
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। रविवार को दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पुरातन छात्र परिषद द्वारा पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गजेन्द्र त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी आज तक न्यूज चैनल गोरखपुर मण्डल क्षेत्र ने कहा कि इस महाविद्यालय ने हमें अपने मन से डर को निकालते हुए जीवन में आगे बढ़ने हेतु सदैव प्रोत्साहित किया है। किसी भी विद्यार्थी को आगे बढ़ने व स्वयं की प्रतिभा निखारने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप जीवन में काबिल बने, कामयाबी स्वतः ही आपके पीछे आयेगी। वर्तमान चकाचौंध भरी दुनियॉ में सोशल मीडिया आज जीवन को भ्रमित कर रहा है, हमें इससे सचेत रहना होगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, सहायक आचार्य रक्षा अध्ययन विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महाविद्यालय मे राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे कार्यक्रमों की सहभागिता ने आगे बढ़ने में विशेष रूप से प्रेरित किया है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य का चयन और उस पर अडिग रहना अति आवश्यक है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रतिमा शुक्ला जिला ट्रेनिंग कमिश्नर, स्काउट गाईड, गोरखपुर ने कहा कि छात्र व शिक्षक के बीच एक तारतम्य होता है, जो उसे आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करता है। एक शिक्षक ही अपने विद्यार्थी की प्रतिभा को सही दिशा में निर्देशित करने में भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीकृष्ण सिंह, अध्यक्ष पुरातन छात्र परिषद ने कहा कि भारत की गुलामी में अशिक्षा व गरीबी दो विशेष कारक व्याप्त थे, जिसके उन्मूलन हेतु महंत दिग्विजयनाथ जी जो एक पराक्रमी संत थे, उन्होंने शिक्षा का अलख जगाने हेतु महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। वर्तमान में परिषद से 52 संस्थायें संचालित हो रही हैं। किसी भी शिक्षण संस्था में अनुशासन का विशेष महत्वपूर्ण स्थान होता है, जो संस्था के आगे बढ़कर ऊचाई को प्राप्त करने में महती भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में सम्मिलित अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कामयाबी हासिल करना महत्वपूर्ण नहीं बल्कि उस पर टिके रहना महत्वपूर्ण होता है। जीवन में वरिष्ठ व अनुभवी अग्रजों का सम्मान हमें आगे बढ़ने हेतु सदैव प्रेरित करता है। महाविद्यालय अपनी उपलब्धियों के पथ पर अग्रसर रहते हुए इस वर्ष यू0जी0सी0 नेट की परीक्षा में कुल 18 विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने में उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही विगत समय में पॉच अनुदानित सेमीनार आयोजित करने के साथ ही 03 फैकल्टी डेवलपमेन्ट प्रोग्राम एवं 02 ऑनलाइन इण्टरनेशनल सेमीनार आयोजित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम में 32 पुरातन छात्रों को सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में अतिथि परिचय कार्यक्रम के संयोजक डा0 आर0पी0 यादव ने एवं संचालन डॉ0 त्रिभुवन मिश्र ने किया। इस अवसर पर पुरातन छात्र के रूप में प्रो0 राजेश मल्ल गोरखपुर विश्वविद्यालय, डॉ0 अमर नाथ, डॉ0 विजयानन्द मिश्र, डॉ0 ममता, उज्ज्वल सिंह, शुभम मिश्रा, तनुप्रिया शुक्ला, निधि मौर्य, विद्यासागर के साथ ही डॉ0 सुभाष चन्द्र, डॉ0 मनीष श्रीवास्तव, डॉ0 नीतिश शुक्ला, डॉ0 शुभ्रांशुशेखर सिंह, डॉ. सुनील कुमार सिंह, डाूॅ. शैलेश कुमार सिंह, डॉ0 राजेश सिंह, डॉ0 चण्डी पाण्डेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
