Tuesday, March 31, 2026
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टैलेंट की ताकत बनाम ताकत का टैलेंट

ऊर्जा, युद्ध और प्रतिष्ठा: वैश्विक राजनीति में शक्ति का बढ़ता वर्चस्व

नोबेल शांति पुरस्कार: प्रतिष्ठा या राजनीति?-वैश्विक राजनीति,शक्ति- संतुलन और बदलती विश्व व्यवस्था और नेतृत्व की नई भाषा -समग्र विश्लेषण

वैश्विक नेतृत्व या प्रभुत्व की राजनीति?ऊर्जा, युद्ध, नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत और वैश्विक अस्थिरता का त्रिकोण

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर 21वीं सदी की वैश्विक राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है,जहां पारंपरिक कूटनीति,सैन्य शक्ति,आर्थिक प्रभुत्व और व्यक्तिगत नेतृत्व शैली एक- दूसरे से टकरा रहे हैं। विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रम्प जैसे नेताओं के दौर में यह प्रश्न और अधिक प्रासंगिक हो गया है कि क्या आज की दुनिया टैलेंट की ताकत से चल रही है या ताकत का टैलेंट हावी हो चुका है। यह बहस केवल वैचारिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक और वैश्विक प्रभावों से जुड़ी हुई है,जिसमें युद्ध,शांति,कूटनीति और प्रतिष्ठित पुरस्कार जैसे नोबेल पीस प्राइज भी शामिल हैं।ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका फर्स्ट नीति ने वैश्विक राजनीति में एक नई आक्रामकता और अनिश्चितता को जन्म दिया। टैरिफ युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध, और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर दबाव ये सभी संकेत देते हैं कि अमेरिका अब केवल नेतृत्व नहीं, बल्कि नियंत्रण कीभूमिका में आना चाहता है। यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा युक्रेन को समर्थन देना, फिर रूस के साथ रणनीतिक संतुलन बनाना, यह दर्शाता है कि नीतियां अब स्थायी नहीं बल्कि परिस्थितिजन्य हो चुकी हैं।यह टैलेंट नहीं बल्कि ताकत का उपयोग अधिक प्रतीत होता है।मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव विशेषकर ईरान , इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में दुनियाँ को एक नए ऊर्जा संकट की ओर धकेल रहे हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि स्ट्रैट ऑफ़ होर्मूज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों परनियंत्रण की राजनीति यह दर्शाती है कि ऊर्जा केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामरिक हथियार बन चुकी है। ट्रंप द्वारा स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह देना भले ही एक मजाकिया भूल हो,लेकिन यह उनके आत्मविश्वास और शक्ति-केंद्रित मानसिकता को उजागर करता है।नोबेल कमिटी द्वारा दिया जाने वाला नोबेल शांति पुरस्कार हमेशा से वैश्विक शांति और मानवता के लिए योगदान का प्रतीक रहा है। लेकिन जब कोई शक्तिशाली नेता यह कहता है कि अगर मुझे यह पुरस्कार नहीं मिला तो किसी को नहीं मिलना चाहिए,तो यह पुरस्कार की गरिमा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति नें फ्लोरिडा के मियामी शहर में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान दिए गए भाषण में ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखी टिप्पणी की और साथ ही नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर भी नाराजगी जाहिर की।अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है और उसे जल्द ही एक डील करनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को गलती से स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया। हालांकि तुरंत ही बात सुधारते हुए इसे होर्मुज बताया और मजाकिया अंदाज में कहा कि यह एक भयानक गलती थी,ट्रंप का यह बयान ताकत का टैलेंट का स्पष्ट उदाहरण है, जहां शक्ति के आधार पर सम्मान प्राप्त करने की इच्छा दिखाई देती है। 2025 में मारिया कोरिना मचाड़ो को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना यह दर्शाता है कि टैलेंट का अर्थ केवल शक्ति या प्रभाव नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़ा होना है। वेनेजुएला जैसे देश में विपक्ष की आवाज बनना और शांति के लिए संघर्ष करना एक सच्चे टैलेंट का उदाहरण है, जो बिना किसी सैन्य या आर्थिक शक्ति के भी वैश्विक पहचान प्राप्त कर सकता है।
