Sunday, July 12, 2026
Home Blog

गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सपा का विरोध, जनता की समस्याओं को लेकर उठी आवाज

भाजपा सरकार की नीतियों पर सपा लोहिया वाहिनी का हमला, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण शिक्षित युवा निराश हैं और रोजगार के अभाव में मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती-किसानी की लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सपा नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीब, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।

80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

विशेष टिकट जांच अभियान 38 बिना टिकट/अनियमित यात्री पकड़े गए ₹23,170 का राजस्व वसूला

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)l मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर सघन टिकट जांच अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को छपरा, सिवान, मशरख, छपरा कचहरी एवं दुरौंधा स्टेशनों को आधार बनाकर छपरा कचहरी–मशरख–दुरौंधा रेलखंड के स्टेशनों एवं ट्रेनों में विशेष टिकट जांच अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान गाड़ी संख्या 55105 छपरा कचहरी–थावे डेमू तथा 15708 अमृतसर–कटिहार आम्रपाली मेल एक्सप्रेस (सिवान–एकमा–छपरा रेलखंड) सहित विभिन्न सवारी एवं मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में सघन जांच की गई।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, सिवान श्री प्रणव प्रभाकर एवं मुख्य टिकट निरीक्षक सईद अख्तर के नेतृत्व में 5 टिकट जांच कर्मचारियों तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 2 जवानों की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। जांच के दौरान 38 बिना टिकट एवं अनियमित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे ₹23,170 (तेईस हजार एक सौ सत्तर)का जुर्माना वसूल कर रेलवे राजस्व में जमा कराया गया।
अभियान के दौरान संबंधित स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर यात्रा टिकट लेने के लिए यात्रियों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं, जो यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने की बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने यात्रियों से अपील की कि वे सदैव वैध यात्रा टिकट लेकर ही यात्रा करें, रेलवे नियमों का पालन करें तथा ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें।

देवरिया में भाजपा प्रशिक्षण वर्ग का समापन, कार्यकर्ताओं को मिला जनसेवा का नया मंत्र

पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान के समापन पर गरीब कल्याण योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जनपद देवरिया में 10 से 11 जुलाई तक आयोजित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। समापन सत्र में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की गरीब कल्याणकारी योजनाओं, जनहितकारी उपलब्धियों तथा संगठन की कार्यशैली से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही संगठन का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि जागरूक और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकते हैं।
दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में संगठन की विचारधारा, सेवा, सुशासन, जनसंपर्क, संगठन विस्तार और सरकार की उपलब्धियों जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष काली प्रसाद, विधायक सभा कुंवर कुशवाहा, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, पूर्व जिला अध्यक्ष अंतर्यामी सिंह, भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

गोरखपुर में राम मंदिर पर विवादित पोस्टर से मचा बवाल, पुलिस ने हटाकर शुरू की कार्रवाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर लगाए गए एक विवादित पोस्टर ने शुक्रवार देर रात गोरखपुर में राजनीतिक माहौल गरमा दिया। शहर के शास्त्री चौक पर बिना अनुमति लगाए गए इस पोस्टर की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और उसे हटवा दिया। मामले में पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे कुछ लोग शास्त्री चौक पर पहुंचे और बिना अनुमति विवादित पोस्टर लगा दिया। पोस्टर में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर सवाल उठाते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां और व्यंग्यात्मक चित्र प्रकाशित किए गए थे। पोस्टर पर “राम नाम अपना…” जैसे शब्दों के साथ चढ़ावे की रकम को लेकर सवाल किए गए थे। साथ ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद उपेंद्र दत्त शुक्ला का नाम भी अंकित था।
सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट चौकी पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। पोस्टर हटाने के दौरान पुलिस और मौजूद लोगों के बीच कहासुनी भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बाद में क्षेत्राधिकारी कोतवाली, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टर हटवा दिया गया। इसके साथ ही नगर निगम ने शहर में बिना अनुमति लगाए गए पोस्टरों और बैनरों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि देर रात चोरी-छिपे विवादित पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिली थी। तत्काल कार्रवाई करते हुए पोस्टर हटवा दिया गया है। पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर ली गई है और उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।

वैश्विक संकट में भारत की बढ़ती साख, अर्थव्यवस्था और बाजार का भविष्य क्या कहता है?

इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सफ़ल त्रि-राष्ट्र यात्रा तथा ईरान -अमेरिका संघर्ष के बीच भारत की आर्थिक रणनीति

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारतीय विदेश नीति,वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के दृष्टिकोण से 11 जुलाई 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा। एक ओर भारतीय प्रधानमंत्री की छह दिवसीय इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा 6 से 11 जुलाई 2026 छह दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई,जिसमें अनेक रणनीतिक समझौते,निवेश साझेदारियां, रक्षा सहयोग,क्रिटिकल मिनरल्स, मुक्त व्यापार और तकनीकी सहयोग से जुड़े एमओयू हुए।दूसरी ओर,पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य हमले तेज होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार,समुद्री व्यापार, निवेशकों की धारणा और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई।इन दोनों घटनाओं को यदि एक साथ देखा जाए तो स्पष्ट होता है कि विश्व अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां एक तरफ युद्ध से उत्पन्न जोखिम हैं तो दूसरी ओर भारत के लिए नए आर्थिक अवसर भी तेजी से उभर रहे हैं।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र वित्तीय दृष्टिकोण से बताना चाहूंगा कि भारतीय पीएम की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा केवल एक राजनयिक दौरा नहीं थी बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक नीति का महत्वपूर्ण विस्तार थी। इंडोनेशिया के साथ रक्षा उत्पादन,समुद्री सुरक्षा तथा लगभग 5,400 करोड़ रूपए के रक्षा सहयोग,ऑस्ट्रेलिया के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, लिथियम, दुर्लभ खनिज, शिक्षा,ऊर्जा तथा सेमीकंडक्टर सहयोग और न्यूजीलैंड के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते ने यह संकेत दिया कि भारत केवल व्यापार नहीं बढ़ाना चाहता बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।इससे भारत के विनिर्माण,निर्यात,रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक उद्योगों को सटीकता से नई गति मिलने की संभावना है। 

साथियों भारतीय शेयर बाजार के दृष्टिकोण से देखें तो इन समझौतों का सबसे अधिक लाभ रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर,खनन,नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट, जहाजरानी और निर्यात आधारित कंपनियों को मिलने की संभावना है। निवेशकों की सोच सामान्यतः भविष्य की संभावनाओं पर आधारित होती है।जब किसी देश के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक समझौते होते हैं,तब विदेशी निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है।यही कारण है कि ऐसे कूटनीतिक समझौते अक्सर बाजार को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करते हैं,भले ही अल्पकाल में वैश्विक घटनाओं के कारण सटीकता से उतार- चढ़ाव बना रहे। 

साथियों, न्यूजीलैंड के साथ रिकॉर्ड समय में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता,40 साल का सूखा खत्म! 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, समझौते हुए?- भारत -न्यूजीलैंड ने तैयार किया विजन 2030, भारतीय कृषि,डेयरी, फार्मास्यूटिकल्स,आईटी सेवाओं वस्त्र उद्योग,खाद्य प्रसंस्करण तथा इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यदि दोनों देशों के बीच व्यापार 2030 तक दोगुना होता है तो भारत के निर्यातकों, बंदरगाहों, कंटेनर लॉजिस्टिक्स बैंकिंग और बीमा क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। इससे भारतीय रुपये की स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 

