बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जनपद के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पिछले करीब छह महीनों से आवश्यक आयुर्वेदिक दवाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। इस वजह से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज आयुर्वेदिक इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन दवा न मिलने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
बुजुर्ग और गरीब मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
मरीजों के अनुसार वे जोड़ों के दर्द, पेट की बीमारियों, त्वचा रोग और पुरानी समस्याओं के इलाज के लिए नियमित रूप से चिकित्सालय आते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा पर भरोसा रखने वाले बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। दवाएं उपलब्ध न होने के कारण कई मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी आयुर्वेदिक दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दवाओं की कमी को लेकर कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर मरीजों को परामर्श तो दे रहे हैं, लेकिन दवाओं के अभाव में इलाज अधूरा रह जा रहा है।
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इस माह दवा आपूर्ति की उम्मीद
इस संबंध में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. विजय यादव ने बताया कि दवाओं की आपूर्ति उच्च स्तर पर लंबित होने के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस माह दवाओं की खेप आने की पूरी संभावना है। विभागीय स्तर पर खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही आवश्यक औषधियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मरीजों ने की नियमित आपूर्ति की मांग
डॉ. विजय यादव के बयान से मरीजों में उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक दवाएं वास्तव में चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक राहत नहीं मिलेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में दवाओं की नियमित और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क और प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार मिल सके।
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