साथियों बात अगर हम टैलेंट बनाम ताकत मूलभूत अंतर को समझने की करें तो टैलेंट एक व्यक्तिगत गुण है यह ज्ञान, अनुभव,संवेदनशीलता और नैतिकता का मिश्रण है। इसके विपरीत ताकत बाहरी होती है, सैन्य, आर्थिक या राजनीतिक। जब टैलेंट के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो वे दीर्घकालिक और संतुलित होते हैं। लेकिन जब ताकत के आधार पर निर्णय होते हैं, तो वे तात्कालिक और अस्थिर होते हैं। आज की वैश्विक राजनीति में यही संघर्ष स्पष्ट तथा सटीक रूप से दिखाई देता है।
साथियों बात अगर हम शांति का दावा बनाम युद्ध की वास्तविकता को समझने की करें तो,ट्रंप द्वारा खुद को पीसमेकर बताना और आठ युद्धों को रोकने का दावा करना,जबकि मध्य पूर्व में लगातार हिंसा बढ़ रही है, यह एक गंभीर विरोधाभास है। हजारों लोगों की मौत,सैनिकों की हानि और क्षेत्रीय अस्थिरता यह संकेत देती है कि शांति केवल भाषणों में है,जमीन पर नहीं। यह ताकत का टैलेंट है,जहां शब्दों से छवि बनाई जाती है, लेकिन वास्तविकता अलग होती है।क्यूबा, ईरान और वैश्विक नियंत्रण की रणनीति को पूरी दुनियाँ देख रही है,ट्रंप द्वारा क्यूब को अगला निशाना बताना और ईरान पर दबाव बनाना यह दर्शाता है कि अमेरिका की रणनीति केवल रक्षा नहीं, बल्कि विस्तार और नियंत्रण की है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जैसे दावे और सैन्य कार्रवाइयां यह संकेत देती हैं कि वैश्विक राजनीति में अब संवाद की जगह शक्ति ने सटीक रूप से ले ली है।
साथियों बात अगर हम दोहरे मानदंड और बदलती कूटनीति को समझने की करें तो,ट्रंप की नीतियों में एक स्पष्ट विरोधा भास दिखाई देता है,कभी रूस के खिलाफ, कभी उसके साथ;कभी यूक्रेन के समर्थन में, तो कभी उस पर दबाव। इसी तरह वेनेज़ूएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी, पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ कूटनीतिक मेलजोल, और इंडिया पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव ये सभी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि वैश्विक राजनीति अब सिद्धांतों पर नहीं, बल्कि हितों पर आधारित है।
साथियों बात अगर हम जनता का असंतोष: लोकतंत्र बनाम नेतृत्व का अहंकार को समझने की करें तो अमेरिका में लाखों लोगों का सड़कों पर उतरना यह संकेत देता है कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका अब भी महत्वपूर्ण है। लगभग 90 लाख लोगों का विरोध प्रदर्शन केवल नीतियों के खिलाफ नहीं, बल्कि नेतृत्व शैली के खिलाफ भी था। जब जनता अपने ही नेता की विदेश नीति और आक्रामक रवैये से असहमत होती है, तो यह “ताकत” की सीमाओं को उजागर करता है। लोकतंत्र में “टैलेंट” का अर्थ केवल निर्णय लेने की क्षमता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना भी है।
साथियों बात अगर हम वैश्विक संदेश और भविष्य की दिशा को समझने की करें तो,आज की दुनियाँ के लिए सबसे बड़ा सबक यह है कि शक्ति का उपयोग सीमित और जिम्मेदार होना चाहिए। यदि ताकत का टैलेंट हावी हो गया, तो वैश्विक अस्थिरता बढ़ेगी।लेकिन यदि टैलेंट की ताकत को प्राथमिकता दी गई, तो शांति, सहयोग और विकास संभव है। नोबेल शांति पुरस्कार जैसे सम्मान इस दिशा में मार्गदर्शन कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें राजनीति से दूर रखा जाए।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि संतुलन ही समाधान है,यह स्पष्ट है कि न तो केवल टैलेंट पर्याप्त है और न ही केवल ताकत। एक सफल और प्रभावी वैश्विक नेतृत्व के लिए दोनों का संतुलन आवश्यक है। लेकिन जब ताकत टैलेंट पर हावी हो जाती है, तो वह दादागिरी बन जाती है। ट्रंप का दौर इसी द्वंद्व का प्रतीक है, जो दुनिया को यह सोचने पर मजबूर करता है कि भविष्य किस दिशा में जाएगा टैलेंट की ताकत या ताकत का टैलेंट। मेरे द्वारा लिखित यह वैचारिक लेख केवल एक विश्लेषण नहीं,बल्कि एक चेतावनी भी है कि यदि वैश्विक राजनीति में संतुलन नहीं बना, तो आने वाले समय में संघर्ष और अस्थिरता और अधिक बढ़ सकती है।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

