Wednesday, January 14, 2026
Homeउत्तर प्रदेशभारी बारिश के बीच डीएम ने तटबंधों का किया निरीक्षण

भारी बारिश के बीच डीएम ने तटबंधों का किया निरीक्षण

डीएम ने अराजी सुबाईन और अराजी जगपुर तटबंध पर बाढ़ निरोधक तैयारियों का लिया जायजा

बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और बाढ़ राहत तैयारियों को अद्यतन करने का दिया निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार द्वारा आज बाढ़ राहत एवं बाढ़ पूर्व तैयारी का जायजा लेने के लिए भारी बारिश के बीच तहसील नौतनवा में आराजी जगपुर और आराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने आज पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित जनपद में भारी बारिश को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए उक्त तटबन्धों को देखने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोंहिन नदी का जलस्तर और बाढ़ निरोधक तैयारियों को देखा। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि जनपद में पहली बार नदियों द्वारा कटान को रोकने हेतु जियो टेक्सटाइल ट्यूब का उपयोग किया गया है। साथ ही नदियों के ढाल के बचाव के लिए जियो टेक्सटाइल बैग को दो परतों में बिछाया गया है। इन कार्यों से नदी द्वारा कटान को रोकने और तटबंधों के ढाल को बचाने में प्रभावी सफलता मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज 55 मिमी वर्षा के बावजूद सभी तटबंध सुरक्षित हैं।
उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि बाढ़ के दृष्टिगत सभी अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने नदियों के जलस्तर पर सतर्क निगाह रखने का निर्देश दिया। राजस्व व सिंचाई विभाग की निगरानी टीमों को सक्रिय करें। तटबंध की सुरक्षा हेतु सभी सामग्रियों को चिन्हित स्थलों पर भंडारित कर लें और उनके परिवहन हेतु वाहनों की भी व्यवस्था रखें। उपजिलाधिकारी नौतनवा को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार करने और त्वरित राहत पहुंचने हेतु नावों, मल्लाहों की सूची अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने राहत चौकियों के नियमित निरीक्षण हेतु भी निर्देशित किया। तटबंधों पर पेट्रोलिंग रूट तय करने और नियमित पेट्रोलिंग का निर्देश दिया।
इससे पूर्व उन्होंने बाढ़ तैयारियों के संबंध में संबंधित विभागों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने से बाढ़ पूर्व तैयारियों के संदर्भ में अधिकारियों को सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को निर्देश प्रदान करते हुए कहा कि रोहिन एवं महाव नदी से प्रभावित संभावित बाढ़ ग्रामों का तत्काल मूल्यांकन किया जाए। बाढ़ चौकियों, सामुदायिक रसोई शेड, राहत शिविरों एवं खाद्यान्न वितरण स्थलों को पूर्णतः क्रियाशील कर लिया जाए।
इस दौरान बैठक में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

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