साथियों,ऑस्ट्रेलिया के साथ क्रिटिकल मिनरल्स साझेदारी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य की अर्थव्यवस्था इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स,सौर ऊर्जा,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर उद्योग पर आधारित होगी। लिथियम, कोबाल्ट तथा अन्य दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति भारत को चीन पर निर्भरता कम करने का अवसर देती है। इससे मेक इन इंडिया,आत्मनिर्भर भारत और उच्च मूल्य विनिर्माण को नई गति मिलने की संभावना है।इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा समझौते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को मजबूत करते हैं। ब्रह्मोस जैसे रक्षा निर्यात भारतीय रक्षा उद्योग के लिए वैश्विक बाजार खोल सकते हैं। रक्षा निर्यात में वृद्धि का सीधा लाभ सार्वजनिक और निजी दोनों रक्षा कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और सहायक उद्योगों को मिलेगा। इससे रोजगार, उत्पादन और निर्यात आय में सटीकता से वृद्धि होगी। 

साथियों, इन सकारात्मक संकेतों के बीच पश्चिम एशिया से आने वाली खबरें वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच समझौता टूटने तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम से बचने की रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया है। जब भी विश्व में युद्ध या बड़े भू- राजनीतिक तनाव उत्पन्न होते हैं, तब निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे सोना, अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड की ओर रुख करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उभरते बाजारों से विदेशी निवेश का अस्थायी बहिर्वाह शुरू हो सकता है।भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है।यदि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बना रहता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची रह सकती हैं। इससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है तथा घरेलू महंगाई में वृद्धि की आशंका बनेगी। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक, प्लास्टिक, रसायन तथा परिवहन लागत बढ़ने से लगभग हर क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।भारतीय शेयर बाजार में ऐसे समय सबसे अधिक दबाव विमानन, ऑटोमोबाइल, पेंट, टायर, सीमेंट, रसायन और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्रों पर दिखाई देता है क्योंकि इनकी उत्पादन लागत ऊर्जा पर काफी निर्भर करती है। दूसरी ओर तेल एवं गैस उत्पादन,रक्षा, ऊर्जा अवसंरचना तथा कुछ कमोडिटी आधारित कंपनियों को अपेक्षाकृत लाभ मिल सकता है।यही कारण है कि युद्धकालीन परिस्थितियों में सेक्टर रोटेशन तेजी से देखने को मिलता है। 

साथियों, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में भी यही प्रवृत्ति दिखाई देती है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजार युद्ध संबंधी समाचारों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। यदि संघर्ष लंबा चलता है तो वैश्विक विकास दर प्रभावित हो सकती है, समुद्री मालभाड़ा बढ़ सकता है, बीमा लागत बढ़ सकती है और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव आ सकता है। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लाभ पर असर पड़ सकता है।हालांकि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पक्ष यह भी है कि विश्व की अनेक कंपनियां अब अपनी आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण करना चाहती हैं। चीन-प्लस-वन रणनीति, हिंद- प्रशांत साझेदारी और भारत के साथ बढ़ते व्यापारिक समझौते भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।यदि भारत समय पर अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स श्रम सुधार और उत्पादन क्षमता को मजबूत करता है तो वह युद्ध से उत्पन्न वैश्विक पुनर्संतुलन का वास्तव में बहुत बड़ा लाभ उठा सकता है। 

साथियों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की दृष्टि से भारत आज भी सबसे आकर्षक उभरती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जा रहा है।मजबूत घरेलू मांग,डिजिटलअर्थव्यवस्था युवा कार्यबल, तेज बुनियादी ढांचा विकास, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं और स्थिर वित्तीय प्रणाली भारत को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश गंतव्य बनाती हैं। यही कारण है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक निवेशकों का विश्वास बना रह सकता है।भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती महंगाई नियंत्रण और विकास दर के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो मौद्रिक नीति, राजकोषीय प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ेगी। साथ ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू गैस उत्पादन का महत्व और बढ़ जाएगा। 