RR vs CSK Match Report: राजस्थान रॉयल्स की धमाकेदार जीत, चेन्नई को 8 विकेट से हराया

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RR vs CSK Match Report: आईपीएल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। गुवाहाटी के बारसपारा स्टेडियम में खेले गए मैच में राजस्थान ने 128 रनों का लक्ष्य सिर्फ 12.1 ओवर में हासिल कर लिया।

चेन्नई के बल्लेबाज हुए फेल

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 19.4 ओवर में 127 रन पर सिमट गई। टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन (RR के लिए पूर्व कप्तान के रूप में उल्लेख) जल्दी आउट हो गए, जबकि अन्य बल्लेबाज भी बड़ी पारी नहीं खेल सके।

जेमी ओवरटन ने 43 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सरफराज खान (17) और कार्तिक शर्मा (18) ने भी कुछ योगदान दिया।

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राजस्थान के गेंदबाजों का जलवा

राजस्थान के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।

  • जोफ्रा आर्चर – 2 विकेट
  • नांद्रे बर्गर – 2 विकेट
  • रवींद्र जडेजा – 2 विकेट
  • संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई और ब्रिजेश शर्मा – 1-1 विकेट

जडेजा ने अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए एक ओवर में दो बड़े विकेट झटके।

वैभव और जायसवाल की तूफानी बल्लेबाजी

128 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी की।

  • वैभव सूर्यवंशी – 52 रन (17 गेंद, 4 चौके, 5 छक्के)
  • यशस्वी जायसवाल – 38* रन

इसके बाद ध्रुव जुरेल (18) और रियान पराग (14*) ने टीम को आसानी से जीत दिला दी।

मैच का टर्निंग पॉइंट

राजस्थान की गेंदबाजी और शुरुआती बल्लेबाजी साझेदारी इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रही, जिसने चेन्नई को वापसी का मौका ही नहीं दिया।

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UP IPS Transfer: 27 IPS अधिकारियों का तबादला, 13 जिलों के एसपी-एसएसपी बदले

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस सूची में 13 जिलों के पुलिस कप्तान (एसपी/एसएसपी) भी बदले गए हैं।

कई बड़े अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार कई आईजी स्तर के अधिकारियों समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कुछ तबादले शिकायतों और लापरवाही के आधार पर किए गए हैं, जबकि कुछ नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

