Tuesday, April 28, 2026
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80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों को ललकारने वाले वीर कुंवर सिंह को बलिया में भावभीनी श्रद्धांजलि


बलिया (राष्ट्र की परंपरा) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर जनपद भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में स्थानीय पंडित दीनदयाल चबूतरा पर एक भव्य सभा का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता व समाजसेवी अनूप सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वाभिमान, साहस और वीरता के अद्वितीय प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि देशभक्ति के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है।
सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह ने न केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी रणनीति और नेतृत्व क्षमता से कई मोर्चों पर अंग्रेजों को पराजित किया। उनका साहस और नेतृत्व भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
इस अवसर पर संजय राय, सोनू सिंह, संजय चौबे, अमित सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य नागरिक, युवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वीर कुंवर सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

आरसेटी देवरिया में जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर बैच का स्टेट डायरेक्टर ने किया उद्घाटन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) देवरिया में सोमवार को जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर बैच का शुभारंभ किया गया। इस बैच का उद्घाटन मुख्य अतिथि स्टेट डायरेक्टर दया शंकर मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि दया शंकर मिश्र मिश्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना, उनकी आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं तलाश सकते हैं।
इस बैच में जनपद देवरिया के 16 विकास खंडों से कुल 30 प्रशिक्षु शामिल हुए हैं।
संस्थान के निदेशक विशाल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सोमनाथ मिश्रा, संकाय विनय शंकर मणि त्रिपाठी, कार्यालय सहायक अभिषेक तिवारी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहें।

चुनावी रंजिश में जान से मारने की धमकी, युवक ने प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत कनईचा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने उच्च अधिकारियों से अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनईचा गांव निवासी संदीप कुमार राय उर्फ सुदर्शन राय ने आरोप लगाया है कि 25 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 9:24 बजे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक राय ने मोबाइल फोन के जरिए उन्हें और उनके नाबालिग बेटे को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि “एफआईआर करके क्या कर लोगे…” और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

पीड़ित का कहना है कि इस घटना के बाद से उनका परिवार दहशत में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है और वह एक दोहरे हत्या मामले में सजा काट चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर है, जिससे धमकी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

संदीप राय ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस संरक्षण की भी मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सड़क हादसे मे युवती की मौत

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

महरो गांव में दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई। महरो गांव निवासी पूजा सिंह, पुत्री शिवजी सिंह, अपने भाई दीपक सिंह के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। बताया जा रहा है कि वह गोरखपुर से कृषक एक्सप्रेस द्वारा बेल्थरारोड स्टेशन पहुंचीं थीं, जहां से टेम्पो के माध्यम से नवांनगर तक आईं। इसके बाद अपने भाई के साथ बाइक से अपने गांव महरो जा रही थीं।इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पूजा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। बाइक पर चालक के साथ एक पांच साल का बच्चा भी था, चालक व छोटा बच्चा सुरखित हैं! हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत सहायता के लिए दौड़े। पूजा सिंह के दो भाई हैं जो भारतीय सेना मे कार्यरत हैं, दोनों भाइयो मे सबसे छोटी थी!ग्रामीणों की मदद से घायल युवती को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। घटना 10.30बजे हुई हैं! वह 29अप्रैल को एक तिलक समारोह मे शामिल होने आ रही थी! घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कुम्हारों को मुफ्त विद्युत चाक मशीन 27 मई तक करें आवेदन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की समन्वित विकास कार्यक्रम योजना के तहत मिट्टी के बर्तन, खिलौने एवं मूर्तियां बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले कुम्हारों और पारंपरिक कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद को 45 विद्युत चालित चाक मशीनों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना के लिए लाभार्थी की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा प्रत्येक परिवार से केवल एक व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है। जिन परिवारों को पूर्व में किसी सरकारी योजना के तहत चाक का लाभ मिल चुका है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
इसके अतिरिक्त जनपद को 2 पगमिल मशीनों का भी लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत वित्तपोषित हो चुके हैं।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि दोनों योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की वेबसाइट upmatikalaboard.in पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, जिला पंचायत भवन (प्रथम तल), देवरिया से संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 27 मई 2026 निर्धारित है। आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।

