक्तित्व: प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के इंग्लिश स्टडी सर्किल द्वारा भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। पिछले दो महीनों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कविता पाठ, निबंध लेखन, कहानी लेखन, भाषण कला एवं प्रश्नोत्तरी सहित पांच प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया, जिनमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता मुर्मू एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमोद कुमार राय के नेतृत्व में किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. टंडन ने कहा कि प्रतियोगिताएं छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्रों को पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहकर अपनी सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता एवं कौशल को पाठ्येतर गतिविधियों के माध्यम से विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने अंग्रेजी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि यहां के छात्र अपनी प्रतिभा से सदैव प्रभावित करते हैं और अन्य विभागों को भी ऐसे स्टडी सर्किल्स से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. सुनीता मुर्मू ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिताओं के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमोद कुमार राय ने किया। कार्यक्रम का संचालन ज़हरा शमशीर ने किया, जबकि अंजलि, स्मृति, गुंजन एवं जागृति ने आयोजन में सहयोग दिया।
इस अवसर पर प्रो. हुमा सब्जपोश, प्रो. गौरहरि बेहरा, प्रो. अवनीश राय, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. कल्पना दिवाकर, डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. संजीव विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। वंशिका बर्नवाल एवं दिव्यांश दुबे ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

महिलाओं की सशक्तता से ही मजबूत होगा राष्ट्र: डॉ. रश्मि जायसवाल

नारी सशक्तिकरण पर बौद्धिक सत्र, छात्राओं में जागरूकता का संचार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के चिकित्सा विज्ञान संकाय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की शिवाजी इकाई द्वारा “नारी सशक्तिकरण” विषय पर बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और स्वयंसेविकाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ हुआ। सहायक आचार्य बायोकैमिस्ट्री डॉ. रश्मि जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तभी समाज उन्नत होगा और राष्ट्र अपने पूरे सामर्थ्य के साथ मजबूत बनेगा। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को समाज की प्रगति की आधारशिला बताते हुए कहा कि प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
विभागाध्यक्ष (सूक्ष्मजीव विज्ञान) डॉ. राजीव किशोर सक्सेना ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं सौम्या पांडेय, नीलाक्षी पांडेय, श्रृष्टि यादव, अस्विता चौरसिया एवं अन्विशा ने नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने महिला अधिकार, शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं समाज में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
अंत में मुख्य अतिथि का सम्मान कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार पटेल द्वारा किया गया। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन स्वयंसेविकाओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अनिल कुमार पटेल के निर्देशन तथा मिशन शक्ति नोडल सुमन यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। यह आयोजन छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

बिना टिकट यात्रा करने पर 103 यात्रियों को पकड़ा गया

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के नेतृत्व में वाराणसी मंडल विभिन्न रेलखण्ड पर निरन्तर टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 8 अप्रैल 2026 बुधवार को वाराणसी मंडल के छपरा, सिवान, जलालपुर, थावे,मशरख, छपरा कचहरी ,स्टेशन को आधार बनाकर छपरा कचहरी-थावे – मशरख रेल खण्ड पर सघन टिकट चेकिंग का अभियान चलाया गया। इस दौरान उक्त रेल खण्ड पर चलने वाली गाड़ी संख्या 75103 छपरा थावे डेमू , 75105 थावे नकहा जंगल डेमू , 55036 गोरखपुर सिवान सवारी गाड़ी, 55109 थावे मशरख छपरा कचहरी सवारी गाड़ी सहित विभिन्न सवारी गाड़ियों में किलाबन्दी कर सघन टिकट चेकिंग की गई है।
इस टिकट जांच अभियान टीम के टिकट जाँच दल में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक/ थावे विशाल कुमार सिंह, मुख्य टिकट निरीक्षक सईद अख्तर,राजेश सिंह, राजीव कुमार, अमित कुमार,सुधाकर मिश्रा, प्रकाश कुमार,प्रतिमा कुमारी, ममता कुमारी सहित कुल 08 टिकट जाँच कर्मचारियों एवं 01 रेलवे सुरक्षा बल के जवान के सहयोग से सघन टिकट जांच किया गया और बिना टिकट यात्रा एवं अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले कुल 103 यात्रियों को पकड़ा गया और उनसे रेल राजस्व के रूप में रु 27850 (सताइश हजार आठ सौ पच्चास रूपये) जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ा दिया गया । उक्त सघन टिकट जाँच अभियान के दौरान उक्त रेल खण्ड के स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर टिकट लेने के लिए लम्बी कतार लग गई थी । वाराणसी मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक शेख रहमान ने आम यात्रियों से अपील की है कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान रेल नियमों का पालन करें और अपना उचित यात्रा टिकट लेकर ही यात्रा करें एवं ट्रेनों एवं स्टेशनों पर स्वच्छता बनायें रखे।

