सरयू नदी पर मोहन सिंह सेतु: देवरिया, बलिया और मऊ के विकास की नई उम्मीद


देवरिया बरहज में मोहन सिंह सेतु निर्माण को लेकर पूर्व सांसद कनकलता सिंह की मांग, मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्व समाजवादी पार्टी राज्यसभा सांसद कनकलता सिंह ने देवरिया जनपद के दाक्षिणांचल क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यापारिक महत्व को रेखांकित करते हुए बरहज में मोहन सिंह सेतु निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।
कनकलता सिंह ने कहा कि दाक्षिणांचल में स्थित बाबा राघवदास की कर्मभूमि और देवराहा बाबा की तपोभूमि न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र रहे हैं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों के भी प्रमुख स्थल रहे हैं। पुराने समय में सरयू नदी के माध्यम से नावों द्वारा आयात-निर्यात होता था, जिससे बरहज व्यापार का बड़ा केंद्र बना। इन्हीं व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए बरहज को रेल मार्ग से भी जोड़ा गया था।
उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2013 को समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक सांसद मोहन सिंह के निधन के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बरहज में सरयू नदी पर उनके नाम से पक्का पुल बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2014 में मोहन सिंह सेतु निर्माण का कार्य शुरू हुआ, लेकिन समय के साथ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से परियोजना में रुकावटें आती चली गईं।
पूर्व सांसद के अनुसार, यदि मोहन सिंह सेतु बरहज बनकर तैयार हो जाता है, तो यह क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे बरहज का दक्षिणी द्वार खुलेगा और बलिया, बनारस, गाजीपुर, मऊ सहित नदी पार बसे सैकड़ों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। आवागमन सुगम होने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति होगी।
कनकलता सिंह ने कहा कि देवरिया बरहज विकास की दृष्टि से यह पुल अत्यंत आवश्यक है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आम जनमानस को समय व धन की बचत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से मोहन सिंह सेतु निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होगा और क्षेत्र के विकास का सपना साकार होगा।
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि यह परियोजना केवल एक पुल नहीं, बल्कि दाक्षिणांचल के सामाजिक और आर्थिक उत्थान का आधार है। बरहज सरयू नदी पुल के बन जाने से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को विकास और सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

Editor CP pandey

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