अष्टम आयुर्वेद दिवस का आयोजन
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आयुर्वेद प्रकृति का वरदान है या यूं कहें कि आयुर्वेद पद्धति जीवन का आधार है।आयुर्वेद के माध्यम से हम अपने शरीर मन और मस्तिष्क को स्वस्थ्य रख सकते हैं आयुर्वेद चिकित्सा हमारे लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी है इसके द्वारा हम अपने जीवनचर्या तथा जीवन पद्धति को सदैव उत्तरोत्तर वृद्धि कर सकते हैं। जीवन में यदि स्वस्थ रहना है तो आयुर्वेद को अपनाना ही होगा ।आयुर्वेद द्वारा दी गई चिकित्सा पद्धति प्राचीन काल से आज तक एक नजीर बनी हुई है ।आयुर्वेद पद्धति द्वारा चिकित्सा में कोई साइड इफेक्ट नहीं है यह चिकित्सा शरीर के स्वास्थ्य के लिए ही है या यूं कहे कि यदि आप उत्तम स्वास्थ्य की कल्पना कर रहे हैं तो आयुर्वेद से ही यह कल्पना साकार होगी ।उक्त बातें दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार की प्रार्थना सभा में अष्टम आयुर्वेद दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रवक्ता डॉ राकेश कुमार तिवारी ने कही । उन्होंने बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति सदैव आयुर्वेद में विश्वास रखती है। वैश्विक महामारी में भी आयुर्वेद नजीर बना है आज आयुर्वेद के जनक एवं ज्ञाता महर्षि धन्वंतरि के जन्मदिवस पर हम उनको नमन करते हैं एवं उनके द्वारा दी गई आयुर्वेदिक पद्धति का अपने जीवन में निश्चित रूप से अनुपालन करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिन्द्र यादव एवं वरिष्ठ प्रवक्ता जगदंबिका सिंह ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम में समस्त अध्यापक अध्यापिका कर्मचारी एव छात्र- छात्राएं उपस्थित रहें।
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