महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम पंचायत बचगंपुर, टोला हीरापुर में रविवार को श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह के बीच पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ, श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा और युवा जागृत सम्मेलन का भव्य शुभारंभ मंगल कलश यात्रा के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्ति गीतों के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मंगल कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा गायत्री मंत्र का जाप, वेद मंत्रों का उच्चारण और भक्ति गीतों का गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं की आरती उतारकर अभिनंदन किया।
महिलाओं और युवाओं की रही विशेष भागीदारी
कलश यात्रा में महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी देखने को मिली। पारंपरिक परिधान में सुसज्जित महिलाएं सिर पर कलश लेकर श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुईं। वहीं गांव के युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी कर आयोजन को भव्य बना दिया।

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समाज में संस्कार और नैतिकता का संदेश
आयोजकों ने बताया कि पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। आज के दौर में सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सदाचार, सेवा, संयम और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्रज्ञा पुराण कथा और युवा जागृत सम्मेलन
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा में विद्वान वक्ता धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करेंगे। वहीं युवा जागृत सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त समाज, शिक्षा के महत्व और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कई दिनों तक चलेगा आयोजन
यज्ञ स्थल पर विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक विधि-विधान से पंच कुंडीय महायज्ञ का अनुष्ठान कराया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में आहुति दे रहे हैं। आयोजन स्थल को ध्वज-पताकाओं, तोरण द्वारों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है।
आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक आयोजन कई दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन यज्ञ अनुष्ठान, प्रज्ञा पुराण कथा, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है और लोगों में आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
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