टैक्ट्रर-ट्रॉली से टकराकर स्कॉर्पियो सवार 3 दोस्तों की मौत

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जिले के गोला थाना क्षेत्र में बेकाबू स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी गेहूं लदी ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। हादसा गोला थाना क्षेत्र में रामजानकी मार्ग पर रविवार रात करीब 11.30 बजे का बताया जा रहा है। स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकराई। कार का अगला हिस्सा ट्रॉली में घुस गया। हादसे में स्कॉर्पियो का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही तीनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया।
आगे बैठे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पीछे बैठे घायल युवक ने एम्स गोरखपुर ले जाते समय दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि ट्रॉली पर सरकारी अनाज लदा था। टक्कर के बाद बोरे सड़क पर बिखर गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस को क्षतिग्रस्त वाहन से शवों को निकालने के लिए जेसीबी बुलानी पड़ी। तीनों मृतक रविवार शाम को एक साथ घर से घूमने निकले थे। बताया जा रहा है तीनों दूर के रिश्तेदार थे। पुलिस ने वाहनों को कब्जे में लेकर बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामला गोला थाना क्षेत्र के रामजानकी महामार्ग पर भर्रोह का है।
गोला क्षेत्र के कोहड़ी बुजुर्ग गांव के रहने वाले कुणाल यादव (20) पुत्र देवेंद्र यादव, अमन उर्फ अजय यादव (21) पुत्र रविन्द्र यादव और अंकुर उर्फ प्रसून यादव (22) पुत्र दिनेश यादव रविवार शाम 6 बजे स्कॉर्पियो से घूमने एक साथ निकले थे। देर रात बड़हलगंज से गोला की तरफ लौटते समय स्कॉर्पियो अनियंत्रित हो गई। कार भर्रोह में गोला की ओर सड़क मार्ग पर खड़ी ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा ट्रॉली में जा घुसा और उसके परखच्चे उड़ गए।
हादसे में तीन युवकों की जान चली गई। पुलिस ने बताया कि दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि एक की एम्स
गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
घटना की
तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को खुलवाया तो चालक सीट पर बैठे कुणाल यादव और बगल की सीट पर बैठे अमन उर्फ अजय यादव की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
पीछे बैठे अंकुर उर्फ प्रसून यादव गंभीर रूप से घायल थे। उन्हें तत्काल बड़हलगंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर एम्स गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
एम्स पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

तीनों मृतक गोला थाना क्षेत्र के कोहड़ी बुजुर्ग गांव के निवासी थे। वे रविवार शाम करीब 6 बजे एक साथ घर से निकले थे। पुलिस ने कुणाल और अमन के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है, जबकि अंकुर का पोस्टमार्टम एम्स में कराया जाएगा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है।
वाहनों को हटाने के लिए जेसीबी बुलानी पड़ी
मृतक कुणाल यादव इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था। वह दो भाइयों में बड़ा था और उसके पिता वाहन चालक हैं। अमन उर्फ अजय तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था, जिसके पिता खेती-किसानी करते हैं।
अंकुर उर्फ प्रसून दो भाइयों में छोटा था और उसके पिता भी कृषि कार्य करते हैं। तीनों परिवारों की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर गांव में शोक का माहौल है।
बताया गया है कि ट्रॉली पर सरकारी गेहूं लदा था। टक्कर के बाद गेहूं के बोरे सड़क पर बिखर गए। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए पुलिस को जेसीबी बुलानी पड़ी।