टी-20 क्रिकेट उदघाटन मैच वाणिज्य एवं सिगनल विभाग के बीच खेला गया

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
मंडल रेल प्रबन्धक आशीष ने लहरतारा स्थित रेलवे मिनी स्टेडियम में आयोजित अंतर विभागीय ग्रीष्मकालीन टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 का उद्घाटन मैच का टॉस कराकर किया । उद्घाटन मैच का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत मैच की पहली बॉल पर बल्लेबाजी करके किया ।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक एवं मंडल क्रीडा अधिकारी बलेन्द्र पॉल,वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर य़शवीर सिंह ,वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान,सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक पशुपतिनाथ मिश्रा एवं वरिष्ठ खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित थे।
प्रतियोगिता का उद्घाटन मैच सिगनल और वाणिज्य विभाग के बीच खेला गया। सिगनल विभाग की टीम ने टॉस जीतकर कमर्शियल विभाग को पहले बैटिंग के लिए आमंत्रित किया। कमर्शियल विभाग की टीम में 20 ओवर में पांच विकेट पर 201 रन बनाए। कमर्शियल की तरफ से विनय ने 55 ब।ल पर 11 चौके और पांच छक्के की मदद से 90 रन लक्ष्मण यादव ने 32 ब।ल पर 7 चौके और दो छक्के की मदद से 59 रन और अमित राज ने 16 ब।ल पर तीन चौके की मदद से 17 रन बनाए। सिगनल विभाग की तरफ से लवकुश ने तीन ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए धर्मेंद्र और सागर को एक-एक विकेट प्राप्त हुआ। 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिगनल विभाग की पूरी टीम 10.5 ओवर में 111 रन बनाकर ऑल आउट हो गई तथा वाणिज्य विभाग ने 90 रन से मैच जीत कर पूरे दो अंक अर्जित कर लिए। सिगनल की तरफ से संदीप ने 8 बाल पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 23 रन तथा लव कुश ने 21 बाल पर दो चौके और तीन छक्के की मदद से 31 रन बनाए। वाणिज्य विभाग की तरफ से संतोष ने चार ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट, दीपक यादव ने तीन ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट लिए, अमित राज एवं जीशान को एक-एक विकेट प्राप्त हुआ। वाणिज्य विभाग के विनय को 55 बाल पर 90 रन की शानदार इनिंग खेलने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ खिलाड़ी राकेश गुप्ता के द्वारा मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। आज के दूसरा मैच सायंकाल में विद्युत टी.आर.डी एवं विद्युत (आपरेशन) के बीच खेला जायेगा।

