वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
महाकुम्भ के चलते वाराणसी जिले में उमड़े हुए जन शैलाब के चलते देश के विभिन्न प्रान्तों से आये श्रद्धालुओं को काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है । नगर में बाहरी नम्बरों की गाड़ियों का प्रवेश प्रतिबंधित होने से हजारों की संख्या में गाड़ियाँ नगर की सीमा के बाहर खडी हैं, जिनमे आये हुए श्रद्धालुओं को न तो प्रसाधन की सुविधा मिल पा रही है न ही रात्रि विश्राम में लिए सुरक्षित स्थान। सडक के किनारे रात्रि काटने को मजबूर श्रद्धालुओं से आपदा में अवसर बनाते हुए पार्किंग के नाम पर मनमाना धन वसूली की भी खबरें मिल रही है। ऐसे में सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट ने अपने भंदहा कला (कैथी) परिसर को श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम हेतु निःशुल्क उपलब्ध कराने की पेशकश की है ।
संस्था के समन्वयक एवं ट्रस्ट वल्लभाचार्य पाण्डेय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख कर और जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त वाराणसी को मेल लिख कर संस्था के इस प्रस्ताव से अवगत कराया है । उन्होंने कहा कि देश भर से आये श्रद्धालुओं की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे मनमाना धन उगाही किये जाने से काशी की छवि धूमिल हो रही है । आशा ट्रस्ट परिसर में 50-60 लोगों के रात्रि विश्राम के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं जिनका निःशुल्क प्रयोग बाहर से आये श्रद्धालु अगले 10 दिनों तक कर सकते हैं । संस्था के कार्यकर्ता प्रदीप सिंह एवं दीन दयाल सिंह आशा केंद्र पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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