संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिले मे लोकतंत्र और राजनीति के सबसे दुखद और काले अध्याय आपातकाल के दौरान अपने जीवन को परवाह ना करते उस तानाशाही का विरोध करने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान करके आपातकाल दिवस मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि आपातकाल के समय 25/26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल लगा था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की अनुच्छेद 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादास्पद और अलोकतांत्रिक काल था।आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए तथा नागरिक अधिकारों को समाप्त करके मनमानी की गई। इंदिरा गांधी के राजनीतिक विरोधियों को कैद कर लिया गया और प्रेस पर प्रतिबंधित लगा दिया गया।
मुख्य अतिथि जिला प्रभारी अजय सिंह गौतम ने कहा कि आपातकाल मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रतिबन्धित कर दिया गया क्योंकि माना गया कि यह संगठन विपक्षी नेताओं का करीबी है तथा इसका बड़ा संगठनात्मक आधार सरकार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करने की सम्भावना रखता था। पुलिस इस संगठन पर टूट पड़ी और उसके हजारों कार्यकर्ताओं को कैद कर दिया गया। आरएसएस ने प्रतिबंध को चुनौती दी और हजारों स्वयंसेवकों ने प्रतिबंध के खिलाफ और मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ सत्याग्रह में भाग लिया। कार्यक्रम मे लोकतंत्र रक्षक सेनानियों रामनरेश पाण्डेय, परमेश्वर, राधेश्याम, सत्यराम, रामबूझारत सहित दर्जनों लोगों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महामंत्री गणेश पांडेय, दीपू सिंह, उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, डॉ. सत्यपाल पाल, जिला मंत्री हैप्पी राय, साधु यादव, जिला संयोजक गौरव निषाद सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।
कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु पर सुरक्षा कारणों से वाहनों के आवागमन…
वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति…
पहले ही दिन फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)सदर…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सक्रिय…
डीएम बोले- आयोग के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से पूरी की जा रही प्रक्रिया,…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क पर रहने वाले अनाथ, परित्यक्त और असहाय व्यक्तियों के चिन्हांकन…