महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिंदुरिया में रविवार को बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण विजय यादव के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन करते हुए ग्राम प्रधान और सचिव पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने गांव में नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग और नियमित साफ-सफाई की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल श्यामबदन, प्रदीप कुमार, गायत्री, सुनीता देवी, मनोज कुमार, गौतम, प्रतिमा देवी, बविता, राजाराम भारती, सरिता देवी, श्यामलाल, रंजीत, सहनाज, मो. लतीफ, हाशबुन निशा, खुशबुन निशा, हारुन और रेहाना सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामसभा के दक्षिण मुहल्ले में हारून के घर से समीम के घर तक करीब दस वर्ष पूर्व खड़ंजा मार्ग बना था। देखरेख के अभाव और स्थानीय राजनीति के चलते सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि बारिश में कीचड़ और जलभराव से राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते एक दशक में किसी भी ग्राम प्रधान या जनप्रतिनिधि ने इस मार्ग के पुनर्निर्माण की पहल नहीं की। इतना ही नहीं, सड़क किनारे बनी नालियां भी वर्षों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे गंदा पानी जमा रहता है और बदबू व मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत कर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि विकास योजनाओं की बातें कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल है।
इस संबंध में सहायक पंचायत अधिकारी मिठौरा कौशल किशोर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क और नाली की स्थिति की जांच कर शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही दिक्कतों से राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन जमीनी हकीकत में कब बदलता है या ग्रामीणों का आक्रोश और तेज होता है।