इन अधिकारियों को मिली नई तैनाती

  • चंद्रप्रकाश – आईजी सुरक्षा
  • राजेश द्विवेदी – सेनानायक पीएसी अलीगढ़
  • प्रबल प्रताप सिंह – एसपी क्राइम मुख्यालय
  • विद्या सागर मिश्रा – सेनानायक पीएसी सीतापुर
  • राजेश कुमार द्वितीय – सेनानायक पीएसी मेरठ
  • आदित्य लांग्हे – एसपी फिरोजाबाद
  • ईला मारन – एसएसपी एटा
  • डॉ. दुर्गेश कुमार – सेनानायक SSF अयोध्या
  • रामनयन सिंह – सेनानायक पीएसी नोएडा
  • सौरभ दीक्षित – एसपी शाहजहांपुर
  • सोमेंद्र मीणा – एसपी रामपुर
  • डॉ. दीक्षा शर्मा – डीसीपी लखनऊ
  • निपुण अग्रवाल – सेनानायक पीएसी मुरादाबाद
  • विश्वजीत श्रीवास्तव – एसपी बहराइच
  • लाखन सिंह यादव – एसपी अमरोहा
  • विनय सिंह – एसपी जालौन
  • शशांक सिंह – एसपी महोबा
  • शक्ति मोहन अवस्थी – एसपी महराजगंज
  • आकाश पटेल – एसपी चंदौली
  • सत्य नारायण प्रजापति – एसपी कौशांबी
  • मृगांक शेखर पाठक – एसपी हमीरपुर
  • आदित्य बंसल – एसपी सिटी अलीगढ़
  • अमृत जैन – एसपी सिटी मुजफ्फरनगर

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युवा अधिकारियों को मिला मौका

इस बार तबादलों में कई युवा अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है। लंबे समय से फील्ड से बाहर रहे अफसरों को भी जिलों की जिम्मेदारी देकर सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया है।

आगे और तबादलों की संभावना

सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और जिलों में भी पुलिस अधिकारियों के तबादले हो सकते हैं, खासकर उन अधिकारियों के जो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं।

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रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले ₹95 के पार; ईरान-अमेरिका तनाव का असर

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। वैश्विक बाजार में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान रुपया 95.22 प्रति डॉलर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।

शुरुआती बढ़त के बाद बड़ी गिरावट

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.62 प्रति डॉलर पर मजबूत शुरुआत के साथ खुला और 93.57 तक पहुंचा, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। दिन के कारोबार में भारी दबाव के चलते रुपया गिरकर 95.22 पर आ गया।

मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात और मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।

इससे पहले शुक्रवार को भी रुपया 94.85 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था, जो उस समय तक का रिकॉर्ड निचला स्तर था।

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आम आदमी पर सीधा असर

रुपये की गिरावट का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। कमजोर रुपये का मतलब है कि विदेश से आने वाले सामान महंगे हो जाएंगे।

  • पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें बढ़ सकती हैं
  • मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होंगे
  • विदेश यात्रा और पढ़ाई का खर्च बढ़ेगा
  • माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं

महंगाई बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

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पाकिस्तान में मसूद अजहर के भाई ताहिर अनवर की संदिग्ध मौत, बहावलपुर में मिला शव

नई दिल्ली/बहावलपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह संगठन के सरगना मसूद अजहर का बड़ा भाई था। सोमवार (30 मार्च 2026) की शाम उसकी मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

आतंकी गतिविधियों में निभाता था अहम भूमिका

ताहिर अनवर जैश-ए-मोहम्मद के सैन्य मामलों का प्रमुख बताया जाता था। वह आतंकियों की ट्रेनिंग, ट्रेनिंग कैंप के संचालन और हथियारों की व्यवस्था जैसे अहम काम संभाल रहा था। साल 2001 से संगठन की गतिविधियों में उसकी सक्रिय भूमिका रही है।

हेडक्वार्टर में परिवार के साथ रह रहा था

जानकारी के अनुसार, ताहिर अनवर बहावलपुर स्थित जैश के नए हेडक्वार्टर ‘मरकज उस्मान ओ अली’ में अपने परिवार के साथ रह रहा था। यहीं से वह संगठन की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

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पहले भी हमले में हुआ था घायल

सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में ताहिर अनवर और उसका बेटा घायल हुए थे, हालांकि उस समय उनकी जान बच गई थी। लेकिन अब उसकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनाजे में आतंकी संगठन के सदस्य मौजूद

रिपोर्ट्स के अनुसार, ताहिर अनवर का नमाज-ए-जनाजा संगठन के मुख्यालय में ही अदा किया गया, जिसमें मसूद अजहर समेत संगठन से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर

ताहिर अनवर की मौत की खबर पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। हालांकि उसकी मौत के कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिससे मामला और अधिक रहस्यमय बन गया है।

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बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान, चैंपियनों को किया सम्मानित

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l मिशन शक्ति 0.5 के द्वितीय चरण और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय डुमरांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे रोकने में योगदान देने वाले स्थानीय चैंपियनों को सम्मानित करना रहा।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन टीम ने छात्र-छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जिसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
जागरूकता सत्र के दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार का तुरंत विरोध करें और इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों को दें। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरतमंद लोग इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही वन स्टॉप सेंटर और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 181, 112, 1098, 1090, 108 और 1076 की जानकारी भी साझा की गई।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय और तृप्ति राय, विद्यालय की प्रधानाचार्या राजमती, स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

जिला कारागार व बालगृह का निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन सख्त

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को जिला कारागार और राजकीय बालगृह का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, बंदियों और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा संस्थानों के समुचित संचालन को सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, जिला जज धनेन्द्र प्रताप सिंह, सीजेएम मंजू कुमारी और पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करते हुए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इस दौरान कैदियों की स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन व्यवस्था की भी जांच की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी बंदियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाए। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कारागार में लगे सीसीटीवी कैमरों के प्रभावी संचालन के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद अधिकारियों ने राजकीय बालगृह का निरीक्षण कर वहां रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, खानपान और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मानसिक विकास के लिए आवश्यक गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, बालगृह में साफ-सफाई और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे निरीक्षणों के माध्यम से व्यवस्थाओं में सुधार लाना प्राथमिकता है और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएम के औचक निरीक्षण में खामियां उजागर, सीएचसी फाजिलनगर को सुधारने के सख्त निर्देश

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को जनपद भ्रमण के दौरान द लर्निंग वर्ल्ड स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम से पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फाजिलनगर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण केंद्र, प्रसूति कक्ष और पैथोलॉजी विभाग का दौरा कर चिकित्सकों व कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई। दवाओं की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर उपचार और दवा वितरण की स्थिति की जानकारी भी ली गई।

निरीक्षण में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मरीज को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए।

यह भी कहा गया कि सरकारी अस्पतालों की सेवाओं में सुधार सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित निरीक्षण व निगरानी की जा रही है। उपस्थिति पंजिका की जांच करते हुए निर्देश दिया गया कि बिना पूर्व अनुमति किसी भी कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत न किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

इस मौके पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उमाशंकर नायक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

संघर्ष से सफलता तक: कलेक्ट्रेट कर्मचारी बने असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स)

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। देर रात घोषित पीसीएस-2024 के परिणाम ने गोरखपुर कलेक्ट्रेट को गर्व से भर दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर कार्यरत रहे विकास कुमार राव ने 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे कलेक्ट्रेट परिवार का मान बढ़ाया है। परिणाम आते ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया।

27 वर्षीय विकास कुमार राव मूलतः बस्ती जनपद के रुधौली कस्बे के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेश राव कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जनवरी 2016 में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक विकास के कंधों पर आ गई। उसी वर्ष सितंबर में उन्होंने मृतक आश्रित के रूप में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी ज्वाइन की।

नौकरी के साथ-साथ विकास ने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कार्यक्षमता और लगन को देखते हुए उनसे अक्सर लिपिकीय कार्य लिए जाते थे। मेहनत के बल पर उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर तैनात हुए।

