होली और ईद से पहले कुशीनगर में प्रशासन सख्त, बॉर्डर एरिया में बढ़ाई गई सुरक्षा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)आगामी होलिका दहन, होली और ईद-उल-फितर को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी एस चनपा ने की।
बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
संवेदनशील स्थलों का संयुक्त निरीक्षण अनिवार्य
मंडलायुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित होलिका दहन स्थलों और ईदगाहों का संयुक्त रूप से निरीक्षण करें। इसके साथ ही विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं और सम्मानित नागरिकों के साथ समन्वय बैठकें कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जाए।
प्रशासन का मानना है कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत समय रहते संवाद स्थापित करने से किसी भी संभावित विवाद को पहले ही रोका जा सकता है।
बॉर्डर एरिया में विशेष सतर्कता
कुशीनगर की सीमावर्ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त ने इसे अति संवेदनशील बताया। उन्होंने गौ-तस्करी और कच्ची शराब की अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
चिन्हित सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, चेक पोस्ट सक्रिय रखने और बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए गए। डीआरवी वाहनों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात रखने और अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
त्योहारों के दौरान अवैध शराब और एक्सपायरी डेट की मदिरा की बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभी एसडीएम, सीओ और एसएचओ को निर्देशित किया गया कि वे मदिरा की दुकानों का स्टॉक सत्यापन कर रजिस्टर से मिलान करें।
साथ ही, सभी लाइसेंसी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रखने और कच्ची शराब की भट्ठियों को तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन और उपद्रव पर रोक
त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन को अनुमति नहीं देने की बात कही गई। आवश्यकतानुसार चालान की कार्रवाई और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध जिलाबदर की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर उपद्रव की आशंका वाले व्यक्तियों को आवश्यक धाराओं में पाबंद करने का निर्देश दिया गया। एलआईयू अधिकारियों को भी सक्रिय रहकर खुफिया सूचनाएं जुटाने के आदेश दिए गए।
कंट्रोल रूम और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के मद्देनजर एक संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जिसमें सभी संबंधित विभागों की ड्यूटी सुनिश्चित हो।
स्वास्थ्य विभाग को एमओआईसी स्तर के अधिकारी की तैनाती, पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता, पर्याप्त दवाएं और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी अलर्ट मोड पर रहेंगी।
यह कदम कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नगर निकाय और विद्युत विभाग को विशेष जिम्मेदारी
नगर निकायों को ईदगाहों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
विद्युत विभाग को लटकते तारों और जर्जर खंभों की जांच कर तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
युवाओं और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर निगरानी
बैठक में यह भी तय हुआ कि नई उम्र के युवकों, बिना नंबर प्लेट के वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। हालांकि, मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
जुलूसों की पूर्व जांच, डीजे को निर्धारित डेसीबल सीमा में ही बजाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मर्यादित आचरण बनाए रखने और किसी प्रकार की रील या वीडियो पोस्ट न करने की हिदायत दी गई।
प्रशासन का भरोसा: शांतिपूर्ण होंगे त्योहार
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई तैयारियों की जानकारी दी। बताया गया कि सभी थानों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और बॉर्डर एरिया में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई गई है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और भाईचारे का संदेश मजबूत हो।

rkpnews@somnath

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