Sunday, February 1, 2026
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अनिल साहनी की 8 दिसम्बर को हुए जमीनी विवाद के मारपीट में इलाज के दौरान हुई मौत

फलमंडी के दरोगा पंकज पर आरोपियों के साथ मिलिगत कर हल्का धारा में मुकदमा दर्ज करने का परिजनों ने लगाया आरोप

परिजनों ने हत्या का मुक़दमा लिखे जाने की उच्च अधिकारियों से की मांग

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के महेवा फलमंडी निवासी अनिल साहनी की 8 दिसम्बर को हुए जमीनी विवाद के मारपीट में इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गयी। आपको बता दे कि अनिल साहनी का महेवा में 28 डिसमिल जमीन है। जो कि उनके दादी चनजोता के नाम से है। आरोप है कि दादी के भतीजे ने बहला फुसलाकर जमीन को लिखवा लिया है। जिसके बाद अनिल साहनी कोर्ट चले गये। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। 8 दिसम्बर को चनजोता के भतीजे अमित,रवि,धर्मेन्द्र व अतुल जमीन पर कब्जा करने आ गये। जिसकी सूचना अनिल साहनी को मिली। वह अपने पत्नी शारदा व माता कमली देवी के साथ मौके पर पहुँच गया। लेकिन दादी के चारो भतीजे अमित,रवि,धर्मेन्द्र व अतुल ने मिलकर अनिल साहनी को लाठी डंडों से बहुत मारा पीटा और साथ ही पत्नी शारदा को भी मारा पीटा। अनिल को अधमरा छोड़कर दबंग भाग गये। जब इसकी सूचना पुलिस को दी गयी तो फलमंडी चौकी के चौकी प्रभारी पंकज ने अनिल को ले जाकर मेडिकल करवाया। लेकिन पत्नी का मेडिकल नही करवाया। पत्नी को भी चोटे आई थी
परिजनों को दरोगा पंकज पर मिलीभगत का अंदेशा हुआ। रामगढ़ताल थाने में हल्के धारा में एनसीआर दर्ज कर दिया। जिसके बाद इलाज के लिए भेज दिया । अनिल जिलाअस्पताल में भर्ती था। लेकिन मामले को सीरियस देखकर अनिल को लखनऊ पीजीआई भेज दिया गया। परिजन 10 दिसंबर को पहुँचकर एसएसपी से दरोगा पंकज की शिकायत की। और धारा बढ़ाने की मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया। 29 जनवरी गुरुवार को अनिल साहनी की मृत्यु हो गया। जिसके बॉडी को घर लाया गया। शुक्रवार को पत्नी शारदा ने दरोगा परिजन पर दबंगों के साथ मिलकर जमीन कब्जा करवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दरोगा पंकज शुरू से मामले को शिरियस नही ले रहे थे। जिसके कारण आज मेरी पति की मृत्यु हो गयी है। मेरी दो बेटी और एक लडका है। मेरा और उनका जीवन यापन कैसे होगा। इसलिए मेरी मांग है कि दरोगा पंकज पर कार्यवाही की जाये। और चारो लड़को के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाकर उनकी गिरफ्तारी की जाये। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हुआ। अब देखना है कि वरिष्ठ अधिकारी क्या कार्यवाही करते है।

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