बारात में विवाद के बाद हिंसा, युवक की मौत से गांव में तना

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर नगर के धनघटा थाना क्षेत्र के गायघाट पूर्वी गांव में रविवार रात बारात के दौरान हुए विवाद में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के अनुसार, परछावन की रस्म के दौरान डीजे पर नाच रहे युवकों के बीच कुछ लोगों द्वारा लड़कियों पर पत्थर फेंकने की घटना से विवाद शुरू हुआ। विरोध करने पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला होने लगा।
इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए, जिनमें अनिल कपूर की हालत गंभीर हो गई। उन्हें इलाज के लिए पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर गोरखपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और भीड़ ने आरोपित जोगिंदर के घर पर पथराव कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर विरोध हुआ, जिसके चलते अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बाद में स्थिति को काबू में किया गया।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस और पीएसी तैनात है।

ऑपरेशन ‘दहन’ का बड़ा वार –करोड़ों के नशे पर चला बुल्डोजर, पुलिस का सख्त संदेश

महराजगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 96.301 किलो मादक पदार्थ भस्म, 2.36 करोड़ का जखीरा नष्ट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से महराजगंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘दहन’ के तहत एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया गया, जिसके तहत विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से संबंधित भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों को विधिवत भस्म (निस्तारण) किया गया।
इस विशेष कार्रवाई के अंतर्गत थाना सिंदुरिया, ठूठीबारी, कोल्हुई एवं नौतनवां से जुड़े कुल 13 अभियोगों में न्यायालय के आदेशानुसार जब्त किए गए 96.301 किलोग्राम मादक पदार्थ — जिनमें चरस, गांजा और हेरोइन शामिल हैं — को नष्ट किया गया। इन मादक पदार्थों की अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 2 करोड़ 36 लाख 39 हजार 50 रुपये आंकी गई है, जो इस कार्रवाई की गंभीरता और जनपद में फैले नशे के नेटवर्क के पैमाने को दर्शाती है।
नशीले पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए यह कार्रवाई नौतनवां स्थित मैसर्स ए.वी. बायोमेडिकल वेस्ट सर्विसेज में कराई गई। यहां उच्च क्षमता वाले अत्याधुनिक इंसीनरेटर के माध्यम से मादक पदार्थों को पूरी तरह भस्मीभूत किया गया। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया, जिससे किसी प्रकार का हानिकारक प्रभाव वातावरण पर न पड़े।
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाए रखने के लिए क्षेत्राधिकारी फरेंदा की उपस्थिति में एक अधिकृत समिति गठित की गई थी, जिसकी निगरानी में निस्तारण की कार्यवाही संपन्न हुई। समिति द्वारा प्रत्येक चरण का निरीक्षण किया गया और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन ‘दहन’ केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ चलाया जा रहा व्यापक जन-जागरूकता और दमनात्मक अभियान है। इसके माध्यम से पुलिस यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, तस्करी और बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई से जहां एक ओर करोड़ों रुपये के नशे के कारोबार पर करारा प्रहार हुआ है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों में भय का माहौल भी व्याप्त हुआ है। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आगे भी इस तरह की कठोर और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सिकन्दरपुर में खराब पड़े RO वॉटर कूलर बने शोपीस, भीषण गर्मी में जनता परेशान

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकन्दरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल की गंभीर समस्या सामने आ रही है। नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए RO वॉटर कूलर लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते ये जलस्रोत केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिकन्दरपुर परिसर में लगा RO वॉटर कूलर खराब है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। वहीं, प्रसिद्ध जल्पा मन्दिर परिसर में भी RO वॉटर कूलर के साथ-साथ जल प्याऊ भी बंद पड़ा है, जिससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।इसके अलावा, बस स्टेशन चौराहे पर स्थित चौधरी चरण सिंह पुस्तकालय के नीचे लगा RO वॉटर कूलर भी लंबे समय से खराब है। यह स्थान नगर का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। बावजूद इसके, पेयजल की सुविधा ठप है। इसी क्रम में सपना बाग नर्सरी के पास लगा वॉटर कूलर भी काम नहीं कर रहा है, जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा लगाए गए ये वॉटर कूलर जनता की सुविधा के लिए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये बेकार हो चुके हैं। भीषण गर्मी में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहद आवश्यक है।नगरवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द इन खराब पड़े RO वॉटर कूलरों को ठीक कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्त्री को देह से आगे देखने की आवश्यकता