हालांकि, उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। नौकरी के साथ पढ़ाई में आ रही बाधाओं को देखते हुए विकास ने जुलाई 2024 में साहसिक निर्णय लेते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और दिल्ली जाकर पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। जब उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश को अपना इस्तीफा सौंपा, तो उन्हें तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बावजूद इसके, औपचारिक प्रक्रिया से बचने के लिए विकास ने त्यागपत्र देना ही उचित समझा।

उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम सामने आया, जब उन्होंने पीसीएस-2024 में 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) का पद प्राप्त किया। विकास न सिर्फ पढ़ाई में उत्कृष्ट रहे, बल्कि खेलों में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2019 में तायक्वांडो में मलेशिया जाकर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।

गोरखपुर के इंदिरा नगर में रहकर नौकरी करने वाले विकास दो भाइयों में बड़े हैं। उनकी सफलता पर कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी बेहद प्रसन्न हैं। सभी का कहना है कि यह उपलब्धि पूरे कलेक्ट्रेट के लिए गर्व की बात है और यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।

विकास कुमार राव ने अपनी सफलता का श्रेय कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और सहकर्मियों को देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए सहयोग और प्रोत्साहन मिला। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।

शिलापट्ट अनावरण व मेधावी छात्रों के सम्मान के साथ वार्षिकोत्सव सम्पन्न

बरहज / देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l स्थानीय क्षेत्रान्तर्गत जी० एम० एकेडमी विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शिलापट्ट अनावरण एवं वार्षिक परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम का आयोजन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चन्द्रभूषण तिवारी (डायरेक्टर, पी०सी०एफ० उत्तर प्रदेश) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी देवरिया राजेश कुमार सिंह एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आञ्जनेय दास महाराज ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना एवं गणेश वंदना की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के स्थापना स्वरूप शिलापट्ट का अनावरण मुख्य अतिथि चन्द्रभूषण तिवारी द्वारा किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से चेयरमैन प्रकाश मिश्रा ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में नर्सरी से कक्षा 11 तक के उन मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। सम्मानित विद्यार्थियों में छवि रावत, आराध्या तिवारी, माया कुमारी, इप्सिता सोनकर, वैष्णवी तिवारी, मरियम नूर, सिमरन सिंह, आन्या यादव, आदित्य मल्ल आदि प्रमुख रहे।

विशेष पुरस्कारों के अंतर्गत हिंदी सुलेख के लिए आशी सिंह तथा अंग्रेजी राइटिंग के लिए रितिका गुप्ता को सम्मानित किया गया। वहीं “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” का पुरस्कार कक्षा 8 की छात्रा आराध्या तिवारी को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की निदेशिका संभावना मिश्रा, जी० एम० एकेडमी सलेमपुर के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी, बरहज शाखा के प्रधानाचार्य राजेश कुमार मिश्र सहित अजय प्रताप सिंह, अनिल मिश्र, अवनीश मिश्र, बृजेश मिश्र, संतोष सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विवेकानंद मिश्र ने किया।

मिशन शक्ति, महिलाओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और घरेलू हिंसा से बचाव की दी जानकारी

कोपागंज ब्लाक के कोपा कोहना में लगी महिला चौपाल

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन एवं थाना कोपागंज के प्रभारी निरीक्षक के कुशल नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम द्वारा क्षेत्र के कोपाकोहना गांव में महिला चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
चौपाल में उपस्थित महिलाओं को 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 102 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एंबुलेंस सेवा तथा 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में इन नंबरों पर तत्काल संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। इस दौरान महिलाओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर भी जागरूक किया गया।
इस कार्यक्रम में उपनिरीक्षक प्रियंका सिंह, महिला कांस्टेबल गायत्री वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
थाना प्रभारी कोपागंज रविंद्रनाथ राय ने बताया कि “मिशन शक्ति अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चौपाल लगाकर महिलाओं और बच्चियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्परता से सहायता प्रदान करेगी।”
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने पुलिस टीम के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

