Friday, April 17, 2026
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क्षेत्र के संचालित सीबीएसई बोर्ड विद्यालयों ने लहराया परचम, जी एम एकेडमी ने जिले में पाया दूसरा स्थान

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होते ही क्षेत्र के विद्यालयों में खुशी, उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों की कठिन मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के सतत सहयोग का परिणाम इस वर्ष भी शानदार सफलता के रूप में सामने आया। कई छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन किया।
इसी क्रम में जी एम एकेडमी, सलेमपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देवरिया जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। विद्यालय का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। सफल विद्यार्थियों को बधाई देने वालों का तांता लग गया।
विद्यालय के मेधावी छात्र स्वरित बरनवाल ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। शुभम पांडेय ने 96.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि यशस्वी वर्मा ने 95.8 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त रीया बरनवाल ने 95 प्रतिशत, आर्यन वर्मा ने 94 प्रतिशत, दिप्ती शर्मा ने 93 प्रतिशत, नवनीत यादव ने 92.8 प्रतिशत, अंशिका दूबे ने 91.4 प्रतिशत तथा हर्षित गहलोत ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्री प्रकाश मिश्र ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करना पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।
इस दौरान संस्था के चेयरमैन ने सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा करते हुए कहा कि मेधावी विद्यार्थियों के शैक्षणिक वर्ष की पूरी फीस चेक के माध्यम से वापस की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की कक्षाओं में यदि यही छात्र उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाते हैं, तो भविष्य में भी यह प्रोत्साहन योजना लगातार जारी रहेगी।
प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि यह सफलता छात्रों की लगन, शिक्षकों की अथक मेहनत और अभिभावकों के विश्वास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संस्था के चेयरमैन श्री प्रकाश मिश्र ने सफल विद्यार्थियों को फूल-माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। साथ ही सफल विद्यार्थियों के माता-पिता को भी सम्मानित कर उनकी भूमिका की सराहना की गई। समारोह के दौरान विद्यालय परिवार और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में प्रसन्नता की लहर है। स्थानीय लोगों, अभिभावकों और शुभचिंतकों ने विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझवालिया नंबर 4 में नारी सम्मान एवं विदाई समारोह का भव्य आयोजन

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझवालिया नंबर 4 में शासनादेश के अनुसार नारी सम्मान समारोह एवं कक्षा 8 के छात्र-छात्राओं के विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा ग्रामवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। विद्यालय परिसर पूरे समय हर्षोल्लास और सम्मान के वातावरण से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत नारी सम्मान समारोह में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज करने वाली छात्राओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही उनके अभिभावकों को भी सम्मान प्रदान किया गया, जिससे शिक्षा के प्रति परिवारों की जिम्मेदारी और सहयोग को सराहा जा सके। इस अवसर पर छात्राओं की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर शिक्षा ग्रहण करने तथा समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय से कक्षा 8 उत्तीर्ण कर आगे की शिक्षा के लिए विदा हो रहे विद्यार्थियों दिव्या पटेल, शुभम, विक्की, अंकित पटेल, रोशन पटेल एवं विवेक पटेल को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और लगन से वे जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें।
इस दौरान जयकिसुन सर, रवि सर, रवि सिंह, ओम प्रकाश यादव तथा नंदकिशोर पटेल ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं नारी सम्मान समारोह में छात्राएं स्वेता, चांदनी, अंजली, शिवानी, गुड़िया एवं स्मिता को उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान मधुकांति चौधरी, अभिषेक सिंह तथा किशन सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान कलावती देवी एवं श्यामलाल प्रजापति ने भी विद्यार्थियों को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और पूरे समारोह में उल्लास का माहौल बना रहा।
अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी शिक्षा और सम्मान से जुड़े ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

कांग्रेस नेता ने लगाया ग्राम विकास अधिकारी पर फर्जी जन्मतिथि पर नौकरी करने का आरोप

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप की कार्यवाही की मांग

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस के जिला सचिव परमानन्द प्रसाद ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल को शिकायती पत्र सौंप कर बरहज विकास खण्ड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी मनोहर लाल पुत्र मोतीलाल निवासी मिश्रौली पोस्ट मलकौली तहसील सलेमपुर को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व फर्जी अंक पत्र लगाकर नौकरी करने का आरोप लगाया है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कुटुंब रजिस्टर में अलग जन्मतिथि, हाईस्कूल के प्रमाण पत्र जो पंडित जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज महुआबारी से निर्गत हुआ है उसमें अलग तथा पुनः हाईस्कूल का प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहें हैं उसमें अलग है। आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि अगर एक व्यक्ति के तीन जन्म प्रमाण पत्र है और वह नौकरी कर रहा है तो यह कर्मचारी नियमावली के अनुसार अपराध है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर दोषी पर नियमानुसार कार्रवाई करें।

अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, नेपाल के दो आरोपी गिरफ्तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नौतनवां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेपाल निवासी दो अंतर्राज्यीय मोटरसाईकिल चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन चोरी की बाइकें बरामद की हैं।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में की गई।
जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को थाना नौतनवां पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों—देवनारायण नाउ 20 वर्ष, निवासी देंगहरी, थाना भैरहवा, जिला रुपन्देंही, नेपाल तथा रामरतन लोनिया 24 वर्ष, निवासी गैंडहवा, थाना पोंहवा, जिला रुपन्देही, नेपाल को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
बरामद वाहनों में एक बाइक थाना नौतनवां में दर्ज मुकदमा संख्या 77/2026 से संबंधित है, जिसे 14 अप्रैल 2026 को मैक्स सिटी अस्पताल के पास से चोरी किया गया था। अन्य दो मोटरसाइकिलें क्रमशः थाना फरेंदा एवं थाना कोल्हुई क्षेत्र से चोरी की गई थीं।
पूछ-ताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे नेपाल से भारत आकर मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और पिछले कुछ महीनों से इस तरह की वारदातों में सक्रिय थे। चोरी की गई सभी बाइकें बिना नंबर प्लेट के बरामद हुई हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें महराजगंज न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम पुलिस टीम में उप- निरीक्षक रामजी गुप्ता, चौकी प्रभारी कस्बा नौतनवा, उप-निरीक्षक मनीष पटेल, कांस्टेबल मनीष गोंड़, कांस्टेबल हिमांशु सिंह एवं कांस्टेबल लक्ष्मीशंकर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता ने राहत की सांस ली है।

स्कूली वाहनों पर सख्ती: परतावल में यातायात पुलिस का सघन अभियान, 10 हजार का जुर्माना

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के परतावल कस्बे में गुरुवार को यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों के खिलाफ चलाए गए विशेष सघन चेकिंग अभियान से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाए गए इस अभियान में नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस टीम ने स्कूल बसों, वैन एवं अन्य वाहनों को रोककर उनके फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके साथ ही वाहनों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों—सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और फर्स्ट एड बॉक्स—की उपलब्धता को विशेष रूप से परखा गया।
जांच के दौरान कई स्कूली वाहनों में गंभीर खामियां पाई गईं। कुछ वाहनों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, जबकि कई में अग्निशमक यंत्र और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी नहीं थी। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने दो स्कूली वाहनों का चालान कर कुल 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
यातायात प्रभारी अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि हर स्कूली वाहन में सीसीटीवी कैमरा, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें बताया गया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
इस सघन चेकिंग अभियान के चलते वाहन चालकों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई चालक मौके पर ही अपने दस्तावेज दुरुस्त कराने और वाहनों की खामियों को सुधारने में जुटे नजर आए।
यातायात पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के तहत बाईक स्कूटी रैली का आयोजन

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगर पालिका परिषद, गौरा बरहज में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” अभियान के अंतर्गत एक भव्य, ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी बाइक-स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में नारी सम्मान, सुरक्षा, समानता एवं सशक्तिकरण के प्रति जन-जन में जागरूकता का संचार करना था।
कार्यक्रम के दौरान समस्त मातृशक्ति द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सभी सम्मानित सांसदगण के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही, उपस्थित सभी महिलाओं द्वारा सांसद कमलेश पासवान से विनम्र आग्रह किया गया कि वे संसद में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में अपनी सशक्त आवाज उठाते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा इस महत्वपूर्ण निर्णय को मूर्त रूप देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस अभियान को और अधिक प्रेरणादायी बनाया।
इस अवसर पर क्षेत्र की मातृशक्ति एवं बहनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए अपने अद्भुत उत्साह, ऊर्जा एवं एकजुटता का परिचय दिया। पूरे नगर का वातावरण “नारी शक्ति” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा, जिससे यह आयोजन अत्यंत प्रभावशाली एवं स्मरणीय बन गया। महिलाओं ने उनके नेतृत्व में मिले 33% आरक्षण एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं युगांतकारी कदम बताया।
साथ ही रैली में सम्मिलित सभी बहनों एवं मातृशक्ति ने अनुशासन, समर्पण एवं उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाकर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
इस ऐतिहासिक एवं सफल आयोजन में सहभागी समस्त बहनों, मातृशक्ति एवं मीडिया प्रभारीगण का हृदय से हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया जाता है।

