मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है-आंजनेय दास
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सोमवार को मकर संक्रांति के अवसर पर स्वर्गीय श्री सूर्य नारायण पांडेय, स्वर्गीय अक्षयबर प्रसाद मिश्र एवं सुशील मिश्र की स्मृति में उर्मिला मिश्रा द्वारा गांव के गरीबों को कंबल वितरित किया गया, कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वल के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनन्त पीठ आश्रम बरहज के पीठाधीश्वर आञ्जनेय दास महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर कंबल वितरण जैसा पुनीत कार्य उर्मिला मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा किया जा रहा है, इसका फल अनंत जन्मों तक आप सभी के साथ रहेगा ।ग्राम वासियों के प्रति आपका स्नेह और प्यार देखकर मन प्रसन्न हो गया। आज का दिन हम सभी लोगों के लिए सौभाग्यशाली है कि हम लोग ऐसे पुनीत अवसर पर कंबल वितरण का कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आमोद गौड आलोक प्रकाश गौड़ नीरज लाल गौड़ अर्जुन यादव, गिरीश मिश्रा, अखिलेश मिश्रा रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुमार मिश्रा ने किया। मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों को अंग वस्त्र देकर विनय मिश्रा द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन में कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि आज अपने नाना स्वर्गीय सूर्य नारायण पांडेय अपने पिता अक्षयबर प्रसाद मिश्र एवं अपने अनुज सुशील मिश्र की स्मृति में यह आयोजन किया गया था, जिसमें गांव की गरीब जनता को कम्बल बाटे गए जो इस कड़ाके की ठंड में आप लोगो का सहारा हो।
इस अवसर पर विदेशी निषाद ,राम विशुन गौतम, भरत लाल ,रामू बाबा ,सुयश पांडेय, शुभम, गौरव कुमार पांडेय, शिवम मिश्रा, ओमप्रकाश दुबे, अनमोल मिश्र,मानस मिश्र, अनुपम मिश्र,आकांक्षा मिश्र, सहित गांव की गणमान्य जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन विनय कुमार मिश्रा ने किया।
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