Monday, April 13, 2026
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महराजगंज: जवाहर नवोदय विद्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के जवाहर नवोदय विद्यालय में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने औचक निरीक्षण कर शैक्षिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों का गहन जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता परखने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर भोजन भी किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, दिनचर्या और विद्यालय की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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इसी क्रम में उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम एक दिन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो सके और जरूरतमंद बच्चों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया। कक्षाओं में पढ़ाई की स्थिति, शिक्षण पद्धति और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनके ज्ञान स्तर की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, रसोईघर और छात्रावास की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य धीरज कुमार, सौरभ शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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महराजगंज में अवकाश दिवस पर भी चला फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान, घर-घर पहुंचकर किया गया पंजीकरण

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सदर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत दरौली ग्राम सभा में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ संचालित किया गया। खास बात यह रही कि अवकाश दिवस होने के बावजूद अधिकारी गांव में मौजूद रहकर किसानों का पंजीकरण कराते रहे, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

ग्राम विकास अधिकारी अविनाश कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल अशोक कुमार तिवारी और पंचायत सहायक सुनील भारती ने गांव में कैंप लगाकर तथा जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर किसानों का पंजीकरण किया। इस दौरान ग्रामीणों को फॉर्मर रजिस्ट्री के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने किसानों को बताया कि फॉर्मर रजिस्ट्री के माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में कई योजनाओं के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य हो सकता है।
मौके पर ही किसानों के दस्तावेजों की जांच कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपना रजिस्ट्रेशन कराया।

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कार्यक्रम में अनिल जायसवाल, सतीश यादव, कैलाश सिंह, किशन, श्यामू, प्रभावती देवी, कुसमावती, वशिष्ठ पांडेय और शेषमणि वर्मा सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि अवकाश के दिन भी गांव में पहुंचकर काम करना उनकी जिम्मेदारी और समर्पण को दर्शाता है।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आगे भी अभियान जारी रखते हुए शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।

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बलिया में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर से टक्कर में युवक की मौत, दूसरा गंभीर

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर-मालीपुर मार्ग पर खटंगा चट्टी के समीप शनिवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोथ गांव निवासी 24 वर्षीय नौशाद पुत्र अलाउद्दीन अपने साथी 22 वर्षीय आजाद पुत्र हिसाबुद्दीन के साथ मोटरसाइकिल से खटंगा चट्टी की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे खटंगा चट्टी के पास पहुंचे, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर से उनकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे में नौशाद को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आजाद गंभीर रूप से घायल हो गया।

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स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार युवक के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी हुई है।

इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है।

IPL 2026: RCB की दमदार जीत, MI को 18 रनों से हराया

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IPL 2026 के 20वें मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 18 रनों से हरा दिया। 241 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई की टीम 20 ओवर में 222/5 तक ही पहुंच सकी।

रदरफोर्ड की तूफानी पारी, लेकिन जीत दूर

Sherfane Rutherford ने मैच को रोमांचक बनाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने सिर्फ 31 गेंदों में नाबाद 71 रन ठोक दिए, जिसमें 9 छक्के शामिल थे।
हालांकि, उनकी यह शानदार पारी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी

• Rohit Sharma: 19 रन (रिटायर्ड हर्ट)
• रयान रिकेल्टन: 37 रन
• Suryakumar Yadav: 33 रन
• Hardik Pandya: 40 रन
• तिलक वर्मा: 1 रन

आरसीबी की धमाकेदार बल्लेबाजी

पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 20 ओवर में 240/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया।

• Phil Salt: 78 रन (36 गेंद)
• Virat Kohli: 50 रन
• Rajat Patidar: 53 रन (20 गेंद)
• टिम डेविड: 34* रन

कोहली और साल्ट ने पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी।

गेंदबाजी में भी दिखा दम

आरसीबी की ओर से

• सुयश शर्मा: 2 विकेट
• जैकब डफी: 1 विकेट

मैच का नतीजा

• आरसीबी: 240/4 (20 ओवर)
• एमआई: 222/5 (20 ओवर)