टावर पर चढ़ा आशिक, शादी की जिद में चार घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कटहरा टोला शहीदपुर में गुरुवार की भोर एकतरफा प्रेम का मामला उस समय सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया, जब 25 वर्षीय युवक अपनी कथित प्रेमिका से शादी की जिद में करीब 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने धमकी दी कि यदि उसकी शादी नहीं कराई गई तो वह कूदकर जान दे देगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटहरा टोला शहीदपुर निवासी इंसाद पुत्र सिराजुद्दीन का अपने रिश्तेदारी की एक युवती से पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध होने का दावा है। युवक का कहना है कि दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के परिजनों ने उसकी शादी गांव के ही दूसरे युवक से तय कर दी है, जिसकी तिथि 5-6 जून निर्धारित है। इसी बात से आहत होकर युवक मानसिक तनाव में आ गया।
बताया जाता है कि गुरुवार तड़के करीब 4 बजे युवक गांव में पूर्व प्रधान कमलेश सिंह के घर के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सुबह जैसे ही ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी, इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही बागापार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी नागेंद्र मणि ने टीम के साथ करीब चार घंटे तक युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने रणनीति बदलते हुए युवती को कोतवाली बुलाया।
युवती के मौके पर पहुंचने के बाद ही युवक नीचे उतरने को तैयार हुआ। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को सकुशल नीचे उतार लिया और उसे हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया, जहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है।
इस दौरान युवती ने स्पष्ट रूप से युवक से शादी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपने माता-पिता के निर्णय के अनुसार ही विवाह करेगी। साथ ही उसने युवक के साथ किसी भी प्रकार के प्रेम संबंध से भी इनकार किया।
घटना के दौरान गांव में घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और लोग इस पूरे हाई वोल्टेज ड्रामे की चर्चा करते नजर आए। हालांकि पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। इसइस संबंध में चौकी प्रभारी नागेंद्र मणि ने बताया कि युवक, युवती और उनके परिजनों को कोतवाली लाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। युवती ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने परिवार के निर्णय के अनुसार ही विवाह करेगी और युवक से उसका कोई संबंध नहीं है।

अम्बेडकर जयंती पर टीचर्स ऑफ बिहार का संविधान ज्ञान क्विज 2026

5 हजार से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल।

सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया गया

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा “संविधान ज्ञान क्विज 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह ऑनलाइन क्विज 14 अप्रैल को आयोजित हुआ, जिसमें राज्यभर से 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
क्विज क्रिएटर सिकेन्द्र कुमार सुमन (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से सम्मानित) ने कहा कि इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों एवं युवाओं में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। उन्होंने बताया कि क्विज को सरल, रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने का विशेष प्रयास किया गया।
टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि इस ऑनलाइन क्विज का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक संविधान की जानकारी पहुंचाना और डिजिटल माध्यम से सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की उत्साहजनक भागीदारी इस पहल की सफलता को दर्शाती है।
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार, प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार एवं इवेंट लीडर केशव कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि “संविधान ज्ञान क्विज 2026” ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है और युवाओं को संविधान के मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे भी इस तरह के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस आयोजन ने बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