साथियों, विश्व अर्थव्यवस्था के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो वर्तमान समय दो विपरीत धाराओं का संगम है। पहली धारा युद्ध, ऊर्जा संकट,महंगाई और अनिश्चितता की है।दूसरी धारा तकनीकी निवेश,हरित ऊर्जा,डिजिटल परिवर्तन,रक्षा आधुनिकीकरण और नए व्यापारिक गठबंधनों की है। भारत की त्रि-राष्ट्र यात्रा दूसरी धारा का प्रतिनिधित्व करती है,जबकि ईरान-अमेरिका संघर्षपहली धारा का। आने वाले वर्षों में जो देश इन दोनों चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित कर पाएंगे, वही वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की दौड़ में आगे रहेंगे। 

साथियों, भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह आज केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार, रक्षा सहयोगी,तकनीकी भागीदार और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भूमिका, मुक्त व्यापार समझौते,रक्षा निर्यात, क्रिटिकल मिनरल्स साझेदारी और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की क्षमता भारत को आने वाले दशक में विश्व अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में सटीकता से स्थापित कर सकती है।

साथियों,11 जुलाई 2026 शाम हुई भारतीय पीएम के त्रि-राष्ट्रीय छह दिवसीय दौरे में भारत- न्यूजीलैंड का विजन 2030 दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत जैसा है, जिसका भारतीय अर्थव्यवस्था व शेयर बाजारों मैं दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है।40 साल बाद हुई इस पहल से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करीब 40 साल बाद न्यूजीलैंड के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच हुई अहम बातचीत ने व्यापारिक रिश्तों के लिए नए रास्ता खोल दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर ‘विजन 2030’ का रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है. दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए.भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई थी. अब दोनों देशों ने इस अंतर को कम करने के लिए विजन 2030 तैयार किया है. ट्रेड डील लागू होने के बाद पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात को भारत में बिना टैरिफ के एंट्री मिलेगी. इससे न्यूजीलैंड के कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी के सामान को भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, भारत को भी न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि भारतीय पीएम की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा भारत की आर्थिक कूटनीति को नई ऊंचाई देने वाली सिद्ध हो सकती है,जबकि ईरान- अमेरिका संघर्ष विश्व अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर जोखिम प्रस्तुत करता है। अल्पकाल में शेयर बाजारों में अस्थिरता,महंगाई और ऊर्जा लागत का दबाव बना रह सकता है,किंतु यदि भारत अपने सुधारों,व्यापारिक साझेदारियों, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश वातावरण को मजबूत बनाए रखता है, तो वह इस वैश्विक संकट को भी अवसर में बदल सकता है।यही कारण है कि आज भारत के सामने चुनौती जितनी बड़ी है, संभावना उससे कहीं अधिक व्यापक है। आने वाले वर्षों में भारतीय शेयर बाजार, भारतीय उद्योग और भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य केवल घरेलू नीतियों पर नहीं बल्कि भारत की सक्रिय वैश्विक कूटनीति, रणनीतिक साझेदारियों और बदलते विश्व आर्थिक संतुलन को अवसर में बदलने की क्षमता पर भी निर्भर करेगा।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट

थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शनिवार को थाना समाधान दिवस के दौरान कोतवाली खलीलाबाद पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में आपसी समन्वय बनाए रखें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिकायत पंजिका का अवलोकन किया तथा पहले से निस्तारित मामलों की स्थिति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त कर समाधान की गुणवत्ता का आकलन किया।
कार्यक्रम में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