खेत के बीच लगा सरकारी हैंडपंप बना चर्चा का विषय, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा जयरामगढ़ में सरकारी धन के उपयोग को लेकर एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। यहां गेहूं के खेत के बीच स्थापित इंडिया मार्का-2 हैंडपंप को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए जाने वाले हैंडपंप को ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है, जहां आम लोगों की पहुंच बेहद मुश्किल है। खेत के चारों ओर खड़ी फसल के बीच लगाए गए इस हैंडपंप की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर हैंडपंप लगाने से इसका लाभ सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि इसका उद्देश्य पूरे गांव को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना था। उनका कहना है कि यदि हैंडपंप को किसी सार्वजनिक स्थल, जैसे चौराहे, स्कूल या बस्ती के पास लगाया जाता, तो अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकता था। इस व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार सरकारी योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना होता है, लेकिन खेत के बीच हैंडपंप लगाना पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाया गया, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।

एनेक्सी सभागार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री की प्रेस वार्ता

योजनाओं व उपलब्धियों का दिया विस्तृत ब्यौरा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने एनेक्सी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं पशुधन विकास से जुड़ी योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैव विविधता से समृद्ध उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में 190.20 लाख गोवंश, 330.17 लाख महिषवंश, 144.80 लाख बकरी, 9.85 लाख भेड़ एवं 4.09 लाख सूकर हैं। वर्ष 2025 की 21वीं पशुगणना पूर्ण हो चुकी है, जिसका अंतिम आंकड़ा भारत सरकार द्वारा जारी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 387.79 लाख मीट्रिक टन दुग्ध, 589.48 करोड़ अंडे तथा 1259 हजार टन मांस का उत्पादन हुआ। पशुपालकों को घर-घर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वेटरिनरी यूनिट योजना के तहत टोल फ्री नंबर 1962 संचालित है। वर्ष 2024-25 में 15.93 लाख पशुपालकों के 32.34 लाख पशुओं तथा 2025-26 में अब तक 5.70 लाख पशुपालकों के 11.16 लाख पशुओं का उपचार किया गया।
प्रदेश में वर्तमान में 520 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट संचालित हैं। साथ ही PPP मॉडल पर डायग्नोस्टिक लैब एवं पॉलीक्लीनिक विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उच्च स्तरीय उपचार सुविधा मिलेगी।
टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 1648.89 लाख तथा 2025-26 में अब तक 817.96 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश में 7608 गो-आश्रय स्थलों में 12.36 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं और 157 बड़े गौ संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.79 लाख से अधिक गोवंश पशुपालकों को सुपुर्द किए गए हैं तथा भरण-पोषण हेतु डीबीटी के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जा रही है। गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर 11,952 हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त कराई गई है, जिसमें बड़े पैमाने पर चारा उत्पादन किया जा रहा है।
नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 238.20 लाख तथा 2025-26 में अब तक 115.97 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं। लखनऊ के रहमानखेड़ा में अत्याधुनिक सेक्स-सॉर्टेड सीमेन लैब स्थापित की जा रही है, जिससे उच्च गुणवत्ता की नस्ल विकसित होगी।
नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत नंदिनी, मिनी नंदिनी एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजनाएं संचालित हैं, जिनमें डेयरी इकाइयों पर 40% से 60% तक अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही प्रगतिशील पशुपालकों को 10,000 से 15,000 रुपये तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पशुधन बीमा, बकरी पालन, भेड़ पालन एवं कुक्कुट विकास योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कुक्कुट विकास नीति-2022 के तहत 433.90 करोड़ रुपये के निवेश से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में महिला ब्रायलर पालन योजना तथा बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। साथ ही चारा विकास, प्रशिक्षण और नई नीतियों के जरिए पशुपालन क्षेत्र को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

