सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
शराब की लत एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। नशे की हालत में घर लौटे एक युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के निवासी 25 वर्षीय गोलू शनिवार की रात नशे की हालत में घर पहुंचे थे। इसी दौरान असंतुलित होकर वह घर में रखे हंसिए (धारदार कृषि उपकरण) पर गिर पड़े, जिससे उनकी गर्दन में गंभीर चोट लग गई। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघूड़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
परिजन युवक को जिला अस्पताल ले जाने के बजाय मऊ के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद सोमवार की रात उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।मृतक की पत्नी, जो सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के उमेदा गांव की रहने वाली है, एक साल के मासूम बच्चे के साथ अपने मायके में रह रही थी। पति की मौत की सूचना मिलते ही वह अपने बच्चे के साथ ससुराल पहुंची। पत्नी और मां मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक की मां मीना देवी ने बिलखते हुए बताया कि वह और बहू रोज गोलू को शराब की लत छोड़ने के लिए समझाते थे, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि पहले ही उनके पति का निधन हो चुका था और अब बड़ा बेटा भी चला गया। गोलू ही उनका आखिरी सहारा था, जो अब उनसे छिन गया। परिवार के सामने अब जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों के सहयोग से युवक का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम हल्दीरामपुर में किया जाएगा। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
युवा वर्ग इस घटना से सिख ले
यह घटना समाज, विशेषकर नई पीढ़ी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। मादक पदार्थों और शराब का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों को भी बर्बाद कर सकता है। नशा इंसान की सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर देता है और कई बार ऐसे हादसों को जन्म देता है, जिनका परिणाम जानलेवा होता है। इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे नशे से दूर रहें, अपने जीवन और परिवार की जिम्मेदारियों को समझें तथा एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान दें।
