मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) फतेहपुर में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शादी से ठीक पहले अवकाश न मिलने, एसआईआर कार्य के अत्यधिक दबाव तथा अफसरों की कथित फटकार के कारण मानसिक तनाव में आए सुधीर द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के बाद पूरे प्रदेश के लेखपालों में रोष व्याप्त है। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना का नाम एफआईआर में शामिल न किए जाने और कथित रूप से तहरीर बदलवाकर केस कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जनपद मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के लेखपालों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में धरना दिया। धरने में लेखपालों ने कहा कि यह घटना आत्महत्या नहीं, बल्कि अधिकारियों की असंवेदनशीलता से कारित हत्या है। उन्होंने सुधीर की माता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता बरतने जैसे प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की मांग की। धरने पर बैठे लेखपालों ने 6 सूत्री संबंधित प्रमुख मांग है।
धरने में खंड मंत्री आज़मगढ़ जय प्रकाश यादव, जिलाध्यक्ष मऊ राहुल बाबा, तहसील अध्यक्ष अनिल यादव, मंत्री सर्वेश कुमार, निर्भय प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह ,अंगद यादव, राजेंद्र राम, रामबदन राम ,रवि भारद्वाज, शिवलाल यादव, संतोष ,धर्मेंद्र गुप्ता, आशुतोष भारती ,ज्ञानचंद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। लेखपालों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लेखपाल सुधीर की मौत पर भड़का गुस्सा, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में लेखपालों का धरना
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