देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)आम नागरिकों को न्यायिक प्रक्रिया से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्णय हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह सुविधा माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशानुसार हाईकोर्ट की असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी एवं ई-लॉ कमेटी द्वारा विकसित सुवास प्रकोष्ठ (Supreme Court Vidhik Anuvaad Software) के माध्यम से शुरू की गई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में न्यायिक निर्णयों की सहज और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे विधिक जानकारी तक आमजन की पहुंच आसान होगी और न्यायिक पारदर्शिता को बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि हिंदी में अनुवादित निर्णयों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से देखा और पढ़ा जा सकता है। यह सुविधा छात्रों, वकीलों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
सुवास विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से निर्णयों की भाषा सरल होने से लोग न्यायालयों के फैसलों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे, जिससे न्याय तक समान पहुंच का उद्देश्य साकार होगा।
भारतीय पीएम द्वारा जेन- ज़ेड, को संबोधित एक फेसबुक पोस्ट, वीडियो प्लेटफ़ॉर्म से हट जाने…
उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, उपखनिज रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था पर तत्काल…
✍️ सोनम सोनी आज मन का सागर शांतहो गया --- क्यों ।वो उथल-पुथल, हलचल हलचल,उलझन…
कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…
देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…