आरसीबी ने मैच 18 रनों से जीता

यह मुकाबला हाई-स्कोरिंग और रोमांच से भरपूर रहा। रदरफोर्ड की विस्फोटक पारी के बावजूद आरसीबी की मजबूत बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी ने जीत दिलाई।

भारत की सुरसम्राज्ञी आशा भोसले का अवसान: एक युग का अंत, एक अमर धरोहर की शुरुआत

“सुरों की रानी चली गईं: आशा भोसले के साथ खत्म हुआ एक स्वर्णिम युग”

Rkpnews गोंदिया/मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल 2026 का दिन गहरे शोक और ऐतिहासिक क्षति का दिन बन गया, जब सुरों की जादूगरनी आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से देश ही नहीं, वैश्विक संगीत जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई।

अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा। सुबह 11 बजे से आमजन उनके निवास पर अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। संगीत, सिनेमा, खेल और राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने इसे भारतीय संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया।
आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की जीवंत प्रतीक थीं। सात दशकों से अधिक लंबे अपने करियर में उन्होंने संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और वैश्विक मंच पर भारतीय संगीत की अलग पहचान बनाई।
8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने मात्र 10 वर्ष की उम्र में गायन की शुरुआत कर दी थी। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर पहले से ही संगीत जगत की स्थापित हस्ती थीं, जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने भी सुरों की दुनिया में कदम रखा। शुरुआती दौर संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन अपनी अद्वितीय आवाज और बहुमुखी प्रतिभा के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई।

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1950 के दशक में उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाई दी। संगीतकार ओ. पी. नैयर के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। 1957 में आई फिल्म नया दौर उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने फिल्मी गीतों के साथ-साथ गजल, पॉप, भक्ति, शास्त्रीय और लोक संगीत में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। 1981 की फिल्म उमराव जान में गाए उनके गीत “दिल चीज क्या है” और “इन आंखों की मस्ती” आज भी अमर हैं और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने वाले बने।

आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गीत गाए और उनका नाम विश्व रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिर्फ गायन ही नहीं, उन्होंने 2013 में फिल्म “माई” से अभिनय में भी कदम रखा और 2020 में डिजिटल युग के साथ तालमेल बैठाते हुए अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। 90 वर्ष की आयु के बाद भी उनका मंच पर सक्रिय रहना उनके समर्पण और ऊर्जा का प्रमाण था।
1990 और 2000 के दशक में भी उन्होंने “रंगीला”, “लगान” और “प्यार तूने क्या किया” जैसी फिल्मों में अपनी आवाज देकर यह साबित किया कि वे हर पीढ़ी के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम हैं। संगीतकार ए. आर. रहमान के साथ उनका सहयोग भी बेहद सराहा गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें “संगीत जगत की सबसे बहुमुखी कलाकार” बताते हुए कहा कि उनका जाना एक युग का अंत है। वहीं नितिन गडकरी और तेजस्वी यादव ने भी इसे अपूरणीय क्षति बताया।

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आशा भोसले का जीवन हमें यह सिखाता है कि प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण से अमरता हासिल की जा सकती है। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा रेडियो, फिल्मों और हर उस दिल में गूंजती रहेगी, जिसने कभी उनके गीतों को महसूस किया है।
उनका जाना एक खालीपन जरूर छोड़ गया है, लेकिन उनकी विरासत अमर है। आने वाली पीढ़ियां उनके गीतों से प्रेरणा लेती रहेंगी। सच ही कहा गया है—सच्चा कलाकार कभी मरता नहीं, वह अपनी कला के माध्यम से हमेशा जीवित रहता है।
— एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र)

फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर सख्ती, 18 कर्मचारियों का वेतन रोका

