बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतगणना शुरू, सुरक्षा कड़ी – ऐतिहासिक मतदान के बाद तय होगी सत्ता की नई दिशा

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए शुक्रवार सुबह से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होते ही पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दो चरणों—6 और 11 नवंबर—में हुए मतदान ने इस बार इतिहास रचा है। चुनाव आयोग के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद के बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक मतदान इस चुनाव में दर्ज किया गया है।

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मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पटना, गया, लखीसराय सहित सभी जिलों में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर धारा-144 लागू है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन मुस्तैद है। लखीसराय से चुनाव लड़ रहे बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा मतगणना शुरू होने से पहले मंदिर में पूजा-अर्चना कर पहुंचे, जहां उन्होंने जीत की कामना की।

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रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सभी की उत्सुकता – बिहार ने इस बार मतदान के नए कीर्तिमान बनाए हैं।पहले चरण में मतदान प्रतिशत: 65.06% दूसरे चरण में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत: 68.76% कुल औसत मतदान: 66.91% यह 1951 के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान है, जिससे इस चुनाव में जनता की अभूतपूर्व सहभागिता झलकती है।

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एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर

मुख्य मुकाबला इस बार भी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच है। एनडीए में भाजपा, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीएम और वीआईपी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी 243 सीटों पर चुनाव लड़कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रही है।

पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हनुमान मंदिर में विशेष पूजा की और एनडीए के प्रचंड बहुमत की कामना की। कार्यकर्ताओं का दावा है कि जनता के आशीर्वाद से गठबंधन 175 से 200 सीटें जीत सकता है।

मतगणना के प्रारंभिक रुझान आने के साथ ही राजनीतिक दलों के मुख्यालयों में हलचल बढ़ गई है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बिहार में सत्ता की वापसी होगी या नई राजनीतिक दिशा तय होगी।

Editor CP pandey

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