भटनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश में दलितों, मजदूरों, गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के विकास की वास्तविक चिंता केवल कांग्रेस को है। इन वर्गों के हित में लागू की गई प्रमुख योजनाएं कांग्रेस सरकारों की देन रही हैं। यह बातें युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचन्द यादव ने एकला आम चौराहे पर आयोजित मनरेगा बचाओ महासंग्राम जन चौपाल को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों से उनका अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि मजदूरों की आजीविका का सुरक्षा कवच है, जिसे समाप्त करने की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है।
जिला अध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने कहा कि योजना के मूल स्वरूप में बदलाव कर मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। फसल कटाई के समय 60 दिनों तक काम न दिए जाने से मजदूर वर्ग को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना का नाम बदलना उनके विचारों और योगदान का अपमान है। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता मनरेगा को बचाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा।
मनरेगा बचाओ अभियान के जिला कोऑर्डिनेटर सत्यप्रकाश मिश्र और अंशु ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित कानून है, जिसके तहत मजदूरों को आजीविका का संवैधानिक अधिकार मिला था। नई व्यवस्था में मजदूरों को पूरी तरह सरकार की इच्छा पर निर्भर किया जा रहा है, जो उनके अधिकारों के खिलाफ है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। जनपद के हर गांव में कांग्रेस कार्यकर्ता मजदूरों के बीच जाकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
चौपाल को वरुण राय, रविन्द्र मल्ल, विनोद दूबे, डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय, सत्यनारायण शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मजदूर उपस्थित रहे।
