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विपक्ष के बैनर में वर्तनी की गलती पर भाजपा का तंज – “जो लोकतंत्र लिख नहीं सकते, वह लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों द्वारा संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी गठबंधन ‘भारत’ (INDIA ब्लॉक) पर उस बैनर को लेकर निशाना साधा जिसमें ‘लोकतंत्र’ शब्द की वर्तनी गलत लिखी गई थी। भाजपा ने इस चूक को विपक्ष की ‘अवसरवादी राजनीति और अपरिपक्वता’ करार दिया। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि “जो लोग ‘लोकतंत्र’ तक ठीक से नहीं लिख सकते, वे अब देश को लोकतंत्र पर भाषण दे रहे हैं। यह विपक्ष की गंभीरता और तैयारी दोनों पर सवाल खड़ा करता है।” सत्तारूढ़ पार्टी ने विपक्षी दलों के प्रदर्शन को “सिर्फ दिखावा और मीडिया की सुर्खियों में आने की कोशिश” बताया। गौरतलब है कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत INDIA ब्लॉक के कई प्रमुख सांसद गुरुवार को संसद परिसर में एकजुट होकर बिहार में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया चुनावी हेरफेर का एक प्रयास है। विरोध प्रदर्शन में लगे एक बड़े बैनर में “लोकतंत्र” शब्द को गलत वर्तनी के साथ लिखा गया था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। भाजपा ने तुरंत इस मुद्दे को लपकते हुए विपक्ष की “तैयारी और समझ” पर तंज कसा।इस मुद्दे पर भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया – “INDIA ब्लॉक संसद में प्रदर्शन करने आए थे, लेकिन लोकतंत्र ही सही से नहीं लिख पाए। यही फर्क है ‘भारत’ और ‘इंडिया’ में।” विपक्ष का पलटवार हालांकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा की आलोचना को “विचलन का प्रयास” बताया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा –
“बात लोकतंत्र की रक्षा की है, और भाजपा ध्यान वर्तनी पर भटका रही है। असली मुद्दा बिहार में वोटर लिस्ट में हेरफेर की कोशिश है, न कि टाइपो एरर।”बिहार में मतदाता सूची पर उठा विवाद विपक्ष का दावा है कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को मनमाने ढंग से लागू किया जा रहा है और इससे गरीब, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन का कहना है कि वे पूरे देश में जनजागरूकता अभियान चलाएंगे।

Karan Pandey

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