Friday, February 20, 2026
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डीडीयूजीयू और महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग का समझौता

गोरखपुर (राष्ट की परम्परा)। शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान के आदान–प्रदान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय तथा महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आज़मगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। डीडीयूजीयू परिसर में आयोजित इस समारोह ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत का संकेत दिया।
इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत संयुक्त शोध परियोजनाओं का संचालन किया जाएगा। शिक्षक और छात्र विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से अकादमिक अनुभव बढ़ाया जाएगा। शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग होगा, जिसमें पुस्तकालय, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और प्रयोगशालाएँ शामिल हैं। कौशल-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही, संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएँ और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिससे अनुसंधान नेटवर्क मज़बूत होंगे।
यह साझेदारी बहुविषयक शोध, पाठ्यक्रम विकास तथा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में नए अवसर प्रदान करेगी।
इस अवसर पर डीडीयूजीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अंतर–विश्वविद्यालय सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ऐसे उपक्रम शैक्षणिक तंत्र को सुदृढ़ करते हैं, सीखने के नए क्षितिज खोलते हैं और विद्यार्थियों को विकास, नवाचार एवं समाज से सार्थक जुड़ाव के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
एमओयू पर हस्ताक्षर प्रो. अजय सिंह, निदेशक, आईक्यूएसी, डॉ. रामवंत गुप्ता, निदेशक, अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ, तथा दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।
कार्यक्रम का समापन शिक्षण, अनुसंधान और सामुदायिक विकास में सामूहिक प्रयासों की प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसने उत्कृष्टता की साझा दृष्टि को और भी मज़बूत किया।

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