फसल अवशेष प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बहराइच( राष्ट्र की परम्परा)l कृषि विज्ञान केंद्र प्रथम पर जनपद स्तरीय जागरुकता फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. बी. पी शाही ने बताया कि धान की पराली को आग लगाने से 70 परसेंट कार्बन डाइऑक्साइड, 70 परसेंट कार्बन मोनो ऑक्साइड, 0.66 परसेंट मीथेन, 2.09 परसेंट नाइट्रस ऑक्साइड आदि कई अन्य तरह की गैसे निकलती है जो वायुमंडल को प्रदूषित करती हैं। फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी के संपर्क में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं जो किसको को मददगार होने के साथ पर्यावरण को संतुलन बनाए रखते हैं। धुआं आने के कारण रोड साइड एक्सीडेंट की संख्या बढ़ती है और धुआँ मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालता है। जिला कृषि अधिकारी सतीस कुमार पांडेय ने किसानो को कृषि विभाग में संचालित होने वाली योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया और पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक किया।

केंद्र के वैज्ञानिक डा. शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि कृषक भाई पराली अथवा फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए रेडि टू यूज डी – कंपोजर पावडर के घोल को तैयार करने के लिए एक पैकेट 500 ग्राम, को प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर तुरन्त फसल अवशेष पर छिड़काव करना चाहिए। फसल अवशेष कदापि न जलाएं, फसल अवशेष जलाने वाले कृषकों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है l

केन्द्र के वैज्ञानिक डा. अरूण कुमार राजभर ने बताया कि किसान भाई अन्न की खेती अपनाए और अधिक से अधिक फायदे कमाए क्यों कि आने वाला समय अन्न का है, और केंद्र और राज्य सरकार मोटे अनाज को बढ़ावा दे रही है। यंग प्रोफैशनल कुशाग्र सिंह ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न होने वाली हानिकारक गैसों से मनुष्यो में सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सुनील कुमार ने बताया कि किसान भाई अच्छी बीज का चुनाव करे। जब भी बीज दुकानों से खरीदे उसके बारे में जानकारी कर ले। फार्मर चेंज एजेंट मोहम्मद रहीश खान ने बताया कि किसान भाई पराली बेच कर अतिरिक्त आय भी कमा सकते है। जिससे उनके आय में भी दुगनी होगी। केंद्र के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे। जिसमे अनिल पाण्डे, राजीव कुमार, संजय पांडे, कुशाग्र सिंह, रहीस खान, सिराज, चंद्र प्रकाश, बागेश्वरी आदि लोग थे।जागरुकता अभियान में 150 से अधिक किसान उपस्थित थे। जिसमे मुख्य रूप से महेश वर्मा, राजेश मौर्या, अमरीश मौर्य, जियाउल्हक, लालता प्रसाद आदि लोग थे। कार्यक्रम के अंत में किसानों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ भी दिलाई गई।

rkpNavneet Mishra

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