कड़ी सुरक्षा के बीच निकला सातवीं का गोल, जय महावीर के जयघोष से गूंजा सिकंदरपुर

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

महावीरी झंडोत्सव के तहत शुक्रवार की रात सिकंदरपुर नगर में भरत अखाड़ा (मद्दन के पोखरा, पूरा पर) की ओर से पारंपरिक सातवीं का गोल (जुलूस) श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ निकाला गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकले इस धार्मिक जुलूस में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लाठी-डंडों से सुसज्जित अखाड़े के युवाओं के साथ किशोर, बच्चे और अधेड़ भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर गूंजते “जय महावीर” के उद्घोष से नगर का वातावरण देर रात तक भक्तिमय बना रहा।अखाड़ा अध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में रात करीब 10 बजे मद्दन के मैदान से जुलूस प्रारंभ हुआ। यह पूरा पर, चिरैया टोल, दरगाह शाह वली कादरी, दाहा मैदान सहित विभिन्न निर्धारित मार्गों से होते हुए मध्यरात्रि में डोमनपुरा स्थित ठाकुर जी मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों के सदस्यों ने भी सहभागिता निभाई, जिससे धार्मिक उत्साह और भी बढ़ गया। महावीरी झंडोत्सव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस मार्ग पर सभी संवेदनशील और आवश्यक स्थानों को पुलिस छावनी का रूप दिया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग में पड़ने वाले सभी इमाम चौकों की जाली और बैरिकेडिंग कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। जगह-जगह पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही, जबकि वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय जुलूस के साथ चलकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। जुलूस के मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पुरुष, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग देर रात तक खड़े होकर धार्मिक आयोजन का साक्षी बने। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने में महावीरी झंडोत्सव समिति के अध्यक्ष राकेश सिंह तथा समिति के सदस्य राकेश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्वयंसेवक लगातार जुलूस को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान करने में जुटे रहे। जुलूस में प्रमुख रूप से संजय जायसवाल, भीष्म यादव, दिनेश चौधरी, गणेश सोनी, विजय जायसवाल, कौशल श्रीवास्तव, जितेंद्र सोनी, प्रयाग चौहान, अभिषेक सोनी, लालबचन शर्मा, जितेश सोनी एडवोकेट, मोनू वर्मा, डॉ. आशुतोष गुप्त, मोहन अंसारी, डॉ. रविंद्र वर्मा, भैरव वर्मा, फैजी अंसारी, नीरज चौहान, अनिल कुमार विद्यार्थी, राहुल यादव, इरशाद अहमद सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सतर्कता के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन महावीरी झंडोत्सव की परंपरा का भव्य उदाहरण बन गया।

कटहल नाला, मेडिकल बाईपास और बाढ़ शरणालय का डीएम ने किया औचक निरीक्

लापरवाही पर फटकार, विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शनिवार को शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परमानंदापुर स्थित कटहल नाला, मेडिकल बाईपास, माल्देपुर क्षेत्र तथा महावीर घाट पर निर्माणाधीन बाढ़ शरणालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी चेतावनी दी और समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। परमानंदापुर स्थित कटहल नाला निर्माण स्थल पर जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को फटकार लगाते हुए गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और निर्माण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मेडिकल बाईपास का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क की मार्किंग का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए तथा माल्देपुर से सड़क चौड़ीकरण का चिन्हांकन शुरू किया जाए। उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने, मिट्टी की कटाई और नाली निर्माण का कार्य तत्काल प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान माल्देपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के बीच उगी घास, झाड़ियों और सड़क किनारे फैली गंदगी देखकर जिलाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल साफ-सफाई अभियान चलाकर राजमार्ग को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी महावीर घाट स्थित निर्माणाधीन बाढ़ शरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने भवन की ऊंचाई, निर्माण में प्रयुक्त सरिया की गुणवत्ता तथा अन्य तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने बाउंड्रीवाल का निर्माण शीघ्र पूरा कराने, आवश्यक स्थानों पर पिलर लगाने और पूरी परियोजना को निर्धारित मानकों के अनुरूप मजबूती के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अभिनेंद्र सिंह, एडीएम अनिल कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, आपदा विभाग से पियूष सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सावन से पहले डीएम-एसपी ने बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक

व्यवस्थाओं का लिया जायजा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शनिवार को थाना समाधान दिवस में शामिल होने से पूर्व रुद्रपुर स्थित बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर जनपद की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने आगामी सावन माह को देखते हुए मंदिर परिसर का निरीक्षण कर महंत से श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सावन में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी रुद्रपुर को पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सुचारु यातायात व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

मंदिरों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए ‘सनातन बोर्ड’ गठन की मांग

