देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व मधुमेह दिवस पर देवरिया जिले के सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और मुफ्त शुगर व बीपी जांच कराई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मधुमेह के जोखिम, लक्षण, उपचार और रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि अनियमित जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मधुमेह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 350 मरीज जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर मधुमेह के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने नियमित व्यायाम और सुबह की सैर को मधुमेह नियंत्रण और बचाव के लिए बेहद जरूरी बताया।
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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष की थीम “मधु के साथ जीना है—स्वस्थ और सक्रिय जीवन” के अनुरूप जिले भर में जागरूकता कार्यक्रम और जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 415 नए मधुमेह मरीजों की पुष्टि हुई, जिन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से मार्गदर्शन दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल ने लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार कर मधुमेह से बचाव करने का मजबूत संदेश दिया।
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