Thursday, August 6, 2026
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गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

जनसेवा से बनाई अलग पहचान, रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से शोक की लहर

बसपा के कद्दावर नेता और रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में अपूरणीय क्षति


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही रसड़ा विधानसभा क्षेत्र, बलिया जनपद और पूरे पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों ने उनके निधन को जनसेवा और पूर्वांचल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया।
उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह बसपा के एकमात्र विजयी विधायक बने और पार्टी के लिए एक विशेष राजनीतिक पहचान कायम की। इससे पहले वर्ष 2012 में रसड़ा विधानसभा सीट सामान्य घोषित होने के बाद उन्होंने बसपा प्रत्याशी के रूप में शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद लगातार तीन बार रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक आधार बनाया।
अपने राजनीतिक जीवन के दौरान एक समय उन्हें दो लाभ के पद से जुड़े मामले में विधायकी गंवानी पड़ी थी, लेकिन बाद में कानूनी प्रक्रिया के उपरांत उनकी सदस्यता बहाल हो गई। इसके बावजूद क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता बरकरार रही और उन्होंने जनसेवा का सिलसिला लगातार जारी रखा।
उमाशंकर सिंह केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि समाज सेवा के कार्यों से भी उन्होंने अलग पहचान बनाई। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन कर पूरे प्रदेश का ध्यान आकर्षित किया। पहले 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया, जिसके बाद 351 जोड़ों का विवाह समारोह आयोजित कर सामाजिक सरोकार की नई मिसाल पेश की। उनके इन प्रयासों की प्रदेशभर में व्यापक सराहना हुई और हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला।
रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और आम लोगों के बीच सहज उपलब्ध रहने के कारण उमाशंकर सिंह की पहचान एक जनप्रिय विधायक के रूप में थी। उनके निधन की खबर सामने आते ही समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उमाशंकर सिंह के निधन से बसपा को बड़ी राजनीतिक क्षति हुई है। साथ ही पूर्वांचल की राजनीति ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिसने जनसेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी अलग पहचान स्थापित की।

आईटीआई प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त तक बढ़ी

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मेहदावल के प्रधानाचार्य उदय नारायण ने बताया कि प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित विभिन्न ट्रेडों, टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से 211 राजकीय संस्थानों में संचालित 10 दीर्घकालीन व्यवसायों तथा पीपीपी मॉडल पर संचालित संस्थानों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।
अब इच्छुक अभ्यर्थी 7 अगस्त 2026 की रात 12 बजे तक एससीवीटी उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र में हुई त्रुटियों के संशोधन के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन के बाद 48 घंटे का समय मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित दिशा-निर्देश भी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
प्रवेश पंजीकरण शुल्क सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 300 रुपये, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 250 रुपये, जबकि सभी महिला अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है।

दीक्षारम्भ के साथ प्रभा देवी पीजी कॉलेज में नए सत्र की पढ़ाई शुरू

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार से नए शैक्षणिक सत्र की विधिवत शुरुआत हो गई। नवीन प्रवेशार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम के साथ स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का संचालन भी शुरू हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के उद्देश्य, अनुशासन और महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं से अवगत कराया गया।
दीक्षारम्भ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान, संस्कार और सामाजिक दायित्वों का बोध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, समयपालन और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा को केवल रोजगार का साधन न मानें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाने का माध्यम बनाएं। महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
दीक्षारम्भ कार्यक्रम सचिव/ प्रबंधक पुष्पा चतुर्वेदी के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इस दौरान नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर रितेश त्रिपाठी, विनोद मिश्रा, एन.के. सिंह, एस.के. पांडेय, दीपक सिंह, संदीप पांडेय, शालिनी मिश्रा, सीमा पांडेय, विशाल सिंह, प्रिया श्रीवास्तव, जिज्ञासा पाण्डेय, मुस्कान गुप्ता, अजय कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