,

समाजसेवियों ने उठाई आवाज

जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। समाजसेवी सनी कपाही, टीम “मे आई हेल्प यू” के अध्यक्ष पवन शर्मा तथा साथी क्लब की समाजसेवी मोनिका शर्मा ने प्रदेश भूमि चैनल के माध्यम से देशभर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों में कथित चोरी, भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से एक सशक्त “सनातन बोर्ड” के गठन की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का संचालन, संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान का प्रबंधन प्रतिष्ठित संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और साधु-संतों के मार्गदर्शन में होना चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत हो।
समाजसेवियों ने “श्री माता वैष्णो देवी” श्राइन बोर्ड में कथित नकली चांदी प्रकरण, अयोध्या के श्री राम मंदिर में चोरी तथा हरिद्वार स्थित माता मनसा देवी मंदिर में चोरी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए इन मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा से भी संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
समाजसेवियों ने वर्तमान अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हुई असुविधाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि भगवती बेस कैंप में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। उन्होंने कानपुर निवासी श्रद्धालु अमित की सांप के काटने से हुई मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से यात्रा के दौरान आवास, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान का उपयोग धर्मार्थ कार्यों, गौसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा समाज कल्याण के कार्यों में पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि कहीं भी वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
समाजसेवियों ने केंद्र सरकार से देशभर के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन के लिए शीघ्र “सनातन बोर्ड” गठित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि बोर्ड में संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, अखाड़ों के प्रतिनिधियों और योग्य विशेषज्ञों को प्रमुख भूमिका दी जानी चाहिए।
अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि भगवान सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होते हैं, न कि धन-दौलत से। साथ ही धार्मिक संस्थानों में नियमित ऑडिट, जवाबदेही और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा मंदिरों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की मांग की।

बीबीएयू में 14 जुलाई से शुरू होगी स्नातक प्रवेश प्रक्रिया, 27 पाठ्यक्रमों की 1528 सीटों पर होगा प्रवेश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 14 जुलाई से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। प्रवेश प्रक्रिया कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) की मेरिट के आधार पर समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रवेश विवरणिका के अनुसार इस वर्ष 27 स्नातक पाठ्यक्रमों की कुल 1528 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें लखनऊ परिसर के 20 पाठ्यक्रमों में 958 तथा अमेठी सैटेलाइट परिसर के सात पाठ्यक्रमों में 570 सीटें शामिल हैं। प्रवेश विवरणिका में पात्रता, सीटों की संख्या, शुल्क, आरक्षण, आवश्यक दस्तावेज और प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया गया है।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने बताया कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण के कारण देश के अग्रणी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। विश्वविद्यालय को एनएएसी से ए++ ग्रेड प्राप्त है तथा एनआईआरएफ रैंकिंग में विश्वविद्यालय श्रेणी में 37वां स्थान मिला है। विषयवार रैंकिंग में विधि 12वें, फार्मेसी 23वें, हॉर्टिकल्चर 21वें तथा प्रबंधन 79वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए भी तैयार करना है।
प्रवेश समिति के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों को बीए (ऑनर्स) पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, बीकॉम (ऑनर्स), बीबीए (ऑनर्स), बीबीए एलएलबी (ऑनर्स), बीएससी, बीटेक सहित विभिन्न रोजगारोन्मुखी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन का अवसर मिलेगा। आवेदन एवं पंजीकरण शुल्क से संबंधित विस्तृत अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी।
विश्वविद्यालय की प्रमुख विशेषताओं में आईएसओ 14001:2015 प्रमाणित ग्रीन कैंपस, समृद्ध जैव विविधता, पंचकोश आधारित शिक्षण प्रणाली, हॉबी क्लब, “उम्मीद” होलिस्टिक वेलबीइंग पहल, उद्योग-अकादमिक सहयोग, समावेशी शिक्षण वातावरण तथा आधुनिक अधोसंरचना शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित अवलोकन करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

डीएम ने उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की, तीन दिन में समितियों तक खाद पहुंचाने के निर्देश

