Sunday, February 1, 2026
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अनुशासन और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी को भावभीनी विदाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विभाग में शुक्रवार को विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी के सम्मान में भावभीनी विदाई समारोह आयोजित हुआ। प्रो. त्रिपाठी 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे।
समारोह की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि “प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी एक आदर्श शिक्षक की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने शिक्षण और शोध के साथ विभाग को अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण कार्यसंस्कृति प्रदान की।”
इस अवसर पर विभिन्न संकायों के शिक्षकों और सहकर्मियों ने उन्हें अग्रणी नेतृत्वकर्ता, उच्चकोटि के शोधकर्ता, कुशल प्रशासक और विवादों से रहित व्यक्तित्व बताया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विषय में गहन विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया।
अपने संबोधन में प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालयीय जीवन के 42 वर्षों की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने कहा, “मैंने शिक्षण को नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। विद्यार्थी ही मेरी प्रेरणा रहे हैं। शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जीवनमूल्यों को गढ़ना है।”
समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति-कुलपति और विभागाध्यक्ष प्रो. हरि सरन, प्रो. प्रदीप कुमार यादव, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, कला संकायाध्यक्ष प्रो. राजवंत राव, विधि संकाय अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र कुमार मिश्रा, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, गणित विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. विजय कुमार, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. संदीप दीक्षित एवं प्रो. सत्यपाल सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य — डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. आरती यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. श्रीभगवान सिंह, प्रो. असीम सत्यदेव, डॉ. रामप्रसाद यादव, डॉ. शुभ्रांशु शेखर सिंह, डॉ. अंशुमान सिंह समेत विभाग के शोधार्थी, परास्नातक और स्नातक के विद्यार्थी भी इस भावनात्मक क्षण के साक्षी बने।

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