बलिया, संवाददाता (राष्ट्र की परंपरा)।जिले के पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने अब जन औषधि केंद्र की तर्ज पर पशु औषधि केंद्र खोलने की मंजूरी दे दी है। यह केंद्र चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी 51 पशु चिकित्सा केंद्रों में स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने से पशुओं के इलाज पर आने वाला खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे पशुपालकों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। इन पशु औषधि केंद्रों पर रोजाना उपयोग होने वाली सभी जरूरी दवाएं, टीके, विटामिन, मिनरल और अन्य पशु चिकित्सा सामग्री बाजार के मुकाबले 50 से 70 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध होगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. मिश्र के अनुसार, बाजार में दवाएं महंगी होने के कारण कई बार पशुपालक उपचार कराने से हिचकिचाते हैं या डॉक्टर द्वारा बताई गई पूरी दवा भी नहीं खरीद पाते, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नए केंद्र शुरू होने से ऐसी समस्याओं पर रोक लगेगी और पशुओं का समय से सही उपचार सुनिश्चित होगा।यह है योजना के उद्देश्य और पात्रतायोजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। जिले के हर ब्लॉक में कम से कम एक केंद्र खोले जाने का लक्ष्य है। इन केंद्रों के संचालन के लिए प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, सहकारी समितियां और अन्य पात्र संस्थाओं को चयनित किया जाएगा। आवेदन करने वालों के पास फार्मासिस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्रग लाइसेंस, तथा कम से कम 120 वर्ग फीट का स्थान होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए 5000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।डॉ. मिश्र ने बताया कि विभाग समय-समय पर दवाओं की सूची अपडेट करेगा और पशुपालकों को टीकाकरण, पोषण व दवाओं के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। 1962 पर कॉल कर घर बैठे मिलेगा उपचार जिले में पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के तहत सात मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) पहले से संचालित हैं। पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक घर बैठे अपने पशुओं का उपचार करा सकते हैं। इसके अलावा आकस्मिक स्थितियों के लिए विशेष MVU टीम तैनात है, जो सुबह 9 से शाम 7 बजे तक ऑन-कॉल सेवा प्रदान करेगी।पशु औषधि केंद्रों की शुरुआत से न केवल पशुपालकों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि पशुधन स्वास्थ्य में सुधार से किसानों की आय भी सुदृढ़ होगी।