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उर्वरक समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 19,067 मीट्रिक टन यूरिया, 5,174 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2,952 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है। इनमें से रिटेल बिक्री केंद्रों पर 13,390 मीट्रिक टन यूरिया, 1,652 मीट्रिक टन डीएपी और 706 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ बिक्री केंद्रों ने आवंटन के अनुरूप अभी तक डीएपी और एनपीके की मांग एवं आरटीजीएस नहीं किया है। इसे देखते हुए जिला उर्वरक समिति ने 485 मीट्रिक टन डीएपी और 349 मीट्रिक टन एनपीके का पुनः आवंटन किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवंटित उर्वरक तीन दिनों के भीतर रेक प्वाइंट से संबंधित समितियों तक सीधे पहुंचाया जाए। यदि कोई बिक्री केंद्र या समिति निर्धारित समय में उर्वरक का उठान नहीं करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि पीसीएफ भंडार में लगभग 7,000 मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनपीके सुरक्षित रखा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है तथा किसानों को आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदने से पहले फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं तथा आवश्यकता होने पर उसे अपडेट भी करें, क्योंकि उर्वरक खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है।
बैठक में उप निदेशक कृषि डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, एआर कॉपरेटिव आनंद कुमार, जिला प्रबंधक पीसीएफ अखिलेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात शोधार्थियों ने हासिल किया ICHR का प्रतिष्ठित शोध अनुदान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के सात शोधार्थियों ने भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) के प्रतिष्ठित शोध अनुदान के लिए चयनित होकर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। यह अनुदान लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की दो चरणों वाली चयन प्रक्रिया के बाद प्रदान किया जाता है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धा और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ जाती हैं।
इस वर्ष मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पांच शोधार्थी शुभांगी मिश्रा, पूजा श्रीवास्तव, सत्या निषाद, कुमारी संजू और अनन्या त्रिपाठी चयनित हुए हैं। वहीं प्राचीन इतिहास विभाग की दो शोधार्थी मनीषा कुमारी और रोशनी वर्मा ने भी सफलता प्राप्त की है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पांच शोधार्थियों का इस प्रतिष्ठित अनुदान के लिए चयन हुआ था।
मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार तिवारी तथा प्राचीन इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने सभी चयनित शोधार्थियों को बधाई देते हुए इसे विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विभाग में विकसित सकारात्मक अकादमिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य का परिणाम है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी सफल शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये शोधार्थी इतिहास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा करेंगे।

भाजपा जिला कोषाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सौंपा 5 बिन्दुओं पर मांग पत्

बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद बस्ती के विधानसभा क्षेत्र हर्रैया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर बस्ती भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राधेश्याम कमलापुरी ने आदर्श नगर पंचायत बभनान बाजार को विकास की गति देने के संबंध में मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। कमलापुरी ने कहा कि मांग पत्र में जनपद बस्ती एवं गोंडा की सीमा पर स्थित आदर्श नगर पंचायत बभनान बाजार क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं जनसंख्या वाला केंद्र है। क्षेत्रीय जनता के समग्र विकास हेतु मांगों को लेकर 5 बिंदुओं पर मांग पत्र सौंपा गया है। जिससे बभनान बाजार को तहसील का दर्जा प्रदान किया जाए, बभनान बाजार में 50 बेड क्षमता का राजकीय अस्पताल निर्मित कराया जाए, आदर्श नगर पंचायत बभनान बाजार को नगर पालिका का दर्जा दिया जाए इसमें गोण्डा जनपद की ग्राम सभा जमुनहा बभनान, करनपुर, बभनी खास तथा बस्ती जनपद की ग्राम सभा पैकोलिया, सरनागी, महुआडाबर, गढ़ा दलथम्हन आदि को सम्मिलित किया जाए, जिससे क्षेत्र का संतुलित विकास संभव हो सके, आदर्श नगर पंचायत बभनान बाजार में रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कराया जाए, आदर्श नगर पंचायत बभनान बाजार में कोतवाली स्थापित किए जाने की मांग किया गया है।