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें 6 से 15 अप्रैल 2026 तक चल रहे विशेष अभियान के तहत खराब प्रगति वाले 25 राजस्व गांवों के कर्मचारियों को तलब किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनकी प्रगति भी असंतोषजनक रही। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 18 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इनमें 5 लेखपाल, 7 पंचायत सहायक, 3 रोजगार सेवक और 3 ग्राम सचिव शामिल हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ तो निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।
जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति अभी संतोषजनक नहीं है और लगभग 62,000 किसानों का पंजीकरण शेष है। शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत इस कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी और वेतन वृद्धि भी रोकी जा सकती है।
इसके अलावा सभी खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन समीक्षा कर अभियान के तहत शेष फार्मर रजिस्ट्री को हर हाल में पूर्ण कराएं, अन्यथा उनके उत्तरदायित्व भी तय किए जाएंगे। बैठक में संबंधित विभागों के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा भारती के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में हजारों लोगों का उपचार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती के उपलक्ष में गोरक्ष प्रांत के संत कबीर नगर इकाई द्वारा सेवा भारती के बैनर तले जिला सेवा प्रमुख महेशानंद द्वारा जनपद के सभी खंडों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराया गया।
इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ शिविर लगाए गए, जिनमें सैकड़ों की संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सहभागिता की। शिविरों में हजारों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इन शिविरों में पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन में सभी खंड कार्यवाहों ने अपनी-अपनी कार्यकारिणी के साथ सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित और सफल रहा।
इस अवसर पर जिला प्रचारक धीरज ने कहा कि सेवा भारती, संघ का एक महत्वपूर्ण प्रकल्प है, जिसके माध्यम से कार्यकर्ता समाज में सेवा कार्यों के जरिए राष्ट्र जागरण का कार्य करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ओमपुष्पम भारती, भोलेनाथ, शत्रुघ्न, सर्वेश, राजकपूर, उपेन्द्र, पियुष, राम किशुन और डॉ. दिनेश सहित अनेक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सभी शिविर प्रांतीय सूचना के आधार पर जिला चिकित्सा अधिकारी से अनुमति लेकर आयोजित किए गए। कार्यक्रम का निरीक्षण जिला कार्यकारिणी एवं विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम की सूचना जिला प्रचार प्रमुख दिग्विजय द्वारा दी गई।

प्रकृति की सुंदरता: एक सोच

गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदि
अजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,
हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकर
एक दूसरे को भी हम समझ सकते हैं।

सर झुका ट्विटर ट्विटर सब कर सकते हैं,
अजनबियों से भी दोस्ती हम रख सकते हैं,
तो सामाजिक सौहार्द के हित में भी हम,
एक दूसरे से मिल जुल कर रह सकते हैं।

विश्वास यह करना कि हर एक पर
विश्वास करना स्वाभाविक होता है,
कोई प्यार से पेश आये तो उसपर
अविश्वास का कोई कारण नहीं होता है।

वैसे अपनी अपनी क़िस्मत है कि
सबको सब कुछ कहाँ मिलता है,
एक सामान्य जीवन जीने के लिये,
इस तथ्य पर विश्वास करना होता है।

संसार की हर वस्तु में ईश्वर ने
सुंदरता का भाव व गुन डाला है,
परंतु हम में से कोई कोई ही ईश्वर
के इस भाव व गुण को देख पाता है।

हम यह सुंदरता और यह भाव देख
सकते हैं, यदि सच में प्रकृति प्रेमी हैं,
बस ईश्वर की करनी देखने के लिए
उसमें आस्था व विश्वास रखनी है।

हमारी प्रकृति ही नहीं सारा संसार ही
एक अद्भुत व चमत्कारिक आवरण है,
आदित्य समझने के लिए रचनात्मक
सोच और सार्थक कल्पना ज़रूरी है।

  • डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

साइकिल यात्रियों ने दिया जल संरक्षण और फिटनेस का संदेश

खलीलाबाद में साइकिल यात्रा का भव्य स्वागत

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। ‘जल ही जीवन है’ और ‘फिट इंडिया’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोरखपुर से निकली साइकिल यात्रा का जिला मुख्यालय खलीलाबाद में भव्य स्वागत किया गया। मॉर्निंग साइकिल क्लब गोरखपुर द्वारा आयोजित इस यात्रा में 12 साइकिल यात्री शामिल रहे, जिन्होंने पूरे मार्ग में लोगों को जल संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया।
रविवार सुबह गोरखपुर से रवाना हुई यात्रा के खलीलाबाद पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। यात्रा दल में शामिल राजवीर सिंह, पंकज श्रीवास्तव, अरुण बाथवाल, राजन श्रीवास्तव और विक्रम श्रीवास्तव ने बताया कि साइकिलिंग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ फिट रहने का सरल और प्रभावी माध्यम है। बढ़ते जल संकट को देखते हुए ‘जल ही जीवन है’ का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रहा।
यात्री दल का स्वागत प्रमुख रूप से समाजसेवी और व्यापारी सुशील छापड़िया, सुनील छापड़िया, मयंक छापड़िया और गजपुर के ग्राम प्रधान सुधीर सिंह सहित अन्य लोगों ने किया, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।

निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर के शासन द्वारा मनोनीत सभासदगण ई. अरुण कुमार गुप्ता और गौरव कुमार निषाद ने वार्ड संख्या 1 इस्लाम नगर कसाई टोला में निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण किया।
सभासद गण ने कहा कि नाले का निर्माण क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। इस दौरान निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की भी जांच की गई।

घर-घर जनसंपर्क कर किया संवाद

बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)
भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक गांव बस्ती चलों जनसंपर्क अभियान के तहत जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा के निर्देशानुसार रविवार को जनसंपर्क अभियान के अंतिम दिन बस्ती जिले के गौर मंडल के ग्राम बेलवरिया जंगल सेक्टर बेलवरिया व सेक्टर माझा मानपुर मे घर-घर जाकर जनसंपर्क कर केन्द्र व प्रदेश सरकार के योजनाओं के बारे में जनता के बीच में अवगत कराया और संवाद किया गया। इस मौके पर जनसंपर्क करते हुए गौर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जटाशंकर शुक्ला, अमरदीप शुक्ला, मंडल अध्यक्ष गौर राजेश कमलापुरी, महामंत्री कृष्ण कुमार तिवारी, शोभाराम प्रजापति, नीरज तिवारी, धर्मेन्द्र सिंह, दीपक जायसवाल, प्रदीप कुमार दुबे, राजकुमार चौधरी मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष मोहरता देवी निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहें।

संदिग्ध मौत पर बवाल: दो दिन तक अंतिम संस्कार से इनकार, पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ मामला

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोल्हुई थाना क्षेत्र के इलाहावास गांव के टोला लखनपुर में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए दो दिनों तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलाहावास निवासी जितेंद्र मौर्य कुछ दिन पहले सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। परिजनों का आरोप है कि उनके साथ मार-पीट कर उन्हें सुनियोजित तरीके से वहां फेंका गया था। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शव गांव पहुंचते ही परिजनों में आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने घटना को हत्या करार देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की और अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन हरकत में आया और एहतियातन कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई।
स्थिति को संभालने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से लगातार वार्ता की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
करीब दो दिन तक चले गतिरोध और प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार देर शाम परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। इसके बाद शव को श्रीनगर के पास स्थित घाट पर ले जाकर विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में बृजमनगंज थाने में सड़क दुर्घटना का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि परिजनों के आरोपों को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर गहनता से पड़ताल करने में जुटी है। घटना को लेकर गांव में अब भी चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।