कमिश्नरी परिसर में वृद्ध की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कमिश्नरी परिसर में मंगलवार शाम 63 वर्षीय एक वृद्ध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत की आशंका जता रही है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना के बाद परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।

मृतक की पहचान रामसमुझ चौधरी (63) पुत्र मुरली चौधरी निवासी मुगलपुरा टोला परती, थाना पिपराइच के रूप में हुई है। सूचना पर यूपी-112 और कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। शुरुआती जांच में शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, रामसमुझ चौधरी मंगलवार शाम करीब छह बजे अपनी मोपेड से कमिश्नरी परिसर पहुंचे थे। वाहन खड़ा करने के बाद वह शिव मंदिर के पीछे बने चबूतरे पर बैठ गए। कुछ देर बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें अचेत अवस्था में पड़ा देखा। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटनास्थल का निरीक्षण कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह ने किया, जबकि कलेक्ट्रेट चौकी प्रभारी विनोद सिंह पहले से मौके पर मौजूद थे। पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना दी। फोटो भेजने के बाद परिजनों ने उनकी पहचान की पुष्टि की।

पुलिस का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया प्राकृतिक मौत का प्रतीत हो रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार

देवरिया: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल व ₹1,200 नकद बरामद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाना देवरिया ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी का एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा ₹1,200 नकद बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत ₹7,200 बताई गई है।
पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी., पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनों में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम के पर्यवेक्षण में सोमवार को जीआरपी थाना देवरिया की टीम ने रेलवे स्टेशन देवरिया सदर के प्लेटफॉर्म संख्या-2 के पूर्वी साइन बोर्ड के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अभय भगत (23 वर्ष) पुत्र रमेश भगत, निवासी कीलपुर मिसिर चक, थाना नौतन, जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने खर्च चलाने के लिए ट्रेनों और रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों का सामान चोरी करता था। उसने स्वीकार किया कि कुछ माह पहले उसने एक महिला यात्री का पर्स चोरी किया था, जिसमें मोबाइल फोन और नकदी थी। सोमवार को वह चोरी का मोबाइल बेचने और फिर चोरी की घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन आया था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बरामद मोबाइल व नकदी के संबंध में जीआरपी थाना देवरिया पर पहले से दर्ज मु.अ.सं. 32/2026, धारा 305(सी) एवं 317(2) बीएनएस से संबंध पाया गया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बरामदगी
01 अदद चोरी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन
₹1,200 नकद
कुल अनुमानित कीमत: ₹7,200
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास
मु.अ.सं. 02/2026, धारा 305(ए), 317(2) बीएनएस, थाना श्रीरामपुर, जनपद देवरिया
मु.अ.सं. 32/2026, धारा 305(सी), 317(2) बीएनएस, जीआरपी थाना देवरिया
अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, जीआरपी थाना देवरिया
कांस्टेबल अरविंद यादव, जीआरपी थाना देवरिया
कांस्टेबल गोविंद उपाध्याय, जीआरपी थाना देवरिया
कांस्टेबल हरि प्रताप यादव, आरपीएफ पोस्ट देवरिया

निजी सेंटरों के भरोसे राष्ट्रीय परीक्षाएं, पुराने वादों पर फिर उठे सवाल

NTA के गठन के 9 साल बाद भी निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर व्यवस्था, कैबिनेट के कई बड़े फैसले अब भी अधूरे