देवरिया में दो माह के लिए निषेधाज्ञा लागू, कई गतिविधियों पर सख्ती

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 16 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि आगामी त्योहारों, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य आयोजनों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पूर्व में लागू आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से यह निषेधाज्ञा प्रभावी की गई है।
जारी आदेश के अनुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा, ताकि आमजन को असुविधा न हो। धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य, पोस्टर, लेखन तथा ऑडियो-वीडियो सामग्री के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। विशेष परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी की अनुमति से लाइसेंसी शस्त्र ले जाने की छूट दी जाएगी। हालांकि सिख समुदाय के कृपाण धारण करने तथा वृद्ध, दिव्यांग या दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा लाठी के प्रयोग पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, छतों पर ईंट-पत्थर जमा करने और धार्मिक उन्माद फैलाने वाले संदेशों के प्रसारण पर भी रोक लगाई है। किसी प्रकार की पंचायत या महापंचायत आयोजित करने और उसमें भाग लेने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
परीक्षाओं को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। साथ ही परीक्षा केंद्र में मोबाइल, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र के एक किलोमीटर के दायरे में फोटो कॉपी और स्कैनर की दुकानें भी बंद रहेंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा-223 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण के लिए आवेदन आमंत्रित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जनपद के दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल की गई है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कान की मशीन, स्मार्ट केन (दृष्टि बाधितों के लिए) एवं सीपी चेयर की आवश्यकता है, वे विभागीय कार्यालय से इनका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए इच्छुक दिव्यांगजनों को विकास भवन स्थित कक्ष संख्या-17 में उपस्थित होना होगा। आवेदन के समय दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं आय प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य है, ताकि पात्रता का सत्यापन किया जा सके।
प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक यह सुविधा पहुंचाना है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें। अधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थान पर पहुंचकर इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

मऊ की बेटी आरिका कुमारी का भारतीय हॉकी प्रशिक्षण शिविर में चयन, डीएम ने किया सम्मानित

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब ग्राम बमहौर निवासी उभरती हॉकी खिलाड़ी आरिका कुमारी का चयन अंडर-18 टीम के लिए भारतीय प्रशिक्षण शिविर में हुआ। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि आरिका की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अन्य खिलाड़ियों से भी उनसे प्रेरणा लेकर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। आरिका कुमारी वर्तमान में स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और झारखंड में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारतीय प्रशिक्षण शिविर के लिए किया गया है।

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यह प्रशिक्षण शिविर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के चयन का महत्वपूर्ण माध्यम है। आरिका ने अपने खेल जीवन की शुरुआत मऊ स्थित डॉ. भीम राव स्पोर्ट्स स्टेडियम से की, जहां कोच ओमेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा।

खेल के प्रति समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी बड़ी बहन शशि कला कुमारी भी हॉकी खिलाड़ी हैं और खेल के आधार पर उनका चयन स्पोर्ट्स कोटा से CISF में सब-इंस्पेक्टर पद पर हो चुका है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने आरिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी।

ये भी पढ़े – देवरिया में आपसी विवाद में महिला की मौत: मारपीट के बाद दो आरोपी हिरासत में

देवरिया में आपसी विवाद में महिला की मौत: मारपीट के बाद दो आरोपी हिरासत में

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना महुआडीह क्षेत्र के ग्राम रामपुर बनहर में आपसी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की जान चली गई। घटना दिनांक 15 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 10:30 बजे की है, जब दो सगे पट्टीदारों के बीच कहासुनी के बाद गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।

मारपीट के दौरान 40 वर्षीय रबिता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

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मामले की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के बेटे की तहरीर के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

गोरखपुर में सुरक्षा को नई मजबूती: CM योगी ने 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का किया लोकार्पण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ स्थित सुरक्षा भवन परिसर में 9.18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक सुरक्षा परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

अत्याधुनिक भवन और सुविधाओं का उद्घाटन

इस परियोजना के तहत ASP और CO कार्यालय, आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटेनेंस वर्कशॉप सहित दो नए हाईटेक भवनों का उद्घाटन किया गया।
इन सुविधाओं के शुरू होने से शहर, खासकर गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

CM योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी दिशा में लगातार आधुनिक तकनीक और संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि गोरखनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए यहां की सुरक्षा को अत्याधुनिक बनाना बेहद जरूरी था।

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हाईटेक कंट्रोल रूम से मिलेगी त्वरित सुरक्षा

नव निर्मित कंट्रोल रूम में आधुनिक CCTV नेटवर्क, निगरानी प्रणाली और क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम (QRS) की सुविधा दी गई है।

इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा।

पुलिस संसाधनों में भी होगा सुधार

पुलिस स्टोर और मेंटेनेंस वर्कशॉप के निर्माण से उपकरणों के रख-रखाव और उपलब्धता में सुधार होगा। इससे पुलिस की कार्यक्षमता और तेजी दोनों में बढ़ोतरी होगी।

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देवरिया में Flipkart डिलीवरी बॉय की हड़ताल: घटती मजदूरी, बीमा कटौती और OBD सिस्टम के खिलाफ फूटा गुस्सा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया में Flipkart से जुड़े डिलीवरी कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। मजदूरी में लगातार कटौती और अन्य समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

