कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की सफलता के बाद अब एक जिला एक व्यंजन योजना लागू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों के विशिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तमकुहीराज क्षेत्र से सटे ग्राम गाजीपुर में एक निजी विद्यालय के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन के दौरान दी।उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के पारंपरिक खानपान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। स्थानीय व्यंजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग के साथ देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचेंगे।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले के पारंपरिक व्यंजन की पहचान कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़ा जाएगा। ये समूह कैंटीन संचालन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन जैसे कार्यों को संभालेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।उन्होंने कहा कि इस पहल से लखपति दीदी अभियान को भी नई गति मिलेगी। प्रदेश में अब तक लगभग 30 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जबकि आगामी चरण में एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही साढ़े सात हजार स्वयं सहायता समूहों को करोड़पति समूह के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर काम जारी है।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कृषि, स्वास्थ्य, पंचायती राज और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।उन्होंने तमकुहीराज क्षेत्र में निजी विद्यालय की स्थापना को क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैया जोशी, सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, जनपद प्रभारी मंत्री शकुंतला चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय और विधायक डॉ. असीम कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक जिला एक व्यंजन योजना को प्रदेश के लिए मील का पत्थर बताया।इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया। साथ ही मूक-बधिर एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के चयनित लाभार्थियों को डेमो चेक प्रदान किए गए।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
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