समाज की प्रगति केवल इमारतों, तकनीक और आर्थिक विकास से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि वह अपने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, को किस दृष्टि से देखता है। यदि किसी समाज में स्त्री को केवल उसके रूप, देह या पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित कर दिया जाए, तो वह समाज आधा सच देख रहा होता है। प्रस्तुत रचना इसी अधूरे और संकीर्ण दृष्टिकोण पर करारा प्रहार करती है। कवि यह प्रश्न उठाता है कि क्यों स्त्रियों की उपलब्धियों, उनके ज्ञान, श्रम, संघर्ष और आत्मबल को उतनी प्रमुखता नहीं मिलती, जितनी उनके बाहरी स्वरूप को मिलती है। यह प्रश्न केवल साहित्यिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से जुड़ा हुआ प्रश्न है।

आज जब दुनिया विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और नेतृत्व के नए आयाम छू रही है, तब महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं। अंतरिक्ष में जाने वाली महिलाएँ केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा बनती हैं। वे यह संदेश देती हैं कि आकाश भी सीमा नहीं है। भारत सहित विश्व के अनेक देशों में महिला वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष यात्रियों और शोधकर्ताओं ने ऐसे कार्य किए हैं, जिनसे आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। लेकिन दुखद सत्य यह है कि उनकी उपलब्धियों की चर्चा अक्सर सीमित दायरों में रह जाती है, जबकि उनके व्यक्तित्व की सतही बातों को अधिक महत्व दिया जाता है।

कवि ने “मैथमेटिक्स पढ़ाती महिलाओं” का उल्लेख करके एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है। गणित जैसे विषय को लंबे समय तक पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता रहा। विज्ञान और गणित में महिलाओं की भागीदारी को कम आँका गया, जबकि इतिहास में अनेक महिलाओं ने गणित, भौतिकी, खगोलशास्त्र और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अद्भुत योगदान दिया है। आज भी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हजारों महिला शिक्षिकाएँ नई पीढ़ी को ज्ञान दे रही हैं। वे केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ातीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और तर्कशीलता का संस्कार भी देती हैं। फिर भी समाज अक्सर उनके योगदान को सामान्य मानकर अनदेखा कर देता है।

इसी प्रकार “परिवार को पालती औरतों” का जिक्र इस रचना का अत्यंत संवेदनशील पक्ष है। घर चलाना, बच्चों का पालन-पोषण करना, बुजुर्गों की सेवा करना, आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी निभाना—ये सब ऐसे कार्य हैं, जिन्हें समाज लंबे समय तक स्वाभाविक मानता रहा और इन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। घर संभालने वाली महिला का श्रम अक्सर अदृश्य माना जाता है। यदि वही श्रम किसी संस्था या नौकरी के रूप में किया जाए, तो उसका मूल्य तय होता है; पर घर के भीतर किए गए श्रम को प्रेम और कर्तव्य कहकर सामान्य बना दिया जाता है। यह सोच बदलने की आवश्यकता है। परिवार की नींव को मजबूत रखने में महिलाओं की भूमिका केंद्रीय होती है, और इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार करना समय की मांग है।

रचना की सबसे प्रभावशाली बात यह है कि यह केवल शिकायत नहीं करती, बल्कि समाज को आईना दिखाती है। अंतिम पंक्ति—जो लोग स्त्री को केवल शरीर तक देखते हैं, वे अभागे हैं—बहुत गहरा अर्थ रखती है। यहाँ “अभागे” शब्द केवल आलोचना नहीं, बल्कि दया का भाव भी व्यक्त करता है। ऐसे लोग स्त्री के वास्तविक स्वरूप को समझने की क्षमता से वंचित हैं। वे उसकी संवेदना, बुद्धिमत्ता, सृजनशीलता, संघर्षशीलता और नेतृत्व क्षमता को नहीं देख पाते। वास्तव में वे स्त्री का नहीं, अपनी सोच का नुकसान करते हैं।

