देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सभी परिवारों को एकीकृत पहचान देने के उद्देश्य से फैमिली आईडी (एक परिवार–एक पहचान योजना) लागू की जा रही है। इस योजना के माध्यम से उन परिवारों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जो अभी तक किसी भी जनकल्याणकारी योजना से वंचित हैं। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में लगभग 3.5 करोड़ परिवार निवासरत हैं, जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लगभग 14.92 करोड़ लोग ही आच्छादित हैं।
सीडीओ ने बताया कि जो परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना या राशन कार्ड के दायरे में नहीं आते, उनके लिए फैमिली आईडी बनवाना अत्यंत लाभकारी होगा। फैमिली आईडी के जरिए भविष्य में पेंशन, छात्रवृत्ति, आवास, रोजगार और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।
फैमिली आईडी के लिए आवेदन familyid.up.gov.in पोर्टल पर स्वयं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य है, ताकि ओटीपी के जरिए सत्यापन हो सके। शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद आवेदकों को प्रिंटेड एवं लैमिनेटेड फैमिली आईडी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
सीडीओ ने अपील की है कि जो परिवार अभी तक किसी योजना से लाभान्वित नहीं हैं, वे शीघ्र आवेदन कर इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ उठाएं।