नवीन आयकर अधिनियम-2025 की जानकारी देने को जागरूकता संगोष्ठी आयोजित, 15 से 31 जुलाई तक लगेगा शिकायत निवारण शिविर

बलिया(राष्ट्र क़ी परम्परा )

आयकर विभाग, बलिया द्वारा वित्त मंत्रालय की’प्रारम्भ-2026′ पहल के अंतर्गत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में नवीन आयकर अधिनियम-2025 एवं आयकर नियम-2026 पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य करदाताओं, सरकारी अधिकारियों, कर सलाहकारों तथा अन्य हितधारकों को नए प्रावधानों की जानकारी देना और स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना रहा। संगोष्ठी में विशेष रूप से स्रोत पर कर कटौती (TDS) से संबंधित नियमों एवं उनके व्यावहारिक अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम का आयोजन मुख्य आयकर आयुक्त, प्रयागराज मीनाक्षी सिंह तथा प्रधान आयकर आयुक्त, प्रयागराज मानस मेहरोत्रा के मार्गदर्शन में किया गया। मुख्य अतिथि संयुक्त आयकर आयुक्त, परिक्षेत्र-1 वाराणसी श्रीमती अमनदीप कौर ने अपने संबोधन में कहा कि नवीन आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों का गहन अध्ययन कर उनका समयबद्ध एवं सही अनुपालन करना प्रत्येक करदाता और विभागीय हितधारक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पारदर्शी कर व्यवस्था को मजबूत बनाने में सभी से सक्रिय सहयोग की अपील की। आयकर अधिकारी, बलिया प्रवीन गिरी ने नवीन आयकर अधिनियम-2025 एवं आयकर नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से टीडीएस से जुड़े नियमों, कर कटौती की प्रक्रिया तथा व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाते हुए प्रतिभागियों से अपने कर संबंधी दायित्वों का ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन आयकर निरीक्षक अनमोल पाठक ने किया। संगोष्ठी में आयकर अधिकारी वाराणसी धनंजय तिवारी, आयकर अधिकारी गाजीपुर विपिन सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे, सीओ सीटी सतीश कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDOs), चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स बार के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में करदाता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान आयकर विभाग के अधिकारियों किशन प्रकाश, आकाश यादव, उपेंद्र तिवारी, शिवम, नीरज तथा अरुण ने किया। अंत में आयकर विभाग ने नवीन आयकर अधिनियम-2025 एवं आयकर नियम-2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देने में सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की। आयकर अधिकारी प्रवीन गिरी ने बताया कि 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक आयकर कार्यालय, बलिया में शिकायत निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां करदाता अपनी आयकर संबंधी शिकायतों का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

जंगल नाहरछपरा में विधिक जागरूकता शिविर, श्रमिकों और महिलाओं को योजनाओं की दी जानकारी

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जंगल नाहरछपरा के बड़ा सेमरहना काली स्थान पर गुरुवार को श्रमिक सुविधा केंद्र, एक्शनएड एसोसिएशन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और महिला कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सामाजिक सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों और महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।

शिविर में रामबृक्ष गिरि ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों तथा श्रमिक सुविधा केंद्र की सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी पंकज खरवार ने प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता और सेवाओं के बारे में बताया।

सुधीर यादव ने जनसंख्या नियंत्रण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी। महिला कल्याण विभाग के नलिन सिंह ने महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। वहीं एक्शनएड एसोसिएशन के दिनेश प्रसाद ने श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। राजू प्रसाद ने नशा मुक्ति और श्रमिकों को अपने अधिकारों एवं समस्याओं के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

शिविर में रविंदर प्रसाद, कमली, रम्भा, किरण, पन्नेलाल, छोटाई, सिकंदर, गुंजा, तूफानी प्रसाद, कुसुम, रामनरेश प्रसाद, सत्तन प्रसाद, प्रीति सिंह, रामअशीष कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक उपस्थित रहे।