भाजपा ने राधाकृष्णन को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार, 9 सितंबर को होगा चुनाव

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को पार्टी की ओर से सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है और 9 सितंबर को मतदान के साथ ही मतगणना भी होगी।

भाजपा संसदीय बोर्ड ने अपने सहयोगी दलों और विपक्षी नेताओं से चर्चा के बाद यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया। नड्डा ने कहा कि भाजपा चाहती है कि राधाकृष्णन को सभी दल मिलकर निर्विरोध चुनें। इसके लिए विपक्ष से बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।

आरएसएस पृष्ठभूमि और दो बार सांसद रहे राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले सी.पी. राधाकृष्णन भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से आते हैं। वे ओबीसी समुदाय से हैं और दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। पार्टी का मानना है कि उनका अनुभव और राजनीतिक समझ उपराष्ट्रपति पद को और मजबूत बनाएगी।

धनखड़ के इस्तीफे से खाली हुआ पद

गौरतलब है कि मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यह संवैधानिक पद रिक्त हो गया।

चुनाव की प्रक्रिया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66(1) के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा किया जाता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित व मनोनीत दोनों सदस्य वोट डालते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, इसमें राज्य विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती।

प्रत्येक सांसद का मत मूल्य समान यानी “1” होता है।मतदान गुप्त बैलेट से होता है और इस दौरान सांसद किसी भी पार्टी व्हिप से बाध्य नहीं होते।

सत्ता और विपक्ष के आंकड़े फिलहाल निर्वाचक मंडल में कुल 782 सांसद शामिल हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 392 से अधिक मतों की आवश्यकता होगी।

एनडीए के पास 427 सांसदों का समर्थन (लोकसभा 293, राज्यसभा 134) माना जा रहा है।विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास संयुक्त रूप से करीब 355 सांसद हैं।लगभग 133 सांसद ऐसे हैं जिन्हें अभी तक किसी खेमे का स्पष्ट समर्थन नहीं मिला है।

निर्विरोध चुनाव की संभावना कम यदि इंडिया ब्लॉक अपना उम्मीदवार नहीं उतारता है तो राधाकृष्णन निर्विरोध चुने जाएंगे। हालांकि, विपक्ष द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना अधिक है। ऐसे में यह मुकाबला सीधा एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक का होगा।

संभावित नतीजे संसदीय गणित को देखते हुए सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा और एनडीए के बहुमत के साथ-साथ अन्य दलों का भी समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Editor CP pandey

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