आज सोशल मीडिया और विज्ञापन की दुनिया में स्त्री की छवि को लेकर अनेक चुनौतियाँ मौजूद हैं। अक्सर महिलाओं को आकर्षण की वस्तु बनाकर प्रस्तुत किया जाता है। उनकी योग्यता से अधिक उनके पहनावे, रूप-रंग और निजी जीवन पर चर्चा होती है। सार्वजनिक जीवन में सफल महिलाओं को भी कई बार उनकी उपलब्धियों से अधिक उनके बाहरी व्यक्तित्व के आधार पर आँका जाता है। यह प्रवृत्ति केवल मनोरंजन जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति, खेल, शिक्षा और कॉर्पोरेट जगत में भी दिखाई देती है। यह मानसिकता बदलने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

शिक्षा इस बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि बचपन से लड़कों और लड़कियों दोनों को समानता, सम्मान और संवेदनशीलता का संस्कार दिया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ अधिक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकती हैं। स्कूलों में ऐसी कहानियाँ, उदाहरण और पाठ होने चाहिए जो महिलाओं की उपलब्धियों को सामने लाएँ। बच्चों को यह बताया जाना चाहिए कि स्त्री केवल एक संबंध नहीं, बल्कि स्वतंत्र व्यक्तित्व है। उसकी पहचान उसके सपनों, परिश्रम और उपलब्धियों से बनती है।

मीडिया की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाचार, फिल्में, धारावाहिक और डिजिटल मंच समाज की सोच को प्रभावित करते हैं। यदि मीडिया महिलाओं को केवल परंपरागत भूमिकाओं या बाहरी आकर्षण तक सीमित दिखाएगा, तो समाज भी उसी दृष्टि को अपनाएगा। इसके विपरीत यदि महिला वैज्ञानिकों, शिक्षिकाओं, उद्यमियों, किसानों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की कहानियों को प्रमुखता दी जाए, तो समाज की चेतना सकारात्मक दिशा में बढ़ेगी। आज आवश्यकता है कि प्रेरक महिला चरित्रों को अधिक स्थान मिले।

कार्यस्थलों पर भी महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव जरूरी है। महिला कर्मचारी या अधिकारी को उसकी क्षमता, नेतृत्व और कार्यकुशलता के आधार पर सम्मान मिलना चाहिए, न कि उसके लिंग के आधार पर पूर्वाग्रहों से देखा जाए। समान वेतन, सुरक्षित वातावरण और अवसरों की समानता केवल नीतिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के मूल तत्व हैं। जब महिलाएँ बिना भेदभाव के काम कर पाएँगी, तभी समाज अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँच सकेगा।

परिवार स्तर पर भी बदलाव की आवश्यकता है। अक्सर बेटियों को सीमाओं और बेटों को स्वतंत्रता के साथ पाला जाता है। यह अंतर बचपन से ही असमानता को जन्म देता है। यदि परिवार बेटियों को भी सपने देखने, निर्णय लेने और आगे बढ़ने का समान अवसर दें, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। साथ ही बेटों को भी यह सिखाया जाना चाहिए कि सम्मान, साझेदारी और संवेदना ही मजबूत रिश्तों की नींव हैं।

यह रचना हमें यह भी समझाती है कि स्त्री का सम्मान केवल नारों से नहीं होगा। महिला दिवस पर शुभकामनाएँ देना पर्याप्त नहीं, यदि रोजमर्रा के व्यवहार में भेदभाव बना रहे। सम्मान का अर्थ है—उसकी बात सुनना, उसकी मेहनत को स्वीकार करना, उसके निर्णयों का आदर करना और उसे स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में स्वीकार करना। यह बदलाव भाषा, व्यवहार, सोच और व्यवस्था—चारों स्तरों पर होना चाहिए।

