रांची (राष्ट्र की परम्परा) आर्मी पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘कैलाइडोस्कोप -2025’ आर्मी पब्लिक स्कूल ने दो दिवसीय (दिनांक 23 और 24 दिसंबर) वार्षिकोत्सव ‘कैलाइडोस्कोप 2025’ का आयोजन बड़े ही उत्साह के साथ कैरकट्टा सभागार दीपाटोली कैंट में किया। वार्षिकोत्सव के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर राजकुमार, सेना मेडल, डिप्टी जी-ओ-सी, 23 इन्फेंट्री पैट्रन कोकरेल डिवीजन उपस्थित थे। वार्षिकोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल सज्जन सिंह मान, जी- आर्मी ओ-सी, 23 इन्फैंट्री कोकरेल डिवीजन, पैट्रन आर्मी पब्लिक स्कूल, रांची और श्रीमती संगीता मान उपस्थित थे। विद्यालय के प्राचार्य अभय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। इसमें छात्र-छात्राओं ने कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। यह एक प्रकार का आनंद उत्सव ही था। पहले दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर राजकुमार सेना मेडल, डिप्टी जी-ओ-सी 23 इन्फैंट्री डिवीजन, अध्यक्ष आर्मी पब्लिक स्कूल दीपाटोली रांची, द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर जनरल सज्जन सिंह मान, जी-ओ-सी, 23 इन्फैंट्री डिवीजन और पैट्रन आर्मी पब्लिक स्कूल दीपाटोली रांची और श्रीमती संगीता मान द्वारा दीप प्रज्वलन करने के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्रों ने कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें समूह नृत्य, गान, नाटक, संगीत आदि की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शिव वंदना के साथ हुई, जिसमें कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्रों ने अपनी प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति ने सबको भक्ति के रंग में डुबो दिया। इसके बाद प्रधानाचार्य अभय कुमार सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, सह- पाठयक्रम गतिविधियों तथा विद्यालय के आधुनिकीकरण आदि की जानकारी सबके साथ साझा की। कक्षा सातवीं और आठर्वी के विद्यार्थियों द्वारा भारत के गौरवशाली इतिहास की जीवंत झलकियां प्रस्तुत की गई। धूमिल हुआ इतिहास फिर आंखों में नजर आने लगा। मौर्य साम्राज्य से लेकर 1857 तक का विद्रोह तो कहीं संप्रभुता से भारत की स्वाधीनता तक की वीर गाथाएं दिखाई गई, जिसने दर्शकों में वीरता के आव को जागृत कर दिया।
विविधता में एकता, साल 1947 से 1950 और आशा की किरण 1950 से 1970 तक के नृत्य ने तो दर्शकों को मंत्रमुग्ध ही कर दिया। वर्ष 1980 से 2000 तक खेलों की झलकियां समूह नृत्य द्वारा प्रस्तुत की गई। कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों द्वारा अंग्रेजी नाटक प्रस्तुत किया गया। अंग्रेजी नाटक ‘Anight of magic and Mayhem’ ने सीख देने के साथ-साथ दर्शकों का काफी मनोरंजन भी किया। वर्ष 2000 से 2025 की भारत की यात्रा के खट्टे-मीठे अनुभव भी छात्रों द्वारा अपने नृत्य द्वारा प्रस्तुत किए गए। छात्रों ने वर्ष 2050 में भारत का भविष्य कैसा होगा, उसकी कल्पना करते हुए नृत्य पेश किया जिसने सबका मनमोह लिया। मुख्य अतिथि ने कई छात्रों को शैक्षणिक तथा खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए सम्मानित किया। सरोजिनी नायडू सदन को इस वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया। मुख्य अतिथि ने अपने भाषण में कहा कि बच्चों ने इस वार्षिकोत्सव में अपनी प्रतिभा का परिचय देकर यह साबित कर दिया है कि बच्चों में टैलेंट कूट-कूट कर भरा हुआ है, जरूरत है उनका सही मार्गदर्शन करने की और सर्वांगीण विकास करने की। मुख्य अतिथि ने अभिभावकों को अपने बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए यह भी कहा कि बच्चों को जीवन में समय और अनुशासन का महत्व समझते हुए, संस्कारों को अपनाते हुए आगे बढ़ना है, तभी वह भविष्य में अच्छे नागरिक बनकर जीवन में सफल हो सकेंगे। जीवन मूल्यों को समझेंगे। मंच का संचालन कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं तथा कक्षा पाँचर्वी के छात्रों ने संभाला। उनके इस मंच संचालन की कला ने तो सबको चकित कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या कैप्टन गीता सिंह (रिटायर्ड) हेडमिस्ट्रेस श्रीमती निशा राय के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति, शिक्षकगण तथा छात्र भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकगण के कठोर परिश्रम के साथ-साथ एन.सी.सी कैडेट्स ने भी अपना पूरा योगदान दिया। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावको, शिक्षकगण एवं प्रतिभागियों तथा सभी विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
