शिक्षा से सशक्तिकरण की ओर कदम, बाल विवाह के खिलाफ एकजुट छात्राएं

विद्यालय स्तर पर चला सशक्त अभियान, बाल विवाह रोकथाम को लेकर छात्राएं हुईं जागरूक


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।देशव्यापी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मऊ जिले के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, एमिलीया मऊ में बाल विवाह रोकथाम को लेकर एक प्रभावशाली जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, उनके कानूनी अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की व्यापक मुहिम है, जिसमें विद्यालयों और छात्राओं की सक्रिय भूमिका बेहद अहम है। छात्राओं को सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और कानूनी प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़े।

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बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
विशेषज्ञों ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है और कम उम्र में मातृत्व के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे सामाजिक असमानता और आर्थिक निर्भरता भी बढ़ती है। छात्राओं ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया, जिससे बाल विवाह रोकथाम के प्रति उनकी समझ और मजबूत हुई।
शपथ ग्रहण से मिला सशक्त संदेश
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सामूहिक शपथ रहा। छात्राओं ने न केवल स्वयं बाल विवाह न करने, बल्कि समाज में भी इसे रोकने का संकल्प लिया। यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सफलता समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है।
सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी
छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके साथ 181, 1090, 1076, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिल सके। इससे छात्राओं में सुरक्षा और भरोसे की भावना विकसित हुई।
पोस्टर और सहभागिता से बढ़ी जागरूकता
विद्यालय परिसर में बाल विवाह निषेध और महिला सशक्तिकरण से जुड़े पोस्टर लगाए गए। महिला सशक्तिकरण विभाग से जुड़े अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता पर प्रेरित किया। शिक्षिकाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा।

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शिक्षा ही समाधान
कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बालिकाओं की शिक्षा ही बाल विवाह रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षित और सशक्त बालिकाएं ही समाज को इस कुप्रथा से मुक्त कर सकती हैं।
निष्कर्ष
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, एमिलीया मऊ में आयोजित यह आयोजन बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाला साबित हुआ। जागरूकता, शपथ और योजनाओं की जानकारी से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा और समाज को सकारात्मक संदेश मिला।

Editor CP pandey

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