एचपीवी टीकाकरण को लेकर जिले में जागरूकता तेज, बालिका गृह में 14 बच्चियों को लगा टी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिले में किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार के निर्देशन में जनपद भर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस जीवनरक्षक टीके का लाभ उठा सकें।इसी क्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में राजकीय बाल गृह (बालिका), निधरिया में एक विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बालिकाओं को एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में कुल 14 बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। साथ ही उन्हें टीकाकरण के महत्व, इसके लाभ और संभावित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश ने बताया कि एचपीवी संक्रमण महिलाओं में होने वाले गंभीर कैंसर, विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का प्रमुख कारण है। इस संक्रमण से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने बताया कि यह टीका न केवल सर्वाइकल कैंसर, बल्कि योनि कैंसर सहित अन्य प्रकार के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करता है। सरकार द्वारा यह वैक्सीन जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। 14 वर्ष से 15 वर्ष 3 माह तक की आयु की बालिकाएं अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर यह टीका लगवा सकती हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8005193246 पर संपर्क किया जा सकता है।जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन ने कहा कि जागरूकता ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक शैलेंद्र पांडेय ने भी लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह टीका भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव का सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर अधीक्षिका अमिता जैन, सहायक शोध अधिकारी सुनंदा गुप्ता, एएनएम प्रतिभा सिंह, दमयंती वर्मा, डीपीए रविशंकर तिवारी, रंजन प्रभाकर, सुमन उपाध्याय, राजीव कुमार गुप्ता, सुमित कुमार, सोनी यादव, नितेश पाठक सहित रेड क्रॉस सोसाइटी एवं स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनपद में बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूटी, रबी फसलें बर्बाद — मुआवजे की मांग ते

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

चैत माह के अंतिम दिनों और बैशाख की शुरुआत में हो रही बेमौसम बारिश ने पूरे जनपद के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पिछले लगभग पंद्रह दिनों से मौसम के लगातार बदलते मिजाज और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार रबी फसलें अब भारी नुकसान की चपेट में आ गई हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है।जनपद के विभिन्न ब्लॉकों, खासकर पंदह क्षेत्र में गेहूं, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी रबी फसलें पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार थीं। लेकिन अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित कर दिया। कई स्थानों पर खड़ी फसलें तेज हवा के कारण गिरकर खेतों में धराशायी हो गईं, वहीं जो फसलें काटकर खेतों में रखी गई थीं, वे भी बारिश में भीगकर खराब होने लगी हैं।बारिश का सबसे अधिक असर गेहूं की फसल पर देखा जा रहा है। खेतों में गिरी फसल की बालियों में अधिक नमी के कारण दाने पतले पड़ गए हैं और कई जगहों पर दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए हैं। इससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है, जिससे जनपद के किसानों को आर्थिक झटका लगना तय माना जा रहा है।पहराजपुर गांव के किसान महेंद्र ने बताया कि उन्होंने लगभग 12 बीघे में गेहूं की खेती की थी, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते उनकी आधी फसल बर्बाद हो गई। वहीं सरयां गांव के किसान लालचंद ने बताया कि उनकी कटी हुई फसल खेत में ही रखी थी, जो बुधवार को हुई बारिश से पूरी तरह भीग गई और अब खराब होने लगी है।बुधवार को आई तेज आंधी और बारिश ने पंदह ब्लॉक सहित जनपद के अधिकांश गांवों में किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे जनपद में विशेष अभियान चलाकर फसलों का सर्वे कराया जाए और नुकसान का सही आकलन कर जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

लक्ष्मीपुर गाँव की घटना की जाँच कराने को लेकर सपा नेता विजय रावत ने डीएम को सौपा ज्ञापन

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार को सपा नेता विजय रावत ने सपा कार्यकर्ताओ के साथ बरहज तहसील के लक्ष्मीपुर गाँव की घटना की न्यायिक जाँच की माँग को लेकर ज़िलाधिकारी देवरिया को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने मृतक के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक दुःखद घटना है, जिसकी जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही हो, इस मामले मे किसी बेकसूर को न फँसाया जाये। पुरा जनपद बरहज मे की घटना की चर्चा हो रही है इस लिये हमने ज़िलाधिकारी को ज्ञापन देकर यह माँग की है बरहज विधानसभा के लक्ष्मीपुर गाँव की घटना की न्यायिक जाँच हो तब जाकर दोषियों पर कार्यवाही हो। इस दौरान मुख्य रूप से छात्र सभा ज़िलाध्यक्ष मनोज यादव, जिला सचिव रामप्रित, सुरज कुमार, मनिष सिंह, अभिषेक यादव, अनिश कुशवाहा सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

मोहसिना किदवई का सम्पूर्ण जीवन देश व समाज सेवा के लिए था समर्पित – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेसियों ने जताया शोक