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। हाल के वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के बीच अब यह तथ्य भी सामने आया है कि एजेंसी के गठन के समय किए गए कई महत्वपूर्ण वादे आज तक पूरी तरह लागू नहीं हो सके हैं। इससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सुरक्षा और छात्रों की सुविधा को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्ष 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के गठन को मंजूरी देते समय देशभर में अत्याधुनिक डिजिटल परीक्षा केंद्र स्थापित करने की परिकल्पना की थी। उद्देश्य था कि छात्रों को सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। लेकिन करीब नौ वर्ष बाद भी यह लक्ष्य अधूरा दिखाई देता है।
हाल ही में NTA द्वारा ‘टेस्ट सेंटर नेटवर्क एंड ऑपरेशन’ के लिए जनरल मैनेजर (GM) पद पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। विज्ञापन के अनुसार इस अधिकारी की प्रमुख जिम्मेदारी विभिन्न परीक्षाओं के लिए मानक परीक्षा केंद्रों की पहचान और उनका संचालन सुनिश्चित करना होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि एजेंसी आज भी बड़े पैमाने पर निजी और किराये के परीक्षा केंद्रों पर निर्भर है।
गठन के समय NTA के अपने लगभग 500 डिजिटल परीक्षा केंद्र विकसित करने की योजना बनाई गई थी। माना गया था कि यदि जिला और तहसील स्तर तक एजेंसी के स्वामित्व वाले कंप्यूटर आधारित केंद्र स्थापित हो जाते, तो परीक्षा संचालन अधिक सुरक्षित और नियंत्रित हो सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियों और केंद्र स्तर पर होने वाली अनियमितताओं की संभावना भी काफी कम हो सकती थी।
इसके साथ ही ग्रामीण, पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को डिजिटल परीक्षा प्रणाली से परिचित कराने के लिए निःशुल्क मॉक टेस्ट, मोबाइल टेस्ट सेंटर और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का भी प्रस्ताव था। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे क्षेत्रों के छात्रों को विशेष लाभ देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह पहल भी अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सकी।
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव अधिकांश राष्ट्रीय परीक्षाओं को वर्ष में दो बार आयोजित करने का था, ताकि छात्रों को बेहतर अवसर मिल सके। हालांकि वर्तमान में यह व्यवस्था सीमित परीक्षाओं तक ही सिमटी हुई है और व्यापक स्तर पर लागू नहीं हो पाई है।
हाल के पेपर लीक विवादों के बाद गठित डॉ. के. राधाकृष्णन समिति ने भी परीक्षा केंद्रों के पुनर्गठन, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा NTA के अपने परीक्षा केंद्र विकसित करने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद अब तक स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं देती।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि NTA को भविष्य में अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी परीक्षा एजेंसी बनाना है तो केवल प्रशासनिक सुधार पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए आधुनिक डिजिटल परीक्षा केंद्रों का निर्माण, तकनीकी सुरक्षा, मजबूत निगरानी तंत्र और छात्रों को समान सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे मूलभूत सुधारों को प्राथमिकता देनी होगी।

बीबीएयू में गूंजा नशामुक्त भारत का संकल्प, छात्रों ने ली शपथ

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखकर स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की। इस दौरान डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू तथा नशा मुक्त भारत अभियान की नोडल अधिकारी एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा भी उपस्थित रहीं।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संदेश में कहा कि विकसित भारत का आधार स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा हैं। उन्होंने पंचकोश दर्शन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक नागरिक इस जनआंदोलन से जुड़ेगा।
कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने विद्यार्थियों को ‘नशा मुक्त मित्र’ बनने और माईभारत पोर्टल से जुड़कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।
प्रो. शिल्पी वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर और अमेठी स्थित उपग्रह केंद्र में शपथ ग्रहण, जागरूकता संवाद, पोस्टर प्रदर्शनी तथा जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को नशामुक्त भारत के संकल्प से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों में प्रधानमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत निर्माण की शपथ ली।
अमेठी स्थित बीबीएयू उपग्रह केंद्र में निदेशक डॉ. संदीप नायक और समन्वयक डॉ. शंकर कुमार लाल के नेतृत्व में शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक और जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली अमेठी और आसपास के क्षेत्रों के साथ बाजारों से होकर गुजरी, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त भारत का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर अभियान की थीम पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई।
इस अवसर पर प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्र, प्रो. डी.आर. मोदी, प्रो. शूरा दारापुरी, प्रो. सुनील बाबू, प्रो. नीतू सिंह, प्रो. अमित कुमार सिंह, प्रो. धीरेंद्र पांडेय, प्रो. सार्थिक बाग, प्रो. जगमोहन तांती, एनसीसी कैडेट्स तथा एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया और नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिले के शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजकीय महिला महाविद्यालय, खलीलाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया और छात्राओं, शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। इसी क्रम में प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहित जिले के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के लैपटॉप के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया। शिक्षक, कर्मचारी और छात्राओं ने प्रधानमंत्री के संदेश को गंभीरता से सुना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। सभी ने अपने परिवार, मित्रों और समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान” और “स्वस्थ युवा, सशक्त भारत” जैसे संदेशों के माध्यम से नशामुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जिले के अन्य महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में भी आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और नशा उन्मूलन के जनजागरण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