तीन संस्थाओं के ब्रांड एंबेसडर बने अंतरराष्ट्रीय किकबॉक्सर सनी सिंह, गोरखपुर का बढ़ाया मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र और अंतरराष्ट्रीय किकबॉक्सर सनी सिंह ने एक बार फिर जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी खेल प्रतिभा और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें ऐशप्रा फाउंडेशन (स्पोर्ट्स), फ्लाईअप फाउंडेशन (नवाचार लैब) और यूनाइटेड यूथ एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल का आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है और इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि ये संस्थाएं समाज और छात्रों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और सनी सिंह का चयन इस दिशा में एक सकारात्मक संदेश देता है। सनी न केवल खेल के मैदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
वहीं, ऐशप्रा ग्रुप के चेयरमैन अतुल सराफ ने सनी को दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और समर्पण युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगा। फ्लाईअप फाउंडेशन के संस्थापक अभय सिंह ने कहा कि सनी तकनीक और खेल के बीच संतुलन बनाकर नई पीढ़ी के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं, जबकि यूनाइटेड यूथ एसोसिएशन के संस्थापक नारायण दत्त पाठक ने उन्हें पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक आदर्श बताया।
सनी सिंह का सफर केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। लगातार तीन वर्षों (2023-2025) तक नेशनल मेडलिस्ट रहने के साथ-साथ उन्होंने 2025-2026 में दो बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उज्बेकिस्तान में आयोजित वर्ल्ड कप में उन्होंने टॉप-10 खिलाड़ियों में स्थान बनाते हुए 5वीं रैंक हासिल की, वहीं अबू धाबी (UAE) में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में टॉप-20 फाइटर्स में 9वीं रैंक प्राप्त की।
खेल के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सनी सिंह ने ‘मिशन अपराजिता’ के माध्यम से अब तक 5,000 से अधिक बेटियों को नि:शुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनका यह प्रयास महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लो-हाइट अंडरपास निर्माण की मांग, विभिन्न संगठनों ने सौंपा ज्ञापन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के सलेमपुर रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार को राष्ट्रीय समानता दल, समाजवादी पार्टी (सपा) अनुसूचित प्रकोष्ठ एवं अन्य विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों द्वारा एक महत्वपूर्ण सविनय निवेदन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के उपरांत स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि सलेमपुर नगर पंचायत तहसील मुख्यालय होने के साथ-साथ घनी आबादी वाला क्षेत्र है। रेलवे स्टेशन के दोनों ओर नगर बसा हुआ है, जबकि दक्षिणी समपार फाटक से उत्तरी समपार फाटक की दूरी लगभग चार किलोमीटर है। इस कारण आमजन, विशेषकर कम आय वर्ग के लोग, पैदल यात्री, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाओं को रेलवे लाइन पार करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लो-हाइट अंडरपास का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, जिससे आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।
सपा अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्य ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि भटनी स्टेशन से संचालित ट्रेन संख्या 65115 एवं 65116 का प्रस्थान एवं आगमन बरहज बाजार से किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय यात्रियों को सुविधा मिल सके। वहीं सुरेश कुशवाहा ने ट्रेन संख्या 15131 एवं 15132 का ठहराव पिवकोल रेलवे स्टेशन पर सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
राष्ट्रीय समानता दल के जिलाध्यक्ष विजय कुमार ने अपने संबोधन में बरहज, सिसई गुलाब राय, सतरवा तथा देवराहाबाबा हाल्ट स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की मांग की, जिससे इन स्टेशनों का समुचित विकास हो सके। बसपा नेता राजदेव प्रसाद ने सुझाव दिया कि बरहज बाजार रेलवे स्टेशन को दोहरीघाट रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाए, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिले।
बैठक का संचालन अभय कुमार एवं आजाद कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर श्यामदेव यादव (सीपीआई), देशराज यादव (सपा), चन्द्रिका प्रसाद, सुजीत कुमार, बीरबल कुशवाहा, दिनेश गुप्ता, नरेन्द्र यादव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रस्तुत ज्ञापन के माध्यम से रेलवे प्रशासन से सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की गई, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ यातायात सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।