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) पूर्व केंद्रीय मंत्री ,उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष ,पूर्व सांसद मोहसिना किदवई के निधन पर कांग्रेस कार्यालय पर बैठक कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। सम्बोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि मोहसिना किदवई का सम्पूर्ण जीवन देश व समाज सेवा के लिए समर्पित था।उनके निधन से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ है।उनके निधन से कांग्रेस व देश की अपूरणीय क्षति हुई है।शोक व्यक्त करने वालों में जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय, मनीष कुमार रजक,मुजफ्फर हुसैन मंसूरी,सत्यम पांडेय,रामविलास तिवारी,वशिष्ठ मोदनवाल, मोहन प्रसाद,परमानन्द प्रसाद,गंगासागर मिश्र, सुच्चन खान,डॉ याहिया अंजुम,वजीर अहमद,एम ए खान,जालन्धर पांडेय,रोहित यादव, राहुल मिश्र, उदयनारायण तिवारी, अवधेश यादव, अवधेश पांडेय ,राकेश यादव,मोजाहिद खान, सैयद फिरोज अहमद, रामकेवल चौहान, मोहम्मद नासिर खान,शमशुल आजम,धर्मेश पांडेय, कृष्णा तिवारी,प्रेमचंद वर्मा, चुन्नू श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव,मिठाई लाल,विद्या सागर मिश्र, मोहन पांडेय, संदीप यादव, अखिलेश मिश्र, राजू खान,आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

निचलौल को बड़ी सौगात: 131 करोड़ से बनेगा अत्याधुनिक रोडवेज बस स्टेशन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के निचलौल क्षेत्र को जल्द ही आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 131 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रोडवेज बस स्टेशन निर्माण को मंजूरी दी गई है।

यह बस स्टेशन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रस्तावित स्टेशन में आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वच्छ शौचालय, खान-पान की बेहतर व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था शामिल होगी।

इस परियोजना के पूरा होने से निचलौल सहित पूरे महराजगंज जिले की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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इस उपलब्धि में परिवहन मंत्री Dayashankar Singh की अहम भूमिका मानी जा रही है। वहीं सिसवा विधायक Prem Sagar Patel ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

विधायक ने प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इस बस स्टेशन के निर्माण से आम जनता को आधुनिक और बेहतर परिवहन सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

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राजनीति की सौम्य आवाज खामोश: वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का 93 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन से उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

मोहसिना किदवई लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहीं और उन्होंने केंद्र व राज्य स्तर पर कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वह कांग्रेस की कद्दावर और सौम्य स्वभाव की नेता मानी जाती थीं।

उनके निधन पर Manish Tewari समेत कई नेताओं, परिवारजनों और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने उन्हें विनम्र और सरल व्यक्तित्व की धनी बताया।

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उनकी अंतिम यात्रा नोएडा सेक्टर-40 स्थित आवास से दोपहर 3 बजे निकलेगी और दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में शाम 5 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्मीं मोहसिना किदवई तीन बार मेरठ से लोकसभा सांसद रहीं। इसके अलावा वह राज्यसभा की सदस्य भी रहीं और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उन्होंने Indira Gandhi और Rajiv Gandhi की सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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आफत की बारिश पर सख्त CM योगी, 24 घंटे में राहत पहुंचाने के निर्देश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। असमय बारिश, ओलावृष्टि और आगजनी से रबी फसलों को हुए भारी नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी चिंता जताई है। बुधवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित किसानों तक 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में किसानों की चिंता स्वाभाविक है और राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित किसान और बटाईदार के नुकसान का निष्पक्ष व समयबद्ध आकलन कर तुरंत मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने राजस्व, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जल्द सर्वेक्षण पूरा करने और रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया।

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मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा राहत कोष से जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत वितरण में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां राहत शिविर भी स्थापित किए जाएं।

अग्निकांड की घटनाओं को लेकर उन्होंने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। जनहानि या पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि देने और पात्र लोगों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ देने को कहा।
इसके अलावा, जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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