बलरामपुर।(राष्ट्र की परम्परा) विकासखंड गैसड़ी के ग्राम पंचायत भगवानपुर के पास 1961 ईस्वी में बना भगवानपुर (बांध) जलाशय बहुत ही जर्जर हो गया है। ग्राम प्रधान भगवानपुर सलमान खान ने बताया कि नहर पर तैनात कर्मचारियों की उदासीनता के कारण नहर की देखरेख नहीं की जाती है। नहर के बेराज को गांव के छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा खोलते और बंद करते देखा जा रहा है।
भगवानपुर जलाशय के पास बेलदार, मेंट, टंडेल, अवर अभियंता, अमीन, पितरोल, और राजस्व टीम के अधिकारियों का आवास बना हुआ है। लेकिन कोई भी अधिकारी वहां पर रुकना मुनासिब नहीं समझता है। भगवानपुर जलाशय करीब 2000 बीघे क्षेत्रफल में फैला हुआ है। जिस पर एक भी चौकीदार नहीं रहता है। भगवानपुर बांध से चार मुख्य नहर निकली हुई हैं। जो लगभग पूरे विकासखंड गैंसड़ी को सिंचित करती है।
नेपाल और पहाड़ी नाले से आने वाले पानी के तेज बहाव के कारण जलाशय का बांध मुख्य नहर के बैराज से दक्षिण दिशा की ओर ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिससे बांध कभी भी टूट सकता है। और लगातार हो रहे मिट्टी कटान से बांध टूटने का खतरा बना हुआ है।
मदरहवा ग्राम प्रधान मेराज खान ने बताया कि भगवानपुर जलाशय का बांध चारों ओर से जर्जर है। पिपरा दुर्गानगर प्रधान पाटेश्वरी प्रसाद मिश्रा, ग्राम प्रधान नगई प्रतिनिधि थानेश्वर यादव, ग्राम प्रधान माधवडीह रिजवान खान, पिपरी लौकी खुर्द प्रधान हैसियत अली, अंकू मिश्रा, अनिल वर्मा, चमन तिवारी, रामकेश मौर्या, हरीश मिश्रा आदि क्षेत्रवासियों ने बांध को शीघ्र दुरुस्त करवा कर चौकीदार के तैनाती करवाने की मांग की है। चित्तौड़गढ़ बांध परियोजना जेई संतोष कुमार यादव ने बताया कि जानकारी मिली है शीघ्र ही बांध पर मिट्टी पटाई करवाकर बांध को सही करवा दिया जाएगा।
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