मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)
हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर पर आंबेडकरवादी पार्टियों की जो दुर्दशा हुई है। उनके अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए आंबेडकरी समाज में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है । राजनीतिक क्षेत्र में भ्रम की स्थिति है और मौजूदा राजनीतिक दशा के लिए महाराष्ट्र और देश में प्रस्थापित गैर-जिम्मेदार स्वयंभू आंबेडकरवादी नेता जिम्मेदार हैं। ऐसा आरोप रिपब्लिकन नेता ओर बाबासाहेब आंबेडकर समाज भूषण पुरस्कार संघर्ष समिति के अध्यक्ष नामदेव साबले ने गत दिनों चेंबूर में
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आंबेडकरी जनता से आहवान किया की अब महाराष्ट्र की आंबेडकरी जनता को अपना नया नेतृत्व और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की पहल करनी चाहिए।
अंत में, नामदेव साबले ने खेद व्यक्त किया कि सच्चे आंबेडकरवादी नेताओं को भाजपा और कांग्रेस ने ईवीएम के माध्यम से समाप्त कर दिया है।
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