₹17 से घटकर ₹9 तक पहुंची प्रति पैकेट मजदूरी

हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि पहले उन्हें प्रति पैकेट ₹17–₹16 का भुगतान मिलता था, जिसे धीरे-धीरे घटाकर ₹13 कर दिया गया और अब यह दर ₹10–₹9 प्रति पैकेट तक पहुंच गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम मजदूरी में गुजारा करना मुश्किल हो गया है और इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

एक ऑर्डर में कई पैकेट, लेकिन पूरा भुगतान नहीं

डिलीवरी कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार एक ही ऑर्डर में कई पैकेट होने के बावजूद उन्हें पूरा भुगतान नहीं दिया जाता। इससे उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और काम का बोझ बढ़ता जा रहा है।

बीमा कटौती पर भी उठे सवाल

कर्मचारियों के अनुसार हर महीने ₹200–₹300 तक बीमा के नाम पर उनकी सैलरी से कटौती की जा रही है, लेकिन अब तक किसी को भी बीमा से संबंधित दस्तावेज या पॉलिसी की जानकारी नहीं दी गई है।
इसको लेकर कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है।

OBD सिस्टम बना नई परेशानी

डिलीवरी कर्मियों ने OBD (ओपन बॉक्स डिलीवरी) सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ग्राहक पैकेट खोलकर सामान लेने से मना कर देता है, तो उस डिलीवरी का भुगतान उन्हें नहीं मिलता।
ऐसी स्थिति में उन्हें पूरे दिन पैकेट लेकर घूमना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों का नुकसान होता है।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने मांग की है कि:

• प्रति पैकेट भुगतान बढ़ाया जाए
• बीमा कटौती की पारदर्शी जानकारी दी जाए
• OBD सिस्टम में सुधार किया जाए

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, संसद में निर्णायक बहस

2029 चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, संशोधन प्रस्ताव पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के उद्देश्य से 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब एक नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार इस कानून को लागू करने के लिए संशोधन प्रस्ताव लेकर आई है, ताकि 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। इसी मुद्दे पर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां इस पर व्यापक चर्चा होने वाली है।
दरअसल, जब 2023 में यह कानून पारित हुआ था, तब यह तय किया गया था कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले देश में नई जनगणना कराई जाएगी और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) होगा। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना टल गई और अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। यही वजह है कि यह कानून अब तक जमीन पर लागू नहीं हो पाया।

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अब केंद्र सरकार का तर्क है कि यदि 2029 के चुनाव तक इंतजार किया गया और तब तक जनगणना व परिसीमन पूरा नहीं हुआ, तो महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने में और देरी हो जाएगी। इसलिए सरकार इस प्रक्रिया को तेज करना चाहती है और संशोधन के जरिए पहले ही आरक्षण लागू करने का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।
संशोधन प्रस्ताव के तहत सरकार की योजना है कि नई जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग का गठन किया जाए, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों का पुनर्निर्धारण करेगा। इसके बाद कुल सीटों में से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। खास बात यह है कि ये सीटें स्थायी नहीं होंगी, बल्कि हर चुनाव में बदलती रहेंगी, जिसे रोटेशन प्रणाली कहा जाता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। विपक्षी दल सरकार के इरादों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना जनगणना और परिसीमन के आधार तैयार किए महिला आरक्षण लागू करना जल्दबाजी होगी और इससे क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हो सकता है। खासकर दक्षिण भारत के राज्यों ने इस पर कड़ा एतराज जताया है।
विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि यदि जनसंख्या को परिसीमन का आधार बनाया गया, तो उत्तर भारत के राज्यों—जहां जनसंख्या अधिक है—को ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें घट सकती हैं। इन राज्यों का कहना है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, तो उन्हें इसका “दंड” क्यों मिले। इसके अलावा, कुछ दलों ने यह भी मांग उठाई है कि महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटा तय किया जाए।

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दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी दिलाना है। सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं की जाएंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर कुल सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे सभी राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिलेगा और महिलाओं को भी उनका अधिकार मिल सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जनगणना, परिसीमन और क्षेत्रीय राजनीति का जटिल समीकरण भी जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि संसद का यह विशेष सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें लिए गए फैसले आने वाले चुनावों और देश की राजनीतिक दिशा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
अब सबकी नजरें संसद में होने वाली बहस पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि महिलाओं को 33% आरक्षण कब और किस रूप में मिलेगा। अगर सहमति बनती है, तो यह भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।