इतिहास गवाह है कि जब-जब महिलाओं को अवसर मिले हैं, उन्होंने असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राजनीति से विज्ञान तक, साहित्य से खेल तक, शिक्षा से उद्यमिता तक—हर क्षेत्र में महिलाओं ने नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। इसलिए यह कहना कि स्त्री किसी क्षेत्र में कमतर है, केवल पूर्वाग्रह है, सत्य नहीं। समाज को चाहिए कि वह महिलाओं को प्रेरणा, नेतृत्व और परिवर्तन की शक्ति के रूप में देखे।

रचना की शक्ति इसी में है कि वह सरल शब्दों में गहरी बात कहती है। यह कविता केवल स्त्री की प्रशंसा नहीं करती, बल्कि समाज से प्रश्न पूछती है—क्या हम अब भी स्त्री को आधा देखकर संतुष्ट हैं? क्या हम उसकी उपलब्धियों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं? क्या हम उसे बराबरी की दृष्टि से देखने का साहस रखते हैं? ये प्रश्न हर व्यक्ति के सामने खड़े हैं।

समय आ गया है कि हम स्त्री को देह से आगे देखें—विचार के रूप में, संघर्ष के रूप में, सृजन के रूप में, नेतृत्व के रूप में और पूर्ण मनुष्य के रूप में। जब समाज यह दृष्टि अपनाएगा, तभी वास्तविक समानता संभव होगी। स्त्री को सीमित देखने वाली मानसिकता जितनी जल्दी बदलेगी, उतनी जल्दी समाज भी आगे बढ़ेगा। क्योंकि स्त्री को सम्मान देना केवल महिला अधिकारों का विषय नहीं, बल्कि सभ्यता की परिपक्वता का प्रमाण है।

डॉ. प्रियंका सौरभ कवयित्री एवं सामाजिक चिंतक

रसड़ा कोतवाली में 68 नए पुलिसकर्मियों का भव्य स्वागत

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

रसड़ा कोतवाली में 68 नए पुलिसकर्मियों का भव्य स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
रसड़ा कोतवाली में पुलिस प्रशिक्षण पूर्ण कर आए 68 नए पुलिसकर्मियों की आमद से स्थानीय पुलिस बल को नई ऊर्जा और मजबूती मिली है। सोमवार को कोतवाली परिसर में एक गरिमामयी स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 54 पुरुष एवं 14 महिला कांस्टेबलों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का दिया संदेश कार्यक्रम के दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र बहादुर सिंह ने नवागत जवानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों—कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशील एवं मधुर व्यवहार—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी की पहचान केवल उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कार्यशैली से होती है। कार्यक्षमता में होगा व्यापक इजाफा
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि इन 68 नए जवानों के जुड़ने से कोतवाली की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बल मिलने से क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी।महिला सुरक्षा को मिलेगा बल कार्यक्रम में महिला कांस्टेबलों की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से थाने में आने वाली महिला फरियादियों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनकी शिकायतों का बेहतर समाधान हो सकेगा, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और संकोचमुक्त वातावरण भी मिलेगा।जनसेवा का लिया संकल्प
समारोह के दौरान थाने के उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। सभी ने नवागत साथियों का उत्साहवर्धन किया और ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का संकल्प दोहराया। इस आयोजन ने न केवल नए पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता और एकजुटता का भी संदेश दिया।

गौ रक्षकों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत बरहज तहसील में गौ रक्षकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान कार्यक्रम का नेतृत्व आंजनेय दास महाराज ने किया।

ज्ञापन के माध्यम से गौ रक्षकों ने मांग की कि गौ माता के संरक्षण और सेवा के लिए उचित अनुसंधान एवं सरकारी अनुदान की व्यवस्था की जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और देशभर में गौ सुरक्षा को सख्ती से लागू करते हुए गोहत्या पर पूर्ण रोक लगाने की मांग उठाई गई।