आरा–बलिया रेल लाइन: 55 साल का इंतजार खत्म होने की ओर, सात नए स्टेशन बनेंगे

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बहुप्रतीक्षित आरा–बलिया रेल लाइन परियोजना अब साकार होती नजर आ रही है। करीब 62 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का फाइनल सर्वे अंतिम चरण में है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर निर्माण प्रक्रिया को गति दी जाएगी।यह रेल लाइन बिहार के रघुनाथपुर से शुरू होकर बसुधरपार, बादिलपुर और नैनिजोर होते हुए बलिया तक पहुंचेगी। परियोजना के तहत कुल सात नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। गंगा किनारे बसे दियारा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए यह रेल लाइन जीवनरेखा साबित होगी, क्योंकि बाढ़ और बरसात के दौरान यहां आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।इस परियोजना का प्रस्ताव लगभग 55 वर्ष पहले तत्कालीन रेल मंत्री राम सुभग सिंह द्वारा रखा गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से यह योजना लंबे समय तक अटकी रही। बाद में पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के प्रयासों से केंद्र सरकार ने सर्वे के लिए 78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिससे परियोजना को नई गति मिली।रेलवे द्वारा पहले बकुलहा–महुली मार्ग से सर्वे कराया गया था, लेकिन दलदली जमीन मिलने के कारण उस रूट को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद रघुनाथपुर–नैनिजोर मार्ग को अंतिम रूप दिया गया, जिस पर अब काम आगे बढ़ रहा है। इस दौरान जमीनी और जीपीएस सर्वे एक वर्ष से अधिक समय तक चला है।पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के पीआरओ सुमित कुमार के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट जल्द ही रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर परियोजना की व्यवहार्यता तय होगी और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।यह रेल लाइन न केवल यात्री आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन को भी बढ़ावा देगी। इसके माध्यम से नैनीजोर, धमवल और जगजीवन हॉल्ट जैसे क्षेत्रों को बड़े रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

कुशीनगर के पत्रकारों को बड़ी जिम्मेदारी, राजू दुबे बने प्रांतीय उपाध्यक्ष

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार संगठन Bhartiya Rashtriya Patrakar Samanvay Samiti एवं Social Media Patrakar Mahasangh के गोरखपुर में आयोजित छठे स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रांतीय और जिला स्तर पर नए पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया।

इस दौरान कुशीनगर के वरिष्ठ पत्रकार Rajesh Dubey उर्फ राजू दुबे को प्रांतीय उपाध्यक्ष, Bhagwant Yadav को प्रांतीय महासचिव तथा Umesh Giri को कुशीनगर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

यह मनोनयन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sardar Dilawar Singh की संस्तुति पर प्रांतीय अध्यक्ष Dr. Satish Chandra Shukla द्वारा किया गया। सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कर संगठन विस्तार के निर्देश दिए गए हैं।

इन नियुक्तियों पर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Raja Anand Jyoti, केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार मिश्रा, बशीर खान, मार्कण्डेय मिश्रा, सुबाष यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता Chaturbhuj Shukla सहित देशभर के पदाधिकारियों ने खुशी जताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

आशा भोसले का निधन: सुरों की एक युग का अंत

दिग्गज गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। सीने के इंफेक्शन के बाद मल्टी ऑर्गन फेल्योर को उनकी मृत्यु का कारण बताया गया है।

उन्हें मुंबई के Breach Candy Hospital में शनिवार रात भर्ती कराया गया था। उनके बेटे आनंद भोसले ने निधन की पुष्टि की।

अंतिम संस्कार की जानकारी

परिवार के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे किया जाएगा।

संगीत जगत की अमर आवाज

आशा भोसले ने अपने करियर में हजारों गाने गाए और हर पीढ़ी के दिलों में खास जगह बनाई।
उनके कुछ सदाबहार गाने:

• इन आंखों की मस्ती के
• दिल चीज क्या है
• चुरा लिया है तुमने जो दिल को
• पिया तू अब तो आजा

सम्मान और उपलब्धियां

• Padma Vibhushan (2008)
• Dadasaheb Phalke Award (2000)
• 2 बार नेशनल अवॉर्ड
• 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड
• फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट (2001)

परिवार और निजी जीवन

आशा भोसले, महान गायिका Lata Mangeshkar की छोटी बहन थीं।
वे प्रसिद्ध संगीतकार R. D. Burman की पत्नी रहीं।
उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था। उनके पिता Deenanath Mangeshkar प्रसिद्ध कलाकार और संगीतकार थे।

एक अमर विरासत

आशा भोसले ने हिंदी सिनेमा और संगीत जगत को ऐसी आवाज दी, जो हमेशा अमर रहेगी। उनकी गायकी, बहुमुखी प्रतिभा और ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।