हिंदू सम्मेलन में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम

सनातन धर्म जीवन पद्धति है, आस्था से आगे संस्कार और राष्ट्रबोध का मार्गदर्शन करता है : तुलसी राम


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कोपागंज नगर पंचायत स्थित सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में सोमवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन सनातन संस्कृति के गौरव, नारी शक्ति और हिंदू एकता के सशक्त संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्‍ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी अतिथियों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बच्चों ने वीरांगनाओं के शौर्य, त्याग और बलिदान को नृत्य, नाट्य और गीतों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत कर सनातन परंपरा की गौरवशाली विरासत को मंच पर उतार दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता तुलसी राम , प्रान्त शारीरिक शिक्षण प्रमुख, ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो समाज को संस्कार, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की दिशा देता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित, अनुशासित और संस्कारित समाज ही राष्ट्र को आत्मनिर्भर और मजबूत बना सकता है।
कथा वाचिका रागिनी जी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में सनातन परंपरा, नारी शक्ति और हिंदू एकता की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वीरांगनाओं का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है, जिससे साहस, सेवा और समर्पण की भावना विकसित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास साक्षी है कि जिन्होंने सनातन संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास बनकर रह गए, जबकि सनातन परंपरा आज भी जीवंत और सशक्त है।
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन अखिलेश तिवारी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजन समाज को जोड़ने, युवाओं को सही दिशा देने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण ही सशक्त भविष्य की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक प्रमोद राय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और हिंदू समाज की एकता के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।
इस अवसर पर नगर कार्यवाह मनोज कुमार बरनवाल, सह नगर कार्यवाह पवन जी, अमित त्रिपाठी, सुभाष चंद गुप्ता, विजय प्रकाश जी, अखिलेश जी, आशीष जी, गोपाल जी, ओमप्रकाश जी, विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यानंद, बंदना चौरसिया सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे सम्मेलन के दौरान सनातन धर्म की गरिमा, सांस्कृतिक चेतना और हिंदू एकता का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया, जिससे नगर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

Editor CP pandey

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