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इस दौरान आंजनेय दास महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उन्हें ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में हिंदू हित चिंतक प्रमोद कुमार मिश्रा, पंकज शर्मा, जितेंद्र कुमार, रामू, मुकेश कुमार, हरिशंकर और सूर्य प्रताप सिंह सहित अन्य गौ रक्षक उपस्थित रहे।

संजय तिवारी ने बरहज में भाजपा कार्यालय का किया उद्घाटन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार को पूर्व विधायक सुरेश तिवारी के पुत्र व समाजसेवी संजय तिवारी ने बरहज नगर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया।

संजय तिवारी के सक्रिय होने से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान “मोदी-योगी जिंदाबाद” के नारे भी गूंजते रहे।

इस अवसर पर आयोजित बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नए कार्यालय के शुरू होने से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और आम जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।

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कार्यक्रम में श्रवण सिंह, सचिन सिंह, बिपुल दूबे, जगदीश दुर्गा जायसवाल, रवि उपाध्याय और कामेश्वर पांडेय सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संजय तिवारी को बधाई देते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

अंत में संजय तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यालय जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।

विकलांग रिक्शा चालक से मारपीट, आरोपी गिरफ्तार; हेड कांस्टेबल निलंबित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी सिसवा चौराहे पर रविवार शाम एक विकलांग रिक्शा चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अशोभनीय व्यवहार के आरोप में एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे सूचना मिली कि पकड़ी सिसवा चौराहे पर एक व्यक्ति एक विकलांग रिक्शा चालक के साथ मारपीट कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना घुघली पर तैनात हेड कांस्टेबल विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।

मौके पर जांच में सामने आया कि ग्राम पकड़ी सिसवा निवासी रामउग्रह पुत्र पतिराज, जो स्वयं भी रिक्शा चालक है, शराब के नशे में भकोल शर्मा (लगभग 50 वर्ष) के साथ मारपीट कर रहा था। पुलिसकर्मी द्वारा दोनों को अलग कर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी पुलिस से भी उलझ गया और दुर्व्यवहार करने लगा।

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स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाना घुघली पहुंचाया। पीड़ित की तहरीर पर मु.अ.सं. 0083/2026 के तहत धारा 115(2), 351(3), 352, 324(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस बीच घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पुलिस की कार्रवाई भी दिखाई दे रही है। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने संबंधित हेड कांस्टेबल विनय कुमार सिंह को अशोभनीय व्यवहार के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

एसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण की मर्यादा का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सलेमपुर में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला पुरस्कार

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के सलेमपुर क्षेत्र अंतर्गत मनिहारी स्थित विश्वनाथ उपाध्याय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

हाईस्कूल वर्ग में शिवांगी गुप्ता ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। अंतिमा यादव (91%) और पूनम कुमारी (90%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं इंटरमीडिएट वर्ग में सृष्टि पांडे (89%), समा परवीन (87%) और आकांक्षा यादव (85%) ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की।

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इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अतुल कुमार उपाध्याय और प्रधानाचार्य अभिषेक कुमार ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे। सभी ने छात्रों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में युवक की दर्दनाक मौत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के भिटौली थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान धर्मवीर (35) पुत्र छेदी, निवासी ग्राम पंचायत अगया, के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धर्मवीर सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे बाइक से परतावल की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह भिटौली पेट्रोल पंप के सामने अपनी बाइक खड़ी कर कुछ सामान लेने चला गया। सामान लेकर लौटते समय जैसे ही वह सड़क पर चढ़ा, तभी गोरखपुर से महराजगंज की ओर आ रही तेज रफ्तार ट्रक (UP 61 T 2672) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि धर्मवीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बताया जा रहा है कि धर्मवीर की दूसरी शादी 28 वर्षीय प्रमिला से हुई थी, जबकि पहली पत्नी से उसका 13 वर्षीय पुत्र कुंदन है, जो फिलहाल अपने मामा के घर गया हुआ है। मृतक अपने माता-पिता की तीन संतानों में शामिल था। 65 वर्षीय पिता छेदी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस संबंध में भिटौली थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है, जिससे लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखी जा रही है।