बांसडीह रोड से जुड़ेगी बलिया–आरा रेललाइन, सर्वे पूरा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया को बिहार के आरा से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। प्रस्तावित बलिया–आरा नई रेललाइन के लिए सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है और संबंधित एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले बलिया के अंतिम रेलवे स्टेशन बकुल्हा से बिहार के आरा को जोड़ने की योजना बनाई गई थी। इस प्रस्ताव पर रेलवे की ओर से प्रारंभिक सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रस्तावित रूट के कई हिस्सों में जमीन दलदली है, जिससे निर्माण कार्य में तकनीकी कठिनाइयां आ सकती हैं। इसके साथ ही लागत बढ़ने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने इस रूट पर आगे बढ़ने के बजाय वैकल्पिक मार्ग की तलाश शुरू की।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वैकल्पिक सर्वे के दौरान बांसडीह रोड क्षेत्र के पास से गुजरने वाला रूट अधिक उपयुक्त पाया गया है। इस नए प्रस्तावित रूट में तकनीकी बाधाएं अपेक्षाकृत कम बताई जा रही हैं। प्रस्तावित रेललाइन कठहीं कृपालपुर, सोनवानी और नैनीजोर होते हुए आगे आरा से जुड़ेगी। यह लाइन बिहार के बक्सर जिले के नैनीजोर क्षेत्र से होकर आरा जनपद में प्रवेश करेगी और वहां दिल्ली–हावड़ा मेन लाइन से जुड़ जाएगी।

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इस रेललाइन के चालू होने से बलिया और आरा के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह नया रूट निर्माण की दृष्टि से अधिक सुगम है और इससे परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना का लाभ सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रस्तावित रूट के आसपास स्थित कई ग्रामीण क्षेत्रों को भी पहली बार रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। व्यापारियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी आवागमन में सहूलियत मिलेगी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने सर्वे कार्य पूरा होने पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि बलिया–आरा रेललाइन उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती देगी। यह परियोजना व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। गंगा के दोनों किनारों पर बसे क्षेत्रों के लिए यह रेललाइन आर्थिक विकास का नया द्वार खोल सकती है।

फिलहाल सभी की निगाहें रेलवे बोर्ड की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यदि तय प्रक्रिया के अनुसार कार्य आगे बढ़ता है, तो जल्द ही बलिया और आरा के बीच नई रेल पटरियां बिछने का सपना साकार होता नजर आएगा। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द जमीन पर उतरेगी और वर्षों से चली आ रही मांग पूरी होगी।

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Karan Pandey

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