दो वर्षों से बिजली को तरस रही पोखरभीडा चौहान टोले की जनता-विजय रावत

भलुअनी(राष्ट्र की परम्परा)l बरहज विधानसभा के भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव में चौहान टोले पर बिजली समस्या को लेकर रविवार को सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने कहा की भाजपा की सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है, जिसकी देन है कि भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव के चौहान टोले की जनता भुगत रही हैं। अगर चौबीस घंटे के अन्दर यहाँ की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ यही पर धरना देने का काम करूंगा। जो हाल यहाँ की जनता बता रही हैं उसको सुन कर रोंगटे खड़े हो जा रहें हैं ऐसे में यहाँ के बिजली विभाग के अधिकारियों व भाजपा के जनप्रतिनिधियों से कहना चाहता हूँ की आप लोग जनता के सेवक हैं और जनता की सेवा व मदद के लिये जनता ने आपको जनप्रतिनिधि चुना हैं अगर जनता की सेवा नहीं कर पाएंगे तो प्रतिनिधि रहने से कोई फ़ायदा नहीं। इस दौरान मुख्य रूप से अमर नाथ यादव, विजय प्रताप चौहान, सुदर्शन चौहान, लक्ष्मण चौहान, पारसनाथ चौहान, सीताराम चौहान, बेचू चौहान, राजेन्द्र चौहान, गुड्डू चौहान, श्रीकांत चौहान, नरेन्द्र चौहान इत्यादि लोग उपस्थित थे।

नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव: सिंहपाल सिंह

नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से जुड़े प्रधानमंत्री, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में सुना गया वर्चुअल संबोधन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक सिंह पाल सिंह ने कहा कि नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा देश के विकास की गति को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि “नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में लगाना ही युवाओं का सच्चा दायित्व है।” उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने और नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की प्रगति को भी प्रभावित करता है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को अपनी ऊर्जा और क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय, कार्यक्रम अधिकारी रवि निषाद, अनिल कुमार पटेल, श्रद्धा सिंह तथा स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय के लगभग 400 विद्यार्थी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

जीआरपी का ऑपरेशन सफल, स्टेशन से मोबाइल लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार

देवरिया रेलवे स्टेशन पर लूट की वारदात का आरोपी गिरफ्तार, जीआरपी की कार्रवाई से यात्रियों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा


देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जीआरपी देवरिया को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन देवरिया सदर के माल गोदाम क्षेत्र से लूट एवं चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे में वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
राजकीय रेलवे पुलिस, गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे के मार्गदर्शन में रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और सर्कुलेटिंग एरिया में अपराध नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा तथा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे के पर्यवेक्षण में रविवार 2 अगस्त 2026 को जीआरपी थाना देवरिया की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी निखिल सिंह उर्फ हंटर सिंह (23 वर्ष), निवासी ग्राम हाटा खास, थाना भलुअनी, जनपद देवरिया को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध जीआरपी थाना देवरिया में दर्ज मुकदमा संख्या 41/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 24 जुलाई 2026 को देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 स्थित एक दुकान से मोबाइल फोन लूटने/चोरी करने की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में मोबाइल चोरी एवं लूट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
पुलिस आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजीव सिंह, मुख्य आरक्षी गिरधर चौहान, आरक्षी सूरज राम तथा आरपीएफ पोस्ट देवरिया के आरक्षी नित्यानंद शामिल रहे।

आज से फिर सक्रिय होगा मानसून, अगस्त में भी औसत से कम बारिश के आसार

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी रही है। एक जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 27 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि जुलाई के अंतिम दिनों में बारिश बढ़ने से यह कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में प्रदेश में 217.7 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 261.7 मिमी होती है। यानी जुलाई में भी सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने से बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह तेज होगा। इसके प्रभाव से 2 अगस्त से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त में प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। हालांकि पूरे प्रदेश की बात करें तो अगस्त में भी औसत से कम बारिश रहने का अनुमान है।

लेहड़ा स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आई युवती, तीन घंटे बाद हुई पहचान

बढ़नी-नकहा पैसेंजर ट्रेन से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बृजमनगंज थाना क्षेत्र के लेहड़ा रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 21 वर्षीय युवती की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद मृतका की पहचान हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी।जानकारी के अनुसार, बढ़नी-नकहा पैसेंजर ट्रेन के लेहड़ा रेलवे स्टेशन से गुजरने के दौरान पूर्वी छोर पर एक युवती ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसा इतना भीषण था कि युवती की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभ में मृतका की पहचान नहीं हो सकी। बृजमनगंज पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य माध्यमों से उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया।करीब तीन घंटे बाद मृतका की पहचान प्रीति सिंह (21) पुत्री कमल सिंह, निवासी ग्रामसभा विशुनपुर मुख्तार टोला, थाना बृजमनगंज के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, प्रीति शनिवार दोपहर करीब एक बजे घर से निकली थी। इसके बाद करीब ढाई बजे लेहड़ा रेलवे स्टेशन के पास उसके ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली।बताया गया कि मृतका के पिता कमल सिंह और भाई रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहकर काम करते हैं। घर पर उसकी मां, छोटी बहन और बाबा रहते हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मृतका के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।इस संबंध में थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवती की मौत ट्रेन की चपेट में आने से दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

तामेश्वरनाथ धाम में जलाभिषेक की तैयारियां तेज, एडीएम-एएसपी ने किया निरीक्षण

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर में होने वाले जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सत्य प्रकाश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर तथा बिड़हर घाट का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग, पंडाल, बैरिकेडिंग, पोखरे के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था तथा कंट्रोल प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दर्शन और जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की कतारबद्ध आवाजाही सुनिश्चित की जाए तथा भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाए।
अधिकारियों ने पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई और खोया-पाया केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और एंबुलेंस को पूरी तरह सतर्क रखा जाए।
इसके बाद एडीएम और एएसपी ने बिड़हर घाट पहुंचकर कांवड़ियों के जल भरने की व्यवस्था, घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की तैयारियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर ली जाएं।
निरीक्षण के दौरान धनघटा क्षेत्र में संभावित बाढ़ की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सिंचाई और राजस्व विभाग को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने, कटान संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर और कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जलाभिषेक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

डीडीयू ने दिव्यांग पूर्व छात्र को दी ट्राइसाइकिल, आत्मनिर्भरता की पहल को मिला बल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने दिव्यांग पूर्व छात्र सुनील कुमार को ट्राइसाइकिल प्रदान कर सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया। विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यह सहायता उपलब्ध कराई गई।
सुनील कुमार ने वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। वर्तमान में वे स्टेशनरी की छोटी दुकान संचालित कर आजीविका चला रहे हैं। चलने-फिरने में कठिनाई के कारण उन्हें प्रतिदिन आवागमन में परेशानी होती थी। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करने का प्रयास है।
डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों की आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। भविष्य में भी जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर डीन साइंस प्रो. अजय सिंह, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. ओ.पी. सिंह, जितेंद्र बहादुर, संजय यादव, राम पलट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विश्वविद्यालय की इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।